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शुक्रवार, 26 सितंबर 2014

पल का उपयोग


   मेरी पत्नि मार्टि एक अच्छी खरीददार है। जब वह घर के लिए किराने का सामान खरीदती है तो डब्बों पर लगे लेबलों पर लिखी हुई जानकारी से उस उत्पाद से मिलने वाले पोषण की जानकारी लेती है, और वैसे ही अन्य सामग्री के दाम की परस्पर तुलना करके सब से अच्छा सौदा प्राप्त करती है। दूध खरीदते समय वह सामने आने वाला सबसे पहला डिब्बा नहीं उठा लेती, वरन वह उस दूध के "डिब्बा-बन्द" किए जाने तथा प्रयोग करने की तिथि देखती है और वही दूध लेती है जो सबसे ताज़ा और सबसे देर तक उपयोग हो सकने वाला है।

   एक प्रकार से हम सभी के जीवनों पर प्रयोग हो सकने वाली तिथि लिखी हुई है - बस हम में से कोई उस तिथि को जानता नहीं है; हमें पता नहीं है कि हमारा हृदय किस तिथि तक ही कार्य करेगा और फिर सदा के लिए बैठ जाएगा, या हमारी अन्तिम श्वास किस पल ली जाएगी और फिर किस रीति से सदा के लिए थम जाएगी। जब यह सत्य सभी के जीवनों के लिए अवश्यंभावी है, तो क्या हम सब को उन पलों का जो हमें दिए गए हैं, मना लगा कर सदुपयोग नहीं करना चाहिए? पलों के उपयोग से मेरा तात्पर्य है हम और गहराई तथा अर्थपूर्ण रीति से सच्चा प्रेम दिखाएं, औरों को क्षमा करने में तत्पर रहें, दूसरों की सुनने वाले बनें, खराई किंतु मृदुभाव से बोलने वाले बनें, इत्यादि।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुछ ऐसी ही भली सलाह अपनी एक पत्री में लिखी: "इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं" (इफिसियों 5:15-16)। साथ ही वह अपने पाठकों से आग्रह करता है कि वे ज्योति की सन्तान के समान चलें (पद 8) और हर बात तथा कार्य में प्रभु यीशु की इच्छा के अनुसार रहें (पद 10)।

   क्योंकि हम में से कोई भी अपने उपयोगी रहने की अन्तिम तिथि नहीं जानता, इसलिए प्रत्येक पल को बहुमूल्य जानकर, हर पल का उपयोग मसीह यीशु के प्रेम के प्रसार द्वारा संसार को और अधिक उज्जवल तथा सुन्दर बनाने के लिए करने वाले बन जाएं। - जो स्टोवैल


हर दिन को ऐसे जीएं मानो वह अन्तिम है।

इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:8-21
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाईं चलो। 
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)। 
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है 
Ephesians 5:11 और अन्धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो। 
Ephesians 5:12 क्योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है। 
Ephesians 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योति है। 
Ephesians 5:14 इस कारण वह कहता है, हे सोने वाले जाग और मुर्दों में से जी उठ; तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।। 
Ephesians 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। 
Ephesians 5:16 और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। 
Ephesians 5:17 इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है? 
Ephesians 5:18 और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपन होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ। 
Ephesians 5:19 और आपस में भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो। 
Ephesians 5:20 और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो। 
Ephesians 5:21 और मसीह के भय से एक दूसरे के आधीन रहो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 11-14


गुरुवार, 25 सितंबर 2014

प्रेम और महिमा


   कठिन समयों मे पड़े लोगों के व्यवहार से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। हमारे मित्र दंपति सैम और कैरल से हम ने भी ऐसे ही कुछ सीखा है; सैम कैंसर से ग्रसित है और उसका इलाज चल रहा है। पिछले एक वर्ष से हम सैम के साथ प्रार्थना कर रहे हैं, उसे देख रहे हैं कि कैसे वह अपनी पीड़ा और इलाज को सहन कर रहा है। साल के अन्त में लगा कि सैम कैंसर से मुक्त हो गया है किन्तु जाँच ने दिखाया के कैंसर और बढ़ गया है; अब सैम को और एक वर्ष तक फिर से इलाज और दवाइयों की पीड़ा तथा उन दवाईयों के दुषप्रभाव से होकर निकलना पड़ेगा; ऐसे में किसी का भी निराश होना स्वाभविक है।

   जब सैम ने हमें अपने रोग के बढ़ जाने और परिणामस्वरूप इलाज की मीयाद के भी बढ़ जाने के बारे में बताया, तो साथ ही उसने एक ऐसी बात कही जिससे हम सभी सीख ले सकते हैं; सैम ने कहा, "पुनः इलाज की इस सारी प्रक्रिया में हमारा प्रयास रहेगा कि इस सब में परमेश्वर को महिमा मिले और हम उसके प्रेम को दूसरों तक पहुँचा सकें।" ज़रा सोचिए! एक और साल की पीड़ा और परेशानी का सामने धरा देखते हुए भी सैम की प्राथमिकता परमेश्वर की महिमा और उसके प्रेम का प्रगटिकरण है। वह उस समय की बाट जोह रहा है जब परमेश्वर की महिमा प्रगट होगी (1 पतरस 4:13)।

   इस बारे में सैम की पत्नि कैरल ने मित्रगणों को लिखा, "यह वर्ष संघर्ष का साल रहा है, लेकिन परमेश्वर सदा ही हमारे साथ बना रहा है और अपने अनुग्रह तथा दया में होकर हमें प्रत्येक परेशानी से निकालता आया है। काश कि आने वाले वर्ष में भी हम उस पर से कभी अपनी नज़र ना हटाएं और हमारे लिए उसके प्रेम के प्रति विश्वास में बने रहें।"

   क्या आज आप अपने जीवन में किसी असंभव प्रतीत होने वाली परिस्थिति का सामना कर रहे हैं? सैम और कैरल के समान ही परमेश्वर के अनुग्रह पर अपना विश्वास बनाए रखिए, और वह आपको हर परिस्थिति से सुरक्षित निकालता हुआ अपने साथ लेकर चलेगा। साथ ही प्रार्थना करते रहें कि परिस्थिति चाहे कैसी भी क्यों ना हो, आप अपने जीवनों से सदा परमेश्वर के प्रेम और महिमा को प्रगट करते रहेंगे। - डेव ब्रैनन


परीक्षाओं का घना होता अन्धेरा, परमेश्वर के अनुग्रह की ज्योति को और अधिक चमकदार बना देता है।

प्रभु यीशु ने कहा: "मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है।" - यूहन्ना 16:33 

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:12-16
1 Peter 4:12 हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझ कर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है। 
1 Peter 4:13 पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्‍दित और मगन हो। 
1 Peter 4:14 फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्‍दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है। 
1 Peter 4:15 तुम में से कोई व्यक्ति हत्यारा या चोर, या कुकर्मी होने, या पराए काम में हाथ डालने के कारण दुख न पाए। 
1 Peter 4:16 पर यदि मसीही होने के कारण दुख पाए, तो लज्ज़ित न हो, पर इस बात के लिये परमेश्वर की महिमा करे।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 8-10


बुधवार, 24 सितंबर 2014

डाह का समाधान


   एक कहानी है, दो दुकानदार, जिनकी दुकानें आमने-सामने थीं एक दुसरे के कटु प्रतिरोधी थे; वे सदा ही एक-दूसरे को नीचा दिखाने या नुकसान करने के प्रयास में लगे रहते थे। एक रात एक दुकानदार को स्वपन में एक स्वर्गदूत ने दर्शन दिया और कहा कि तुम्हारी कोई भी एक इच्छा मैं पूरी करूंगा, परन्तु शर्त यह है कि जो भी तुम मांगोगे वही चीज़ दोगुनी मात्रा में तुम्हारे सामने वाले दुकानदार को भी मिल जाएगी। उस स्वर्गदूत की बात सुनकर वह दुकानदार कुछ समय तक सोचता रहा, फिर स्वर्गदूत से बोला - मेरी एक आँख फोड़कर मुझे काना कर दो! डाह का कैसा भयानक प्रगटिकरण उस दुकानदार ने किया।

   डाह की भावना लोगों के जीवनों को बर्बाद कर देती है - वे चाहते हैं दूसरे के जीवन को बर्बाद करना परन्तु उनका अपना जीवन ही बर्बाद होता रहता है। कुरिन्थुस की मसीही मण्डली में भी डाह का प्रभाव आने लगा था; उन लोगों ने प्रभु यीशु में उद्धार के सुसमाचार को ग्रहण तो किया था परन्तु परमेश्वर के पवित्र आत्मा को अपने जीवन में संपूर्ण रीति से कार्यकारी नहीं होने दिया था। परिणाम स्वरूप उनमें वे पुरानी भावनाएं अभी भी विद्यमान थीं और वह मसीही मण्डली डाह के कारण विभाजित होने लगी थी। प्रेरित पौलुस ने उनके इस व्यवहार को साँसारिकता तथा अपरिपक्वता का सूचक बताया, क्योंकि ये मसीही विश्वासी मसीह में विश्वास द्वारा होने वाले परिवर्तित जीवन को प्रदर्शित नहीं कर रहे थे।

   परमेश्वर का पवित्र आत्मा हम मसीही विश्वासियों के जीवन में कार्यकारी है, इस बात का सबसे स्पष्ट प्रमाण है हमारे जीवन में दिखने वाला संतोष और जो कुछ भी हमारे पास है उसके लिए परमेश्वर के प्रति धन्यवादी रहना। जब हम इस भावना के साथ जीवन जीना सीख जाएंगे तो फिर परस्पर डाह या द्वेश नहीं वरन दूसरों को मिलने वाली आशीषों तथा वरदानों के लिए हम धन्यवादी हो जाएंगे, उनकी उपलब्धियों में उनके साथ आनन्दित रहेंगे और सच्चे मसीही प्रेम को प्रदर्शित करेंगे, और यही डाह का स्थाई समाधान है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के प्रति धन्यवादी बने रहना ही डाह का समाधान है।

इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्‍कर्म भी होता है। - याकूब 3:16 

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 3:1-10
1 Corinthians 3:1 हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। 
1 Corinthians 3:2 मैं ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया; क्योंकि तुम उसको न खा सकते थे; वरन अब तक भी नहीं खा सकते हो। 
1 Corinthians 3:3 क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? 
1 Corinthians 3:4 इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं? 
1 Corinthians 3:5 अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या है? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। 
1 Corinthians 3:6 मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। 
1 Corinthians 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है।
1 Corinthians 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। 
1 Corinthians 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 5-7


मंगलवार, 23 सितंबर 2014

उपलब्ध


   इस्त्राएल के "Dead Sea" (मृत सागर) इलाके में 1940 के दशक के अन्त के समय पाए गए Dead Sea Scrolls (चम्र पत्र) इब्रानी भाषा में लिखे परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम भाग की पुस्तकों की 2000 वर्ष से भी अधिक पुरानी और अब तक की सबसे प्राचीन उपलब्ध प्रतिलिपियाँ हैं। खोजे जाने के बाद से ही इन बहुमूल्य प्रतिलिपियों को बहुत सावधानी से रखा गया है और बहुत ही सीमित संख्या में विशेषज्ञों के एक छोटे से समूह को ही इन्हें प्रयोग करने की अनुमति रही है। किंतु अब इनके उपयोग को व्यापक करने परन्तु साथ ही इन्हें सुरक्षित रखने के उद्देश्य से इस्त्राएल का पुरातत्व विभाग गूगल की सहायता से इन प्रतिलिपियों के अति उच्च कोटि के चित्र बनाकर उन्हें इंटरनैट के माध्यम से सभी के लिए उपलब्ध करवा रहा है।

   यह ना केवल शोधकर्ताओं और जिज्ञासु पाठकों के लिए वरन सभी लोगों के लिए एक अच्छा समाचार है। साथ ही यह हमें स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में हमारे पास कितना अद्भुत और बहुमूल्य खज़ाना उपलब्ध है। बाइबल में भजन 119 परमेश्वर के वचन पर ही आधारित है और इस भजन का लेखक पूरे भजन में विभिन्न रितियों से परमेश्वर के वचन के सनातन होने तथा उस के पालन से जीवन में होने वाले उत्तम परिवर्तनों के बारे में बताता है। आज के सन्देश में दिए गए खण्ड में लेखक कहता है, "मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूंगा; क्योंकि उन्हीं के द्वारा तू ने मुझे जिलाया है" (भजन 119:93)।

   हम में से अनेकों के पास बाइबल की प्रति उपलब्ध रही है, परन्तु हम में से कितने उसे पढ़ने, उसके साथ समय बिताने, उसका अध्ययन करने में रुचि रखते हैं? बाइबल के कई जाने-पहिचाने खण्ड भी हैं, जो अकसर सुनने या पढ़ने में आते रहते हैं; कितने हैं जो उनपर मनन करते हैं या उनके अर्थ को समझने का प्रयास करते हैं?

   इस बहुमूल्य खज़ाने द्वारा अपने जीवन को भरपूरी का जीवन बना लेने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह आपको अपने वचन से सिखाए, आपका मार्गदर्शन करे और अपनी सामर्थ से परिपूर्ण करे। बाइबल के नियमित अध्ययन को अपनी दिनचर्या का भाग बना लीजिए; परमेश्वर ने इसे आपकी खुशहाली के लिए ही उपलब्ध करवाया है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर अपने वचन बाइबल में हो कर बातचित करता है - सुनने के लिए समय दें।

मेरे दु:ख में मुझे शान्ति उसी से हुई है, क्योंकि तेरे वचन के द्वारा मैं ने जीवन पाया है। - भजन 119:50

बाइबल पाठ: भजन 119:89-96
Psalms 119:89 हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है। 
Psalms 119:90 तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है; तू ने पृथ्वी को स्थिर किया, इसलिये वह बनी है। 
Psalms 119:91 वे आज के दिन तक तेरे नियमों के अनुसार ठहरे हैं; क्योंकि सारी सृष्टि तेरे आधीन है। 
Psalms 119:92 यदि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी न होता, तो मैं दु:ख के समय नाश हो जाता। 
Psalms 119:93 मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूंगा; क्योंकि उन्हीं के द्वारा तू ने मुझे जिलाया है। 
Psalms 119:94 मैं तेरा ही हूं, तू मेरा उद्धार कर; क्योंकि मैं तेरे उपदेशों की सुधि रखता हूं। 
Psalms 119:95 दुष्ट मेरा नाश करने के लिये मेरी घात में लगे हैं; परन्तु मैं तेरी चितौनियों पर ध्यान करता हूं। 
Psalms 119:96 जितनी बातें पूरी जान पड़ती हैं, उन सब को तो मैं ने अधूरी पाया है, परन्तु तेरी आज्ञा का विस्तार बड़ा है।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 1-4


सोमवार, 22 सितंबर 2014

मसीह का स्वरूप


   बहुत साल पहले की बात है, कुछ नियंत्रण से बाहर परिस्थितियों के कारण मुझे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। अपने खर्चों को पूरा करने के लिए मैंने दो अन्य नौकरियाँ पकड़ तो लीं लेकिन उनसे होने वाली आमदनी काफी कम थी और मुझे अपने प्रति माह के खर्चे पूरे करने में परेशानी हो रही थी। उन्हीं दिनों मेरा संपर्क अपने दो पुराने मित्रों, जोएल और डेव के साथ पुनः हो गया। जोएल तो एक बढ़ते हुए कसबे के चर्च में पास्टर था और डेव विदेशों में सुसमाचार प्रचार में लगा हुआ था, लेकिन उन दिनों घर आया हुआ था। दोनों ने ही मेरी स्थिति को देखकर मेरी सहायाता के लिए मुझे कुछ पैसे दिए जिससे मैं अपने मकान का किराया चुकाने पाया। उनकी इस सहायता भावना से मैं बहुत द्रवित हुआ, और अपने मित्रों के बारे में सोचते हुए मुझे लगा जैसे मैंने मसीह के स्वरूप को प्रत्यक्ष देखा हो।

   जैसे मैंने अपने मित्रों में मसीह के स्वरूप को देखा, हम मसीही विश्वासियों में संसार के लोग भी मसीह के स्वरूप को देखना चाहते हैं; हम जिसके स्वरूप में ढल जाने का दावा करते हैं (1 यूहन्ना 3:2), उसके स्वरूप के कुछ अंश तो हमारे जीवनों में दिखाई देने ही चाहिएं। प्रेरित पौलुस ने इस विषय में अपनी पत्रियों में कई बार लिखा। वह कहता है, "...मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है" (कुलुस्सियों 1:27); अपने बारे में पौलुस ने कहा, "मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिसने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया" (गलतियों 2:20)। पौलुस यह भी समझता था कि विभिन्न परिस्थितियाँ हमारे जीवन में विद्यमान मसीह यीशु को प्रदर्शित करने के अवसर भी बन सकती हैं - "हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो" (2 कुरिन्थियों 4:10)।

   क्या आज आप किसी ऐसे जन को जानते हैं जो विपरीत परिस्थितियों या परेशानियों से होकर निकल रहा है? क्यों ना आवश्यक सहायाता के द्वारा आप अपने अन्दर बसे हुए मसीह यीशु के प्रेम को उस पर कार्यकारी रीति से प्रगट करें - मसीह के स्वरूप को उसके सामने प्रत्यक्ष आने दें? - डेनिस फिशर


सच्चा प्रेम मसीह यीशु के नाम में दूसरों की सहायता करने में है, चाहे वे प्रत्युत्तर में आपके लिए कभी कुछ ना करने पाएं।

हे प्रियों, अभी हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब वह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वह है। - 1 यूहन्ना 3:2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:1-10
2 Corinthians 4:1 इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते। 
2 Corinthians 4:2 परन्तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट कर के, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं। 
2 Corinthians 4:3 परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है। 
2 Corinthians 4:4 और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। 
2 Corinthians 4:5 क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और अपने विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। 
2 Corinthians 4:6 इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।
2 Corinthians 4:7 परन्तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे। 
2 Corinthians 4:8 हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते। 
2 Corinthians 4:9 सताए तो जाते हैं; पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते। 
2 Corinthians 4:10 हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं; कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 10-12


रविवार, 21 सितंबर 2014

परेशानी


   स्कूल के खेल के मैदान पर फुटबॉल के खेल के पश्चात एक लड़के राईली ने दूसरे लड़के एवरी के साथ झगड़ना आरंभ कर दिया। वहाँ उपस्थित अध्यापक ने दोनों को अलग किया और प्रधानाध्यापक के पास भेज दिया। बाद में एवरी ने कहा, "जैसे हमेशा होता रहा है, हम दोनों को ही इस झगड़े का दुषपरिणाम भोगना पड़ा।" लेकिन साथ ही एवरी ने यह भी कहा कि इस घटना से उसने एक पाठ सीखा है, "परमेश्वर सदा ही हमारे साथ बना रहता है चाहे हम ऐसी परेशानी में ही क्यों ना हों।"

   इस्त्राएल बड़ी परेशानी में था; उनको मिस्त्र की गुलामी से निकालकर कनान देश में प्रवेश करने के लिए कनान के किनारे तक ले आने वाला उनका अगुवा मूसा अब नहीं रहा था। इस्त्राएल के नेतृत्व की बागडोर मूसा के सहयाक यहोशू को सौंपी गई थी जो अपने आप को इस बड़े कार्य के लिए कमज़ोर समझ रहा था। इस्त्राएल का नेतृत्व करके उन्हें कनान में प्रवेश करवाने, अनेकों सैनिक अभियानों में विजय द्वारा उन्हें कनान देश में बसाने, फिर उस देश की भूमि को इस्त्राएल के गोत्रों में बाँटने आदि बातों की परेशानी से चिंतित यहोशु को परमेश्वर ने आश्वस्त किया, "तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा" (यहोशू 1:5)।

   यहोशू का परमेश्वर में दृढ़ विश्वास था; जब इसत्राएलियों द्वारा कनान का भेद लेने गए लोगों ने लौट के आने के बाद इस्त्राएलियों को घबरा दिया और निराश कर दिया, तब यहोशू और कालेब ही थे जो परमेश्वर पर विश्वास के द्वारा कनान के निवासियों पर जयवन्त होने के दावे के साथ इस्त्राएलियों का हौंसला बढ़ा रहे थे (गिनती 14:6-9)। यहोशू आज भी यह जानता था कि परमेश्वर की उपस्थिति तथा सहायता के बिना वह कुछ नहीं कर पाएगा; और यहोशू की हिम्मत बाँधने के लिए इसी बात का आश्वासन परमेश्वर ने यहोशू को दिया भी। जो आश्वासन परमेश्वर ने तब यहोशू को दिया था, वही आज उसने हम सभी मसीही विश्वासियों को भी दिया है - कि वह हमारे साथ सदा बना रहेगा (इब्रानियों 13:5-6)।

   यह हमारे लिए बड़ी सांत्वना की बात है कि हमारा परमेश्वर हमारे साथ सदा बना रहता है, हमें ना कभी छोड़ता है और ना कभी त्यागता है, हम चाहे कैसी भी परेशानी में क्यों ना हों। - ऐनी सेटास


जब परेशानियाँ आप के पास आएं तब आप परमेश्वर के और पास आ जाएं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: यहोशू 1:1-7
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा, 
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं। 
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं। 
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा। 
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। 
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा। 
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 7-9


शनिवार, 20 सितंबर 2014

प्रार्थना


   मेरा एक सच्चा अंगीकार: जब मुझे मालूम पड़ा कि अपोलो अंतरिक्ष श्रंखला की अन्तिम उड़ान में अन्तरिक्ष यात्री रेक्स वैल्हाईम अपने साथ हमारी पुस्तिका Our Daily Bread की एक प्रति लेकर जाएंगे, तो मैंने यह जानने का प्रयास किया कि उस पुस्तिका में मेरे द्वारा लिखे गए कौन से सन्देश होंगे जिन्हें वह अन्तर्रिक्ष में पढ़ेंगे। मैं तो एक छोटे से कसबे में पली-बढ़ी थी, इसलिए मुझे अपने लिए यह एक बहुत बड़ी बात प्रतीत हुई कि मेरे लिखे हुए सन्देश अन्तरिक्ष में पढ़े जाएंगे!

   लेकिन उन सन्देशों के विषय में मैंने अभी अपनी जिज्ञासा शान्त करी ही थी, कि मेरे मन में एक और विचार आया - मुझे यह इतनी बड़ी बात क्यों लग रही है कि मेरे सन्देश अन्तरिक्ष में पढ़े जाएंगे? आखिर प्रतिदिन, अनेकों बार, मेरी प्रार्थनाएं तो स्वर्गीय स्थानों तक पहुँचती ही रहती हैं! मेरे जीवन में ऐसा क्या हुआ है कि मैं इस बात को एक स्थापित तथ्य मानती हूँ कि सृष्टि का सृष्टिकर्ता परमेश्वर मेरी प्रार्थनाओं को सुनता है? मुझे परमेश्वर के वचन का आश्वासन है कि प्रभु यीशु मसीह में हो कर मैं कभी भी परमेश्वर के सम्मुख पूर्ण स्वतंत्रता और अधिकार से आ सकती हूँ (इफिसियों 3:12)। जब ऐसा है, और परमेश्वर स्वर्ग में मेरी बात को सुनता रहता है, तो मैं अपने द्वारा लिखी गई किसी बात के अन्तरिक्ष में किसी मनुष्य द्वारा पढ़े जाने को लेकर इतनी आश्चर्यचकित क्यों हूँ?

   यदि इतना ही हमें आत्मिक निद्रा से जगाने के लिए काफी नहीं है तो ज़रा इस पर विचार कीजिए: परमेश्वर अपनी मण्डली अर्थात हम मसीही विश्वासियों के समूह को प्रयोग कर रहा है ताकि आकाश के प्रधानों और शक्तियों को अपने ज्ञान और समझ से अवगत करवा सके (पद 10)। जरा कलपना कीजिए, परमेश्वर ना केवल हम मनुष्यों की प्रार्थनाओं पर ध्यान लगाता और उन्हें सुनता है, वरन वह हम में होकर आकाश की शक्तियों को प्रभु यीशु में होकर मिलने वाले उद्धार की योजना को समझाता है। भला है ना यह अचरज की बात! - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर अपनी सन्तान की प्रार्थना सुनने के लिए सदा उपलब्ध रहता है।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: इफिसियों 3:8-13
Ephesians 3:8 मुझ पर जो सब पवित्र लोगों में से छोटे से भी छोटा हूं, यह अनुग्रह हुआ, कि मैं अन्यजातियों को मसीह के अगम्य धन का सुसमाचार सुनाऊं। 
Ephesians 3:9 और सब पर यह बात प्रकाशित करूं, कि उस भेद का प्रबन्‍ध क्या है, जो सब के सृजनहार परमेश्वर में आदि से गुप्‍त था। 
Ephesians 3:10 ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्‍वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए। 
Ephesians 3:11 उस सनातन मनसा के अनुसार, जो उसने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थी। 
Ephesians 3:12 जिस में हम को उस पर विश्वास रखने से हियाव और भरोसे से निकट आने का अधिकार है। 
Ephesians 3:13 इसलिये मैं बिनती करता हूं कि जो क्‍लेश तुम्हारे लिये मुझे हो रहे हैं, उनके कारण हियाव न छोड़ो, क्योंकि उन में तुम्हारी महिमा है।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 4-6