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सोमवार, 28 सितंबर 2015

अयोग्य?


   बहुत वर्ष पहले की बात है कि विश्व-विख्यात सुसमाचार प्रचारक, बिली ग्राहम को इंग्लैंड के सुप्रसिद्ध कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवचन देना था, लेकिन वे उस विश्वविद्यालय के प्रतिभावान लोगों के सामने अपने आप को अयोग्य अनुभव कर रहे थे, क्योंकि उनके पास ना तो किसी प्रकार की उच्च शिक्षा की कोई उपाधि थी और ना ही उन्होंने किसी बाइबल कॉलेज से कोई डिग्री प्राप्त करी थी। बिली ने अपने एक निकट मित्र से कहा, "मुझे नहीं पता कि जीवन में इससे से अधिक अयोग्य और अवसर के लिए अतैयार मैंने कभी अनुभव किया है।" बिली ने परमेश्वर से सहायता की प्रार्थना करी, और परमेश्वर ने उन्हें सुसमाचार और प्रभु यीशु के क्रूस की सरल सच्चाई को उन प्रतिभावान लोगों के मध्य स्पष्टता से बताने के लिए बहुतायत से इस्तेमाल किया।

   जब परमेश्वर ने मूसा को मिस्त्र के राजा फिरौन के पास जाकर उससे परमेश्वर की प्रजा इस्त्राएल को मुक्त करने के लिए कहने के लिए चुना तो मूसा ने भी अपने आप को इस कार्य के लिए सर्वथा अयोग्य अनुभव किया: "तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं?" (निर्गमन 3:11)। तब परमेश्वर ने मूसा को आश्वस्त किया, "...निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा..." (निर्गमन 3:12)। यह जानकर कि उसे जाना ही होगा और परमेश्वर की बात को फिरौन तथा इस्त्राएलियों को बताना ही होगा, मूसा ने यह कहकर बचना चाहा, "जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पितरों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं?", तो परमेश्वर का उत्तर था, "...तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है" (निर्गमन 3:13-14)। परमेश्वर ने अपना नाम "मै हूँ", अपने अनन्त, स्वयंभू और आत्म-पर्याप्त होने के गुणों और चरित्र को दर्शाने के लिए कहा।

   हम परमेश्वर की आज्ञा पूरी करने में अपनी अयोग्यता दिखाने के लिए परमेश्वर के सामने प्रश्न उठा सकते हैं, परन्तु वह तब भी हमारे प्रति विश्वासयोग्य रहता है, हमें सामर्थ देता है, हमें अपनी महिमा के लिए इस्तेमाल करता है। हर परिस्थिति के लिए उसके पर्याप्त होने और उसकी सामर्थ के सामने हमारी व्यक्तिगत कमज़ोरियाँ महत्वहीन तथा अति गौण हैं। हम जब भी अपने आप को अयोग्य दर्शाने के लिए प्रश्न उठाएंगे, "मैं क्या हूं?" तो परमेश्वर का उत्तर होगा, "मैं हूं"! - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जब परमेश्वर आपके साथ हो तो आपको यात्रा, मार्ग और परिस्थितियों को लेकर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

इसलिये तू अपनी कमर कस कर उठ; और जो कुछ कहने की मैं तुझे आज्ञा दूं वही उन से कह। तू उनके मुख को देख कर न घबराना, ऐसा न हो कि मैं तुझे उनके साम्हने घबरा दूं। क्योंकि सुन, मैं ने आज तुझे इस सारे देश और यहूदा के राजाओं, हाकिमों, और याजकों और साधारण लोगों के विरुद्ध गढ़वाला नगर, और लोहे का खम्भा, और पीतल की शहरपनाह बनाया है। वे तुझ से लड़ेंगे तो सही, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि बचाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है। - यिर्मयाह 1:17-19

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:7-15
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है ; 
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं। 
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाईं पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है, 
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए। 
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं? 
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे। 
Exodus 3:13 मूसा ने परमेश्वर से कहा, जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पितरों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं? 
Exodus 3:14 परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उसने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है। 
Exodus 3:15 फिर परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा, कि तू इस्राएलियों से यह कहना, कि तुम्हारे पितरों का परमेश्वर, अर्थात इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर और याकूब का परमेश्वर, यहोवा उसी ने मुझ को तुम्हारे पास भेजा है। देख सदा तक मेरा नाम यही रहेगा, और पीढ़ी पीढ़ी में मेरा स्मरण इसी से हुआ करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 5-6
  • इफिसियों 1


रविवार, 27 सितंबर 2015

न्याय और करुणा


   जब कॉलेराडो स्प्रिंग्स, कॉलेराडो, के जंगलों में लगी आग से सैंकड़ों घर तथा जानवरों के रहने के अनेक स्थल जल कर राख हो गए, तो सारे देश में लोग परमेश्वर से प्रार्थना करने लगे कि वह बारिश को भेजे जिससे आग बुझ सके, विनाश रुक सके और आग बुझाने में लगे लोगों को राहत मिल सके। प्रार्थना करने वाले लोगों में से कुछ ने अपनी प्रार्थनाओं के साथ एक रोचक शर्त भी लगाई; उन्होंने परमेश्वर से करुणा दिखाने का आग्रह किया और बरसात की माँग करी लेकिन ऐसी बारिश जिसके साथ बिजली ना कड़के, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि बिजली गिरने से कहीं और आग लग सकती है।

   इससे मुझे स्मरण हो आता है कि हम उसी वस्तु से हानि और लाभ के बीच कैसे तनाव में जीवन व्यतीत करते हैं। हम आग से अपना भोजन पकाते हैं, अपने आप को गरम रखते हैं, लेकिन वही आग हमें भस्म भी कर सकती है। बिना पानी हमारा जीवन नहीं है, हमें अपने शरीरों के कार्य करते रहने के लिए उचित मात्रा में पानी चाहिए, इस पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए के लिए और पर्यावरण को बनाए रखने के लिए पानी चाहिए, लेकिन उसी पानी में हम डूब भी सकते हैं, वह हमें और हमारे घर तथा फसलों को बहा कर ले जा सकता है, बर्बाद कर सकता है। किसी भी चीज़ की कमी या अधिकाई, या अनियंत्रित प्रयोग हानिकारक अथवा जीवन के लिए खतरनाक हो जाता है।

   यही सिद्धांत आत्मिक बातों और जीवन पर भी लागू होता है। सभ्यताओं को पनपने और बढ़ने के लिए, परस्पर विरोधाभास रखने वाली दो बातों, करुणा और न्याय (ज़कर्याह 7:9) की आवश्यकता होती है। प्रभु यीशु ने धर्मगुरुओं को परमेश्वर की व्यवस्था के अक्षरशः पालन पर ज़ोर देने परन्तु उसकी गंभीर बातों की अवहेलना करने के लिए डाँटा (मत्ती 23:23)।

   हम न्याय या करुणा में से किसी एक की ओर झुकाव रख सकते हैं, परन्तु प्रभु यीशु हमारे प्रति उन्हें बिलकुल संतुलित रखता है (यशायाह 16:5, 42:1-4)। समस्त मानव जाति के पापों के दण्ड के लिए प्रभु यीशु द्वारा दिए गए बलिदान से परमेश्वर के न्याय और हमारे प्रति उसकी करुणा, दोनों ही की माँग पूरी हुई, और हमें परमेश्वर के साथ मेल-मिलाप का मार्ग मिला है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के न्याय और करुणा का मिलन प्रभु यीशु के क्रूस पर हुआ।

हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों को अर्थात न्याय, और दया, और विश्वास को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते। - मत्ती 23:23

बाइबल पाठ: यशायाह 16:1-5, 42:1-4
Isaiah 16:1 जंगल की ओर से सेला नगर से सिय्योन की बेटी के पर्वत पर देश के हाकिम के लिये भेड़ों के बच्चों को भेजो। 
Isaiah 16:2 मोआब की बेटियां अर्नोन के घाट पर उजाड़े हुए घोंसले के पक्षी और उनके भटके हुए बच्चों के समान हैं। 
Isaiah 16:3 सम्मति करो, न्याय चुकाओ; दोपहर ही में अपनी छाया को रात के समान करो; घर से निकाले हुओं को छिपा रखो, जो मारे मारे फिरते हैं उन को मत पकड़वाओ। 
Isaiah 16:4 मेरे लोग जो निकाले हुए हैं वे तेरे बीच में रहें; नाश करने वाले से मोआब को बचाओ। पीसने वाला नहीं रहा, लूट पाट फिर न होगी; क्योंकि देश में से अन्धेर करने वाले नाश हो गए हैं। 
Isaiah 16:5 तब दया के साथ एक सिंहासन स्थिर किया जाएगा और उस पर दाऊद के तम्बू में सच्चाई के साथ एक विराजमान होगा जो सोच विचार कर सच्चा न्याय करेगा और धर्म के काम पर तत्पर रहेगा।

Isaiah 42:1 मेरे दास को देखो जिसे मैं संभाले हूं, मेरे चुने हुए को, जिस से मेरा जी प्रसन्न है; मैं ने उस पर अपना आत्मा रखा है, वह अन्यजातियों के लिये न्याय प्रगट करेगा। 
Isaiah 42:2 न वह चिल्लाएगा और न ऊंचे शब्द से बोलेगा, न सड़क में अपनी वाणी सुनायेगा। 
Isaiah 42:3 कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती बत्ती को बुझाएगा; वह सच्चाई से न्याय चुकाएगा। 
Isaiah 42:4 वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जाहेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलतियों 6


शनिवार, 26 सितंबर 2015

बुद्धिमानी


   कहा जाता है कि प्रसिद्ध वैज्ञानिक एलबर्ट आइन्सटाईन ने कहा था, "केवल दो चीज़ें असीम हैं, सृष्टि एवं मनुष्यों की मूर्खता; लेकिन इन में से प्रथम के बारे में मैं इतना निश्चित नहीं हूँ।" दुर्भाग्यवश, हम अपनी मूर्खता के कारण अपने आप को अकसर परेशानियों में डाल लेते हैं, या अपनी मूर्खता से दूसरों को परेशानी दे देते हैं अथवा दूसरों की बर्बादी का कारण बन जाते हैं; और हमारे ऐसा करते रहने की कोई सीमा नहीं है।

   ऐसे ही एक खेद के समय में दाऊद ने भजन 38 में अपनी हालत और शिकायत को परमेश्वर के सामने रखा। अपनी मूर्खता के कारण मिले दुखद परिणामों और असफलताओं का वर्णन करते हुए दाऊद ने गंभीर बात कही: "मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं" (भजन 38:5)। यद्यपि भजनकार यह तो नहीं बताता है कि वे मूर्खताएं क्या थीं या फिर उसके घाव कैसे थे, लेकिन जो बात स्पष्ट है वह है कि दाऊद को यह पता था कि उन दुखों का कारण उसकी मूर्खता ही है।

   ऐसी विनाशकारी मूर्खता के दुषपरिणामों से निकलने का एक ही मार्ग है - परमेश्वर की बुद्धिमानी की शरण में आ जाएं। परमेश्वर के वचन बाइबल की नीतिवचन नामक पुस्तक में लिखा है, "यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र ईश्वर को जानना ही समझ है" (नीतिवचन 9:10)। केवल परमेश्वर को हमें बदल देने की अनुमति देने और उससे ऐसा करने का आग्रह करने के द्वारा ही हम अपनी मूर्खताओं और उनके दुषपरिणामों से निकल सकते हैं। उसके धैर्यपूर्ण तथा सप्रेम मार्गदर्शन द्वारा हम बुद्धिमानी के मार्ग पर चलते रह सकते हैं। - बिल क्राउडर


जो नम्रता के साथ परमेश्वर से आग्रह करते हैं, उन्हें परमेश्वर अपनी बुद्धिमता अवश्य प्रदान करता है।

पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है। - याकूब 1:5-6

बाइबल पाठ: भजन 38:1-15
Psalms 38:1 हे यहोवा क्रोध में आकर मुझे झिड़क न दे, और न जलजलाहट में आकर मेरी ताड़ना कर! 
Psalms 38:2 क्योंकि तेरे तीर मुझ में लगे हैं, और मैं तेरे हाथ के नीचे दबा हूं। 
Psalms 38:3 तेरे क्रोध के कारण मेरे शरीर में कुछ भी आरोग्यता नहीं; और मेरे पाप के कारण मेरी हडि्डयों में कुछ भी चैन नहीं। 
Psalms 38:4 क्योंकि मेरे अधर्म के कामों में मेरा सिर डूब गया, और वे भारी बोझ की नाईं मेरे सहने से बाहर हो गए हैं।
Psalms 38:5 मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं। 
Psalms 38:6 मैं बहुत दुखी हूं और झुक गया हूं; दिन भर मैं शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं। 
Psalms 38:7 क्योंकि मेरी कमर में जलन है, और मेरे शरीर में आरोग्यता नहीं। 
Psalms 38:8 मैं निर्बल और बहुत ही चूर हो गया हूं; मैं अपने मन की घबराहट से कराहता हूं।
Psalms 38:9 हे प्रभु मेरी सारी अभिलाषा तेरे सम्मुख है, और मेरा कराहना तुझ से छिपा नहीं। 
Psalms 38:10 मेरा हृदय धड़कता है, मेरा बल घटता जाता है; और मेरी आंखों की ज्योति भी मुझ से जाती रही।
Psalms 38:11 मेरे मित्र और मेरे संगी मेरी विपत्ति में अलग हो गए, और मेरे कुटुम्बी भी दूर जा खड़े हुए। 
Psalms 38:12 मेरे प्राण के ग्राहक मेरे लिये जाल बिछाते हैं, और मेरी हानि के यत्न करने वाले दुष्टता की बातें बोलते, और दिन भर छल की युक्ति सोचते हैं। 
Psalms 38:13 परन्तु मैं बहिरे की नाईं सुनता ही नहीं, और मैं गूंगे के समान मूंह नहीं खोलता। 
Psalms 38:14 वरन मैं ऐसे मनुष्य के तुल्य हूं जो कुछ नहीं सुनता, और जिसके मुंह से विवाद की कोई बात नहीं निकलती।
Psalms 38:15 परन्तु हे यहोवा, मैं ने तुझ ही पर अपनी आशा लगाई है; हे प्रभु, मेरे परमेश्वर, तू ही उत्तर देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 1-2
  • गलतियों 5


शुक्रवार, 25 सितंबर 2015

महत्वपूर्ण


   परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका रचित सुसमाचार के तीसरे अध्याय में तत्कालीन समाज के सात प्रमुख तथा सामर्थी हस्तियों का उल्लेख है; रोमी शासक तिबिरियुस कैसर जो विशाल रोमी साम्राज्य में प्रजा के जीवन-मरण के पैसले लेने का अधिकार रखता था; पुन्तियुस पिलातुस, जो यहूदिया पर रोमी शासन का प्रतिनिधी था; हेरोद, फिलिप्पुस और लिसानियास अपने अपने क्षेत्रों में प्रजा पर नियंत्रण बना कर रखते थे; तथा हन्ना एवं कैफा जो महापुरोहित थे और अपनी धार्मिक पदवी की ताकत को गंभीरता से लेते हुए उसका पूरा प्रयोग करते थे।

   जबकि सत्ता की सामर्थ के ये सातों दलाल अपनी सामर्थ लोगों पर दिखाते रहते थे, लेकिन उन दिनों में "परमेश्वर का वचन जंगल में जकरयाह के पुत्र यूहन्ना के पास पहुंचा" (लूका 3:2)। भला इन सात ताकतवार और प्रभावशाली हाकिमों के सामने जंगल में रहने वाले इस अनजाने आदमी की क्या बिसात हो सकती थी? यूहन्ना नाम का यह अनजाना व्यक्ति "...पापों की क्षमा के लिये मन फिराव के बपतिस्मा का प्रचार करने..." (लूका 3:3) के द्वारा भला क्या हासिल कर सकता था? लेकिन फिर भी लोगों की बड़ी भीड़ यूहन्ना ही के पास चली आ रही थी, और लोग यह भी अटकलें लगा रहे थे कि कहीं यह यूहन्ना ही तो वह मसीहा नहीं जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी (लूका 3:7,15)। लेकिन यूहन्ना ने लोगों को बताया, "...वह आनेवाला है, जो मुझ से शक्तिमान है; मैं तो इस योग्य भी नहीं, कि उसके जूतों का बन्ध खोल सकूं, वह तुम्हें पवित्र आत्मा और आग से बपतिस्मा देगा" (लूका 3:16)।

   यूहन्ना बप्तिसमा देने वाले का जीवन हमें दिखाता है कि परमेश्वर की दृष्टि में महत्वपूर्ण होने का क्या तात्पर्य है - वह जो परमेश्वर का आज्ञाकारी है, परमेश्वर के लिए उपयोगी है और अपनी ओर नहीं वरन प्रभु यीशु की ओर लोगों को इंगित करता है, आकर्षित करता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर को हमारा समर्पण हमारे जीवनों को परमेश्वर के लिए उपयोगी तथा महत्वपूर्ण बनाता है।

हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। - 1 कुरिन्थियों 1:26-27 

बाइबल पाठ: लूका 3:1-18
Luke 3:1 तिबिरियुस कैसर के राज्य के पंद्रहवें वर्ष में जब पुन्‍तियुस पीलातुस यहूदिया का हाकिम था, और गलील में हेरोदेस नाम चौथाई का इतूरैया, और त्रखोनीतिस में, उसका भाई फिलेप्पुस, और अबिलेने में लिसानियास चौथाई के राजा थे। 
Luke 3:2 और जब हन्ना और कैफा महायाजक थे, उस समय परमेश्वर का वचन जंगल में जकरयाह के पुत्र यूहन्ना के पास पहुंचा। 
Luke 3:3 और वह यरदन के आस पास के सारे देश में आकर, पापों की क्षमा के लिये मन फिराव के बपतिस्मा का प्रचार करने लगा। 
Luke 3:4 जैसे यशायाह भविष्यद्वक्ता के कहे हुए वचनों की पुस्‍तक में लिखा है, कि जंगल में एक पुकारने वाले का शब्द हो रहा है कि प्रभु का मार्ग तैयार करो, उस की सड़कें सीधी बनाओ। 
Luke 3:5 हर एक घाटी भर दी जाएगी, और हर एक पहाड़ और टीला नीचा किया जाएगा; और जो टेढ़ा है सीधा, और जो ऊंचा नीचा है वह चौरस मार्ग बनेगा। 
Luke 3:6 और हर प्राणी परमेश्वर के उद्धार को देखेगा।
Luke 3:7 जो भीड़ की भीड़ उस से बपतिस्मा लेने को निकल कर आती थी, उन से वह कहता था; हे सांप के बच्चों, तुम्हें किस ने जता दिया, कि आने वाले क्रोध से भागो। 
Luke 3:8 सो मन फिराव के योग्य फल लाओ: और अपने अपने मन में यह न सोचो, कि हमारा पिता इब्राहीम है; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर इन पत्थरों से इब्राहीम के लिये सन्तान उत्पन्न कर सकता है। 
Luke 3:9 और अब भी कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर धरा है, इसलिये जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है। 
Luke 3:10 और लोगों ने उस से पूछा, तो हम क्या करें? 
Luke 3:11 उसने उन्हें उतर दिया, कि जिस के पास दो कुरते हों वह उसके साथ जिस के पास नहीं हैं बांट दे और जिस के पास भोजन हो, वह भी ऐसा ही करे। 
Luke 3:12 और महसूल लेने वाले भी बपतिस्मा लेने आए, और उस से पूछा, कि हे गुरू, हम क्या करें? 
Luke 3:13 उसने उन से कहा, जो तुम्हारे लिये ठहराया गया है, उस से अधिक न लेना। 
Luke 3:14 और सिपाहियों ने भी उस से यह पूछा, हम क्या करें? उसने उन से कहा, किसी पर उपद्रव न करना, और न झूठा दोष लगाना, और अपनी मजदूरी पर सन्‍तोष करना।
Luke 3:15 जब लोग आस लगाए हुए थे, और सब अपने अपने मन में यूहन्ना के विषय में विचार कर रहे थे, कि क्या यही मसीह तो नहीं है। 
Luke 3:16 तो यूहन्ना ने उन सब से उत्तर में कहा: कि मैं तो तुम्हें पानी से बपतिस्मा देता हूं, परन्तु वह आनेवाला है, जो मुझ से शक्तिमान है; मैं तो इस योग्य भी नहीं, कि उसके जूतों का बन्ध खोल सकूं, वह तुम्हें पवित्र आत्मा और आग से बपतिस्मा देगा। 
Luke 3:17 उसका सूप, उसके हाथ में है; और वह अपना खलिहान अच्छी तरह से साफ करेगा; और गेहूं को अपने खत्ते में इकट्ठा करेगा, परन्तु भूसी को उस आग में जो बुझने की नहीं जला देगा।
Luke 3:18 सो वह बहुत सी शिक्षा दे देकर लोगों को सुसमाचार सुनाता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 6-8
  • गलतियों 4


गुरुवार, 24 सितंबर 2015

मित्र


 कुछ समय पहले मैं और मेरी पत्नि हमारे एक मित्र के फार्म पर गए हुए थे; वहाँ से हमने बाज़ार के दाम से बहुत सस्ते में ढेर सारी भोजन-वस्तु खरीदीं और घर लाकर उन्हें अपने फ्रीज़र में रख दिया, इस आश्य से कि वे जमी रहकर खराब नहीं होंगी और उन से हमारी कई महीनों की उनकी आवश्यकता की पूर्ति हो जाएगी। फिर एक भयंकर तूफान ने हमारे इलाके की बिजली को काट दिया। बिजली कटने के पहले चौबीस घंटे तो हम निश्चिन्त थे कि फ्रिज में पड़ी वे जमी हुई भोजन वस्तुएं खराब नहीं होंगी, लेकिन जब दूसरे दिन भी बिजली कटी रही और बिजली के आने के बारे में कुछ भी निश्चित नहीं पता चल सका तो हमें चिंता हुई कि वे सारी वस्तुएं खराब हो जाएंगी, और हमारी बचत एक बड़ा नुकसान बन जाएगी।

   ऐसे में हमने परमेश्वर के वचन बाइबल को अध्ययन करने वाले अपने समूह के एक सदस्य, टेड से संपर्क किया और पूछा कि इस समस्या का कैसे समाधान किया जा सकता है। टेड ने हमारी परेशानी सुनकर, अपने पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम को रद्द किया और हमारे घर फ्रिज चलाने के लिए एक जैनेरेटर लेकर आ गया। मसीह यीशु के प्रेम में होकर उसके द्वारा करी गई हमारी इस सहायाता से हम टेड के बहुत आभारी और धन्यवादी हुए। एक पुरानी कहावत है कि सच्चा मित्र वही होता है जो समय पड़ने पर काम आए; टेड की सहायता ने हमारे लिए इस कहावत को चरितार्थ करके दिखा दिया।

   बाइबल में प्रेरित यूहन्ना ने लिखा, "हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें" (1 यूहन्ना 3:18)। इस बात को पूरा करने के लिए हमें अपने आप को परेशानी में भी डालना पड़ सकता है जिससे हम दूसरों की वैसी सहायता कर सकें जैसी हम अपने लिए विपरीत परिस्थितियों में दूसरों से चाहते हैं। जैसा प्रभु यीशु ने हमारे लिए किया और आज भी कर रहा है, हम भी उसी प्रेम भावना के अन्तर्गत दूसरों के सच्चे मित्र बनकर दिखाएं, उनके लिए अपने आप को खर्च करने वाले बनें।


यदि हम मसीह यीशु से प्रेम करते हैं तो औरों से भी प्रेम करेंगे।

इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो। अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्‍वामी क्या करता है: परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं। - यूहन्ना 15:13-15 

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 3:11-18
1 John 3:11 क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें। 
1 John 3:12 और कैन के समान न बनें, जो उस दुष्‍ट से था, और जिसने अपने भाई को घात किया: और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे।
1 John 3:13 हे भाइयों, यदि संसार तुम से बैर करता है तो अचम्भा न करना। 
1 John 3:14 हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार हो कर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है। 
1 John 3:15 जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता। 
1 John 3:16 हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उसने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। 
1 John 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? 
1 John 3:18 हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 4-5
  • गलतियों 3


बुधवार, 23 सितंबर 2015

सामर्थी


   कुछ बच्चों को अपने पिता के विषय डींग मारने का बहुत शौक होता है। यदि आप अड़ौस-पड़ौस के बच्चों के आपसी वार्तालाप को छिप कर सुनें तो अकसर बच्चों को एक-दूसरे से कहते पाएंगे, "मेरे पिता तुम्हारे पिता से बड़े हैं"; या फिर, "मेरे पिता तुम्हारे पिता से अधिक चतुर हैं"! परन्तु सबसे बड़ी डींग जो बच्चे मारते हैं वह है, "मेरे पिता तुम्हारे पिता से अधिक बलवान हैं।" यह अन्तिम डींग सामान्यतः चेतावनी के संदर्भ में होती है जब किसी बच्चे को दूसरों द्वारा धमकाया जा रहा होता है; ऐसे में वह बच्चा इस डींग के द्वारा दूसरों को जता देना चाहता है कि धमकाने वाले सचेत हो जाएं नहीं तो वह अपने पिता को ले आएगा, और वे आकर ना सिर्फ सभी बच्चों पर वरन उन के पिताओं पर भी भारी पड़ेंगे।

   यह विश्वास रखना कि सारे मोहल्ले में मेरे पिता ही सबसे बलवान हैं, किसी भी खतरे के समय बच्चे में बड़ा आत्मविश्वास जगाता है। इसीलिए मुझे इस तथ्य से बहुत प्रेम है कि हमारा परमेश्वर पिता सर्वसामर्थी है; क्योंकि इसका सीधा सा तात्पर्य है कि कोई भी परमेश्वर के बल और सामर्थ की बराबरी नहीं कर सकता। इससे भी बढ़कर यह कि हम मसीही विश्वासियों को यह आश्वासन है कि, "जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा" (भजन 91:1)। इसलिए भजनकार बड़े भरोसे के साथ कह सका "तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है" (भजन 91:5)।

   आज का दिन चाहे जो भी परिस्थिति लेकर आए, या फिर आप चाहे कैसी भी समस्या से होकर निकल रहे हों, कभी इस बात को ना भूलें कि मसीही विश्वासी होने के नाते आपका पिता परमेश्वर आपके जीवन की हर बात और समस्या से कहीं अधिक बढ़कर सामर्थी है। इसलिए भरोसा बनाए रखें; उसकी सर्वविद्यमान उपस्थिति इस बात का निश्चय है कि उसकी सामर्थ आपकी बुरी से बुरी परिस्थिति को भी भलाई में बदल देगी। - जो स्टोवैल


हमारा पिता परमेश्वर हमारी बड़ी से बड़ी समस्या से भी कहीं बढ़कर सामर्थी है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: भजन 91:1-16
Psalms 91:1 जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। 
Psalms 91:2 मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा। 
Psalms 91:3 वह तो तुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा; 
Psalms 91:4 वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी। 
Psalms 91:5 तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है, 
Psalms 91:6 न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।
Psalms 91:7 तेरे निकट हजार, और तेरी दाहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा। 
Psalms 91:8 परन्तु तू अपनी आंखों की दृष्टि करेगा और दुष्टों के अन्त को देखेगा।
Psalms 91:9 हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है, 
Psalms 91:10 इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा।
Psalms 91:11 क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें। 
Psalms 91:12 वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे। 
Psalms 91:13 तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा। 
Psalms 91:14 उसने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है। 
Psalms 91:15 जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा। 
Psalms 91:16 मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूंगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • श्रेष्ठगीत 1-3
  • गलतियों 2


मंगलवार, 22 सितंबर 2015

प्रभाव


   हाल ही में मैंने अपने कुछ मित्रों के साथ, परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में से इस्त्राएल के राजाओं के बारे में अध्ययन करना आरंभ किया। हम ने उन राजाओं के बारे में दिए गए वर्णन के आधार पर उन्हें अच्छा, बुरा, अकसर बुरा, बहुत बुरा और अत्याधिक बुरा श्रेणियों में रखना आरंभ किया। हमने देखा कि कुछ ही राजा अच्छे थे, बाकी सभी बुरे होने की श्रेणियों में ही आते थे।

   उन राजाओं में राजा दाऊद अच्छा राजा था जिसके विषय में परमेश्वर ने कहा, "...दाऊद के समान न हुआ जो मेरी आज्ञाओं को मानता, और अपने पूर्ण मन से मेरे पीछे पीछे चलता, और केवल वही करता था जो मेरी दृष्टि में ठीक है" (1 राजा 14:8)। दाऊद ने अपने जीवन के द्वारा सब के सामने अनुकरणीय उदाहरण रखा (1 राजा 3:14; 11:38)। जो राजा बुरे होने की श्रेणियों में थे उन्होंने जान-बूझ कर परमेश्वर और उसकी आज्ञाओं का तिरिस्कार किया और अपनी प्रजा को अन्य देवी-देवताओं की तथा मूर्ति-पूजा में ले गए।

   इस्त्राएल के यहूदा तथा इस्त्राएल में विभाजन होने के बाद, इस्त्राएल के प्रथम राजा यारोबाम अत्याधिक बुरा राजा था, "उन पापों के कारण जो यारोबाम ने किए और इस्राएल से कराए थे, यहोवा इस्राएल को त्याग देगा" (1 राजा 14:16)। उसके बुरे उदाहरण तथा प्रभाव के कारण, उसके बाद आने वाले अनेक राजाओं को उसके समान तथा उसकी सी बुराई करने वाले कहा गया (1 राजा 16:2, 19, 26, 31; 22:52)।

   हम में से हर एक अपने प्रभाव का एक क्षेत्र रखता है, और यह प्रभाव भला भी हो सकता है और बुरा भी। प्रभु परमेश्वर की निःसंकोच आज्ञाकारिता एक ऐसी चमकीली रौशनी है जो भलाई का उदाहरण छोड़ती है। हम मसीही विश्वासियों को यह सौभाग्य मिला है कि हम अपने प्रभु के लिए ज्योति बनकर चमक सकें जिससे पाप के अन्धकार में घिरे लोग आकर्षित हों और सच्ची जीवन ज्योति प्रभु यीशु को स्वीकार कर सकें। - सिंडी हैस कैस्पर


छोटी सी ज्योति भी अन्धकार में दूर से चमकती दिखती है।

तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। मत्ती 5:14-16

बाइबल पाठ: 1 राजा 14:7-16
1 Kings 14:7 तू जा कर यारोबाम से कह कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा तुझ से यों कहता है, कि मैं ने तो तुझ को प्रजा में से बढ़ाकर अपनी प्रजा इस्राएल पर प्रधान किया, 
1 Kings 14:8 और दाऊद के घराने से राज्य छीनकर तुझ को दिया, परन्तु तू मेरे दास दाऊद के समान न हुआ जो मेरी आज्ञाओं को मानता, और अपने पूर्ण मन से मेरे पीछे पीछे चलता, और केवल वही करता था जो मेरी दृष्टि में ठीक है। 
1 Kings 14:9 तू ने उन सभों से बढ़कर जो तुझ से पहिले थे बुराई, की है, और जा कर पराये देवता की उपासना की और मूरतें ढालकर बनाईं, जिस से मुझे क्रोधित कर दिया और मुझे तो पीठ के पीछे फेंक दिया है। 
1 Kings 14:10 इस कारण मैं यारोबाम के घराने पर विपत्ति डालूंगा, वरन मैं यारोबाम के कुल में से हर एक लड़के को ओर क्या बन्धुए, क्या स्वाधीन इस्राएल के मध्य हर एक रहने वाले को भी नष्ट कर डालूंगा: और जैसा कोई गोबर को तब तक उठाता रहता है जब तक वह सब उठा तहीं लिया जाता, वैसे ही मैं यारोबाम के घराने की सफाई कर दूंगा। 
1 Kings 14:11 यारोबाम के घराने का जो कोई नगर में मर जाए, उसको कुत्ते खाएंगे; और जो मैदान में मरे, उसको आकाश के पड़ी खा जाएंगे; क्योंकि यहोवा ने यह कहा है! 
1 Kings 14:12 इसलिये तू उठ और अपने घर जा, और नगर के भीतर तेरे पांव पड़ते ही वह बालक मर जाएगा। 
1 Kings 14:13 उसे तो समस्त इस्राएली छाती पीटकर मिट्टी देंगे; यारोबाम के सन्तानों में से केवल उसी को कबर मिलेगी, क्योंकि यारोबाम के घराने में से उसी में कुछ पाया जाता है जो यहोवा इस्राएल के प्रभु की दृष्टि में भला है। 
1 Kings 14:14 फिर यहोवा इस्राएल के लिये एक ऐसा राजा खड़ा करेगा जो उसी दिन यारोबाम के घराने को नाश कर डालेगा, परन्तु कब? 
1 Kings 14:15 यह अभी होगा। क्योंकि यहोवा इस्राएल को ऐसा मारेगा, जैसा जल की धारा से नरकट हिलाया जाता है, और वह उन को इस अच्छी भूमि में से जो उसने उनके पुरखाओं को दी थी उखाड़ कर महानद के पार तित्तर-बित्तर करेगा; क्योंकि उन्होंने अशेरा ताम मूरतें अपने लिये बनाकर यहोवा को क्रोध दिलाया है। 
1 Kings 14:16 और उन पापों के कारण जो यारोबाम ने किए और इस्राएल से कराए थे, यहोवा इस्राएल को त्याग देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • सभोपदेशक 10-12
  • गलतियों 1