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बुधवार, 27 जनवरी 2021

साहस

 

          इस्राएल में ‘याद वशेम में एक संग्रहालय है Holocaust Museum जिसे दूसरे विश्व-युद्ध के समय जर्मनी के नात्ज़ियों द्वारा यहूदियों पर किए गए अत्याचारों का स्मारक बनाया गया है। उस संग्रहालय में एक उद्यान है जिसे Righteous Amongst the Naions (राष्ट्रों में से धर्मी) उद्यान कहा जाता है और जिसे उन लोगों के स्मारक के रूप में बनाया गया है जिन्होंने उस अत्याचार के समय में यहूदियों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी। वहाँ के स्मारक पट्टिकाओं को देखते हुए हमारी मुलाक़ात नीदरलैंड से आए एक समूह से हुई। उनमें से एक महिला वहाँ पर लिखे हुए नामों में अपने दादा-दादी के नाम खोजने का प्रयास कर रही थी। कौतूहल के साथ हमने उससे उनके परिवार की कहानी को पूछा।

          उसने बताया कि उसके दादा-दादी, पास्टर पीटर और अद्रियाना म्यूलर, गुप्त रीति से नात्ज़ियों के विरोध में कार्य करने वालों में सम्मिलित थे। उन्होंने दो वर्षीय यहूदी लड़के को अपने घर में शरण दी और उसे अपने आठ बच्चों में से सबसे छोटी संतान कहकर उसका 1943-45 तक पालना-पोषण करता रहे। उनकी इस कहानी से द्रवित होकर हमने उन से पूछा, “क्या वह यहूदी बच्चा जीवित बच सका?” तो उनके समूह में से एक वृद्ध व्यक्ति आगे आया और बोला, “मैं ही वह लड़का हूँ!”

          अनेकों लोगों की यहूदी लोगों की सहायता करने के साहस की कहानियाँ मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में रानी एस्तेर की याद दिलाती है। हो सकता है कि रानी ने सोचा हो कि लगभग 475 ईस्वी पूर्व में राजा क्षयर्ष द्वारा उसके राज्य भर में यहूदियों को मार डालने की आज्ञा से वह महल में होने के कारण बच जाएगी, क्योंकि उसने अपनी जाति को छिपाए रखा था। परन्तु उसके चचेरे भाई, मोर्दकै ने उसे कायल किया कि वह अपनी जान का जोखिम उठाकर भी यहूदियों के पक्ष में होकर कार्य करे, और अपने यहूदी वंश के होने को छिपाए न रखे, क्योंकि परमेश्वर ने उसे उस स्थान तक ऐसे ही समय के लिए पहुँचाया था (एस्तेर 4:14)।

          हो सकता है कि हमें कभी ऐसी परिस्थिति का सामना न करना पड़े जिसमें हमें इतने नाटकीय निर्णय करने पड़ें, ऐसा साहस दिखाना पड़े। किन्तु यह संभव है कि हमारे सामने ऐसी परिस्थितियाँ हो सकती हैं जिनमें हमें किसी अन्याय के विरुद्ध बोलना पड़े, या साथ देने से मना करना पड़े, या समर्थन न करने के लिए चुप रहना पड़े; या किसी परेशानी में पड़े हुए व्यक्ति की सहायता करने के लिए सामने आना पड़े। प्रभु परमेश्वर हमारी सहायता करे कि हम ऐसी परिस्थिति में उचित साहस दिखाने वाले हो सकें। - लीसा सामरा

 

परमेश्वर से पूछें कि आपको किन की सहायता के लिए खड़ा होने की आवश्यकता है।


तब राजा [प्रभु यीशु] उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। - मत्ती 25:40

बाइबल पाठ: एस्तेर 4:5-14

एस्तेर 4:5 तब एस्तेर ने राजा के खोजों में से हताक को जिसे राजा ने उसके पास रहने को ठहराया था, बुलवा कर आज्ञा दी, कि मोर्दकै के पास जा कर मालूम कर ले, कि क्या बात है और इसका क्या कारण है।

एस्तेर 4:6 तब हताक नगर के उस चौक में, जो राजभवन के फाटक के सामने था, मोर्दकै के पास निकल गया।

एस्तेर 4:7 मोर्दकै ने उसको सब कुछ बता दिया कि मेरे ऊपर क्या क्या बीता है, और हामान ने यहूदियों के नाश करने की अनुमति पाने के लिये राज-भणडार में कितनी चान्दी भर देने का वचन दिया है, यह भी ठीक ठीक बतला दिया।

एस्तेर 4:8 फिर यहूदियों को विनाश करने की जो आज्ञा शूशन में दी गई थी, उसकी एक नकल भी उसने हताक के हाथ में, एस्तेर को दिखाने के लिये दी, और उसे सब हाल बताने, और यह आज्ञा देने को कहा, कि भीतर राजा के पास जा कर अपने लोगों के लिये गिड़गिड़ाकर बिनती करे।

एस्तेर 4:9 तब हताक ने एस्तेर के पास जा कर मोर्दकै की बातें कह सुनाईं।

एस्तेर 4:10 तब एस्तेर ने हताक को मोर्दकै से यह कहने की आज्ञा दी,

एस्तेर 4:11 कि राजा के सब कर्मचारियों, वरन राजा के प्रान्तों के सब लोगों को भी मालूम है, कि क्या पुरुष क्या स्त्री कोई क्यों न हो, जो आज्ञा बिना पाए भीतरी आंगन में राजा के पास जाएगा उसके मार डालने ही की आज्ञा है; केवल जिसकी ओर राजा सोने का राजदण्ड बढ़ाए वही बचता है। परन्तु मैं अब तीस दिन से राजा के पास नहीं बुलाई गई हूँ।

एस्तेर 4:12 एस्तेर की ये बातें मोर्दकै को सुनाईं गई।

एस्तेर 4:13 तब मोर्दकै ने एस्तेर के पास यह कहला भेजा, कि तू मन ही मन यह विचार न कर, कि मैं ही राजभवन में रहने के कारण और सब यहूदियों में से बची रहूंगी।

एस्तेर 4:14 क्योंकि जो तू इस समय चुपचाप रहे, तो और किसी न किसी उपाय से यहूदियों का छुटकारा और उद्धार हो जाएगा, परन्तु तू अपने पिता के घराने समेत नाश होगी। फिर क्या जाने तुझे ऐसे ही कठिन समय के लिये राजपद मिल गया हो?

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 16-18 
  • मत्ती 18:1-20

मंगलवार, 26 जनवरी 2021

स्वतंत्र


          सर्दी के एक दिन में मेरे बच्चों ने मुझ से विनती की, कि मैं उन्हें बाहर बर्फ पर फिसलने वाली गाड़ी – स्लेज, का आनंद लेने दूँ। बाहर बर्फ पड़ रही थी, तापमान शून्य से भी नीचे था; मैंने थोड़ी देर विचार किया, फिर उन्हें हाँ कह दिया, इस शर्त के साथ कि वे अच्छे से गर्म कपड़े और जूते-मोज़े पहनेंगे, सब साथ ही रहेंगे, और पंद्रह मिनिट में वापस घर के अन्दर आ जाएँगे। अपने बच्चों के प्रति प्रेम के कारण ही मैंने उनके लिए ये नियम बनाए, जिससे कि वे बर्फ में खेलने के लिए स्वतंत्र भी हो सकें और कड़ाके की ठण्ड के कारण उनके अंग भी जम कर ख़राब न हो जाएँ।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 119 के लेखक ने परमेश्वर के इसी प्रकार के बुद्धिमत्तापूर्ण निर्देशों के महत्व को समझा, जब उसने साथ-साथ दो ऐसे पदों को लिखा जो परस्पर विरोधी प्रतीत होते हैं। एक पद में वह कहता है “तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूंगा”; और उससे ठीक बाद कहता है,और मैं चोड़े स्थान में चला फिरा करूंगा, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है” (भजन 119:44-45)। ऐसा कैसे हुआ कि भजनकार ने स्वतंत्रता को आत्मिक नियमों के पालन करने के साथ मिलाकर देखा?

          परमेश्वर की भली मनसा में दिए गए उसके निर्देशों के पालन के द्वारा हम उन दुष्परिणामों से बचने का मार्ग प्राप्त करते हैं, जो हमारे गलत चुनावों के कारण हम पर आ सकते थे, जिन्हें हम बाद में बदलने के लिए इच्छुक हो सकते थे। उन नियमों का पालन करते हुए हम बिना दोष-बोध या दुःख के, अपने जीवनों का आनन्द स्वतंत्रता के साथ ले सकते हैं। परमेश्वर हमें ‘यह करो; वह न करो के बंधनों में बाँधना नहीं चाहता है; वरन हमें बिना हानि उठाए भला जीवन जीने की स्वतंत्रता देना चाहता है। उसके निर्देश दिखाते हैं कि वह हम से प्रेम करता है, हमारी भलाई चाहता है, हमें किसी बुराई में पड़ने नहीं देना चाहता है।

          जब मेरे बच्चे बाहर बर्फ में खेल रहे थे, आनन्दित हो रहे थे, मैं खिड़की में से उन्हें आनन्द मनाते हुए देख रही थी। उनके प्रसन्न चेहरे देखकर मैं भी प्रसन्न थी। मेरे द्वारा निर्धारित की गई सीमाओं के अन्दर खेलते हुए वे स्वतंत्र थे। यही विरोधाभास प्रतीत होने वाला तथ्य, परमेश्वर के साथ हमारे संबंधों में भी लागू होता है – हम जितने अधिक परमेश्वर के नियमों और निर्देशों के आज्ञाकारी होंगे, उतने ही अधिक उसमें आनन्दित और आशीषित होने के लिए स्वतंत्र भी होंगे। इसीलिए हम भी भजनकार के साथ कहा सकते हैं,अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूं” (पद 35)। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

प्रेम करने वाले हृदय से आज्ञाकारिता उन्मुक्त प्रवाहित होती है।


मैं ने तुझे बुद्धि का मार्ग बताया है; और सिधाई के पथ पर चलाया है। - नीतिवचन 4:11

बाइबल पाठ: भजन 119:33-48

भजन  119:33 हे यहोवा, मुझे अपनी विधियों का मार्ग दिखा दे; तब मैं उसे अन्त तक पकड़े रहूंगा।

भजन 119:34 मुझे समझ दे, तब मैं तेरी व्यवस्था को पकड़े रहूंगा और पूर्ण मन से उस पर चलूंगा।

भजन 119:35 अपनी आज्ञाओं के पथ में मुझ को चला, क्योंकि मैं उसी से प्रसन्न हूं।

भजन 119:36 मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे।

भजन 119:37 मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला।

भजन 119:38 तेरा वचन जो तेरे भय मानने वालों के लिये है, उसको अपने दास के निमित्त भी पूरा कर।

भजन 119:39 जिस नामधराई से मैं डरता हूं, उसे दूर कर; क्योंकि तेरे नियम उत्तम हैं।

भजन 119:40 देख, मैं तेरे उपदेशों का अभिलाषी हूं; अपने धर्म के कारण मुझ को जिला।

भजन 119:41 हे यहोवा, तेरी करुणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वचन के अनुसार, मुझ को भी मिले;

भजन 119:42 तब मैं अपनी नामधराई करने वालों को कुछ उत्तर दे सकूंगा, क्योंकि मेरा भरोसा, तेरे वचन पर है।

भजन 119:43 मुझे अपने सत्य वचन कहने से न रोक क्योंकि मेरी आशा तेरे नियमों पर हैं।

भजन 119:44 तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूंगा;

भजन 119:45 और मैं चौड़े स्थान में चला फिरा करूंगा, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है।

भजन 119:46 और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के सामने भी करूंगा, और संकोच न करूंगा;

भजन 119:47 क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूं, और मैं उन से प्रीति रखता हूं।

भजन 119:48 मैं तेरी आज्ञाओं की ओर जिन में मैं प्रीति रखता हूं, हाथ फैलाऊंगा और तेरी विधियों पर ध्यान करूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 14-15 
  • मत्ती 17

सोमवार, 25 जनवरी 2021

स्तुति

 

          अमेरिका के सर्वप्रथम अफ्रीकी मूल से आए और राष्ट्रपति बनने वाले व्यक्ति के शपथ ग्रहण समारोह को देखने आए लाखों लोगों को दिखाने के लिए टेलीविज़न पर प्रसारण दिखाने वालों ने उन सभी लोगों को एक साथ दिखाने के लिए एक विशेष कैमरा लेंस का प्रयोग किया जिससे उन सभी को एक ही दृश्य में दिखाया जा सके। सीबीएस समाचार के संवाददाता ने बताया कि उस लेंस के प्रयोग के बिना ऐसा कर पाना संभव नहीं था, और वह लेंस ही उस दृश्य को दिखा पाने की प्रशंसा का हकदार है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हम इससे भी बड़ी भीड़ के एक दृश्य को देखते हैं जो उन लोगों की है जो प्रभु यीशु मसीह में अपने विश्वास के कारण एक साथ हैं। बाइबल मसीही विश्वासियों के लिए कहती है,पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो” (1 पतरस 2:9)।

          यह दृश्य कुछ चुने हुए थोड़े से लोगों का नहीं है, परन्तु उन अनेकों-अनेक लोगों का है जो “हर एक कुल और भाषा और जाति” (प्रकाशितवाक्य 5:9) में से मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा पाप के अन्धकार और प्रभाव से छुड़ाए गए हैं। आज हम मसीही विश्वासी सारी पृथ्वी पर तित्तर-बित्तर हो रखे हैं, और हम में से बहुत से अपने मसीही विश्वास के कारण सताए जाते हैं, समाज से अलग कर दिए जाते हैं, लोगों का दुर्व्यवहार झेलते हैं। लेकिन परमेश्वर के वचन के लेंस में से होकर हम मसीही विश्वास में अपने अनगिनत भाई-बहनों को देखते हैं जो उस की स्तुति और महिमा करने के लिए खड़े हुए जिसने अपने जीवन के बलिदान और क्रूस पर अपना लहू बहाने के द्वारा हमें पापों से छुड़ा लिया, अपना बना लिया, परमेश्वर के परिवार का सदस्य बना दिया।

          हम सब मिलकर उसकी स्तुति और प्रशंसा करें जो हमें पाप के अन्धकार में से निकाल कर अनन्त जीवन की ज्योति में ले आया है। - डेविड सी. मेक्कैसलैंड

 

हर समय, हर परिस्थिति में, हर बात के लिए परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें।


इसलिये अब यदि तुम निश्चय मेरी मानोगे, और मेरी वाचा का पालन करोगे, तो सब लोगों में से तुम ही मेरा निज धन ठहरोगे; समस्त पृथ्वी तो मेरी है। और तुम मेरी दृष्टि में याजकों का राज्य और पवित्र जाति ठहरोगे। जो बातें तुझे इस्राएलियों से कहनी हैं वे ये ही हैं। - निर्गमन 19:5-6

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:1-10

1 पतरस 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।

1 पतरस 2:2 नये जन्मे हुए बच्चों के समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।

1 पतरस 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्वाद चख लिया है।

1 पतरस 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।

1 पतरस 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों।

1 पतरस 2:6 इस कारण पवित्र शास्त्र में भी आया है, कि देखो, मैं सिय्योन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्जित नहीं होगा।

1 पतरस 2:7 सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिस्त्रीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया।

1 पतरस 2:8 और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मान कर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।

1 पतरस 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।

1 पतरस 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 12-13 
  • मत्ती 16

रविवार, 24 जनवरी 2021

देना

 

          परिवार के एक सदस्य को दिसंबर का किराया चुकाने के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता पड़ी, और उसने इसे अपने परिवार के सामने रखा। परिवार के लिए, वर्ष के अन्त में उनके अपने अनपेक्षित खर्चो के कारण इस अनुरोध को पूरा करना कठिन लगा; परन्तु उन्होंने अपनी बचत को खंगाला, आवश्यक पैसे एकत्रित किए और, परमेश्वर के प्रावधानों के लिए धन्यवाद के साथ उस सदस्य को दे दिए – और उस सदस्य ने भी उन्हें उनकी इस सहायता के लिए कृतज्ञ होकर आशीष दी। उसने उन सभी को धन्यवाद व्यक्त करने के लिए एक कार्ड दिया, जिस पर उसने अपनी कृतज्ञता को व्यक्त करते हुए लिखा था, “आप लोगों ने एक बार फिर से इसे कर दिया है – औरों के लिए भलाई करना, मानो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है!”

          हो सकता है कि मनुष्यों के लिए औरों की सहायता करने में कोई बड़ी बात न हो, परन्तु परमेश्वर इसे बहुत महत्वपूर्ण मानता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि यशायाह भविष्यद्वक्ता ने इस्राएल राष्ट्र को इस बात को समझाया। लोग उपासना के लिए उपवास तो रखते थे, किन्तु आपस में वाद-विवाद और झगड़े भी करते थे। परमेश्वर ने यशायाह में होकर उनसे कहा कि ऐसा करने की बजाए,जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूँ, वह क्या यह नहीं, कि, अन्याय से बनाए हुए दासों, और अन्धेर सहने वालों का जुआ तोड़कर उन को छुड़ा लेना, और, सब जूओं को टूकड़े टूकड़े कर देना? क्या वह यह नहीं है कि अपनी रोटी भूखों को बाँट देना, अनाथ और मारे मारे फिरते हुओं को अपने घर ले आना, किसी को नंगा देखकर वस्त्र पहनाना, और अपने जाति-भाइयों से अपने को न छिपाना?” (यशायाह 58:6-7)।

          यशायाह ने कहा कि इस प्रकार से बलिदान देना न केवल परमेश्वर की ज्योति को औरों के साथ बाँटता है, वरन साथ ही हमारे टूटेपन को भी चंगा करता है (पद 8)। जब परिवार उस सदस्य की सहायता कर रहा था, तब उन्होंने बीते वर्ष के अपने खर्चो को भी ध्यान से देखा, और ध्यान किया कि कैसे वे लोग वर्ष भर अपनी आवश्यकताओं को पहले से भली प्रकार से पूरी करते चले आए थे। यह उनके लिए उदार होने कारण परमेश्वर की आशीषें पाने की पुष्टि थी: “तब तेरा प्रकाश पौ फटने के समान चमकेगा, और तू शीघ्र चंगा हो जाएगा; तेरा धर्म तेरे आगे आगे चलेगा, यहोवा का तेज तेरे पीछे रक्षा करते चलेगा” (यशायाह 58:8)।

          अन्ततः, अपने रिश्तेदार को देने के द्वारा वे और भी अधिक आशीषित हुए। और परमेश्वर? उसने तो पहले ही अपने प्रेम में होकर हमारे लिए अपना सर्वोत्तम दे दिया है। - पेट्रीशिया रेबौन

 

परमेश्वर ने अपना सब कुछ दे दिया; हम भी उसका अनुसरण करें।


क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना इकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: यशायाह 58

यशायाह 58:1 गला खोल कर पुकार, कुछ न रख छोड़, नरसिंगे का सा ऊंचा शब्द कर; मेरी प्रजा को उसका अपराध अर्थात याकूब के घराने को उसका पाप जता दे।

यशायाह 58:2 वे प्रति दिन मेरे पास आते और मेरी गति बूझने की इच्छा ऐसी रखते हैं मानो वे धर्मी लोगे हैं जिन्होंने अपने परमेश्वर के नियमों को नहीं टाला; वे मुझ से धर्म के नियम पूछते और परमेश्वर के निकट आने से प्रसन्न होते हैं।

यशायाह 58:3 वे कहते हैं, क्या कारण है कि हम ने तो उपवास रखा, परन्तु तू ने इसकी सुधि नहीं ली? हम ने दु:ख उठाया, परन्तु तू ने कुछ ध्यान नहीं दिया? सुनो, उपवास के दिन तुम अपनी ही इच्छा पूरी करते हो और अपने सेवकों से कठिन कामों को कराते हो।

यशायाह 58:4 सुनो, तुम्हारे उपवास का फल यह होता है कि तुम आपस में लड़ते और झगड़ते और दुष्टता से घूंसे मारते हो। जैसा उपवास तुम आजकल रखते हो, उस से तुम्हारी प्रार्थना ऊपर नहीं सुनाई देगी।

यशायाह 58:5 जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूं अर्थात जिस में मनुष्य स्वयं को दीन करे, क्या तुम इस प्रकार करते हो? क्या सिर को झाऊ के समान झुकाना, अपने नीचे टाट बिछाना, और राख फैलाने ही को तुम उपवास और यहोवा को प्रसन्न करने का दिन कहते हो?

यशायाह 58:6 जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूं, वह क्या यह नहीं, कि, अन्याय से बनाए हुए दासों, और अन्धेर सहने वालों का जुआ तोड़कर उन को छुड़ा लेना, और, सब जूओं को टूकड़े टूकड़े कर देना?

यशायाह 58:7 क्या वह यह नहीं है कि अपनी रोटी भूखों को बांट देना, अनाथ और मारे मारे फिरते हुओं को अपने घर ले आना, किसी को नंगा देखकर वस्त्र पहनाना, और अपने जाति-भाइयों से अपने को न छिपाना?

यशायाह 58:8 तब तेरा प्रकाश पौ फटने के समान चमकेगा, और तू शीघ्र चंगा हो जाएगा; तेरा धर्म तेरे आगे आगे चलेगा, यहोवा का तेज तेरे पीछे रक्षा करते चलेगा।

यशायाह 58:9 तब तू पुकारेगा और यहोवा उत्तर देगा; तू दोहाई देगा और वह कहेगा, मैं यहां हूं। यदि तू अन्धेर करना और उंगली मटकाना, और, दुष्ट बातें बोलना छोड़ दे,

यशायाह 58:10 उदारता से भूखे की सहायता करे और दीन दुखियों को सन्तुष्ट करे, तब अन्धियारे में तेरा प्रकाश चमकेगा, और तेरा घोर अन्धकार दोपहर का सा उजियाला हो जाएगा।

यशायाह 58:11 और यहोवा तुझे लगातार लिये चलेगा, और काल के समय तुझे तृप्त और तेरी हड्डियों को हरी भरी करेगा; और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता।

यशायाह 58:12 और तेरे वंश के लोग बहुत काल के उजड़े हुए स्थानों को फिर बसाएंगे; तू पीढ़ी पीढ़ी की पड़ी हुई नेव पर घर उठाएगा; तेरा नाम टूटे हुए बाड़े का सुधारक और पथों का ठीक करने वाला पड़ेगा।।

यशायाह 58:13 यदि तू विश्राम दिन को अशुद्ध न करे अर्थात मेरे उस पवित्र दिन में अपनी इच्छा पूरी करने का यत्न न करे, और विश्राम दिन को आनन्द का दिन और यहोवा का पवित्र किया हुआ दिन समझ कर माने; यदि तू उसका सम्मान कर के उस दिन अपने मार्ग पर न चले, अपनी इच्छा पूरी न करे, और अपनी ही बातें न बोले,

यशायाह 58:14 तो तू यहोवा के कारण सुखी होगा, और मैं तुझे देश के ऊंचे स्थानों पर चलने दूंगा; मैं तेरे मूल पुरुष याकूब के भाग की उपज में से तुझे खिलाऊंगा, क्योंकि यहोवा ही के मुख से यह वचन निकला है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 9-11 
  • मत्ती 15:21-39

शनिवार, 23 जनवरी 2021

मन

 

          जब कॉलेज की एक कक्षा सांस्कृतिक भ्रमण के लिए गई, तो प्रशिक्षक ने अपने सर्वोत्तम विद्यार्थियों में से एक लगभग पहचाना ही नहीं। कक्षा में वह अपनी पैंट के अन्दर छः इंच ऊँची एड़ियों वाले जूते छिपाए रहती थी जिससे कि लम्बी दिखे। परन्तु अब चलने फिरने के लिए जो जूते उसने पहने हुए थे, उनमें वह पाँच फीट से भी कम ऊँचाई की थी! उसने हँसते हुए कहा, “ऊँची एड़ी वाले मेरे जूते दिखाते हैं कि मैं कैसी दिखना चाहती हूँ; लेकिन ये जूते दिखा रहे हैं कि मैं वास्तव में कैसी हूँ।”

          हमारा भौतिक स्वरूप हमारी वास्तविकता को नहीं दिखाता है; हमारी सच्चाई हमारे मन के द्वारा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने उन स्वांग भरने में निपुण, अत्यधिक धर्मी दिखने वाले धर्म के अगुवों, उन “फरीसियों और व्यवस्था के शिक्षकों” की कठोर शब्दों में आलोचना की। उन्होंने प्रभु यीशु से पूछा कि उसके शिष्य भोजन खाने से पहले अपने हाथ क्यों नहीं धोते थे, जैसा कि उनकी धार्मिक परंपराओं की माँग थी (मत्ती 15:1-2)। प्रभु यीशु ने उन से पूछा,तुम भी अपनी रीतियों के कारण क्यों परमेश्वर की आज्ञा टालते हो?” (पद 3)। फिर प्रभु ने प्रकट किया कि कैसे उन्होंने बाहर से परमेश्वर की व्यवस्था के आज्ञाकारी प्रतीत होने के लिए अपने लिए बचने का एक वैधानिक मार्ग बना लिया था, और उसके द्वारा, अपने माता-पिता की देखभाल में लगाने के स्थान पर वे अपने धन को अपने ही पास बचाकर रखे रहते थे (पद 4-6), जो कि पाँचवीं आज्ञा का उल्लंघन (निर्गमन 20:12) और माता-पिता का निरादर करना था।

          यदि हम बाहरी स्वरूपों पर ही ध्यान देते रहेंगे, और परमेश्वर के स्पष्ट आज्ञाओं की आज्ञाकारिता से बचने के लिए अपने लिए बचने के मार्ग बनाते रहेंगे, तो हम उसकी व्यवस्था की आत्मा का उल्लंघन करने वाले होंगे। प्रभु यीशु ने कहा,क्योंकि कुचिन्‍ता, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्दा मन ही से निकलतीं है” (मत्ती 15:19)। केवल परमेश्वर ही, उसके पुत्र और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की धार्मिकता के द्वारा, हमें एक स्वच्छ मन दे सकता है जो उसका आज्ञाकारी बना रहे। - टिम गुस्ताफसन

 

यदि हमारा उद्देश्य अन्य मनुष्यों को प्रभावित करने का रहेगा, 

तो हम परमेश्वर को प्रसन्न करने वाले नहीं होंगे।


तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। - 1 यूहन्ना 2:15

बाइबल पाठ: मत्ती 15:1-11, 16-20.

मत्ती 15:1 तब यरूशलेम से कितने फरीसी और शास्त्री यीशु के पास आकर कहने लगे।

मत्ती 15:2 तेरे चेले पुरनियों की रीतियों को क्यों टालते हैं, कि बिना हाथ धोए रोटी खाते हैं?

मत्ती 15:3 उसने उन को उत्तर दिया, कि तुम भी अपनी रीतियों के कारण क्यों परमेश्वर की आज्ञा टालते हो?

मत्ती 15:4 क्योंकि परमेश्वर ने कहा था, कि अपने पिता और अपनी माता का आदर करना: और जो कोई पिता या माता को बुरा कहे, वह मार डाला जाए।

मत्ती 15:5 पर तुम कहते हो, कि यदि कोई अपने पिता या माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह परमेश्वर को भेंट चढ़ाई जा चुकी।

मत्ती 15:6 तो वह अपने पिता का आदर न करे, सो तुम ने अपनी रीतियों के कारण परमेश्वर का वचन टाल दिया।

मत्ती 15:7 हे कपटियों, यशायाह ने तुम्हारे विषय में यह भविष्यवाणी ठीक की।

मत्ती 15:8 कि ये लोग होंठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है।

मत्ती 15:9 और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्यों की विधियों को धर्मोपदेश कर के सिखाते हैं।

मत्ती 15:10 और उसने लोगों को अपने पास बुलाकर उन से कहा, सुनो; और समझो।

मत्ती 15:11 जो मुंह में जाता है, वह मनुष्य को अशुद्ध नहीं करता, पर जो मुंह से निकलता है, वही मनुष्य को अशुद्ध करता है।

मत्ती 15:16 उसने कहा, क्या तुम भी अब तक ना समझ हो?

मत्ती 15:17 क्या नहीं समझते, कि जो कुछ मुंह में जाता, वह पेट में पड़ता है, और सण्‍डास में निकल जाता है?

मत्ती 15:18 पर जो कुछ मुंह से निकलता है, वह मन से निकलता है, और वही मनुष्य को अशुद्ध करता है।

मत्ती 15:19 क्योंकि कुचिन्‍ता, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्दा मन ही से निकलतीं है।

मत्ती 15:20 यही हैं जो मनुष्य को अशुद्ध करती हैं, परन्तु हाथ बिना धोए भोजन करना मनुष्य को अशुद्ध नहीं करता।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 7-8 
  • मत्ती 15:1-20

शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

संतान


          एक चर्च सभा के दौरान, जिस में मैं अपने माता-पिता के साथ सम्मिलित हुई थी, सामान्य परंपरा के अनुसार, हम प्रभु की प्रार्थना को दोहराते हुए एक दूसरे के हाथ पकड़े हुए खड़े थे। मेरा एक हाथ मेरी माँ ने थामा हुआ था, और दूसरा मेरे पिता ने, और मेरे मन विचार आया कि कुछ भी हो जाए, मैं सदा ही उनकी पुत्री, उनकी संतान बनी रहूँगी। चाहे अब मैं अपने अधेड़ आयु काल में ही क्यों न पहुँच गई हूँ, लेकिन मुझे सदा ही ‘लियो और फिलीस की बेटी कहा जा सकता है। साथ ही यह बात भी ध्यान में आई कि उसी प्रकार से मैं  सदा ही परमेश्वर की संतान भी रहूँगी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस चाहता था कि रोम के चर्च के लोग इस बात को समझें कि मसीही विश्वास में आ जाने के द्वारा अब उनकी पहचान परमेश्वर के परिवार में गोद ले लिए गए सदस्यों की है (रोमियों 8:15)। क्योंकि उन्होंने आत्मा के द्वारा नया जन्म प्राप्त कर लिया था (पद 14), इसलिए अब उन्हें व्यर्थ बातों के दासत्व में बने रहने की कोई आवश्यकता नहीं थी। वरन, परमेश्वर के पवित्र आत्मा के वरदानों के द्वारा, वे अब “वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं” (पद 17)।

          जो प्रभु यीशु मसीह के पीछे चलने लगते हैं, उनके लिए यह तथ्य उनके जीवन में क्या परिवर्तन लाता है? सीधी सी बात है, सब कुछ बदल जाता है; वे एक नई सृष्टि हो जाते हैं! परमेश्वर की संतान होने की हमारी पहचान अब हमारे जीवन का आधार हो जाती है और हमें संसार तथा अपने आप को देखने का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है। उदाहरण के लिए, इस बात का एहसास रखना कि हम परमेश्वर के परिवार के सदस्य हैं, हमें उसका अनुसरण करते समय, अपने आराम की स्थिति से बाहर निकलकर उसके लिए कार्य करने का साहस और सामर्थ्य प्रदान करता है। फिर हमें अन्य मनुष्यों की स्वीकृति और प्रशंसा के खोजी होने से भी मुक्ति मिल जाती है।

          आज क्यों न गंभीरता से इस बात पर मनन करें कि परमेश्वर की संतान होने का क्या अर्थ है? – एमी बाउचर पाई

 

जो परमेश्वर का अनुसरण करते हैं, वे ही परमेश्वर की संतान हैं।


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: रोमियों 8:9-17

रोमियों 8:9 परन्तु जब कि परमेश्वर का आत्मा तुम में बसता है, तो तुम शारीरिक दशा में नहीं, परन्तु आत्मिक दशा में हो। यदि किसी में मसीह का आत्मा नहीं तो वह उसका जन नहीं।

रोमियों 8:10 और यदि मसीह तुम में है, तो देह पाप के कारण मरी हुई है; परन्तु आत्मा धर्म के कारण जीवित है।

रोमियों 8:11 और यदि उसी का आत्मा जिसने यीशु को मरे हुओं में से जिलाया तुम में बसा हुआ है; तो जिसने मसीह को मरे हुओं में से जिलाया, वह तुम्हारी मरनहार देहों को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलाएगा।

रोमियों 8:12 सो हे भाइयों, हम शरीर के कर्जदार नहीं, ताकि शरीर के अनुसार दिन काटें।

रोमियों 8:13 क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।

रोमियों 8:14 इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं।

रोमियों 8:15 क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं।

रोमियों 8:16 आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं।

रोमियों 8:17 और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएं।

 

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 4-6
  • मत्ती 14:22-36

गुरुवार, 21 जनवरी 2021

गीत

 

          खगोल विद्या में खोज के लिए ध्वनि तरंगों के प्रयोग के द्वारा वैज्ञानिक अंतरिक्ष में उत्पन्न होने वाली ध्वनियों और स्पंदनों को सुनते और उनका अध्ययन करते हैं। उन्हें पता चला है कि सितारे अपनी कक्षा में मूक होकर विचरण नहीं करते हैं, परन्तु उनमें से संगीत ध्वनियाँ निकलती रहती हैं। जैसे कि हम्पबैक व्हेल मछलियों की ध्वनि तरंगें होती हैं, वैसे ही सितारों की ध्वनि तरंगें भी मनुष्य के कानों के द्वारा सुनी तो नहीं जा सकतीं हैं, किन्तु वैज्ञानिक उपकरणों के द्वारा उनकी जानकारी ली जा सकती है। सितारों, व्हेल मछलियों और अन्य प्राणियों के द्वारा उत्पन्न की गई ध्वनि मिलकर परमेश्वर की महानता का वर्णन करने वाले संगीत को बनाते हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 19:1-4 में लिखा है,आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है। न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है। उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं।

          नए नियम में, प्रेरित पौलुस ने यह प्रकट किया है कि प्रभु यीशु में,सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुताएँ, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं” (कुलुस्सियों 1:16)। प्रत्युत्तर में प्राकृतिक संसार की सभी वस्तुएँ, उसकी गहराई और ऊँचाई, सब कुछ मिलकर अपने सृष्टिकर्ता की स्तुति का गीत गाती हैं। हम भी सृष्टि के साथ मिलकर अपने सृष्टिकर्ता, जिसने “महासागर को चुल्लू से मापा और किस [जिस] के बित्ते से आकाश का नाप हुआ...” (यशायाह 40:12) की महानता के गीत गाएं। - रेमी ओयेडेली

 

 वे[हम] यहोवा के नाम की स्तुति करें

क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये[हम] सिरजे गए। - भजन संहिता 148:5


इसलिये कि परमेश्वर के विषय का ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है। कि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ्य, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:19-20

बाइबल पाठ: भजन 19:1-6

भजन 19:1 आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।

भजन 19:2 दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है।

भजन 19:3 न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है।

भजन 19:4 उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उसने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है,

भजन 19:5 जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर के समान अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है।

भजन 19:6 वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सब को पहुंचती है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 1-3
  • मत्ती 14:1-21