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सोमवार, 22 मार्च 2021

अनुग्रह

 

          जनवरी 30, 2018 को मलकॉल्म एलेग्जेंडर को निरपराध और स्वतंत्र घोषित किया जाकर, जेल में लगभग अड़तीस वर्ष बिताने के बाद, रिहा कर दिया गया। डीएनए के प्रमाण के द्वारा एलेग्जेंडर पर लगे अभियोग हटाए जा सके, यद्यपि इस सारे समय एलेग्जेंडर यह कहता रहा था कि वह दोषी नहीं है। उसके विरुद्ध चली जाँच और न्यायालय की प्रक्रिया में कई खामियाँ थीं – सरकारी वकील अयोग्य था (वह बाद में पद से बरखास्त कर दिया गया था), जो प्रमाण प्रस्तुत किए गए वो संदेहास्पद थे, जाँच करने के लिए जिन तरीकों को अपनाया गया वो भी ठीक नहीं थे। इन सभी का परिणाम यही हुआ कि एक निर्दोष व्यक्ति को दोषी बताया गया और जेल में डाल दिया गया, जहाँ पर वह लगभग चर दशक तक पड़ा रहा। अन्ततः जब उसे मुक्त किया गया, तो एलेग्जेंडर ने अद्भुत अनुग्रह दिखाते हुए कहा, “आप क्रोधित नहीं हो सकते हैं; क्रोधित होने के लायक समय ही नहीं है।”

          एलेग्जेंडर के शब्दों से गहरे अनुग्रह का प्रमाण मिलता है। यदि अन्याय पूर्वक हम से हमारे जीवन के अड़तीस वर्ष छीन लिए जाते, और हमारी इज्ज़त बर्बाद कर दी जाती, तो संभवतः हम अवश्य ही खिसियाए हुए और क्रोधित होते। यद्यपि एलेग्जेंडर ने अनेकों लम्बे, दिल तोड़ने वाले वर्ष अपने ऊपर जबरन थोपे गए अनुचित दोष का बोझ उठाए और उनके अनुचित परिणाम भोगते हुए बिताए थे, किन्तु वह उस अन्याय के कारण टूट नहीं गया। बजाए इसके कि वह अपनी शक्ति बदला लेने में लगाता, उसने परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना अधिक उचित और उपयुक्त समझा। अपने मसीही विश्वास के कारण अनुचित और अन्यायपूर्ण सताव और ताड़ना झेल रहे लोगों को पतरस ने अपनी पहली पत्री में लिखा, “बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो” (1 पतरस 3:9)।

          पवित्र शास्त्र इससे एक कदम और आगे जाता है, जब पतरस इससे आगे लिखता है कि प्रतिशोध की बजाए हम मसीही विश्वासियों को अपने सताने वालों को आशीष देनी चाहिए (पद 9)। जिन्होंने हमारे साथ अनुचित और अन्यायपूर्ण व्यवहार किया है, हमें उनकी ओर क्षमा और उनकी भलाई की कामना का भाव रखना चाहिए। ऐसा करने से हम उनके अनुचित कार्यों को उचित नहीं ठहराते हैं, वरन परमेश्वर के अनुग्रह और प्रेम से उनका परिचय करवाते हैं। कलवरी के क्रूस पर प्रभु यीशु मसीह ने हमारी बुराइयों और पापों के दोष को अपनी ऊपर ले लिया और उनका दण्ड सह लिया, जिससे कि हम परमेश्वर के अनुग्रह के न केवल भागी हों, वरन उसे औरों तक पहुँचाए भी – उन तक भी जिन्होंने हमारे प्रति अनुचित किया है। - विन्न कोलीएर

 

हे परमेश्वर अपने सताने वालों के लिए उनके किए के अनुसार 

सताने की कामना न करना बहुत कठिन होता है; 

मेरी सहायता करें कि मैं आपके अनुग्रह और दया को जी कर दिखा सकूँ।


परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। - मत्ती 5:44

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:8-14

1 पतरस 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करुणामय, और नम्र बनो।

1 पतरस 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।

1 पतरस 3:10 क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।

1 पतरस 3:11 वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे।

1 पतरस 3:12 क्योंकि प्रभु की आँखें धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।

1 पतरस 3:13 और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?

1 पतरस 3:14 और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56

बुधवार, 27 जनवरी 2021

साहस

 

          इस्राएल में ‘याद वशेम’ में एक संग्रहालय है Holocaust Museum जिसे दूसरे विश्व-युद्ध के समय जर्मनी के नात्ज़ियों द्वारा यहूदियों पर किए गए अत्याचारों का स्मारक बनाया गया है। उस संग्रहालय में एक उद्यान है जिसे Righteous Amongst the Naions (राष्ट्रों में से धर्मी) उद्यान कहा जाता है और जिसे उन लोगों के स्मारक के रूप में बनाया गया है जिन्होंने उस अत्याचार के समय में यहूदियों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी। वहाँ के स्मारक पट्टिकाओं को देखते हुए हमारी मुलाक़ात नीदरलैंड से आए एक समूह से हुई। उनमें से एक महिला वहाँ पर लिखे हुए नामों में अपने दादा-दादी के नाम खोजने का प्रयास कर रही थी। कौतूहल के साथ हमने उससे उनके परिवार की कहानी को पूछा।

          उसने बताया कि उसके दादा-दादी, पास्टर पीटर और अद्रियाना म्यूलर, गुप्त रीति से नात्ज़ियों के विरोध में कार्य करने वालों में सम्मिलित थे। उन्होंने दो वर्षीय यहूदी लड़के को अपने घर में शरण दी और उसे अपने आठ बच्चों में से सबसे छोटी संतान कहकर उसका 1943-45 तक पालना-पोषण करता रहे। उनकी इस कहानी से द्रवित होकर हमने उन से पूछा, “क्या वह यहूदी बच्चा जीवित बच सका?” तो उनके समूह में से एक वृद्ध व्यक्ति आगे आया और बोला, “मैं ही वह लड़का हूँ!”

          अनेकों लोगों की यहूदी लोगों की सहायता करने के साहस की कहानियाँ मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में रानी एस्तेर की याद दिलाती है। हो सकता है कि रानी ने सोचा हो कि लगभग 475 ईस्वी पूर्व में राजा क्षयर्ष द्वारा उसके राज्य भर में यहूदियों को मार डालने की आज्ञा से वह महल में होने के कारण बच जाएगी, क्योंकि उसने अपनी जाति को छिपाए रखा था। परन्तु उसके चचेरे भाई, मोर्दकै ने उसे कायल किया कि वह अपनी जान का जोखिम उठाकर भी यहूदियों के पक्ष में होकर कार्य करे, और अपने यहूदी वंश के होने को छिपाए न रखे, क्योंकि परमेश्वर ने उसे उस स्थान तक ऐसे ही समय के लिए पहुँचाया था (एस्तेर 4:14)।

          हो सकता है कि हमें कभी ऐसी परिस्थिति का सामना न करना पड़े जिसमें हमें इतने नाटकीय निर्णय करने पड़ें, ऐसा साहस दिखाना पड़े। किन्तु यह संभव है कि हमारे सामने ऐसी परिस्थितियाँ हो सकती हैं जिनमें हमें किसी अन्याय के विरुद्ध बोलना पड़े, या साथ देने से मना करना पड़े, या समर्थन न करने के लिए चुप रहना पड़े; या किसी परेशानी में पड़े हुए व्यक्ति की सहायता करने के लिए सामने आना पड़े। प्रभु परमेश्वर हमारी सहायता करे कि हम ऐसी परिस्थिति में उचित साहस दिखाने वाले हो सकें। - लीसा सामरा

 

परमेश्वर से पूछें कि आपको किन की सहायता के लिए खड़ा होने की आवश्यकता है।


तब राजा [प्रभु यीशु] उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। - मत्ती 25:40

बाइबल पाठ: एस्तेर 4:5-14

एस्तेर 4:5 तब एस्तेर ने राजा के खोजों में से हताक को जिसे राजा ने उसके पास रहने को ठहराया था, बुलवा कर आज्ञा दी, कि मोर्दकै के पास जा कर मालूम कर ले, कि क्या बात है और इसका क्या कारण है।

एस्तेर 4:6 तब हताक नगर के उस चौक में, जो राजभवन के फाटक के सामने था, मोर्दकै के पास निकल गया।

एस्तेर 4:7 मोर्दकै ने उसको सब कुछ बता दिया कि मेरे ऊपर क्या क्या बीता है, और हामान ने यहूदियों के नाश करने की अनुमति पाने के लिये राज-भणडार में कितनी चान्दी भर देने का वचन दिया है, यह भी ठीक ठीक बतला दिया।

एस्तेर 4:8 फिर यहूदियों को विनाश करने की जो आज्ञा शूशन में दी गई थी, उसकी एक नकल भी उसने हताक के हाथ में, एस्तेर को दिखाने के लिये दी, और उसे सब हाल बताने, और यह आज्ञा देने को कहा, कि भीतर राजा के पास जा कर अपने लोगों के लिये गिड़गिड़ाकर बिनती करे।

एस्तेर 4:9 तब हताक ने एस्तेर के पास जा कर मोर्दकै की बातें कह सुनाईं।

एस्तेर 4:10 तब एस्तेर ने हताक को मोर्दकै से यह कहने की आज्ञा दी,

एस्तेर 4:11 कि राजा के सब कर्मचारियों, वरन राजा के प्रान्तों के सब लोगों को भी मालूम है, कि क्या पुरुष क्या स्त्री कोई क्यों न हो, जो आज्ञा बिना पाए भीतरी आंगन में राजा के पास जाएगा उसके मार डालने ही की आज्ञा है; केवल जिसकी ओर राजा सोने का राजदण्ड बढ़ाए वही बचता है। परन्तु मैं अब तीस दिन से राजा के पास नहीं बुलाई गई हूँ।

एस्तेर 4:12 एस्तेर की ये बातें मोर्दकै को सुनाईं गई।

एस्तेर 4:13 तब मोर्दकै ने एस्तेर के पास यह कहला भेजा, कि तू मन ही मन यह विचार न कर, कि मैं ही राजभवन में रहने के कारण और सब यहूदियों में से बची रहूंगी।

एस्तेर 4:14 क्योंकि जो तू इस समय चुपचाप रहे, तो और किसी न किसी उपाय से यहूदियों का छुटकारा और उद्धार हो जाएगा, परन्तु तू अपने पिता के घराने समेत नाश होगी। फिर क्या जाने तुझे ऐसे ही कठिन समय के लिये राजपद मिल गया हो?

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 16-18 
  • मत्ती 18:1-20

शुक्रवार, 12 दिसंबर 2014

सांत्वना


   अमेरिका के इतिहास में एक बहुत त्रासदीपूर्ण और दुखदायी घटना है 19वीं सदी के आरंभ में अमेरिका के मूल रेड इन्डियन निवासियों का ज़बर्दस्ती किया गया विस्थापन। उन मूल निवासियों ने बढ़ती हुई श्वेत आबादी के लोगों के साथ संधियाँ करी थीं, उनके साथ दुश्मनों के विरुद्ध युद्ध में सहयोग किया था, लेकिन बाद में उन्हीं लोगों को अपनी भूमि छोड़कर अन्य स्थानों पर जाकर बसने के लिए मजबूर कर दिया गया। सन 1838 की सर्दियों में चिरोकी कबीले के हज़ारों लोगों को पश्चिम की ओर 1000 मील की एक कठिन यात्रा करने के लिए मजबूर कर दिया गया। इस अन्याय के कारण उनमें से हज़ारों मर गए क्योंकि सर्दी के समय में इस लंबी और कठिन यात्रा को कर पाने के लायक कपड़े, जूतियाँ और आवश्यक वस्तुएं उनके पास नहीं थे; इसलिए उनकी इस यात्रा को "आँसुओं की यात्रा" कहा जाता है।

   आज भी संसार अन्याय, पीड़ा और मनोव्यथा से भरा हुआ है। आज भी बहुतेरों को अनेक कारणों से अपने जीवन में "आँसुओं की यात्रा" करनी पड़ती है; उन्हें लगता है कि उनकी पीड़ा को जानने और समझने वाला कोई नहीं है, कोई उनकी परवाह नहीं करता है। लेकिन प्रभु परमेश्वर हमारी पीड़ाओं को देखता है और हमारे दुखी हृदयों को सांत्वना भी देता है (2 कुरिन्थियों 1:3-5)। साथ ही वह उस आते समय कि भी आशा देता है जिसमें पाप और अन्याय का कोई दाग़ नहीं रहेगा; उस समय और उस स्थान पर "वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं" (प्रकाशितवाक्य 21:4)।

   परमेश्वर ना केवल भविष्य में हमारे आँसुओं को पोंछने और हमें सांत्वना देने की आशा देता है, वायदा करता है, वरन जब हम विश्वास और समर्पण के साथ उसके पास अपने दुखों को लेकर आते हैं तो वह आज भी हमारे सभी आँसुओं को पोंछता है, हर परिस्थिति में हमें सांत्वना देता है। - बिल क्राउडर


जब परमेश्वर हमारे जीवन में परीक्षाओं को आने की अनुमति देता है तो साथ ही अपनी शान्ति तथा सांत्वना भी हमें उपलब्ध करवा देता है।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-7
Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। 
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। 
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा। 
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। 
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। 
Revelation 21:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें पूरी हो गई हैं, मैं अलफा और ओमिगा, आदि और अन्‍त हूं: मैं प्यासे को जीवन के जल के सोते में से सेंतमेंत पिलाऊंगा। 
Revelation 21:7 जो जय पाए, वही इन वस्‍तुओं का वारिस होगा; और मैं उसका परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • तीतुस 1-3



शनिवार, 27 जुलाई 2013

रिश्वत

   एक देश में यात्रा करते समय हमने पाया कि पक्की सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए थे जिनके कारण ठीक से गाड़ी चलाना कठिन हो गया था। मेरे पति ने हमारे टैक्सी चालक से इस के बारे में पूछा तो उसने कहा कि ये गड्ढे भारी ट्रकों द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में भार लेकर चलने के कारण हुए थे। जब भी पुलिस वाले उन ट्रक वालों को रोकते तो वे ट्रक वाले पुलिस वालों को रिश्वत देकर दण्ड से बच निकलते। ऐसा करने से पुलिस और ट्रक वाले तो अपनी कमाई कर लेते थे लेकिन क्षति अन्य वाहन चालकों और सामान्य जनता की होती थी जो इन सड़कों के बनाने के लिए कर भी चुकाती थी, फिर खराब सड़कों के कारण परेशानी भी उठाती थी।

   सभी प्रकार की रिश्वत इतनी प्रत्यक्ष नहीं होती, कुछ प्रकार की रिश्वत अप्रत्यक्ष भी होती है; और हर रिश्वत वित्तीय भी नहीं होती। चापलूसी भी एक प्रकार कि रिश्वत ही है जो शब्दों के द्वारा दी जाती है। यदि कोई हमारे बारे में अच्छी अच्छी बातें कहता रहे और हमारी प्रशंसा करता रहे और हम इस कारण से उसे अन्य लोगों की बजाए अधिक महत्व दें और उसकी गलतीयों की अनदेखी करें या उन पर पर्दा डालें तो यह रिश्वतखोरी के समान  ही है। परमेश्वर की नज़र में हर प्रकार का पक्षपात अन्याय है। इस बारे में हम परमेश्वर के दृष्टिकोण को इस बात से भी समझ सकते हैं कि जब परमेश्वर ने इस्त्राएल को मिस्त्र के दासत्व से निकाल कर कनान देश में लाकर बसाया तो उन्हें चिताया कि उनका वहाँ बना रहना उनके परस्पर न्यायपूर्ण व्यवहार पर निर्भर करेगा: "तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है। जो कुछ नितान्त ठीक है उसी का पीछा पकड़े रहना, जिस से तू जीवित रहे, और जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसका अधिकारी बना रहे" (व्यवस्थाविवरण 16:19-20 )।

   रिश्वत दूसरों को न्याय से वंचित करती है, जो परमेश्वर के चरित्र के विरुद्ध है: "क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है" (व्यवस्थाविवरण 10:17)। जैसा परमेश्वर का चरित्र है, वैसा ही चरित्र वह अपने लोगों में भी देखना चाहता है: "पर जैसा तुम्हारा बुलाने वाला पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल चलन में पवित्र बनो। क्योंकि लिखा है, कि पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूं" (1 पतरस 1:15-16)।

   परमेश्वर की इस इच्छा को पूरा करना हम मसीही विश्वासियों का कर्तव्य है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


रिश्वतखोरी से पक्षपात होता है; प्रेम से न्याय आता है।

घूस न लेना, क्योंकि घूस देखने वालों को भी अन्धा कर देता, और धर्मियों की बातें पलट देता है। - निर्गमन 23:8 

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 10:12-22
Deuteronomy 10:12 और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे,
Deuteronomy 10:13 और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उन को ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो?
Deuteronomy 10:14 सुन, स्वर्ग और सब से ऊंचा स्वर्ग भी, और पृथ्वी और उस में जो कुछ है, वह सब तेरे परमेश्वर यहोवा ही का है;
Deuteronomy 10:15 तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है।
Deuteronomy 10:16 इसलिये अपने अपने हृदय का खतना करो, और आगे को हठीले न रहो।
Deuteronomy 10:17 क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान्‌ पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है।
Deuteronomy 10:18 वह अनाथों और विधवा का न्याय चुकाता, और परदेशियों से ऐसा प्रेम करता है कि उन्हें भोजन और वस्त्र देता है।
Deuteronomy 10:19 इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे।
Deuteronomy 10:20 अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानना; उसी की सेवा करना और उसी से लिपटे रहना, और उसी के नाम की शपथ खाना।
Deuteronomy 10:21 वही तुम्हारी स्तुति के योग्य है; और वही तेरा परमेश्वर है, जिसने तेरे साथ वे बड़े महत्व के और भयानक काम किए हैं, जिन्हें तू ने अपनी आंखों से देखा है।
Deuteronomy 10:22 तेरे पुरखा जब मिस्र में गए तब सत्तर ही मनुष्य थे; परन्तु अब तेरे परमेश्वर यहोवा ने तेरी गिनती आकाश के तारों के समान बहुत कर दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 43-45 
  • प्रेरितों 27:27-44