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मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

सुगंध



      लेखिका रीटा स्नोडन अपने जीवन की एक रोचक घटना बताती हैं, जब वे इंग्लैण्ड के डोवर इलाके के एक छोटे से गाँव में घूमने के लिए गई हुई थीं। एक दोपहर वे एक छोटे होटल के बाहर बैठी चाय का आनन्द ले रहीं थी कि उन्हें एक अच्छी सुगंध का आभास हुआ। रीटा ने होटल के वेटर से पूछा कि वह सुगंध कहाँ से आ रही है। वेटर ने उन लोगों की ओर संकेत किया जो पास के मार्ग से होकर जा रहे थे। उस गाँव के अधिकांश लोग पास ही स्थित एक इत्र बनाने वाले कारखाने में कार्य करते थे, और जब वे कारखाने से निकल कर अपने घरों को लौटते थे तो कारखाने के इत्र की सुगंध उनके कपड़ों से मार्ग में फैलती चली जाती थी।

      मसीही जीवन का यह कैसा सुन्दर चित्रण है! जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा है, हम मसीह की सुगंध हैं, और उसे सभी स्थानों पर फैलाते हैं (2 कुरिन्थियों 2:15)। पौलुस एक विजयी राजा के युद्ध अभियान से लौटने के उदाहरण को चित्रित करता है; उस राजा के सैनिक और बन्दी उसके पीछे-पीछे चल रहे हैं, और राजा की महानता को प्रगट करने के लिए नगर में लोगों द्वारा विजय के उत्सव मनाया जा रहा है, सुगंध जलाई जा रही है, जलूस निकाला जा रहा है (पद 14)।

      हम मसीह यीशु की सुगंध को दो रीतियों से फैलाते हैं। एक तो अपने शब्दों के द्वारा, जब हम सँसार के लोगों को प्रभु और उसके गुणों के बारे में बताते हैं; और दूसरे, अपने जीवनों तथा व्यवहार के द्वारा, जब हम मसीह के समान जीवन व्यतीत करने में प्रयासरत रहते हैं (इफिसियों 5:1-2)। चाहे हर कोई हमारे द्वारा फैलाई जा रही इस दिव्य-सुगंध को न सराहे, फिर भी वह अनेकों को अनन्त जीवन तक लाएगी।

      रीटा स्नोडन को एक सुगंध आई और वह उसके स्त्रोत को जानने के लिए प्रयास करने लगी। हम जब प्रभु यीशु मसीह का अनुसरण करते हैं, हम भी उसके गुणों की सुगंध को अपने साथ लेकर चलने लगते हैं, जो फिर हमारे वचनों एवं जीवन तथा व्यवहार से उन तक पहुँचती है हम जिनके संपर्क में आते हैं, और इससे उनमें उस सुगंध के स्त्रोत के प्रति रुचि जागृत हो सकती है। - शेरिडन वोएसे


हम औरों के लिए मसीह की सुगंध हैं।

इसलिये प्रिय, बालकों के समान परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:1-2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:14-16
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं।
2 Corinthians 2:16 कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है?

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24



रविवार, 16 सितंबर 2018

सुगंध



      न्यू यॉर्क में इत्रों तथा सुगन्धित द्रव्यों का कार्य करने वाली एक महिला का दावा है कि वह कुछ सुगंधों के मिश्रण को पहचान सकती है और उस मिश्रण को बनाने वाले के नाम को बता सकती है। एक बार सूंघ कर वह  बता सकती है, “इसे जेनी ने बनाया है।”

      कोरिन्थ में मसीही विश्वासियों को लिखते समय  पौलुस ने एक ऐसे उदाहरण का प्रयोग किया जो उन्हें किसी जीते हुए नगर में विजयी रोमी सेना के प्रवेश के याद दिलाता (2 कुरिन्थियों 2:14)। नगर के मार्ग पर सुगन्धित द्रव्य जलाए जाते, और सबसे पहले रोमी सेना का सेनापति प्रवेश करता, उसके पीछे-पीछे उसकी सेना आती, और सबसे अन्त में पराजित सेना के कैदी लाए जाते। रोमी सैनिकों के लिए उस सुगंध का अर्थ था विजय का उत्सव, जबकि पराजित कैदियों के लिए उसी सुगंध का अर्थ था मृत्यु।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने कहा कि परमेश्वर के लिए हम वह सुगंध हैं जो पाप पर मसीह की विजय की सूचक है। परमेश्वर ने हम मसीही विश्वासियों को स्वयं मसीह यीशु ही की सुगंध प्रदान की है, जिससे हम उसके बलिदान की सुगंध बन सकें। किन्तु हम कैसे इस सुखद सुगंध को औरों के जीवनों में ला सकते हैं? हम उन्हें मसीह यीशु के समान उदारता और प्रेम प्रदर्शित कर सकते हैं, उनके साथ प्रभु यीशु में उपलब्ध पापों की क्षमा और उद्धार का सुसमाचार बाँट सकते हैं। हम परमेश्वर पवित्र-आत्मा को अपने अन्दर आत्मा के फलों, प्रेम, आनन्द, दयालुता आदि को प्रगट करने दे सकते हैं (गलतियों 5:22-23)।

      जब लोग हमें देखते हैं तो क्या वे कह सकते हैं, “यह यीशु का कार्य है”? क्या हम प्रभु को अनुमति और अवसर दे रहे हैं कि वह हम में होकर अपनी सुगंध सँसार के लोगों के मध्य फैला सके? क्या हम उसके उद्धार के सुसमाचार को बाँट रहे हैं? प्रभु यीशु सर्वोत्तम सुगंध है; ऐसी सुगंध जिसकी सब को आवश्यकता है। - केला ओकोआ


प्रभु यीशु में धार्मिकता का जीवन, 
औरों को भी प्रभु की ओर आकर्षित करता है।

क्योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है। - 1 कुरिन्थियों 1:18

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:12-17
2 Corinthians 2:12 और जब मैं मसीह का सुसमाचार, सुनाने को त्रोआस में आया, और प्रभु ने मेरे लिये एक द्वार खोल दिया।
2 Corinthians 2:13 तो मेरे मन में चैन न मिला, इसलिये कि मैं ने अपने भाई तितुस को नहीं पाया; सो उन से विदा हो कर मैं मकिदुनिया को चला गया।
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं।
2 Corinthians 2:16 कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है?
2 Corinthians 2:17 क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-26
  • 2 कुरिन्थियों 9



रविवार, 29 अप्रैल 2018

सुगंध



   पाँच इन्द्रियों में से कौन सी है जो आपको आपकी बीती बातों को सबसे अधिक प्रभावी रीति से स्मरण करवाती है? मेरे लिए तो निःसंदेह यह सूँघने की शक्ति है। धूप में जाने से पहले लगाए जाने वाले तेलों में से एक की गंध मुझे तुरंत फ्रांस के एक समुद्रतट की यादों में ले जाती है। भोजन की कुछ गंध मुझे अपनी दादी के साथ बिताए गए बचपन के दिनों को स्मरण करवा देती है; दाढ़ी बनाने के बाद लगाए जाने वाले आफ्टर-शेव के एक प्रकार की गंध मुझे अपने पुत्र की किशोरावस्था की याद दिलाती है, और देवदार के पेड़ों की गंध मुझे क्रिसमस की याद दिलाती है। इसी प्रकार से अनेकों गंध हैं जो हमें जीवन के विभिन्न भागों और घटनाओं की याद दिलाती हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने कुरिन्थियों को स्मरण करवाया कि वे सँसार के समक्ष मसीह यीशु की गंध हैं: “क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं” (2 कुरिन्थियों 2:15)। पौलुस ने जब यह लिखा वह समय इस्राएल पर रोमी साम्राज्य का शासन था, और रोमी जब भी किसी सैनिक अभियान से जयवंत होकर लौटते थे तो विजय जलूस का आयोजन किया जाता था, जिसमें सबको इस बात से अवगत करवाने के लिए कि वे विजयी होकर लौटे हैं, सारे शहर में स्थान-स्थान पर धूप और सुगन्धित द्रव्य जलाए जाते थी। विजयी लोगों के लिए वह सुगंध आनन्द और उत्सव की सूचक थी, परन्तु वही गंध पराजित होकर बंधुआ बनाकर लाए लोगों के लिए आजीवन दासत्व अथवा मृत्युदण्ड की सूचक होती थी। हम मसीही विश्वासी, अपने नायक प्रभु यीशु के द्वारा शैतान और पाप पर अनन्तकाल के लिए विजयी लोग हैं, मृत्यु पर स्वर्ग की विजय के उत्सव में हैं; और जब हमारे द्वारा प्रभु यीशु मसीह का यह सुसमाचार सँसार के लोगों के सामने प्रचार किया जाता है तो यह परमेश्वर को भावती हुई सुगंध होता है।

   मसीह यीशु की गंध होने के नाते, हम सँसार के सामने अपने जीवनों द्वारा क्या सुगंध प्रस्तुत करते हैं? यह वह सुगंध नहीं है जिसे किसी बोतल अथवा या डिब्बे में खरीदा जा सकता है। यह हमारे आचरण और व्यवहार की गंध है। जब हम किसी के साथ अधिक समय बिताने लगते हैं, तब हमारे जीवन उसके गुणों को भी दिखाने लग जाते हैं – हम उसी के समान बर्ताव, बातचीत के भाव और शब्द, हाव-भाव और मुद्राएं अपनाने लग जाते हैं।

   प्रभु यीशु के साथ बिताया गया हमारा समय हमारे जीवनों में परिवर्तन लाता है, हमें उसके स्वरूप में ढालता है, और हम अपने चारों ओर उसकी मनोहर सुगंध को फैलाने पाते हैं। - मेरियन स्ट्राउड


जब हम प्रभु परमेश्वर की संगति में रहेंगे, तो लोग इसे जानने भी पाएँगे।

प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्‍वतंत्रता है। परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:17-18

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:14-17
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं।
2 Corinthians 2:16 कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है?
2 Corinthians 2:17 क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 6-7
  • लूका 20:27-47



बुधवार, 17 जनवरी 2018

स्वर्ग की झलक


   सड़क पार, हमारे चर्च के सामने, एक विश्व-स्तरीय वनस्पति उद्यान है, जहाँ सभी चर्चों की सम्मिलित गोष्ठी का आयोजन किया गया था। मैं उस समारोह में गई, और उस उद्यान में विचरण करते हुए लोगों से भी मिल रही थी, और पौधों के बारे में जानकारी रखने वाले, उन से प्रेम करने तथा उनकी देखभाल करने वाले लोगों के परिश्रम की सुन्दर प्रस्तुति का आनन्द भी ले रही थी। यह सब करते हुए मुझे एहसास हुआ कि वह संध्या और स्थान, चर्च को कैसे कार्य करने चाहिए जिससे कि वह पृथ्वी पर स्वर्ग की झलक प्रस्तुत करे, के संकेतों से भरपूर थी।

   उद्यान एक ऐसा स्थान होता है जहाँ प्रत्येक पौधे को एक ऐसे वातावरण में रखा जाता है जहाँ वह अच्छे से बढ़े और फूले-फले। माली उस पौधे के लिए मिट्टी तैयार करते हैं, उन्हें कीड़ों से बचाते हैं, सुनिश्चित करते हैं कि सभी पौधों को आवश्यकतानुसार एवं पर्याप्त मात्रा में भोजन, जल और सूर्य का प्रकाश प्राप्त हो। इस सारी देखभाल और परिश्रम का परिणाम होता है एक ऐसा सुन्दर और खुशबूदार स्थान जो लोगों को आनंदित करता है।

   उद्यान के समान ही चर्च को भी वह स्थान होना है जहाँ सब मिलकर परमेश्वर की महिमा तथा सब की भलाई के लिए कार्य करें। एक ऐसा स्थान जहाँ सब बढ़ें, फूलें, फलें, अपने आप को एक सुरक्षित वातावरण में अनुभव करें। एक ऐसा स्थान जहाँ उनकी आवश्यकतानुसार सभी लोगों की देखभाल की जाती हो; जहाँ हम सभी अपना प्रिय कार्य करें – ऐसे कार्य जिनसे सब का भला हो (1 कुरिन्थियों 14:26)।

   अच्छी देखभाल पाने वाले पौधों के समान, जो लोग एक स्वस्थ वातावरण में बढ़ते हैं, उनके जीवन की सुगंध औरों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करती है, परमेश्वर के प्रेम और दया की सुंदरता को लोगों के समक्ष प्रस्तुत करती है। चर्च सिद्ध तो नहीं है, परन्तु स्वर्ग की झलक अवश्य हो सकता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जो हृदय प्रभु यीशु के प्रेम की सुगंध से भरे हुए हैं, 
वे उसकी सुंदरता को भी प्रदर्शित करेंगे।

इसलिये हे भाइयो क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठे होते हो, तो हर एक के हृदय में भजन, या उपदेश, या अन्यभाषा, या प्रकाश, या अन्यभाषा का अर्थ बताना रहता है: सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिये होना चाहिए। - 1 कुरिन्थियों 14:26

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 14:6-12
1 Corinthians 14:6 इसलिये हे भाइयों, यदि मैं तुम्हारे पास आकर अन्य अन्य भाषा में बातें करूं, और प्रकाश, या ज्ञान, या भविष्यद्वाणी, या उपदेश की बातें तुम से न कहूं, तो मुझ से तुम्हें क्या लाभ होगा?
1 Corinthians 14:7 इसी प्रकार यदि निर्जीव वस्तुएं भी, जिन से ध्‍वनि निकलती है जैसे बांसुरी, या बीन, यदि उन के स्‍वरों में भेद न हो तो जो फूंका या बजाया जाता है, वह क्योंकर पहिचाना जाएगा?
1 Corinthians 14:8 और यदि तुरही का शब्द साफ न हो तो कौन लड़ाई के लिये तैयारी करेगा?
1 Corinthians 14:9 ऐसे ही तुम भी यदि जीभ से साफ साफ बातें न कहो, तो जो कुछ कहा जाता है वह क्योंकर समझा जाएगा? तुम तो हवा से बातें करने वाले ठहरोगे।
1 Corinthians 14:10 जगत में कितने ही प्रकार की भाषाएं क्यों न हों, परन्तु उन में से कोई भी बिना अर्थ की न होगी।
1 Corinthians 14:11 इसलिये यदि मैं किसी भाषा का अर्थ न समझूं, तो बोलने वाले की दृष्टि में परदेशी ठहरूंगा; और बोलने वाला मेरे दृष्टि में परदेशी ठहरेगा।
1 Corinthians 14:12 इसलिये तुम भी जब आत्मिक वरदानों की धुन में हो, तो ऐसा प्रयत्न करो, कि तुम्हारे वरदानों की उन्नति से कलीसिया की उन्नति हो।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 41-42
  • मत्ती 12:1-23



शुक्रवार, 23 मार्च 2012

पहचान गंध

   आप उसे देख नहीं सकते, छू नहीं सकते और ना ही सुन सकते हैं, परन्तु गंध प्रबल और प्रभावी होती है। कुछ फूलों, या इत्रों या किसी वस्तु की गंध तुरंत ही हम में भूतकाल की कुछ ऐसी यादें जगा देती है, कुछ ऐसे लोगों और स्थानों के स्मरण को ताज़ा कर देती है, जिन्हें हम अन्य किसी रीति से शायद स्मरण नहीं कर पाते।

   कुछ प्रसिद्ध लोगों के नाम पर कुछ सुगंधों के नाम रखे जाते हैं। प्रशंसक अपने प्रीय गायक या अभिनेत्री के नाम की सुगंध लगा कर अपनी पहचान उनके साथ बनाते हैं। बहुतेरी स्त्रियाँ किसी विशेष इत्र के प्रयोग के द्वारा अपनी याद लोगों में बैठाना चाहती हैं, उनका प्रयास होता है कि जब लोगों के पास वह सुगंध आए तो लोगों को उन ही की याद आने पाए। गंध के माध्यम से पहचान बनाना एक प्रभावी विधि है; किंतु यह विधि कोई नई बात नहीं है।

   गंध द्वारा पहचान बनाने की बात परमेश्वर ने आरंभ करी थी। परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर ने इस्त्राएलियों के मध्य अपनी आराधना के स्थान पर एक विशेष रीति से तैयार करे गए सुगंधित द्रव्य के लगातार जलाए जाने के लिए कहा (निर्गमन ३०:३४-३५)। इस प्रकार का और इसी गंध का कोई अन्य द्रव्य बनाना लोगों के लिए वर्जित था (निर्गमन ३०:३७-३८), क्योंकि यह विशेष सुगंध लोगों के अन्दर परमेश्वर के स्मरण और उसकी आराधना की पहचान के लिए थी।

   आज संसार में भी एक ऐसी ही विशेष सुगंध के द्वारा परमेश्वर चाहता है कि संसार के लोग उसे पहचाने; एक गंध है जिसे उसने अपनी पहचान गंध बनाया है - उसके लोग, मसीही विश्वासी: "परन्‍तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। क्‍योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनो के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं" (२ कुरिन्थियों २:१४-१५)।

   यह तथ्य कि परमेश्वर इतनी प्रभावी रीति से अपनी पहचान हमारे साथ बनाता है, मेरे लिए वास्तव में एक नम्र कर देने वाला तथ्य है। यह मुझे बाध्य करता है कि मैं अपने आप को जांचूँ कि मेरे आस-पास के लोग मुझे और मेरे जीवन तथा व्यवहार को देखकर मेरे परमेश्वर के बारे में क्या सोचते हैं, उसके बारे में क्या धारणा बनाते हैं?

   हम मसीही विश्वासी ही संसार में अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की पहचान गंध हैं। ध्यान रखें कि यह गंध सुगंध ही रहे; हमारे जीवनों मे यह कभी भीनी ना हो, कभी लुप्त ना हो। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के लिए जीया गया जीवन एक मनभावनी सुगंध ही फैलाएगा।

परन्‍तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। - २ कुरिन्थियों २:१४
बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों २:१४-१७
2Co 2:14  परन्‍तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।
2Co 2:15  क्‍योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनो के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं।
2Co 2:16  कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है?
2Co 2:17  क्‍योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्‍तु मन की सच्‍चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जान कर मसीह में बोलते हैं।
एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू १३-१५ 
  • लूका १:५७-८०