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गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017

प्रार्थना का उत्तर


   हमारी बेटी 15 वर्ष की थी, जब वह घर से भाग गई; वह 3 सप्ताह से अधिक तक घर से बाहर रही। वे हमारे जीवन के सबसे लंबे 3 सप्ताह थे। हमने सब स्थानों पर उसे  ढूँढ़ा, मित्रों और न्याय-व्यवस्था संबंधित सरकारी महकमों की भी सहायाता ली। उन निराशा और परेशानी से भरे दिनों में मैंने और मेरी पत्नि ने प्रार्थना में परमेश्वर के सामने प्रतीक्षा करने के महत्व को समझा। हम अपनी सामर्थ्य और संसाधानों के अन्त पर पहुँच गए थे; अब परमेश्वर पर निर्भर रहने के अतिरिक्त हमारे पास और कुछ नहीं था।

   हमारी बेटी हमें पिताओं को आदर देने के लिए मनाए जाने वाले दिन, "फादर्स डे" पर मिली। हम रात्रि का भोजन करने के लिए एक भोजनालय में जा रहे थे, जब फोन की घंटी बजी। एक अन्य भोजनालय में कार्य करने वाली एक महिला वेटर ने उसे देखा था। जहाँ वह थी वह स्थान हम से थोड़ी सी ही दूर था; हम तुरंत वहाँ गए और बेटी को ले आए; शीघ्र ही वह सुरक्षित और स्वस्थ घर में थी।

   जब हम प्रार्थना करते हैं तो हमें प्रभु परमेश्वर की उपस्थिति में शान्त भी रहना होता है। हम नहीं जानते कि उसका उत्तर कब और कैसे आएगा, परन्तु हम सदा ही अपने हृदय को उसके सामने खोलकर रख सकते हैं। कभी-कभी उत्तर तब नहीं आते जब हम उन्हें चाहते हैं या उनकी आशा रखते हैं। कभी-कभी उत्तर आने से पहले परिस्थितियाँ और भी बिगड़ सकती हैं। परन्तु हमें सदा प्रयासरत बने रहना है, भरोसा करते रहना है, प्रार्थना में परमेश्वर से माँगते रहना है।

   प्रार्थना का उत्तर आने की प्रतीक्षा करना कभी सरल नहीं होता है, परन्तु उत्तर, जब भी वह आए, भला ही होता है, उस उत्तर के लिए वह प्रतीक्षा सदा उचित ही ठहरती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने एक भजन में इस बात के लिए कहा: "और तेरे नाम के जानने वाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया" (भजन 9:10)। इसलिए प्रभु परमेश्वर के समक्ष प्रार्थना में खोजते रहें; उसपर भरोसा बनाए रखें; उससे माँगते रहें। उसका उत्तर अवश्य आएगा, भलाई के साथ आएगा। - जेम्स बैंक


प्रार्थना में बिताया गया समय, सदा ही भली-भांति बिताया गया समय होता है।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 9:1-10
Psalms 9:1 हे यहोवा परमेश्वर मैं अपने पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा; मैं तेरे सब आश्चर्य कर्मों का वर्णन करूंगा। 
Psalms 9:2 मैं तेरे कारण आनन्दित और प्रफुल्लित होऊंगा, हे परमप्रधान, मैं तेरे नाम का भजन गाऊंगा।
Psalms 9:3 जब मेरे शत्रु पीछे हटते हैं, तो वे तेरे साम्हने से ठोकर खाकर नाश होते हैं। 
Psalms 9:4 क्योंकि तू ने मेरा न्याय और मुकद्दमा चुकाया है; तू ने सिंहासन पर विराजमान हो कर धर्म से न्याय किया। 
Psalms 9:5 तू ने अन्यजातियों को झिड़का और दुष्ट को नाश किया है; तू ने उनका नाम अनन्तकाल के लिये मिटा दिया है। 
Psalms 9:6 शत्रु जो है, वह मर गए, वे अनन्तकाल के लिये उजड़ गए हैं; और जिन नगरों को तू ने ढा दिया, उनका नाम वा निशान भी मिट गया है। 
Psalms 9:7 परन्तु यहोवा सदैव सिंहासन पर विराजमान है, उसने अपना सिंहासन न्याय के लिये सिध्द किया है; 
Psalms 9:8 और वह आप ही जगत का न्याय धर्म से करेगा, वह देश देश के लोगों का मुकद्दमा खराई से निपटाएगा।
Psalms 9:9 यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊंचा गढ़ ठहरेगा, वह संकट के समय के लिये भी ऊंचा गढ़ ठहरेगा। 
Psalms 9:10 और तेरे नाम के जानने वाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 56-58
  • 2 थिस्सलुनीकियों 2


बुधवार, 18 अक्टूबर 2017

महाराजा


   लंडन में स्थित वेस्टमिनिस्टर ऐब्बी (विशाल चर्च और उसके मैदान) की भव्य एतिहासिक पृष्ठभूमि है। दस्वीं शताब्दी में बेनेडिक्ट मठ के मठवासियों ने यहाँ परमेश्वर की दैनिक आराधना की प्रथा का आरंभ किया था, जो आज भी बना हुआ है। यह एब्बी अनेकों प्रसिध्द लोगों को दफनाने का स्थान भी रहा है; और सन 1066 से लेकर आज तक सभी अंग्रेज़ी सम्राटों का राज्याभिषेक यहीं पर होता आया है। राज्याभिषेक हुए उन सम्राटों में से 17 यहीं दफनाए भी गए हैं - जहाँ से उन सम्राटों का शासन आरंभ हुआ, फिर वहीं पर समाप्त भी हुआ।

   चाहे उनके दफनाया जाना कितना भी भव्य रहा हो, संसार के शासकों का उदय और अस्त होना चलता रहता है; वे जीते हैं और मर भी जाते हैं। परन्तु समस्त संसार के इतिहास में एकमात्र महाराजाधिराज यीशु ही है, जो एक बार मरा तो तथा परन्तु फिर तीसरे दिन फिर जी उठा, आज उसकी कब्र खाली है और वह जीवित है। अपने पृथ्वी पर प्रथम आगमन के समय उसे काँटों का मुकुट पहनाया गया और उसे ठट्ठों में उड़ाते हुए "यहूदियों का राजा" (यूहन्ना 19:3, 19) कहकर क्रूस पर लटा दिया गया। परन्तु वह तीसरे दिन म्रुतकों में से जी उठा और लोगों के बीच अपने आप को पृथ्वी पर 40 दिन तक जीवित प्रगट करता रहा।

   क्योंकि प्रभु यीशु मृत्यु पर जयवंत होकर जी उठा, हम मसीही विश्वासियों के लिए कब्र के बाद भी आशा है, उसके साथ अनन्त जीवन जीते रहने का आश्वासन है। प्रभु यीशु ने कहा, "यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा" (यूहन्ना 11:25-26)।

   हम मसीही एक जीवित महाराजा के सेवक हैं! हम आज अपने जीवनों को उसकी आधीनता में, उसकी सेवकाई और महिमा के लिए समर्पित करें और उस आने वाले दिन की बाट जोहें जब "प्रभु हमारा परमेश्वर" (प्रकाशितवाक्य 19:6) अनन्तकाल के लिए राज्य करेगा। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान  नें मत्यु को मार दिया।

इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 19:21-30
John 19:21 तब यहूदियों के महायाजकों ने पीलातुस से कहा, यहूदियों का राजा मत लिख परन्तु यह कि “उसने कहा, मैं यहूदियों का राजा हूं”। 
John 19:22 पीलातुस ने उत्तर दिया, कि मैं ने जो लिख दिया, वह लिख दिया।
John 19:23 जब सिपाही यीशु को क्रूस पर चढ़ा चुके, तो उसके कपड़े ले कर चार भाग किए, हर सिपाही के लिये एक भाग और कुरता भी लिया, परन्तु कुरता बिन सीवन ऊपर से नीचे तक बुना हुआ था: इसलिये उन्होंने आपस में कहा, हम इस को न फाडें, परन्तु इस पर चिट्ठी डालें कि वह किस का होगा। 
John 19:24 यह इसलिये हुआ, कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो कि उन्होंने मेरे कपड़े आपस में बांट लिये और मेरे वस्‍त्र पर चिट्ठी डाली: सो सिपाहियों ने ऐसा ही किया। 
John 19:25 परन्तु यीशु के क्रूस के पास उस की माता और उस की माता की बहिन मरियम, क्‍लोपास की पत्‍नी और मरियम मगदलीनी खड़ी थी। 
John 19:26 यीशु ने अपनी माता और उस चेले को जिस से वह प्रेम रखता था, पास खड़े देखकर अपनी माता से कहा; हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है। 
John 19:27 तब उस चेले से कहा, यह तेरी माता है, और उसी समय से वह चेला, उसे अपने घर ले गया।
John 19:28 इस के बाद यीशु ने यह जानकर कि अब सब कुछ हो चुका; इसलिये कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो कहा, मैं प्यासा हूं। 
John 19:29 वहां एक सिरके से भरा हुआ बर्तन धरा था, सो उन्होंने सिरके में भिगोए हुए इस्‍पंज को जूफे पर रखकर उसके मुंह से लगाया। 
John 19:30 जब यीशु ने वह सिरका लिया, तो कहा पूरा हुआ और सिर झुका कर प्राण त्याग दिए।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 53-55
  • 2 थिस्सलुनीकियों 1


मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017

मार्ग


   मेरे साथ मछली पकड़ने जाने वाले एक मित्र ने मुझे एक पहाड़ी पर स्थित स्वच्छ पानी की झील और उसमें विद्यमान बड़ी ट्राउट मछलियों के बारे में बताया। उसने एक पेंसिल और नैपकिन लेकर मेरे लिए उस स्थान तक पहुँचने का नक्शा भी बनाकर दिया। कुछ सप्ताह के बाद मैंने अपने ट्रक में पेट्रोल भरवाया और उसके द्वारा दिए गए नक्शे के सहारे उस झील के लिए निकल पड़ा। उसके नक्शे ने मुझे ऐसी खराब सड़क पर डाल दिया, जैसी खराब सड़क पर मैंने अपने जीवन में कभी यात्रा नहीं की थी। वह लट्ठे काट कर लेजाने वाली गाड़ियों के लिए एक पुरानी सड़क थी जिसे जंगल काट कर बनाया गया था, और उसपर कभी ध्यान नहीं दिया गया था। सड़क अनेकों स्थान पर बह गई थी, लकड़ी के लट्ठे उस पर गिरे हुए पड़े थे, गाड़ियों के पहियों के गहरे निशान नालियों के समान बने हुए थे, और बड़े बड़े पत्थर उस पर पड़े हुए थे। इन सब पर अपना ट्रक चलाते हुए मेरी कमर दुःखने लगी और मेरे ट्रक के निचले भाग में निशान पड़ गए। मुझे उस झील तक पहुँचने के लिए आधा दिन लग गया, और मैं सोच रहा था कि मुझे ऐसी सड़क पर भेजने वाला क्या मेरा "मित्र" है?

   परन्तु गन्तव्य पर पहुँचकर जो दश्य देखा वह भव्य था, वह झील का दृश्य बहुत सुन्दर था और वहाँ मछलियाँ भी बहुत बड़ी और बेजोड़ थीं। मेरे मित्र ने वास्तव में मुझे सही स्थान पर भेजा था, और ऐसे मार्ग से भेजा जिसे मैं स्वयं भी अपने लिए चुन लेता, यदि मुझे मार्ग के अन्त पर मिलने वाले परिणाम का पहले से पता होता।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें एक विश्वासयोग्य बात बताती है: "जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं" (भजन 25:10)। हमारे जीवन के लिए परमेश्वर द्वारा निर्धारित अनेकों मार्ग हमें ऊबड़-खाबड़, उबाऊ तथा कठिन लग सकते हैं; परन्तु वे सभी परमेश्वर के प्रेम और विश्वासयोग्यता के मार्ग हैं। जब हम अपनी जीवन यात्रा के अन्त पर पहुँचेंगे, तब ही हम वास्तविकता को पहचान पाएंगे और तब हम कहेंगे, "परमेश्वर द्वारा मेरे लिए निर्धारित मार्ग सर्वोत्तम और सही थे।" - डेविड रोपर


हमारे मार्गों में बाधाएँ हो सकती हैं, परन्तु परमेश्वर हमारा सच्चा मार्गदर्शक है।

यहोवा यों भी कहता है, सड़कों पर खडे हो कर देखो, और पूछो कि प्राचीनकाल का अच्छा मार्ग कौन सा है, उसी में चलो, और तुम अपने अपने मन में चैन पाओगे। पर उन्होंने कहा, हम उस पर न चलेंगे। - यिर्मयाह 6:16

बाइबल पाठ: भजन 25:4-11
Psalms 25:4 हे यहोवा अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे। 
Psalms 25:5 मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे, क्योंकि तू मेरा उद्धार करने वाला परमेश्वर है; मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूं। 
Psalms 25:6 हे यहोवा अपनी दया और करूणा के कामों को स्मरण कर; क्योंकि वे तो अनन्तकाल से होते आए हैं। 
Psalms 25:7 हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।
Psalms 25:8 यहोवा भला और सीधा है; इसलिये वह पापियों को अपना मार्ग दिखलाएगा।
Psalms 25:9 वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देगा, हां वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा। 
Psalms 25:10 जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं।
Psalms 25:11 हे यहोवा अपने नाम के निमित्त मेरे अधर्म को जो बहुत हैं क्षमा कर।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 50-52
  • 1 थिस्सलुनीकियों 5


सोमवार, 16 अक्टूबर 2017

स्वर्ग में धन


   हमारे नए बने हुए घर को बिजली की तार लगाने में की गई कमियों और त्रुटियों ने जलाकर राख कर दिया, घंटे भर में ही घर के स्थान पर केवल राख का ढेर रह गया था। एक और समय पर जब हम चर्च से लौट कर अपने घर वापस आए तो हमने पाया कि कोई चोर घर में से कुछ सामान चुरा कर ले गया है।

   हमारे इस अपूर्ण संसार में, सांसारिक सम्पत्ति की हानि होना बहुत सामान्य है - गाड़ियाँ चोरी या दुर्घटनाग्रस्त हो जाती हैं, जहाज़ डूब जाते हैं, इमारतें ढह जाती हैं, बाढ़ से घर और सामान बह जाते हैं, व्यक्तिगत सामान चोरी हो जाता है। यह सब प्रभु यीशु मसीह की सांसारिक धन में भरोसा न रखने की शिक्षा (मत्ती 6:19) को बहुत अर्थपूर्ण बना देता है।

   प्रभु यीशु मसीह ने सांसारिक धन की बजाए स्वर्ग में धन के महत्व को समझाने के लिए एक नीतिकथा सुनाई; एक मनुष्य ने बहुत लाभ कमाया और उस धन पर भरोसा रखते हुए अपने भविष्य को सुनिश्चित मान लिया (लूका 12:16-21); उस व्यक्ति ने अपने आप से कहा, "...प्राण, तेरे पास बहुत वर्षों के लिये बहुत संपत्ति रखी है; चैन कर, खा, पी, सुख से रह"। परन्तु परमेश्वर ने उससे कहा कि उसी रात उसे सब कुछ छोड़ कर जाना पड़ेगा; तब उसके पास क्या रह जाएगा? इस कहानी का निष्कर्ष देते हुए प्रभु यीशु ने कहा, "ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं" (लूका 12:21)।

   सांसारिक सम्पत्ति नश्वर है, अस्थायी है। कुछ भी ऐसा नहीं है जो सदा बना रहे, सिवाए उसके जो हम परमेश्वर की इच्छा और मार्गदर्शन में दूसरों की भलाई के लिए करते हैं। स्वर्ग में धन एकत्रित करने (मत्ती 6:20) के कुछ उपाए हैं, अपने समय और संसाधनों में से प्रभु यीशु में पाप क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के प्रचार के लिए देना, उनकी सुधि लेना जो अकेले हैं, जो आवश्यकता में हैं उनकी सहायता करना; इत्यादि। स्वर्ग में एकत्रित धन ही अविनाशी और सच्चा धन है। - लॉरेंस दरमानी


हमारा असली धन वह है जो संसार में रहते हुए 
हम आने वाले अनन्त काल के लिए निवेश करते हैं।

इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी। - मत्ती 6:33

बाइबल पाठ: मत्ती 6:19-24
Matthew 6:19 अपने लिये पृथ्वी पर धन इकट्ठा न करो; जहां कीड़ा और काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर सेंध लगाते और चुराते हैं। 
Matthew 6:20 परन्तु अपने लिये स्वर्ग में धन इकट्ठा करो, जहां न तो कीड़ा, और न काई बिगाड़ते हैं, और जहां चोर न सेंध लगाते और न चुराते हैं। 
Matthew 6:21 क्योंकि जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा। 
Matthew 6:22 शरीर का दिया आंख है: इसलिये यदि तेरी आंख निर्मल हो, तो तेरा सारा शरीर भी उजियाला होगा। 
Matthew 6:23 परन्तु यदि तेरी आंख बुरी हो, तो तेरा सारा शरीर भी अन्धियारा होगा; इस कारण वह उजियाला जो तुझ में है यदि अन्धकार हो तो वह अन्धकार कैसा बड़ा होगा। 
Matthew 6:24 कोई मनुष्य दो स्‍वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्‍छ जानेगा; “तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते”।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 47-49
  • 1 थिस्सलुनीकियों 4


रविवार, 15 अक्टूबर 2017

मार्गदर्शन


   एक शताब्दी पूर्व, 41 वर्षीय ऑस्वौल्ड चैम्बर्स, प्रथम विश्व-युद्ध के समय में मिस्त्र में स्थित ब्रिटिश राष्ट्रमण्डल सेनाओं में YMCA की ओर से पादरी का कार्य करने के लिए पहुँचे। उन्हें मिस्त्र की राजधानी काइरो से 6 मील उत्तर में स्थित एक शिविर में नियुक्त किया गया। वहाँ बिताई अपनी पहली रात में चैम्बर्स ने अपनी डायरी में लिखा, "यह इलाका बिलकुल मरुभूमि है, सैनिकों के हृदयों में भी, और मनुष्यों के लिए अद्भुत सुअवसर है। ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा या अनुभव किया है। मैं बड़ी रुचि के साथ उन नई बातों की ओर देख रहा हूँ जो परमेश्वर यहाँ करने जा रहा है।"

   चैम्बर्स परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 3:5-6 की बात: "तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा" पर विश्वास रखता था, और उसका पालन करता था। ऐसा करना चुनौतीपूर्ण भी है और शान्तिदायक भी। यह जानने और मानने में कि परमेश्वर प्रतिदिन हमारा मार्गदर्शन करेगा, सुरक्षा है; परन्तु हमें अपनी योजनाओं से इतना आसक्त नहीं हो जाना चाहिए कि हम परमेश्वर के द्वारा दिए जाने वाले मार्गदर्शन के पुनःनिर्देशनों की तथा किसी कार्य को करने के उसके समय की अवहेलना करने लगें।

   चैम्बर्स ने कहा, "हमें कोई अधिकार नहीं है कि हम पूर्वनिर्धारण कर के बैठ जाएं कि परमेश्वर को हमें कहाँ रखना चाहिए, या करने के लिए क्या कार्य देना चाहिए। परमेश्वर ही हमारे लिए हर योजना बनाता है। वह हमें जहाँ भी रखे, जिस बात के लिए भी हमारा मार्गदर्शन करे, हमारा लक्ष्य बस पूरे मन से उसके प्रति समर्पित रहना और उस कार्य को पूरी लगन एवं निष्ठा के साथ पूरा करना है।" - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जब हम परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखते हैं, 
तो वह हमारा मार्गदर्शन भी करता जाता है।

क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा। - यिर्मयाह 29:11

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-8
Proverbs 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना; 
Proverbs 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा। 
Proverbs 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना। 
Proverbs 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।
Proverbs 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। 
Proverbs 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। 
Proverbs 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना। 
Proverbs 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 45-46
  • 1 थिस्सलुनीकियों 3


शनिवार, 14 अक्टूबर 2017

भरोसा


   जनवरी 1915 में, एन्डयोरेंस नामक जलपोत अन्टारिकटिका के तट के निकट बर्फ में फंसकर नष्ट हो गया। उस जलपोत में सवार, अर्नेस्ट शैकलटन के नेतृत्व में दक्षिणी ध्रुव पर खोज करने आए लोगों का दल, बचने के लिए तीन छोटी नौकाओं में होकर एलीफेंट द्वीप पहुँचा। अब वे एक ऐसे निर्जन द्वीप पर फंस गए थे जो सामान्य व्यापारी जल मार्गों से दूर स्थित था। उनके पास एक ही आशा थी; 24 अप्रैल 1916 को 22 लोगों के सामने शैकलटन और उसके पाँच साथी, एक छोटी नौका पर 800 मील दूर स्थित एक अन्य द्वीप, साऊथ जौर्जिया, के लिए निकल पड़े। परिस्थितियाँ और संभावनाएं असंभव प्रतीत होती थीं, और यदि वे नाविक अपने इस प्रयास में विफल हो जाते तो सभी की मृत्यु निश्चित थी। सोचिए वह कितने आनन्द का समय था, जब चार माह से भी अधिक समय के बाद एलीफेंट द्वीप पर प्रतीक्षा कर रहे उन 22 लोगों ने क्षितिज पर एक नौका को आते देखा और उस नौका में सबसे आगे शैकलटन खड़े थे, और ऊँची आवाज़ में पूछ रहे थे, "क्या आप सब ठीक हैं?" और द्वीप से उत्तर मिला, "सब ठीक! सब सुरक्षित!"

   उन लोगों को इतने महीनों तक एक साथ और सुरक्षित तथा जीवित किस बात ने रखा? एक व्यक्ति में रखे गए भरोसे ने; उन्हें विश्वास था कि शैकलटन उन्हें बचाने के लिए कोई न कोई उपाय अवश्य निकाल लेंगे।

   भरोसे और आशा का इस मानवीय उदाहरण में, परमेश्वर के वचन बाइबल में, इब्रानियों 11 में दिए गए विश्वास के नायकों के भरोसे की गूँज है। इन नायकों के "विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है" (इब्रानियों 11:1) में भरोसे ने उन्हें बड़ी कठिनाईयों और परीक्षाओं में भी परमेश्वर में अपने विश्वास में स्थिर बनाए रखा।

   आज जब हम अपने जीवन की परिस्थितियों और कठिनाईयों की ओर देखते हैं, तो उनसे अभिभूत होकर हताश न हो जाएं। हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह पर अपने भरोसे में दृढ़ बने रहें - वह अपने वायदे के अनुरूप सदा हमारी भलाई के लिए कार्यरत रहता है। - रैंडी किल्गोर


हमारे सबसे अन्धकारमय दिन में भी, प्रभु यीशु में आशा तेज़ी से चमकती रहती है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रो्मियों 8:28

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:8-16
Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया। 
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया। 
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है। 
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था। 
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू के समान, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।
Hebrews 11:13 ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्होंने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाईं; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्‍दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं। 
Hebrews 11:14 जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्‍वदेश की खोज में हैं। 
Hebrews 11:15 और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था। 
Hebrews 11:16 पर वे एक उत्तम अर्थात स्‍वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उसने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 43-44
  • 1 थिस्सलुनीकियों 2


शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2017

साथ


   उत्तरी अमेरिका के मूल-विवासियों की एक प्राचीन कहानी है; कबीले की प्रथा के अनुसार, उसके साहस की परीक्षा के लिए, एक युवक को शरद ऋतु की एक रात अकेले जंगल में बिताने के लिए भेजा गया। संध्या को वह घर से निकला और जंगल में चला गया। शीघ्र ही अन्धेरा हो गया, रात्रि की आवाज़ें जंगल में आने लगीं। कहीं पेड़ चरमरा रहे थे तो कभी हवा से पत्ते सरसरा रहे थे; रात्रि में विचरण करने वाले विभिन्न जान्वरों और पक्षियों की आवाज़ें आ रहीं थीं। वह युवक भयभीत तो था किंतु फिर भी दृढ़ता से डटा रहा, जैसी कि उसकी परीक्षा की आवश्यकता थी। अन्ततः प्रातः हुई, और आकाश के प्रकाशमान होने के साथ ही उसने देखा कि एक और व्यक्ति भी उसके निकट ही था; सारी रात उसके दादा वहीं उसके पास डटे रहे थे, उसका ध्यान रख रहे थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र मूसा ने जंगल में एकान्त में एक चकित करने वाला दृष्य देखा, एक झाड़ी जल तो रही थी परन्तु भस्म नहीं हो रही थी। जब वह निकट गया तो उसने परमेश्वर की आवाज़ सुनी; परमेश्वर उसे मिस्त्र में जाकर इस्त्राएलियों को क्रूर दासत्व से छुड़ाकर लाने के लिए कह रहा था। अनिच्छुक मूसा ने बच निकलने के लिए परमेश्वर से प्रश्न करने आरंभ किए: अपने भय के कारण मूसा ने कहा, "मैं हूँ कौन, कि मैं जाऊँ?" परमेश्वर ने उत्तर दिया, "मैं तेरे साथ रहूँगा।" मूसा ने फिर कहा, "मान लो मैं जाकर कहता हूँ, ’तुम्हारे पित्रों के परमेश्वर ने मुझे भेजा है’, और वे मुझसे पूछें, ’अच्छा! तो भला उसका नाम क्या है?’ तो मैं उन्हें क्या उत्तर दूँगा?" परमेश्वर ने उत्तर दिया, "उनसे कहना, ’मैं जो हूँ सो हूँ’...उनसे कहना, मैं जो हूँ सो हूँ ने मुझे भेजा है" (निर्गमन 31:1-14)।

   वाक्यांश, ’मैं जो हूँ सो हूँ’ को ’मैं जो होऊँगा सो होऊँगा’ भी लिखा जा सकता है, और यह परमेश्वर के अनन्त और हर बात, हर परिस्थिति, हर आवश्यकता के लिए पूर्णतः पर्याप्त चरित्र को दिखाता है। परमेश्वर का सदा ही वायदा रहा है कि वह अपने लोगों के साथ, उनके जिन्होंने प्रभु यीशु पर विश्वास किया है, बना रहेगा। चाहे जीवन की परिस्थितियाँ कितनी भी भयावह, कठिन या अन्धकारमय क्यों न लगें, हमारा अदृश्य परमेश्वर पिता सदा हमारे साथ और हमारे निकट बना रहता है। वह हमारी प्रत्येक आवश्यकता के लिए उप्युक्त उत्तर देने को सदा उपलब्ध रहता है। - डेव एग्नर


अपने बच्चों के जीवन में परमेश्वर सदा उपस्थित तथा कार्यरत रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:1-14
Exodus 3:1 मूसा अपने ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया। 
Exodus 3:2 और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती। 
Exodus 3:3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती। 
Exodus 3:4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा। 
Exodus 3:5 उसने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है। 
Exodus 3:6 फिर उसने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढ़ांप लिया। 
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है; 
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं। 
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है, 
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए। 
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं? 
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे। 
Exodus 3:13 मूसा ने परमेश्वर से कहा, जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पित्रों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं? 
Exodus 3:14 परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उसने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 41-42
  • 1 थिस्सलुनीकियों 1