ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शनिवार, 4 जुलाई 2020

सिद्ध


     केटी को स्कूल से मिले गृह-कार्य में “मेरा सिद्ध संसार” शीर्षक पर एक निबंध लिखना था। उसने लिखा, “मेरे सिद्ध संसार में ... आइसक्रीम मुफ्त मिलती है, लौलिपौप्स हर जगह होते हैं, और आकाश सदा ही नीला रहता है, जहाँ कभी-कभार ही कुछ रोचक आकार वाले बादल होते है।” फिर उसके लेख में कुछ गंभीर बातें आईं – “किसी को भी कभी किसी भी बुरे समाचार को नहीं सुनना पड़ेगा; और कभी किसी को कोई बुरा समाचार पहुँचाने वाला नहीं होना पड़ेगा।”

     किसी को कभी कोई बुरा समाचार नहीं सुनना पड़ेगा; यह कितना अद्भुत होगा। ये शब्द हमें प्रभु यीशु में हमारी भरोसेमंद आशा की ओर संकेत करते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि प्रभु हमारे लिए सब कुछ नया बना रहा है, हमारे लिए एक सिद्ध संसार तैयार कर रहा है (प्रकाशितवाक्य 21:5)।

     स्वर्गलोक कुछ बातों के फिर कभी नहीं होने का स्थान है – कोई बुराई नहीं, कोई मृत्यु नहीं, कोई शोक नहीं, कोई दुःख नहीं, कोई आँसू नहीं (पद 4)! वह परमेश्वर के साथ सिद्ध संगति का स्थान है, उस परमेश्वर के साथ जिसने अपने प्रेम से हम मसीही विश्वासियों को पाप से छुड़ाकर अपने बना लिया है (पद 3)। हमारे लिए कैसा अद्भुत आनन्द रखा गया है।

     हम यहाँ और अभी, इस पृथ्वी पर ही उस सिद्ध वास्तविकता के आनन्द का पूर्वाभास ले सकते हैं। हम जब परमेश्वर के साथ प्रतिदिन संगति बनाए रखते हैं, तो हम उसकी उपस्थिति के आनन्द को अनुभव कर सकते हैं (कुलुस्सियों 1:12-13)। और चाहे हमें पाप से संघर्ष भी करना पड़े, हम कुछ हद तक उस विजय का भी आनन्द प्राप्त करते हैं, जो मसीह यीशु में अंततः हमारी है (कुलुस्सियों 2:13-15)। मसीह यीशु ने हमारे लिए पाप और मृत्यु पर पूर्ण विजय पाकर, हमारे लिए एक सिद्ध जीवन तैयार कर रखा है। - पो फैंग चिया

 

परमेश्वर का सिद्ध संसार उन सभी के लिए है जो प्रभु यीशु में विश्वास लाते हैं।


और उसने तुम्हें भी, जो अपने अपराधों, और अपने शरीर की खतनारिहत दशा में मुर्दा थे, उसके साथ जिलाया, और हमारे सब अपराधों को क्षमा किया। और विधियों का वह लेख जो हमारे नाम पर और हमारे विरोध में था मिटा डाला; और उसको क्रूस पर कीलों से जड़ कर साम्हने से हटा दिया है। और उसने प्रधानताओं और अधिक्कारों को अपने ऊपर से उतार कर उन का खुल्लमखुल्ला तमाशा बनाया और क्रूस के कारण उन पर जय-जय-कार की ध्वनि सुनाई। - कुलुस्सियों 1:13-15

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-5

प्रकाशितवाक्य 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।

प्रकाशितवाक्य 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो।

प्रकाशितवाक्य 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।

प्रकाशितवाक्य 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं।

प्रकाशितवाक्य 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25

शुक्रवार, 3 जुलाई 2020

सुरक्षा


     हमारा बीटा ज़ेवियर दो वर्ष का था, और हम एक स्टोर में सामान लेने गए हुए थे। मैं सामान लेने में लगी हुई थी, और ज़ेवियर अपने पिता के साथ दूकान में खेल रहा था। वह कभी यहाँ, कभी वहाँ जाकर छुप जाता, और जैसे ही मेरे पति उसे ढूँढ कर कहते, “मैंने तुम्हें देख लिया” वह खिलखिला कर हँस देता। लेकिन अचानक ही मैंने देखा कि ज़ेवियर कहीं दिखाई नहीं दे रहा है, और मेरे पति उसका नाम पुकारते हुए स्टोर में इधर से उधर भाग रहे थे। हम उसे ढूँढते हुए स्टोर के दरवाज़े के पास पहुंचे तो देखा कि ज़ेवियर दरवाज़े से बाहर निकलकर बाहर की व्यस्त सड़क पर जाने ही वाला था। मेरे पति ने दौड़ कर उसे गोदी में उठा लिया, और हमने उसे अपनी बाहों में भरकर, उसे चूमते हुए और सिसकते हुए उसे सुरक्षा प्रदान करने के लिए परमेश्वर का धन्यवाद किया।

     ज़ेवियर के जन्म से एक वर्ष पूर्व, मैं गर्भावस्था में अपने पहले बच्चे को खो चुकी थी। जब परमेश्वर ने हमें यह बेटा दिया, तो मैं उसकी सुरक्षा को लेकर बहुत भयभीत रहने लगी। उस दिन के हमारे स्टोर वाले अनुभव ने हमें दिखा दिया कि हम सदैव ही अपने बच्चे पर दृष्टि लगाए नहीं रख सकते हैं, और न ही अपने आप से उसे सुरक्षित रख सकते हैं। परन्तु मुझे शान्ति मिली जब मैंने हमारी सहायता के एकमात्र निश्चित स्त्रोत, हमारे प्रभु परमेश्वर, पर भरोसा रखने और हर परिस्थिति में उसी की ओर देखने के महत्त्व को समझ लिया।

     हमारा स्वर्गीय पिता परमेश्वर, अपने बच्चों पर से कभी अपनी दृष्टि नहीं हटाता है (भजन 121:1-4)। हम परीक्षाओं, दुखों, और हानि को रोक तो नहीं सकते हैं, परन्तु हम अपने सर्वदा विद्यमान सहायक और सुरक्षा प्रदान करने वाले परमेश्वर पिता पर भरोसा बनाए रख सकते हैं, कि वह हमारे जीवनों का सदा ध्यान रखता है।

     हो सकता है कि हमें ऐसे दिनों का सामना करना पड़े जिन में हम अपने आप को खोया हुआ और मजबूर अनुभव करें। और जब हम अपने प्रिय जनों को सुरक्षा प्रदान न करने पाएँ तो अपने आप को शक्तिहीन अनुभव करें। परन्तु हम हमेशा यह भरोसा बनाए रख सकते हैं कि हमारा सर्वज्ञानी परमेश्वर कभी हमें अपनी दृष्टि से ओझल नहीं होने देता है; क्योंकि हम उसके अतिप्रिय संतान हैं, इसलिए उसकी सुरक्षा हमारे साथ सदा बनी रहती है। - होकिटिल डिक्सन

 

परमेश्वर अपने बच्चों पर सदा अपनी दृष्टि बनाए रखता है।


वह न्याय के पथों की देख भाल करता, और अपने भक्तों के मार्ग की रक्षा करता है। - नीतिवचन 2:8

बाइबल पाठ: भजन 121

भजन संहिता 121:1 मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर लगाऊंगा। मुझे सहायता कहां से मिलेगी?

भजन संहिता 121:2 मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।

भजन संहिता 121:3 वह तेरे पांव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊंघेगा।

भजन संहिता 121:4 सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा।

भजन संहिता 121:5 यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है।

भजन संहिता 121:6 न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हानि होगी।

भजन संहिता 121:7 यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा।

भजन संहिता 121:8 यहोवा तेरे आने जाने में तेरी रक्षा अब से ले कर सदा तक करता रहेगा।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 25-27
  • प्रेरितों 12

गुरुवार, 2 जुलाई 2020

आशा


     एक होटल के कमरे में, जहाँ मैं रुका था, वहाँ मेरी मेज़ पर, जो कंपनी वह होटल चलाती थी, उसकी ओर से एक कार्ड रखा हुआ था, जिस पर लिखा था:

आपका स्वागत है

हमारी प्रार्थना है कि आपका यहाँ रहना आरामदायक होगा

आपकी यात्रा सफल होगी

प्रभु आपको आशीष दे और सम्भाल कर रखे,

और आप पर अपने मुख का प्रकाश चमकाए।

 

     उस कार्ड को पढने के बाद उनके बारे में जानने की मेरी जिज्ञासा और बढ़ी, इसलिए मैंने उनकी वेबसाईट देखी, उनकी विचारधारा, मान्याताएँ, और कार्यों के बारे में और जानकारी ली। मुझे पता चला कि एक मनोहर तरीके से वे उत्कृष्ट सेवा देने का प्रयास करते हैं, और अपने विश्वास को अपने कार्यस्थल में व्यवाहारिक रीति से दिखाते हैं।

     उनके इस दर्शन से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस के द्वारा उन मसीही विश्वासियों को लिखी गई बात स्मरण में आई जो अपने विश्वास के कारण सताव झेल रहे थे और समस्त एशिया माइनर में तित्तर-बित्तर होकर रह रहे थे। जो सताव और जोखिम वे उठा रहे थे, उसके बावजूद, पतरस ने उन से कहा कि वे भयभीत न हों, वरन, “पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ” (1 पतरस 3:15)।

     मेरा एक मित्र इसे “ऐसी जीवन शैली जो एक स्पष्टीकरण माँगती है” कहता है। हम चाहे जहाँ भी रहते हों या काम करते हों, हम प्रभु परमेश्वर की सामर्थ्य से अपने विश्वास को जी कर दिखाएँ – जो भी हमारे विश्वास और हमारी आशा के विषय हम से जानना चाहे, उसे नम्रता और आदर के साथ उसे बता सकें। - डेविड मैक्कैसलैंड

 

हमारे जीवन औरों को प्रोत्साहित करें कि हमारे अन्दर की आशा के कारण को वो भी जान सकें।

तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए। - कुलुस्सियों 4:6

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:8-16

1 पतरस 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।

1 पतरस 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।

1 पतरस 3:10 क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्‍छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।

1 पतरस 3:11 वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्‍न में रहे।

1 पतरस 3:12 क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।

1 पतरस 3:13 और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?

1 पतरस 3:14 और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।

1 पतरस 3:15 पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।

1 पतरस 3:16 और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में तुम्हारी बदनामी होती है उनके विषय में वे, जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 22-24
  • प्रेरितों 11

बुधवार, 1 जुलाई 2020

गुण


     एक विशेष अवसर के उपलक्ष्य में, मेरे पति मुझे एक स्थानीय कलाकृतियों की दुकान पर ले गए, और मुझ से अपनी पसंद का कोई भी चित्र को चुन लेने के लिए कहा। मैंने एक छोटा चित्र, जिसमें एक जंगल में से होकर बहती हुई छोटी नदी को दिखाया गया था, चुन लिया। उस चित्र के अधिकाँश स्थान में वह नदी  दिखाई गई थी, और इस कारण आकाश का कुछ विशेष भाग दिखाई नहीं दे रहा था। परन्तु उस नदी में प्रतिबिंबित होती हुई बातें, सूर्य के स्थान, पेड़ों को चोटियों तक, और धुंधला से वातावरण, वस्तुस्थिति को स्पष्ट दिखा रही थीं। उस चित्र के आकाश को देखने के लिए उसे नीचे पानी के सतह पर देखना होता था।

     आत्मिक रीति से प्रभु यीशु उस नदी के समान हैं। जब हमें देखना होता है कि परमेश्वर का स्वरूप क्या है, तो हमें प्रभु यीशु को देखना है। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों के लेखक ने लिखा, कि प्रभु यीशु ही परमेश्वर के तत्व की छाप हैं (इब्रानियों 1:3)। यद्यपि हम बाइबल के सीधे कथनों, जैसे कि, “परमेश्वर प्रेम है” से भी परमेश्वर के बारे में सीख सकते हैं, परन्तु हम परमेश्वर के विषय अपनी समझ को और अधिक गहरा करते हैं, जब हम प्रभु यीशु में होकर परमेश्वर को हमारे समान समस्याओं का सामना करते और उन्हें प्रतिक्रियाएँ देते हुए देखते हैं। मानव रूप में परमेश्वर होने के नाते, प्रभु यीशु ने हमें परमेश्वर के विषय यह सिखाया है।

     अपनी परीक्षा के समय में प्रभु यीशु ने परमेश्वर की पवित्रता को दिखाया। आत्मिक अन्धकार का सामना करने में, उन्होंने परमेश्वर के अधिकार को दर्शाया। लोगों की समस्याओं का सामना करते हुए, उन्होंने परमेश्वर की बुद्धिमत्ता दिखाई। अपनी मृत्यु में उन्होंने परमेश्वर के प्रेम को प्रगट किया।

     यद्यपि हम परमेश्वर के बारे में सब कुछ तो नहीं समझ सकते हैं – क्योंकि हम अपनी मानव बुद्धि में सीमित हैं और वह असीम है – परन्तु प्रभु यीशु में हम परमेश्वर के गुणों को देख और जान सकते हैं। - जेनिफर बेनसन शुल्टज़

 

प्रभु यीशु का अवलोकन हमें परमेश्वर के गुण बताता है।


वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। - कुलुस्सियों 1:15

बाइबल पाठ: इब्रानियों 1:1-10

इब्रानियों 1:1 पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के।

इब्रानियों 1:2 इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्‍टि रची है।

इब्रानियों 1:3 वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्‍व की छाप है, और सब वस्‍तुओं को अपनी सामर्थ्य के वचन से संभालता है: वह पापों को धोकर ऊंचे स्थानों पर महामहिमन के दाहिने जा बैठा।

इब्रानियों 1:4 और स्‍वर्गदूतों से उतना ही उत्तम ठहरा, जितना उसने उन से बड़े पद का वारिस हो कर उत्तम नाम पाया।

इब्रानियों 1:5 क्योंकि स्‍वर्गदूतों में से उसने कब किसी से कहा, कि तू मेरा पुत्र है, आज तू मुझ से उत्पन्न हुआ? और फिर यह, कि मैं उसका पिता होऊँगा, और वह मेरा पुत्र होगा?

इब्रानियों 1:6 और जब पहिलौठे को जगत में फिर लाता है, तो कहता है, कि परमेश्वर के सब स्वर्गदूत उसे दण्‍डवत करें।

इब्रानियों 1:7 और स्‍वर्गदूतों के विषय में यह कहता है, कि वह अपने दूतों को पवन, और अपने सेवकों को धधकती आग बनाता है।

इब्रानियों 1:8 परन्तु पुत्र से कहता है, कि हे परमेश्वर तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा: तेरे राज्य का राजदण्‍ड न्याय का राजदण्‍ड है।

इब्रानियों 1:9 तू ने धर्म से प्रेम और अधर्म से बैर रखा; इस कारण परमेश्वर तेरे परमेश्वर ने तेरे साथियों से बढ़कर हर्ष रूपी तेल से तुझे अभिषेक किया।

इब्रानियों 1:10 और यह कि, हे प्रभु, आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और स्वर्ग तेरे हाथों की कारीगरी है।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 20-21
  • प्रेरितों 10:24-48


मंगलवार, 30 जून 2020

प्रतीक्षा


     मेरी सबसे पसंदीदा कलाकृतियों में से एक, इंगलैंड में ऑक्सफोर्ड के केम्बल कॉलेज चैप्पल में टंगी है। अंग्रेज़ी कलाकार विलियम होलमैन हंट द्वारा बनाए गए चित्र, जिसका शीर्षक है ‘द लाईट ऑफ़ द वर्ल्ड’, में यीशु को हाथ में एक लालटेन लिए, एक घर के बाहर खड़े होकर घर के दरवाज़े पर खटखटाते दिखाया गया है। उस चित्र की एक अचरज में डालने वाली बात है कि जिस दरवाज़े को यीशु खटखटा रहे हैं, उसमें कोई हत्था नहीं है। जब हंट से हत्था न होने के कारण दरवाज़े को न खोल सकने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने समझाया कि वे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रकाशितवाक्य 3:20 “देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं; यदि कोई मेरा शब्द सुन कर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आ कर उसके साथ भोजन करूंगा, और वह मेरे साथ” को इस चित्र में दर्शाना चाहते थे।

     प्रेरित यूहन्ना द्वारा प्रकाशितवाक्य में लिखे गए शब्द और हंट का चित्र प्रभु यीशु की नम्रता को प्रकट करते हैं। प्रभु अपनी शान्ति के प्रस्ताव के साथ बाहर खड़े होकर हमारे मनों के द्वार पर नम्रता के साथ खटखटाते हैं, और धैर्य के साथ हमारे द्वारा अपने मन के द्वार को उनके लिए खोलने की प्रतीक्षा करते हैं। वह स्वयं द्वार खोलकर जबरन अन्दर हमारे जीवनों में प्रवेश नहीं करते हैं; वह अपने आप को और अपनी इच्छा को हम पर थोपते नहीं हैं। प्रभु यीशु समस्त संसार के सभी लोगों को पापों की क्षमा और उद्धार तथा जीवन के मार्गदर्शन के लिए अपनी ज्योति देना चाहते हैं, यदि लोग स्वेच्छा से उनके प्रस्ताव को स्वीकार करें, और अपने जीवन उन्हें समर्पित कर दें। इसलिए जो कोई उनके लिए अपने मन के द्वार को खोलेगा, वे उसके जीवन में प्रवेश करेंगे; इसके अतिरिक्त, उन्हें स्वीकार करने के लिए अन्य कोई आवश्यकताएं नहीं हैं।

     यदि आप प्रभु यीशु की नम्र आवाज़ और आपके मन के द्वार पर उसके खटखटाने को सुन रहे हैं, तो उत्साहित होकर उसके लिए द्वार को खोल दीजिए; वह धैर्य के साथ प्रतीक्षा कर रहा है, और यदि आप उसे अन्दर आने देंगे, तो वह अवश्य आपके साथ हो जाएगा। - लीसा सामरा

 

प्रभु यीशु के लिए द्वार को खोल दें, वह धैर्य से आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।


जैसा कहा जाता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो, तो अपने मनों को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय किया था। - इब्रानियों 3:15

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 3:14-22

प्रकाशितवाक्य 3:14 और लौदीकिया की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जो आमीन, और विश्वासयोग्य, और सच्चा गवाह है, और परमेश्वर की सृष्‍टि का मूल कारण है, वह यह कहता है।

प्रकाशितवाक्य 3:15 कि मैं तेरे कामों को जानता हूं कि तू न तो ठंडा है और न गर्म: भला होता कि तू ठंडा या गर्म होता।

प्रकाशितवाक्य 3:16 सो इसलिये कि तू गुनगुना है, और न ठंडा है और न गर्म, मैं तुझे अपने मुंह में से उगलने पर हूं।

प्रकाशितवाक्य 3:17 तू जो कहता है, कि मैं धनी हूं, और धनवान हो गया हूं, और मुझे किसी वस्तु की घटी नहीं, और यह नहीं जानता, कि तू अभागा और तुच्‍छ और कंगाल और अन्‍धा, और नंगा है।

प्रकाशितवाक्य 3:18 इसी लिये मैं तुझे सम्मति देता हूं, कि आग में ताया हुआ सोना मुझ से मोल ले, कि धनी हो जाए; और श्वेत वस्‍त्र ले ले कि पहिन कर तुझे अपने नंगेपन की लज्ज़ा न हो; और अपनी आंखों में लगाने के लिये सुर्मा ले, कि तू देखने लगे।

प्रकाशितवाक्य 3:19 मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा।

प्रकाशितवाक्य 3:20 देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं; यदि कोई मेरा शब्द सुन कर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आ कर उसके साथ भोजन करूंगा, और वह मेरे साथ।

प्रकाशितवाक्य 3:21 जो जय पाए, मैं उसे अपने साथ अपने सिंहासन पर बैठाऊंगा, जैसा मैं भी जय पा कर अपने पिता के साथ उसके सिंहासन पर बैठ गया।

प्रकाशितवाक्य 3:22 जिस के कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 17-19
  • प्रेरितों 10:1-23


सोमवार, 29 जून 2020

प्रेम में चलना


     मैंने और मेरे बच्चों ने एक नई दैनिक बात आरम्भ की है, प्रत्येक रात्रि को सोने जाने के समय, हम रंगीन पेंसिलें लेते हैं, एक मोमबत्ती जलाते हैं, और परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमें अपनी ज्योति से मार्गदर्शन प्रदान करे। फिर हम अपनी कॉपियाँ निकाल कर उसमें दो प्रश्नों के उत्तर को या तो लिखते हैं या उनके चित्र बनाते हैं। वे प्रश्न हैं, आज मैंने प्रेम कब और कैसे दिखाया? और, आज मैंने प्रेम दिखाने के अवसर का कब और कैसे उपयोग नहीं किया?

     मसीही जीवन का एक महत्वपूर्ण व्यवहार है अपने पड़ौसियों से प्रेम दिखाना, और यह आरम्भ से ही है (2 यूहन्ना 1:5)। यूहन्ना अपनी दूसरी पत्री में मंडली को यही बात लिख रहा था, कि वे परमेश्वर के आज्ञाकारी होकर, एक दूसरे से प्रेम करें (2 यूहन्ना 1:5-6)। उसकी सभी पत्रियों में प्रेम यूहन्ना का प्रीय विषय रहा है। वह कहता है कि वास्तविक प्रेम को व्यवहार में प्रगट करना यह व्यक्त करने का एक तरीका है कि हम परमेश्वर की उपस्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, और सत्य के हैं। जब मैं और मेरे बच्चे इन प्रश्नों पर विचार करते हैं, तो हम पाते हैं कि हमारे जीवनों में प्रेम को प्रगट करना सामान्य, साधारण बातों द्वारा होता है, जैसे कि, अपना छाता किसी के साथ साझा करना, किसी उदास जन को प्रोत्साहित करना, किसी के पसंद का भोजन बना कर परोसना, आदि। इसी प्रकार से, प्रेम व्यक्त करने के अवसरों का उपयोग न करना भी ऐसे ही व्यावाहारिक होता है, जैसे कि, कानाफूसी करना, किसी वस्तु को साझा करने से इनकार करना, किसी अन्य की आवश्यकताओं की चिंता किए बिना, अपनी ही इच्छाओं को पूरा करना, आदि।

     प्रत्येक रात्रि को इन बातों पर ध्यान देने के द्वारा, हम दिन के समय में इनके प्रति और उसके प्रति जो परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें दिखा और सिखा रहा है, अधिक सचेत और संवेदनशील रहने पाते हैं। अपने जीवनों में, पवित्र आत्मा की सहायता से हम प्रेम में चलाना सीख रहे हैं (2 यूहन्ना 1:6)। - एमी पीटरसन

 

मैं आज प्रेम कैसे दिखा सकता हूँ?


क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें। - 1 यूहन्ना 3:11

बाइबल पाठ: 2 यूहन्ना 1:1-6

2 यूहन्ना 1:1 मुझ प्राचीन की ओर से उस चुनी हुई श्रीमती और उसके लड़के बालों के नाम जिन से मैं उस सच्चाई के कारण सत्य प्रेम रखता हूं, जा हम में स्थिर रहती है, और सर्वदा हमारे साथ अटल रहेगी।

2 यूहन्ना 1:2 और केवल मैं ही नहीं, वरन वह सब भी प्रेम रखते हैं, जो सच्चाई को जानते हैं।

2 यूहन्ना 1:3 परमेश्वर पिता, और पिता के पुत्र यीशु मसीह की ओर से अनुग्रह, और दया, और शान्‍ति, सत्य, और प्रेम सहित हमारे साथ रहेंगे।

2 यूहन्ना 1:4 मैं बहुत आनन्‍दित हुआ, कि मैं ने तेरे कितने लड़के-बालों को उस आज्ञा के अनुसार, जो हमें पिता की ओर से मिली थी सत्य पर चलते हुए पाया।

2 यूहन्ना 1:5 अब हे श्रीमती, मैं तुझे कोई नई आज्ञा नहीं, पर वही जो आरम्भ से हमारे पास है, लिखता हूं; और तुझ से बिनती करता हूं, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें।

2 यूहन्ना 1:6 और प्रेम यह है कि हम उस की आज्ञाओं के अनुसार चलें: यह वही आज्ञा है, जो तुम ने आरम्भ से सुनी है और तुम्हें इस पर चलना भी चाहिए।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 14-16
  • प्रेरितों 9:22-43


रविवार, 28 जून 2020

खोजी


     जब मैं कॉलेज में थी, तो एक प्रातः उठने पर मैंने पाया कि मेरी रूम-मेट, कैरल, बहुत घबराई हुई थी। उसकी अँगूठी खो गई थी, और हमने उस अँगूठी की खोज सभी स्थानों पर की किन्तु वह नहीं मिली। अगली प्रातः हम कूड़ेदान में उसकी अँगूठी खोज रहे थे। मैंने एक कूड़े के थैले को फाड़कर खोलते हुए कहा, “तुम इस अँगूठी को खोज लेने के लिए इतनी समर्पित क्यों हो?” उसने कहा, “मैं दो सौ डॉलर की अँगूठी को खोना नहीं चाहती हूँ!”

     कैरल के दृढ़ता को देखकर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा बताया गया परमेश्वर के राज्य से संबंधित दृष्टांत स्मरण हो आया। प्रभु यीशु ने परमेश्वर के राज्य की उपमा देते हुए कहा, “स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया” (मत्ती 13:44)। कुछ बातें ऐसी होते है जिन्हें खोजने के लिए बहुत प्रयास करना लाभदायक होता है।

     बाइबल में सभी स्थानों पर परमेश्वर यह प्रतिज्ञा करता है कि जो उसके खोजी होंगे, वे उसे पा लेंगे। उसने व्यवस्थाविवरण में इस्राएलियों को समझाया कि जब वे अपने पापों से मुड़कर उसे पूरे मन से खोजेंगे, तो वे उसे पा लेंगे (4:28-29)। 2 इतिहास की पुस्तक में, राजा असा को भी ऐसी ही एक प्रतिज्ञा से प्रोत्साहन मिला (15:2)। और यिर्मयाह में परमेश्वर ने यही प्रतिज्ञा निर्वासित इस्राएलियों को भी दी, कि वह उन्हें बन्धुआई से लौटा ले आएगा (29:13-14)।

     यदि हम परमेश्वर को उसके वचन, उसकी आराधना, और अपने दैनिक जीवन में सच्चे मन से खोजते हैं, तो हम अवश्य ही उसे पाएंगे भी। समय के साथ ही हम उसे और गहराई से जानने लगेंगे; और यह उस मधुर पल से भी अधिक मनोहर होगा जब कैरल ने उस कूड़े के थैले में से अपनी अँगूठी खोज कर निकाल ली। - जूली स्कौब

 

परमेश्वर को पाने के लिए हमें उसका खोजी होना पड़ेगा।


मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। - मत्ती 7:7 

बाइबल पाठ: मत्ती 13:44-46

मत्ती 13:44 स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया।

मत्ती 13:45 फिर स्वर्ग का राज्य एक व्यापारी के समान है जो अच्‍छे मोतियों की खोज में था।

मत्ती 13:46 जब उसे एक बहुमूल्य मोती मिला तो उसने जा कर अपना सब कुछ बेच डाला और उसे मोल ले लिया।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21