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बुधवार, 2 मई 2018

चमक



   एक छोटी लड़की को कौतूहल था कि संत कैसे होते हैं? एक दिन उसकी माँ उसे एक बड़े चर्च-भवन में ले गई, जिसकी खिड़कियों और दीवारों पर रंगीन काँच से बाइबल की कहानियों और लोगों के दृश्य बने हुए थे। बाहर से चमक रही धूप उन रंगीन काँच से बने दृश्यों में से होकर अन्दर आ रही थी। इस सुन्दर दृश्य को देखकर वह लड़की ऊँची आवाज़ में बोल उठी, “अब मुझे पता चल गया कि संत कैसे होते हैं; वे अपने में से रौशनी को चमकने देने वाले होते हैं!”

   हम में से कुछ विचार रख सकते हैं कि संत वे होते हैं जो सिद्ध जीवन जीते हैं, और प्रभु यीशु के समान आश्चर्यकर्म करते हैं। परन्तु जब परमेश्वर के वचन बाइबल का कोई अनुवाद ‘संत’ शब्द का प्रयोग करता है, तब वह एक ऐसे व्यक्ति के विषय कह रहा होता है जो प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा परमेश्वर का जन बना गया है। दूसरे शब्दों में, संत भी हम मसीही विश्वासियों के समान ही लोग होते हैं, जिन्हें परमेश्वर की सेवा करने की उच्च बुलाहट प्राप्त होती है, और जो भी वे करते हैं उसके द्वारा परमेश्वर के साथ अपने संबंधों को प्रतिबिंबित करते हैं। इसीलिए प्रेरित पौलुस ने अपने पाठकों के लिए प्रार्थना करी कि उनकी आँखें ज्योतिर्मय हो जाएँ जिससे वे जाने कि पवित्र लोगों में उनकी मीरास की महिमा का धन कैसा है (इफिसियों 1:18)।

   सो अब जब हम दर्पण देखते हैं, तो क्या दिखाई देता है? वहाँ हमें न तो रंगीन काँच में से चमकती हुई रौशनी दिखती है और न ही हमारे सिर के चारों ओर रौशनी की कोई गोलाकार आकृति। परन्तु यदि हम परमेश्वर द्वारा हमें दी गई बुलाहट और दायित्व को पूरा कर रहे हैं, तो हम उन लोगों के समान दिखाई देंगे, जो स्वतः ही अपने जीवनों से परमेश्वर के प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, दयालुता, कोमलता, और आत्म-संयम के सदगुणों की रौशनी को अपने जीवनों में से चमकने देते हैं। - कीला ओकोआ


संत वे होते हैं जिनमें से होकर परमेश्वर की ज्योति सँसार पर चमकती है।

और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्र लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है। - इफिसियों 1:18

बाइबल पाठ: मत्ती 5:13-16
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए।
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता।
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है।
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 12-13
  • लूका 22:1-20



सोमवार, 21 दिसंबर 2015

उजियाला


   कला के इतिहासकार सेमोर स्लाइव ने हॉलेन्ड के महान कलाकार रेमब्रान्ट को उजियाले और परछाईयों के प्रयोग से अपनी चित्रकला के द्वारा कहानी सुनाने में ऐसा दक्ष कलाकार बताया है जो आपको अपनी रचना से मोह कर उसके साथ बाँध ले। रेम्ब्रान्ट का बनाया हुआ एक चित्र जिसका शीर्षक है ’The Adoration of the Shepherds' प्रभु यीशु के जन्म की घटनाओं पर आधारित है। इस चित्र में बेतलहेम की वह गौशाला दिखाई गई है जिसमें प्रभु यीशु का जन्म हुआ। चित्र में हम चरनी के निकट, जिसमें शिशु यीशु को रखा गया था, दो चरवाहों को घुटने टेके बैठा हुआ देखते हैं जबकि अन्य लोग दूर पीछे को खड़े हैं। एक के हाथ में लालटेन है, परन्तु सबसे अधिक रौशनी उसकी लालटेन से नहीं वरन शिशु यीशु से आ रही है और जो यीशु के निकट हैं उन्हें रौशन कर रही है।

   प्रभु यीशु के जन्म से सात शताब्दी पूर्व परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता यशायाह ने उजियाले और अन्धकार का उपयोग करके आने वाले मुक्तिदाता प्रभु यीशु के संबंध में भविष्यवाणी करी जो परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह की पुस्तक में लिखी मिलती है: "जो लोग अन्धियारे में चल रहे थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा; और जो लोग घोर अन्धकार से भरे हुए मृत्यु के देश में रहते थे, उन पर ज्योति चमकी।...क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा" (यशायाह 9:2, 6)।

   रेम्ब्रान्ट के उस चित्र को देखने वाला प्रत्येक व्यक्ति उसमें कोई भिन्न कहानी देख सकता है, लेकिन हम में से हर एक का प्रतिरूप उस चित्र में विद्यमान है - हम यीशु के निकट और उसके समक्ष घुटने टेके हुए हो सकते हैं या पीछे परछाईयों में संकोच के अन्धेरों में छिपे खड़े हो सकते हैं, या उसके सब कुछ रौशन कर देने वाले उजियाले के होते हुए भी अपना ही कोई फीका सा उजियाला लेकर उसके सामने खड़े रहने वाले हो सकते हैं; यह हमारे अपने देखने और जाँचने की बात है कि प्रभु यीशु और उसके उजियाले के सामने हम कैसे हैं!

   क्रिसमस का समय हमें अवसर देता है कि हम अपने आप को जाँचें और अपने अन्धकार से निकल कर जीवन के उजियाले में खड़े हों, प्रभु यीशु के उजियाले को अपने हृदयों में चमकने दें, अपने आप को उसे समर्पित कर दें। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु में लाया गया विश्वास अन्धकार में लगाई छलाँग नहीं वरन अन्धियारे से उजियाले में कदम बढ़ाना है।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: यशायाह 9:1-7
Isaiah 9:1 तौभी संकट-भरा अन्धकार जाता रहेगा। पहिले तो उसने जबूलून और नप्ताली के देशों का अपमान किया, परन्तु अन्तिम दिनों में ताल की ओर यरदन के पार की अन्यजातियों के गलील को महिमा देगा। 
Isaiah 9:2 जो लोग अन्धियारे में चल रहे थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा; और जो लोग घोर अन्धकार से भरे हुए मृत्यु के देश में रहते थे, उन पर ज्योति चमकी। 
Isaiah 9:3 तू ने जाति को बढ़ाया, तू ने उसको बहुत आनन्द दिया; वे तेरे साम्हने कटनी के समय का सा आनन्द करते हैं, और ऐसे मगन हैं जैसे लोग लूट बांटने के समय मगन रहते हैं। 
Isaiah 9:4 क्योंकि तू ने उसकी गर्दन पर के भारी जूए और उसके बहंगे के बांस, उस पर अंधेर करने वाले की लाठी, इन सभों को ऐसा तोड़ दिया है जेसे मिद्यानियों के दिन में किया था। 
Isaiah 9:5 क्योंकि युद्ध में लड़ने वाले सिपाहियों के जूते और लोहू में लथड़े हुए कपड़े सब आग का कौर हो जाएंगे। 
Isaiah 9:6 क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। 
Isaiah 9:7 उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा, इसलिये वे उसको दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा। सेनाओं के यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 4-5
  • प्रकाशितवाक्य 12


सोमवार, 21 मार्च 2011

परमेश्वर का मार्गदर्शन

यदि कभी आप ने लालटेन की रौशनी में रात के अंधियारे में यात्रा करी है तो आप समझ सकते हैं कि लालटेन की रौशनी केवल अगला कदम देखकर रखने तक का ही प्रकाश देती है। लेकिन जब आप वह कदम उठा लेते हैं तो वही प्रकाश फिर उससे अगला कदम रखने का स्थान दिखा देता है। और इसी प्रकार जब आप आगे बढ़ते रहते हैं तो कदम-कदम करके आप का पूरा मार्ग रौशन होता जाता है।

अनेक मसीही विश्वासी, जो लम्बे समय से परमेश्वर के साथ चलते रहे हैं, अपने अनुभव से बताते हैं कि परमेश्वर भी इसी प्रकार कदम कदम करके उन्हें मार्ग दिखाता रहा है और चलाता रहा है, और वे इसी प्रकार अपनी मंजिल तक पहुंचने के पूर्ण्तः आश्वस्त भी हैं। लेकिन कुछ मसीही यात्री अपने सफर की अनिश्चितताओं के अन्धकार से परेशान हो जाते हैं। संभावित खतरों, मार्ग की बाधाओं और मार्ग में हो सकने वाले ठोकर के कारणों से विचिलित होकर वे प्रभु में अपनी सुरक्षा और शांति का आनन्द नहीं उठा पाते।

नीतिवचन के लेखक ने लिखा " तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वे तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।" (नीतिवचन ३:५,६) और दाऊद ने परमेश्वर की यह प्रतिज्ञा बताई "मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा।" (भजन ३२:८)

जब हम आने वाले कल के लिए परेशान होने की बजाए अपने आज के लिए परमेश्वर पर भरोसा करना सीख लेते हैं तो अपने जीवन के हर कदम के लिए परमेश्वर के मार्गदर्शन और अनुग्रह को भी अनुभव करने लगते हैं। जितना परमेश्वर हमें दिखाता है, उससे आगे देखने की चिंता करने की हमें आवश्यक्ता नहीं है। जब हम उसके मार्गदर्शन में चलते हैं तो हर कदम के लिए हमारे पास उसकी ज्योति बनी रहती है।

परमेश्वर के मार्गदर्शन में चलना एक अद्भुत अनुभव है। - रिचर्ड डी हॉन


परमेश्वर के सत्य की लालटेन को दृढ़ता से थामे रहें और वह आपका सही मार्ग रौशन करती रहेगी।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन ११९:१०५


बाइबल पाठ: भजन ११९:१०५-११२

Psa 119:105 तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।
Psa 119:106 मैं ने शपथ खाई, और ठाना भी है कि मैं तेरे धर्ममय नियमों के अनुसार चलूंगा।
Psa 119:107 मैं अत्यन्त दु:ख में पड़ा हूं, हे यहोवा, अपने वचन के अनुसार मुझे जिला।
Psa 119:108 हे यहोवा, मेरे वचनों को स्वेच्छाबलि जान कर ग्रहण कर, और अपने नियमों को मुझे सिखा।
Psa 119:109 मेरा प्राण निरन्तर मेरी हथेली पर रहता है, तौभी मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।
Psa 119:110 दुष्टों ने मेरे लिये फन्दा लगाया है, परन्तु मैं तेरे उपदेशों के मार्ग से नहीं भटका।
Psa 119:111 मैं ने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भाग कर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण है।
Psa 119:112 मैं ने अपने मन को इस बात पर लगाया है, कि अन्त तक तेरी विधियों पर सदा चलता रहूं।

एक साल में बाइबल:
  • यहोशू ७-९
  • लूका १:२१-३८