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रविवार, 15 सितंबर 2013

सहायक

   एक दिन मैंने अपने छोटे बेटे को, जिसने अभी स्कूल जाना भी आरंभ नहीं किया था, एक वज़नदार वस्तु उठाने का प्रयास करते देखा। उसकी आंखों में दृढ़ता थी, ज़ोर लगाने से उसके चेहरा तमतमाया हुआ सुर्ख हो गया था और वह वस्तु उससे हिल भी नहीं पार ही थी, लेकिन वह अपना भरपूर ज़ोर लगाकर उसे उठाने के प्रयास में हुआ था। मैंने उसकी सहायता करने की पेशकश करी और हम दोनों ने मिलकर उसे उठा लिया। मेरे लिए उस वस्तु का वज़न कुछ खास नहीं था; जो उसके लिए बहुत भारी और कठिन कार्य था वह मेरे लिए हलका और सरल था।

   प्रभु यीशु का भी यही दृष्टिकोण हमें कठिन लगने वाले कार्यों के प्रति होता है। जो जीवन हमें कठिनाईयों, परेशानियों, असंभवताओं से भरा लगता है वह प्रभु यीशु के लिए कोई कठिनाई, परेशानी या असंभवतापूर्ण नहीं है। इसीलिए उसने हम सब को यह निमंत्रण दिया है: "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)।

   क्या आप एक के बाद एक आ रही समस्याओं से परेशान हैं? क्या तनाव और चिंता ने आपको दबा रखा है? क्या इन बातों से निकलने और उभरने का कोई मार्ग आपको सूझ नहीं पड़ रहा है? ध्यान करिए, प्रभु यीशु का निमंत्रण आपके लिए भी है; उसके द्वारा मिलने वाले हल आपकी हर समस्या का वास्तविक और सर्वोत्तम हल हैं। प्रार्थना में उसके सम्मुख आकर उस पर विश्वास के साथ अपनी समस्या उसके सामर्थी हाथों में सौंप दीजिए; वह हर बात को संभालने में सक्षम है (भजन 55:22)। उससे आग्रह करें कि वह हर बात में आपका मार्गदर्शन और सहायता करे। आपके बोझों को बाँटकर वह आपके मन को विश्राम देगा। उसके मार्गों को अपना लें क्योंकि उसका जुआ सहज और उसका बोझ हलका है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रार्थना वह स्थान है जहाँ बोझ उतारे जाते हैं।

अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे।
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 22-24 
  • 2 कुरिन्थियों 8



शनिवार, 14 सितंबर 2013

चुनने को स्वतंत्र

   जब यह ज्ञात हुआ कि 2011 की कॉलेज की सबसे बड़ा फुटबॉल स्पर्धा जिस दिन होनी तय करी गई थी वह यहूदी धर्म मानने वाले लोगों के सबसे महत्वपूर्ण दिन योम किप्पूर दिवस वाले दिन थी तो टेक्सस विश्वविद्यालय के छात्र संघ ने अधिकारियों से प्रार्थना करी कि वे दिन को बदल दें, क्योंकि यह यहूदी छात्रों के प्रति अन्यायपूर्ण होता कि वे अपने धर्म के पालन के लिए योम किप्पूर को मनाएं या फुटबॉल खेल के प्रति अपने लगाव के अन्तर्गत उस स्पर्धा को देखें। लेकिन स्पर्धा की तिथि बदली नहीं गई, अब यह उन यहूदी छात्रों पर था कि वे किस को चुनेंगे और किस को छोड़ेंगे। धार्मिक स्वतंत्रता वाले देशों में भी धर्म में आस्था रखने वालों को कठिन चुनाव करने होते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक, दानिय्येल को भी ऐसे ही चुनाव करने पड़े थे, परन्तु उसने हर परिस्थिति और परेशानी का सामना करते हुए भी परमेश्वर की आज्ञाकारिता और आदर को सर्वोपरि बनाए रखा। जब दानिय्येल के राजनैतिक विरोधियों ने उसकी धार्मिकता पर आधारित षड़यंत्र रचकर उसे मरवा देने के लिए राजा से सर्वथा अनुचित कानून बनवा कर लागू करवा दिया, तो दानिय्येल ने ना तो उस कानून को चुनौती दी और ना ही शिकायत करी कि उसे फंसाया जा रहा है। सब जानते और समझते हुए भी, "जब दानिय्येल को मालूम हुआ कि उस पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेक कर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा" (दानिय्येल 6:10)।

   दानिय्येल यह तो जानता था कि षड़यंत्र के अन्तर्गत जारी करी गई राज आज्ञा की अवहेलना का परिणाम था शेरों के सामने फेंके जाकर मृत्युदण्ड पाना। वह यह नहीं जानता था कि परमेश्वर उसे इस दण्ड से बचाएगा कि नहीं; किंतु उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। उसके जीवन का ध्येय था अपने जीवन से परमेश्वर को आदर देना, चाहे इसके लिए उसे कुछ भी क्यों ना सहना पड़े, और जीवन-मृत्यु की इस परिस्थिति में भी उसने परमेश्वर की आज्ञाकारिता और आदर को ही चुना और अन्ततः वह मृत्यु से भी बच गया, उसके सभी राजनैतिक विरोधी राज आज्ञा द्वारा ही घात करवा दिए गए और वह राजा के सम्मुख और अधिक आदर का पात्र भी बन गया।

   दानिय्येल के समान ही हम भी जीवन की भिन्न परिस्थितियों में सही या गलत में से एक चुनने को स्वतंत्र हैं। जो परमेश्वर को चुनते हैं वे कभी हानि में नहीं रहते, इसलिए सांसारिक रीति पर परिस्थिति कितनी भी विकट एवं दुखदायी क्यों ना लगे, अपना चुनाव सांसारिक नहीं परमेश्वरीय ही रखें। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु के अनुसरण का चुनाव करने से आप कभी गलत नहीं हो सकते।

परमेश्वर का नाम युगानुयुग धन्य है; क्योंकि बुद्धि और पराक्रम उसी के हैं। समयों और ऋतुओं को वही पलटता है; राजाओं का अस्त और उदय भी वही करता है; बुद्धिमानों को बुद्धि और समझ वालों को समझ भी वही देता है; वही गूढ़ और गुप्त बातों को प्रगट करता है; वह जानता है कि अन्धियारे में क्या है, और उसके संग सदा प्रकाश बना रहता है। - दानिय्येल 2:20-22

बाइबल पाठ: दानिय्येल 6:1-10
Daniel 6:1 दारा को यह अच्छा लगा कि अपने राज्य के ऊपर एक सौ बीस ऐसे अधिपति ठहराए, जो पूरे राज्य में अधिकार रखें।
Daniel 6:2 और उनके ऊपर उसने तीन अध्यक्ष, जिन में से दानिय्येल एक था, इसलिये ठहराए, कि वे उन अधिपतियों से लेखा लिया करें, और इस रीति राजा की कुछ हानि न होने पाए।
Daniel 6:3 जब यह देखा गया कि दानिय्येल में उत्तम आत्मा रहती है, तब उसको उन अध्यक्षों और अधिपतियों से अधिक प्रतिष्ठा मिली; वरन राजा यह भी सोचता था कि उसको सारे राज्य के ऊपर ठहराए।
Daniel 6:4 तब अध्यक्ष और अधिपति राजकार्य के विषय में दानिय्येल के विरुद्ध दोष ढूंढ़ने लगे; परन्तु वह विश्वासयोग्य था, और उसके काम में कोई भूल वा दोष न निकला, और वे ऐसा कोई अपराध वा दोष न पा सके।
Daniel 6:5 तब वे लोग कहने लगे, हम उस दानिय्येल के परमेश्वर की व्यवस्था को छोड़ और किसी विषय में उसके विरुद्ध कोई दोष न पा सकेंगे।
Daniel 6:6 तब वे अध्यक्ष और अधिपति राजा के पास उतावली से आए, और उस से कहा, हे राजा दारा, तू युगयुग जीवित रहे।
Daniel 6:7 राज्य के सारे अध्यक्षों ने, और हाकिमों, अधिपतियों, न्यायियों, और गवर्नरों ने भी आपास में सम्मति की है, कि राजा ऐसी आज्ञा दे और ऐसी कड़ी आज्ञा निकाले, कि तीस दिन तक जो कोई, हे राजा, तुझे छोड़ किसी और मनुष्य वा देवता से बिनती करे, वह सिंहों की मान्द में डाल दिया जाए।
Daniel 6:8 इसलिये अब हे राजा, ऐसी आज्ञा दे, और इस पत्र पर हस्ताक्षर कर, जिस से यह बात मादियों और फारसियों की अटल व्यवस्था के अनुसार अदल-बदल न हो सके।
Daniel 6:9 तब दारा राजा ने उस आज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर कर दिया।
Daniel 6:10 जब दानिय्येल को मालूम हुआ कि उस पत्र पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेक कर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 19-21 
  • 2 कुरिन्थियों 7


शुक्रवार, 13 सितंबर 2013

विस्मरण

   चीन की पारंपरिक लिखित भाषा वर्ण नहीं वरन चित्रों पर आधारित है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चीन की युवा पीढ़ी उस भाषा के लेखन कला को भूलती जा रही है। यह इसलिए क्योंकि कंप्यूटर और स्मार्ट फोन के अत्याधिक प्रचलन और उपयोग के कारण चीनी युवा उन चित्रों को भूलते जा रहे हैं जिन्हें उन्होंने बचपन में सीखा तो था परन्तु अब उन्हें लिखना नहीं पड़ता। एक व्यक्ति ने कहा कि अब अपने हाथ से लोगों को केवल अपने नाम या रहने के पते ही भरने होते हैं अन्य कुछ नहीं, इसलिए अब चित्रों पर आधारित भाषा के लेखन कला का विस्मरण सामान्य सा हो गया है।

   कुछ लोग एक अन्य प्रकार के विस्मरण के शिकार हो जाते हैं - उन में चित्रों का नहीं वरन चरित्र का विस्मरण पाया जाता है। उनका जब कभी किसी दुविधा से सामना होता है, वे यह "भुला कर" कि उस परिस्थिति में करने के लिए सही क्या है, वह करना पसन्द करते हैं जो सरल है, चाहे वह गलत ही क्यों ना हो।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक चरित्र है अय्युब, जिसके विषय में स्वयं परमेश्वर की गवाही थी कि "...उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय मानने वाला और बुराई से दूर रहने वाला मनुष्य और कोई नहीं है" (अय्युब 1:8)। जब शैतान ने अय्युब के चरित्र पर शक किया और उसे परखना चाहा तो परमेश्वर ने अय्युब के परखे जाने की अनुमति दे दी और शैतान ने एक एक करके अय्युब का सब कुछ छीन लिया - उसके बच्चे, उसकी संपत्ति और उसका स्वास्थ्य भी। किंतु "इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया" (अय्युब 1:22)। शैतान ने अय्युब के चरित्र के विषय परमेश्वर के आंकलन को चुनौती दी थी, परन्तु इन अत्यंत पीड़ा और परेशानियों से भरे समयों में भी अय्युब ने अपने चरित्र में कोई खोट नहीं आने दी, और शैतान का दावा गलत प्रमाणित हो गया।

   चरित्र विस्मरण नहीं हो सकता क्योंकि, वह कोई विस्मरण की वस्तु नहीं है; हमारा चरित्र वही है जो हम हैं। यदि कोई चरित्र "भूल" जाता है तो वह गलती से नहीं वरन जानते-बूझते किया गया कार्य है। - सिंडी हैस्स कैस्पर


संपत्ति गँवाई तो कुछ गँवाया; स्वास्थ्य गँवाया तो काफी कुछ गँवाया; चरित्र गँवाया तो सब कुछ गँवा दिया।

ऊज़ देश में अय्यूब नाम एक पुरुष था; वह खरा और सीधा था और परमेश्वर का भय मानता और बुराई से परे रहता था। - अय्युब 1:1 

बाइबल पाठ: अय्युब 1:9-22
Job 1:9 शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, क्या अय्यूब परमेश्वर का भय बिना लाभ के मानता है?
Job 1:10 क्या तू ने उसकी, और उसके घर की, और जो कुछ उसका है उसके चारों ओर बाड़ा नहीं बान्धा? तू ने तो उसके काम पर आशीष दी है,
Job 1:11 और उसकी संपत्ति देश भर में फैल गई है। परन्तु अब अपना हाथ बढ़ाकर जो कुछ उसका है, उसे छू; तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा।
Job 1:12 यहोवा ने शैतान से कहा, सुन, जो कुछ उसका है, वह सब तेरे हाथ में है; केवल उसके शरीर पर हाथ न लगाना। तब शैतान यहोवा के साम्हने से चला गया।
Job 1:13 एक दिन अय्यूब के बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे;
Job 1:14 तब एक दूत अय्यूब के पास आकर कहने लगा, हम तो बैलों से हल जोत रहे थे, और गदहियां उनके पास चर रही थीं,
Job 1:15 कि शबा के लोग धावा कर के उन को ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:16 वह अभी यह कह ही रहा था कि दूसरा भी आकर कहने लगा, कि परमेश्वर की आग आकाश से गिरी और उस से भेड़-बकरियां और सेवक जलकर भस्म हो गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:17 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, कि कसदी लोग तीन गोल बान्धकर ऊंटों पर धावा कर के उन्हें ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:18 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, तेरे बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे,
Job 1:19 कि जंगल की ओर से बड़ी प्रचण्ड वायु चली, और घर के चारों कोनों को ऐसा झोंका मारा, कि वह जवानों पर गिर पड़ा और वे मर गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:20 तब अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दण्डवत्‌ कर के कहा,
Job 1:21 मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।
Job 1:22 इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 16-18 
  • 2 कुरिन्थियों 6


गुरुवार, 12 सितंबर 2013

धन्य निश्चय

   मैं एक सज्जन से बात कर रहा था, हाल ही में उसकी पत्नि का देहान्त हुआ था। उस सज्जन ने मेरे साथ एक आप-बीति बाँटी - उसकी पत्नि के देहान्त के बारे में जानने के बाद उसके एक मित्र ने उससे कहा, "मुझे शोक है कि आपने अपनी पत्नि खो दी है"; और उसने अपने उस मित्र को तुरंत उत्तर दिया, "अरे नहीं, मेरी पत्नि खोई नहीं है, मुझे निश्चित पता है कि वह अब कहाँ है!"

   कुछ लोगों को यह एक बहुत बेबाक अथवा परिहास पूर्ण दावा लग सकता है। मृत्योपरांत होने वाली बातों के अनेकों दावे मौजूद होने के कारण, हम यह कैसे जान सकते हैं कि कौन सा दावा सही है और विश्वासयोग्य है? हम यह कैसे जान सकते हैं कि मृत्योपरांत हमारे प्रीय जन कहाँ गए हैं और हम भी उस दशा में कहाँ जाएंगे?

   लेकिन मसीही विश्वासियों के लिए मसीही दावों पर विश्वास रखना सर्वथा उपयुक्त है क्योंकि हमें परमेश्वर के वचन से यह आश्वासन है कि मृत्यु के तुरंत बाद हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के पास उसके साथ होंगे (2 कुरिन्थियों 5:8); और यह मात्र अभिलाषी विचार नहीं है। यह विश्वास प्रभु यीशु की एतिहासिक सच्चाई पर आधारित है। उस प्रभु यीशु की जो संसार में आया, समस्त मानव जाति के पापों के लिए अपने आप को बलिदान किया, जिससे हमारे पापों का दोष और दण्ड रद्द हो सके तथा हम अनन्त जीवन प्राप्त कर सकें (रोमियों 6:23)। अपनी मृत्योपरांत उसने मृतकों से वापस आकर मृतकों के पुनरुत्थान को प्रमाणित किया और अपने स्वार्गारोहण द्वारा स्वर्ग में अनन्तजीवन का विश्वास बंधाया, जहाँ वह हमारे लिए स्थान तैयार कर रहा है और हमें ले जाने तथा अपने साथ रखने के लिए एक दिन फिर वापस आएगा (यूहन्ना 14:2)।

   इसलिए आनन्दित रहो, क्योंकि प्रभु यीशु मसीह के दावों की सच्चाई के लाभ अलौकिक हैं, इसलिए हम भी पौलुस के साथ निर्भीक हो कर कह सकते हैं, "इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं" (2 कुरिन्थियों 5:8)। - जो स्टोवैल


मसीही विश्वासी के लिए मृत्यु का अर्थ है स्वर्ग, आनन्द और अनन्त काल तक मसीह यीशु का साथ।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:1-10
2 Corinthians 5:1 क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है।
2 Corinthians 5:2 इस में तो हम कराहते, और बड़ी लालसा रखते हैं; कि अपने स्‍वर्गीय घर को पहिन लें।
2 Corinthians 5:3 कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं।
2 Corinthians 5:4 और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
2 Corinthians 5:5 और जिसने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिसने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है।
2 Corinthians 5:6 सो हम सदा ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं और यह जानते हैं; कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं।
2 Corinthians 5:7 क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं।
2 Corinthians 5:8 इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।
2 Corinthians 5:9 इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें।
2 Corinthians 5:10 क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उसने देह के द्वारा किए हों पाए।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 13-15 
  • 2 कुरिन्थियों 5



बुधवार, 11 सितंबर 2013

करुणा

   आज का दिन, सितंबर 11, 2001, अमेरिका के न्यू-यॉर्क शहर में हुए आतंकी हमले की 12वीं वर्षगाँठ का दिन है। इस तिथि के उस दिन को उन दुखदायी यादों से अलग कर के स्मरण करना बहुत कठिन है। उस त्रासदी, विनाश और जान-माल की हानि से केवल अमेरिका पर नहीं वरन सारे विश्व पर प्रभाव आया। उस समय, इस समाचार को देखने सुनने से, हज़ारों बेगुनाह लोगों की मृत्यु के शोक के साथ राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्तर पर असुरक्षा की भावना सब जगह व्याप्त थी। जब कभी उस दिन को स्मरण किया जाएगा, तो साथ ही उस दिन के साथ जुड़ी शोक और हानि की व्यक्तिगत तथा सामूहिक भावना को भी स्मरण किया जाएगा।

   लेकिन उस दिन से जुड़े दुख का कारण उस भयानक दिन की वे भयंकर घटनाएं मात्र ही नहीं हैं। मेरे परिवार के लिए एक और दुखदायी घटना उस दिन के साथ जुड़ी है - मेरे ससुर जिम का देहांत भी उसी दिन हुआ। जिम की कमी हम परिवार जनों और जिम के मित्रों को अभी भी बहुत खलती है।

   हम चाहे कैसे भी दुख से होकर क्यों ना निकल रहे हों, हम मसीही विश्वासियों के लिए एक बहुत कारगर दिलासा उपलब्ध है - परमेश्वर की करुणा। दाऊद ने भी अपने घोर दुख में अपने स्वर्गीय पिता को पुकारा: "हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं" (भजन 31:9)। परमेश्वर की करुणा ही हमारे दुख में दिलासा और शान्ति का आधार है, और उसी के द्वारा ही हमारे व्याकुल हृदय शान्ति पा सकते हैं। इस बात को हमने व्यक्तिगत रीति से अनुभव किया है क्योंकि जिम के जाने के बाद परमेश्वर की यही करुणा हमारी शान्ति और दिलासा का कारण रही है।

   हमारी प्रत्येक हानि और शोक में हम अपने सच्चे चरवाहे प्रभु यीशु की ओर मुड़ सकते हैं क्योंकि वह हमारे प्रति सच्ची करुणा रखता है और हमारे हर दुख और अशान्ति में हमें सान्तवना और शान्ति भी देता है। - बिल क्राउडर


जब परमेश्वर दुख आने देता है तो उनके योग्य सामर्थ और शान्ति भी प्रदान करता है।

हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। - भजन 31:9

बाइबल पाठ: भजन 31:9-15
Psalms 31:9 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं।
Psalms 31:10 मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, और मेरी हडि्डयां घुल गई।
Psalms 31:11 अपने सब विरोधियों के कारण मेरे पड़ोसियों में मेरी नामधराई हुई है, अपने जान पहिचान वालों के लिये डर का कारण हूं; जो मुझ को सड़क पर देखते है वह मुझ से दूर भाग जाते हैं।
Psalms 31:12 मैं मृतक की नाईं लोगों के मन से बिसर गया; मैं टूटे बर्तन के समान हो गया हूं।
Psalms 31:13 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्होंने मेरे विरुद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।
Psalms 31:14 परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है।
Psalms 31:15 मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 10-12 
  • 2 कुरिन्थियों 4



मंगलवार, 10 सितंबर 2013

पहुनाई

   सितंबर 11, 2001 को अमेरिका के न्यू-यॉर्क शहर में हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिकी हवाई क्षेत्र को सभी उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया और अमेरिका की ओर आ रही सभी उड़ानों को निर्देश दिए गए कि वे अपने निकटतम हवाई अड्डे पर उतर जाएं। अमेरिका की उत्तरी सीमा के निकट कैनाडा के न्यूफाउन्डलैंड प्रांत के एक छोटे से शहर गैन्डर में 40 वायुयान उतारे गए और उन वायुयानों से उतरने वाले हज़ारों यात्रियों के कारण गैन्डर की जनसंख्या अनेपक्षित रूप से थोड़े ही समय में लगभग दोगुनी हो गई। वे यात्री भयभीत थे, भविष्य के लिए अनिश्चित और चिंतित थे। गैन्डर के निवासियों ने अपने घर उन लोगों के लिए खोल दिए, अधिकारियों ने वहाँ के हाई-स्कूल, लॉज, चर्च, सामाजिक भवनों आदि सभी उपलब्ध स्थानों को उन यात्रियों के लिए रहने के स्थान बना दिया। वे सभी यात्री गैन्डर के लोगों के इस प्रेम, मित्रवता और उदारता से अभिभूत हो गए।

   जिस प्रेम को गैन्डर के लोगों ने प्रदर्शित किया वह परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों 13:2 के अनुसार है: "पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।" संभवतः इस पद का संकेत इस्त्राएल के प्राचीन पितामह अब्राहम की ओर है। अब्राहम ने एक समय यात्रा कर रहे तीन अनजान पुरुषों को अपने डेरे में आमंत्रित करके उनकी पहुनाई करी थी; वह उस समय निर्वंश था, और परमेश्वर से सन्तान की प्रार्थना में था। अब्राहम नहीं जानता था कि जिन पुरुषों को उसने आमंत्रित किया है उन तीन पुरुषों में से दो स्वर्गदूत और एक परमेश्वर स्वयं था, और वे उसे उसके आने वाले वंश के विषय में बताने आए थे (उत्पत्ति 18:1-16)। बाइबल शिक्षक और टीकाकार एफ. एफ. ब्रूस ने अब्राहम के संबंध में लिखा, "यहूदियों में अब्राहम अपने अद्भुत आतिथ्य के लिए उतना ही प्रसिद्ध है जितना अपने अन्य गुणों के लिए। अब्राहम के वंशज को भी अपने मूल पिता के समान ही अतिथि-सत्कार करने वाला होना चाहिए।"

   मसीही विश्वासियों के लिए परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को प्रदर्शित करने का एक मार्ग है भले कार्यों, पहुनाई और अनुकंपा जैसे सदगुणों को अपने दैनिक व्यावाहरिक जीवन में जी कर दिखाना। क्या आज आप इन सदगुणों को अपने जीवन में प्रदर्शित करने को तैयार हैं? - एनी सेटास


मसीही विश्वास का जीवन मसीह के प्रेम को अपने जीवन से दिखाता है।

वरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। जैसा तुम्हारा पिता दयावन्‍त है, वैसे ही तुम भी दयावन्‍त बनो। - लूका 6:35-36

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:1-6
Hebrews 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।
Hebrews 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।
Hebrews 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।
Hebrews 13:4 विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और बिछौना निष्‍कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों, और परस्त्रीगामियों का न्याय करेगा।
Hebrews 13:5 तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।
Hebrews 13:6 इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 8-9 
  • 2 कुरिन्थियों 3



सोमवार, 9 सितंबर 2013

क्या जानें कब?

   जब मैं बाइबल कॉलेज में थी तो गर्मियों के अवकाश में युवक युवतियों के ग्रीष्मकालीन शिक्षा शिविर का संचालन किया करती थी। उन शिविर के दिनों में, मैं प्रतिदिन का आरंभ एक कहानी से किया करती थी, जिसमें मैं प्रभु यीशु में पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को जताने का प्रयास करती थी। वहाँ मेरा एक सहायक भी था - हेनरी, जो मसीही विश्वास का कट्टर विरोधी था। सिवाए उसके लिए प्रार्थना करने और उससे प्रेम का व्यवहार करने के, मैं उसके अविश्वास के लिए और कुछ नहीं कर पाती थी। कुछ समय पश्चात, अपने अविश्वास में दृढ़, हेनरी नौकरी छोड़कर चला गया।

   एक बार, यह समझाने के लिए कि मसीही विश्वासी होना, मसीह यीशु में नया जन्म पाकर एक नयी सृष्टि होना है, मैंने उत्तरी अमेरिका के जंगलों में पाए जाने वाले, मूज़ नाम वाले हिरन प्रजाति के एक बड़े प्रकार तथा घोड़ों की कहानी सुनाई, जो कुछ इस प्रकार थी - एक मूज़ ने जंगली घोड़ों के झुँड को विचरण करते देखा और वे उसे बहुत शानदार लगे। मूज़ के मन में भी घोड़ा बनने की लालसा उठी, और वह भी उन घोड़ों के हाव-भाव की नकल करने लगा, लेकिन इससे वह घोड़ा कभी नहीं बन सका क्योंकि वह तो जन्म से मूज़ ही था। मूज़ के घोड़ा बनने की एक ही संभावना थी - घोड़ा पैदा होना। इस कहानी के आधार पर मैंने समझाया कि मसीह यीशु की कुछ बातों की नकल करने से नहीं वरन उसमें नया जन्म प्राप्त करने, अर्थात, उससे पापों की क्षमा मांगकर, अपना जीवन उसे समर्पित करके, उसके जीवन को अपना लेने से ही हम मसीह यीशु की समानता में आ सकते हैं। यही हमारे लिए पाप स्वभाव के बन्धन से निकल कर परमेश्वर के स्वभाव में नया जन्म लेना है।

   हेनरी ने भी वह कहानी सुनी थी, यह लगभग 50 वर्ष पहले की बात है। कुछ समय पहले मुझे हेनरी द्वारा लिखा हुआ एक पत्र मिला। पत्र का पहला ही वाक्य था, "मैंने यह बताने के लिए आपको पत्र लिखा है कि अब मैंने भी नया जन्म पा लिया है, मैं भी एक मसीही विश्वासी हो गया हूँ; अब एक मूज़ घोड़ा बन गया है।" हेनरी के पत्र ने मेरे इस विश्वास की पुष्टि करी कि हमारा कार्य है प्रार्थना करते रहना और परमेश्वर के वचन रूपी बीज को लोगों के जीवनों और हृदयों में बोते रहना है (मरकुस 4:26)। क्या जानें कब यह बीज अंकुरित होकर मसीही विश्वास के पौधे को जीवन में स्थापित कर दे और जीवन परिवर्तित हो जाए। - ऐनी सेटास


बीज बोना हमारा कार्य है, उस बीज से फसल उत्पन्न करना परमेश्वर का।

क्योंकि तुम ने नाशमान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहरने वाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है। - 1 पतरस 1:23 

बाइबल पाठ: मत्ती 13:3-8; 18-23
Matthew 13:3 और उसने उन से दृष्‍टान्‍तों में बहुत सी बातें कही, कि देखो, एक बोने वाला बीज बोने निकला।
Matthew 13:4 बोते समय कुछ बीज मार्ग के किनारे गिरे और पक्षियों ने आकर उन्हें चुग लिया।
Matthew 13:5 कुछ पत्थरीली भूमि पर गिरे, जहां उन्हें बहुत मिट्टी न मिली और गहरी मिट्टी न मिलने के कारण वे जल्द उग आए।
Matthew 13:6 पर सूरज निकलने पर वे जल गए, और जड़ न पकड़ने से सूख गए।
Matthew 13:7 कुछ झाड़ियों में गिरे, और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा डाला।
Matthew 13:8 पर कुछ अच्छी भूमि पर गिरे, और फल लाए, कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।
Matthew 13:9 जिस के कान हों वह सुन ले।
Matthew 13:18 सो तुम बोने वाले का दृष्‍टान्‍त सुनो।
Matthew 13:19 जो कोई राज्य का वचन सुनकर नहीं समझता, उसके मन में जो कुछ बोया गया था, उसे वह दुष्‍ट आकर छीन ले जाता है; यह वही है, जो मार्ग के किनारे बोया गया था।
Matthew 13:20 और जो पत्थरीली भूमि पर बोया गया, यह वह है, जो वचन सुनकर तुरन्त आनन्द के साथ मान लेता है।
Matthew 13:21 पर अपने में जड़ न रखने के कारण वह थोड़े ही दिन का है, और जब वचन के कारण क्‍लेश या उपद्रव होता है, तो तुरन्त ठोकर खाता है।
Matthew 13:22 जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्‍ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता।
Matthew 13:23 जो अच्छी भूमि में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनकर समझता है, और फल लाता है कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 6-7 
  • 2 कुरिन्थियों 2