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Monday, September 30, 2019

परिवर्तन



      कुछ वर्ष पहले एक पुस्तक प्रकाशक से बहुत बड़ी भूल हो गई। उसकी एक पुस्तक कई वर्षों से बिक रही थी, इसलिए उसे समसामयिक बनाने के लिए उसमें कुछ नई बातें जोड़कर उसका नया संस्करण निकालना आवश्यक हो गया था। पुस्तक के लेखक ने उस पुस्तक में आवश्यक सुधार किए और नई बातें डालीं। परन्तु जब नया संस्करण प्रकाशित होकर बाहर आया तो एक बड़ी समस्या भी सामने आई – प्रकाशक ने पुस्तक के लिए एक नया आवरण तो तैयार करके प्रयोग किया था, किन्तु अन्दर की पुस्तक वही पुरानी वाली ही थी। उसका बाहरी स्वरूप तो नया और साफ़ था, परन्तु अन्दर से वह वही पुरानी और असमसामयिक पुस्तक थी – वह “नया संस्करण” नया नहीं था।

      कभी-कभी ऐसा ही लोगों के साथ भी होता है। लोगों को आभास होता है कि उन्हें जीवनों में कुछ परिवर्तन लाना है; उनका जीवन गलत दिशा में जा रहा है। इसलिए वे बाहर से नया दिखने वाला स्वरूप तो कर लेते हैं, परन्तु उनके हृदय में वही पुराने विचार और भावनाएँ बनी रहतीं हैं। हम अपने आप को बाहर से तो बदला हुआ दिखा सकते हैं, परन्तु केवल परमेश्वर ही है जो हमें वास्तव में, हमारे अन्दर से परिवर्तित कर सकता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना 3 अध्याय में एक उच्च यहूदी धर्म-गुरु, निकुदेमुस, प्रभु यीशु से मिलने आया क्योंकि उसे लगा था की यीशु “परमेश्वर की ओर से” (पद 2) आया था। किन्तु जब प्रभु यीशु के साथ उसके बातचीत हुई तो निकुदेमुस को यह एहसास हुआ कि प्रभु यीशु उससे कुछ विलक्षण की बात कर रहा था – एक संपूर्ण परिवर्तन की। प्रभु यीशु ने जो निकुदेमुस से कहा, वह “नया जन्म” लेना था (पद 4); अर्थात पूर्णतः नए हो जाने से लेश-मात्र भी कम नहीं था। प्रभु यीशु मसीह के अनुसार, उस उच्च ओहदा रखने वाले धर्म-गुरु को भी बिलकुल नया हो जाने के लिए नए सिरे से जन्म लेना अनिवार्य था (पद 7), अन्यथा वह स्वर्ग में प्रवेश नहीं पा सकता था (पद 5)।

      ऐसा परिवर्तन केवल प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास लाने से ही आ सकता है (2 कुरिन्थियों 5:17)। क्या आपको भी अपने जीवन में सच्चे और सार्थक परिवर्तन की आवश्यकता है? प्रभु यीशु मसीह में विश्वास कीजिए; केवल वही है जो हृदय परिवर्तन करता है और जीवन में सब कुछ नया कर देता है। - डेव ब्रैनन

केवल परमेश्वर ही है जो हमें नया बना सकता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3:1-8, 13-16
John 3:1 फरीसियों में से नीकुदेमुस नाम एक मनुष्य था, जो यहूदियों का सरदार था।
John 3:2 उसने रात को यीशु के पास आकर उस से कहा, हे रब्बी, हम जानते हैं, कि तू परमेश्वर की ओर से गुरू हो कर आया है; क्योंकि कोई इन चिन्हों को जो तू दिखाता है, यदि परमेश्वर उसके साथ न हो, तो नहीं दिखा सकता।
John 3:3 यीशु ने उसको उत्तर दिया; कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता।
John 3:4 नीकुदेमुस ने उस से कहा, मनुष्य जब बूढ़ा हो गया, तो क्योंकर जन्म ले सकता है? क्या वह अपनी माता के गर्भ में दुसरी बार प्रवेश कर के जन्म ले सकता है?
John 3:5 यीशु ने उत्तर दिया, कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं; जब तक कोई मनुष्य जल और आत्मा से न जन्मे तो वह परमेश्वर के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकता।
John 3:6 क्योंकि जो शरीर से जन्मा है, वह शरीर है; और जो आत्मा से जन्मा है, वह आत्मा है।
John 3:7 अचम्भा न कर, कि मैं ने तुझ से कहा; कि तुम्हें नये सिरे से जन्म लेना अवश्य है।
John 3:8 हवा जिधर चाहती है उधर चलती है, और तू उसका शब्द सुनता है, परन्तु नहीं जानता, कि वह कहां से आती और किधर को जाती है? जो कोई आत्मा से जन्मा है वह ऐसा ही है।
John 3:13 और कोई स्वर्ग पर नहीं चढ़ा, केवल वही जो स्वर्ग से उतरा, अर्थात मनुष्य का पुत्र जो स्वर्ग में है।
John 3:14 और जिस रीति से मूसा ने जंगल में सांप को ऊंचे पर चढ़ाया, उसी रीति से अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊंचे पर चढ़ाया जाए।
John 3:15 ताकि जो कोई विश्वास करे उस में अनन्त जीवन पाए।
John 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 9-10
  • इफिसियों 3



Sunday, September 29, 2019

विश्वास



      जब हमारा बेटा नशीले पदार्थों की लत के साथ संघर्ष कर रहा था, तब यदि आप मुझ से यह कहते कि एक दिन परमेश्वर हमारे उन अनुभवों का उपयोग उन परिवारों के भलाई के लिए करेगा जो ऐसे ही संघर्षों का सामना कर रहे हैं, तो मुझे इस बात पर विश्वास करने में बहुत कठिनाई होती। परमेश्वर के पास ऐसी कठिन परिस्थितियों में से भी, जिनमें, जब हम उनमें से होकर निकल रहे होते हैं, कुछ भी अच्छा दिखाई नहीं देता है, भलाई निकाल लाने की क्षमता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम देखते हैं कि प्रभु यीशु के एक शिष्य थोमा को भी कोई आशा नहीं थी कि परमेश्वर उसके विश्वास को सबसे बड़ी चुनौती देने वाली घटना – प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने और मारे जाने, में से भी कुछ भला निकाल कर देगा। जब अपने पुनरुत्थान के पश्चात प्रभु यीशु अपने शिष्यों के पास आए थे, उस समय थोमा उन शिष्यों के साथ नहीं था। जब शिष्यों ने उसे प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के विषय बताया, तो अपने घोर निराशा और शोक में होकर थोमा ने कहा, “...जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा” (यूहन्ना 20:25)।

      परन्तु बाद में जब प्रभु यीशु फिर से थोमा की उपस्थिति में अपने शिष्यों से मिलने आए, तो थोमा के अविश्वास में से परमेश्वर के आत्मा ने उससे विश्वास का एक असाधारण कथन व्यक्त करवाया “हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!” (पद 28)। थोमा ने जब यह कहा तब वह एक महान सत्य को समझने की प्रक्रिया से होकर निकल रहा था – उसके सामने खड़ा प्रभु यीशु वास्तव में देहधारी परमेश्वर था। थोमा का कथन विश्वास का एक ऐसा अति-दृढ़ कथन था, जो तब से लेकर आज तक, सदियों से मसीही विश्वासियों को प्रोत्साहित करता और मसीही विश्वास में उभारता आया है।

      हमारा परमेश्वर हमारे हृदयों में एक नया विश्वास जागृत कर सकता है, ऐसे समयों में भी जब हम उसकी आशा भी नहीं करते हैं। हम उसकी विश्वासयोग्यता पर सदा भरोसा रखे रह सकते हैं – उसके लिए कुछ भी कठिन नहीं है; विश्वास रखिए! – जेम्स बैंक्स

परमेश्वर हमारे संदेहों को दृढ़ विश्वास के कथन बना सकता है।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:24-31
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था।
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले।
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो।
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।
John 20:30 यीशु ने और भी बहुत चिन्ह चेलों के साम्हने दिखाए, जो इस पुस्‍तक में लिखे नहीं गए।
John 20:31 परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8
  • इफिसियों 2



Saturday, September 28, 2019

प्रार्थना



      नवंबर 2015 में, मुझे पता चला कि मुझे दिल के ऑपरेशन की आवश्यकता है। मैं चकित तथा विचलित हुआ, और स्वाभाविक था कि मैं अपनी मृत्यु की संभावना के विषय भी विचार करता। क्या कोई ऐसा संबंध था जिसमें कुछ सुधर करने की आवश्यकता थी? क्या मेरे परिवार के लिए आर्थिक बातों का प्रावधान करना था? क्या वह समय आने से पूर्व कोई कार्य करना आवश्यक था? क्या कोई ऐसा कार्य था, जिसे टाला नहीं जा सकता था; उसे किसे सौंपना था? मेरे लिए वह समय कार्य करने तथा प्रार्थना करने का समय था।

      परन्तु मेरी स्थिति ऐसी थी कि मैं न कार्य कर सकता था और न ही प्रार्थना करने पा रहा था।

      मेरा शरीर और मन दोनों ही बहुत थके हुए थे, इतने कि बहुत सामान्य सा काम करना भी मुझ से नहीं हो पा रहा था; और जब मैं प्रार्थना करने का प्रयास करता तो शीघ्र ही मेरा ध्यान भटक कर मेरी शारीरिक स्थिति की ओर चला जाता, और कमज़ोर हृदय के कारण साँस लेने में होने वाली दिक्कत से मुझे शीघ्र ही नींद आ जाती थी। यह सब मेरे लिए बहुत निराशाजनक था – न मैं कुछ कर सकता था, और न ही परमेश्वर से प्रार्थना कर सकता था कि मुझे जीवन प्रदान करे जिससे मैं अपने परिवार के साथ और समय बिता सकूँ।

      मुझे सबसे अधिक परेशान मेरे प्रार्थना न कर पाने ने किया। परन्तु जिस प्रकार से हमारा परमेश्वर पिता, हमारी शारीरिक आवश्यकताओं के लिए प्रावधान करता है, उसी प्रकार से उसने मेरी इन परिस्थितियों के लिए भी प्रावधान किया हुआ था, क्योंकि वह जानता था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। मुझे बाद में समझ आया कि हमारी ऐसी परिस्थितियों के लिए उसने हमारे लिए दो प्रावधान किए हैं: पहला, जब हम प्रार्थना करने में असक्षम होते हैं, तो पवित्रात्मा हमारे लिए प्रार्थना करता है (रोमियों 8:26), तथा हमारे लिए परमेश्वर के अन्य जन भी प्रार्थनाएं करते हैं (याकूब 5:16; गलातियों 6:2)।

      मेरे लिए यह बहुत ही दिलासा देने वाला था कि पवित्र आत्मा परमेश्वर पिता के सम्मुख मेरे लिए निवेदन कर रहा था। और फिर एक और अचरज की बात सामने आई, जब मेरे मित्र और परिवार जन मुझ से पूछते थे कि मेरे लिए वे किन विषयों पर प्रार्थना करें, तो यह भी स्पष्ट होता गया कि मैं जो उन्हें कहता था, वह परमेश्वर द्वारा मेरी की गई प्रार्थना के रूप में ग्रहण किया जा रहा था।

      अनिश्चितता और परेशानी के समय में यह जानना कितना सांत्वना देने वाला होता है कि परमेश्वर हमारे हृदय की बात को हमारी प्रार्थना के समान सुनता है, चाहे हम उसे पुकार भी न पा रहे हों। - रैंडी किल्गोर

परमेश्वर अपने बच्चों की प्रार्थनाओं की कभी अनसुनी नहीं करता है।

जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैं ने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन तेरे पवित्र मन्दिर में पहुंच गई। - योना 2:7

बाइबल पाठ: रोमियों 8:22-28
Romans 8:22 क्योंकि हम जानते हैं, कि सारी सृष्टि अब तक मिलकर कराहती और पीड़ाओं में पड़ी तड़पती है।
Romans 8:23 और केवल वही नहीं पर हम भी जिन के पास आत्मा का पहिला फल है, आप ही अपने में कराहते हैं; और लेपालक होने की, अर्थात अपनी देह के छुटकारे की बाट जोहते हैं।
Romans 8:24 आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा?
Romans 8:25 परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जोहते भी हैं।
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है।
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1



Friday, September 27, 2019

वस्त्र



      शरद ऋतु के लिए खरीदे गए एक वस्त्र पर से उसकी कीमत का लेबल हटाते हुए मेरा ध्यान उस लेबल की पिछली ओर लिखी हुई बात पर गया। वस्त्र को बनाने वालों ने लिखा था, “चेतावनी: इस अद्भुत वस्त्र को पहिनने के पश्चात आप बाहर जाना एवँ रहना चाहेंगे।” मैं उनकी बात को पढ़कर मुस्कुराया। यदि ऋतु के अनुसार ठीक से वस्त्र पहिनें हों तो व्यक्ति कठोर मौसम में भी सुरक्षित रह सकता है।

      यही सिद्धांत हमारे आत्मिक जीवन में भी लागू होता है। प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, प्रभु ने हमें जीवन के प्रत्येक ‘मौसम’ के लिए आवश्यक उचित ‘वस्त्र’ अपने वचन बाइबल में प्रदान किए हैं। कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी पत्री में प्रेरित पौलुस उन्हें लिखता है, “इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो” (कुलुस्सियों 3:12-13)।

      जो वस्त्र परमेश्वर उपलब्ध करवाता है, जैसे कि करुणा, भलाई, दीनता, और नम्रता, वे हमें सक्षम करते हैं कि हम विरोध, और आलोचना का सामना धैर्य, क्षमा, और प्रेम के साथ करें। जीवन की आँधी-तूफानों में उन ‘वस्त्रों’ से हमें स्थिर बने रहने की शक्ति मिलती है।

      जब हम घर, स्कूल, या कार्यस्थल पर विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हैं, तो जो “वस्त्र” परमेश्वर हमें पहिनने के लिए कहता है, वे हमारी सुरक्षा करते हैं, और हमें सक्षम करते हैं कि हम सकारात्मक प्रभाव डाल सकें। परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुसार ‘वस्त्र’ पहिनने से हमारे लिए मौसम तो नहीं बदलता है, परन्तु वे वस्त्र हमें उस मौसम को सहने और उसमें सुरक्षित रहने की क्षमता प्रदान करते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड

भलाई वह तेल है जो जीवन से घर्षण को दूर करता है।

वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो। - रोमियों 13:14

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:8-17
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलातियों 6



Thursday, September 26, 2019

भरपूरी



      बच्चों की एक लोकप्रिय पुस्तक में एक गाँव के बार्थोलोमियो नामक एक निर्धन बच्चे की कहानी है। एक दिन जब राजा उसके गाँव से होकर निकला तो मार्ग के किनारे खड़े बार्थोलोमियो ने राजा के आदर में अपने टोपी उतारी, किन्तु तुरंत ही उसके सिर पर एक नई टोपी आ गई; उसके सिर पर टोपी देख राजा ने अपमानित अनुभव किया और उससे क्रोधित हुआ, और उसे पकड़कर महल में लाने के लिए कहा जिससे उसे दण्ड दिया जाए। सारे रास्ते, बार्थोलोमियो अपने सिर से टोपी उतारता रहा, और जैसे ही वह उतारता, एक नई टोपी उसके सिर पर आ जाती, और हर टोपी पहले वाली से अधिक सुन्दर, अधिक मूल्यवान, और मणिकों तथा सुन्दर पंखों से जड़ी हुई होती। उसकी 500वीं टोपी राजा को बहुत पसन्द आई, और राजा ने न केवल बार्थोलोमियो को क्षमा कर दिया, वरन उस टोपी को बार्थोलोमियो से सोने के 500 सिक्कों में खरीद भी लिया। और तब बार्थोलोमियो के सिर पर टोपी आनी बन्द हो गईं, और वह स्वतंत्र तथा धनी होकर अपने घर लौट सका, अपने परिवार की देखभाल करने के लिए।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि एक निर्धन विधवा एलिशा के पास आई, उसके पास एक हांड़ी तेल को छोड़ अपना ऋण चुकाने के लिए कुछ नहीं था, इसलिए महाजन उसके बच्चों को लेकर दासत्व में बेचना चाहता था (2 राजाओं 4)। एलिशा के कहे के अनुसार कार्य करने से, परमेश्वर ने उसके उस तेल को कई गुणा बढ़ा दिया, इतना कि उसके पास जितने बर्तन थे और वे भी जो उसने अपने पड़ौसियों से तेल रखने के लिए मांगे थे, वे सभी भर गए। वह तेल इतना हो गया कि वह अपना ऋण भी चुका सकी और उसके पास अपने जीवन-यापन के लिए भी पर्याप्त हो गया (पद 7)।

      परमेश्वर ने उस विधवा के लिए वैसे ही आर्थिक प्रावधान किया, जैसे आज वह मेरे और आपके लिए उद्धार और अनन्त जीवन का प्रावधान करता है। पाप ने हमारे जीवनों को खोखला और परमेश्वर के गुणों से खाली कर रखा है। परन्तु प्रभु यीशु मसीह ने अपने जीवन के बलिदान के द्वारा मेरे और आपके, सारे सँसार के सभी लोगों के समस्त पापों की पूरी कीमत चुका दी; और अब उसपर विश्वास लाने वाले सभी लोगों को वह अपना अनन्त जीवन प्रदान करता है।

      प्रभु यीशु के बिना हम सभी गाँव के उस निर्धन बालक के समान हैं, जिसके पास अपने दण्ड को चुकाने के लिए कुछ भी नहीं था। परन्तु परमेश्वर ने हमारी छुड़ौती के लिए एक अद्भुत और बहुमूल्य प्रावधान किया; अब जो कोई परमेश्वर के इस प्रावधान को स्वीकार करता है, वह भरपूरी के अनन्त जीवन को पा लेता है। - कर्स्टन होल्म्बर्ग

प्रभु यीशु के बलिदान के द्वारा हमारा आत्मिक ऋण चुकाया जाता है।

इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। - रोमियों 3:23

बाइबल पाठ: 2 राजाओं 4:1-7
2 Kings 4:1 भविष्यद्वक्ताओं के चेलों की पत्नियों में से एक स्त्री ने एलीशा की दोहाई देकर कहा, तेरा दास मेरा पति मर गया, और तू जानता है कि वह यहोवा का भय माननेवाला था, और जिसका वह कर्जदार था वह आया है कि मेरे दोनों पुत्रों को अपने दास बनाने के लिये ले जाए।
2 Kings 4:2 एलीशा ने उस से पूछा, मैं तेरे लिये क्या करूं? मुझ से कह, कि तेरे घर में क्या है? उसने कहा, तेरी दासी के घर में एक हांड़ी तेल को छोड़ और कुछ तहीं है।
2 Kings 4:3 उसने कहा, तू बाहर जा कर अपनी सब पड़ोसियों खाली बरतन मांग ले आ, और थोड़े बरतन न लाना।
2 Kings 4:4 फिर तू अपने बेटों समेत अपने घर में जा, और द्वार बन्द कर के उन सब बरतनों में तेल उण्डेल देना, और जो भर जाए उन्हें अलग रखना।
2 Kings 4:5 तब वह उसके पास से चली गई, और अपने बेटों समेत अपने घर जा कर द्वार बन्द किया; तब वे तो उसके पास बरतन लाते गए और वह उण्डेलती गई।
2 Kings 4:6 जब बरतन भर गए, तब उसने अपने बेटे से कहा, मेरे पास एक और भी ले आ, उसने उस से कहा, और बरतन तो नहीं रहा। तब तेल थम गया।
2 Kings 4:7 तब उसने जा कर परमेश्वर के भक्त को यह बता दिया। ओर उसने कहा, जा तेल बेच कर ऋण भर दे; और जो रह जाए, उस से तू अपने पुत्रों सहित अपना निर्वाह करना।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलातियों 5



Wednesday, September 25, 2019

भरोसा



      अपनी भांजी से विदा कहते हुए, उस संध्या को मेरा गला रुंधा हुआ था। अगले दिन उसने अपने स्नातकोत्तर कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए हमसे 800 मील दूर चले जाना था। पिछले चार वर्ष से वह स्नातक डिग्री के लिए कॉलेज में हम से दूर तो थी, परन्तु फिर भी उसके कॉलेज और हमारे घर के मध्य केवल ढाई घंटे की यात्रा की दूरी थी, और हमारा मिलना तथा साथ होना काफी सहज था। परन्तु अब ऐसा नहीं होने पाएगा; अब हम वैसे नियमित नहीं मिलने पाएँगे, जैसे अभी तक मिल रहे थे। बस अब मुझे यही भरोसा रखना था कि परमेश्वर वहां पर भी उसकी वैसे ही देखभाल करता रहेगा, जैसे यहाँ पर कर रहा था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, इफिसुस की मसीही विश्वासियों की मण्डली के अगुवों से विदा लेते समय, संभवतः पौलुस को भी ऐसा ही लगा होगा। उसने इफसुस में मसीही मण्डली को स्थापित किया था, वह उन्हें तीन वर्ष तक सिखाता रहा था। पौलुस के लिए वे अगुवे उसके परिवार के समान ही निकट थे। अब जब पौलुस को यरूशलेम जाना था, और वह जानता था कि अब वह दोबारा उनसे इस शरीर में नहीं मिलेगा।

      इफिसुस के मसीही विश्वासियों के लिए पौलुस के पास कुछ परामर्श था। चाहे अब से पौलुस उनके पास उनके शिक्षक के रूप में नहीं रहेगा, फिर भी इफसुस की मण्डली के लोगों को अपने आप को त्यागा हुआ नहीं समझना था। पौलुस ने उन्हें समझाया कि परमेश्वर आगे भी उन्हें अपने “अनुग्रह के वचन” के द्वारा सिखाता रहेगा (प्रेरितों 20:32) कि मसीही विश्वासियों की मण्डली की अगुवाई कैसे करें। पौलुस तो उनके साथ हमेशा नहीं रह सकता था, किन्तु परमेश्वर हमेशा उनके साथ बना रहेगा।

      चाहे वे हमारे बच्चे हों, जिन्हें हम घर से बाहर आगे के जीवन के लिए भेजते हैं, या कोई अन्य परिवार अथवा मित्रगण हों जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए कहीं और जाते हैं – किसी भी प्रिय जन से विदा लेना बहुत कष्टदायक होता है। वे हमारे प्रभाव से निकलकर अपने नए जीवन में चले जाते हैं। जब हम अपने हाथों में से उनके हाथों को छोड़ते हैं, तब हम भरोसा रख सकते हैं कि परमेश्वर उन्हें थामे हुए है। वह उनकी देखभाल करता रहेगा, उनका मार्गदर्शन करता रहेगा, और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करता रहेग – हमसे भी कहीं अधिक भली रीति से। - लिंडा वॉशिंगटन

अपने प्रिय जनों से चाहे हम दूर हों, किन्तु परमेश्वर उनसे कभी दूर नहीं होता है।

और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी कर के मीरास दे सकता है। - प्रेरितों 20:32

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:17-20, 35-38
Acts 20:17 और उसने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया।
Acts 20:18 जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा।
Acts 20:19 अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ी; मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा।
Acts 20:20 और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।
Acts 20:35 मैं ने तुम्हें सब कुछ कर के दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उसने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है।
Acts 20:36 यह कहकर उसने घुटने टेके और उन सब के साथ प्रार्थना की।
Acts 20:37 तब वे सब बहुत रोए और पौलुस के गले में लिपट कर उसे चूमने लगे।
Acts 20:38 वे विशेष कर के इस बात का शोक करते थे, जो उसने कही थी, कि तुम मेरा मुंह फिर न देखोगे; और उन्होंने उसे जहाज तक पहुंचाया।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलातियों 4



Tuesday, September 24, 2019

निवास-स्थान



      मेरा पालन-पोषण अमेरिका के मिनिसोटा प्रदेश में हुआ, जो अपनी अनेकों सुन्दर झीलों के लिए प्रसिद्ध है। परमेश्वर की उस अनुपम सृष्टि की सुन्दरता का आनन्द लेने के लिए हम खुले इलाकों में कैम्पिंग के लिए जाया करते थे, परन्तु पतले कपड़े से बने तम्बुओं में सोना मुझे पसन्द नहीं था, विशेषकर तब जब बारिश हो और रिस कर तम्बू में आया पानी सारे स्लीपिंग बैग या बिस्तर को गीला कर दे।

      इसलिए मुझे अचरज होता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में विश्वास के एक नायक अब्राहम ने लगभग सौ वर्ष तम्बुओं में बिताए। जब अब्राहम की आयु पचहत्तर वर्ष की थी तब उसने परमेश्वर की बुलाहट को सुना, कि वो अपने देश को छोड़कर उस स्थान को जाए जहाँ पर परमेश्वर उसे आशीषित करेगा और उससे एक बड़ी जाति बनाएगा (उत्पत्ति 12:1-2)। अब्राहम ने परमेश्वर की बात पर विश्वास किया, उसकी आज्ञाकारिता में अपने घर और देश से अनजाने स्थान की ओर निकल पड़ा, इस विश्वास के साथ कि परमेश्वर अपनी कही हुई बात को पूरा भी करेगा। और अपने शेष जीवन भर, जब तक कि वह एक सौ पचहत्तर वर्ष की आयु में मर नहीं गया (25:7), वह अपने देश से दूर, तम्बुओं में ही निवास करता रहा।

      आज हमारी वह बुलाहट चाहे न हो जो अब्राहम की थी, कि वह खानाबदोशों का जीवन जीए, परन्तु जब हम इस सँसार और उसके लोगों के मध्य रहते और सेवा करते हैं, उनसे प्रेम करते हैं, तो हमें भी अपने किसी स्थाई निवास-स्थान की लालसा हो सकती है, जिसके साथ हम अपने आप को जुड़ा हुआ अनुभव कर सकें। जब कठिन परिस्थितियाँ और परेशानियां हमारे ‘तम्बुओं’ में दिक्कतें पैदा करें, तो अब्राहम के समान ही हम भी विश्वास के साथ अपने उस स्थाई निवास-स्थान की ओर देखें जिसका “बनानेवाला परमेश्वर है” (इब्रानियों 11:10)। और अब्राहम के समान ही, हम भी उस आशा पर भरोसा बनाए रखें कि परमेश्वर अपनी सृष्टि को नया कर रहा है, प्रभु यीशु मसीह में विश्वास द्वारा उसकी सन्तान बने हुओं के लिए एक उत्तम और स्वर्गीय निवास-स्थान  तैयार कर रहा है। - एमी बाउचर पाई

परमेश्वर हमारे जीवनों के लिए हमें दृढ़ आधार देता है।

तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। - यूहन्ना 14:1-2

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 12:4-9; इब्रानियों 11:8-12
Genesis 12:4 यहोवा के इस वचन के अनुसार अब्राम चला; और लूत भी उसके संग चला; और जब अब्राम हारान देश से निकला उस समय वह पचहत्तर वर्ष का था।
Genesis 12:5 सो अब्राम अपनी पत्नी सारै, और अपने भतीजे लूत को, और जो धन उन्होंने इकट्ठा किया था, और जो प्राणी उन्होंने हारान में प्राप्त किए थे, सब को ले कर कनान देश में जाने को निकल चला; और वे कनान देश में आ भी गए।
Genesis 12:6 उस देश के बीच से जाते हुए अब्राम शकेम में, जहां मोरे का बांज वृक्ष है, पंहुचा; उस समय उस देश में कनानी लोग रहते थे।
Genesis 12:7 तब यहोवा ने अब्राम को दर्शन देकर कहा, यह देश मैं तेरे वंश को दूंगा: और उसने वहां यहोवा के लिये जिसने उसे दर्शन दिया था, एक वेदी बनाई।
Genesis 12:8 फिर वहां से कूच कर के, वह उस पहाड़ पर आया, जो बेतेल के पूर्व की ओर है; और अपना तम्बू उस स्थान में खड़ा किया जिसकी पच्छिम की ओर तो बेतेल, और पूर्व की ओर ऐ है; और वहां भी उसने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई: और यहोवा से प्रार्थना की
Genesis 12:9 और अब्राम कूच कर के दक्खिन देश की ओर चला गया।

Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था।
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 4-5
  • गलातियों 3



Monday, September 23, 2019

कहा



      रिफ्यूज रबिन्द्रनाथ नामक एक व्यक्ति, श्री लंका में, दस वर्ष से भी अधिक समय से जवानों के मध्य में काम कर रहा है। वह अकसर जवानों के साथ देर रात तक बातचीत करता रहता है, उनके साथ खेलता है, उनकी सुनता है, उन्हें सिखाता है और परामर्श देता है। उसे उन जवानों के मध्य काम करना अच्छा लगता है किन्तु कभी-कभी निराशाजनक भी हो जाता है जब ऐसे विद्यार्थी जिन पर भरोसा रखा गया था, वे विश्वास से मुड़कर चले जाते हैं। कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जब उसे वैसा अनुभव होता है जैसा परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका की पुस्तक के पाँचवें अध्याय में शमौन पतरस को हुआ था।

      शमौन सारी रात परिश्रम करता रहा था, परन्तु उसने कोई मछली नहीं पकड़ी (पद 5); वह थका हुआ और निराश अनुभव कर रहा था। परन्तु फिर भी जब प्रभु यीशु ने उससे कहा कि वह गहरे में जाकर जाल डाले (पद 4), तो शमौन ने उत्तर दिया कि “तौभी तेरे कहने से जाल डालूँगा” (पद 5)।

      यहाँ शमौन द्वारा प्रभु की कही बात का पालन करना अद्भुत है। शमौन अनुभवी मछुआरा था, और जानता था कि जब सूरज चढ़ने लगता है तो मछलियाँ झील की गहराइयों में चली जाती हैं, और उनके पास जो जाल थे वे उतनी गहराई से मछलियों को पकड़ नहीं सकते थे।

      शमौन द्वारा प्रभु की कही गई बात को मानने से, उसे अच्छा परिणाम मिला। न केवल शमौन ने ढेर सारी मछलियाँ पकड़ीं, वरन उसे प्रभु यीशु मसीह की और गहरी पहचान भी मिली। वह पहले प्रभु यीशु को “स्वामी” कहकर संबोधित करता था (पद 5), परन्तु अब इस घटना के बाद वह “प्रभु” कहने लगा (पद 8)। निःसंदेह, परमेश्वर की सुनने से हम उसकी निकटता में बढ़ते हैं और उसके कार्यों को निकट से देखने भी लगते हैं।

      हो सकता है कि परमेश्वर आपको कह रहा है कि आप भी अपने “जाल फिर से डालें” जैसा कि उसने शमौन से कहा था। और होनें दें कि हम भी शमौन के समान ही प्रभु से कहें, “तेरे कहने से जाल डालूँगा।” – पो फैंग चिया

परमेश्वर के प्रति हमारी आज्ञाकारिता 
अज्ञात मार्गों में भी हमारा मार्गदर्शन करेगी, 
और हमें उसकी निकटता में लाएगी।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! – व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: लूका 5:1-11
Luke 5:1 जब भीड़ उस पर गिरी पड़ती थी, और परमेश्वर का वचन सुनती थी, और वह गन्नेसरत की झील के किनारे पर खड़ा था, तो ऐसा हुआ।
Luke 5:2 कि उसने झील के किनारे दो नावें लगी हुई देखीं, और मछुवे उन पर से उतरकर जाल धो रहे थे।
Luke 5:3 उन नावों में से एक पर जो शमौन की थी, चढ़कर, उसने उस से बिनती की, कि किनारे से थोड़ा हटा ले चले, तब वह बैठकर लोगों को नाव पर से उपदेश देने लगा।
Luke 5:4 जब वे बातें कर चुका, तो शमौन से कहा, गहिरे में ले चल, और मछिलयां पकड़ने के लिये अपने जाल डालो।
Luke 5:5 शमौन ने उसको उत्तर दिया, कि हे स्‍वामी, हम ने सारी रात मिहनत की और कुछ न पकड़ा; तौभी तेरे कहने से जाल डालूंगा।
Luke 5:6 जब उन्होंने ऐसा किया, तो बहुत मछिलयां घेर लाए, और उन के जाल फटने लगे।
Luke 5:7 इस पर उन्होंने अपने साथियों को जो दूसरी नाव पर थे, संकेत किया, कि आकर हमारी सहायता करो: और उन्होंने आकर, दोनों नाव यहां तक भर लीं कि वे डूबने लगीं।
Luke 5:8 यह देखकर शमौन पतरस यीशु के पांवों पर गिरा, और कहा; हे प्रभु, मेरे पास से जा, क्योंकि मैं पापी मनुष्य हूं।
Luke 5:9 क्योंकि इतनी मछिलयों के पकड़े जाने से उसे और उसके साथियों को बहुत अचम्भा हुआ।
Luke 5:10 और वैसे ही जब्‍दी के पुत्र याकूब और यूहन्ना को भी, जो शमौन के सहभागी थे, अचम्भा हुआ: तब यीशु ने शमौन से कहा, मत डर: अब से तू मनुष्यों को जीवता पकड़ा करेगा।
Luke 5:11 और व नावों को किनारे पर ले आए और सब कुछ छोड़कर उसके पीछे हो लिए।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलातियों 2



Sunday, September 22, 2019

स्वाद



      जब हमारे बेटे ज़ेवियर ने, जिसने चलना अभी ही सीखा था, पहली बार नीबू में दाँत मारे, तो उसने तुरंत नाक सिकोडी और जीभ बाहर निकाल कर तुतला कर बोला, “खट्टा”! मैंने हँसते हुए उससे नीबू लेकर फेंकना चाहा, तो ज़ेवियर मुझ से दूर होने के लिए रसोई से बाहर की ओर दौड़ा, और बोला “अभी और।” नीबू का रस चूसते हुए वह अपने होंठ बिचकाता रहा, किन्तु जब तक नीबू में रस रहा वह उसे चूसता ही रहा, और फिर अन्त में मेरे हाथों में चुसे हुए नीबू का छिलका पकड़ा कर चला गया।

      मेरी जीभ की स्वाद-कोशिकाएं मेरे जीवन के मधुर पलों के मीठे स्वाद के प्रति मेरे लगाव को वास्तविक रीति से दिखती है। मेरा प्रत्येक कड़ुवी वस्तु के प्रति अलगाव मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्यूब की पत्नि को समरण करवाता है, जो मेरे ही समान दुःख उठाने के खट्टे अनुभव से बचे रहना चाहती थी।

      निःसंदेह, अय्यूब को कठिनाई या क्लेश पसन्द नहीं थे, परन्तु उसने फिर भी अपनी अत्यंत पीड़ादायक परिस्थितियों में भी परमेश्वर को आदर दिया (अय्यूब 1:1-22)। जब अय्यूब की देह पीड़ादायक घावों से भर गई, तब भी वह उस पीड़ा को सहता रहा (2:7-8)। उसकी पत्नि ने उसे उकसाया कि वह परमेश्वर पर भरोसा करने के स्थान पर उसकी निन्दा करे (पद 9), परन्तु, अय्यूब का प्रत्युत्तर क्लेश और कष्ट में भी परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखना था (पद 10)।

      यह स्वाभाविक है कि हम जीवन के कडुवे घूंटों को पीना नहीं चाहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में हम पर यह प्रलोभन भी आ सकता है कि हम अपनी पीड़ाओं के लिए परमेश्वर को उलाहना दें। परन्तु परमेश्वर परीक्षाओं और कष्टपूर्ण परिस्थितियों के द्वारा हमें उस पर भरोसा बनाए रखना, उस पर निर्भर रहना, और उसे समर्पित रहना सिखाता है; हमें सक्षम करता है कि हम कठिनाइयों में से धीरज के साथ पार निकल सकें। हमारे लिए यह आवश्यक नहीं है कि अय्यूब के समान हम भी दुखों में आनन्दित हों जिससे पीड़ाओं के कडुवे स्वाद के समयों में, परमेश्वर की विश्वासयोग्यता की अप्रत्याशित मिठास का स्वाद अनुभव करें – जिससे परमेश्वर में हमारा विश्वास और दृढ़ हो जाता है। - जोशील डिक्सन

परमेश्वर क्लेशों के द्वारा हमारे विश्वास को दृढ़ करता है।

हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। - याकूब 1:2-3

बाइबल पाठ: अय्यूब 2:1-10
Job 2:1 फिर एक और दिन यहोवा परमेश्वर के पुत्र उसके साम्हने उपस्थित हुए, और उनके बीच शैतान भी उसके साम्हने उपस्थित हुआ।
Job 2:2 यहोवा ने शैतान से पूछा, तू कहां से आता है? शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, कि इधर-उधर घूमते-फिरते और डोलते-डालते आया हूँ।
Job 2:3 यहोवा ने शैतान से पूछा, क्या तू ने मेरे दास अय्यूब पर ध्यान दिया है कि पृथ्वी पर उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय मानने वाला और बुराई से दूर रहने वाला मनुष्य और कोई नहीं है? और यद्यपि तू ने मुझे उसको बिना कारण सत्यानाश करते को उभारा, तौभी वह अब तक अपनी खराई पर बना है।
Job 2:4 शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, खाल के बदले खाल, परन्तु प्राण के बदले मनुष्य अपना सब कुछ दे देता है।
Job 2:5 सो केवल अपना हाथ बढ़ाकर उसकी हड्डियां और मांस छू, तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा।
Job 2:6 यहोवा ने शैतान से कहा, सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना।
Job 2:7 तब शैतान यहोवा के साम्हने से निकला, और अय्यूब को पांव के तलवे से ले सिर की चोटी तक बड़े बड़े फोड़ों से पीड़ित किया।
Job 2:8 तब अय्यूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा ले कर राख पर बैठ गया।
Job 2:9 तब उसकी स्त्री उस से कहने लगी, क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा।
Job 2:10 उसने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलातियों 1



Saturday, September 21, 2019

प्रार्थना



      गायक तथा गीत लेखक रॉबर्ट हैमलेट ने “The Lady Who Prays for Me” गाना अपनी माँ के सम्मान में लिखा, जिनका यह नियम था कि प्रति-प्रातः वे अपने बच्चों के लिए, उनके बस स्टॉप पर जाने से पहले, प्रार्थना अवश्य करती थीं। जब एक जवान माँ ने हैमलेट को यह गाना गाते हुए सुना, उन्होंने भी अपने बेटे के साथ प्रार्थना करने का निर्णय किया। इसका परिणाम हृदयस्पर्शी था! उसके बेटे के द्वार से बाहर निकलने से पहले उसकी माँ ने उसके साथ प्रार्थना की। पाँच मिनिट के बाद ही उनका बेटा बस स्टॉप से लौट कर आ गया, और उसके साथ बस स्टॉप से कुछ और बच्चे भी आए! उसकी माँ चकित हो गई, और पूछा कि “क्या हुआ”; तो बेटे ने उत्तर दिया, “इनकी माताओं ने इनके साथ प्रार्थना नहीं की।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इफिसुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में पौलुस ने सभी से प्रार्थना करने का आग्रह किया, “हर समय, और हर प्रकार से” (6:18)। प्रतिदिन परमेश्वर पर निर्भरता को दिखाना परिवार के लिए अनिवार्य है क्योंकि अनेकों बच्चे परमेश्वर पर भरोसा करना तब ही सीखते हैं जब वे उनके निकट के लोगों में सच्चा विश्वास देखते हैं (2 तिमुथियुस 1:5)। प्रार्थना के अत्यंतावश्यक महत्व को सिखाने का इससे बेहतर और कोई मार्ग नहीं है, कि बच्चों के साथ और उनके लिए प्रार्थना की जाए। यह उन्हें व्यक्तिगत रीति से प्रत्येक आवश्यकता के लिए परमेश्वर की ओर बढ़ने की अनिवार्यता को समझाने का एक तरीका है।

      जब हम बच्चों को परमेश्वर के मार्ग पर डालते हैं, उनके समक्ष एक वास्तविक विश्वास का नमूना रखने के द्वारा (नीतिवचन 22:6; 2 तिमुथियुस 1:5), तो हम उन्हें एक विशेष उपहार देते हैं; यह आश्वासन कि परमेश्वर हमारे जीवनों का अभिन्न अंग है, और सदैव हमारे साथ बना रहता है, हमसे सदा प्रेम करता है, हमारा मार्गदर्शन करता है, और हमें सुरक्षा प्रदान करता है। - सिंडी हैस कैस्पर

दैनिक प्रार्थना प्रतिदिन की चिंताओं को कम कर देती है।

लड़के को शिक्षा उसी मार्ग की दे जिस में उसको चलना चाहिये, और वह बुढ़ापे में भी उस से न हटेगा। - नीतिवचन 22:6

बाइबल पाठ: इफिसियों 6:18-19
Ephesians 6:18 और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्र लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
Ephesians 6:19 और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 7-9
  • 2 कुरिन्थियों 13



Friday, September 20, 2019

दौड़



      सन 2016 के रियो में आयोजित ओलंपिक खेलों में 5,000 मीटर की दौड़ में भाग ले रहे दो धाविकाओं ने सँसार भर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। दौड़ में लगभग 3,200 मीटर की दूरी तय हो चुकी थी , कि दो धाविकाएं, न्यूज़ीलैंड की निक्की हैमबलिन और अमेरिका की एब्बे दी औगास्तिनों, आपस में टकरा गईं। एब्बे जल्दी से उठ खड़ी हुई, परन्तु उसने रुक कर निक्की को उठने में सहायता की। जैसे ही दोनों धाविकाओं ने फिर से दौड़ना आरंभ किया, एब्बे लंगड़ाने लगी, गिरने के कारण उसके दाहिनी टांग में चोट आई थी। अब निक्की की बारी थी कि रुक कर अपनी साथी धाविका को दौड़ समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित करे। जब अन्ततः एब्बे लड़खड़ाती हुई समाप्ति रेखा के पार उतरी, तब वहाँ उसका स्वागत करने उसे गले लगाने के लिए निक्की वहीं खड़ी थी। परस्पर एक-दूसरे को प्रोत्साहित करने का यह अति-सुन्दर दृश्य था।

      इस घटना से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई एक बात स्मरण आती है: “एक से दो अच्छे हैं...क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो” (सभोपदेशक 4:9-10)। एक आत्मिक दौड़ में भागने वाले धावकों के समान, हमें एक-दूसरे की सहायता की आवश्यकता होती है। हम इस दौड़ में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा के कारण नहीं हैं, हम एक ही टीम के सदस्य हैं जो साथ दौड़ रहे हैं। ऐसे पल आएँगे जब हम लड़खड़ाएंगे और हमें औरों की सहायता की आवश्यकता पड़ेगी; और ऐसे भी पल होंगे जब औरों को हमारी सहायता की आवश्यकता पड़ेगी – हमारे प्रोत्साहन, हमारी प्रार्थनाओं, या उनके साथ हमारी उपस्थिति के द्वारा।

      आत्मिक दौड़ अकेले नहीं दौड़ी जाती है। क्या परमेश्वर आपको किसी के लिए निक्की या एब्बी बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है? परमेश्वर के द्वारा उकसाए जाने को तुरंत प्रतिक्रया दें और दौड़ को पूरी करने में किसी की सहायता करें। - पोह फैंग चिया

परमेश्वर जहाँ हमें ले जाना चाहता है वहाँ पहुँचने के लिए 
हमें एक-दूसरे की सहायता की आवश्यकता होती है।

हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। - गलातियों 6:1-2

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 4:9-12
Ecclesiastes 4:9 एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है।
Ecclesiastes 4:10 क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो।
Ecclesiastes 4:11 फिर यदि दो जन एक संग सोए तो वे गर्म रहेंगे, परन्तु कोई अकेला क्योंकर गर्म हो सकता है?
Ecclesiastes 4:12 यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका साम्हना कर सकेंगे। जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 4-6
  • 2 कुरिन्थियों 12



Thursday, September 19, 2019

रिक्त स्थान



      जब हम छोटे थे तो मैं और मेरा भाई अकसर घर में माँ द्वारा बनाए गए और हमें परोसे गए केक के भाग को लेकर बहस करते थे कि, “उसको मिला भाग मेरे भाग से अधिक है।” एक दिन पिताजी ने भौंहें चढ़ाकर हमारी इस लड़ाई को देखा, और मुस्कुराकर माँ को देखा, फिर अपनी प्लेट उठाकर माँ से कहा, “मुझे अपने हृदय के बराबर का भाग दो।” मेरे भाई और मैंने स्तब्ध होकर खामोशी से देखा कि माँ ने हँसते हुए सबसे बड़ा भाग उठाकर पिताजी को दे दिया।

      यदि हम औरों के भाग पर ध्यान लगाएंगे तो फिर ईर्ष्या उत्पन्न होगी। परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सांसारिक संपत्ति से कहीं अधिक मूल्यवान वस्तुओं पर आँखें लगाने को कहती है। भजनकार लिखता है, “यहोवा मेरा भाग है; मैं ने तेरे वचनों के अनुसार चलने का निश्चय किया है। मैं ने पूरे मन से तुझे मनाया है; इसलिये अपने वचन के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर” (भजन 119:57-58)। पवित्र आत्मा से प्रेरणा पाकर, लेखक ने इस सत्य को व्यक्त किया कि परमेश्वर की निकटता में होने से बढ़कर और कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है।

      हमारे प्रेमी और असीम सृजनहार से अधिक बेहतर हमारा और क्या भाग हो सकता है? पृथ्वी की कोई बात उसके तुल्य नहीं है, और उसे हम से अलग कुछ भी नहीं कर सकता है। मानवीय लालसाएँ कभी न भरने वाला रिक्त स्थान हैं; व्यक्ति के पास सँसार का सब कुछ हो सकता है, परन्तु वह फिर भी दुखित रह सकता है। परन्तु जब परमेश्वर हमारे आनन्द का स्त्रोत है, तब हम वास्तव में संतुष्ट रहते हैं।

      हमारे अन्दर एक ऐसा रिक्त स्थान है जिसे केवल परमेश्वर ही भर सकता है; केवल वही हमें वह शान्ति दे सकता है जो हमारे हृदय के रिक्त स्थान को भर सके। - जेम्स बैंक्स

जब हम उसके हैं, तो वह सदा काल के लिए हमारा है। 
हे प्रभु आपने हमें अपने लिए बनाया है।
हमारे हृदय अशांत रहते हैं जब तक आप में शान्ति न पाएँ। - ऑगस्टिन ऑफ हिप्पो

यहोवा मेरा भाग और मेरे कटोरे का हिस्सा है; मेरे बाट को तू स्थिर रखता है। - भजन  16:5

बाइबल पाठ: भजन 73:21-28
Psalms 73:21 मेरा मन तो चिड़चिड़ा हो गया, मेरा अन्त:करण छिद गया था,
Psalms 73:22 मैं तो पशु सरीखा था, और समझता न था, मैं तेरे संग रह कर भी, पशु बन गया था।
Psalms 73:23 तौभी मैं निरन्तर तेरे संग ही था; तू ने मेरे दाहिने हाथ को पकड़ रखा।
Psalms 73:24 तू सम्मति देता हुआ, मेरी अगुवाई करेगा, और तब मेरी महिमा कर के मुझ को अपने पास रखेगा।
Psalms 73:25 स्वर्ग में मेरा और कौन है? तेरे संग रहते हुए मैं पृथ्वी पर और कुछ नहीं चाहता।
Psalms 73:26 मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं, परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग और मेरे हृदय की चट्टान बना है।
Psalms 73:27 जो तुझ से दूर रहते हैं वे तो नाश होंगे; जो कोई तेरे विरुद्ध व्यभिचार करता है, उसको तू विनाश करता है।
Psalms 73:28 परन्तु परमेश्वर के समीप रहना, यही मेरे लिये भला है; मैं ने प्रभु यहोवा को अपना शरणस्थान माना है, जिस से मैं तेरे सब कामों का वर्णन करूं।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 1-3
  • 2 कुरिन्थियों 11:16-33



Wednesday, September 18, 2019

संचालन



      विश्व-विख्यात वायलिन वादक जोशुआ बेल एक विख्यात चवालीस सदस्यों के ऑर्केस्ट्रा के संचालक भी हैं। इस ऑर्केस्ट्रा का संचालन वह अन्य संचालकों के समान, सामने खड़े होकर तथा अपनी छड़ी की हरकतों से नहीं करते हैं, वरन उनकी संचालन विधि बहुत अनूठी है। वे यह संचालन अन्य वायलिन वादकों के साथ अपने वायलिन को बजाते हुए करते हैं। बेल ने बताया कि “वायलिन बजाते हुए भी मैं ऑर्केस्ट्रा के अन्य सदस्यों को हर प्रकार के संकेत और निर्देशन प्रदान कर सकता हूँ, जो कि, मैं समझता हूँ कि केवल वे ही समझ सकते हैं। वे मेरे वायलिन के प्रत्येक हलके से भी झुकाए जाने, मेरी भौंहों के हरकतों, या वायलिन बजाने के लिए उसपर चलने वाले धनुष को चलाने, सभी ऐसी हरकतों और बातों को समझते हैं, और पहचानते हैं कि मैं संपूर्ण ऑर्केस्ट्रा से क्या ध्वनि सुनना चाहता हूँ।”

      जिस प्रकार ऑर्केस्ट्रा के सदस्य संगीत प्रस्तुत करने के लिए बेल को देखते हैं, परमेश्वर का वचन बाइबल भी हमें निर्देश देती है कि अपने जीवनों के सही संचालन के लिए हम प्रभु यीशु मसीह की ओर देखते रहें। इब्रानियों के अध्याय 11 में विश्वास के अनेकों नायकों की सूचि प्रदान करने के पश्चात, अध्याय 12 के आरंभ में इब्रानियों का लेखक कहता है, “इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें” (इब्रानियों 12:1-2)।

      प्रभु यीशु ने अपने सभी अनुयायियों से वायदा किया है कि वे सदा हमारे साथ हैं (मत्ती 28:20)। क्योंकि हमारा प्रभु सदा हमारे साथ बना रहता है, इसलिए हमें यह अद्भुत सौभाग्य है कि हम अपनी दृष्टि उस पर लगाए रह सकते हैं, और वह हमारे जीवनों का संचालन करता रह सकता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड

हम अपनी आँखें हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु पर लगाए रखें, 
और वह हमारे जीवनों का निर्देशन तथा संचालन करता रहेगा।

और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:20

बाइबल पाठ: इब्रानियों 12:1-3
Hebrews 12:1 इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।
Hebrews 12:2 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।
Hebrews 12:3 इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 30-31
  • 2 कुरिन्थियों 11:1-15



Tuesday, September 17, 2019

परिवर्तन



      मैं मेरी से प्रति मंगलवार मिलती थी, जब मैं “द हाउस” जाया करती थी; जो ऐसा स्थान था जहाँ पूर्व कैदियों की समाज से फिर से जुड़ने में सहायता की जाती थी। मेरा जीवन मेरी के जीवन से भिन्न दिखाई देता था। वह हाल ही में जेल से निकल कर आई थी, नशे की लत से जूझ रही थी, अपने बेटे से अलग थी। आप कह सकते हैं कि वह समाज से बाहर होने का जीवन जी रही थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम मेरी के समान एक व्यक्ति, उनेसिमुस, को पाते हैं जिसने संभवतः अपने मसीही स्वामी, फिलेमोन, की कुछ हानि की थी और जेल में डाला गया था। जेल में उसकी मुलाक़ात पौलुस से हुई और उनेसिमुस भी मसीही विश्वासी हो गया (पद 10)। यद्यपि उनेसुमुस में अब मसीही विश्वास में आने के पश्चात परिवर्तन आ गया था, किन्तु वह अभी भी दास था। पौलुस ने उसे उसके स्वामी फिलेमोन के पास वापस भेजा, और साथ में एक पत्र भी भेजा, जिसमें पौलुस ने फिलेमोन से निवेदन किया कि वह उनेसिमुस के साथ “अब से दास के समान नहीं, वरन दास से भी उत्तम, अर्थात भाई के समान रहे” (फिलेमोन 1:16)।

      अब फिलेमोन को एक चुनाव करना था; वह उनेसिमुस से दास के समान बर्ताव करता रह सकता था, या मसीह में विश्वासी भाई के समान उसका स्वागत कर सकता था। मेरे सामने भी मेरी को लेकर ऐसा ही चुनाव था; मैं मेरी को एक पूर्व कैदी और नशे की लत से जूझती हुई एक स्त्री के रूप में देख सकती थी, या फिर एक ऐसी स्त्री के रूप में जिसके जीवन में मसीह यीशु की सामर्थ्य से परिवर्तन आया था। मेरी, प्रभु यीशु में विश्वास के द्वारा, अब मेरी विश्वासी बहन थी, और हम दोनों को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ था कि मसीही विश्वास के अपने जीवनों में एक-दूसरे के तथा प्रभु के साथ चल सकें।

      बहुत सरल होता है कि सामाजिक और आर्थिक स्तर, वर्ग, या साँस्कृतिक भिन्नताओं के द्वारा परस्पर एक-दूसरे से पृथक होकर रहें। परन्तु प्रभु यीशु मसीह का सुसमाचार इन पृथक करने वाली दीवारों को ढा देता है, हमारे जीवनों और संबंधों में सदा के लिए परिवर्तन ले आता है। - कैरेन वुल्फ

प्रभु यीशु का सुसमाचार जीवनों में परिवर्तन लाता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: फिलेमोन 1:8-16
Philemon 1:8 इसलिये यद्यपि मुझे मसीह में बड़ा हियाव तो है, कि जो बात ठीक है, उस की आज्ञा तुझे दूं।
Philemon 1:9 तौभी मुझ बूढ़े पौलुस को जो अब मसीह यीशु के लिये कैदी हूं, यह और भी भला जान पड़ा कि प्रेम से बिनती करूं।
Philemon 1:10 मैं अपने बच्‍चे उनेसिमुस के लिये जो मुझ से मेरी कैद में जन्मा है तुझ से बिनती करता हूं।
Philemon 1:11 वह तो पहिले तेरे कुछ काम का न था, पर अब तेरे और मेरे दोनों के बड़े काम का है।
Philemon 1:12 उसी को अर्थात जो मेरे हृदय का टुकड़ा है, मैं ने उसे तेरे पास लौटा दिया है।
Philemon 1:13 उसे मैं अपने ही पास रखना चाहता था कि तेरी ओर से इस कैद में जो सुसमाचार के कारण है, मेरी सेवा करे।
Philemon 1:14 पर मैं ने तेरी इच्छा बिना कुछ भी करना न चाहा कि तेरी यह कृपा दबाव से नहीं पर आनन्द से हो।
Philemon 1:15 क्योंकि क्या जाने वह तुझ से कुछ दिन तक के लिये इसी कारण अलग हुआ कि सदैव तेरे निकट रहे।
Philemon 1:16 परन्तु अब से दास के समान नहीं, वरन दास से भी उत्तम, अर्थात भाई के समान रहे जो शरीर में भी और विशेष कर प्रभु में भी मेरा प्रिय हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 27-29
  • 2 कुरिन्थियों 10



Monday, September 16, 2019

क्रोध प्रबंधन



      मैं अपनी एक सहेली के साथ भोजन कर रही थी, तो उसने बताया कि वह अपने परिवार के एक सदस्य से कितनी खिसिया चुकी थी। परन्तु वह उस सदस्य से कुछ भी कहने से हिचकिचाती थी। मेरी सहेली को उस सदस्य द्वारा लगातार उसकी उपेक्षा करते रहना या उसका मजाक उड़ाते रहना कतई पसन्द नहीं था, परन्तु फिर भी वह ऐसा करता ही रहता था, मेरी सहेली को क्रोध दिलाता रहता था। अनतः जब उसने उस सदस्य से इस समस्या के विषय बात-चीत करनी चाही, तो उस सदस्य ने निन्दापूर्ण आलोचना करने के द्वारा प्रत्युत्तर दिया। इससे मेरी सहेली भड़क उठी और उसपर बहुत क्रुद्ध हुई। परिणामस्वरूप दोनों ही व्यक्तियों ने अपने-अपने रुख और कठोर कर लिए तथा परिवार के मध्य की फूट और बढ़ गई।

      मैं उसके साथ सहानुभूति रखती हूँ, उसकी परिस्थिति को समझ सकती हूँ, क्योंकि मैं भी व्यवहार में उसके समान ही हूँ। मुझे भी लोगों का उनकी गलत बातों के लिए सामना करने में बहुत कठिनाई होती है। यदि कोई परिवार का सदस्य या कोई मित्र आकर कुछ बुरा बोलता अथवा करता है, तो अकसर मैं उसे अपना प्रत्युत्तर देने की भावनाओं को दबाए रखती हूँ; और तब तक दबाए रखती हूँ जब तक कि वही व्यक्ति या कोई और आकर कुछ और अनुचित कह या कर नहीं देता है। मेरे सहने की शक्ति के परे बात जाते ही मैं भी फट पड़ती हूँ।

      संभवतः इसीलिए, परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा कि “क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे” (इफिसियों 4:26)। अनसुलझी बातों को सुलझाने के लिए एक समय सीमा निर्धारित करने से क्रोध नियंत्रण में रहता है। किसी गलती का पात्र बनने पर उसे लेकर बुड़बुड़ाते और खिसियाते रहने से कडुवाहट ही उत्पन्न होती है। ऐसा करने की बजाए हमें उस बात को लेकर परमेश्वर के पास जाना चाहिए, और परमेश्वर की सहायता से “प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं” (इफिसियों 4:15)।

      क्या आज किसी व्यक्ति को लेकर आप किसी समस्या में पड़े हुए हैं? उसे अपने अन्दर दबाए रखने के स्थान पर, उस समस्या को परमेश्वर के सम्मुख खोल दें। परमेश्वर आपके क्रोध और रोष की अग्नि को अपने प्रेम और क्षमा से बुझा सकता है। - लिंडा वॉशिंगटन

क्रोध की अग्नि को बेकाबू हो जाने से पहले ही बुझा दें।

बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। - रोमियों 12:17-19

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:15, 26-32
Ephesians 4:15 वरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं।
Ephesians 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
Ephesians 4:27 और न शैतान को अवसर दो।
Ephesians 4:28 चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो।
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो।
Ephesians 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।
Ephesians 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए।
Ephesians 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-26
  • 2 कुरिन्थियों 9



Sunday, September 15, 2019

परिवार



      मैं मध्य-पूर्व के इलाके में थी, और मुझे एक मोबाइल फोन खरीदने की आवश्यकता पड़ी। फोन के विक्रेता ने मुझ से कुछ विशष्ट प्रश्न पूछे – मेरा नाम, मेरी राष्ट्रीयता, मेरा पता। फिर फ़ार्म के भरते समय उसने मुझ से मेरे पिता का नाम पूछा, जिससे मैं चकित हुई, और सोचने लगी कि मेरे पिता के नाम की जानकारी भरने का मेरी संस्कृति में कोई विशेष महत्व नहीं है, परन्तु यहाँ पर, मेरी पहचान को स्थापित करने के लिए वह अनिवार्य था। कुछ संस्कृतियों में वंशावली का बहुत महत्व होता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि इस्राएलियों के लिए भी वंशावली का बहुत महत्व था। उन्हें इस बात का घमण्ड था कि वे कुल-पिता अब्राहम की संतान थे, और उन्हें लगता था कि अब्राहम का वंशज होने के नाते वे परमेश्वर की सन्तान भी ठहरते थे। उनकी समझ के अनुसार, उनकी मानवीय वंशावली, उन्हें परमेश्वर के आत्मिक परिवार से जोड़ देती थी।

      जब प्रभु यीशु मसीह पृथ्वी पर आए और यहूदियों के साथ रहते और संवाद करते थे, तो प्रभु यीशु ने उन यहूदियों को बताया कि उनकी यह धारणा गलत है। वे यहूदी यह तो कह सकते थे कि अब्राहम उनका सांसारिक मूल-पिता है; परन्तु यदि वे प्रभु यीशु पर विश्वास नहीं करते, जिन्हें परमेश्वर पिता ने पृथ्वी पर भेजा था, तो फिर वे लोग परमेश्वर के परिवार के सदस्य नहीं हो सकते थे।

      यही बात आज भी वैसे ही लागू होती है। हम अपने सांसारिक परिवार और माता-पिता को तो नहीं चुन सकते हैं, परन्तु हम यह निर्णय अवश्य ले सकते हैं कि हम किस आत्मिक परिवार के सदस्य बनेंगे। यदि हम प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाएंगे तो परमेश्वर हमें अपनी सन्तान होने का अधिकार देता है (यूहन्ना 1:12)।

      आज आप अपने आत्मिक पिता और परिवार के बारे में क्या कह सकते हैं – वे कौन हैं? क्या आपने प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया है? यदि नहीं तो अपने पापों की क्षमा और परमेश्वर के परिवार का सदस्य बनने के लिए आज ही प्रभु यीशु पर विश्वास करें। - कीला ओकोआ

परमेश्वर प्रभु यीशु के विश्वासियों का अनन्त-काल के लिए आत्मिक पिता है।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:39-47
John 8:39 उन्होंने उन को उत्तर दिया, कि हमारा पिता तो इब्राहीम है: यीशु ने उन से कहा; यदि तुम इब्राहीम के सन्तान होते, तो इब्राहीम के समान काम करते।
John 8:40 परन्तु अब तुम मुझ ऐसे मनुष्य को मार डालना चाहते हो, जिसने तुम्हें वह सत्य वचन बताया जो परमेश्वर से सुना, यह तो इब्राहीम ने नहीं किया था।
John 8:41 तुम अपने पिता के समान काम करते हो: उन्होंने उस से कहा, हम व्यभिचार से नहीं जन्मे; हमारा एक पिता है अर्थात परमेश्वर।
John 8:42 यीशु ने उन से कहा; यदि परमेश्वर तुम्हारा पिता होता, तो तुम मुझ से प्रेम रखते; क्योंकि मैं परमेश्वर में से निकल कर आया हूं; मैं आप से नहीं आया, परन्तु उसी ने मुझे भेजा।
John 8:43 तुम मेरी बात क्यों नहीं समझते? इसलिये कि मेरा वचन सुन नहीं सकते।
John 8:44 तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्‍वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है।
John 8:45 परन्तु मैं जो सच बोलता हूं, इसीलिये तुम मेरी प्रतीति नहीं करते।
John 8:46 तुम में से कौन मुझे पापी ठहराता है? और यदि मैं सच बोलता हूं, तो तुम मेरी प्रतीति क्यों नहीं करते?
John 8:47 जो परमेश्वर से होता है, वह परमेश्वर की बातें सुनता है; और तुम इसलिये नहीं सुनते कि परमेश्वर की ओर से नहीं हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 22-24
  • 2 कुरिन्थियों 8