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Monday, July 31, 2017

ढूँढ़ना और पाना


   फिल्म Amazing Grace (अद्भुत अनुग्रह) सन 1700 के अन्त के समय पर आधारित है। इसमें विलियम विल्बरफ़ोर्स नामक एक राजनितिज्ञ की कहानी है, जिसने मसीह यीशु में लाए गए अपने विश्वास के कारण अपना धन और सामर्थ्य इंगलैंड से दास प्रथा एवं व्यापार के उन्मूलन में लगा दिया। इस फिल्म के एक दृश्य में विल्बरफ़ोर्स का रसोइया उसे प्रार्थना करते हुए पाता है, और उससे पूछता है, "साहेब, लगता है कि आपने परमेश्वर को पा लिया है?" विल्बरफ़ोर्स उसे उत्तर देता है, "मुझे तो लगता है कि उसने मुझे ढूँढ़ लिया है।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल मानव जाति को पाप और स्वेच्छा में भटकी हुई भेड़ के समान दिखाती है। बाइबल में लिखा है, "हम तो सब के सब भेड़ों के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी[प्रभु यीशु] पर लाद दिया" (यशायाह 53:6)। यह पाप में भटकना और स्वेच्छानुसार जीवन व्यतीत करना हमारे अन्दर इतनी गहराई से बसा हुआ है कि परिणामस्वरूप हमारी दशा के बारे में प्रेरित पौलुस लिखता है, "जैसा लिखा है, कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं। कोई समझदार नहीं, कोई परमेश्वर का खोजने वाला नहीं। सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करने वाला नहीं, एक भी नहीं" (रोमियों 3:10-12)।

   इसीलिए प्रभु यीशु संसार में मानव रूप धारण कर के आए। हम अपने आप में परमेश्वर को ढूँढ़ कर कभी पा नहीं सकते थे; परन्तु परमेश्वर ने हमें ढूँढ़कर, हमें पापों से छुड़ाने और परमेश्वर के साथ हमारा मेल-मिलाप करवाने के लिए प्रभु यीशु को संसार में भेजा। प्रभु यीशु ने अपने आने के उद्देश्य के बारे में कहा, "क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है" (लूका 19:10)। विल्बरफ़ोर्स बिलकुल सही थे जब उन्होंने कहा कि ’उसने मुझे ढूँढ़ लिया है’ क्योंकि प्रभु यीशु आए ही इसी लिए थे। प्रभु यीशु का संसार में आना, निष्पाप तथा निष्कलंक जीवन बिताने के बाद भी समस्त संसार के सभी पापों को अपने ऊपर लिए हुए, अपना जीवन बलिदान करना और फिर तीसरे दिन मृतकों में से जी उठना, और सब पश्चाताप तथा विश्वास करने वालों को पाप क्षमा तथा अनन्त जीवन का आश्वासन देना, हमारे सृष्टिकर्ता परमेश्वर का हमारे प्रति प्रेम और देखरेख को दिखाता है।

   संसार के इतिहास में अन्य सभी में मनुष्य अनेकों प्रयासों तथा विधियों से परमेश्वर को ढूँढ़ने और पाने का प्रयास करते हैं; केवल मसीही विश्वास ही है जहाँ स्वयं परमेश्वर मनुष्य को ढूँढ़ने और पाने के लिए आया और इसके लिए अपना बलिदान भी कर दिया। वह आपको भी पाना चाहता है, क्या आप उसे यह अवसर प्रदान करेंगे?। - बिल क्राउडर


मेरे जीवन की संक्षिप्त कहानी: पहले खोया हुआ था; 
अब पाया हुआ हूँ; इसके लिए अनन्त तक कृतज्ञ रहूँगा।

यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। - 1 तिमुथियुस 1:15

बाइबल पाठ: लूका 19:1-10
Luke 19:1 वह यरीहो में प्रवेश कर के जा रहा था। 
Luke 19:2 और देखो, ज़क्कई नाम एक मनुष्य था जो चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था। 
Luke 19:3 वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन सा है परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था। क्योंकि वह नाटा था। 
Luke 19:4 तब उसको देखने के लिये वह आगे दौड़कर एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि वह उसी मार्ग से जाने वाला था। 
Luke 19:5 जब यीशु उस जगह पहुंचा, तो ऊपर दृष्टि कर के उस से कहा; हे ज़क्कई झट उतर आ; क्योंकि आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है। 
Luke 19:6 वह तुरन्त उतर कर आनन्द से उसे अपने घर को ले गया। 
Luke 19:7 यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है। 
Luke 19:8 ज़क्कई ने खड़े हो कर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय कर के ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं। 
Luke 19:9 तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्र है। 
Luke 19:10 क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 54-56
  • रोमियों 3


Sunday, July 30, 2017

सामर्थ्य


   हॉलेंड की कलाकार योनी लेफेवरे ने एक योजना बनाई; वह निदरलैंड्स में वृद्धावस्था में चल रहे लोगों के जीवनों की सामर्थ्य को दिखाना चहाती थी। उसने बच्चों से कहा कि वे अपने दादा-दादी, नाना-नानी के रेखा-चित्र बनाएं जिनमें वह दिखाया गया हो जो कुछ वे लोग वृद्धावस्था में करते हैं। क्योंकि लेफेवरे उन वृद्धों को एक वास्तविक और शुद्ध दृष्टिकोण से देखना और प्रस्तुत करना चाहती थी, इसलिए उसने बच्चों को यह करने के लिए चुना। उन बच्चों द्वारा बनाए गए रेखा-चित्रों ने वृद्धों के जीवन-सामर्थ्य का एक नया और सक्रीय दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन चित्रों में वे वृद्ध टैनिस खेलते, बाग़बानी करते, चित्रकारी करते, और ऐसे ही अनेकों कार्य करते दिखाए गए हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्राचीन इस्त्राएल के एक पात्र कालेब के विषय आया है कि अपनी वृद्धावस्था में भी वह सक्रीय और सामर्थी था। अपनी जवानी में वह इस्त्राएल के अन्य लोगों के साथ, परमेश्वर द्वारा इस्त्राएलियों को वाचा में दिए गए देश कनान की जानकारी लेने के लिए गया था जिससे इस्त्राएलियों को उस देश के विषय में आश्वस्त कर सके। कनान देश की टोह लेकर वापस आने पर कालेब और यहोशू का मानना था कि परमेश्वर की सहायता से वे कनान देश को जीत लेंगे, परन्तु उनके साथ गए अन्य भेदियों ने इस्त्राएलियों को डरा दिया (यहोशू 14:8)। यहोशू और कालेब के परमेश्वर में विश्वास के कारण परमेश्वर ने उन दोनों को और 45 वर्ष तक जीवित बनाए रखा, जब तक इस्त्राएलई कनान देश में नहीं पहुँच कर वहाँ अच्छे से बस नहीं गए; परन्तु उनके साथ गए अन्य लोग तथा परमेश्वर पर अविश्वास करने वाली पीढ़ी, बिना कनान देश तक पहुँचे, चालीस वर्ष की जंगल की यात्रा में ही ढेर हो गई। जब कनान देश में प्रवेश करने और अपनी भूमि को कनानियों से जीत लेने का समय आया, तब 85 वर्षीय कालेब ने कहा, "जितना बल मूसा के भेजने के दिन मुझ में था उतना बल अभी तक मुझ में है; युद्ध करने, वा भीतर बाहर आने जाने के लिये जितनी उस समय मुझ मे सामर्थ्य थी उतनी ही अब भी मुझ में सामर्थ्य है" (यहोशू 14:11)। परमेश्वर की सहायता से उसने अपनी वृद्धावस्था में भी अपने हिस्से की भूमि पर सफलतापूर्वक कबज़ा कर लिया (गिनती 14:24)।

   हमारे आयु में बढ़ने पर परमेश्वर हमें भुला नहीं देता है। चाहे हमारे शरीर वृद्ध हो जाएं और हमारा स्वास्थ्य हमारा साथ न दे, परन्तु परमेश्वर का पवित्र-आत्मा हमें प्रतिदिन नया सामर्थ्य देता रहता है (2 कुरिन्थियों 4:16)। परमेश्वर हमारे लिए संभव करता है कि अपने जीवन के प्रत्येक पड़ाव में, अपनी प्रत्येक आयु में उसपर विश्वास करने और उसे समर्पित रहने वाले हम मसीही विश्वासी परमेश्वर के लिए महत्वपूर्ण और उपयोगी बने रहें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


यदि परमेश्वर की सामर्थ्य का पीछे से सहारा है, 
और उसके हाथ नीचे से आपको थामे हुए हैं, 
तो आगे जो कुछ भी हो, आप निःसंकोच उसका सामना कर सकते हैं।

इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। - 2 कुरिन्थियों 4:16

बाइबल पाठ: यहोशू 14:6-12
Joshua 14:6 तब यहूदी यहोशू के पास गिलगाल में आए; और कनजी यपुन्ने के पुत्र कालेब ने उस से कहा, तू जानता होगा कि यहोवा ने कादेशबर्ने में परमेश्वर के जन मूसा से मेरे और तेरे विषय में क्या कहा था। 
Joshua 14:7 जब यहोवा के दास मूसा ने मुझे इस देश का भेद लेने के लिये कादेशबर्ने से भेजा था तब मैं चालीस वर्ष का था; और मैं सच्चे मन से उसके पास सन्देश ले आया। 
Joshua 14:8 और मेरे साथी जो मेरे संग गए थे उन्होंने तो प्रजा के लोगों को निराश कर दिया, परन्तु मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा की पूरी रीति से बात मानी। 
Joshua 14:9 तब उस दिन मूसा ने शपथ खाकर मुझ से कहा, तू ने पूरी रीति से मेरे परमेश्वर यहोवा की बातों का अनुकरण किया है, इस कारण नि:सन्देह जिस भूमि पर तू अपने पांव धर आया है वह सदा के लिये तेरा और तेरे वंश का भाग होगी। 
Joshua 14:10 और अब देख, जब से यहोवा ने मूसा से यह वचन कहा था तब से पैंतालीस वर्ष हो चुके हैं, जिन में इस्राएली जंगल में घूमते फिरते रहे; उन में यहोवा ने अपने कहने के अनुसार मुझे जीवित रखा है; और अब मैं पचासी वर्ष का हूं। 
Joshua 14:11 जितना बल मूसा के भेजने के दिन मुझ में था उतना बल अभी तक मुझ में है; युद्ध करने, वा भीतर बाहर आने जाने के लिये जितनी उस समय मुझ मे सामर्थ्य थी उतनी ही अब भी मुझ में सामर्थ्य है। 
Joshua 14:12 इसलिये अब वह पहाड़ी मुझे दे जिसकी चर्चा यहोवा ने उस दिन की थी; तू ने तो उस दिन सुना होगा कि उस में अनाकवंशी रहते हैं, और बड़े बड़े गढ़ वाले नगर भी हैं; परन्तु क्या जाने संभव है कि यहोवा मेरे संग रहे, और उसके कहने के अनुसार मैं उन्हें उनके देश से निकाल दूं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 51-53
  • रोमियों 2


Saturday, July 29, 2017

गन्दगी


   मैंने कुड़कुड़ाते हुए जे से शिकायत करी, "क्या वे अपना कूड़ा इतनी सी दूर ले जाकर भी नहीं फेंक सकते थे?" और वहाँ से कठिनाई से बीस फीट की दूरी पर स्थित कूड़ेदान में वह कूड़ा डाल दिया। फिर आगे कुड़कुड़ाते हुए कहा, "क्या दूसरों के लिए गन्दगी से भरा हुआ समुद्र-तट छोड़ने से उन्हें अपने विषय में अच्छा लगता है? मेरा मानना है कि ऐसा करने वाले लोग अवश्य ही पर्यटक रहे होंगे। मैं यह कतई मानने को तैयार नहीं हूँ कि हमारे अपने स्थानीय लोग ही हमारे समुद्र-तट को इस प्रकार गन्दा करेंगे, उसका ऐसा निरादर करेंगे।"

   इस घटना के अगले ही दिन मेरी दृष्टि उस प्रार्थना पर पड़ी जिसे मैंने अनेकों वर्ष पहले दूसरों पर दोषारोपण करने और उन्हें जाँचने के संबंध में लिखी थी। मेरे अपने ही शब्दों ने मुझे एहसास करवाया कि मेरे द्वारा औरों की गन्दगी को साफ करने से मेरे अपने मन में आया अहंकार कितना गलत था। क्योंकि वास्तविकता तो यह है कि मेरे अपने जीवन में बहुत गन्दगी है जिसे मैं नज़रंदाज़ करती रहती हूँ, विशेषकर मेरे आत्मिक जीवन में।

   मैं यह दावा तो बड़ी शीघ्रता से कर लेती हूँ कि मैं अपना जीवन व्यवस्थित और सही इसलिए नहीं कर पाती हूँ क्योंकि कोई न कोई उसमें गन्दगी डालता रहता है। और मैं इस निषकर्ष पर भी बहुत शीघ्र पहुँच जाती हूँ कि जिस गन्दगी के कारण मेरे आस-पास दुर्गन्ध है, वह सब दूसरों की फैलाई हुई है। परन्तु यह दोनों ही बातें सत्य नहीं हैं। मेरे बाहर की कोई भी बात मुझे ना तो दोषी बना सकती है और न ही मुझे दूषित कर सकती है - ऐसा केवल वही कर सकता है जो मेरे हृदय में है। यही बात परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने भी कही है (मत्ती15:19-20)।

   असली गन्दगी तो मेरा वह रवैया है जिसके कारण किसी दूसरे के छोटे से पाप पर भी मैं नाक-भौं सिकोड़ने लगती हूँ, जबकि अपने जीवन में भरी गन्दगी की सड़ान्द को नज़रंदाज़ करती हूँ। - जूली ऐकैरमैन लिंक


हम में से अधिकतर लोग दूरदर्शी होते हैं;
 हमें दूसरों के पाप बहुत दूर से दिख जाते हैं; 
परन्तु अपने नहीं दिखते!

दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए। क्योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा। - मत्ती 7:1-2

बाइबल पाठ: मत्ती 15:7-21
Matthew 15:7 हे कपटियों, यशायाह ने तुम्हारे विषय में यह भविष्यद्वाणी ठीक की। 
Matthew 15:8 कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है। 
Matthew 15:9 और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्यों की विधियों को धर्मोपदेश कर के सिखाते हैं। 
Matthew 15:10 और उसने लोगों को अपने पास बुलाकर उन से कहा, सुनो; और समझो। 
Matthew 15:11 जो मुंह में जाता है, वह मनुष्य को अशुद्ध नहीं करता, पर जो मुंह से निकलता है, वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। 
Matthew 15:12 तब चेलों ने आकर उस से कहा, क्या तू जानता है कि फरीसियों ने यह वचन सुनकर ठोकर खाई? 
Matthew 15:13 उसने उत्तर दिया, हर पौधा जो मेरे स्‍वर्गीय पिता ने नहीं लगाया, उखाड़ा जाएगा। 
Matthew 15:14 उन को जाने दो; वे अन्धे मार्ग दिखाने वाले हैं: और अन्‍धा यदि अन्धे को मार्ग दिखाए, तो दोनों गड़हे में गिर पड़ेंगे। 
Matthew 15:15 यह सुनकर, पतरस ने उस से कहा, यह दृष्‍टान्‍त हमें समझा दे। 
Matthew 15:16 उसने कहा, क्या तुम भी अब तक ना समझ हो? 
Matthew 15:17 क्या नहीं समझते, कि जो कुछ मुंह में जाता, वह पेट में पड़ता है, और सण्‍डास में निकल जाता है? 
Matthew 15:18 पर जो कुछ मुंह से निकलता है, वह मन से निकलता है, और वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। 
Matthew 15:19 क्योंकि कुचिन्‍ता, हत्या, पर स्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्‍दा मन ही से निकलतीं है। 
Matthew 15:20 यही हैं जो मनुष्य को अशुद्ध करती हैं, परन्तु हाथ बिना धोए भोजन करना मनुष्य को अशुद्ध नहीं करता।
Matthew 15:21 यीशु वहां से निकलकर, सूर और सैदा के देशों की ओर चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 49-50
  • रोमियों 1


Friday, July 28, 2017

बलवाई प्रवृत्ति


   जब मैं पहली कक्षा में अक्षर लिखना सीख रही थी, तब मेरी अध्यापिका इस बात पर बल देती थी कि मैं अपनी पेंसिल एक विशेष रीति से पकड़ूँ। जब तक वह मुझ पर ध्यान लगाए रखती थीं, मैं पेंसिल उनके कहे अनुसार पकड़े रहती थी; परन्तु जैसे ही उनका ध्यान मुझ पर से हटता, मैं फिर से पेंसिल उस रीति से पकड़ लेती जैसी मुझे सुविधाजनक लगती थी।

   मुझे लगता था कि पेंसिल पकड़ने के इस द्वंद में मैं ही विजयी हुई हूँ, मैं आज भी पेंसिल अपनी सुविधानुसार पकड़ती हूँ। परन्तु अब दशकों के बाद मुझे यह एहसास हुआ है कि मेरी अध्यापिका जानती थी कि यदि मैं पेंसिल को वैसे पकड़ूँगी जैसे पकड़ना मुझे अच्छा लगता है, तो मेरी यह हठीली आदत आगे चलकर लिखने में बाधा डालेगी क्योंकि मेरी इच्छानुसार पेंसिल पकड़ने से हाथ शीघ्र थक जाएगा और लिखाई अच्छी नहीं आएगी।

   अकसर बच्चे वह नहीं समझ पाते हैं जो उनके लिए अच्छा होता है; वे बस वही चाहते और करते हैं जो उस समय पर उन्हें अच्छा या सही लगता है। संभवतः इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में इस्त्राएल के लोगों को अनेकों बार "इस्त्राएल की सन्तान" कहकर संबोधित किया गया है - अपने व्यवहार में वे बच्चों के समान हठीले बने रहे। परमेश्वर द्वारा अनेकों बार चिताए, समझाए और ताड़ना दिए जाने के बाद भी वे उस एकमात्र सच्चे जीवते परमेश्वर की उपासना के स्थान पर अपने आस-पास के लोगों के देवी-देवताओं की उपासना में पड़ते रहे, और परिणामस्वरूप परमेश्वर ने अपनी आशीष भी उनपर से हटा ली (न्यायियों 2:20-22)। उनके ऐसे कार्यों ने परमेश्वर को बहुधा क्रोधित किया, क्योंकि वह जानता था कि उनके लिए क्या भला है, परन्तु तब भी वे इस्त्राएली उसकी बात अधिक समय तक नहीं मानते थे।

   पास्टर रिक वारेन का कहना है, "आज्ञाकारिता और ढिठाई एक ही सिक्के के दो पहलु हैं। आजाकारिता से आनन्द आता है, परन्तु ढिठाई का परिणाम दुःखद होता है।" यदि बलवाई प्रवृत्ति हमें परमेश्वर का आज्ञाकारी होने से रोक रही है, तो अभी समय है कि हम हृदय परिवर्तन कर लें। अपनी बलवाई प्रवृत्ति के आधीन होकर परमेश्वर के अनाज्ञाकारी न रहें, पश्चाताप और क्षमा याचना के साथ उसके पास लौट आएं; वह अनुग्रहकारी और दयालू क्षमा करने वाला परमेश्वर है। - सिंडी हैस कैस्पर


पहले हम आदतें बनाते हैं; फिर आदतें हमें बनाती हैं।

यहोवा कोप करने में धीरजवन्त और अति करूणामय है, और अधर्म और अपराध का क्षमा करने वाला है, परन्तु वह दोषी कí