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शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2011

सच्चा सहायक

   एक जवान किसान द्वारा आत्महत्या करे जाने के पश्चात उसकी पत्नि ने उसके विष्य में कहा, "उनके लिए खेती केवल एक व्यवसाय नहीं था; वह उनकी पहचान, उनकी राष्ट्रीयता, उनका धर्म था। ज़मीन के साथ मेहनत करने से हम दोनो को ऐसा लगता था मानो हम सर्वशक्तिमान के साथ हैं; लेकिन यह अनुभव उनके लिए अब कड़ुवा होने लगा था और वे इसे सह नहीं पाए।" ऐसे लोगों के बारे में जान कर उनके लिए मेरा दिल भर आता है। इन लोगों के पास परमेश्वर की सृष्टि के लिए गहरी लगन और चाह है और वे उसके लिए कड़ी मेहनत करने को भी तैयार रहते हैं; परन्तु बहुत से लोग एक दुखद अन्त को आ जाते हैं क्योंकि वे गलत ईश्वरों की उपासना में लग जाते हैं। यह उपासना दुष्टों द्वारा शरीर की लालसाओं के कारण अपराध तथा वासना रूपी ईश्वर की भी हो सकती है, या भले लोगों द्वारा अपनी सेहत, शरीर और परिवार की उपेक्षा करके अपने कार्य रूपी ईश्वर की भी हो सकती है।

   जब कभी कोई भी चीज़ हमारे जीवन में इतनी महत्वपूर्ण हो जाती है कि उसका स्थान प्रथम और अन्य हर बात का उसके पश्चात हो जाता है, तो वह हमारा ईश्वर बन जाती है; प्रेरित युहन्ना ने चिताया: "तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्‍तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। क्‍योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्‍ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्‍तु संसार ही की ओर से है" (१ युहन्ना २:१५, १६)।

   जब हम सच्चे जीवते परमेश्वर से अधिक महत्व किसी भी अन्य को देने लगते हैं, तो यह उसकी उपासना करने के समान है। वह जो भी हो, सदाकाल तक बना नहीं रहेगा; और ना ही जब हमारी योजनाएं विफल होने लगें, स्वास्थ्य बिगड़ने लगे या अन्त समय आ जाए तो वह हमारी कोई सहायता करने पाएगा। केवल परमेश्वर के वचन बाइबल में वर्णित सच्चा जीविता परमेश्वर ही ऐसे में हमारा सहायक हो सकता है। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

जो भी प्रभु यीशु के प्रति हमारे प्रेम को ठंडा करता है, वही "संसार" है।

तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना। - व्यवस्थाविवरण ६:५
 
बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण ६:१-७
    Deu 6:1  यह वह आज्ञा, और वे विधियां और नियम हैं जो तुम्हें सिखाने की तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने आज्ञा दी है, कि तुम उन्हें उस देश में मानो जिसके अधिकरी होने को पार जाने पर हो
    Deu 6:2  और तू और तेरा बेटा और तेरा पोता यहोवा का भय मानते हुए उसकी उन सब विधियों और आज्ञाओं पर, जो मैं तुझे सुनाता हूं, अपने जीवन भर चलते रहें, जिस से तू बहुत दिन तक बना रहे।
    Deu 6:3  हे इस्राएल, सुन, और ऐसा ही करने की चौकसी कर; इसलिये कि तेरा भला हो, और तेरे पितरों के परमेश्वर यहोवा के वचन के अनुसार उस देश में जहां दूध और मधु की धाराएं बहती हैं तुम बहुत हो जाओ।
    Deu 6:4  हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है;
    Deu 6:5  तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।
    Deu 6:6  और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें;
    Deu 6:7  और तू इन्हें अपने बालबच्चों को समझा कर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह १५-१७ 
  • २ तिमुथियुस २

गुरुवार, 27 अक्टूबर 2011

लालसाएं

   बच्चे को खिलौने वाला ट्रक चहिए था, और उसने स्टोर में उपस्थित प्रत्येक जन को इससे अवगत करा दिया; जब उसकी माँ ने ट्रक खरीदने के उसके आग्रह को नहीं माना तो उस बच्चे ने ज़ोर से रोना और हाथ-पैर मारना आरंभ कर दिया। उसका रोना-चिल्लाना बढ़ता ही गया, जब तक परेशान होकर मँ ने उसे उसका मनपसन्द खिलौना दिलवा नहीं दिया।

   मैं यह सब देख रहा था, और मुझे अपनी माँ की कही बात स्मरण हो आई; वे कहा करती थीं: "वस्तुओं पर अपना मन मत लगाओ।"

   आज के समय में, जब आकर्षक विज्ञापनों का बोल-बाला है, तो अपने आप को वस्तुओं के आकर्षण से अछूता रखना विश्वासियों के लिए भी कठिन होता जा रहा है। पत्रिकाओं में रंगीन चित्र और विज्ञापन, रेडियो पर लुभावने सन्देश, टेलिविज़न पर दिखाई जाने वाली आकर्षक वस्तुएं - यह सब हमें ऐसा प्रतीत करवाती हैं कि मानो हम इन वस्तुओं के बिना रह ही नहीं सकते।

   प्रभु के चेले और प्रेरित पतरस ने हमें चिताया: "परन्‍तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्‍द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त होकर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। तो जब कि ये सब वस्‍तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चालचलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए" (२ पतरस २:१०, ११)। क्योंकि संसारिक वस्तुएं नाशमान हैं, इसलिए हमें उन वस्तुओं पर ध्यान लगाना चाहिए जो चिर स्थाई हैं, "पृथ्वी पर की नहीं परन्‍तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ" (कुलुस्सियों ३:२)।

   हमें संसार की वस्तुओं के अर्जित करने की प्रवृति से बचना चाहिए क्योंकि वे ऐसी लालसएं बन जातीं हैं जो हमें प्रभु से दूर कर देती हैं। भौतिक वस्तुएं तो नाशमान हैं, किंतु आत्मिक चिर स्थाई हैं। - रिचर्ड डी हॉन

संसार की वस्तुओं को हलके से, परन्तु स्वर्गीय वस्तुओं को मज़बूती से थामे रहो।

क्‍योंकि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा। - मत्ती ६:२१

बाइबल पाठ: मत्ती ६:१९-३४
    Mat 6:19  अपने लिये पृथ्वी पर धन इकट्ठा न करो जहां कीड़ा और काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर सेंध लगाते और चुराते हैं।
    Mat 6:20  परन्‍तु अपने लिये स्‍वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चुराते हैं।
    Mat 6:21  क्‍योंकि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा।
    Mat 6:22  शरीर का दिया आंख है: इसलिये यदि तेरी आंख निर्मल हो, तो तेरा सारा शरीर भी उजियाला होगा।
    Mat 6:23  परन्‍तु यदि तेरी आंख बुरी हो, तो तेरा सारा शरीर भी अन्‍धियारा होगा; इस कारण वह उजियाला जो तुझ में है यदि अन्‍धकार हो तो वह अन्‍धकार कैसा बड़ा होगा।
    Mat 6:24  कोई मनुष्य दो स्‍वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्‍योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्‍छ जानेगा; तुम परमेश्वर और धन दोनो की सेवा नहीं कर सकते।
    Mat 6:25  इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्‍या खाएंगे और क्‍या पीएंगे और न अपने शरीर के लिये कि क्‍या पहिनेंगे क्‍या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं?
    Mat 6:26  आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्‍या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते?
    Mat 6:27  तुम में कौन है, जो चिन्‍ता करके अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है
    Mat 6:28  और वस्‍त्र के लिये क्‍यों चिन्‍ता करते हो जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं।
    Mat 6:29  तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
    Mat 6:30  इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्‍त्र पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्‍योंकर न पहिनाएगा?
    Mat 6:31  इसलिये तुम चिन्‍ता करके यह न कहना, कि हम क्‍या खाएंगे, या क्‍या पीएंगे, या क्‍या पहिनेंगे?
    Mat 6:32  क्‍योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्‍तुएं चाहिए।
    Mat 6:33  इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्‍तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
    Mat 6:34  सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्‍योकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह १२-१४ 
  • २ तिमुथियुस १

बुधवार, 26 अक्टूबर 2011

स्वर्गीय लोग

    मध्य-पूर्व एशिया की दो कब्रें आपस में बहुत फर्क रखती हैं तथा सांसारिक और स्वर्गीय लोगों की तुलना और उनके भेदों को समझाती हैं। एक कब्र है मिस्त्र के प्राचीन राजा तूत की - जिसकी भीतरी दीवारें कीमती धातु और नीले रंग के चीनी मिट्टी से ढकी हैं, राजा का शव विशेष द्रव्यों के लेप से सुरक्षित किया गया है और सुनहरे ताबूत में रखा गया है। संभवतः राजा तूत ने अपने मृत्युओपरांत जीवन के लिए अपनी दौलत और वैभव को आधार बनाया था।

   दूसरी कब्र पलस्तीन में है, एक चट्टान खोदकर बनाई गई साधारण सी गुफानुमा कब्र, जिस पर किसी का कोई नाम अंकित नहीं है, न वह सुसज्जित है, न उसमें कोई सांसारिक वस्तुओं का खज़ाना रखा है और ना ही वहां कोई शव या ताबूत है। यह खाली कब्र प्रभु यीशु के तीन दिन के दफन का स्थान मानी जाती है। प्रभु यीशु को इस संसार के खज़ाने जमा करने का कोई प्रयोजन नहीं था; उसका उद्देश्य तो अपने पिता की आज्ञा पूरी करके समस्त संसार के लिए स्वर्ग तथा उद्धार का मार्ग खोलना था।

   मसीही विश्वासी स्वर्गीय लोग हैं। प्रेरित पौलुस ने विश्वासियों की मण्डली के लोगों को लिखा कि परमेश्वर ने उन्हें "मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया" (इफिसीयों २:६); "पर हमारा स्‍वदेश स्‍वर्ग पर है; और हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने की बाट जोह रहे हैं" (फिलिप्पियों ३:२०); "सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है" (कुलुस्सियों ३:१)। जब हम विचार, बोल और कार्य में मसीह यीशु के समान होने का प्रयास करते रहेंगे, हम इस संसार में स्वर्गीय लोगों के समान जीवन भी प्रदर्शित करते रहेंगे।

   जो दौलत और खज़ाने हम इस संसार में अर्जित करते हैं वे हमारे जीवनोपरांत यहीं रह जाएंगे और संसार के साथ नष्ट हो जाएंगे; परन्तु जो खज़ाने हम स्वर्ग में अर्जित करते हैं वे अनन्त काल के लिए हमारे साथ बने रहेंगे। - पौल वैन गोर्डर

बुद्धिमान वे हैं जो स्वर्गीय खज़ानों को अपना लक्षय बना कर जीते हैं।

सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। - कुलुस्सियों ३:१

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों ३:१-१७
    Col 3:1  सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है।
    Col 3:2  पृथ्वी पर की नहीं परन्‍तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ।
    Col 3:3  क्‍योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है।
    Col 3:4  जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे।
    Col 3:5  इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है।
    Col 3:6  इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है।
    Col 3:7  और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे।
    Col 3:8  पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
    Col 3:9  एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्‍योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
    Col 3:10  और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्‍त करने के लिये नया बनता जाता है।
    Col 3:11  उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
    Col 3:12  इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
    Col 3:13  और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
    Col 3:14  और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
    Col 3:15  और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह होकर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
    Col 3:16  मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
    Col 3:17  और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ९-११ 
  • १ तिमुथियुस ६

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2011

आकर्षण

   एक व्यक्ति अपने मित्र से मिलने उसके शहर गया। मित्र ने उसे अपने शहर का एक सुन्दर भवन दिखाया, किंतु उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई। उसकी खामोशी से निराश हो कर मित्र ने पूछा, "क्या यह भवन तुम्हें सुन्दर नहीं लगा?" उसने उत्तर दिया, "नहीं, क्योंकि मैं रोम के भवन देख कर आ रहा हूँ।" क्योंकि वह रोम के भव्य भवन देख चुका था, इसलिए मित्र के शहर के भवन उनके सामने उसे फीके प्रतीत हुए और उसे उन भवनों में कोई रुचि नहीं हुई।

   प्रसिद्ध प्रचारक स्पर्जन ने इस कहानी पर टिप्पणी करते हुए कहा, "हे मसीही विश्वासी, यदि संसार तुम्हें अपने दृश्यों और संभावनाओं द्वारा आकर्षित करता है, तो स्वर्ग के उस दर्शन के समक्ष जो तुम्हें दिया गया है, और जिसे तुम विश्वास द्वारा कभी भी पुनः देख सकते हो, संसार के उन दृश्यों और प्रलोभनों को तुच्छ जानो।"
   जिन विश्वासियों ने परमेश्वर के वचन में विश्वास द्वारा स्वर्ग का स्वाद चख लिया है, और मसीह यीशु में होकर मिलने वाली स्वर्गीय आशीशों को जान लिया है, वे इस संसार के प्रलोभनों से आकर्षित नहीं होते। वे संसार के खोखलेपन और व्यर्थ आकर्षणों की सत्यता को पहचानते हैं और उनसे प्रभावित नहीं होते।

   खरी और अनन्त मूल्य की बातों को पहचान कर वे संसार की क्षणिक और नशवर बातों के लिए कहते हैं, "यह संसार ले लो, और मुझे यीशु दे दो।" - रिचर्ड डी हॉन

यदि मसीह हमें आकर्षित करता है तो संसार हमारा ध्यान भंग नहीं कर सकता।

तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्‍तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। - १ युहन्ना २:१५
 
बाइबल पाठ: १ युहन्ना २:१२-१७
    1Jn 2:12  हे बालको, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि उसके नाम से तुम्हारे पाप क्षमा हुए।
    1Jn 2:13  हे पितरों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि जो आदि से है, तुम उसे जानते हो: हे जवानों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम ने उस दुष्‍ट पर जय पाई है: हे लड़कों मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि तुम पिता को जान गए हो।
    1Jn 2:14  हे पितरों, मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि जो आदि से है तुम उसे जान गए हो: हे जवानो, मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि बलवन्‍त हो, और परमेश्वर का वचन तुम में बना रहता है, और तुम ने उस दुष्‍ट पर जय पाई है।
    1Jn 2:15  तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्‍तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है।
    1Jn 2:16  क्‍योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्‍ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्‍तु संसार ही की ओर से है।
    1Jn 2:17  और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्‍छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ६-८ 
  • १ तिमुथियुस ५

सोमवार, 24 अक्टूबर 2011

जीवन तथा आनन्द का आधार

   जो लोग अपने जीवन का आधार भौतिक वस्तुओं की अपेक्षा आत्मिक मूल्यों पर रखते हैं, वे जीवन के उतार-चढ़ाव झेलने के लिए सर्वदा तैयार रहते हैं। अपनी पुस्तक "जीवन की ४५० कहानियां" में गस्ट एन्डरसन कैनडा के एलबर्टा प्रांत में अपने अनुभव के बारे में बताते हैं। जब वे वहां पहुंचे तो पिछले ८ वर्षों से वहां अकाल पड़ा हुआ था, किसानों की अर्थिक स्थिति बदहाल थी; किंतु अपनी गरीबी के बावजूद कई किसान परमेश्वर की स्तुति और आराधना करने के लिए एकत्रित हुआ करते थे। उन में से एक किसान की गवाही ने एन्डरसन को बहुत प्रभावित किया, जब अपने पुराने वस्त्र पहने हुए वह खड़ा हुआ और परमेश्वर के वचन बाइबल से हबक्कुक की पुस्तक के एक खंड को उद्वत किया: "क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।" - हबक्कुक ३:१७-१८

   जो भौतिक वस्तुएं धन द्वारा प्राप्त करी जा सकती हैं उनमें आनदित होना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन हमें उन्हें कभी अपने आनन्द का आधार नहीं बनाना चहिए। यदि भौतिक वस्तुएं हमारे आनन्द का आधार बनती हैं, तो किसी कारणवश हमारे जीवन में उनके बने न रहने पर हम टूट जाते हैं, निराश हो जाते हैं। किंतु यदि हमारे आनन्द का आधार हमारा परमेश्वर प्रभु है, तो एसा कुछ भी नहीं है जो हमारे आधार को नष्ट कर सके, आर्थिक संकट भी नहीं। जो अपने परमेश्वर को जानते हैं और उसपर विश्वास रखते हैं वे तंगहाली और कठिनाईयों में भी उसमें आनन्दित रह सकते हैं। - रिचर्ड डी हॉन

खुशी घटनाओं पर आधारित हो सकती है, परन्तु अनन्त आनन्द प्रभु यीशु पर ही आधारित है।

क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा। - हबक्कुक ३:१७-१८
 
बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ४
    2Co 4:1  इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते।
    2Co 4:2  परन्‍तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्‍तु सत्य को प्रगट करके, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं।
    2Co 4:3  परन्‍तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है।
    2Co 4:4  और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
    2Co 4:5  क्‍योंकि हम अपने को नहीं, परन्‍तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं।
    2Co 4:6  इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्‍धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।
    2Co 4:7  परन्‍तु हमारे पास यह धन मिट्टी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
    2Co 4:8  हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
    2Co 4:9  सताए तो जाते हैं, पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
    2Co 4:10  हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
    2Co 4:11  क्‍योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरणहार शरीर में प्रगट हो।
    2Co 4:12  सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
    2Co 4:13  और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
    2Co 4:14  क्‍योंकि हम जानते हैं, जिस ने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जान कर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
    2Co 4:15  क्‍योंकि सब वस्‍तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक होकर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
    2Co 4:16  इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
    2Co 4:17  क्‍योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्‍त जीवन महिमा उत्‍पन्न करता जाता है।
    2Co 4:18  और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्‍तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्‍योंकि देखी हुई वस्‍तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्‍तु अनदेखी वस्‍तुएं सदा बनी रहती हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ३-५ 
  • १ तिमुथियुस ४

रविवार, 23 अक्टूबर 2011

लक्षय पर दृष्टि

   पौल पोवेल ने एक चित्र का वर्णन लिखा जिसमें पुराने समय के माल तथा यात्रि ले जाने वाली घोड़ा गाड़ियों के एक काफिले को दिखाया गया है। रात्रि का समय है, सुरक्षा के लिए सभी घोड़ा गाड़ियों को गोलाकार खड़ा किया गया है, गोलाकार के मध्य में आग के चारों ओर काफिले के लोग एकत्रित हैं और काफिले का अगुआ उनसे कुछ बात कर रहा है। अगुए के सामने एक नक्षा बिछा हुआ है जिसपर एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा द्वारा उनका अब तब का तय किया हुआ मार्ग अंकित है। उस रेखा के एक सिरे पर अगुए की एक अंगुली रखी हुई है, चेहरे पर दृढ़ निश्चय झलक रहा है और दूसरा हाथ दूर हलके से दिख रहे पर्वत श्रंखला की ओर संकेत कर रहा है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह कह रहा हो कि चाहे हमें इस ओर से पर्वत श्रंखला से होकर जाना पड़े अथवा दूसरी ओर से बहती नदी में से होकर, लेकिन हमारा लक्षय उधर पश्चिम दिशा की ओर ही रहेगा।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी को भी ऐसे ही दृढ़ निश्चय के साथ अपने निशाने की ओर बढ़ना चाहिए। मसीही जीवन यात्रा आसान नहीं है। जो मार्ग हमारे परमेश्वर ने हमारे लिए चुना है उस में पर्वत हो सकते हैं, कठिनाईयां और प्रलोभन हमें मार्ग से भटकाने के लिए सामने आ सकते हैं, किंतु यदि हम अपनी दिशा और लक्षय - प्रभु यीशु मसीह पर अपनी नज़रें लगाए रहें तो हम मार्ग से नहीं भटकेंगे। यदि हम अपने प्रभु के पीछे विश्वासयोग्यता से होकर चलते रहें तो अपने लक्षय तक अवश्य पहुंचेंगे।

   जब कभी मार्ग में प्रलोभन या ध्यान भंग करने वाली बातें हमें मार्ग से भटका कर ले जाएं, तो हम अपनी इस गलती को मान कर उसके लिए प्रभु यीशु से क्षमा मांग सकते हैं और फिर अपनी नज़रें अपने लक्षय की ओर लगा कर आगे बढ़ सकते हैं। जब तक हमारी दृष्टि हमारे प्रभु पर लगी रहेगी, हमारी दृष्टि सही दिशा और लक्षय पर भी लगी रहेगी। - डेव एगनर


यदि दृष्टि लक्ष्य पर टिकी रहे तो कोई बाधा हमें रोक नहीं पाएगी।

...तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्‍तु, और उलझाने वाले पाप को दूर करके, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें;... - इब्रानियों १२:१, २
 
बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:३२-१२:२
    Heb 11:32  अब और क्‍या कहूँ क्‍योंकि समय नहीं रहा, कि गिदोन का, और बाराक और समसून का, और यिफतह का, और दाऊद का और शामुएल का, और भविष्यद्वक्ताओं का वर्णन करूं।
    Heb 11:33  इन्‍होंने विश्वास ही के द्वारा राज्य जीते; धर्म के काम किए; प्रतिज्ञा की हुई वस्‍तुएं प्राप्‍त की, सिंहों के मुंह बन्‍द किए।
    Heb 11:34  आग की ज्‍वाला को ठंडा किया; तलवार की धार से बच निकले, निर्बलता में बलवन्‍त हुए; लड़ाई में वीर निकले; विदेशियों की फौजों को मार भगाया।
    Heb 11:35  स्‍त्रियों ने अपने मरे हुओं को फिर जीवते पाया; कितने तो मार खाते खाते मर गए और छुटकारा न चाहा; इसलिये कि उत्तम पुनरूत्थान के भागी हों।
    Heb 11:36  कई एक ठट्ठों में उड़ाए जाने, और कोड़े खाने, वरन बान्‍धे जाने और कैद में पड़ने के द्वारा परखे गए।
    Heb 11:37  पत्थरवाह किए गए; आरे से चीरे गए; उन की परीक्षा की गई; तलवार से मारे गए; वे कंगाली में और क्‍लेश में और दुख भोगते हुए भेड़ों और बकिरयों की खालें ओढ़े हुए, इधर उधर मारे मारे फिरे।
    Heb 11:38  और जंगलों, और पहाड़ों, और गुफाओं में, और पृथ्वी की दरारों में भटकते फिरे।
    Heb 11:39  संसार उन के योगय न था: और विश्वास ही के द्वारा इन सब के विषय में अच्‍छी गवाही दी गई, तौभी उन्‍हें प्रतिज्ञा की हुई वस्‍तु न मिली।
    Heb 11:40  क्‍योंकि परमेश्वर ने हमारे लिये पहिले से एक उत्तम बात ठहराई, कि वे हमारे बिना सिद्धता को न पहुंचे।
    Heb 12:1  इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्‍तु, और उलझाने वाले पाप को दूर करके, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।
    Heb 12:2  और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्‍द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह १-२ 
  • १ तिमुथियुस ३

शनिवार, 22 अक्टूबर 2011

दैनिक ताज़गी

   अपनी दैनिक क्रियाओं में हम सब लगभग उन्हीं बातों को दोहराते रहते हैं; हम सब प्रतिदिन खाते-पीते हैं, सोते-उठते हैं, कार्य करते हैं, अपनी सफाई करते हैं, इत्यादि। इसि प्रक्रिया को दोहराते दोहराते कभी कभी मन में विचार उठता है कि अन्ततः इस सब का प्रयोजन क्या है?

   परमेश्वर चाहता है कि हम इसे कुछ फर्क संदर्भ में देखें - बार बार दोहराई जाने वाली बातें भी मसीही विश्वासी के लिए कुछ महत्वपूर्ण रहस्य छिपाए हुए होती हैं। परमेश्वर की योजना का एक भाग है कि बार बार दोहराई जाने वाली बातों में भी उसके मार्गदर्शन को ढूंढें और उसका पालन करें।

   संसार एक मंच के समान है जिस पर अनन्तता का नाटक प्रदर्शित हो रहा है। प्रत्येक दृश्य के लिए मंच के परदे के उठने और गिरने के समान सूर्य भी प्रतिदिन के दृश्य के लिए उदय और अस्त होता है। इस दैनिक दश्य में हम कलाकार अपनी भूमिकाओं और अपने संवाद की पंक्तियों को दोहराने के बारे में निर्णय लेते हैं - या तो हम अधीरता से केवल दश्य की समाप्ति के लिए अपनी भूमिकाएं और पंक्तियां, बिना किसी लगन और अनमने होकर के दोहरा मात्र देते हैं, अथवा उस दृश्य के लिए हम नाटक के निर्देशक की मनसा जान कर के अपनी भूमिका को उसकी इच्छा के अनुसार निभाते हैं। अवश्य ही परिस्थितियां और भूमिकाएं नित्यक्रमानुसार ही हैं, और हमें लग सकता है कि हम यह पहले भी निभा चुके हैं, किन्तु नित्यप्रायः कार्यों में सहर्ष भाग लेना हम में चरित्र का गठन करता है, हमारे विश्वास को मज़बूत करता है, हमारी आशा को बढ़ाता है और हम में सहनशीलता का विकास करता है।

   प्रतिदिन के सामन्य कार्यों के द्वारा परमेश्वर हमें सिखाता है कि हमारे पृथ्वी के जीवनों के लिए व्यर्थ दोहराने से बढ़कर कुछ निर्धारित है। दिन-प्रतिदिन परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखना दैनिक ताज़गी का मूल मंत्र है। - मार्ट डी हॉन


अगर जीवन सान के पत्थर के समान है, तो उसे अपने चरित्र की धार बनाने के लिए उपयोग कीजिए।
 
जो कुछ हुआ था, वही फिर होगा, और जो कुछ बन चुका है वही फिर बनाया जाएगा; और सूर्य के नीचे कोई बात नई नहीं है। - सभोपदेशक १:९
 
बाइबल पाठ: सभोपदेशक १:१-९
    Ecc 1:1  यरूशलेम के राजा, दाऊद के पुत्र और उपदेशक के वचन।
    Ecc 1:2  उपदेशक का यह वचन है, कि व्यर्थ ही व्यर्थ, व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है।
    Ecc 1:3  उस सब परिश्रम से जिसे मनुष्य धरती पर करता है, उसको क्या लाभ प्राप्त होता है?
    Ecc 1:4  एक पीढ़ी जाती है, और दूसरी पीढ़ी आती है, परन्तु पृथ्वी सर्वदा बनी रहती है।
    Ecc 1:5  सूर्य उदय होकर अस्त भी होता है, और अपने उदय की दिशा को वेग से चला जाता है।
    Ecc 1:6  वायु दक्खिन की ओर बहती है, और उत्तर की ओर घूमती जाती है; वह घूमती और बहती रहती है, और अपने चक्करों में लौट आती है।
    Ecc 1:7  सब नदियां समुद्र में जा मिलती हैं, तौभी समुद्र भर नहीं जाता; जिस स्थान से नदियां निकलती हैं, उधर ही को वे फिर जाती हैं।
    Ecc 1:8  सब बातें परिश्रम से भरी हैं; मनुष्य इसका वर्णन नहीं कर सकता, न तो आंखें देखने से तृप्त होती हैं, और न कान सुनने से भरते हैं।
    Ecc 1:9  जो कुछ हुआ था, वही फिर होगा, और जो कुछ बन चुका है वही फिर बनाया जाएगा; और सूर्य के नीचे कोई बात नई नहीं है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ६५-६६ 
  • १ तिमुथियुस २