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शुक्रवार, 9 सितंबर 2011

गोदाम की सफाई

   मैं नहीं जानता कि वह सब कहाँ से आ जाता है। इधर-उधर से, कहीं-कहीं से, लकड़ी के तख़ते, टूटी सीढ़ीयां, बोतलें, गेंद खेलने के बल्ले, फावड़े, कुदाल, पानी देने के पाइप आदि सब आकर मेरे गोदाम में जमा हो जाते हैं। इसलिए जब कभी आवश्यक हो जाता है, मैं अपने पुराने कपड़े पहन कर, आस्तीनें चढ़ा कर, कुछ खाली पीपे लेकर, अपने एक बेटे को सहायता के लिए बुलाकर गोदाम की सफाई में जुट जाता हूँ। साफ गोदाम को देखने से जो सन्तोष मिलता है, वही मेरी मेहनत के योग्य प्रतिफल के रूप में काफी है।

   हमारे मन-मस्तिष्क के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है; वे भी अनचाही बातों से भरते रहते हैं, जिनसे छुटकारा पाना हमारे लिए आवश्यक है। मन को लगी चोटों के घाव, दूसरों के प्रति शिकायतें, द्वेष, कुढ़न, कड़ुवाहट आदि एकत्रित होते रहते हैं। कई अनजाने में किये गए पाप भी जमा हो जाते हैं। अधूरे वायदों की कसक को भी ठीक करना होता है। जब कुंठाएं हमारे मन-मस्तिष्क में एकत्रित होती रहती हैं तो वे फिर परमेश्वर और उसे प्रसन्न रखने के विचारों के लिए जगह ही नहीं छोड़तीं। तब हमारा ध्यान प्रार्थना से हट जाता है, हमारा परमेश्वर के वचन बाइबल का अध्ययन भी बिगड़ जाता है। यह लक्षण बताते हैं कि हमारे मन-मस्तिष्क के गोदाम को सफाई की बहुत आवश्यक्ता हो गई है।

   जब सांसारिक बातों के भर जाने से हमारे जीवन से आत्मिक बातों की उपेक्षा होने लगती है, और हमें अपने अन्दर सफाई की आवश्यक्ता का आभास होने लगता है, तो हमें परमेश्वर की पवित्र आत्मा की सहायता से उस कार्य को कर डालना चाहिए। परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमारा सहायक है; जिन बातों के लिए वह हमें कायल करे, पश्चाताप के लिए उभारे, किसी से ठीक-ठाक करने के लिए स्मरण दिलाए हमें उन्हें बिना किसी आनाकानी के तुरंत कर लेना चाहिए। जैसे जैसे हम पवित्र आत्मा की अगुवाई में अपने जीवनों को संचालित करेंगे, हम पाएंगे कि परमेश्वर के साथ हमारे संबंध बेहतर बनते जा रहे हैं, परमेश्वर की शांति हमारे जीवनों में वास कर रही है और हमारे मसीही जीवन में एक नया आनन्द भरता जा रहा है।

   क्या आपके मन-मस्तिष्क के गोदाम को सफाई की आवश्यक्ता है? देर मत कीजिए। उससे जो आनन्द मिलेगा, वह आपकी आशा से कहीं अधिक होगा। - डेव एगनर


जब मसीही जीवन बोझ बनने लगे तो कारण सांसारिक बातों का एकत्रित हो जाना ही होता है।
जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सुफल नहीं होता, परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी। - नीतिवचन२८:१३
बाइबल पाठ: रोमियों ६:११-२३
    Rom 6:11  ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्‍तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।
    Rom 6:12  इसलिये पाप तुम्हारे मरणहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के अधीन रहो।
    Rom 6:13  और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जान कर परमश्‍ेवर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो।
    Rom 6:14  और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्‍योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हो।
    Rom 6:15  तो क्‍या हुआ? क्‍या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं? कदापि नहीं।
    Rom 6:16  क्‍या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों की नाईं सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्‍त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्‍त धामिर्कता है?
    Rom 6:17  परन्‍तु परमश्‍ेवर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के मानने वाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
    Rom 6:18  और पाप से छुड़ाए जाकर धर्म के दास हो गए।
    Rom 6:19  मैं तुम्हारी शारीरिक र्दुबलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास करके सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास करके सौंप दो।
    Rom 6:20  जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्‍वतंत्र थे।
    Rom 6:21  सो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उन से उस समय तुम क्‍या फल पाते थे?
    Rom 6:22  क्‍योंकि उन का अन्‍त तो मृत्यु है परन्‍तु अब पाप से स्‍वतंत्र हो कर और परमेश्वर के दास बन कर तुम को फल मिला जिस से पवित्रता प्राप्‍त होती है, और उसका अन्‍त अनन्‍त जीवन है।
    Rom 6:23  क्‍योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्‍तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्‍त जीवन है।
एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन ६-७ 
  • २ कुरिन्थियों २

गुरुवार, 8 सितंबर 2011

पश्चाताप का समय

   एक दंपति की गाड़ी से एक शराब के नशे में धुत चालक ने अपनी गाड़ी टकरा दी और उस दंपति की मृत्यु हो गई। वे दोनो बहुत अच्छे लोग थे, नियमित रूप से अपने चर्च जाते थे और सब ही उनसे बहुत प्रेम रखते थे। गाड़ी चलाने में उन्होंने कोई गलती भी नहीं की थी; फिर उनके साथ ऐसा क्यों हुआ? क्या दूसरी गाड़ी के चालक के नशे में धुत होकर गाड़ी चलाने के लिए परमेश्वर को दोषी ठहराया जा सकता है?

   कुछ लोग शैतान को ऐसी दुर्घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार ठहरा देते हैं, लेकिन हमें यह तथ्य नज़रअन्दाज़ नहीं करना चाहिए कि नशे की हालत में गाड़ी चलाने वाला जब भी सन्तुलन खो देगा तो किसी को भी नुकसान पहुँचा सकता है, मार सकता है।

   प्रभु यीशु ने अपने समय में घटने वाली दो दुर्घटनाओं को उदाहरण बना कर अपने चेलों को कुछ सिखाया। एक दुर्घटना में उस इलाके के हाकिम पिलातुस ने कुछ गलीलियों को मारकर उनके खुन को उनके चढ़ाए बलिदानों के साथ मिलवा दिया (लूका १३:१)। दूसरी में १८ इस्त्राएली मारे गए क्योंकि एक गुम्मुट उन पर गिर पड़ा (लूका १३:४)। लोगों की धारणा थी कि जो लोग इस प्रकार अप्राकृतिक रूप से मरते हैं, अवश्य उन्होंने कोई घोर पाप किये होंगे।

   प्रभु यीशु ने ऐसी विचारधारा का खंडन किया। उन्हों ने अपने साथ के लोगों को समझाया कि बजाए किसी को दोषी ठहराने के, इन घटनाओं को मनुष्य के क्षणभंगुर होने और पश्चाताप के लिए उपलब्ध समय का सदुपयोग करने की शिक्षा लेनी चाहिए। यदि वे जनबूझकर अपने पाप में बने रहेंगे और प्रभु यीशु को मुक्तिदाता के रूप में ग्रहण करने से इन्कार करते रहेंगे, तो एक समय उन्हें भी अपने न्याय और पाप की भयानक दशा का सामना करना पड़ेगा।

   जब हम समझ से बाहर दुर्घटनाओं के विष्य में सुने, तो उनके होने के कारण और "ज़िम्मेदार कौन" के प्रश्न को लेकर परेशान होने के बजाए परमेश्वर के प्रेम का दृढ़ निश्चय ध्यान में रखकर (रोमियों ८:३९), इन घटनाओं को अपने आप को जाँचने और पश्चाताप कर के अपने जीवन परमेश्वर के साथ ठीक-ठाक करने के अवसर की तरह उनका सदुपयोग करें। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


जीवन में होने वाली दुर्घटनाएं अपनी जाँच करने और पश्चाताप के साथ मन फिराने की पुकार हैं।
 
यदि तू ऐसा मनुष्य देखे जो अपनी दृष्टि में बुद्धिमान बनता हो, तो उस से अधिक आशा मूर्ख ही से है। - नीतिवचन २६:१२

बाइबल पाठ: लूका ५:१७-३२
    Luk 5:17  और एक दिन हुआ कि वह उपदेश दे रहा था, और फरीसी और व्यवस्थापक वहां बैठे हुए थे, जो गलील और यहूदिया के हर एक गांव से, और यरूशलेम से आए थे; और चंगा करने के लिये प्रभु की सामर्य उसके साथ थी।
    Luk 5:18  और देखो कई लोग एक मनुष्य को जो झोले का मारा हुआ था, खाट पर लाए, और वे उसे भीतर ले जाने और यीशु के साम्हने रखने का उपाय ढूंढ़ रहे थे।
    Luk 5:19  और जब भीड़ के कारण उसे भीतर न ले जा सके तो उन्‍होंने कोठे पर चढ़ कर और खप्रैल हटाकर, उसे खाट समेत बीच में यीशु के साम्हने उतरा दिया।
    Luk 5:20  उस ने उन का विश्वास देखकर उस से कहा; हे मनुष्य, तेरे पाप क्षमा हुए।
    Luk 5:21  तब शास्त्री और फरीसी विवाद करने लगे, कि यह कौन है, जो परमेश्वर की निन्‍दा करता है परमेश्वर को छोड़ कौन पापों की क्षमा कर सकता है?
    Luk 5:22  यीशु ने उन के मन की बातें जान कर, उन से कहा कि तुम अपने मनों में क्‍या विवाद कर रहे हो?
    Luk 5:23  सहज क्‍या है क्‍या यह कहना, कि तेरे पाप क्षमा हुए, या यह कहना कि उठ, और चल फिर?
    Luk 5:24  परन्‍तु इसलिये कि तुम जानो कि मनुष्य के पुत्र को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है (उस ने उस झोले के मारे हुए से कहा), मैं तुझ से कहता हूं, उठ और अपनी खाट उठा कर अपने घर चला जा।
    Luk 5:25  वह तुरन्‍त उन के साम्हने उठा, और जिस पर वह पड़ा था उसे उठा कर, परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ अपने घर चला गया।
    Luk 5:26  तब सब चकित हुए और परमेश्वर की बड़ाई करने लगे, और बहुत डर कर कहने लगे, कि आज हम ने अनोखी बातें देखी हैं।
    Luk 5:27  और इसके बाद वह बाहर गया, और लेवी नाम एक चुंगी लेने वाले को चुंगी की चौकी पर बैठे देखा, और उस से कहा, मेरे पीछे हो ले।
    Luk 5:28  तब वह सब कुछ छोड़ कर उठा, और उसके पीछे हो लिया।
    Luk 5:29  और लेवी ने अपने घर में उसके लिये बड़ी जेवनार की; और चुंगी लेने वालों की और औरों की जो उसके साथ भोजन करने बैठे थे एक बड़ी भीड़ थी।
    Luk 5:30  और फरीसी और उन के शास्त्री उस के चेलों से यह कह कर कुड़कुड़ाने लगे, कि तुम चुंगी लेने वालों और पापियों के साथ क्‍यों खाते-पीते हो?
    Luk 5:31  यीशु ने उन को उत्तर दिया कि वैद्य भले चंगों के लिये नहीं, परन्‍तु बीमारों के लिथे अवश्य है।
    Luk 5:32  मैं धमिर्यों को नहीं, परन्‍तु पापियों को मन फिराने के लिये बुलाने आया हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन ३-५ 
  • २ कुरिन्थियों १

बुधवार, 7 सितंबर 2011

पश्चाताप कष्टदाई है

पश्चिमी अफ्रीका के बाउली समाज के लोग पश्चाताप के विवरण में कहते हैं कि, "यह इतना कष्टदायक होता है कि व्यक्ति उसे छोड़ देना चाहता है।" वास्तविक पश्चाताप हमारे अहं को घायल करता है और हमारे घमण्ड को चोट पहुंचाता है। लेकिन यह चोट तथा घायल होना भला और चंगा करने वाला होता है।

जौन कॉलविन ने कहा, "प्रत्येक अपने आप को जाँच कर देख ले, और वह पाएगा कि वह इस बुराई के आधीन है - कि वह अपने मन को फाड़ने की बजाए, बाहरी रूप से दिखाने मात्र को, केवल अपने वस्त्र ही फाड़ना चाहता है।" जब कॉलविन ने यह कहा, तब वह उस समय के बारे में व्याखया कर रहा था जब परमेश्वर अपनी प्रजा इस्त्राएल को टिड्डियों के विशाल दल के हमले द्वारा पश्चाताप में ले कर आया था। उन टिड्डियों ने सारी हरियाली, पेड़, पौधों, फसल सब को खा कर देश को उजाड़ बना दिया। उस समय परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता योएल नबी ने परिस्थिति का हवाला देकर इस्त्राएल से अपने पापों के लिए पश्चाताप का सन्देश दिया और उनसे कहा, "अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछताने हारा है" (योएल २:१३)। इस्त्राएलियों ने योएल की सुनी और पापों से पश्चाताप किया (योएल ३:१८-२१)।

कभी कभी हम अपने आप को पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं से घिरा पाते हैं; या दुर्घटनाएं और त्रासदीयां हमारे जीवनों को आहत कर देती हैं। ऐसी परिस्थितियों में हमारा ध्यान हमारे जीवनों में परमेश्वर की आवश्यक्ता और उसकी उपस्थिति की ओर जाता है। परिस्थितियों मानो वह हम से कहता है, "अपने जीवन और व्यवहार को जाँच कर देखो, क्या तुम वास्तव में मेरे आज्ञाकारी हो? क्या वास्तव में तुम्हारे जीवनों में मेरा स्थान सर्वप्रथम है?"

परमेश्वर हमसे आग्रह करता है कि जब कभी हम पापों में पड़ें तो उनका बोध होते ही तुरंत ही हम "अपने मनों फाड़" लें जिससे वह हमारे पाप क्षमा कर सके; हम पर अपने आप को विलंब से कोप करने, क्षमा करने और दया तथा करुणा से भरा परमेश्वर होने को प्रमाणीत कर सके। - डेनिस डी हॉन


सच्चा पश्चाताप बुराई में पड़े होने के कारण होता है, बुराई में पकड़े जाने के कारण नहीं।

अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछताने हारा है। - योएल २:१३

बाइबल पाठ: योएल २:१२-१७

Joe 2:12 तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते-पीटते अपने पूरे मन से फिर कर मेरे पास आओ।
Joe 2:13 अपने वस्त्र नहीं, अपने मन ही को फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करने वाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछताने हारा है।
Joe 2:14 क्या जाने वह फिरकर पछताए और ऐसी आशीष दे जिस से तुम्हारे परमेश्वर यहोवा का अन्नबलि और अर्घ दिया जाए।
Joe 2:15 सिय्योन में नरसिंगा फूंको, उपवास का दिन ठहराओ, महासभा का प्रचार करो;
Joe 2:16 लोगों को इकट्ठा करो। सभा को पवित्र करो, पुरनियों को बुला लो, बच्चों और दूधपीउवों को भी इकट्ठा करो। दुल्हा अपनी कोठरी से, और दुल्हिन भी अपने कमरे से निकल आए।
Joe 2:17 याजक जो यहोवा के टहलुए हैं, वे आंगन और वेदी के बीच में रो रोकर कहें, हे यहोवा अपनी प्रजा पर तरस खा; और अपने निज भाग की नामधराई न होने दे, न अन्यजातियां उसकी उपमा देने पाएं। जाति जाति के लोग आपस में क्यां कहने पाएं, कि उनका परमेश्वर कहां रहा?

एक साल में बाइबल:
  • भजन १४८-१५०
  • १ कुरिन्थियों १५:२९-५८

मंगलवार, 6 सितंबर 2011

अनिवार्य भाग

क्या आप कभी ऐसे लोगों को लेकर विसमित हुए हैं जो कहते तो हैं कि उन्होंने प्रभु यीशु में विश्वास किया है, लेकिन उनके जीवनों में कोई परिवर्तन दिखाई नहीं देता? ना तो वे पाप से ज़रा भी दुखी होते हैं और ना ही धार्मिकता में कोई रुचि रखते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनके अन्दर सच्चा पश्चाताप नहीं है।

बहुत वर्ष पहले की बात है कि एक जाना माना आपराधी एक सुसमाचार सभा में सन्देश सुनने आया। जो लोग सभा संचालित कर रहे थे, उन्होंने व्यक्तिगत रीति से उसे अपनी गवाही दी। उन्होंने उससे आग्रह किया कि वह मसीह यीशु के लिए अपने हृदय के द्वार खोल दे। ऐसा प्रतीत हुआ कि उस अपराधी ने उनकी बात मान ली। लेकिन कुछ महीने बीतने पर भी जब उसके जीवन में कोई परिवर्तन दिखाई नहीं दिया, उसके कार्य पहले ही के समान आपाराधिक ही रहे, तो उन प्रचारकों ने उससे इस विष्य में पूछा। उसने उत्तर दिया कि उससे कभी किसी ने यह नहीं कहा कि मसीह यीशु को अपने जीवन में आने देने के लिए उसे अपने पिछले जीवन और गतिविधियों से मूँह मोड़ना होगा। जब उन्हों ने उसे पश्चाताप और बदले हुए जीवन के बारे में समझाया, तो उस अपराधी ने अपने तथाकथित मसीही विश्वास को तुरंत ही तिलांजली दे दी।

परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम की मूल भाषा युनानी में जो शब्द पश्चाताप के लिए प्रयुक्त हुआ है वह है metanoia, जिस का अर्थ होता है "मन का बदला जाना"। इस के लिए मनुष्य को स्वयं, पाप और परमेश्वर के बारे में एक सही सोच रखनी अनिवार्य है। मनुष्य को यह बोध होना चाहिए कि वह अपने पाप के कारण परमेश्वर के न्याय और दण्ड का भागी है, और जैसे पानी में डूबता हुआ व्यक्ति अपने सर के बाल पकड़ कर अपने आप को पानी से बाहर नहीं खींच सकता, वैसे ही पाप की दलदल में फंसा व्यक्ति भी अपने किसी कार्य और प्रयास से अपने आप को पाप से बाहर नहीं निकाल सकता। पाप से बचने का केवल एक ही उपाय है कि हम अपने आप को प्रभु यीशु के हाथों में समर्पित कर दें, उसके सामने अपने पाप मान कर, उससे उनकी क्षमा मांग कर उसे अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता ग्रहण कर लें क्योंकि केवल वह ही है जिस ने अपने जीवन के बलिदान के द्वारा पाप और मृत्यु पर विजय पाई है।

यदि हम सच्चे पश्चाताप के लिए तैयार हैं तो परमेश्वर भी हमें अपनी समर्थ से परिपूर्ण करने के लिए तैयार है। लेकिन हमें यह बात भली भांति समझ लेनी है कि मसीह यीशु की ओर फिरने का अर्थ है पापों से मूँह मोड़ लेना; एक के बिना दूसरा संभव नहीं है।

सच्चे पश्चाताप का अनिवार्य भाग है पुराने पापी जीवन से अपना मूँह मोड़ लेना। - डेनिस डी हॉन


हम मसीह यीशु के निकट जाने के लिए पश्चाताप नहीं करते; हम मसीह यीशु के निकट आ जाने के कारण पश्चाताप करते हैं।

समय पूरा हुआ है, और परमेश्वर का राज्य निकट आ गया है; मन फिराओ और सुसमाचार पर विश्वास करो। - मरकुस १:१५


बाइबल पाठ: लूका १३:१-५

Luk 13:1 उस समय कुछ लोग आ पहुंचे, और उस [यीशु] से उन गलीलियों की चर्चा करने लगे, जिन का लोहू पीलातुस ने उन ही के बलिदानों के साथ मिलाया था।
Luk 13:2 यह सुन उस [यीशु] ने उन से उत्तर में यह कहा, क्‍या तुम समझते हो, कि ये गलीली, और सब गलीलियों से पापी थे कि उन पर ऐसी विपत्ति पड़ी?
Luk 13:3 मैं तुम से कहता हूं, कि नहीं; परन्‍तु यदि तुम मन न फिराओगे तो तुम सब भी इसी रीति से नाश होगे।
Luk 13:4 या क्‍या तुम समझते हो, कि वे अठारह जन जिन पर शीलोह का गुम्मट गिरा, और वे दब कर मर गए: यरूशलेम के और सब रहने वालों से अधिक अपराधी थे?
Luk 13:5 मैं तुम से कहता हूं, कि नहीं; परन्‍तु यदि तुम मन न फिराओगे तो तुम भी सब इसी रीति से नाश होगे।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १४८-१५०
  • १ कुरिन्थियों १५:२९-५८

सोमवार, 5 सितंबर 2011

पश्चाताप सब के लिए है

पादरी लूई पौल लेहमैन ने अपने एक भूतपूर्व चर्च में कार्य करते समय हुआ अपना एक नम्र कर देना वाला अनुभव बताया। एक मिशनरी प्रचारक उनसे मिलने आया और अपने कार्य के बारे में बताया, लेकिन लेहमैन उससे प्रभावित नहीं हुआ। प्रचारक के वेशभूषा, व्यक्तित्व, बातचीत के ढंग को देखकर लेहमैन को लगा कि वह व्यक्ति इस कार्य के लिए सर्वथा अयोग्य है। कुछ महीने पश्चात उस प्रचारक द्वारा भेजे गए अपने कार्य की समीक्षा से लेहमैन को ज्ञात हुआ कि वह कितने प्रभावी रूप से अपने क्षेत्र में कार्य कर रहा था और प्रभु का सुसमाचार उसके द्वारा कितने लोगों के जीवन बदल रहा था। पादरी लेहमैन को एहसास हुआ कि उन्होंने उस प्रचार्क को पहचानने में गलती करी थी। उन्होंने कहा, कि जब मैंने उसकी रिपोर्ट पढ़ी तो मैं अपने दफतर में गया और अपनी गलती के लिए मैंने रो रो कर पशचाताप किया।

अपनी पुस्तक A CAll to Repentance में बौब स्टोक्स ने लिखा, "पश्चाताप केवल एक कार्य नहीं है, यह एक प्रवृत्ति भी है। दूसरे शब्दों में सच्चा पश्चाताप करने वाला पापी व्यक्ति अपने जीवन भर पशचाताप की भावना साथ लेकर अपने मसीही अनुभव में चलता रहता है।"

चाहे अपने आप को दीन और नम्र करना हमारे लिए कठिन हो, लेकिन एक पश्चातापी प्रवृत्ति मसीह में सजीव विश्वास, दीन मन और स्थिर संबंध की निशानी है; हम इसके बिना मसीही जीवन में आगे नहीं बढ़ सकते।

प्रकाशितवाक्य ३ अध्याय के अनुसार परमेश्वर अपनी सन्तान से बहुत प्रेम करता है इसलिए आवश्यक्ता पड़ने पर वह उनकी ताड़ना भी करता है, उन्हें डांटता भी है जिससे वे अपने उद्धार के संपूर्ण आनन्द में सदा बने रहें। पश्चाताप केवल कठोर पापियों ही के लिए नहीं है, पश्चाताप उन विनम्र संतों के लिए भी है जो कभी किसी बात को अपने और अपने प्रभु के बीच आने नहीं देना चाहते।

पश्चाताप सब के लिए है। - डेनिस डी हॉन


पश्चाताप में टूटा मन परमेश्वर का कार्य है। - बनियन

मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा। - प्रकाशितवाक्य ३:१९


बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य ३:१४-२२

Rev 3:14 और लौदीकिया की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जो आमीन, और विश्वासयोग्य, और सच्‍चा गवाह है, और परमेश्वर की सृष्‍टि का मूल कारण है, वह यह कहता है।
Rev 3:15 कि मैं तेरे कामों को जानता हूं कि तू न तो ठंडा है और न गर्म: भला होता कि तू ठंडा या गर्म होता।
Rev 3:16 सो इसलिये कि तू गुनगुना है, और न ठंडा है और न गर्म, मैं तुझे अपने मुंह से उगलने पर हूं।
Rev 3:17 तू जो कहता है, कि मैं धनी हूं, और धनवान हो गया हूं, और मुझे किसी वस्‍तु की घटी नहीं, और यह नहीं जानता, कि तू अभागा और तुच्‍छ और कंगाल और अन्‍धा, और नंगा है।
Rev 3:18 इसी लिये मैं तुझे सम्मति देता हूं, कि आग में ताया हुआ सोना मुझ से मोल ले, कि धनी हो जाए; और श्वेत वस्‍त्र ले ले कि पहिनकर तुझे अपने नंगेपन की लज्ज़ा न हो; और अपनी आंखों में लगाने के लिये सुर्मा ले, कि तू देखने लगे।
Rev 3:19 मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा।
Rev 3:20 देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं, यदि कोई मेरा शब्‍द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूंगा, और वह मेरे साथ।
Rev 3:21 जो जय पाए, मैं उसे अपने साथ अपने सिंहासन पर बैठाऊंगा, जैसा मैं भी जय पाकर अपने पिता के साथ उसके सिंहासन पर बैठ गया।
Rev 3:22 जिस के कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्‍या कहता है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १४६-१४७
  • १ कुरिन्थियों १५:१-२८

रविवार, 4 सितंबर 2011

कष्टपूर्ण किंतु अनिवार्य कदम

एक मसीही विश्वासी ने Leadership पत्रिका में अपने कटु अनुभव का बयान किया। उसने बताया कैसे वह कामवासना का दास बन चुका था और प्रतिदिन अशलील पत्रिकाओं, चित्रों और बातों में समय बिताता था; लेकिन साथ ही वह स्थान स्थान पर घूमते हुए मसीही सभाएं भी संबिधित करता था, उन में भाग लेता था। ऐसे में एक दिन वह इस एहसास से घबरा उठा कि सुन्दर डूबते सूर्य के दृश्य, सागर के निकट टहलना और उसके पानी की ठंडी बौछार का आनन्द लेना आदि मनोहर बातों से अब उसे कोई आनन्द, कोई रोमांच नहीं होता था, वह इनकी अनुभूति खो चुका था। वासना से वशीभूत उसका मन अब जीवन की सर्वोत्तम खुशियों तथा प्रभु से संगति के आनन्द को महसूस कर पाने में असमर्थ हो गया था। वह कहने को तो शारीरिक रूप से अपनी पत्नि के प्रति वफादार रहा था, लेकिन उनके वैवाहिक संबंधों में भी दरार आ गई थी।

जब वह पुनः परमेश्वर की ओर मुड़ा तो उसे बोध हुआ कि अब इस वासना के बन्धन से निकल पाने के लिए उसे एक और कष्टपूर्ण किंतु अनिवार्य कदम उठाना है - अपनी पत्नि के सामने अपने पाप को मान लेना है। उसने ऐसा किया - यह अनुभव बहुत कष्टदायक था, लेकिन क्योंकि उसका पश्चाताप वास्तविक था, वह यह कर भी सका। उसकी बात और उसका पश्चाताप सुनने के बाद उसकी पत्नि ने उसे क्षमा कर दिया और उनके जीवन तथा वैवाहिक संबंधों में प्रेम लौट आया।

जब कभी हम परमेश्वर तथा औरों को दुख देते हैं तो फिर से सब कुछ ठीक-ठाक करने के लिए उन बातों के लिए पश्चाताप करना कष्टदायक किंतु अनिवार्य कदम होता है। लेकिन इसका तातपर्य मात्र शब्दों द्वारा औपचारिकता पूरा करना नहीं है। विख्यात मसीही लेखक सी.एस. ल्युइस ने पश्चाताप के विष्य में कहा था कि यह कोई औपचारिकता नहीं है जो परमेश्वर, इसके पहले कि वह आपको ग्रहण कर सके, आपसे पूरी करने को कहता है; यह परमेश्वर के साथ संबंध बहाल होने का वह मार्ग है जिसे संबंधित अनुभवों में होकर निकलने द्वारा तय करना होता है।

पश्चाताप ही जीवन के सच्चे आनन्द - परमेश्वर के साथ संगति और अपने संपर्क के लोगों के साथ शांति की बहाली का एकमात्र मार्ग है। - डेनिस डी हॉन


पश्चाताप का अर्थ केवल पाप के प्रति हृदय का टूटना ही नहीं है, पाप के साथ संबंध टूटना भी है।

सो चेत कर, कि तू कहां से गिरा है, और मन फिरा और पहिले के समान काम कर; - प्रकाशितवाक्य २:५

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य २:१-७

Rev 2:1 इफिसुस की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जो सातों तारे अपने दाहिने हाथ में लिए हुए है, और सोने की सातों दीवटों के बीच में फिरता है, वह यह कहता है कि
Rev 2:2 मै तेरे काम, और परिश्रम, और तेरा धीरज जानता हूं; और यह भी, कि तू बुरे लोगों को तो देख नहीं सकता, और जो अपने आप को प्रेरित कहते हैं, और हैं नहीं, उन्‍हें तू ने परख कर झूठा पाया।
Rev 2:3 और तू धीरज धरता है, और मेरे नाम के लिये दु:ख उठाते उठाते थका नहीं।
Rev 2:4 पर मुझे तेरे विरूद्ध यह कहना है कि तू ने अपना पहिला सा प्रेम छोड़ दिया है।
Rev 2:5 सो चेत कर, कि तू कहां से गिरा है, और मन फिरा और पहिले के समान काम कर; और यदि तू मन न फिराएगा, तो मै तेरे पास आकर तेरी दीवट को उस स्थान से हटा दूंगा।
Rev 2:6 पर हाँ तुझ में यह बात तो है, कि तू नीकुलइयों के कामों से घृणा करता है, जिन से मैं भी घृणा करता हूं।
Rev 2:7 जिस के कान हों, वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्‍या कहता है: जो जय पाए, मैं उसे उस जीवन के पेड़ में से जो परमेश्वर के स्‍वर्गलोक में है, फल खाने को दूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १४३-१४५
  • १ कुरिन्थियों १४:२१-४०

शनिवार, 3 सितंबर 2011

मरम्मत कीजिए

नगर के एक इलाके में टूट्टी सड़कें और गढ्ढे समस्या बन गए थे। उन सड़कों पर चलना बस वलों तक के लिए भारी हो गया था और कई निजी वाहनों का प्रतिदिन नुकसान हो रहा था। नगर निवासियों ने अपने नागरिक अधिकारियों को इसके बारे में अवगत कराया, और जब उचित कार्यवाही होती प्रतीत नहीं हुई तो उन्होंने अधिकारियों को यह स्पष्ट किया कि उन्हें सड़कों पर कार्य होते देखना है, कोई बहाने नहीं सुनने और ना ही यह जानना है कि इस स्थिति के लिए कौन ज़िम्मेवार है और कौन नहीं। अब वे अपनी सेहत तथा गाड़ीयों को खराब होते और देखना नहीं चाहते थे।

परमेश्वर के वचन में लूका रचित सुसमाचार के ३ अध्याय में एक और मार्ग का उल्लेख है - प्रभु का मार्ग; इस मार्ग को भी कार्यवाही की आवश्यक्ता थी, बातों की नहीं। युहन्ना बप्तिसमा देने वालों के दिनों में इस मार्ग के हाल भी खस्ता हो चुके थे, क्योंकि इस्त्राएल की नैतिक और आत्मिक दशा बहुत गिर चुकी थी। युहन्ना ने इस्त्राएलियों को स्पष्ट किया कि यदि उन्हें अपने उद्धारकर्ता के आगमन के लिए तैयार होना है तो उन्हें भी स्वार्थ, लोभ, हिंसा आदि द्वारा अपने जीवन मार्ग में आई बदहाली तथा गढ्ढों को ठीक करना होगा। उसने सुनने वालों को चुनौती दी कि इस संबंध में किए गए अपने निर्णय तथा विश्वास को वे पापों से पश्चाताप द्वारा प्रदर्शित एवं प्रमाणित करें।

युहन्ना की वह पुकार आज भी प्रत्येक जन के लिए चुनौती है। जीवन मार्ग को पाप ही बदहाल करता है और पाप से पश्चाताप ही उसके दुश्प्रभावों से निकल पाने का एकमात्र मार्ग है। इसीलिए जब युहन्ना ने प्रचार आरंभ किया तो उसकी पुकार थी "मन फिराओ; क्‍योंकि स्‍वर्ग का राज्य निकट आ गया है" (मत्ती ३:२)। यही पुकार प्रभु यीशु मसीह ने भी अपनी सेवकाई आरंभ करते हुए दी "समय पूरा हुआ है, और परमेश्वर का राज्य निकट आ गया है; मन फिराओ और सुसमाचार पर विश्वास करो" (मरकुस १:१५), और आज भी प्रभु के अनुयायी समस्त संसार में प्रभु की यही पुकार लेकर जा रहे हैं, यही पापों से मुक्ति और उद्धार का सुसमाचार है, यही जीवन मार्ग है।

संसार की लगातार बिगड़ती नैतिक तथा आत्मिक दशा पापों के दुशप्रभाव की भयानकता और उसके आते न्याय की सूचक है। अभी अवसर रहते, परमेश्वर के न्याय का सामना करने के दिन से पहले, इस अवसर का सदुपयोग कर लीजिए; पापों से पश्चातप और प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा अपने जीवन मार्ग की मरम्मत कर लीजिए। - मार्ट डी हॉन


पश्चाताप का अर्थ केवल पाप के लिए खेदित होना नहीं है, वरन खेद के साथ पाप को तिरिसकृत करना है।

हर एक घाटी भर दी जाएगी, और हर एक पहाड़ और टीला नीचा किया जाएगा; और जो टेढ़ा है सीधा, और जो ऊंचा नीचा है वह चौरस मार्ग बनेगा। - लूका ३:५


बाइबल पाठ: लूका ३:२-१८

Luk 3:2 और जब हन्ना और कैफा महायाजक थे, उस समय परमेश्वर का वचन जंगल में ज़करयाह के पुत्र यूहन्ना के पास पहुंचा।
Luk 3:3 और वह यरदन के आस पास के सारे देश में आकर, पापों की क्षमा के लिये मन फिराव के बपतिस्मे का प्रचार करने लगा।
Luk 3:4 जैसे यशायाह भविष्यद्वक्ता के कहे हुए वचनों की पुस्‍तक में लिखा है, कि जंगल में एक पुकारने वाले का शब्‍द हो रहा है कि प्रभु का मार्ग तैयार करो, उस की सड़कें सीधी बनाओ।
Luk 3:5 हर एक घाटी भर दी जाएगी, और हर एक पहाड़ और टीला नीचा किया जाएगा; और जो टेढ़ा है सीधा, और जो ऊंचा नीचा है वह चौरस मार्ग बनेगा।
Luk 3:6 और हर प्राणी परमेश्वर के उद्धार को देखेगा।
Luk 3:7 जो भीड़ की भीड़ उस से बपतिस्मा लेने को निकल कर आती थी, उन से वह कहता था: हे सांप के बच्‍चो, तुम्हें किस ने जता दिया, कि आने वाले क्रोध से भागो।
Luk 3:8 सो मन फिराव के योग्य फल लाओ: और अपने अपने मन में यह न सोचो, कि हमारा पिता इब्राहीम है; क्‍योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर इन पत्थरों से इब्राहीम के लिये सन्‍तान उत्‍पन्न कर सकता है।
Luk 3:9 और अब ही कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर धरा है, इसलिये जो जो पेड़ अच्‍छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है।
Luk 3:10 और लोगों ने उस से पूछा, तो हम क्‍या करें?
Luk 3:11 उस ने उन्हें उत्तर दिया, कि जिस के पास दो कुरते हों वह उसके साथ जिस के पास नहीं हैं बांट दे और जिस के पास भोजन हो, वह भी ऐसा ही करे।
Luk 3:12 और महसूल लेने वाले भी बपतिस्मा लेने आए, और उस से पूछा, कि हे गुरू, हम क्‍या करें?
Luk 3:13 उस ने उन से कहा, जो तुम्हारे लिये ठहराया गया है, उस से अधिक न लेना।
Luk 3:14 और सिपाहियों ने भी उस से यह पूछा, हम क्‍या करें? उस ने उन से कहा, किसी पर उपद्रव न करना, और न झूठा दोष लगाना, और अपनी मजदूरी पर सन्‍तोष करना।
Luk 3:15 जब लोग आस लगाए हुए थे, और सब अपने अपने मन में यूहन्ना के विषय में विचार कर रहे थे, कि क्‍या यही मसीह तो नहीं है।
Luk 3:16 तो यूहन्ना ने उन सब के उत्तर में कहा: कि मैं तो तुम्हें पानी से बपतिस्मा देता हूं, परन्‍तु वह आने वाला है, जो मुझ से शक्तिमान है; मैं तो इस योग्य भी नहीं, कि उसके जूतों का बन्‍ध खोल सकूं, वह तुम्हें पवित्र आत्मा और आग से बपतिस्मा देगा।
Luk 3:17 उसका सूप, उसके हाथ में है और वह अपना खलिहान अच्‍छी तरह से साफ करेगा; और गेहूं को अपने खत्ते में इकट्ठा करेगा, परन्‍तु भूसी को उस आग में जो बुझने की नहीं जला देगा।
Luk 3:18 सो वह बहुत सी शिक्षा दे देकर लोगों को सुसमाचार सुनाता रहा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १४०-१४२
  • १ कुरिन्थियों १४:१-२०