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Saturday, March 31, 2012

क्षमा का सौन्दर्य

   लैरी और मेरी गेर्बेन्स पीछले १० वर्षों से परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा लूका १५ में दिए गए "उड़ाऊ पुत्र" के दृष्टांत से संबंधित कलाकृतियों का संग्रह कर रहे हैं। उनके संग्रह में रेंब्रां और अन्य विख्यात चित्रकारों तथा कलाकरों की कृतियाँ मौजूद हैं जो इस दृष्टांत के विभिन्न पहलुओं पर आधारित हैं। जो कला संग्रह के रूप में आरंभ हुआ था, अब गेर्बेन्स दंपति के लिए प्रभु की सेवकाई का माध्यम बन गया है।

   गेर्बेन्स दंपति ने अपना यह संग्रह एक स्थानीय कॉलेज में प्रदर्शनी के लिए लगा रखा है। लैरी का कहना है कि, "कलाकारों ने हमारी सेवा करी है, हम चाहते हैं कि उनकी कलाकृतियाँ दुसरों की भी सेवा करें।"

   जब मैं उनकी प्रदर्शनी को देखती जा रही थी, मुझे उस उड़ाऊ पुत्र के मन की गहराईयों की आवश्यक्ता, उसके सच्चे पश्चाताप और उसके पिता द्वारा उसे क्षमा किए जाने की सुन्दरता को विभिन्न कलाकृतियों में व्यक्त देखा जिसने मेरे दिल को छू लिया।

   इस दृष्टांत के इस पुत्र के समान, जिसके पास अपने जीवन के लिए अपने पिता की इच्छा से भिन्न योजनाएं थीं और जिन्हें वह किसी भी कीमत पर पूरा करने के लिए ढीठ था, हम सब भी ढीठ रहे हैं। हम सब ने अपने परमेश्वर पिता से मूँह मोड़कर अपने ही मार्ग ले लिए हैं (रोमियों ३:१०-१२)। किंतु उस दृष्टांत के पिता के समान ही हमारा परमेश्वर पिता पश्चाताप के साथ लौट के आने वाले हर जन को क्षमा करने को तैयार बैठा है, प्रतीक्षा में है।

   यदि आप भी सच्चे पश्चाताप के साथ उस सच्चे परमेश्वर पिता को हृदय की गहराईयों से पुकारेंगे, "पिता जी मैं ने स्‍वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्‍टि में पाप किया है" (लूका १५:१८), तो आप भी उसकी क्षमा के सौन्दर्य को देखने और अनुभव करने पाएंगे।

   यदि आज आप उस सच्चे परमेश्वर से दूर जाकर खड़े हैं, तो आज और अभी उसके पास लौट आएं; वह आपकी प्रतीक्षा में है। उसके प्रेम और क्षमा के आनन्द को स्वयं अनुभव कर के देखें। - ऐनी सेटास


जब परमेश्वर क्षमा करता है तो साथ ही वह पाप का दोष भी हटा देता है और आत्मा को भी बहाल कर देता है।

...वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। - लूका १५:२०
बाइबल पाठ: लूका १५:११-२४
Luk 15:11  फिर उस ने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
Luk 15:12  उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उस ने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
Luk 15:13  और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
Luk 15:14  जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
Luk 15:15  और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा : उस ने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
Luk 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्‍हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
Luk 15:17  जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहां हूं।
Luk 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्‍वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्‍टि में पाप किया है।
Luk 15:19  अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले।
Luk 15:20  तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देख कर तरस खाया, और दौड़ कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
Luk 15:21  पुत्र न उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्‍वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्‍टि में पाप किया है, और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
Luk 15:22  परन्‍तु पिता ने अपने दासों से कहा; झट अच्‍छे से अच्‍छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
Luk 15:23  और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्‍द मनावें।
Luk 15:24  क्‍योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है : खो गय था, अब मिल गया है: और वे आनन्‍द करने लगे।
एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों ११-१२ 
  • लूका ६:१-२६

Friday, March 30, 2012

राज्य और राज

   १९७७ में १५ वर्षीय केविन बौह और उसके एक और किशोर मित्र ने अपने मनोरंजन के लिए अपना ही एक राज्य बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने एक नक्शा बनाया, एक झंडा बनाया और अपने राज्य में चलने वाले पैसे भी छपवाए; और मोलोशिया गणतंत्र की स्थापना कर ली। आज भी केविन बौह अपने छोटे से राष्ट्र को चलाते हैं, उसी उद्देश्य से जिसके साथ वह स्थापित किया गया - केवल अपने मनोरंजन के लिए। जब एक पत्रकार ने नेवाडा प्रांत में उनके उस १.३ एकड़ में फैले राज्य का दौरा किया, तो केविन ने उसे आश्वासन दिया कि वह अमेरिका को अपने सभी कर देते हैं, जिन्हें वे अमेरिका को दी गई "विदेशी सहायता" कहते हैं। केविन बौह ने माना कि यह सब केवल उनके मनोरंजन का साधन है, उनके व्यक्तिगत आनन्द के लिए ही है।

   हम में से शायद ही कोई होगा जो इस प्रकार का कोई सांसारिक राज्य अपने लिए बनाएगा, किंतु हम सब अपने अन्दर, अपने मन में एक राज्य बनाए रहते हैं, जिसपर किसका राज होगा, इसका निर्णय भी हम ही करते हैं। जो हमारे मन के राज्य पर राज करता है, वही हमारे जीवन को भी निर्देषित करता है और हमारे जीवनों में प्रगट होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने लिखा: "पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्र समझो..." (१ पतरस ३:१५), अर्थात अपने अपने मन पर यीशु ही को अपना प्रभु मानो, उस ही को अपने मन पर राज करने दो।

   हम सबके अन्दर एक शक्ति है जो हमारे जीवनों को नियंत्रित करना चाहती है, हमें अपनी मन-मर्ज़ी करने के लिए उकसाती रहती है; चाहे वह हमारे मन का एक छोटा सा कोना ही हो जिसमें हम अपनी आत्मिक स्वतंत्रता अनुभव करना चाहते हैं और जहाँ हम किसी अन्य को बिलकुल भी जवाबदेह होना नहीं चाहते।

   किंतु वास्तविक स्वतंत्रता अपने मन को संपूर्णतः प्रभु यीशु के राज के आधीन कर देने में ही है, क्योंकि जहाँ प्रभु यीशु का राज है वहाँ उसकी शांति है, वहाँ भय नहीं है, वहाँ पवित्रता है, वहाँ उसकी सामर्थ है, वहाँ सर्वशक्तिमान द्वारा निर्देषित सामर्थी जीवन है।

   आपके मन के राज्य पर कौन राज करता है? क्या प्रभु यीशु? - डेविड मैक्कैसलैंड


जब यीशु हमारे जीवन का प्रभु होगा, तो हमारे पाँव उसके मार्गों पर चलेंगे।

पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो... - १ पतरस ३:१५
बाइबल पाठ: १ पतरस ३:८-१८
1Pe 3:8  निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
1Pe 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो, और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्‍योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
1Pe 3:10 क्‍योंकि जो कोई जीवन की इच्‍छा रखता है, और अच्‍छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
1Pe 3:11 वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई की करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्‍न में रहे।
1Pe 3:12 क्‍योंकि प्रभु की आंखे धमिर्यों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की विनती की ओर लगे रहते हैं, परन्‍तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।
1Pe 3:13  और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?
1Pe 3:14  और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
1Pe 3:15  पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
1Pe 3:16 और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में वे जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों।
1Pe 3:17 क्‍योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्‍छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
1Pe 3:18 इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात अधमिर्यों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों ९-१० 
  • लूका ५:१७-३९

Thursday, March 29, 2012

धन्यवादी

   हमारे मानव-संसाधन दल ने RBC Ministries में परस्पर संबंधों को प्रगाढ़ करने और उत्साहित करने के लिए एक कार्यक्रम बनाया है जो प्रभावी है, प्रोत्साहित करता है और कृतज्ञकता पर आधारित है।

   जब भी कोई कर्मचारी किसी दूसरे कर्मचारी को कोई अच्छा कार्य करते देखता है, तो वह हमारे मानव-संसाधन द्ल द्वारा बनाया गया एक विशेष धन्यवादी कार्ड लेकर अपनी प्रशंसा और प्रोत्साहन के कुछ शब्द लिखकर उसे दे देता है। जब हम प्रातः अपने अपने कार्य पर पहुँचते हैं और अपने लिए कोई धन्यवाद का कार्ड पाते हैं तो यह एक बहुत सुखद अनुभव होता है, प्रोत्साहित करता है और आपसी सम्बंधों को सुधारता है।

   क्या आपको नहीं लगता कि किसी अच्छे प्रकार से किए गए कार्य के लिए प्रशंसा मिलना भली बात है? क्या दूसरों से गर्मजोशी के साथ मिला धन्यवाद और प्रोत्साहन आपके दिन को संवार नहीं देता? क्या यह धन्यवाद, उस धन्यवाद देने वाले के साथ आपके संबंधों को कुछ बेहतर नहीं कर देता?

   धन्यवाद मिलना हर किसी को पसन्द आता है, परमेश्वर को भी। हमारा परमेश्वर पिता, उसके प्रति हमारे धन्यवाद की अभिव्यक्तियों से प्रसन्न होता है। यह उसकी इच्छा भी है कि उसके बच्चे उसके धन्यवादी रहें। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने अपनी पत्रियों में लिखा: "हर बात में धन्यवाद करो: क्‍योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यहीं इच्‍छा है" (१ थिस्सलुनीकियों ५:१८); और परमेश्वर के प्रति धन्यावादी होने को परमेश्वर की शांति प्राप्त करने का माध्यम बताया "किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्‍तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और विनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सु्रक्षित रखेगी" (फिलिप्पियों ४:६, ७)।

   धन्यवाद वह कुंजी है जो बेहतर संबंधों के लिए द्वार खोलती है, मनुष्यों और परमेश्वर दोनो के साथ। धन्यवादी होने के अवसर ढूँढ़ते रहें, अपने सम्बंधों को बेहतर करते रहें, परमेश्वर से भी और मनुष्यों से भी।

   परमेश्वर का आदर करने, उसकी आराधना करने का सबसे बुनियादी तरीका है हर बात और हर परिस्थिति में उसके प्रति धन्यवादी होना और धन्यवादी बने रहना। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर को ग्रहणयोग्य आराधना वही है जो उसके प्रति धन्यवादी और समर्पित मन से निकली हो।

यहोवा का धन्यवाद करो, उस से प्रार्थना करो, देश देश के लोगों में उसके कामों का प्रचार करो! - भजन १०५:१
बाइबल पाठ: भजन १०५:१-५
Psa 105:1  यहोवा का धन्यवाद करो, उस से प्रार्थना करो, देश देश के लोगों में उसके कामों का प्रचार करो!
Psa 105:2  उसके लिये गीत गाओ, उसके लिये भजन गाओ, उसके सब आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करो!
Psa 105:3  उसके पवित्र नाम की बड़ाई करो; यहोवा के खोजियों का हृदय आनन्दित हो!
Psa 105:4  यहोवा और उसकी सामर्थ को खोजो, उसके दर्शन के लगातार खोजी बने रहो!
Psa 105:5  उसके किए हुए आश्चर्यकर्म स्मरण करो, उसके चमत्कार और निर्णय स्मरण करो!
एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों ७-८ 
  • लूका ५:१-१६

Wednesday, March 28, 2012

परिपक्व प्रेम

   एक जवान ने अपने पिता से कहा, "पिताजी, मैं शादी करने जा रहा हूँ।" पिता ने पूछा, "रॉन, तुम कैसे जानने पाए कि तुम शादी के लिए तैयार हो? क्या तुम्हें किसी से प्रेम हुआ है?" रॉन ने उत्तर दिया, "जी हाँ, निःसन्देह ही, मुझे प्रेम हुआ है।" पिता ने फिर पूछा, "रॉन, तुमने यह कैसे जाना कि तुम्हें वास्तव में प्रेम हुआ है?" रॉन का उत्तर था, "पिताजी कल रात जब मैं अपनी प्रेमिका को चूमकर उससे विदा ले रहा था, तो उसके कुत्ते ने मुझे टांग पर काट लिया, किंतु उस काटे का दर्द मुझे वापस घर पहुँचने के बाद ही अनुभव हुआ!"

   रॉन के अन्दर वह प्रेम जैसी भावना तो है, किंतु परिपक्वता नहीं। अभी रॉन को परिपक्व होने और प्रेम की वास्तविकता और गहराई को ठीक से समझने की बहुत आवश्यक्ता है। वर्नन ग्राउंड्स ने, जो Our Daily Bread के लिए लेखक रहे हैं और जिनका ७० वर्ष से भी अधिक का वैवाहिक जीवन का अनुभव है, प्रेम के परिपक्व होने के लिए कुछ बातों पर ध्यान रखने और करने के बारे में बताया:
  •    मसीह यीशु में होकर मिलने वाले परमेश्वर के प्रेम के बारे में मनन करो: इस बात पर ध्यान करो कि कैसे उसने आपके लिए अपने जीवन को बलिदान किया। उसकी जीवनी को परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखे सुसमाचारों में पढ़ो और उसका धन्यवाद करो।
  •    परमेश्वर के प्रेम के लिए प्रार्थना करो: परमेश्वर से प्रार्थना करो कि वह अपने प्रेम की समझ आपको दे, और आपको सिखाए कि उस प्रेम को अपने जीवन में, अपनी रिश्तेदारियों में और अपने जीवन साथी के साथ कैसे प्रगट किया जाना चाहिए (१ कुरिन्थियों १३)।
  •    परमेश्वर के प्रेम का अभ्यास करो: जैसे परमेश्वर ने अपने आप को आप के लिए दे दिया, आप भी अपने आप को दुसरों के लिए समर्पित कर दें। एक नवविवाहित पति ने मुझ से कहा, "मेरी ज़िम्मेदारी यह है कि मैं अपनी पत्नी के लिए जीवन सुगम बना सकूँ।" प्रेम के अभ्यास का एक और भी पहलू है, जो आसान नहीं है; वह है एक दुसरे को परमेश्वर