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सोमवार, 12 मार्च 2012

सामूहिक लक्ष्य

   अमेरिका में उल्लू की एक जाति Spotted Owl लुप्त होती जा रही है। पहले सोचा जा रहा था कि ऐसा पुराने पेड़ों के काटे जाने के कारण है, क्योंकि उनके खोखलों में उल्लु अपना घोंसला बनाते हैं। किंतु नए शोध से जो बात सामने आई वह बिलकुल भिन्न है। इन उल्लुओं के लुप्त होने का कारण उनकी ही एक और जाति कि उपस्थिति है। पिछले १५ वर्षों से उल्लु की एक और जाति Barred Owl तेज़ी से पश्चिम की ओर बढ़ रही है, उसी इलाके में जहाँ Spotted Owl पहले से ही रहते आए हैं। ये नए आगंतुक Barred Owl, वो ही भोजन लेते हैं जो वहाँ पहले ही से रहने वाले Spotted Owl लेते हैं; क्योंकि ये नए आगंतुक स्वभाव में पुराने बसने वाले उल्लुओं से अधिक आक्रमणकारी हैं और अपने आप को परिस्थितियों के अनुसार ढालने में अधिक सक्षम हैं, इसलिए वे पुरानों से अधिक भोजन पा लेते हैं और इस कारण पुराने रहने वाले Spotted Owl भोजन के आभाव में घटते जा रहे हैं। उल्लुओं की यह परस्पर सपर्धा चाहे एक के लिए लाभकारी हो किंतु दूसरे के लिए विनाशकारी होती जा रही है, और अन्ततः कुल मिलाकर नुकसान उल्लु जाति का ही हो रहा है।

   इसी प्रकार से, मसीही विश्वासियों में भी, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती चर्च के बाहर के लोगों से नहीं वरन अन्य विश्वासियों ही से आती है, जब वे आपसी तालमेल में कार्य करने की बजाए एक दूसरे से स्पर्धा करने लगते हैं, एक दुसरे के कार्य क्षेत्र में दखलांदाज़ी करने लगते हैं।

   ऐसा ही कुछ कुरिन्थुस की कलीसिया में भी हो रहा था। प्रेरित पौलुस ने उन्हें इस विभाजन और मतभेद की आत्मा में होकर कार्य करने के बारे में लिखा और चिताया, जो उस मण्डली की एकता और बढोतरी को प्रभावित कर रही थी। उसने उन्हें समझाया कि आवश्यक्ता है कि सब लोग आवश्यक बातों पर ध्यान लगा कर उनके पालन में एक होकर रहें ना कि अनावश्यक बातों पर ध्यान और समय बरबाद करके अकारण आपसी विवाद और मतभेदों में पड़ें।

   कुरिन्थुस के लोगों ने विभिन्न मसीही अगुवों के नाम पर अपने आप को बाँट लिया था। कोई अपने आप को पौलुस का अनुयायी कहता था तो कोई अपौलुस का तो कोई अन्य अपने आप को पतरस का अनुयायी कहता था, कोई कोई मसीह का अनुयायी होने की भी बात कर लेता था। ऐसा कर के वे अपने मनपसन्द अगुवे को अपने उद्धारकर्ता मसीह यीशु से भी प्रमुख स्थान देने लगे थे और मसीह में एक होकर मसीह के लिए कार्य करने की बजाए, अपने अगुवों के नाम पर गुटबाज़ी करके अपनी प्राथमिकताएं मसीह के कार्य से हटाने लगे थे।

   पौलुस ने उन्हें समझाया कि वह एक अनिवार्य कार्य जो प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए है, सुसमाचार का प्रचार है। यही हमारा सामूहिक उद्देश्य है, इसी के लिए हम सब मसीही विश्वासी हैं और इसी से मसीही मण्डली की बढ़ोतरी है। आपसी विभाजन से इस कार्य में बाधा आएगी, सुसमाचार प्रचार रुक जाएगा और मसीही विश्वासियों की बढ़ोतरी भी रुक जाएगी।

   प्रभु यीशु में साधारण विश्वास और पापों से पश्चाताप द्वारा सेंतमेंत मिलने उद्धार का प्रचार ही प्रत्येक मसीही विशवासी का निर्धारित लक्ष्य है। इस सामूहिक लक्ष्य की प्राप्ति में किसी व्यक्तिगत बात या अहं को आड़े ना आने दें; अन्यथा एक के बढ़ने और दूसरे के घटने से भी अन्ततः नुकसान मसीही विश्वासियों ही का होगा। - मार्विन विलियम्स


संगठित विश्वासी मण्डली ही सक्षम और सामर्थी मण्डली भी है।

हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्‍तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो। - १ कुरिन्थियों १:१०


बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १:९-१८
1Co 1:9 परमेश्वर सच्‍चा है, जिस ने तुम को अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है।
1Co 1:10 हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्‍तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो।
1Co 1:11 क्‍योंकि हे मेरे भाइयों, खलोए के घराने के लोगों ने मुझे तुम्हारे विषय में बताया है, कि तुम में झगड़े हो रहे हैं।
1Co 1:12  मेरा कहना यह है, कि तुम में से कोई तो अपने आप को पौलुस का, कोई अपुल्लोस का, कोई कैफा का, कोई मसीह का कहता है।
1Co 1:13 क्‍या मसीह बंट गया? क्‍या पौलुस तुम्हारे लिये क्रूस पर चढ़ाया गया या तुम्हें पौलुस के नाम पर बपतिस्मा मिला?
1Co 1:14 मैं परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि क्रिस्‍पुस और गयुस को छोड़, मैं ने तुम में से किसी को भी बपतिस्मा नहीं दिया।
1Co 1:15  कहीं ऐसा न हो, कि कोई कहे, कि तुम्हें मेरे नाम पर बपतिस्मा मिला।
1Co 1:16 और मैं ने स्‍तिफनास के घराने को भी बपतिस्मा दिया; इन को छोड़, मैं नहीं जानता कि मैं ने और किसी को बपतिस्मा दिया।
1Co 1:17 क्‍योंकि मसीह ने मुझे बपतिस्मा देने को नहीं, वरन सुसमाचार सुनाने को भेजा है, और यह भी शब्‍दों के ज्ञान के अनुसार नहीं, ऐसा न हो कि मसीह का क्रूस व्यर्थ ठहरे।
1Co 1:18  क्‍योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्‍तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।


एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण १७-१९ 
  • मरकुस १३:१-२०

रविवार, 11 मार्च 2012

परमेश्वर की करुणा

   "परमेश्वर की छोटी से छोटी करुणा के भी अयोग्य" - ये वे शब्द थे तो १७वीं सदी के कवि और पादरी जौर्ज हर्बर्ट ने अपनी अंगूठी पर खुदवा रखे थे, और यही वाक्यांश था जिसके प्रयोग के साथ वह अपनी पुस्तकें और पत्र हस्ताक्षरित करता था। ये शब्द परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक याकूब द्वारा कहे गए शब्दों पर आधारित हैं। याकूब ने अपने पाप और शर्मनाक व्यवहार के बावजुद जब अपने प्रति परमेश्वर कि बनी हुई करुणा पर विचार किया तो कहा: "...हे यहोवा, हे मेरे दादा इब्राहीम के परमेश्वर, तू ने तो मुझ से कहा, कि अपने देश और जन्मभूमि में लौट जा, और मैं तेरी भलाई करूंगा; तू ने जो जो काम अपनी करूणा और सच्चाई से अपने दास के साथ किए हैं, कि मैं जो अपनी छड़ी ही लेकर इस यरदन नदी के पार उतर आया, सो अब मेरे दो दल हो गए हैं, तेरे ऐसे ऐसे कामों में से मैं एक के भी योग्य तो नहीं हूं" (उत्पत्ति ३२:९-१०)।

   करुणा के लिए मूल इब्रानी भाषा में जो शब्द याकूब ने प्रयोग किया था वह है chesed, जिसका तात्पर्य परमेश्वर के लगातार बने रहने प्रेम और दया से है। यह महत्वपूर्ण है कि यह बात ऐसे मनुष्य के हृदय से निकली जो अपने आप को इसके लिए सर्वथा अयोग्य जानता था।

   परमेश्वर के प्रेम पर पूर्ण्तया आधारित होकर याकूब इससे अगले ही वाक्य में पुकारता है, "मुझे छुड़ा ले!" विचारों का कैसा विरोधाभास - एक ओर वह अपने आप को परमेश्वर कि करुणा के सर्वथा अयोग्य कह रहा है, किंतु साथ ही उस से ही विपत्तियों से अपने छुड़ाए जाने की गुहार भी लगा रहा है। याकूब जानता था कि उसके पाप ने सब कुछ जो उसके पास है उसे परमेश्वर के उपयोग के लिए दूषित और अयोग्य कर दिया है; उसके पास ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके आधार पर वह परमेश्वर को अपनी सहायता के लिए मना सके। उसने अपने आप को परमेश्वर की करुणा और अनुग्रह के अयोग्य व्यक्ति स्वीकार कर लिया। लेकिन परमेश्वर को लगाई गई उसकी गुहार उसकी अपनी किसी योग्यता पर आधारित नहीं थी वरन परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर आधारित थी कि वह हर उस व्यक्ति पर अनुग्रह करेगा जो उसकी करुणा के आसरे पर अपने आप को छोड़ देता है। नम्रता और टूटा तथा पिसा हुआ मन ही वह कुंजी है जो परमेश्वर के हृदय द्वार को खोल देती है।

   जैसे उसने याकूब के साथ किया, आज परमेश्वर हमारी पुकार भी सुनता है, जब हम अपनी किसी योग्यता या किसी सामर्थ या किसी उपलब्धि के सहारे नहीं वरन नम्र और दीन होकर, अपने पापों तथा अयोग्यता को स्वीकार करते हुए, उसकी करुणा पर अपने आप को छोड़ देते हैं, क्षमा याचना के साथ उसके अनुग्रह की गुहार लगाते हैं। - डेविड रोपर


अनुग्रह, परमेश्वर द्वारा, उसके सर्वथा अयोग्य व्यक्ति को दिया जाने वाला वह दान है जो वह व्यक्ति किसी रीति से कभी कमा नहीं सकता।

...तेरे ऐसे ऐसे कामों में से मैं एक के भी योग्य तो नहीं हूं। - उत्पत्ति ३२:१०
बाइबल पाठ: उत्पत्ति ३२:३-१३
Gen 32:3 तब याकूब ने सेईर देश में, अर्थात एदोम देश में, अपने भाई एसाव के पास अपने आगे दूत भेज दिए।
Gen 32:4  और उस ने उन्हें यह आज्ञा दी, कि मेरे प्रभु एसाव से यों कहना; कि तेरा दास याकूब तुझ से यों कहता है, कि मैं लाबान के यहां परदेशी होकर अब तक रहा;
Gen 32:5  और मेरे पास गाय-बैल, गदहे, भेड़-बकरियां, और दास-दासियां है: सो मैं ने अपने प्रभु के पास इसलिये संदेशा भेजा है, कि तेरी अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो।
Gen 32:6  वे दूत याकूब के पास लौट के कहने लगे, हम तेरे भाई एसाव के पास गए थे, और वह भी तुझ से भेंट करने को चार सौ पुरूष संग लिये हुए चला आता है।
Gen 32:7  तब याकूब निपट डर गया, और संकट में पड़ा : और यह सोचकर, अपने संगवालों के, और भेड़-बकरियों, और गाय-बैलों, और ऊंटो के भी अलग अलग दो दल कर लिये,
Gen 32:8  कि यदि एसाव आकर पहिले दल को मारने लगे, तो दूसरा दल भाग कर बच जाएगा।
Gen 32:9  फिर याकूब ने कहा, हे यहोवा, हे मेरे दादा इब्राहीम के परमेश्वर, तू ने तो मुझ से कहा, कि अपने देश और जन्मभूमि में लौट जा, और मैं तेरी भलाई करूंगा :
Gen 32:10  तू ने जो जो काम अपनी करूणा और सच्चाई से अपने दास के साथ किए हैं, कि मैं जो अपनी छड़ी ही लेकर इस यरदन नदी के पार उतर आया, सो अब मेरे दो दल हो गए हैं, तेरे ऐसे ऐसे कामों में से मैं एक के भी योग्य तो नहीं हूं।
Gen 32:11  मेरी बिनती सुनकर मुझे मेरे भाई एसाव के हाथ से बचा : मैं तो उस से डरता हूं, कहीं ऐसा ने हो कि वह आकर मुझे और मां समेत लड़कों को भी मार डाले।
Gen 32:12  तू ने तो कहा है, कि मैं निश्चय तेरी भलाई करूंगा, और तेरे वंश को समुद्र की बालू के किनकों के समान बहुत करूंगा, जो बहुतायत के मारे गिने नहीं जो सकते।

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण १४-१६ 
  • मरकुस १२:२८-४४




शनिवार, 10 मार्च 2012

याद्दाश्त

   जिल प्राईस की याद्दाश्त विलक्षण है और वैज्ञानिक उससे चकित हैं। सन २००६ में एक वैज्ञानिक पत्रिका में उसकी विलक्षण याद्दाश्त के बारे में लेख छपा: "A Case of Unusual Autobiographical Remembering" (असाधारण आपबीती बातों को स्मरण रखने की क्षमता)। जिल प्राइस के पास शब्दों, संख्याओं, घटनाओं या भाषाओं को याद करने की कोई विशेष क्षमता नहीं है। लेकिन पिछले ३० वर्षों में जो भी उसके साथ किसी भी दिन हुआ है, वह उसे पूर्णतः याद रहता है। आप कोई भी तारीख बोल दीजिए, जिल उसका स्पताह का दिन, उस दिन का मौसम, उस दिन उसने क्या खाया था, कौन से टी.वी. प्रोग्राम देखे थे, किन लोगों से क्या बातचीत करी थी, सब कुछ सही सही बता देगी।

   हम में से शायद ही कोई होगा जिसके पास ऐसी याद्दाश्त है। इसीलिए हमें अपने कार्यों को करने, अपने कार्य के लिए किए गए समय निर्धारण आदि को स्मरण दिलाने के लिए सहायता की आवश्यक्ता रहती है। यह स्मरण दिलाने की बात और भी आवश्यक हो जाती है जब बात आत्मिक सच्चाईयों की हो। प्रेरित पतरस ने दिखाया कि वह इस आत्मिक बातों के स्मरण दिलाए जाने की आवश्यक्ता को भली प्रकार से समझता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में उसने अपनी पत्री में लिखा: "इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा। और मैं यह अपने लिये उचित समझता हूं, कि जब तक मैं इस डेरे में हूं, तब तक तुम्हें सुधि दिलाकर उभारता रहूं" (२ पतरस १:१२-१३)।

   हमारी याद्दाश्त चाहे जैसी भी हो, परमेश्वर के वचन और बातें स्मरण दिलाए जाते रहने की आवश्यक्ता हमें सदा रहेगी। परमेश्वर के वचन का अध्ययन - प्रतिदिन व्यक्तिगत रीति से एवं समयानुसार छोटे से गुट के साथ सामूहिक रूप में, किसी स्थानीय चर्च के कार्यों में अपने आप को सम्मिलित करना आदि वे सहायक हैं जो हमें परमेश्वर के वचन की अत्यन्त आवश्यक बातों को स्मरण दिलाते रहेंगे और परमेश्वर की संगति में बनाए रखेंगे।

   यही हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु से हमारे प्रेम का सच्चा प्रगटीकरण भी है, जैसा उसने स्वयं कहा: "जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्‍हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा। यीशु ने उस को उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे" (यूहन्ना १४:२१, २३)। - डेनिस फिशर



होने दें कि परमेश्वर का वचन आपकी याद्दाश्त में भर जाए, आपके हृदय पर राज्य करे और आपके कदमों का मार्गदर्शन करता रहे।

इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा। - २ पतरस १:१२

बाइबल पाठ: २ पतरस १:५-१६
2Pe 1:5 और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्‍न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ।
2Pe 1:6  और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति।
2Pe 1:7  और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ।
2Pe 1:8 क्‍योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्‍फल न होने देंगी।
2Pe 1:9 और जिस में ये बातें नहीं, वह अन्‍धा है, और धुन्‍धला देखता है, और अपने पूर्वकाली पापों से धुलकर शुद्ध होने को भूल बैठा है।
2Pe 1:10 इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्‍न करते जाओ, क्‍योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे।
2Pe 1:11 वरन इस रीति से तुम हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनन्‍त राज्य में बड़े आदर के साथ प्रवेश करने पाओगे।
2Pe 1:12  इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा।
2Pe 1:13  और मैं यह अपने लिये उचित समझता हूं, कि जब तक मैं इस डेरे में हूं, तब तक तुम्हें सुधि दिला कर उभारता रहूं।
2Pe 1:14  क्‍योंकि यह जानता हूं, कि मसीह के वचन के अनुसार मेरे डेरे के गिराए जाने का समय शीघ्र आने वाला है।
2Pe 1:15  इसलिये मैं ऐसा यत्‍न करूंगा, कि मेरे कूच करने के बाद तुम इन सब बातों को सर्वदा स्मरण कर सको।
2Pe 1:16  क्‍योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था वरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ११-१३ 
  • मरकुस १२:१-२७

शुक्रवार, 9 मार्च 2012

भूलें नहीं

   मेरा एक प्रीय कार्टून शो है "Superman in his later years" जिसमें सुपरमैन को उसकी वृद्धावस्था में, उस अवस्था की समस्याओं से जूझते दिखाया गया है। उस शो में एक जगह दिखाया गया कि वह वृद्ध सामर्थी योद्धा खिड़की से कूदकर किसी बचाव कार्य के लिए उड़ने को तैयार खड़ा है और अपने आप से प्रश्न कर रहा है, "अब मैं कहाँ जाने पर था?"

   भुलक्कड़पन हम सब पर आता है। यदा-कदा के होने वाले भुलक्कड़पन की घटनाएं चाहे मनोंरंजक हों किंतु यदि हमारा यह भुलक्कड़पन परमेश्वर के प्रति हमारी एक प्रवृति बन गया है तो यह चिन्ता की बात है क्योंकि इसके परिणाम अत्यंत विनाशकारी होते हैं।

   जब इस्त्राएली प्रतिज्ञा किए हुए कनान देश में प्रवेश करने पर थे तब मूसा ने उन्हें चिताया: "और स्मरण रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा उन चालीस वर्षों में तुझे सारे जंगल के मार्ग में से इसलिये ले आया है, कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के यह जान ले कि तेरे मन में क्या क्या है, और कि तू उसकी आज्ञाओं का पालन करेगा वा नहीं। इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे?" (व्यवस्थाविवरण ८:२, ११)।

   परमेश्वर को भूल जाने के कुछ कारण हो सकते हैं: परीक्षाएं (व्यवस्थाविवरण ८:२-४) - परमेश्वर ने अपने लोगों को भूखा रहने दिया फिर उन्हें मन्ना दिया। जब हम जीवन कि आवश्यकताओं की घटी में आते हैं तो लगता है कि परमेश्वर हमें भूल गया है। एक और कारण हो सकता है बहुतायत (व्यवस्थाविवरण ८:१०-११) - बहुतायत से उपलब्ध होना भी घटी के समान ही हमारे परमेश्वर को भुलाने का कारण हो सकता है। क्योंकि बहुतायत में भी हम परमेश्वर की ओर नहीं वरन अपनी ही ओर अधिक देखते हैं, अपने सामर्थ पर भरोसा करने लगते हैं, ना कि परमेश्वर पर जो हमारा स्त्रोत है। घमंड (व्यवस्थाविवरण ८:१२-१६) भी हमारे अन्दर ऐसी भावना उत्पन्न करता है कि हम अपनी क्षमता और सामर्थ पर भरोसा कर के परमेश्वर को तुच्छ जानने लगते हैं और उसे भूल जाते हैं।

   नम्रता, आज्ञाकारिता और परमेश्वर की आराधना हमें स्मरण दिलाते रहते हैं कि परमेश्वर ही हमारा उपलब्ध कराने वाला और हमारी देख-भाल करने वाला है। सबसे बढ़कर तो उसने हमारे लिए, प्रभु यीशु में होकर विश्वास और पश्चाताप द्वारा, पापों की क्षमा और अनन्त अविनाशी आनन्दमय जीवन को उपलब्ध कराया है।

   जो कुछ परमेश्वर ने हमारे लिए किया है, हम उसे भूलें नहीं, वरन सदा उन सब के लिए उसका धन्यवाद करते रहें। - डेविड मैक्कैसलैंड


कभी भी बहुतायत से मिली आशीषों के कारण आशीषों के देने वाले परमेश्वर को ना भूलें।

इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे? - व्यवस्थाविवरण ८:११

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण ८:१-२, १०-१८
Deu 8:1  जो जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं उन सभों पर चलने की चौकसी करना, इसलिये कि तुम जीवित रहो और बढ़ते रहो, और जिस देश के विषय में यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों से शपथ खाई है उस में जाकर उसके अधिकारी हो जाओ।
Deu 8:2  और स्मरण रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा उन चालीस वर्षों में तुझे सारे जंगल के मार्ग में से इसलिये ले आया है, कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के यह जान ले कि तेरे मन में क्या क्या है, और कि तू उसकी आज्ञाओं का पालन करेगा वा नहीं।
Deu 8:10  और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा।
Deu 8:11  इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे?
Deu 8:12  ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे,
Deu 8:13  और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए,
Deu 8:14 तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है,
Deu 8:15  और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विषवाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उस ने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला,
Deu 8:16  और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा करके अन्त में तेरा भला ही करे।
Deu 8:17  और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई।
Deu 8:18  परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उस ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ८-१० 
  • मरकुस ११:१९-३३

गुरुवार, 8 मार्च 2012

आनन्द के कारण

   मुझे एक कहानी याद आती है - एक लड़का समुद्र तट पर घूम रहा था। उसने देखा कि लहरों के वेग से पानी में से बहकर अनेक स्टार फिश तट की रेत पर आ गई हैं और दिन की गर्मी में मरती जा रही हैं। उसने चलते चलते उन्हें उठा कर वापस पानी में फेंकना आरंभ कर दिया। एक और तट पर घूमने वाले ने उससे पूछा कि वह यह क्या कर रहा है, तो लड़का बोला, इनका जीवन बचा रहा हूँ। तब वह व्यक्ति बोला, "क्या फायदा है? यहाँ इतनी पड़ी हैं कि उन्हें तुम वापस नहीं डाल पाओगे।" लड़के ने उत्तर दिया, "आप ठीक कहते हैं, मैं सब को नहीं बचा सकता, किंतु जिस एक को बचा सकता हूँ, उसके लिए तो यह जीवन और मरण की बात है; उसके लिए तो इससे महत्वपूर्ण और कुछ नहीं है।"

   मुझे उस लड़के का जीवन के प्रति दृष्टीकोण बहुत पसंद आया। मैं और मेरा मित्र मार्टी हाल ही में विश्व भ्रमण पर निकले और संसार के प्रमुख शहरों में से कुछ में से होकर निकले। हम यह देख कर स्तब्ध थे  कि संसार के हर स्थान में लोगों के जीवन में पाप की कितनी गहरी पैठ है; कैसे करोड़ों लोग प्रभु यीशु मसीह और उसमें मिलने वाले सेंतमेंत उद्धार के बारे में अनजान हैं और अपने पापों में नाश हुए जा रहे हैं। इस संसार को उद्धार के सुसमाचार को बताने के विचार ने मुझे अभिभूत कर दिया।

   मानव जब पाप के प्रवाह में बहकर परमेश्वर के करुणासागर से दूर हो गया तो उसे पाप में छटपटाने और मरने से बचाने के लिए परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को संसार में उद्धारकर्ता करके भेजा, कि जो कोई उसपर विश्वास लाए और पापों से पश्चाताप करे वह नाश ना हो वरन अनन्त जीवन पाए। जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका १५ में प्रभु यीशु ने बताया, जब कोई पापी अपने पापों से पश्चाताप करता है, स्वर्ग में बड़ा आनन्द मनाया जाता है: "मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं" (लूका १५:७)।

   क्या स्वर्ग ने आप के मन फिराने का आनन्द मनाया है? यदि नहीं, तो अभी भी आपके पास अवसर है कि ना केवल स्वयं आनन्द का कारण बनें वरन उन लोगों में भी सम्मिलित हो जाएं जो दूसरों को परमेश्वर के अनुग्रह के करुणासागर में लाकर पाप और अनन्त मृत्यु से बचाने वाले लोग हैं। - जो स्टोवैल

यदि आप बचाए गए हैं तो आप दूसरों को बचाने की भी चाह रखेंगे।

"मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं। - लूका १५:७
 
बाइबल पाठ: लूका १५:१-७
Luk 15:1  सब चुंगी लेनेवाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें।
Luk 15:2  और फरीसी और शास्त्री कुडकुडाकर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luk 15:3 तब उस ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा।
Luk 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे?
Luk 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्‍द से उसे कांधे पर उठा लेता है।
Luk 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्‍द करो, क्‍योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।
Luk 15:7 मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ५-७ 
  • मरकुस ११:१-१८

बुधवार, 7 मार्च 2012

परमेश्वर के सहायक

   कुछ बच्चों से मेरी बातचीत परमेश्वर और अलौकिक शक्ति वाले सुपरहीरो के बारे में हो रही थी। कल्पनाओं और कौतहूल से भरे एक पाँच वर्षीय बालक तोबियास ने प्रश्न किया, "क्या परमेश्वर के पास भी कोई साथी है जैसे हर्क्युलिस के पास है?" तोबियास के बड़े भाई ने तुरंत उत्तर दिया, "एक नहीं हज़ारों हैं - उसके स्वर्गदूत।"
   स्वर्गदूत चर्चा का एक लोकप्रीय विष्य रहे हैं, और लोग उनके बारे में तरह तरह की धारणाएं रखते हैं, मानते हैं। जैसे कि कुछ लोग स्वर्गदूतों से प्रार्थना करते हैं, इस धारणा से कि वे भी परमेश्वर के समान ही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मृत्योप्रांत लोग स्वर्गदूत बन जाते हैं।

   किंतु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें स्वर्गदूतों का यथार्थ भी बताती है: 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर की सृष्टि हैं (कुलुस्सियों १:१५-१७)। 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर की आराधना करते हैं (नहेम्याह ९:६) और विभिन्न नामों से जाने जाते हैं, जैसे प्रधान स्वर्गदूत (यहूदा १:९); करूब (२ राजा १९:१५); साराप (यशायाह ६:१-३)। 
  • स्वर्गदूत परमेश्वर के लोगों के सेवक हैं (इब्रानियों १:१३-१४), उनकी रखवाली और रक्षा करते हैं (भजन ९१:९-१२)। 
  • स्वर्गदूत मनुष्यों से आराधना ग्रहण नहीं करते वरन उसके लिए मना करते हैं तथा केवल परमेश्वर की आराधना के लिए कहते हैं (प्रकाशितवाक्य २२:८-९)। 
  • स्वर्गदूतों को परमेश्वर द्वारा विशेष कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है (मत्ती १:२०; लूका १:२६)। 
  • जब कोई पापी अपने पापों से पश्चाताप करके उद्धार के लिए प्रभु यीशु की ओर मुड़ता है तो स्वर्गदूत आनन्दित होते हैं (लूका १५:७, १०)।

   केवल परमेश्वर ही हमारी आराधना और उपासना का हकदार है, इसलिए आईये हम स्वर्गदूतों के साथ मिलकर उसकी आराधना करें। - ऐनी सेटास


स्वर्गदूत परमेश्वर के विशेष सहायक हैं।

हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो! - भजन १०३:२०
 
बाइबल पाठ: भजन १०३:१९-२२
Psa 103:19  यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।
Psa 103:20  हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!
Psa 103:21  हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!
Psa 103:22  हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण ३-४
    मरकुस १०:३२-५२

मंगलवार, 6 मार्च 2012

क्या भलाई में हैं?

   हाई स्कूल के बच्चे एक प्रोग्राम में गीत प्रस्तुत कर रहे थे, गीत था होरेशियो स्पैफ़ोर्ड का प्रसिद्ध स्तुति गीत "It is Well With My Soul" (मेरी आत्मा शांति से और भलाई में है); गीत आरंभ करने से पहले गीत मंडली से एक बच्चा सामने आया और इस गीत का इतिहास और पृष्ठभूमि उपस्थित दर्शकों को बताई। स्पैफोर्ड ने जब यह गीत लिखा तब वह पानी के जहाज़ पर उस स्थान पर था जहाँ उसकी चार बेटियाँ एक हादसे का शिकार हो कर चल बसी थीं।

   गीत के उस परिचय और फिर उस गीत के शब्द सुनने के बाद मेरे मन में भावनाओं की बाढ़ सी आ गई। यह जानने के बाद कि स्पैफोर्ड कि चार बेटियाँ चल बसी थीं और फिर स्पैफोर्ड के विश्वास के शब्द सुनकर तो मेरे लिए अपने आप को संभाल पाना कठिन हो गया; अपनी एक बेटी को खोने का ग़म ही मेरे लिए बहुत था, चार बेटियों का ग़म उसने कैसे सहन किया और फिर इतने विश्वास का यह गीत लिखा? ऐसे बड़े दुख में स्पैफोर्ड कैसे कहने पाया कि उसकी आत्मा शांति से और भलाई में ही है?

   गीत में मैंने वह पंक्ति सुनी, "When Peace Like a River Attendeth My Way" (जब शांति मेरी ओर एक नदी के समान प्रवाहित होती है), तो मुझे ध्यान आया कि मेरी शांति का स्त्रोत कहाँ है। साथ ही मुझे प्रेरित पौलुस के शब्द भी स्मरण हो आए "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी" (फिलिप्पियों ४:६, ७)।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए उसकी शांति का स्त्रोत है उसका प्रभु यीशु; जब हम सच्चे दिल से निकली प्रार्थना में अपनी हर बात विश्वास के साथ अपने प्रभु परमेश्वर के सामने रख देते हैं और अपने दिल के बोझ, चिंताएं और दुख उसे सौंप देते हैं, तो एक वर्णन और समझ से बाहर शांति हमारी आत्मा में आ जाती है। यह वह शांति है जो परिस्थित्यों को समझने की हमारी क्षमता से परे है, यह शांति हमारे मनों की सुरक्षा करती है; तथा हर बात में प्रभु यीशु की हमारे साथ बनी हुई उपस्थिति हमें सक्षम करती है कि हम भी कह सकें "मेरी आत्मा शांति से और भलाई में है।" - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु कभी कोई गलती नहीं करते।

तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। फिलिप्पियों ४:७

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ४:४-९
Php 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो।
Php 4:5  तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Php 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Php 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।
Php 4:8  निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगया करो।
Php 4:9  जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण १-२ 
  • मरकुस १०:१-३१