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रविवार, 21 अगस्त 2011

प्रतीक्षा में समय लगता है

हमारी सदी "तुरंत" की सदी है। हमें प्रत्येक चीज़ तुरंत चाहिए। हमने तुरंत तैयार होने वाले भोजन और पेय बना लिए हैं; किसी से भी, चाहे वह जन किसी सुदूर स्थान पर ही हो, तुरंत बात कर सकने की क्षमता उपलब्ध कर ली है। हमें हर बात में हर नतीजा तुरंत ही चाहिए, चाहे वह शारीरिक इलाज हो या आत्मिक उन्नति। संभवतः इसीलिए हम परमेश्वर के साथ धीरज से बैठने को भूल चुके हैं और हम अपनी तुरंत आत्मिक बढ़ोतरी चाहते हैं। लेकिन परिपक्वता समय के साथ ही आती है, उसके लिए कोई तुरंत कारगर उपाय नहीं है, जो हमें सारे अनुभव एक साथ ही दे सके।

एक पादरी ने एक गृहणी के बारे में बताया जो उसके पास अपनी गंभीर पारिवारिक समस्या ले कर सलाह के लिए आई थी। पादरी ने उसे उत्तर दिया, "तुम्हारे पास दो रास्ते खुले हैं। एक तो है कि तुम बात को अपने हाथ में ले लो और अपनी समझ के अनुसार निर्णय कर लो; लेकिन इसका नतीज होगा तुम्हारा टूटा परिवार। दूसरा मार्ग परमेश्वर का मार्ग है; बात को उसके हाथ में छोड़ दो, उसके समय की प्रतीक्षा करो। ऐसा करने में तुम्हारा धीरज अवश्य ही गंभीरता से परखा तो जाएगा लेकिन अन्त में तुम्हें एक स्थिर और संतोषजनक उत्तम परिणाम भी मिलेगा।" वह गृहणी पादरी की बात समझ गई, उसकी बात को स्वीकार कर के मान लिया और वह अपनी समस्या परमेश्वर के हाथ में सौंप कर विश्वासयोग्यता से परमेश्वर के समय की प्रतीक्षा करने लगी। धीरे धीरे उसने देखा कि परमेश्वर उसके घर की परिस्थितियों को बदलता जा रहा है, और उसका विश्वास भी बढ़ता गया, और अन्ततः उसने अपनी स्मस्याओं का स्थिर और संतोषजनक उत्तम हल पा लिया।

धीरज धरने का अर्थ चुपचाप बैठ कर प्रतीक्षा करना नहीं है, लेकिन हर परिस्थिति में परमेश्वर पर विश्वास रख कर उसके वचन और आज्ञानुसार अपने को चलाते रहना है; जो कई दफा आसान नहीं होता, और ऐसा करने में बहुत इच्छाशक्ति की सामर्थ चाहिए होती है।

जब विकराल समस्याओं से सामना हो और घबराहट हावी होने लगे तो स्मरण रखें कि हमारा स्वर्गीय पिता उनके पक्ष में कार्य करता है जो उसकी प्रतीक्षा करते हैं; "क्योंकि प्राचीनकाल ही से तुझे छोड़ कोई और ऐसा परमेश्वर न तो कभी देखा गया और न काल से उसकी चर्चा सुनी गई जो अपनी बाट जोहने वालों के लिये काम करे" - यशायाह ६४:४। - पौल वैन गोर्डर


लगातर संयम द्वारा ही हम विजयी होते हैं।

हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है। - भजन ६२:५


बाइबल पाठ: भजन ६२

Psa 62:1 सचमुच मैं चुपचाप होकर परमेरश्वर की ओर मन लगाए हूं; मेरा उद्धार उसी से होता है।
Psa 62:2 सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; मैं बहुत न डिगूंगा।
Psa 62:3 तुम कब तक एक पुरूष पर धावा करते रहोगे, कि सब मिल कर उसका घात करो? वह तो झुकी हुई भीत वा गिरते हुए बाड़े के समान है।
Psa 62:4 सचमुच वे उसको, उसके ऊंचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुंह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं।
Psa 62:5 हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है।
Psa 62:6 सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा।
Psa 62:7 मेरा उद्धार और मेरी महिमा का आधार परमेश्वर है; मेरी दृढ़ चट्टान, और मेरा शरणस्थान परमेश्वर है।
Psa 62:8 हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोल कर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।
Psa 62:9 सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
Psa 62:10 अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।
Psa 62:11 परमेश्वर ने एक बार कहा है और दो बार मैं ने यह सुना है: कि सामर्थ्य परमेश्वर का है।
Psa 62:12 और हे प्रभु, करूणा भी तेरी है। क्योंकि तू एक एक जन को उसके काम के अनुसार फल देता है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १०७-१०९
  • १ कुरिन्थियों ४

शनिवार, 20 अगस्त 2011

धीरज का प्रतिफल

मेरी एक मित्र के लिए अपने अस्पताल में इलाज के लिये भरती रहने के समय को काटना भारी हो रहा था। वह मसीही विश्वासिनी थी और उसे लग रहा था कि उस के बीते दिनों के कोई पाप क्षमा होने के लायक नहीं थे इसलिए उसे दण्ड भोगना पड़ रहा है। मैंने उसे समझाया और विश्वास दिलाया कि जिस क्षण उसने परमेश्वर के आगे अपने पाप मान लिए, उसी क्षण परमेश्वर ने उन्हें क्षमा भी कर दिया। लेकिन फिर भी उसे शरीर और मन की शांति प्राप्त होने की प्रतीक्षा भारी पड़ रही थी।

परमेश्वर के वचन में हबक्कूक नबी भी परेशान और अधीर था। पहले उसने परमेश्वर से इस्त्राएलियों के पापों की शिकायत करी (हबाक्कूक १:२-४); परमेश्वर ने उसे उत्तर दिया कि वह कसदी जाति के लोगों के द्वारा इस्त्राएलियों पर भारी दण्ड लाने पर है। अब नबी ने एक और समस्या उठाई - कसदी तो इस्त्राएल से भी अधिक बुरे और निर्दयी थे (हबाक्कूक १:१२-१७)। लेकिन चाहे हबक्कूक नबी परेशान था, तो भी उसने परमेश्वर के प्रति अपनी श्रद्धा को छोड़ा नहीं, उसने जल्दबाज़ी में कुछ नहीं किया; उसने परमेश्वर का बात को समझाने और स्पष्ट करने की प्रतीक्षा करी। जब परमेश्वर ने फिर हबक्कूक से बात करी तो उसे आश्वस्त किया कि वह उसे सारे उत्तर देगा। परमेश्वर ने उसे कहा कि वह परमेश्वर की बात को शीघ्रता के साथ समस्त इस्त्राएल में बता दे; लेकिन साथ ही यह भी कहा कि सभी गलतियों को सुधरता देखने में उसे कुछ समय लगेगा। उत्तर पाने में यह विलंब हबक्कूक के लिए बड़ा कठिन अनुभव था, लेकिन परमेश्वर का उत्तर अवश्य आया और बिलकुल सही समय पर आया।

जब हम परमेश्वर के किसी कार्य को होते देखना चाहते हैं तो हमें सब बातों को उस के हाथों में सौंप कर बस अपने धीरज और विश्वास को बनाए रखना अनिवार्य है। परमेश्वर अपने समय और अपने तरीके से हमारे धीरज का प्रतिफल अवश्य देगा। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


धीरज वह उत्तम सदगुण है जो हर बात के लिए परमेश्वर के समय की प्रतीक्षा करता है।

परन्तु वे झट उस के कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे। - भजन १०६:१३

बाइबल पाठ: हबक्कूक १:१२-२:४

Hab 1:12 हे मेरे प्रभु यहोवा, हे मेरे पवित्र परमेश्वर, क्या तू अनादि काल से नहीं है? इस कारण हम लोग नहीं मरने के। हे यहोवा, तू ने उनको न्याय करने के लिये ठहराया है; हे चट्टान, तू ने उलाहना देने के लिये उनको बैठाया है।
Hab 1:13 तेरी आंखें ऐसी शुद्ध हैं कि तू बुराई को देख ही नहीं सकता, और उत्पात को देख कर चुप नहीं रह सकता; फिर तू विश्वासघातियों को क्यों देखता रहता, और जब दुष्ट निर्दोष को निगल जाता है, तब तू क्यों चुप रहता है?
Hab 1:14 तू क्यों मनुष्यों को समुद्र की मछलियों के समान और उन रेंगने वाले जन्तुओं के समान बनाता है जिन पर कोई शासन करने वाला नहीं है।
Hab 1:15 वह उन सब मनुष्यों को बन्सी से पकड़ कर उठा लेता और जाल में घसीटता और महाजाल में फंसा लेता है; इस कारण वह आनन्दित और मगन है।
Hab 1:16 इसीलिये वह अपने जाल के साम्हने बलि चढ़ाता और अपने महाजाल के आगे धूप जलाता है क्योंकि इन्हीं के द्वारा उसका भाग पुष्ट होता, और उसका भोजन चिकना होता है।
Hab 1:17 परन्तु क्या वह जाल को खाली करने और जाति जाति के लोगों को लगातार निर्दयता से घात करने से हाथ न रोकेगा?
Hab 2:1 मैं अपने पहरे पर खड़ा रहूंगा, और गुम्मट पर चढ़ कर ठहरा रहूंगा, और ताकता रहूंगा कि मुझ से वह क्या कहेगा; और मैं अपने दिए हुए उलाहने के विषय में उत्तर दूं;
Hab 2:2 यहोवा ने मुझ से कहा, दर्शन की बातें लिख दे वरन पटियाओं पर साफ साफ लिख दे कि दौड़ते हुए भी वे सहज से पढ़ी जाएं।
Hab 2:3 क्योंकि इस दर्शन की बात नियत समय में पूरी होने वाली है, वरन इसके पूरे होने का समय वेग से आता है; इस में धोखा न होगा। चाहे इस में विलम्ब भी हो, तौभी उसकी बाट जाहते रहना क्योंकि वह निश्चय पूरी होगी और उस में देर न होगी।
Hab 2:4 देख, उसका मन फूला हुआ है, उसका मन सीधा नहीं है परन्तु धर्मी जन अपने विश्वास के द्वारा जीवित रहेगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १०५-१०६
  • १ कुरिन्थियों ३

शुक्रवार, 19 अगस्त 2011

नतीजे परमेश्वर पर छोड़ दें

एक इतवार प्रातः की बात है, स्कौटलैंड का एक चर्च अधिकारी एक बुज़ुर्ग पादरी को उलाहना दे रहा था; अधिकारी ने पादरी से कहा, "आपके प्रचार और कार्य में अवश्य कोई कमी होगी तभी इस पूरे साल में केवल एक नया व्यक्ति चर्च से जुड़ा है, और वह भी एक लड़का ही है।"

उस दिन, जब वह इतवार का संदेश देने के लिए चर्च में खड़ा हुआ तो उस पादरी का हृदय भारी था। अपना सन्देश समाप्त करने के समय तक उसे लगने लगा था कि अब उसे अपना इस्तिफा सौंप देना चाहिए। चर्च के बाद जब सब लोग जा चुके थे तब वह नया लड़का उस बुज़ुर्ग पादरी के पास आया और उससे पूछा, "महोदय क्या आप को लगता है कि यदि मैं मेहनत से काम करूँ तो अपनी पढ़ाई लिखाई पूरी कर के मैं भी पादरी बन सकूँगा, शायद मिशनरी प्रचारक भी?" उस पादरी की आँखें भर आईं, और वह बोला, "रौबर्ट, मैं अब स्वर्गीय हाथ को काम करते देखता हूँ। मेरे बच्चे, परमेश्वर तुम्हें आशीष दे। हाँ, मुझे लगता है कि अवश्य ही तुम एक मिशनरी प्रचारक बनोगे।"

बहुत वर्ष बीत गए, और अफ्रीका के जंगलों में सेवकाई के पश्चात एक मिशनरी प्रचारक लण्डन शहर वापस लौटा। लोग बड़े आदर से उसका नाम लेते थे। उसके कार्य से बहुत से लोगों ने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह को अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता ग्रहण किया था। वह अफ्रीका के कुछ बहुत खूंखार कबीलों और उनके प्रधानों तक पहुँच सका था और प्रभु यीशु का सन्देश उन तक पहुँचा सका था, उन्हें प्रभु के निकट ला सका था। इस मिशनरी प्रचारक का नाम था रौबर्ट मौफट, वही रौबर्ट जो जब लड़का ही था तो बुज़ुर्ग पादरी से उस इतवार प्रातः मिशनरी प्रचारक बनने के बारे में बात कर रहा था।

कभी हमें मसीह के लिए हमारा परिश्रम व्यर्थ लगता है, क्योंकि हमें कोई नतीजे दिखाई नहीं देते; हम सोचने लगते हैं कि क्या कुछ प्रभावी हो भी रहा है कि नहीं? याकूब कहता है कि, "सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्‍तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है (याकूब ५:१७)।"

यदि हम विश्वासयोग्यता से परमेश्वर द्वारा निर्धारित अपना कार्य करते रहेंगे तो उचित समय पर परमेश्वर नतीजे भी देगा। - डेनिस डी हॉन


परमेश्वर हमसे विश्वासयोग्यता माँगता है और विश्वासयोग्यता के प्रतिफल स्वरूप सफलता देता है।

अपुल्लोस क्‍या है और पौलुस क्‍या? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्‍तु परमेश्वर ने बढ़ाया। इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्‍तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। - १ कुरिन्थियों ३:५-७



बाइबल पाठ: याकूब ५:७-११

Jas 5:7 सो हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धीरज धरो, देखो, गृहस्थ पृथ्वी के बहुमूल्य फल की आशा रखता हुआ प्रथम और अन्‍तिम वर्षा होने तक धीरज धरता है।
Jas 5:8 तुम भी धीरज धरो, और अपने ह्रृदय को दृढ़ करो, क्‍योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है।
Jas 5:9 हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, हाकिम द्वार पर खड़ा है।
Jas 5:10 हे भाइयो, जिन भविष्यद्वक्ताओं ने प्रभु के नाम से बातें की, उन्‍हें दुख उठाने और धीरज धरने का एक आदर्श समझो।
Jas 5:11 देखो, हम धीरज धरने वालों को धन्य कहते हैं: तुम ने अय्युब के धीरज के विषय में तो सुना ही है, और प्रभु की ओर से जो उसका प्रतिफल हुआ उसे भी जान लिया है, जिस से प्रभु की अत्यन्‍त करूणा और दया प्रगट होती है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १०३-१०४
  • १ कुरिन्थियों २

गुरुवार, 18 अगस्त 2011

विश्वासयोग्यता और प्रतिफल

मिशनरी प्रचारकों की एक सभा में मिशनरी प्रचारक जौन विलियम्स ने New Hebrides द्वीप समूह में अपने प्रचार कार्य के विवरण और उसके परिणामों के द्वारा श्रोताओं को बहुत प्रभावित कर मन्त्रमुग्ध कर दिया। उनके बाद एक और प्रचारक को अपने कार्य के बारे में बताने को कहा गया; उस प्रचारक ने बड़ी नम्र और कंपकंपाती आवाज़ में कहा, "मेरे पास श्रीमन विलियम के समान आपको प्रभावित कर पाने वाले कोई अद्भुत विवरण नहीं है। मैं बहुत सालों से एक दूर देश में प्रभु की सेवा कर रहा हूँ, और मैंने बहुत कम सफलता देखी है। लेकिन मुझे यह सन्तोष है कि जब हमारा प्रभु आएगा और अपने सेवकों से हिसाब लेगा, तो प्रतिफल देते समय यह नहीं कहेगा, ’धन्य हे अच्छे और सफल दास’, वरन वह कहेगा कि ’धन्य हे अच्छे और विश्वासयोग्य दास’ ।"

मत्ती २५ अध्याय से हम सीखते हैं कि हमारे वरदान असमान भी हों तौ भी यदि हम उन्हें विश्वासयोग्यता से प्रभु के लिए प्रयोग करेंगे तो समान प्रतिफल पाएंगे। प्रभु द्वारा कहे गए इस दृष्टांत में जो ’तोड़े’ स्वामी ने अपने दासों को दिये, वे प्रभु द्वारा अपने सेवकों को दिये गए कार्यों की पूर्ति के लिए उन्हें दी गई योग्यताएं हैं। प्रभु के आगमन और हिसाब लिए जाने के समय महत्व इस बात का नहीं होगा कि किसने कितना ’कमाया’ लेकिन इस बात का होगा कि किसने कितनी विश्वासयोग्यता और कितनी मेहनत के साथ अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करी, उसकी मेहनत का स्तर क्या था।

ऐलेक्ज़ैन्डर मैकलैरन ने लिखा कि "जो रौशनी एक सूई के छेद से छन कर आती है वही रौशनी चौड़ी खिड़की से भी अन्दर आती है।" प्रभु अपने सेवकों को भिन्न भिन्न ज़िम्मेदारियाँ देता है; ज़िम्मेदारी के बड़े या छोटे होने से हमारे प्रतिफलों पर असर नहीं पड़ता, प्रभाव इस बात का है कि हम ने उन ज़िम्मेदारियों का निर्वाह कितनी विश्वासयोग्यता से किया। महान, कठिन और बड़े कार्य लोगों को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन परमेश्वर की दृष्टि में विश्वासयोग्यता से किया गया छोटा सा कार्य भी बड़े प्रतिफल का उतना ही हकदार है। - डेनिस डी हॉन


विश्वासयोग्यता से किया गया प्रत्येक कार्य प्रभु से समान प्रशंसा पाएगा।

उसके स्‍वामी ने उससे कहा, धन्य है अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा; मैं तुझे बहुत वस्‍तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्‍वामी के आनन्‍द में सम्भागी हो। - मत्ती २५:२१


बाइबल पाठ: मत्ती २५:१४-३०

Mat 25:14 क्‍योंकि यह उस मनुष्य की सी दशा है जिस ने परदेश को जाते समय अपने दासों को बुला कर, अपनी संपत्ति उन को सौंप दी।
Mat 25:15 उस ने एक को पांच तोड़, दूसरे को दो, और तीसरे को एक; अर्थात हर एक को उस की सामर्थ के अनुसार दिया, और तब परदेश चला गया।
Mat 25:16 तब जिस को पांच तोड़े मिले थे, उस ने तुरन्‍त जा कर उन से लेन देन किया, और पांच तोड़े और कमाए।
Mat 25:17 इसी रीति से जिस को दो मिले थे, उस ने भी दो और कमाए।
Mat 25:18 परन्‍तु जिस को एक मिला था, उस ने जा कर मिट्टी खोदी, और अपने स्‍वामी के रूपये छिपा दिए।
Mat 25:19 बहुत दिनों के बाद उन दासों का स्‍वामी आ कर उन से लेखा लेने लगा।
Mat 25:20 जिस को पांच तोड़े मिले थे, उस ने पांच तोड़े और ला कर कहा, हे स्‍वामी, तू ने मुझे पांच तोड़े सौंपे थे, देख मैं ने पांच तोड़े और कमाए हैं।
Mat 25:21 उसके स्‍वामी ने उससे कहा, धन्य हे अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा, मैं तुझे बहुत वस्‍तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्‍वामी के आनन्‍द में सम्भागी हो।
Mat 25:22 और जिस को दो तोड़े मिले थे, उस ने भी आ कर कहा, हे स्‍वामी तू ने मुझे दो तोड़े सौंपें थे, देख, मैं ने दो तोड़े और कमाएं।
Mat 25:23 उसके स्‍वामी ने उस से कहा, धन्य हे अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा, मैं तुझे बहुत वस्‍तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्‍वामी के आनन्‍द में सम्भागी हो।
Mat 25:24 तब जिस को एक तोड़ा मिला था, उस ने आ कर कहा, हे स्‍वामी, मैं तुझे जानता था, कि तू कठोर मनुष्य है, और जहां नहीं छीटता वहां से बटोरता है।
Mat 25:25 सो मैं डर गया और जा कर तेरा तोड़ा मिट्टी में छिपा दिया, देख, जो तेरा है, वह यह है।
Mat 25:26 उसके स्‍वामी ने उसे उत्तर दिया, कि हे दुष्‍ट और आलसी दास, जब यह तू जानता था, कि जहां मैं ने नहीं बोया वहां से काटता हूं; और जहां मैं ने नहीं छीटा वहां से बटोरता हूं।
Mat 25:27 तो तुझे चाहिए था, कि मेरा रूपया सर्राफों को दे देता, तब मैं आ कर अपना धन ब्याज समेत ले लेता।
Mat 25:28 इसलिये वह तोड़ा उस से ले लो, और जिस के पास दस तोड़े हैं, उस को दे दो।
Mat 25:29 क्‍योंकि जिस किसी के पास है, उसे और दिया जाएगा; और उसके पास बहुत हो जाएगा: परन्‍तु जिस के पास नहीं है, उस से वह भी जो उसके पास है, ले लिया जाएगा।
Mat 25:30 और इस निकम्मे दास को बाहर के अन्‍धेरे में डाल दो, जहां रोना और दांत पीसना होगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १००-१०२
  • १ कुरिन्थियों १

बुधवार, 17 अगस्त 2011

अन्त तक विश्वासयोग्य

सन १९८१ में एक १० कि.मी. दौड़ में एक विकलांग व्यक्ति बिल ब्रौडहौर्स्ट ने भाग लिया। इससे १० वर्ष पूर्व बिल के मस्तिष्क में रक्त-प्रवाह में उत्पन्न बाधा के कारण उसका ऑप्रेशन हुआ था जिस के कारण उसे शरीर के बाएं भाग में अधरंग हो गया था। लेकिन दौड़ की उस प्रातः वह १२०० अन्य स्वस्थ व्यक्तियों के साथ प्रतियोगिता में खड़ा हुआ था। दौड़ आरंभ करने के लिए बन्दूक की गोली दाग़ी गई और प्रतियोगियों की भीड़ आगे बढ़ निकली। बिल ने भी अपना कमज़ोर बांया पैर आगे बढ़ाया, ज़मीन पर उसे संभाला और लचकते हुए फिर अपना दायां पैर आगे बढ़ाया; और ऐसे बड़े कष्ट पूर्ण तरीके से आगे बढ़ने लगा। प्रतियोगियों की भीड़ आगे निकल कर आंखों से ओझल भी हो गई, बिल इसी तरह अपने प्रयास में लगा रहा। उसका पसीना बह रहा था, टखने में बहुत पीड़ा थी लेकिन वह रुका नहीं, और २ घंटे २९ मिनिट बाद वह दौड़ समाप्त होने के स्थान पर पहुँच पाया। जब वह वहाँ पहुंचा तो केवल थोड़े से दर्शकों ही वहाँ खड़े थे। उसके पहुँचने पर उन में से एक जन, जो लंबी दूरी की दौड़ का विख्यात प्रतियोगी - बिल रौजर्स था, आगे बढ़ा और बड़े आदर सहित बिल ब्रौडहौर्स्ट के गले में अपना जीता हुआ पदक डाला और बोला, "तुमने इसके लिए मुझ से अधिक मेहनत करी है।"

लगभग दो हज़ार वर्ष पूर्व, यीशु निस्सहाय अवस्था में क्रूस पर टंगा हुआ था, और देखने वालों को लग रहा था कि यह एक शर्मनाक हार है। लेकिन उस क्रूस पर से उसकी पुकार, "पूरा हुआ" शैतान और उसकी शक्तियों के विरुद्ध प्राप्त जय का जयनाद था, जिसकी वास्तविकता तीन दिन पश्चात प्रगट हो गई। आज उसकी खाली कब्र इस का प्रमाण है। उसने मृत्यु पर विजय पाई और समस्त संसार के पाप के लिए अपने बलिदान द्वारा प्रायश्चित के कार्य को पूरा किया था।

मसीही जीवन कोई ऐसी दौड़ नहीं है जिसमें प्रथम आने की होड़ हो या पुरुस्कार हो; वरन यह जीवन ऐसी लंबी दौड़ है जिसे धैर्य तथा विश्वासयोग्यता के साथ पूरा करा जाता है। बिल ब्रौडहौर्स्ट की तरह, जो अपनी विकलांगता और कष्ट के बावजूद अन्त तक विश्वासयोग्य रहा, वह प्रत्येक विश्वासी विजयी माना जाएगा और पुरुस्कार पाएगा जो अपनी दौड़ विश्वासयोग्यता सहित पूरी करेगा। - डेनिस डी हॉन


हमारा आरंभ करना नहीं वरन विश्वासयोग्यता के साथ हमारा दौड़ को पूरा करना, हमारे प्रतिफल निर्धारित करेगा।

मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। - २ तिमुथियुस ४:७

बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस ४:१-८

2Ti 4:1 परमेश्वर और मसीह यीशु को गवाह कर के, जो जीवतों और मरे हुओं का न्याय करेगा, उसे और उसके प्रगट होने, और राज्य को सुधि दिलाकर मैं तुझे चिताता हूं।
2Ti 4:2 कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा।
2Ti 4:3 क्‍योंकि ऐसा समय आएगा, कि लोग खरा उपदेश न सह सकेंगे पर कानों की खुजली के कारण अपनी अभिलाषाओं के अनुसार अपने लिये बहुतेरे उपदेशक बटोर लेंगे।
2Ti 4:4 और अपने कान सत्य से फेर कर कथा-कहानियों पर लगाएंगे।
2Ti 4:5 पर तू सब बातों में सावधान रह, दुख उठा, सुसमाचार प्रचार का काम कर और अपनी सेवा को पूरा कर।
2Ti 4:6 क्‍योंकि अब मैं अर्घ की नाई उंडेला जाता हूं, और मेरे कूच का समय आ पहुंचा है।
2Ti 4:7 मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है।
2Ti 4:8 भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ९७-९९
  • रोमियों १६

मंगलवार, 16 अगस्त 2011

सदा विश्वासयोग्य

बेरूत शहर में सन १९८३ में अमरीकी सैनिक ठिकानों पर हुए हमले में बहुत से सैनिक मारे गए, उनमें से एक सैनिक बहुत गंभीर रूप से घायल हुआ। इस सैनिक के हौसले और विश्वासयोग्यता के साथ अपने साथियों के साथ बने रहने ने बहुतों का हृदय छू लिया। घायल अवस्था में, पट्टियों से ढका और शरीर में इलाज के लिए लगाई गई कई नालियों के साथ वह अस्पताल में था जब उस क्षेत्र के सेनाध्यक्ष जैनरल पौल कैली अस्पताल में घायलों को देखने आए। जब जैनरल कैली उसके पास पहुँचे तो उसने हाथ से कुछ लिखने का इशारा किया क्योंकि वह बोल पाने में असमर्थ था। उसे लिखने की सामग्री दी गई तो बड़ी कठिनाई से उसने दो शब्द लिखे: semper fi - जो उसके सैनिक दल के आदर्ष वाक्य semper fidelis का छोटा रूप है, और जिसका अर्थ है "सदा विश्वासयोग्य"।

हम परमेश्वर के विश्वासी जो परमेश्वर की कार्य-सेना के अंग हैं, इस नवयुवक के उदाहरण से बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम सदा शत्रु शैतान के हमलों में रहते हैं, कई बार वह हमें घायल भी कर देता है और हमारे कुछ साथी मारे भी जाते हैं। लेकिन तौ भी हमें अन्त तक विश्वासी बने रहना है। अपने परमेश्वर के प्रति विश्वास्योग्यता का जज़्बा हमारे हृदयों में भरा रहना चाहिए और हर परिस्थिति में हमें आगे बढते रहने का हौसला बनाए रखना चाहिए। परमेश्वर का वचन विश्वासयोग्यता की सराहना करता है। मत्ती रचित सुसमाचार के २४ तथा २५ अध्याय हमें प्रभु यीशु मसिह के दूसरे आगमन के लिए, जो कभी भी हो सकता है, सदा तैयार बने रहने को कहते हैं क्योंकि जो तैयार रहेगा और परमेश्वर के कार्य में लगा होग वह परमेश्वर से प्रशंसा और पुरुस्कार पाएगा।

हाँ, semper fidelis - "सदा विश्वासयोग्य" मसीही विश्वासी का जीवन उद्देश्य भी है। - डेव एग्नर


हमारे विश्वास का प्रमाण हमारी विश्वासयोग्यता है।

सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं - नीतिवचन २८:२०


बाइबल पाठ: मत्ती २४:४२-५१

Mat 24:42 इसलिये जागते रहो, क्‍योंकि तुम नहीं जानते कि तुम्हारा प्रभु किस दिन आएगा।
Mat 24:43 परन्‍तु यह जान लो कि यदि घर का स्‍वामी जानता होता कि चोर किस पहर आएगा, तो जागता रहता और अपने घर में सेंध लगने न देता।
Mat 24:44 इसलिये तुम भी तैयार रहो, क्‍योंकि जिस घड़ी के विषय में तुम सोचते भी नहीं हो, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा।
Mat 24:45 सो वह विश्वासयोग्य और बुद्धिमान दास कौन है, जिसे स्‍वामी ने अपने नौकर चाकरों पर सरदार ठहराया, कि समय पर उन्‍हें भोजन दे?
Mat 24:46 धन्य है, वह दास, जिसे उसका स्‍वामी आकर ऐसा की करते पाए।
Mat 24:47 मैं तुम से सच कहता हूं वह उसे अपनी सारी संपत्ति पर सरदार ठहराएगा।
Mat 24:48 परन्‍तु यदि वह दुष्‍ट दास सोचने लगे, कि मेरे स्‍वामी के आने में देर है।
Mat 24:49 और अपने साथी दासों को पीटने लगे, और पियक्कड़ों के साथ खाए पीए।
Mat 24:50 तो उस दास का स्‍वामी ऐसे दिन आएगा, जब वह उस की बाट न जोहता हो।
Mat 24:51 और ऐसी घड़ी कि वह न जानता हो, और उसे भारी ताड़ना देकर, उसका भाग कपटियों के साथ ठहराएगा: वहां रोना और दांत पीसना होगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ९४-९६
  • रोमियों १५:१४-३३

सोमवार, 15 अगस्त 2011

अदृश्य सहायक

जोआना एम्ब्रोसियस एक गरीब किसान की पत्नी थी जो १९वीं शताबदी के अन्तिम समयों में जर्मनी में रहते थे। वे दोनो पति-पत्नि बाहर की दुनिया के विष्य में बहुत कम जानते थे और संपर्क रखते थे। जोआना का हृदय कवि का हृदय था। वह अपने जीवन के उतार चढ़ाव और परमेश्वर पर अपने भरोसे और आनन्द को कविताओं मे व्यक्त करती रहती थी। किसी रीति से उसकी लिखी कुछ पंक्तियाँ प्रकाशित हो गईं और जर्मनी की रानी के पास तक पहुँच गईं। उन पंक्तियों के सौन्दर्य से प्रभावित होकर रानी ने कवि को ढूँढ निकलने का आदेश दिया। जब रानी को जोआना और उसकी तंगहाली का पता चला, तो रानी ने जोआना के प्रति अपने प्रेम को दर्शाने के लिए ना केवल उसकी तत्कालीन आवश्यक्ताओं की पूर्ति करी वरन उसे आजीवन पेंशन दिये जाने का आदेश भी ज़ारी किया।

परमेश्वर कभी कभी कुछ लोगों को ऐसे स्थानों में अपनी सेवकाई के लिए भेजता है जो बहुत छोटी और अनजान होती हैं, जहाँ उन सेवकों को कभी कोई मान नहीं देता और ना ही उनके द्वारा करी गई किसी सहायता के लिए अपनी कृतज्ञता दिखाता है। लेकिन परमेश्वर सब कुछ देखता है, दूसरों की सहायतार्थ हम जो भी कार्य करते हैं, उसे उनका पूरा संज्ञान रहता है, और हमारा कोई परिश्रम ऐसा नहीं है जो व्यर्थ जाएगा, जिसके लिए परमेश्वर हमें प्रतिफल नहीं देगा। वह हमारे संघर्षों को भी जानता है, हमारे बोझों से भी अनजान नहीं है और हमारी विश्वासयोग्यता का स्तर भी उससे छिपा नहीं रहता। हमारी जीवन यात्रा में वह हमारी देखभाल करता रहता है और अपने दूसरे आगमन पर सब को उनका योग्य प्रतिफल देगा।

परमेश्वर हमारे काम और प्रेम को कभी भूलता नहीं। न केवल वर्तमान में वह हमारा अदृश्य सहायक है, वरन अनन्त भविष्य के लिए भी उसकी सहायता हमारे लिए बनी हुई है। इस जीवन से सेवा-निवृति के बाद अनन्तकाल की पेंशन उसके प्रत्येक विश्वासी के लिए तय तथा निशचित है। - पौल वैन गोर्डर


परमेश्वर के लिए कार्य कीजिए; वेतन चाहे अभी कम भी लगे, लेकिन सेवा-निवृति राशि आलौकिक है।

क्‍योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उसके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्र लोगों की सेवा की, और कर रहे हो। - इब्रानियों ६:१०


बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ३:७-१५

1Co 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्‍तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है।
1Co 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्‍तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्र्म के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा।
1Co 3:9 क्‍योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।
1Co 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्त्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है, परन्‍तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है।
1Co 3:11 क्‍योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता।
1Co 3:12 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्‍दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है।
1Co 3:13 तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा, क्‍योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है?
1Co 3:14 जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा।
1Co 3:15 और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्‍तु जलते जलते।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ९१-९३
  • रोमियों १५:१-१३