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Thursday, July 31, 2014

सूचना


   अमेरिका में कार निर्माताओं ने सन 2010 में 2 करोड़ गाड़ियों को, बनाते समय गाड़ियों में आई विभिन्न खराबियों के कारण, उन्हें वापस कारखाने लाकर ठीक करवा लेने की सूचनाएं भेजीं। यह आंकड़ा कि इतनी अधिक गाडियों में निर्माण के समय त्रुटियाँ रह गईं अवश्य ही चौंकाने देने वाली बात है, लेकिन इस से भी अधिक चौंका देने वाली बात है उन त्रुटियुक्त गाड़ियों के अनेक मालिकों की इस सूचना के प्रति उदासीनता। एक समय "सेन्टर फॉर औटो सेफटी" के कार्यकारी निर्देशक को उन गाड़ी मालिकों को चेतावनी भेजनी पड़ी, "यह मरम्मत मुफ्त में उपलब्ध करवाई जा रही है, इसे करवा लीजिए क्योंकि यह आपकी जान बचा सकती है।" किंतु फिर भी लगभग 30 प्रतिशत लोगों ने इस सूचना में कोई रुचि नहीं दिखाई, यह जानते हुए भी कि उनकी जान को खतरा है।

   इसी प्रकार बहुत से लोग परमेश्वर द्वारा समस्त मानव जाति को, उनकी आत्मिक दशा को सुधरवा लेने के लिए दी जानी वाली सूचनाओं को अन्देखा करते रहते हैं। उन गाड़ियों के निर्माण के विपरीत, मनुष्य में विद्यमान यह आत्मिक त्रुटि उनके निर्माता परमेश्वर का दोष नहीं है - उसने तो सब कुछ "बहुत अच्छा" बनाया है (उत्पत्ति 1:31), लेकिन मनुष्य के पाप ने सब कुछ बिगाड़ दिया। परमेश्वर ने इसे सुधारने के लिए सबके लिए खुला प्रस्ताव रखा है: "इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं" (प्रेरितों 3:19)।

   परमेश्वर का प्रस्ताव मनुष्य के पापी स्वभाव वाले हृदय की केवल मुफ्त मरम्मत नहीं वरन उस पाप के दोष से खराब हुए हृदय को मुफ्त में बदलकर नया कर देना है (यहेजकेल 36:26; 2 कुरिन्थियों 5:17)। यद्यपि इस प्रस्ताव के लिए हमें कुछ भी मूल्य नहीं चुकाना पड़ेगा (इफिसियों 2:8-9), किंतु परमेश्वर ने इसकी कीमत अपने पुत्र प्रभु यीशु के प्राणों के बलिदान द्वारा चुकाई है "वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिये हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए" (1 पतरस 2:24)।

   परमेश्वर की इस सूचना तथा सुधार की पुकार को नज़रन्दाज़ मत कीजिए। परमेश्वर द्वारा आपके आत्मिक सुधार, पापों की क्षमा तथा उद्धार के लिए आपको मुफ्त में उपलब्ध करवाई जा रहा यह स्थायी इलाज आपके प्राणों को आने वाले अनन्त काल के लिए बचा लेने के लिए अनिवार्य है, क्योंकि इसके अतिरिक्त कोई और उपाय है ही नहीं (प्रेरितों 4:12)। - सी. पी. हीया


जीवन की नई शुरुआत के लिए परमेश्वर से नया हृदय प्राप्त कर लें।

और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें। - प्रेरितों 4:12

बाइबल पाठ: प्रेरितों 17:22-31
Acts 17:22 तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा हो कर कहा; हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Acts 17:23 क्योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Acts 17:24 जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी हो कर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Acts 17:25 न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्‍वास और सब कुछ देता है। 
Acts 17:26 उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Acts 17:27 कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Acts 17:28 क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Acts 17:29 सो परमेश्वर का वंश हो कर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Acts 17:30 इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Acts 17:31 क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 13-15


Wednesday, July 30, 2014

बुरी परिस्थिति; भला समाचार


   हाल ही में मेरी बातचीत एक महिला से हुई जिसे बहुत कठिन समय से होकर निकलना पड़ा था और उन परिस्थितियों के तनाव के कारण उसे कई बार अपने चिकित्सक के पास जाना पड़ा। लेकिन अपने चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ उस महिला ने कहा कि इस कठिन और तनावपूर्ण स्थिति के कारण वह अपने चिकित्सक के साथ प्रभु यीशु के बारे में बातचीत कर सकी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पियों के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में प्रेरित पौलुस लिखता है कि कैसे उसने अपनी बुरी परिस्थिति, अर्थात कैद में होने को, प्रभु यीशु के भले समाचार का प्रचार करने के लिए उपयोग किया। फिलिप्पी के मसीही विश्वासी इस बात से दुखी थे कि प्रभु यीशु के बारे में प्रचार करने के कारण पौलुस को जेल में डाल दिया गया है; लेकिन पौलुस ने उन्हें समझाया कि "हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है" (फिलिप्पियों 1:12)। महल के सभी प्रहरी और रक्षक जानते थे कि पौलुस को जेल में क्यों डाला गया है - क्योंकि वह प्रभु यीशु का प्रचार करता था। उस जेल में भी, जो भी पौलुस के साथ संपर्क में आता, चाहे वे सैनिक हों - जो उसके साथ 24 घंटे रहते थे, या उससे मिलने आने वाले लोग, उन सब को वह प्रभु यीशु में पापों की क्षमा एवं उद्धार के भले समाचार के बारे में बताता था।

   अपनी बुरी परिस्थिति में भी भले समाचार का प्रचार करने के पौलुस के इस प्रयास के कारण उन सैनिकों और रक्षकों में से भी कुछ जन मसीही विश्वासी बन गए (फिलिप्पियों 4:22)। पौलुस के कैद होने का अर्थ यह नहीं था कि प्रभु यीशु का सुसमाचार भी कैद हो गया या थम गया; सुसमाचार तो कैदखाने में भी कार्यकारी हुआ, कैदखाने के कारण और अधिक व्यापकीवं प्रभावी रीति से फैला, तथा तब से लेकर आज तक भी उस उदाहरण के कारण अनेक स्थानों तथा लोगों के लिए प्रेर्णादायक होकर कार्यकारी बना हुआ है।

   प्रभु यीशु के विश्वासियों को यह गौरव है कि वे अपनी बुरी परिस्थितियों को भी भले समाचार के प्रसार के लिए उपयोग कर सकते हैं; हर परिस्थिति में अपने जीवन की गवाही और विश्वास के आधार को दूसरों के साथ बाँट सकते हैं, लोगों को प्रभु यीशु में उपलब्ध पापों की क्षमा और उद्धार के बारे में बता सकते हैं। अपनी परिस्थितियों को अवसर बनाएं, सुसमाचार फैलाएं, परिणाम भला ही होगा। - मार्विन विलियम्स


पीड़ा भी प्रभु यीशु के सुसमाचार को बाँटने का मंच बन सकती है।

पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर। - 2 तिमुथियुस 4:5

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:12-22
Philippians 1:12 हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है। 
Philippians 1:13 यहां तक कि कैसरी राज्य की सारी पलटन और शेष सब लोगों में यह प्रगट हो गया है कि मैं मसीह के लिये कैद हूं। 
Philippians 1:14 और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्‍ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं। 
Philippians 1:15 कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से। 
Philippians 1:16 कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं। 
Philippians 1:17 और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्‍लेश उत्पन्न करें। 
Philippians 1:18 सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्‍दित हूं, और आनन्‍दित रहूंगा भी। 
Philippians 1:19 क्योंकि मैं जानता हूं, कि तुम्हारी बिनती के द्वारा, और यीशु मसीह की आत्मा के दान के द्वारा इस का प्रतिफल मेरा उद्धार होगा। 
Philippians 1:20 मैं तो यही हादिर्क लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्ज़ित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं या मर जाऊं। 
Philippians 1:21 क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है। 
Philippians 1:22 पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 10-12


Tuesday, July 29, 2014

काल्पनिक?


   मुझे इतिहास में बहुत रुचि है, इसलिए मैं इंगलैंड के प्रसिद्ध राजा आर्थर पर बने एक विशेष टेलिविज़न कार्यक्रम के क्रमवार प्रसार्ण को बड़े ध्यान से देख रहा था। उस कार्यक्रम में भाग लेने वाले अनेक इतिहासकार थे; राजा आर्थर, उसके साथी योद्धाओं और उसकी प्रसिद्ध गोल-मेज़ के बारे में उनकी बातचीत तथा परस्पर चर्चा से एक प्रमुख बात निकलकर सामने आई - प्रत्येक इतिहासकार ने बारंबार राजा आर्थर और उससे संबंधित प्रचलित बातों को या तो किवदंती कहा या मिथ्या बताया क्योंकि उन में से किसी बात के कोई एतिहासिक अथवा प्रत्यक्षदर्शी प्रमाण नहीं पाए जाते। राजा आर्थर से संबंधित सभी बातें अनेक अन्य किवदंतियों एवं भिन्न प्रचलित कथाओं को संकलित कर के एक व्यक्ति से जोड़कर प्रस्तुत किया गया विवरण प्रतीत होता है।

   किंतु प्रभु यीशु का जीवन और सुसमाचार ऐसा नहीं है; ना तो वह मिथ्या है और ना ही कोई किवदंती है। वह प्रत्यक्षदर्शी बातों और ऐतिहासिक प्रमाणों से भरी संसार की सबसे महान जीवन गाथा है। प्रेरित पौलुस ने मानव इतिहास की इस सबसे महत्वपूर्ण घटना - प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान के विषय में लिखा कि यह घटना वास्तविक प्रत्यक्षदर्शी व्यक्तियों द्वारा समर्थित है, और प्रमाणस्वरूप उन चेलों के बारे में बताते हुए जिन्होंने प्रभु यीशु को मृतकों में से जी उठने के पश्चात देखा और उससे बातचीत करी, वह यह भी कहता है कि "फिर पांच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए" (1 कुरिन्थियों 15:6)। अर्थात, जिस समय पौलुस ने यह पत्री लिखी प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के अनेक प्रत्यक्षदर्शी गवाह विद्यमान थे और इस बात को प्रमाणित करने के लिए जाँचे जाने को उपलब्ध थे।

   प्रभु यीशु का मृतकों में से पुनरुत्थान कोई काल्पनिक घटना नहीं है। यह मानव इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक घटना है; यह वह तथ्य है जिसके प्रमाण जाँचे जाने के लिए आज भी प्रत्येक के लिए उपलब्ध हैं; और इस तथ्य के प्रति हमारा निर्णय हम सबके अनन्त भविष्य को निर्धारित करता है (प्रेरितों 17:30-31)। क्या आपने इस तथ्य को स्वीकार करके अपने अनन्त भविष्य को सुनिश्चित कर लिया है? - बिल क्राउडर


यीशु मसीह का पुनरुत्थान प्राचीन इतिहास का सर्वोत्त्म प्रमाणित तथ्य है। - आर्नल्ड

इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है। - प्रेरितों 17:30-31

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:1-11
1 Corinthians 15:1 हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। 
1 Corinthians 15:2 उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। 
1 Corinthians 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। 
1 Corinthians 15:4 ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। 
1 Corinthians 15:5 और कैफा को तब बारहों को दिखाई दिया। 
1 Corinthians 15:6 फिर पांच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए। 
1 Corinthians 15:7 फिर याकूब को दिखाई दिया तब सब प्रेरितों को दिखाई दिया। 
1 Corinthians 15:8 और सब के बाद मुझ को भी दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनों का जन्मा हूं। 
1 Corinthians 15:9 क्योंकि मैं प्रेरितों में सब से छोटा हूं, वरन प्रेरित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था। 
1 Corinthians 15:10 परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था। 
1 Corinthians 15:11 सो चाहे मैं हूं, चाहे वे हों, हम यही प्रचार करते हैं, और इसी पर तुम ने विश्वास भी किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-9


Monday, July 28, 2014

सृष्टि


   एक खगोल शास्त्री ने अन्दाज़ा लगाया कि करोड़ों वर्ष पहले मंगल ग्रह से जीवाणु पृथ्वी पर आ गिरे, और उन जीवाणुओं के क्रमिक विकास द्वारा ही धरती तरह तरह के प्राणियों से भर गई है। विज्ञान पर भरोसा रखने वाले अनेक लोग पृथ्वी पर जीवन के आरंभ का कारण दूरस्त अंतरिक्ष में खोज रहे हैं, वे तरह तरह के अन्दाज़े लगाते हैं, मत प्रतिपादित करते हैं किंतु आज तक भी यह नहीं जान पाए कि पृथ्वी पर जीवन कैसे आरंभ हुआ क्योंकि वे परमेश्वर के वचन बाइबल में स्पष्ट लिखित बात को मानने से इंकार करते हैं कि परमेश्वर ने ही हर प्रकार के जीव जन्तु और मानव की सृष्टि की और उन्हें पृथ्वी पर रखा है।

   ये लोग यह तो मानने को तैयार हैं कि किसी भी रीति से जीवन को ना संभाल सकने वाले मंगल ग्रह पर जीवन आरंभ हुआ और वहाँ तो विकसित नहीं होने पाया परन्तु बिना किसी अन्तरिक्ष यान के जीवन की संभावना के बिलकुल प्रतिकूल अन्तरिक्ष की लाखों मील की दूरी तय करके वह जीवन पृथ्वी पर जीवित पहुँच भी गया और अपने मूल ग्रह से बिलकुल पृथक ग्रह और वहाँ के अलग ही वातावरण में उसे जीवित बने रहने, बढ़ने तथा अनेक रूप से विकसित होते रहने के लायक वातावरण भी मिल गया; लेकिन वे यह कदापि मानने को तैयार नहीं हैं कि परमेश्वर है और उसने ही पृथ्वी को जीवन संभाल सकने के योग्य बनाया है, और अनेक प्रकार के जीव-जन्तुओं की सृष्टि करके प्रत्येक को अपने अपने स्थान पर फलने-फूलने को रखा है; वे यह भी मानने को कदापि तैयार नहीं हैं कि परमेश्वर ने ही मानव जाति की सृष्टि करी और अपनी श्वास के द्वार उसे जीवन प्रदान किया (उत्पत्ति 1:27)।

   उन लोगों के लिए परमेश्वर द्वारा सृष्टि की रचना के आश्चर्यक्रम को स्वीकार करने से सरल है यह स्वीकार करना कि बिना किसी आरंभिक वस्तु के ही सब कुछ स्वतः ही आरंभ हो गया, सुचारू रूप से स्थापित हो गया और कार्य करने लगा और सुनियोजित रीति से बढ़ने और विकसित भी होने लगा। इन लोगों को परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्युब को दी गई सलाह, "हे अय्यूब! इस पर कान लगा और सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ईश्वर के आश्चर्यकर्मों का विचार कर" (अय्युब 37:14) पर गंभीरता से सोचना चाहिए। साथ ही परमेश्वर ने जो प्रश्न अय्युब से किया था, "जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे" (अय्युब 38:4), उसका उत्तर भी देना चाहिए।

   भला हो कि हम परमेश्वर के अस्तित्व और उसकी अद्भुत सृजन की सामर्थ पर विश्वास करें, उसकी विलक्षण सृष्टि को सराहें और हमें बनाने तथा हमारी देख-भाल करने के लिए उसका धन्यवाद करें। - डेव ब्रैनन


केवल परमेश्वर ही है जो कुछ नहीं से सब कुछ बना सकता है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: अय्युब 38:3-18
Job 38:3 पुरुष की नाईं अपनी कमर बान्ध ले, क्योंकि मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे उत्तर दे। 
Job 38:4 जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे। 
Job 38:5 उसकी नाप किस ने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा? 
Job 38:6 उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर बिठाया, 
Job 38:7 जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्र जयजयकार करते थे? 
Job 38:8 फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया; 
Job 38:9 जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लपेट दिया, 
Job 38:10 और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़ लगा दिए, कि 
Job 38:11 यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडने वाली लहरें यहीं थम जाएं? 
Job 38:12 क्या तू ने जीवन भर में कभी भोर को आज्ञा दी, और पौ को उसका स्थान जताया है, 
Job 38:13 ताकि वह पृथ्वी की छोरों को वश में करे, और दुष्ट लोग उस में से झाड़ दिए जाएं? 
Job 38:14 वह ऐसा बदलता है जैसा मोहर के नीचे चिकनी मिट्टी बदलती है, और सब वस्तुएं मानो वस्त्र पहिने हुए दिखाई देती हैं। 
Job 38:15 दुष्टों से उनका उजियाला रोक लिया जाता है, और उनकी बढ़ाई हुई बांह तोड़ी जाती है। 
Job 38:16 क्या तू कभी समुद्र के सोतों तक पहुंचा है, वा गहिरे सागर की थाह में कभी चला फिरा है? 
Job 38:17 क्या मृत्यु के फाटक तुझ पर प्रगट हुए, क्या तू घोर अन्धकार के फाटकों को कभी देखने पाया है? 
Job 38:18 क्या तू ने पृथ्वी की चौड़ाई को पूरी रीति से समझ लिया है? यदि तू यह सब जानता है, तो बतला दे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 4-6


Sunday, July 27, 2014

प्रोत्साहक


   लोगों के अन्दर पाए जाने वाले गुणों में से एक जिसकी मैं बहुत सराहना करती हूँ है शान्त रीति से, बिना सामने आए, प्रोत्साहन देते रहना। मुझे स्मरण है जब मैं अस्पताल में कुछ समय भर्ती रहने के पश्चात घर लौटी तो मेरी एक सहेली, जैकी - जिसका स्वयं भी कुछ दिन पहले ही एक ऑपरेशन हुआ था, ने मुझे एक पुस्तक भेजी जिसमें परमेश्वर द्वारा हम से की गई प्रतिज्ञाएं लिखीं थी।

   मेरे अंकल बॉब उन लोगों के प्रति बहुत धन्यवादी थे जिन्होंने कैंसर उपचार केंद्र में उनकी देख-रेख करी थी, और उन्होंने धन्यवाद स्वरूप उन लोगों के अधिकारियों को उन कर्मचारियों की सराहना से भरे अनेक पत्र लिख कर भेजे।

   मेरी एक रिश्तेदार ब्रैन्डा को लगभग 20 वर्ष पहले अपने बच्चे की मृत्यु का दुख झेलना पड़ा था, और आज उसके द्वारा किए गए हमदर्दी के कार्यों को अनेक लोग सराहते हैं, समरण करते हैं।

   अकसर देखा जाता है कि जो लोग अत्याधिक दुख - भौतिक या मानसिक, से होकर निकले हैं वे दूसरों को सांत्वना तथा प्रोत्साहन भी सबसे बेहतर और बढ़कर देने पाते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल की प्रेरितों के कार्य पुस्तक में एक व्यक्ति का उल्लेख है जिसका नाम था बर्नबास, जिसे उस समय के लोग शान्ति का पुत्र कहते थे (प्रेरितों 4:6); उसके लिए लिखा गया है कि, "वह एक भला मनुष्य था; और पवित्र आत्मा और विश्वास से परिपूर्ण था..." (प्रेरितों 11:24) और वह दूसरों को प्रोत्साहित करता था कि "...सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो" (प्रेरितों 11:23)। उसके इस प्रकार से मसीही विश्वासियों और अन्य लोगों को प्रोत्साहित करने से बहुत से लोग प्रभावित हुए होंगे, तभी तो परमेश्वर के वचन में उसका नाम इतने आदर के साथ लिखा गया है।

   जैसे हम अपने जीवन में किसी से प्रोत्साहन पा कर आशीषित हुए हैं, वैसे ही हमें भी औरों के लिए प्रोत्साहक होना है, अपने अनुभवों से दुसरों को शान्ति और सांत्वना प्रदान करनी है, प्रभु यीशु के प्रेम को उन तक पहुँचाना है। -सिंडी हैस कैस्पर


प्रोत्साहन द्वारा मनुष्य की आत्मा आशा से भर उठती है।

सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है। - 1 कुरिन्थियों 15:58

बाइबल पाठ: प्रेरितों 11:22-26
Acts 11:22 तब उन की चर्चा यरूशलेम की कलीसिया के सुनने में आई, और उन्होंने बरनबास को अन्‍ताकिया भेजा। 
Acts 11:23 वह वहां पहुंचकर, और परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर आनन्‍दित हुआ; और सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो। 
Acts 11:24 क्योंकि वह एक भला मनुष्य था; और पवित्र आत्मा से परिपूर्ण था: और और बहुत से लोग प्रभु में आ मिले। 
Acts 11:25 तब वह शाऊल को ढूंढने के लिये तरसुस को चला गया। 
Acts 11:26 और जब उन से मिला तो उसे अन्‍ताकिया में लाया, और ऐसा हुआ कि वे एक वर्ष तक कलीसिया के साथ मिलते और बहुत लोगों को उपदेश देते रहे, और चेले सब से पहिले अन्‍ताकिया ही में मसीही कहलाए।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-3


Saturday, July 26, 2014

मित्र


   अमेरिका के गृह युद्ध के समय देश के दक्षिणी एवं उत्तरी भाग के निवासियों में परस्पर नफरत बैठ गई थी। एक अवसर पर जब राष्ट्रपति एब्राहम लिंकन ने विद्रोही दक्षिण अमेरिका के लोगों के साथ परोपकारी व्यवहार करने की बात कही तो एक आलोचक ने खड़े होकर उन्हें स्मरण दिलाया कि उत्तर तथा दक्षिण में युद्ध चल रहा है, दक्षिण अमेरिका के लोग विद्रोही हैं, शत्रु हैं और उनका नाश किया जाना चाहिए। प्रत्युत्तर में लिंकन ने बड़े शांत और शिष्ट रीति तथा बड़ी बुद्धिमानी से कहा: "जब मैं उन्हें अपने मित्र बना लूँगा तो शत्रु तो स्वतः ही नष्ट हो जाएंगे"।

   लिंकन की कही यह बात गंभीर है और प्रभु यीशु द्वारा अपने चेलों को दिए गए ’पहाड़ी सन्देश’ में दी गई शिक्षा के अनुसार है: "परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है" (मत्ती 5:44-45)।

   हम मसीही विश्वासियों को अपने जीवन में कठिन लोगों का सामना तो करना ही पड़ेगा; कुछ ऐसे भी होंगे जिनके साथ हमें अपने संपर्क एवं व्यवहार के लिए सीमाएं भी निर्धारित करनी पड़ेंगी। लेकिन ऐसे लोगों को भी चोट पहुँचाने अथवा उन्हें नीचा दिखाने से हमें बच कर रहना है क्योंकि यह परमेश्वर का मार्ग नहीं है। इसके विपरीत परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि हम ऐसे लोगों के लिए प्रार्थना करें, उनकी भलाई का सोचें, उनके प्रति संवेदनशील और सकारात्मक रवैया रखें। संभव है इससे कोई शत्रु मित्र में परिवर्तित हो जाए। आवश्यक नहीं कि हमारे इस भले व्यवाहार का प्रत्युत्तर प्रत्येक व्यक्ति सकारात्मक रीति से ही दे, लेकिन तब भी हमें उसके साथ एक सामंजस्यपूर्ण और भले संबंध के लिए प्रार्थना करनी है तथा योजना बनानी है।

  क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसके साथ आपके संबंध कठिन रहे हैं? प्रभु यीशु मसीह की शिक्षा एवं सहायता से उसे मित्र बना लेने की प्रक्रिया आरंभ कर लीजिए। - डेनिस फिशर


जब आप किसी की भलाई कर रहे हों तो उसके लिए आप से नफरत करना कठिन होगा।

बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो। - 1 पतरस 3:9

बाइबल पाठ: मत्ती 5:43-48
Matthew 5:43 तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था; कि अपने पड़ोसी से प्रेम रखना, और अपने बैरी से बैर। 
Matthew 5:44 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। 
Matthew 5:45 जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है। 
Matthew 5:46 क्योंकि यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों ही से प्रेम रखो, तो तुम्हारे लिये क्या फल होगा? क्या महसूल लेने वाले भी ऐसा ही नहीं करते? 
Matthew 5:47 और यदि तुम केवल अपने भाइयों ही को नमस्‍कार करो, तो कौन सा बड़ा काम करते हो? क्या अन्यजाति भी ऐसा नहीं करते? 
Matthew 5:48 इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता सिद्ध है।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 5-8


Friday, July 25, 2014

कारण


   जो मौरिस आईसक्रीम बनाता है और अपनी बनाई आईसक्रीम में अनेक प्रकार के स्वाद देता है। जो मौरिस एक प्रसिद्ध आईसक्रीम बनाने वाली कंपनी के लिए कार्य करता है जिसके रचनात्मक उत्पाद अपनी गुणवन्ता एवं नवीनता के लिए जाने जाते हैं। जो मौरिस भी अपनी आईसक्रीम बनाने की उत्तमता के लिए जाना जाता है लेकिन वह यह कभी नहीं भूलता कि वह किस कारण से यह कार्य कर रहा है। उसने एक साक्षात्कार में रिपोर्टर रिकार्डो गन्दारा को बताया कि उस कंपनी का एक पुराना कर्मचारी उसे स्मरण दिलाता रहता है, "हम आईसक्रीम क्यों बनाते हैं? क्योंकि यह लोगों को प्रसन्न करने वाला भोजन पदार्थ है। हमारा उद्देश्य है लोगों को खुश रखना।" और इसी कारण जो मौरिस लगन के साथ उत्त्म गुणवन्ता की आईसक्रीम बनाता रहता है।

   मसीही विश्वासी होने के कारण हमारे लिए यह अति अनिवार्य है कि हम अपनी सेवकाई के प्रत्येक कार्य के कारण को स्मरण रखें। यदि हम वह कारण भूल जाएंगे तो हम उन चेलों के समान हो जाएंगे जो इस बात को लेकर आपस में विवाद करने लगे कि उन में से कौन सबसे महत्वपूरण और बड़ा है और इस बात पर उनमें फूट आनी आरंभ हो गई। समस्या के निवारण के लिए मित्रप्रभु यीशु ने उन्हें अपने संसार में आने और कार्य करने के कारण को स्मरण दिलाया: "क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे" (मरकुस 10:45)।

   प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने का तात्पर्य है उसका अनुसरण करना और उसके कार्य को उसी की रीति पर आगे बढ़ाना। हम मसीही विश्वासियों को प्रभु यीशु मसीह में सारे संसार के सभी लोगों के लिए उपलब्ध पापों की क्षमा तथा उद्धार एवं परमेश्वर के प्रेम के सुसमाचार को फैलाने की सेवकाई सौंपी गई है। जैसे प्रभु यीशु ने इस सेवकाई को अपने पृथ्वी के जीवन काल में संपन्न किया वैसे ही हमें भी उसी प्रेम और सहिषुण्ता के साथ इस सेवाकाई को पूरा करना है। हमें यह कभी नहीं भूलना है कि प्रभु यीशु सेवा करने तथा उद्धार देने के लिए आया था ना कि हमें संसार में प्रतिष्ठित, संपन्न अथवा महान बनाने।

   नम्रता, दीनता, प्रेम, सहिषुणता के साथ सारे संसार में प्रभु यीशु में उपलब्ध पापों की क्षमा और उद्धार का सुसमाचार प्रसार ही हमारे प्रभु यीशु की सेवकाई स्वीकार करने का कारण है। - डेविड मैक्कैसलैंड


अपनी नज़रें प्रभु यीशु पर बनाए रखिए और आप कभी अपने जीवन के उद्देश्य से भटकने नहीं पाएंगे।

क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो। - यूहन्ना 13:15

बाइबल पाठ: मरकुस 10:35-45
Mark 10:35 तब जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना ने उसके पास आकर कहा, हे गुरू, हम चाहते हैं, कि जो