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शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

मूर्तियां



      टोगो की मोनो नदी में अपने बपतिस्मा होने के प्रतीक्षा करते हुए, कोस्सी ने नीचे झुक कर एक घिसी हुई लकड़ी की मूर्ति उठाई। उसका परिवार पीढ़ियों से उस मूर्ति का उपासक रहा था। परिवार के लोगों के सामने, कोस्सी ने उस मूर्ति को पास में जल रही आग में फेंक दिया। अब उन्हें अपनी सबसे बढ़िया मुर्गियों को उस मूर्ति के लिए बलिदान चढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं रही थी।

      पश्चिमी देशों में अधिकांश लोग मूर्तियों को रूपक अलंकार के रूप में लेते हैं, उन बातों के लिए जिन्हें वे अपने जीवनों में परमेश्वर के समान या उससे भी महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान देते हैं। किन्तु पश्चिमी अफ्रीका के देश टोगो में मूर्तियां वास्तविक देवता मानी जाती हैं, जिन्हें प्रसन्न रखने के लिए उनके सामने बलिदान चढ़ाते रहना पड़ता है। एक नए मसीही विश्वासी के द्वारा बपतिस्मा लेना और मूर्तियों को जलाना, सच्चे जीवते परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह के प्रति उसके समर्पण का साहसिक कार्य और प्रतीक है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में इस्राएल के इतिहास में हम पाते हैं कि आठ वर्षीय राजा योशिय्याह एक ऐसे समय पर राजा-गद्दी पर आया जब यहूदा में मूर्तिपूजा और व्यभिचार व्याप्त था। उस के पिता और दादा यहूदा के उस अनैतिक काल के सबसे बुरे राजाओं में से थे। योशिय्याह के समय परमेश्वर के प्रधान-पुजारी को मंदिर में परमेश्वर की व्यवस्था की पुस्तक मिली, और उसने वह योशिय्याह को दी। जब युवा योशिय्याह ने उस पुस्तक में लिखी व्यवस्था की बातों को सुना तो उसने उन्हें आदर दिया और उन्हें अपनाया (2 राजा 22:8-13)। परमेश्वर के वचन का पालन करते हुए योशिय्याह ने विधर्मियों की वेदियाँ नष्ट कीं, और अशेराह देवी को समर्पित वस्तुओं को जलाया, तथा पारंपरिक वेश्यावृत्ति पर प्रतिबन्ध लगा दिया। इन विधर्मी परंपराओं के स्थान पर उसने परमेश्वर के फसह के पर्व को मनाया (23:21-23)।

      जब भी हम परमेश्वर के अतिरिक्त किसी अन्य से समाधान ढूँढते हैं, तो जाने या अनजाने में हम एक झूठे देवता, एक मूर्ति के पीछे हो लेते हैं। आज हमारे लिए यह उपयुक्त होगा कि हम अपने आप से पूछें, हमारे जीवनों में ऐसी कौन सी मूर्तियां हैं जिन्हें हमें फेंकने और जला देने की आवश्यकता है जिससे हम पूर्ण समर्पण के साथ प्रभु परमेश्वर के पीछे चला सकें। - टिम गुस्ताफ्सन


हे बालको, अपने आप को मुरतों से बचाए रखो। - 1यूहन्ना 5:21

बाइबल पाठ: 2 राजा 23:1-8, 21-25
2 Kings 23:1 राजा ने यहूदा और यरूशलेम के सब पुरनियों को अपने पास इकट्ठा बुलवाया।
2 Kings 23:2 और राजा, यहूदा के सब लोगों और यरूशलेम के सब निवासियों और याजकों और नबियों वरन छोटे बड़े सारी प्रजा के लोगों को संग ले कर यहोवा के भवन में गया। तब उसने जो वाचा की मुस्तक यहोवा के भवन में मिली थी, उसकी सब बातें उन को पढ़ कर सुनाईं।
2 Kings 23:3 तब राजा ने खम्भे के पास खड़ा हो कर यहोवा से इस आशय की वाचा बान्धी, कि मैं यहोवा के पीछे पीछे चलूंगा, और अपने सारे मन और सारे प्राण से उसकी आज्ञाएं, चितौनियां और विधियों का नित पालन किया करूंगा, और इस वाचा की बातों को जो इस पुस्तक में लिखी है पूरी करूंगा। और सब प्रजा वाचा में सम्भागी हुई।
2 Kings 23:4 तब राजा ने हिलकिय्याह महायाजक और उसके नीचे के याजकों और द्वारपालों को आज्ञा दी कि जितने पात्र बाल और अशेरा और आकाश के सब गण के लिये बने हैं, उन सभों को यहोवा के मन्दिर में से निकाल ले आओ। तब उसने उन को यरूशलेम के बाहर किद्रोन के खेतों में फूंक कर उनकी राख बेतेल को पहुंचा दी।
2 Kings 23:5 और जिन पुजारियों को यहूदा के राजाओं ने यहूदा के नगरों के ऊंचे स्थानों में और यरूशलेम के आस पास के स्थानों में धूप जलाने के लिये ठहराया था, उन को और जो बाल और सूर्य-चन्द्रमा, राशिचक्र और आकाश के कुल गण को धूप जलाते थे, उन को भी राजा ने दूर कर दिया।
2 Kings 23:6 और वह अशेरा को यहोवा के भवन में से निकाल कर यरूशलेम के बाहर किद्रोन नाले में लिवा ले गया और वहीं उसको फूंक दिया, और पीस कर बुकनी कर दिया। तब वह बुकनी साधारण लोगों की कबरों पर फेंक दी।
2 Kings 23:7 फिर पुरुषगामियों के घर जो यहोवा के भवन में थे, जहां स्त्रियां अशेरा के लिये पर्दे बुना करती थीं, उन को उसने ढा दिया।
2 Kings 23:8 और उसने यहूदा के सब नगरों से याजकों को बुलवाकर गेबा से बेर्शेबा तक के उन ऊंचे स्थानों को, जहां उन याजकों ने धूप जलाया था, अशुद्ध कर दिया; और फाटकों के ऊंचे स्थान अर्थात जो स्थान नगर के यहोशू नाम हाकिम के फाटक पर थे, और नगर के फाटक के भीतर जाने वाले की बाई ओर थे, उन को उसने ढा दिया।

2 Kings 23:21 और राजा ने सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, कि इस वाचा की पुस्तक में जो कुछ लिखा है, उसके अनुसार अपने परमेश्वर यहोवा के लिये फसह का पर्व मानो।
2 Kings 23:22 निश्चय ऐसा फसह न तो न्यायियों के दिनों में माना गया था जो इस्राएल का न्याय करते थे, और न इस्राएल वा यहूदा के राजाओं के दिनों में माना गया था।
2 Kings 23:23 राजा योशिय्याह के अठारहवें वर्ष में यहोवा के लिये यरूशलेम में यह फसह माना गया।
2 Kings 23:24 फिर ओझे, भूतसिद्धि वाले, गृहदेवता, मूरतें और जितनी घिनौनी वस्तुएं यहूदा देश और यरूशलेम में जहां कहीं दिखाई पड़ीं, उन सभों को योशिय्याह ने उस मनसा से नाश किया, कि व्यवस्था की जो बातें उस पुस्तक में लिखी थीं जो हिलकिय्याह याजक को यहोवा के भवन में मिली थी, उन को वह पूरी करे।
2 Kings 23:25 और उसके तुल्य न तो उस से पहिले कोई ऐसा राजा हुआ और न उसके बाद ऐसा कोई राजा उठा, जो मूसा की पूरी व्यवस्था के अनुसार अपने पूर्ण मन और मूर्ण प्राण और पूर्ण शक्ति से यहोवा की ओर फिरा हो।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 1-3
  • लूका 8:26-56



रविवार, 23 जुलाई 2017

केवल परमेश्वर


   सी.एन.एन. ने ग्रेफाईट से बनाए गए एक नए पदार्थ ग्रफीन को "आश्चर्यकर्म पदार्थ" कहा क्योंकि यह हमारे जीवनों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। ग्रफीन केवल एक अणु जितना मोटा है, और इस तीन-आयामी संसार का एक मात्र वास्तविक्ता में दो-आयामी पदार्थ है। वह स्टील से सौ-गुणा मज़बूत है, हीरे से भी अधिक कठोर है, इसमें तांबे से 1000 गुणा अधिक तीव्रता से विद्युत प्रवाहित हो सकती है, और यह रबर से भी अधिक लचीला है। अपने आप में तकनीकी के ऐसे चमत्कार न तो नैतिक हैं और न ही बुरे। परन्तु हमारे द्वारा अपने लिए बनाई गई वस्तुओं की सीमाओं के लेकर सचेत रहना हमारे लिए बुद्धिमानी होगी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह ने एक ऐसी पीढ़ी को संबोधित किया जो अपने हाथों से बनाए हुए देवताओं को लेकर बन्धुआई में जा रही थी। परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता यशायाह के द्वारा चाहा कि वे इस्त्राएली अपने हाथों से बनाए हुए देवताओं की उपासना करने की विडंबना को पहचाने, क्योंकि उन्हें जिन देवताओं से आशा थी कि वे देवता उनकी देखभाल करेंगे, उन्हें प्रेरणा, सहायता, शान्ति और सुरक्षा देंगे, वासत्व में इस्त्राएलियों को ही उनकी देखभाल करनी पड़ रही थी, और सच्चे जीवते परमेश्वर से विमुख होने के कारण बंधुआई में जाना पड़ रहा था।

   जो उन इस्त्राएलियों के लिए सही था, वही आज हमारे लिए भी सही है। हमारे हाथों तथा मनशा से बनी हुई कोई भी वस्तु हमारे हृदयों की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकती है। ऐसा केवल परमेश्वर ही कर सकता है क्योंकि वही है जो हमारे जन्म से लेकर आज तक हमें संभाले हुए है, आज भी हमारी देखभाल कर रहा है, और हमें आगे भी संभाले रहेगा। - मार्ट डीहॉन


जो भी हमारे जीवनों में परमेश्वर के यथोचित स्थान को ले लेता है,
 हमारे लिए वही मूर्ति बन जाता है।

हे मनुष्य के सन्तान, इन पुरुषों ने तो अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित कीं, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखी है; फिर क्या वे मुझ से कुछ भी पूछने पाएंगे? - यहेजकेल 14:3

बाइबल पाठ: यशायाह 46:1-10
Isaiah 46:1 बेल देवता झुक गया, नबो देवता नब गया है, उनकी प्रतिमाएं पशुओं वरन घरैलू पशुओं पर लदी हैं; जिन वस्तुओं को तुम उठाए फिरते थे, वे अब भारी बोझ हो गईं और थकित पशुओं पर लदी हैं। 
Isaiah 46:2 वे नब गए, वे एक संग झुक गए, वे उस भार को छुड़ा नहीं सके, और आप भी बंधुआई में चले गए हैं।
Isaiah 46:3 हे याकूब के घराने, हे इस्राएल के घराने के सब बचे हुए लोगो, मेरी ओर कान लगाकर सुनो; तुम को मैं तुम्हारी उत्पत्ति ही से उठाए रहा और जन्म ही से लिये फिरता आया हूं। 
Isaiah 46:4 तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूंगा और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूंगा। मैं ने तुम्हें बनाया और तुम्हें लिये फिरता रहूंगा; 
Isaiah 46:5 मैं तुम्हें उठाए रहूंगा और छुड़ाता भी रहूंगा। तुम किस से मेरी उपमा दोगे और मुझे किस के समान बताओगे, किस से मेरा मिलान करोगे कि हम एक समान ठहरें? 
Isaiah 46:6 जो थैली से सोना उण्डेलते वा कांटे में चान्दी तौलते हैं, जो सुनार को मजदुरी देकर उस से देवता बनवाते हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन दण्डवत भी करते हैं! 
Isaiah 46:7 वे उसको कन्धे पर उठा कर लिये फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।
Isaiah 46:8 हे अपराधियों, इस बात को स्मरण करो और ध्यान दो, इस पर फिर मन लगाओ। 
Isaiah 46:9 प्राचीनकाल की बातें स्मरण करो जो आरम्भ ही से है; क्योंकि ईश्वर मैं ही हूं, दूसरा कोई नहीं; मैं ही परमेश्वर हूं और मेरे तुल्य कोई भी नहीं है। 
Isaiah 46:10 मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 33-34
  • प्रेरितों 24


गुरुवार, 22 जनवरी 2015

चुन लें



   हाल ही में मैंने एक विज्ञापन देखा जो इंटरनैट पर खेले जाने वाले एक ऐसे खेल के बारे में था जो युनानी पौराणिक कथाओं पर आधारित था। वह खेल सेनाओं, पौराणिक देवताओं, नायकों, सैनिक अभियानों आदि को लेकर बनाया गया था। जिस बात ने मेरा ध्यान आकर्षित किया वह था खेल आरंभ करने की विधि का विवरण - खेलने वाले को इंटरनैट पर जाकर अपने आप को खेल के लिए पंजीकृत करना था, और फिर अपना ईश्वर चुनकर अपना सामराज्य बनाने का प्रयास करना था।

   वाह! क्या बात है; "अपना ईश्वर चुन लें।" ये बातें उस विज्ञापन में भले ही बड़े सहज रूप में कही गई थीं, लेकिन उससे मेरा ध्यान इस बात की ओर गया कि यही बात तो हमारे आज के संसार की सबसे खतरनाक बातों में से एक है। एक खेल में चाहे यह महत्वहीन हो कि आप ने किस को ईश्वर चुना है, लेकिन वास्तविक संसार में इस चुनाव के अनन्तकालीन प्रभाव हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक यहोशू ने, जिसे इस्त्राएलियों को कनान देश में बसाने की ज़िम्मेदारी दी गई थी, इस्त्राएलियों से, जो अनेकों देवताओं की पूजा करने वाले लोगों से घिरे हुए थे, यही बात कही - कि वे चुन लें कि किस की उपासना करेंगे, किंतु उन्हें यह चुनाव लापरवाही से नहीं वरन पूरी गंभीरता से करना था। यहोशु ने इस्त्राएलियों को अपना उदाहरण देते हुए कहा, "और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा की सेवा नित करूंगा" (यहोशु 24:15)।

   जैसे उन इस्त्राएलियों और यहोशु के सामने था, आज हमारे सामने भी अनेकों विकल्प हैं - ना केवल अन्य धर्मों और मतों के अराध्यों के रूप में, वरन हमारी अपनी प्राथमिकताओं के रूप में भी; यदि परमेश्वर हमारे जीवन में हमारी पहली प्राथमिकता नहीं है, तो फिर परमेश्वर का वह सर्वोपरि स्थान किसी अन्य ने ले लिया है - वह हमारी नौकरी या कार्य हो सकता है, हमारा परिवार हो सकता है, हमारे लिए टी.वी. या अन्य मनोरंजन के साधन हो सकते हैं, या ऐसी कोई भी अन्य बात हो सकती है। चुनाव हमारा है, हम किसे अपने जीवन में पहला स्थान देते हैं; लेकिन बुद्धिमानी का चुनाव केवल एक ही है, यहोशु के समान यह कहना, "मैं तो अपने घराने समेत यहोवा की सेवा नित करूंगा।" - बिल क्राउडर


परमेश्वर को छोड़ और कोई आपके दिल के खाली स्थान को सही रीति से भर नहीं सकता।

सब राज्यों के लोग तो अपने अपने देवता का नाम ले कर चलते हैं, परन्तु हम लोग अपने परमेश्वर यहोवा का नाम ले कर सदा सर्वदा चलते रहेंगे। - मीका 4:5

बाइबल पाठ: यहोशु 24:14-18
Joshua 24:14 इसलिये अब यहोवा का भय मानकर उसकी सेवा खराई और सच्चाई से करो; और जिन देवताओं की सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार और मिस्र में करते थे, उन्हें दूर कर के यहोवा की सेवा करो। 
Joshua 24:15 और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा की सेवा नित करूंगा। 
Joshua 24:16 तब लोगों ने उत्तर दिया, यहोवा को त्यागकर दूसरे देवताओं की सेवा करनी हम से दूर रहे; 
Joshua 24:17 क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा वही है जो हम को और हमारे पुरखाओं को दासत्व के घर, अर्थात मिस्र देश से निकाल ले आया, और हमारे देखते बड़े बड़े आश्चर्य कर्म किए, और जिस मार्ग पर और जितनी जातियों के मध्य में से हम चले आते थे उन में हमारी रक्षा की; 
Joshua 24:18 और हमारे साम्हने से इस देश में रहनेवाली एमोरी आदि सब जातियों को निकाल दिया है; इसलिये हम भी यहोवा की सेवा करेंगे, क्योंकि हमारा परमेश्वर वही है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 4-6
  • मत्ती 14:22-36