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शनिवार, 26 जून 2021

सदगुण

 

          एक विश्वासी महिला के अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने के बाद मेरा हृदय भारी है। उसका जीवन विलक्षण तो नहीं था; उसके चर्च, पड़ौस, और मित्रों के अतिरिक्त उसे जानने वाले कोई अधिक लोग नहीं थे। लेकिन वे प्रेम करती थी – प्रभु यीशु, अपने सात बच्चों, और पच्चीस नाती-पोतों से। वह बड़ी सरलता से हंसती थी,उदारता पूर्वक सेवा करती थी, तथा औरों के मन में शीघ्र ही स्थान बना लेती थी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक की पुस्तक में लिखा है, जेवनार के घर जाने से शोक ही के घर जाना उत्तम है; क्योंकि सब मनुष्यों का अन्त यही है, और जो जीवित है वह मन लगाकर इस पर सोचेगा” (7:2)। “बुद्धिमानों का मन शोक करने वालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करने वालों के घर लगा रहता है” (7:4) क्योंकि वहाँ पर हम सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात सीखते हैं। न्यू यॉर्क टाइम्स अखबार के एक संवाददाता, डेविड ब्रुक्स ने कहा है, दो प्रकार के सदगुण होते हैं: एक वे जिन्हें आप अपने जीवन के उस संक्षिप्त विवरण, जिसे आप नौकरी के आवेदन के लिए भेजते हैं, में देखना चाहते हैं; और दूसरे वे जिन्हें आप चाहते हैं कि आपके अंतिम संस्कार के समय आपके लिए कहे जाएँ। कभी-कभी ये एक-दूसरे से मेल भी खाते हैं, लेकिन बहुधा ये एक-दूसरे के साथ स्पर्धा में रहते हैं।

          जिस स्त्री के अंतिम संस्कार में मैं गया था, उसके जीवन का कोई संक्षिप्त विवरण तो नहीं था, लेकिन उसके बच्चों की गवाही थी कि वह बाइबल में नीतिवचन 31 में वर्णन की गई भक्त स्त्री का प्रतिरूप थी। उन बच्चों ने उस से ही प्रभु यीशु से प्रेम करने तथा औरों की सहायता करते रहने की प्रेरणा प्राप्त की थी। जैसा कि पौलुस ने कहा है, तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं” (1 कुरिन्थियों 11:1), उन बच्चों ने भी अंतिम संस्कार के समय उसके सदगुणों का वर्णन करते समय हमें कहा कि हम भी उस स्त्री के समान प्रभु यीशु का अनुसरण करें, जैसे कि उसने अपने बच्चों को करना सिखाया है।

          आपके अंतिम संस्कार के समय आपके बारे में क्या कहा जाएगा? आप क्या चाहेंगे कि लोग आपके लिए कहें जाए; आपके बारे में स्मरण करें? अभी भी समय है, अपने जीवन में उन सदगुणों को विकसित कर लीजिए जिन्हें आप चाहते हैं कि आपके अंतिम संस्कार के समय कहे जाएँ। प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाकर, उसे अपना जीवन समर्पित करने के द्वारा प्रभु के सद्गुण विकसित कर लीजिए। - माइक व्हिटमर

 

परमेश्वर पिता मुझ में ऐसे सद्गुण विकसित करें जो आपको महिमा दें।


क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्फल न होने देंगी। - 2 पतरस 1:8

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 7:1-6

सभोपदेशक 7:1 अच्छा नाम अनमोल इत्र से और मृत्यु का दिन जन्म के दिन से उत्तम है।

सभोपदेशक 7:2 जेवनार के घर जाने से शोक ही के घर जाना उत्तम है; क्योंकि सब मनुष्यों का अन्त यही है, और जो जीवित है वह मन लगाकर इस पर सोचेगा।

सभोपदेशक 7:3 हंसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुंह पर के शोक से मन सुधरता है।

सभोपदेशक 7:4 बुद्धिमानों का मन शोक करने वालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करने वालों के घर लगा रहता है।

सभोपदेशक 7:5 मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है।

सभोपदेशक 7:6 क्योंकि मूर्ख की हंसी हांडी के नीचे जलते हुए कांटों ही चरचराहट के समान होती है; यह भी व्यर्थ है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 5-7
  • प्रेरितों 8:1-25


बुधवार, 2 मई 2018

चमक



   एक छोटी लड़की को कौतूहल था कि संत कैसे होते हैं? एक दिन उसकी माँ उसे एक बड़े चर्च-भवन में ले गई, जिसकी खिड़कियों और दीवारों पर रंगीन काँच से बाइबल की कहानियों और लोगों के दृश्य बने हुए थे। बाहर से चमक रही धूप उन रंगीन काँच से बने दृश्यों में से होकर अन्दर आ रही थी। इस सुन्दर दृश्य को देखकर वह लड़की ऊँची आवाज़ में बोल उठी, “अब मुझे पता चल गया कि संत कैसे होते हैं; वे अपने में से रौशनी को चमकने देने वाले होते हैं!”

   हम में से कुछ विचार रख सकते हैं कि संत वे होते हैं जो सिद्ध जीवन जीते हैं, और प्रभु यीशु के समान आश्चर्यकर्म करते हैं। परन्तु जब परमेश्वर के वचन बाइबल का कोई अनुवाद ‘संत’ शब्द का प्रयोग करता है, तब वह एक ऐसे व्यक्ति के विषय कह रहा होता है जो प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा परमेश्वर का जन बना गया है। दूसरे शब्दों में, संत भी हम मसीही विश्वासियों के समान ही लोग होते हैं, जिन्हें परमेश्वर की सेवा करने की उच्च बुलाहट प्राप्त होती है, और जो भी वे करते हैं उसके द्वारा परमेश्वर के साथ अपने संबंधों को प्रतिबिंबित करते हैं। इसीलिए प्रेरित पौलुस ने अपने पाठकों के लिए प्रार्थना करी कि उनकी आँखें ज्योतिर्मय हो जाएँ जिससे वे जाने कि पवित्र लोगों में उनकी मीरास की महिमा का धन कैसा है (इफिसियों 1:18)।

   सो अब जब हम दर्पण देखते हैं, तो क्या दिखाई देता है? वहाँ हमें न तो रंगीन काँच में से चमकती हुई रौशनी दिखती है और न ही हमारे सिर के चारों ओर रौशनी की कोई गोलाकार आकृति। परन्तु यदि हम परमेश्वर द्वारा हमें दी गई बुलाहट और दायित्व को पूरा कर रहे हैं, तो हम उन लोगों के समान दिखाई देंगे, जो स्वतः ही अपने जीवनों से परमेश्वर के प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, दयालुता, कोमलता, और आत्म-संयम के सदगुणों की रौशनी को अपने जीवनों में से चमकने देते हैं। - कीला ओकोआ


संत वे होते हैं जिनमें से होकर परमेश्वर की ज्योति सँसार पर चमकती है।

और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। - इफिसियों 1:18

बाइबल पाठ: मत्ती 5:13-16
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20



शनिवार, 17 नवंबर 2012

स्वच्छ और उपयोगी


   जब हम अपने हाथों को गन्दगी और कीटाणुओं से स्वच्छ करने के लिए धोते हैं, तो क्या वास्तव में हम ही उन्हें स्वच्छ करते हैं? उत्तर हाँ और नहीं दोनो ही है। हाँ इसलिए क्योंकि यह हमारे निर्णय, हमारे प्रयास और हमारी इच्छा से होता है, और नहीं इसलिए क्योंकि स्वच्छ करने का वास्तविक कार्य तो वह साबुन और पानी करते हैं जिनका हम प्रयोग करते हैं; हमारा निर्णय, प्रयास और इच्छा तो उन स्वच्छ करने में सक्षम माध्यमों को कार्यकारी होने देता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पुलुस ने तिमुथियुस को अपनी दूसरी पत्री में लिखा: "यदि कोई अपने आप को इन से शुद्ध करेगा, तो वह आदर का बरतन, और पवित्र ठहरेगा; और स्‍वामी के काम आएगा, और हर भले काम के लिये तैयार होगा" (२ तिमुथियुस २:२१); पौलुस के कहने का तात्पर्य यह नहीं था कि हमारे पास अपने आप को पापों से शुद्ध करने की क्षमता है, वरन यह कि हम स्वेच्छा से अपने आप को उस माध्यम को समर्पित करें जो हमें पापों से शुद्ध करने और हमें परमेश्वर की दृष्टी में धर्मी कर देने में सक्षम है - अर्थात प्रभु यीशु मसीह को। इसी संदर्भ में, अपनी एक और पत्री में, पौलुस ने लिखा, "और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है" (फिलिप्पियों ३:९)।

   जब हम प्रभु यीशु मसीह को ग्रहण करते हैं तो उसकी मृत्यु और पुनरुत्थान हमें पाप के दण्ड और हमें बान्ध कर रखने वाली पाप की शक्ति से मुक्त कर देते हैं। यदि हम फिर कभी पाप में पड़ें भी, तब भी यह पुनः स्वच्छ हो पाने की सुविधा हमें प्रभु यीशु में उपलब्ध रहती है: "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (१ यूहन्ना १:९)।

   पाप और उसके दुष्परिणामों से मिली यह अद्भुत स्वतंत्रता हमें जवानी की अभिलाषाओं से मुँह मोड़ने तथा धार्मिकता अर्थात सही व्यवहार, विश्वास अर्थात सही आधार, प्रेम अर्थात सही प्रत्युत्तर और मेल-मिलाप अर्थात सही उद्देश्य जैसे सद्गुणों के पीछे बढ़ने में सक्षम करती है। जब हम अपने निर्णय, प्रयास और इच्छा से अपने आप को प्रभु यीशु को समर्पित करते हैं और उसके आत्मा को अपने अन्दर कार्य करने देते हैं तो वह हमें स्वच्छ और परमेश्वर के लिए उपयोगी बनाता है।

   क्या आप स्वच्छ और परमेश्वर के लिए उपयोगी होने को तैयार हैं? - एलबर्ट ली


सही सोच ही जीवन को सही रीति से जीने का मार्गदर्शन करती है।

जवानी की अभिलाषाओं से भाग; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल-मिलाप का पीछा कर। - २ तिमुथियुस २:२२

बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस २:२०-२६
2Ti 2:20  बड़े घर में न केवल सोने-चान्‍दी ही के, पर काठ और मिट्टी के बरतन भी होते हैं; कोई कोई आदर, और कोई कोई अनादर के लिये। 
2Ti 2:21  यदि कोई अपने आप को इन से शुद्ध करेगा, तो वह आदर का बरतन, और पवित्र ठहरेगा; और स्‍वामी के काम आएगा, और हर भले काम के लिये तैयार होगा। 
2Ti 2:22   जवानी की अभिलाषाओं से भाग; और जो शुद्ध मन से प्रभु का नाम लेते हैं, उन के साथ धर्म, और विश्वास, और प्रेम, और मेल-मिलाप का पीछा कर। 
2Ti 2:23  पर मूर्खता, और अविद्या के विवादों से अलग रह; क्‍योंकि तू जानता है, कि उन से झगड़े होते हैं। 
2Ti 2:24   और प्रभु के दास को झगड़ालू होना न चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो। 
2Ti 2:25  और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्‍या जाने परमेश्वर उन्‍हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें। 
2Ti 2:26  और इस के द्वारा उस की इच्‍छा पूरी करने के लिये सचेत होकर शैतान के फंदे से छूट जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ५-७ 
  • इब्रानियों १२