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सोमवार, 19 जुलाई 2021

कौन है?

 

          हम अपने हनीमून की यात्रा से वापस लौट रहे थे, और हवाई-अड्डे पर अपन सामान को वायु-यान में चढ़ाने के लिए सौंपे जाने की अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। मैंने हम से कुछ ही दूर खड़े एक व्यक्ति को देखा और अपने पति को कोहनी मार कर उसकी ओर देखने का संकेत किया। मेरे पति ने उसे ध्यान से देखने का प्रयास किया और फिर मुझ से पूछा “कौन है?” मैंने बताया कि वह एक प्रसिद्ध फ़िल्म कलाकार है और उसकी कई फिल्मों और उनमें उसके द्वारा निभाई गई भूमिकाओं की एक लम्बी सूची उस सूना दी। फिर मैंने अपने पति से कहा कि वे हमारी एक फोटो लें, और जाकर उस कलाकार के साथ खड़ी हो गई। इस बात को चौबीस वर्ष हो चुके हैं, किन्तु आज भी मुझे इस घटना का वर्णन करना अच्छा लगता है, मैं बड़े आनन्द के साथ उस दिन के बारे में बताती हूँ जब मैं एक फिल्म कलाकार से मिली थी।

          किसी प्रसिद्ध कलाकार को पहचानना एक बात है, लेकिन एक और है जो सभी मनुष्यों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, और मैं उसकी कृतज्ञ हूँ, कि अब मैं उसे व्यक्तिगत रीति से जानती हूँ। परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने पूछा “वह प्रतापी राजा कौन है?” (भजन 24:8)। भजनकार दाऊद सर्वशक्तिमान प्रभु की ओर संकेत करता है, जो सृष्टिकर्ता, संभालने वाला, और सभी पर राज्य करने वाला है। दाऊद कहता है, पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी। क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ कर के रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है” (भजन 24:1-2)। दाऊद विस्मय से अभिभूत होकर घोषित करता है कि परमेश्वर सबसे महान है, किन्तु फिर भी हम उसके निकट जा सकते हैं (पद 3-4)। जब हम परमेश्वर के लिए जीवन व्यतीत करते हैं, तो हम न केवल उसे घनिष्ठता से जान सकते हैं, वरन उससे सामर्थ्य प्राप्त कर सकते हैं, और भरोसा रख सकते हैं कि वह हमारी ओर से लड़ेगा (पद 8)।

          प्रभु परमेश्वर हमें अवसर प्रदान करता है कि हम बता सकें कि केवल एक वही ऐसा सुप्रसिद्ध है जिसका औरों से वर्णन करना सर्वथा उपयुक्त है। जब हमारे जीवनों में से उसका चरित्र प्रतिबिंबित होता है, तब जो लोग उसे नहीं जानते हैं, उनके पास भी अवसर होता है कि वे हम से पूछें कि हमारा यह प्रभु परमेश्वर “कौन है?” दाऊद के समान, हम भी अपने अद्भुत सर्वशक्तिमान, सबसे महान परमेश्वर के बारे में बता सकते हैं कि वह “कौन है?” – सोहचील डिक्सन

 

प्रभु आपका धन्यवाद प्रतिदिन के उन अवसरों के लिए 

जिनमें हम आपके बारे में लोगों को बता सकते हैं।


अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें। - 1 पतरस 2:12

बाइबल पाठ: भजन 24

भजन 24:1 पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करने वाले भी।

भजन 24:2 क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ कर के रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।

भजन 24:3 यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है?

भजन 24:4 जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिसने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है।

भजन 24:5 वह यहोवा की ओर से आशीष पाएगा, और अपने उद्धार करने वाले परमेश्वर की ओर से धर्मी ठहरेगा।

भजन 24:6 ऐसे ही लोग उसके खोजी हैं, वे तेरे दर्शन के खोजी याकूब वंशी हैं।

भजन 24:7 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो। हे सनातन के द्वारों, ऊंचे हो जाओ। क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा।

भजन 24:8 वह प्रतापी राजा कौन है? परमेश्वर जो सामर्थी और पराक्रमी है, परमेश्वर जो युद्ध में पराक्रमी है!

भजन 24:9 हे फाटकों, अपने सिर ऊंचे करो हे सनातन के द्वारों तुम भी खुल जाओ! क्योंकि प्रतापी राजा प्रवेश करेगा!

भजन 24:10 वह प्रतापी राजा कौन है? सेनाओं का यहोवा, वही प्रतापी राजा है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 23-25
  • प्रेरितों 21:18-40

रविवार, 5 अप्रैल 2020

कौन है?



     कल्पना कीजिए, आप धूल भरे रास्ते के किनारे अनेकों लोगों के साथ खड़े हैं; लोग जानने के लिए उत्सुक्त, ताक रहे हैं, उचक-उचक कर देख रहे हैं कि कौन आ रहा है। लोगों को दूर कोई गदहे पर सवार हो कर आता हुआ दिखाई देता है। जैसे जैसे वह निकट आता जाता है, लोग अपने वस्त्र उसके आगे मार्ग पर बिछाते हैं, कोई पेड़ों से डालियाँ काटकर उसके मार्ग पर बिछाता है, तो कोई खजूर की डालियाँ काटकर बिछाता है। उसके आदर और स्तुति में लोग चिल्ला रहे हैं, परमेश्वर की बड़ाई कर रहे हैं।

     उनके क्रूस पर चढ़ाए जाने से कुछ दिन पहले, उनके अनुयायियों ने प्रभु यीशु का यरूशलेम में बड़े सम्मान के साथ स्वागत किया। वे आनंदित थे और परमेश्वर की स्तुति कर रहे थे, “...चेलों की सारी मण्‍डली उन सब सामर्थ के कामों के कारण जो उन्होंने देखे थे, आनन्‍दित हो कर बड़े शब्द से परमेश्वर की स्‍तुति करने लगी” (लूका 19:37)। प्रभु यीशु के भक्त उसके चारों और एकत्रित थे और कह रहे थे, “कि धन्य है वह राजा, जो प्रभु के नाम से आता है; स्वर्ग में शान्‍ति और आकाश मण्‍डल में महिमा हो” (पद 38)। उनके द्वारा किया जा रहा यह आदर और सम्मान यरूशलेम के लोगों को प्रभावित कर रहा था, और “जब उसने यरूशलेम में प्रवेश किया, तो सारे नगर में हलचल मच गई; और लोग कहने लगे, यह कौन है?” (मत्ती 21:10)।

     आज भी लोग प्रभु यीशु के बारे में जानने को जिज्ञासु हैं की वह कौन है। आज हम उनके मार्ग पर अपने वस्त्रों, पेड़ों तथा खजूर की डालियों को नहीं बिछा सकते हैं, परन्तु हम लोगों के सामने प्रभु का आदर और सम्मान, उनका बखान और गुणगान, आज भी कर सकते हैं। हम लोगों के साथ उनके अद्भुत कार्यों की चर्चा कर सकते हैं; प्रभु के समान ज़रूरतमंदों की सहायता के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, धैर्य के साथ आलोचना और बुराई को सहते हुए लोगों का भला कर सकते हैं; और प्रभु के समान प्रेम के द्वारा लोगों के सामने मसीही विश्वास के जीवन की एक गवाही रख सकते हैं। और तब, जब लोग आकर्षित होकर पूछेंगे, तो हम उन्हें बता सकते हैं कि प्रभु यीशु कौन है! – जेनिफर बेनसन शुल्ट

जब हम उसकी संतान के समान जीवन व्यतीत करते है, 
हम प्रभु परमेश्वर को आदर और सम्मान देते हैं।

पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ। - 1 पतरस 3:15

बाइबल पाठ: लूका 19:28-40
लूका 19:28 ये बातें कहकर वह यरूशलेम की ओर उन के आगे आगे चला।
लूका 19:29 और जब वह जैतून नाम पहाड़ पर बैतफगे और बैतनियाह के पास पहुंचा, तो उसने अपने चेलों में से दो को यह कहके भेजा।
लूका 19:30 कि साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पहुंचते ही एक गदही का बच्‍चा जिस पर कभी कोई सवार नहीं हुआ, बन्‍धा हुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोल कर लाओ।
लूका 19:31 और यदि कोई तुम से पूछे, कि क्यों खोलते हो, तो यह कह देना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है।
लूका 19:32 जो भेजे गए थे; उन्होंने जा कर जैसा उसने उन से कहा था, वैसा ही पाया।
लूका 19:33 जब वे गदहे के बच्‍चे को खोल रहे थे, तो उसके मालिकों ने उन से पूछा; इस बच्‍चे को क्यों खोलते हो?
लूका 19:34 उन्होंने कहा, प्रभु को इस का प्रयोजन है।
लूका 19:35 वे उसको यीशु के पास ले आए और अपने कपड़े उस बच्‍चे पर डालकर यीशु को उस पर सवार किया।
लूका 19:36 जब वह जा रहा था, तो वे अपने कपड़े मार्ग में बिछाते जाते थे।
लूका 19:37 और निकट आते हुए जब वह जैतून पहाड़ की ढलान पर पहुंचा, तो चेलों की सारी मण्‍डली उन सब सामर्थ के कामों के कारण जो उन्होंने देखे थे, आनन्‍दित हो कर बड़े शब्द से परमेश्वर की स्‍तुति करने लगी।
लूका 19:38 कि धन्य है वह राजा, जो प्रभु के नाम से आता है; स्वर्ग में शान्‍ति और आकाश मण्‍डल में महिमा हो।
लूका 19:39 तब भीड़ में से कितने फरीसी उस से कहने लगे, हे गुरू अपने चेलों को डांट।
लूका 19:40 उसने उत्तर दिया, कि तुम से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 1-3
  • लूका 8:26-56



शुक्रवार, 1 नवंबर 2019

यह कौन है?



      मैं जब विद्यार्थी था, तो जब भी कक्षा में आकर अध्यापक ये भयभीत करने वाले शब्द कहते कि, “अपने डेस्क पर से सब कुछ हटा लो, और एक कोरा कागज़ तथा पेन्सिल निकाल कर रख लो” तो हम समझ जाते थे कि परिक्षा देने का समय आ गया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में मरकुस 4 अध्याय में हम पढ़ते हैं कि प्रभु यीशु के दिन का आरंभ झील के किनारे प्रचार करने से हुआ था (पद 1), और उस दिन का अन्त झील में परिक्षा के साथ हुआ ( 35)। जिस नाव पर चढ़कर प्रभु ने भीड़ को प्रचार किया था, अब उसी नाव में प्रभु यीशु और उनके चेले झील के पार जा रहे थे। उस यात्रा के दौरान (जब प्रभु थक कर नाव कि पिछले भाग में सो रहे थे), उन लोगों को एक भयानक तूफ़ान का सामना करना पड़ा (पद 37)। तूफ़ान की तीव्रता से घबरा कर चेलों ने प्रभु यीशु को यह कहकर जगाया, “...हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं?” (पद 38)। फिर कुछ अप्रत्याशित और अविश्वसनीय हुआ; जिस प्रभु ने भीड़ को संबोधित करते हुए उनसे उसकी सुनने के लिए कहा था (पद 3), उसी ने प्रकृति के इस प्रबल स्वरूप को एक सहज और बलवंत आज्ञा दी – “शान्त रह, और थम जा!” (पद 39)।

      तूफ़ान ने प्रभु की आज्ञा का पालन किया, और विस्मित तथा भयभीत चेले पूछने लगे “यह कौन है?” ( 41) प्रश्न तो अच्छा था, परन्तु इसके उत्तर को वास्तव में समझने और उसके महत्व को पहचानने में, कि प्रभु यीशु परमेश्वर का पुत्र है, उन्हें कुछ समय लगा। निष्ठापूर्ण, सच्चे, खुले-दिल से किए गए प्रश्न और अनुभव आज भी लोगों को उसी निष्कर्ष पर लेकर आते हैं जिस पर तब वे अचम्भित चेले आए थे – यीशु ही प्रभु है।

      प्रभु यीशु सुनने भर के लिए एक अच्छा शिक्षक मात्र नहीं है; वह आराध्य प्रभु परमेश्वर है! – आर्थर जैक्सन

“...हे गुरू, जहां कहीं तू जाएगा, मैं तेरे पीछे पीछे हो लूंगा।” – मत्ती 8:19

रूत बोली, तू मुझ से यह बिनती न कर, कि मुझे त्याग वा छोड़कर लौट जा; क्योंकि जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी; जहां तू टिके वहां मैं भी टिकूंगी; तेरे लोग मेरे लोग होंगे, और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा - रूत 1:16

बाइबल पाठ: मरकुस 4:35-41
Mark 4:35 उसी दिन जब सांझ हुई, तो उसने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,
Mark 4:36 और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा ही उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं।
Mark 4:37 तब बड़ी आन्‍धी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं, कि वह अब पानी से भरी जाती थी।
Mark 4:38 और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्होंने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं?
Mark 4:39 तब उसने उठ कर आन्‍धी को डांटा, और पानी से कहा; “शान्‍त रह, थम जा”: और आन्‍धी थम गई और बड़ा चैन हो गया।
Mark 4:40 और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं?
Mark 4:41 और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 24-26
  • तीतुस 2



मंगलवार, 18 दिसंबर 2018

कौन?



      अखबार Saturday Evening Post को सन 1929 में दिए गए एक साक्षात्कार में प्रसिद्ध वैज्ञानिक एल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा, “बचपन में मुझे बाइबल और तालमूद (यहूदी धर्म साहित्य) दोनों ही की शिक्षा दी गई। मैं यहूदी हूँ, परन्तु मैं नासरी (यीशु) के ज्योतिर्मय व्यक्तित्व से मंत्रमुग्ध हूँ...कोई भी सुसमाचारों को पढ़ते हुए यीशु की उपस्थिति का एहसास किए बिना नहीं रहा सकता है। उसका व्यक्तित्व प्रत्येक शब्द में धड़कता है। कोई भी मिथक ऐसे जीवन से भरा नहीं हो सकता है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में हमें प्रभु यीशु के साथी निवासियों के अन्य उदाहरण मिलते हैं जिन्हें इसका आभास हुआ कि प्रभु यीशु में कुछ विशेष है। जब प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से पूछा, “लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?” तो उन्होंने उत्तर दिया कि कुछ यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला, कुछ एल्लियाह, और अन्य उसे यिर्मयाह या कोई अन्य भविष्यद्वक्ता समझते हैं (मत्ती 16:13-14)। इस्राएल के महान भविष्यद्वक्ताओं में से एक कहलाया जाना निश्चय ही बड़े सम्मान की बात थी, परन्तु प्रभु यीशु किसी सम्मान की खोज में नहीं थे। वे उनकी समझ और विश्वास को परख रहे थे। इसलिए उन्होंने एक दूसरा प्रश्न पूछा: “परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?” (पद 15)?

      पतरस के उत्तर ने प्रभु यीशु के व्यक्तित्व के सत्य को उजागर किया: “तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है” (पद 16)।

      प्रभु यीशु मसीह की लालसा है कि हम और सँसार के सभी लोग उसे तथा उसके उद्धार देने वाले प्रेम को जानें; और जो जान गए हैं वे औरों को उसके बारे में बताएँ। क्योंकि इस प्रश्न का उत्तर और उसके अनुसार किया गया विश्वास प्रत्येक मनुष्य के अनन्तकाल को निर्धारित करता है। इसीलिए हम में से प्रत्येक के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम जान लें कि यीशु कौन है, और उसके अनुसार अपने जीवन का निर्णय लें। - बिल क्राउडर


अनन्तता के लिए प्रभु यीशु मसीह की पहचान ही केन्द्र-बिंदु है।

और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं। ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं। - फिलिप्पियों 3:10-11

बाइबल पाठ: मत्ती 16:13-20
Matthew 16:13 यीशु कैसरिया फिलिप्पी के देश में आकर अपने चेलों से पूछने लगा, कि लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?
Matthew 16:14 उन्होंने कहा, कितने तो यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला कहते हैं और कितने एलिय्याह, और कितने यिर्मयाह या भविष्यद्वक्ताओं में से कोई एक कहते हैं।
Matthew 16:15 उसने उन से कहा; परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?
Matthew 16:16 शमौन पतरस ने उत्तर दिया, कि तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है।
Matthew 16:17 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि हे शमौन योना के पुत्र, तू धन्य है; क्योंकि मांस और लोहू ने नहीं, परन्तु मेरे पिता ने जो स्वर्ग में है, यह बात तुझ पर प्रगट की है।
Matthew 16:18 और मैं भी तुझ से कहता हूं, कि तू पतरस है; और मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊंगा: और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल न होंगे।
Matthew 16:19 मैं तुझे स्वर्ग के राज्य की कुंजियां दूंगा: और जो कुछ तू पृथ्वी पर बान्‍धेगा, वह स्वर्ग में बन्‍धेगा; और जो कुछ तू पृथ्वी पर खोलेगा, वह स्वर्ग में खुलेगा।
Matthew 16:20 तब उसने चेलों को चिताया, कि किसी से न कहना! कि मैं मसीह हूं।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • ओबद्याह
  • प्रकाशितवाक्य 9