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सोमवार, 31 अक्टूबर 2011

मंच के तानाशाह

   बीते समय के वाद्यवृंद संचालकों में से कुछ बहुत कठोर और तानाशाह थे। उनके विष्य में छपे एक लेख में लेखक रौबर्ट बैक्सटर ने लिखा, "इन लोगों के शीर्ष पर होने का समय था २०वीं सदी के १९३०-४० के दशक। इन दिनों में वाद्यवृंद संचालक आर्थर रौडिन्स्की अपने साथ अभ्यास के समय गोलियों से भरी रिवाल्वर रखता था; आर्ट्यूरो टोस्कनी क्रोधित होकर संचालन वाली अपनी छाड़ी तोड़ देता था, फ्रिट्ज़ रेनियर अपनी पैनी आंखों से घूरकर बजाने वालों को धमकाता था और जॉर्ज स्ज़ेल अपनी उस्तरे जैसी तेज़ ज़बान के वारों से उन्हें घायल करता था। एक बार एक आहत बजाने वाला टोस्कनी के साथ अभ्यास से क्रोधित होकर बुड़्बुड़ाता हुआ उठकर बाहर की ओर चला तो पीछे से टोस्कनी ने ज़ोर से चिल्लाकर उससे कहा ’अब तुम्हें क्षमा मांगने का अवसर भी नहीं है!’" इतनी क्रूरता तथा आपसी संबंधों में इतनी कटुता के होते यह बड़े विस्मय की बात है कि इन तानाशाहों के साथ वाद्य बजाने वाले इतना मधुर संगीत किस तरह बजा लेते थे।

   महान नेताओं को दूसरों से आदर पाने के लिए उन्हें डरा धमका कर रखने की आवश्यक्ता नहीं है। इस संसार के एकमात्र सिद्ध अगुए प्रभु यीशु मसीह ने अगुए होने का इससे बहुत उत्तम मार्ग दिखाया। प्रभु यीशु  का मंच रूपांतर का वह पहाड़ नहीं था जहां उसके इश्वरत्व के दर्शन उसके चेलों ने देखे, उसका मंच था रोमी शास्कों और धर्मे के अगुवों के द्वारा दिया गया उसका वह क्रूस जहां हमारे पापों की सज़ा को उठाकर उसने हमारी सबसे गहरी और अनिवार्य आवश्यक्ता का समाधान किया। क्रूस रूपी उस मंच के सहारे आज भी वह पाप से बिगड़े हुए जीवनों से उद्धार द्वारा मधुर संगीत प्रस्तुत करवाता है। प्रभु यीशु पाप से बिगड़े जीवनों को पहले अपने प्रेम और क्षमा से ढांप देता है, फिर जैसे जैसे हम उसके निर्देशों को समर्पित होते हैं, वह हम में होकर दूसरों तक अपने प्रेम की मधुर धुन को पहुंचाता है।

   प्रभु यीशु ने दिखाया कि नेता होने के लिए तानाशाह होना आवश्यक नहीं है, सेवा द्वार जो शीर्ष स्थान मिलता है वह प्रेम और आदर से भरा तथा चिरस्थाई होता है। - डेनिस डी हॉन

जब तक नेता अपने नेतृत्व में सेवा लेकर नहीं आते तब तक वे सच्चे अगुवे नहीं बन सकते।

जो तुम में बड़ा हो, वह तुम्हारा सेवक बने। - मत्ती २३:११
 
बाइबल पाठ: मत्ती २३:१-१२
    Mat 23:1  तब यीशु ने भीड़ से और अपने चेलों से कहा।
    Mat 23:2  शास्त्री और फरीसी मूसा की गद्दी पर बैठे हैं।
    Mat 23:3  इसलिये वे तुम से जो कुछ कहें वह करना, और मानना; परन्‍तु उन के से काम मत करना, क्‍योंकि वे कहते तो हैं पर करते नहीं।
    Mat 23:4  वे एक ऐसे भारी बोझ को जिन को उठाना कठिन है, बान्‍ध कर उन्‍हें मनुष्यों के कन्‍धों पर रखते हैं, परन्‍तु आप उन्‍हें अपनी उंगली से भी सरकाना नहीं चाहते ।
    Mat 23:5  वे अपने सब काम लोगों को दिखाने के लिये करते हैं: वे अपने तावीजों को चौड़े करते, और अपने वस्‍त्रों की कोरें बढ़ाते हैं।
    Mat 23:6  जेवनारों में मुख्य मुख्य जगहें, और सभा में मुख्य मुख्य आसन।
    Mat 23:7  और बाजारों में नमस्‍कार और मनुष्य में रब्‍बी कहलाना उन्‍हें भाता है।
    Mat 23:8  परन्‍तु, तुम रब्‍बी न कहलाना, कयोंकि तुम्हारा एक ही गुरू है: और तुम सब भाई हो।
    Mat 23:9  और पृथ्वी पर किसी को अपना पिता न कहना, कयोंकि तुम्हारा एक ही पिता है, जो स्‍वर्ग में है।
    Mat 23:10  और स्‍वामी भी न कहलाना, क्‍योंकि तुम्हारा एक ही स्‍वामी है, अर्थात मसीह।
    Mat 23:11  जो तुम में बड़ा हो, वह तुम्हारा सेवक बने।
    Mat 23:12  जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा: और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह २२-२३ 
  • तीतुस १

गुरुवार, 20 जनवरी 2011

यह मज़ाक नहीं है

भजन २ समाज के उन दुष्ट हाकिमों और नेताओं को संबोधित करता है जो सोचते थे कि वे परमेश्वर और उसके अभिशिक्त का विरोध करने में सफल रहेंगे। भजनकार कहता है कि परमेश्वर उनको ठ्ठों में उड़ाएगा।

W. S. Pulmer ने परमेश्वर के भय से रहित उन पुरुषों और स्त्रियों के बारे में लिखा जिन्हों ने मसीही विश्वासियों को सताया और मार डाला। पुलमर ने ऐसे ३० रोमी अफसरों के संबंध में लिखा कि, "उनमें से एक किसी भयानक ताड़ना के बाद पागल हो गया, एक की उसी के पुत्र ने हत्या कर दी, एक अन्धा हो गया, एक डूबकर मरा, एक को गला घोंट कर मार डाला गया, एक अति कठोर कारावास में तड़प कर मरा, दो ने आत्महत्या कर ली, पाँच को उनके अपने लोगों या नौकरों ने मार डाला, पाँच अन्य को बहुत यातना के साथ दर्दनाक मौत मरे और शेष या तो युद्ध में या बन्दी जाए कर मारे गए। इनमें से एक था जूलियन जो विधर्मी जूलियन के नाम से जाना जाता था। कहते हैं कि अपनी समृद्धि के दिनों में उसने अपनी तलवार आसमान की ओर उठा कर परमेश्वर के पुत्र यीशु मसीह को, जिसे वह निन्दा स्वरुप "गलीली" कहता था, को कोसा था। लेकिन जब वह युद्ध में घायल हुआ और उसने जाना कि अब उसका समय पूरा हो गया है, तो वह पुकार उठा "ऐ गलीली, तू ने आखिर मुझे हरा ही दिया।"

परमेश्वर का, जो यथा संभव, पापियों पर अनुग्रह करना चाहता है, किसी पापी के प्रति ठ्ठा करने की स्थिति तक जाना कोई मज़ाक की नहीं, बलकि अति गंभीर बात है। भजनकार ने लिखा "पुत्रा को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे, और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ; क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है। धन्य हैं वे जिनका भरोसा उस पर है।" (भजन २:१२)

आज मसीह यीशु में परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह आपके लिये उपलब्ध है। इससे पहले कि समय निकल जाए, उसे ग्रहण कर लीजिए। इसे हलके में न लीजिए, यह मज़ाक की बात नहीं है। - रिचर्ड डी हॉन


पाप से खिलवाड़, न्यय से खेलना है

वह जो स्वर्ग में विराजमान है, हंसेगा, प्रभु उनको ठट्ठों में उड़ाएगा। - भजन २:४


बाइबल पाठ: भजन २

जाति जाति के लोग क्यों हुल्लड़ मचाते हैं, और देश देश के लोग व्यर्थ बातें क्यों सोच रहे हैं?
यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि
आओ, हम उनके बन्धन तोड़ डालें, और उनकी रस्सियों अपने ऊपर से उतार फेंके।
वह जो स्वर्ग में विराजमान है, हंसेगा, प्रभु उनको ठट्ठों में उड़ाएगा।
तब वह उन से क्रोध करके बातें करेगा, और क्रोध में कहकर उन्हें घबरा देगा, कि
मैं तो अपने ठहराए हुए राजा को अपने पवित्र पर्वत सिय्योन की राजगद्दी पर बैठा चुका हूं।
मैं उस वचन का प्रचार करूंगा: जो यहोवा ने मुझ से कहा, तू मेरा पुत्र है, आज तू मुझ से उत्पन्न हुआ।
मुझ से मांग, और मैं जाति जाति के लोगों को तेरी सम्पत्ति होने के लिये, और दूर दूर के देशों को तेरी निज भूमि बनने के लिये दे दूंगा।
तू उन्हें लोहे के डण्डे से टुकड़े टुकड़े करेगा। तू कुम्हार के बर्तन की नाईं उन्हें चकना चूर कर डालेगा।
इसलिये अब, हे राजाओं, बुद्धिमान बनो, हे पृथ्वी के न्यायियों, यह उपदेश ग्रहण करो।
डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और कांपते हुए मगन हो।
पुत्र को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे, और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ; क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है। धन्य हैं वे जिनका भरोसा उस पर है।

एक साल में बाइबल:
  • उत्पत्ति ४९-५०
  • मत्ती १३:३१-५८

बुधवार, 24 नवंबर 2010

सेवा करने के लिये बुलाये गये

जब जॉर्ज बुश राष्ट्रपति थे तो एक धन्यवादि पर्व के दिन अचानक वह विदेशों में स्थित अमरीकी सैनिकों के पास पहुंचे और उन्हें भोजन परोसने में भाग लिया। एक प्रेस रिपोर्टर ने टिप्पणी करी कि शायद कुछ सैनिक उस भोजन को निशानी के रूप में बचा कर रख लेंगें, क्योंकि राष्ट्रपति द्वारा परोसा गया भोजन रोज़ रोज़ तो नहीं मिलता।

संसार भर में, सभी निर्वाचित अफसर और नेता, जनता के ’सेवक’ होने के लिये नियुक्त हैं, इसलिये राष्ट्रपति के इस काम के लिये इतना अचंभित होने का कारण क्यों हुआ? क्योंकि चाहे कुछ वास्तव में सेवक बन कर कार्य करने वाले हों, अधिकांशतः तो सेवा लेने वाले ही होते हैं। वे ’सेवक’ केवल अपनी स्वार्थसिद्धी के लिये ही बनते हैं।

जब प्रभु यीशु मसीह अपने चेलों को प्रक्षिशित कर रहे थे तो उनके चेलों में बड़े बनने की होड़ हुई। तब प्रभु ने मसीही सेवक होने का अर्थ चेलों को स्वयं अपने जीवन और उद्देश्य के उदाहरण द्वारा समझाया: "और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं। पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने। और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने। क्‍योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।" (मरकुस १०:४२-४५)

सच्चा मसीही और अच्छा अगुवा, सेवा लेना नहीं वरन पहले स्वयं दीन होकर सेवा करने वाला होता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


अच्छा सेवक ही अच्छा अगुवा भी होता है।

क्‍योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे - मरकुस १०:४५


बाइबल पाठ: मरकुस १०:३५-४५

तब जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना ने उसके पास आकर कहा, हे गुरू, हम चाहते हैं, कि जो कुछ हम तुझ से मांगे, वही तू हमारे लिये करे।
उस ने उन से कहा, तुम क्‍या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये करूं?
उन्‍होंने उस से कहा, कि हमें यह दे, कि तेरी महिमा में हम में से एक तेरे दाहिने और दूसरा तेरे बांए बैठे।
यीशु न उन से कहा, तुम नहीं जानते, कि क्‍या मांगते हो; जो कटोरा मैं पीने पर हूं, क्‍या पी सकते हो? और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, क्‍या ले सकते हो?
उन्‍होंने उस से कहा, हम से हो सकता है: यीशु ने उन से कहा: जो कटोरा मैं पीने पर हूं, तुम पीओंगे, और जो बपतिस्मा मैं लेने पर हूं, उसे लोगे।
पर जिन के लिये तैयार किया गया है, उन्‍हें छोड़ और किसी को अपने दाहिने और अपने बाएं बैठाना मेरा काम नहीं।
यह सुन कर दसों याकूब और यूहन्ना पर रिसयाने लगे।
और यीशु ने उन को पास बुला कर उन से कहा, तुम जानते हो, कि जो अन्यजातियों के हाकिम समझे जाते हैं, वे उन पर प्रभुता करते हैं और उन में जो बड़ें हैं, उन पर अधिकार जताते हैं।
पर तुम में ऐसा नहीं है, वरन जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे वह तुम्हारा सेवक बने।
और जो कोई तुम में प्रधान होना चाहे, वह सब का दास बने।
क्‍योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे।

एक साल में बाइबल:
यहेजेकेल २२, २३
१ पतरस १