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Thursday, July 27, 2017

जाँच


   यह वर्ष का वह समय है जब मैं अपने डॉक्टर के पास सालाना जाँच के लिए जाता हूँ। यद्यपि अभी मुझे कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है, मैं भला-चँगा अनुभव कर रहा हूँ, परन्तु मुझे यह पता है कि नियमित जाँच कराना महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसा करने से वे छिपी हुई छोटी बातें भी सामने आ सकती हैं जिन्हें यदि समय से नहीं पहचाना गया तो वे बढ़कर विकराल स्वास्थ्य समस्या बन सकती हैं। इसलिए मैं यह जानता हूँ कि अपने डॉक्टर को अपनी जाँच करने की अनुमति देने से मैं छिपी हुई समस्याओं का समय रहते समाधान पा सकता हूँ, और इससे मुझे दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी भजनकार ने आत्मिक रीति से यही अनुभव किया। उसने परमेश्वर से विनती की प्रार्थना की: "हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर" (भजन 139:23-24)। परमेश्वर को संपूर्ण और बिना किसी शर्त के जाँच करने की अनुमति देते हुए, भजनकार ने अपने आप को परमेश्वर की धार्मिकता के मार्गों पर छोड़ दिया जिससे वह आत्मिक रीति से स्वस्थ रह सके।

   इसलिए यदि आप अपने बारे में कुछ बुरा अनुभव नहीं भी कर रहे हैं, बेहतर होगा कि अपने आप को परमेश्वर के हाथों में जाँचे जाने के लिए सौंप दें। केवल परमेश्वर ही है जो आपके हृदय की वास्तविक दशा को जानता है; केवल वह ही है जो क्षमा कर सकता है, चँगा कर सकता है और हमें पवित्र तथा उसके लिए फलदायी जीवन जीने की सामर्थ्य दे सकता है। - जो स्टोवैल


हमारे उद्धार पा लेने पर परमेश्वर का कार्य समाप्त नहीं होता
 - वह तो तब आरंभ होता है।

हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है। तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। - भजन 139:1-3

बाइबल पाठ: भजन 139:17-24
Psalms 139:17 और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।
Psalms 139:18 यदि मैं उन को गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।
Psalms 139:19 हे ईश्वर निश्चय तू दुष्ट को घात करेगा! हे हत्यारों, मुझ से दूर हो जाओ। 
Psalms 139:20 क्योंकि वे तेरी चर्चा चतुराई से करते हैं; तेरे द्रोही तेरा नाम झूठी बात पर लेते हैं। 
Psalms 139:21 हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर न रखूं, और तेरे विरोधियों से रूठ न जाऊं? 
Psalms 139:22 हां, मैं उन से पूर्ण बैर रखता हूं; मैं उन को अपना शत्रु समझता हूं। 
Psalms 139:23 हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले! 
Psalms 139:24 और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 43-45
  • प्रेरितों 27:27-44


Wednesday, July 26, 2017

धनी


   एक सफल व्यवसायी ने चर्च में हमारे साथ अपने जीवन की कहानी साझा की। उसने अपने मसीही विश्वास और धन की बहुतायत से संबंधित संघर्षों के बारे में खुलासे से बताया। उसने कहा, "धन से मुझे डर लगता है।"

   उसने प्रभु यीशु के कथन, "परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है" (लूका 18:25) को उद्धत किया। उसने परमेश्वर के वचन बाइबल से लूका 16:19-31 का हवाला दिया, जो धनी व्यक्ति और लाज़रस की कहानी है, और इस कहानी में धनी व्यक्ति नरक में जाता है। उस "धनी युवक" का दृष्टांत (लूका 12:16-21) उसे विचलित करता था। उसने ठान लिया कि वह धन को परमेश्वर के प्रति उसकी भक्ति के आड़े नहीं आने देगा, वरन अपने संसाधनों से निर्धनों तथा ज़रुरतमन्दों की सहायता करेगा।

   शताब्दियों से परमेश्वर कुछ लोगों को भरपूर संपदा से आशीषित करता आया है। हम बाइबल में 2 इतिहास 17:5 में यहोशापात के विषय में पढ़ते हैं, "इस कारण यहोवा ने राज्य को उसके हाथ में दृढ़ किया, और सारे यहूदी उसके पास भेंट लाया करते थे, और उसके पास बहुत धन और उसका वैभव बढ़ गया।" इतना धनी होने पर भी यहोशपात ना तो घमण्डी हुआ और न ही उसने अपने धन के सहारे दूसरों पर दुराचार किया। वरन, "यहोवा के मार्गों पर चलते चलते उसका मन मगन हो गया" (पद 6); तथा "और वह अपने पिता आसा की लीक पर चला ओर उस से न मुड़ा, अर्थात जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है वही वह करता रहा" (2 इतिहास 20:32)।

   परमेश्वर धन के विरुद्ध नहीं है, क्योंकि उसने स्वयं ही कुछ को उस से आशीषित किया है; परन्तु निश्चय ही वह धन के अनुचित संचय और दुरुप्योग के विरुद्ध है। परमेश्वर नहीं चाहता है कि धन के लोभ में पड़कर मसीही विश्वासी उसके मार्गों से भटक जाएं। वह अपने अनुयायियों से चाहता है कि वे सच्ची भक्ति के साथ उसके प्रति विश्वास योग्य बने रहें, और वह उनकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करता रहेगा। - लॉरेंस दरमानी


धन हो या न हो, समर्पित हृदय परमेश्वर को प्रसन्न करते रहेंगे।

क्योंकि धन का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है। - 1 तिमुथियुस 6:10

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 17:1-11
2 Chronicles 17:1 और उसका पुत्र यहोशापात उसके स्थान पर राज्य करने लगा, और इस्राएल के विरुद्ध अपना बल बढ़ाया। 
2 Chronicles 17:2 और उसने यहूदा के सब गढ़ वाले नगरों में सिपाहियों के दल ठहरा दिए, और यहूदा के देश में और एप्रैम के उन नगरों में भी जो उसके पिता आसा ने ले लिये थे, सिपाहियों की चौकियां बैठा दीं। 
2 Chronicles 17:3 और यहोवा यहोशापात के संग रहा, क्योंकि वह अपने मूलपुरुष दाऊद की प्राचीन चाल सी चाल चला और बाल देवताओं की खोज में न लगा। 
2 Chronicles 17:4 वरन वह अपने पिता के परमेश्वर की खोज में लगा रहता था और उसी की आज्ञाओं पर चलता था, और इस्राएल के से काम नहीं करता था। 
2 Chronicles 17:5 इस कारण यहोवा ने राज्य को उसके हाथ में दृढ़ किया, और सारे यहूदी उसके पास भेंट लाया करते थे, और उसके पास बहुत धन और उसका वैभव बढ़ गया। 
2 Chronicles 17:6 और यहोवा के मार्गों पर चलते चलते उसका मन मगन हो गया; फिर उसने यहूदा से ऊंचे स्थान और अशेरा नाम मूरतें दूर कर दीं। 
2 Chronicles 17:7 और उसने अपने राज्य के तीसरे वर्ष में बेन्हैल, ओबद्याह, जकर्याह, नतनेल और मीकायाह नामक अपने हाकिमों को यहूदा के नगरों में शिक्षा देने को भेज दिया। 
2 Chronicles 17:8 और उनके साथ शमायाह, नतन्याह, जबद्याह, असाहेल, शमीरामोत, यहोनातान, अदोनिय्याह, तोबिय्याह और तोबदोनिय्याह, नाम लेवीय और उनके संग एलीशामा और यहोराम नामक याजक थे। 
2 Chronicles 17:9 सो उन्होंने यहोवा की व्यवस्था की पुस्तक अपने साथ लिये हुए यहूदा में शिक्षा दी, वरन वे यहूदा के सब नगरों में प्रजा को सिखाते हुए घूमे। 
2 Chronicles 17:10 और यहूदा के आस पास के देशों के राज्य राज्य में यहोवा का ऐसा डर समा गया, कि उन्होंने यहोशापात से युद्ध न किया। 
2 Chronicles 17:11 वरन कितने पलिश्ती यहोशापात के पास भेंट और कर समझ कर चान्दी लाए; और अरबी लोग भी सात हजार सात सौ मेढ़े और सात हजार सात सौ बकरे ले आए।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 40-42
  • प्रेरितों 27:1-26


Tuesday, July 25, 2017

साथ चलना


   मुझे मेरे एक मित्र ने एक छोटा परचा पढ़ने के लिए दिया; उस परचे का शीर्षक था, "प्रभु के साथ संबंध के 86 वर्षों की कहानी बाँटने का प्रयास।" उस पर्चे में ऐल ऑकेनहेल ने अपने लगभग नौ दशक के जीवन में मसीही विश्वास की यात्रा से संबंधित कुछ प्रमुख लोगों और घटनाओं के बारे में बताया है। जो उस समय साधारण से चुनाव लगते थे - बाइबल पदों को स्मरण करना, प्रार्थना करने के लिए औरों के साथ मिलना, अपने पड़ौसियों को प्रभु यीशु के बारे में बताना, आदि - वे ही उनके जीवन को भले के लिए बदलने वाले बिंदु बन गए। कैसे परमेश्वर के हाथ ने ऐल के जीवन का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन किया, यह सब उस पर्चे में पढ़ना बहुत रोमांचक था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, "मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है" (भजन 37:23)। इस परिच्छेद में एक सुन्दर वर्णन मिलता है कि कैसे परमेश्वर उनकी विश्वासयोग्यता के साथ देखभाल करता है जो उसके साथ चलना चाहते हैं; "उसके परमेश्वर की व्यवस्था उसके हृदय में बनी रहती है, उसके पैर नहीं फिसलते" (भजन 37:31)।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी परमेश्वर की उसके प्रति विश्वासयोग्यता तथा मार्गदर्शन का अपना ऐसा विवरण बना सकता है, जिसमें विश्वास की उनकी यात्रा में आने वाले प्रमुख लोगों, स्थानों और घटनाओं का उल्लेख हो। परमेश्वर की भलाई का प्रत्येक स्मरण हमें उसके साथ चलते रहने के लिए प्रोत्साहित करता है और उनके प्रति धन्यवादी बनाता है जिन्होंने किसी रीति से भलाई के लिए हम पर प्रभाव डाला है।

   जितने प्रभु परमेश्वर के साथ चलते हैं, वह उन सब को मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान करता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


जब आप परमेश्वर के साथ चलेंगे, वह आपको सही मार्ग में ले चलेगा।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105

बाइबल पाठ: भजन 37:23-31
Psalms 37:23 मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है; 
Psalms 37:24 चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है।
Psalms 37:25 मैं लड़कपन से ले कर बुढ़ापे तक देखता आया हूं; परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ, और न उसके वंश को टुकड़े मांगते देखा है। 
Psalms 37:26 वह तो दिन भर अनुग्रह कर कर के ऋण देता है, और उसके वंश पर आशीष फलती रहती है।
Psalms 37:27 बुराई को छोड़ भलाई कर; और तू सर्वदा बना रहेगा। 
Psalms 37:28 क्योंकि यहोवा न्याय से प्रीति रखता; और अपने भक्तों को न तजेगा। उनकी तो रक्षा सदा होती है, परन्तु दुष्टों का वंश काट डाला जाएगा। 
Psalms 37:29 धर्मी लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे, और उस में सदा बसे रहेंगे।
Psalms 37:30 धर्मी अपने मुंह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है। 
Psalms 37:31 उसके परमेश्वर की व्यवस्था उसके हृदय में बनी रहती है, उसके पैर नहीं फिसलते।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 37-39
  • प्रेरितों 26


Monday, July 24, 2017

साहस


   जब मैं उन युवकों की कहानियाँ सुनता हूँ जिन्हें डरा-धमका कर दबाया गया है, तो मैं पाता हूँ कि उनके अन्दर दो स्तर की चोट है। पहली और सबसे प्रकट चोट उन्हें डराने-धमकाने वालों के नीच व्यवहार के कारण होती है; अपने आप में यही काफी भयानक होती है। लेकिन एक और, इससे भी अधिक गहरी चोट है जो पहली वाली से भी अधिक नुकसानदेह हो सकती है: अन्य सभी लोगों की खामोशी। जिसे डरा-धमका कर दबाया जा रहा है वह अन्य लोगों के इस व्यवहार से कि कोई उसकी सहायाता के लिए नहीं आ रहा है स्तब्ध रह जाता है। और यही निष्क्रियता उन दबाने वालों को और अधिक नीचता करने का बढ़ावा देती है। इस खामोशी से उस नीचता से पीड़ित व्यक्ति की घबराहट, झूठी शर्मिंदगी, और एकाकीपन और अधिक हो जाते हैं। इसलिए यह अनिवार्य है कि हम औरों के लिए अपनी आवाज़ उठाएं, नीच व्यवहार के विरुद्ध बोलें (नीतिवचन 31:8)।

   प्रभु यीशु मसीह इस प्रकार के नीच व्यवहार और अकेले छोड़ दिए जाने की भावना को भली-भांति जानते हैं। कोई दोष न होते हुए भी उन्हें ज़बर्दस्ती बन्दी बनाया गया, पीटा गया, उन्हें ठट्ठों में उड़ाया गया। ऐसे में उनके सभी शिष्य भी उन्हें छोड़ कर भाग गए, और उनके निकटतम शिष्यों में से एक, पतरस ने तो तीन बार एक दासी के सामने उनका इंकार भी कर दिया। इसलिए चाहे और कोई ऐसे व्यवहार से उत्पन्न होने वाली भावना चाहे न जानता हो, प्रभु यीशु तो अवश्य जानते और समझते हैं।

   इसलिए हम जब भी किसी को इस प्रकार प्रताड़ित होते देखें, तो इस बात को प्रभु यीशु के सामने रखें और उससे साहस माँगें कि हम ऐसे व्यावहार के विरुद्ध बोल सकें। - रैंडी किलगोर


एक साहसी मसीही की आवाज़ परमेश्वर की आवाज़ की प्रतिध्वनि है।

गूंगे के लिये अपना मुंह खोल, और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर। - नीतिवचन 31:8

बाइबल पाठ: लूका 22:54-65
Luke 22:54 फिर वे उसे पकड़कर ले चले, और महायाजक के घर में लाए और पतरस दूर ही दूर उसके पीछे पीछे चलता था। 
Luke 22:55 और जब वे आंगन में आग सुलगाकर इकट्ठे बैठे, तो पतरस भी उन के बीच में बैठ गया। 
Luke 22:56 और एक दासी ने उसे आग के उजियाले में बैठे देखकर और उस की ओर ताककर कहने लगी, यह भी तो उसके साथ था। 
Luke 22:57 परन्तु उसने यह कहकर इन्कार किया, कि हे नारी, मैं उसे नहीं जानता। 
Luke 22:58 थोड़ी देर बाद किसी और ने उसे देखकर कहा, तू भी तो उन्‍हीं में से है: पतरस ने कहा; हे मनुष्य मैं नहीं हूं। 
Luke 22:59 कोई घंटे भर के बाद एक और मनुष्य दृढ़ता से कहने लगा, निश्‍चय यह भी तो उसके साथ था; क्योंकि यह गलीली है। 
Luke 22:60 पतरस ने कहा, हे मनुष्य, मैं नहीं जानता कि तू क्या कहता है! वह कह ही रहा था कि तुरन्त मुर्ग ने बांग दी। 
Luke 22:61 तब प्रभु ने घूमकर पतरस की ओर देखा, और पतरस को प्रभु की वह बात याद आई जो उसने कही थी, कि आज मुर्ग के बांग देने से पहिले, तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा। 
Luke 22:62 और वह बाहर निकलकर फूट फूट कर रोने लगा।
Luke 22:63 जो मनुष्य यीशु को पकड़े हुए थे, वे उसे ठट्ठों में उड़ाकर पीटने लगे। 
Luke 22:64 और उस की आंखे ढांपकर उस से पूछा, कि भविष्यद्वाणी कर के बता कि तुझे किसने मारा। 
Luke 22:65 और उन्होंने बहुत सी और भी निन्‍दा की बातें उसके विरोध में कहीं।

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 35-36
  • प्रेरितों 25


Sunday, July 23, 2017

केवल परमेश्वर


   सी.एन.एन. ने ग्रेफाईट से बनाए गए एक नए पदार्थ ग्रफीन को "आश्चर्यकर्म पदार्थ" कहा क्योंकि यह हमारे जीवनों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। ग्रफीन केवल एक अणु जितना मोटा है, और इस तीन-आयामी संसार का एक मात्र वास्तविक्ता में दो-आयामी पदार्थ है। वह स्टील से सौ-गुणा मज़बूत है, हीरे से भी अधिक कठोर है, इसमें तांबे से 1000 गुणा अधिक तीव्रता से विद्युत प्रवाहित हो सकती है, और यह रबर से भी अधिक लचीला है। अपने आप में तकनीकी के ऐसे चमत्कार न तो नैतिक हैं और न ही बुरे। परन्तु हमारे द्वारा अपने लिए बनाई गई वस्तुओं की सीमाओं के लेकर सचेत रहना हमारे लिए बुद्धिमानी होगी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह ने एक ऐसी पीढ़ी को संबोधित किया जो अपने हाथों से बनाए हुए देवताओं को लेकर बन्धुआई में जा रही थी। परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता यशायाह के द्वारा चाहा कि वे इस्त्राएली अपने हाथों से बनाए हुए देवताओं की उपासना करने की विडंबना को पहचाने, क्योंकि उन्हें जिन देवताओं से आशा थी कि वे देवता उनकी देखभाल करेंगे, उन्हें प्रेरणा, सहायता, शान्ति और सुरक्षा देंगे, वासत्व में इस्त्राएलियों को ही उनकी देखभाल करनी पड़ रही थी, और सच्चे जीवते परमेश्वर से विमुख होने के कारण बंधुआई में जाना पड़ रहा था।

   जो उन इस्त्राएलियों के लिए सही था, वही आज हमारे लिए भी सही है। हमारे हाथों तथा मनशा से बनी हुई कोई भी वस्तु हमारे हृदयों की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकती है। ऐसा केवल परमेश्वर ही कर सकता है क्योंकि वही है जो हमारे जन्म से लेकर आज तक हमें संभाले हुए है, आज भी हमारी देखभाल कर रहा है, और हमें आगे भी संभाले रहेगा। - मार्ट डीहॉन


जो भी हमारे जीवनों में परमेश्वर के यथोचित स्थान को ले लेता है,
 हमारे लिए वही मूर्ति बन जाता है।

हे मनुष्य के सन्तान, इन पुरुषों ने तो अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित कीं, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखी है; फिर क्या वे मुझ से कुछ भी पूछने पाएंगे? - यहेजकेल 14:3

बाइबल पाठ: यशायाह 46:1-10
Isaiah 46:1 बेल देवता झुक गया, नबो देवता नब गया है, उनकी प्रतिमाएं पशुओं वरन घरैलू पशुओं पर लदी हैं; जिन वस्तुओं को तुम उठाए फिरते थे, वे अब भारी बोझ हो गईं और थकित पशुओं पर लदी हैं। 
Isaiah 46:2 वे नब गए, वे एक संग झुक गए, वे उस भार को छुड़ा नहीं सके, और आप भी बंधुआई में चले गए हैं।
Isaiah 46:3 हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं। 
Isaiah 46:4 तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; 
Isaiah 46:5 मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा। तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे, किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें? 
Isaiah 46:6 जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी देकर उस से देवता बनवाते हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत भी करते हैं! 
Isaiah 46:7 वे उसको कन्धे पर उठा कर लिये फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।
Isaiah 46:8 हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ। 
Isaiah 46:9 प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है। 
Isaiah 46:10 मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 33-34
  • प्रेरितों 24


Saturday, July 22, 2017

अंगीकार


   जेन अपने बरामदे में बैठी एक चिंतित करने वाले प्रश्न पर विचार कर रही थी: क्या उसे पुस्तक लिखनी चाहिए? उसने ब्लॉग लिखने और सार्वजनिक स्थानों में बोलने का आनन्द तो लिया था, परन्तु अब उसे ऐसा लग रहा था कि परमेश्वर उससे कुछ और अधिक करवाना चाहता है। उसने परमेश्वर से पूछा कि "क्या आप चाहते हैं कि मैं ऐसा करूँ?" उसने इस बारे में परमेश्वर से बातचीत की और उससे मार्गदर्शन माँगा। उसने सोचना आरंभ किया कि क्या परमेश्वर चाहता था कि वह अपने पति की अशलीलता को देखने-पढ़ने की लत, और कैसे परमेश्वर उसके जीवन में तथा उनके वैवाहिक जीवन में कार्य कर रहा है के बारे में लिखे। परन्तु फिर उसने सोचा कि ऐसा करने से उसके पति की सार्वजनिक रीति से बदनामी हो जाएगी। इसलिए उसने प्रार्थना की क्या वे दोनों मिलकर उस पुस्तक को लिखें? फिर उसने अपने पति से इसके बारे में पूछा और वह यह करने के लिए सहमत हो गए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा दाऊद ने यद्यपि यह तो नहीं लिखा कि उसने क्या पाप किया था, परन्तु वह अपने संघर्ष को लेकर एक सार्वजनिक संवाद में भागीदार हुआ। उसने अपने इस अनुभव को एक भजन के रूप में भी प्रस्तुत किया, और लिखा: "जब मैं चुप रहा तब दिन भर कराहते कराहते मेरी हडि्डयां पिघल गईं" (भजन 32:3)। फिर आगे लिखा कि, "जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया" (भजन 32:5)। हर किसी को अपने प्रत्येक व्यक्तिगत संघर्ष को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। परन्तु जब दाऊद ने परमेश्वर के सामने अपने पाप का अंगीकार किया तो उसे शांति और चँगाई मिली जिससे प्रोत्साहित होकर उसने परमेश्वर की स्तुति का यह भजन लिखा।

   जेन और उसके पति का कहना है कि अपनी गहरी व्यक्तिगत कहानी को मिलकर लिखने से उनकी एक दूसरे के प्रति निकटता और बढ़ी है। यह परमेश्वर के कि