ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

शुक्रवार, 27 जनवरी 2017

परमेश्वर का हाथ


   अमेरिका की अंतरिक्ष शोध संस्था नासा ने जब एक नए प्रकार की दूरबीन से प्रकाश के विभिन्न वर्णक्रमों को लेकर अंतरिक्ष की तस्वीरें खींचना आरंभ किया तो शोध कर्ता एक चित्र को देखकर दंग रह गए। उस चित्र में एक हाथ की ऊँगलियों, अँगूठे और खुली हुई हथेली के समान कुछ दिखता है जिसमें नीले, बैंगनी, हरे और सुनहरे रंगों की विलक्षण छटाएं भरी हुई हैं; कुछ लोगों ने इस चित्र को "परमेश्वर का हाथ" नाम दिया है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल की बातों का मुख्य बिन्दु परमेश्वर द्वारा हम मनुष्यों की सहायता के लिए अपना हाथ बढ़ाना रहा है। भजन 63 में भजनकार कहता है, "क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा। मेरा मन तेरे पीछे पीछे लगा चलता है; और मुझे तो तू अपने दाहिने हाथ से थाम रखता है" (पद 7-8) - भजनकार ने परमेश्वर की सहायता को, सहारे के लिए बढ़ाए गए उसके हाथ के समान अनुभव किया था। कुछ बाइबल ज्ञाताओं का मानना है कि दाऊद ने यह भजन यहूदा के बीहड़ में बिताए अपने जोखिम के समय में लिखा था, जब वह अपने पुत्र अबशालोम के राजद्रोह के समय उससे अपने प्राण बचाता हुआ फिर रहा था। अबशालोम ने अपने पिता के विरुद्ध बलवा किया और उन्हें राजगद्दी से उतार दिया था; अपने प्राण बचाने के लिए दाऊद को बीहड़ में भागना पड़ा था (2 शमूएल 15-16)। इन कठिन समयों में भी दाऊद का विश्वास था कि परमेश्वर उसके साथ है और उसने परमेश्वर पर अपना पूरा विश्वास बनाए रखा; इस संदर्भ में दाऊद ने लिखा, "क्योंकि तेरी करूणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा" (63:3)।

   कभी कभी जीवन कठिन एवं कष्टदायक हो सकता है; लेकिन उन सभी विपरीत परिस्थितियों में भी सहायता और सहारे के लिए सदैव परमेश्वर का हाथ हमारी ओर बढ़ा हुआ रहता है, हमें उपलब्ध रहता है। हम कभी उसकी पहुँच के बाहर नहीं होते। - डेनिस फिशर

परमेश्वर सृष्टि के बोझ को अपने कंधों पर उठाए रहता है,
 परन्तु अपने बच्चों को अपने हाथों में रखता है।

मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है; चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थामे रहता है। - भजन 37:23-24

बाइबल पाठ: भजन 63
Psalms 63:1 हे परमेश्वर, तू मेरा ईश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूंढूंगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है। 
Psalms 63:2 इस प्रकार से मैं ने पवित्रस्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं। 
Psalms 63:3 क्योंकि तेरी करूणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा। 
Psalms 63:4 इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम ले कर अपने हाथ उठाऊंगा।
Psalms 63:5 मेरा जीव मानो चर्बी और चिकने भोजन से तृप्त होगा, और मैं जयजयकार कर के तेरी स्तुति करूंगा। 
Psalms 63:6 जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा; 
Psalms 63:7 क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा। 
Psalms 63:8 मेरा मन तेरे पीछे पीछे लगा चलता है; और मुझे तो तू अपने दाहिने हाथ से थाम रखता है।
Psalms 63:9 परन्तु जो मेरे प्राण के खोजी हैं, वे पृथ्वी के नीचे स्थानों में जा पड़ेंगे; 
Psalms 63:10 वे तलवार से मारे जाएंगे, और गीदड़ों का आहार हो जाएंगे। 
Psalms 63:11 परन्तु राजा परमेश्वर के कारण आनन्दित होगा; जो कोई ईश्वर की शपथ खाए, वह बड़ाई करने पाएगा; परन्तु झूठ बोलने वालों का मुंह बन्द किया जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 16-18
  • मत्ती 18:1-20


गुरुवार, 26 जनवरी 2017

सशक्त हाथ


   सिंगापुर के प्रथम प्रधान मंत्री, ली क्वान यू को सिंगापुर को वह बनाने का श्रेय दिया जाता है, जो आज वह देश है। उनके नेतृत्व के दिनों में सिंगापुर उन्नति करके धनी, समृद्ध और एशिया का सबसे विकसित देश बन गया। जब उन से पूछा गया कि उन्हें आलोचनाओं और चुनौतियों का सामना करते हुए कभी निराश होकर ऐसा लगा कि यह सब छोड़ देना चाहिए, तो उनका उत्तर था, "यह तो जीवन भर उठाए रहने का बीड़ा था।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में नहेम्याह ने यरुशलेम की दीवार को फिर से बनाने का बीड़ा उठाया, और अनेकों विपरीत परिस्थितियों का सामना करने पर भी निराश होकर उसे छोड़ देना कभी नहीं चाहा। उसे अपने चारों ओर के शत्रुओं से अपमान और धमकियों का, तथा अपने ही लोगों से अन्यायों का सामना करना पड़ा (नहेम्याह 4-5)। उसके शत्रुओं ने उस पर यह दोष भी लगाया कि वह अपने ही स्वार्थ के लिए यह सब कर रहा है (6:6-7)। अपने बचाव के लिए हर संभव कदम उठाने में नहेम्याह ने सदा ही परमेश्वर से सहायता और मार्गदर्शन की प्रार्थना की और उसके अनुसार ही हर कार्य किया।

   सभी चुनौतियों के बावजूद, यरुशलेम की वह दीवार 52 दिन में बनकर तैयार तो हो गई (6:15); परन्तु नहेम्याह का कार्य पूरा नहीं हुआ। उसने इस्त्राएलियों को प्रोत्साहित किया कि वे परमेश्वर के वचन का अध्ययन करें, उसकी आराधना करें, और उसके नियमों का पालन करें। बारह वर्ष तक राज्यपाल होने की ज़िम्मेदारी निभाने के बाद (5:14) नहेम्याह यरुशलेम यह देखने के लिए वापस आया कि उसके द्वारा आरंभ किए गए सुधार ज़ारी हैं कि नहीं (13:6) और जो कमियाँ उसने पाईं उन्हें सुधारने में वह फिर से जुट गया। अपने लोगों का परमेश्वर के मार्ग पर सही नेतृत्व करना नहेम्याह का जीवन भर का बीड़ा था।

   जीवन में हम सब को चुनौतियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है; परन्तु जैसे परमेश्वर ने तब नहेम्याह की सहायता और मार्गदर्शन किया था, वह आज भी अपने लोगों के लिए करने को तत्पर और तैयार है। जो भी कार्य वह हमें सौंपता है, उन्हें करने के लिए वह हमारे हाथों को सदा सशक्त करेगा (6:9)। - सी. पी. हिया


जीवन की चुनौतियाँ हमें तोड़ने के लिए नहीं 
वरन हमें परमेश्वर की ओर मोड़ने के लिए होती हैं।

जब हमारे सब शत्रुओं ने यह सुना, तब हमारे चारों ओर रहने वाले सब अन्य जाति डर गए, और बहुत लज्जित हुए; क्योंकि उन्होंने जान लिया कि यह काम हमारे परमेश्वर की ओर से हुआ। - नहेम्याह 6:16

बाइबल पाठ: नहेम्याह 6:1-9
Nehemiah 6:1 जब सम्बल्लत, तोबियाह और अरबी गेशेम और हमारे और शत्रुओं को यह समाचार मिला, कि मैं शहरपनाह को बनवा चुका; और यद्यपि उस समय तक भी मैं फाटकों में पल्ले न लगा चुका था, तौभी शहरपनाह में कोई दरार न रह गया था। 
Nehemiah 6:2 तब सम्बल्लत और गेशेम ने मेरे पास यों कहला भेजा, कि आ, हम ओनो के मैदान के किसी गांव में एक दूसरे से भेंट करें। परन्तु वे मेरी हानि करने की इच्छा करते थे। 
Nehemiah 6:3 परन्तु मैं ने उनके पास दूतों से कहला भेजा, कि मैं तो भारी काम में लगा हूँ, वहां नहीं जा सकता; मेरे इसे छोड़ कर तुम्हारे पास जाने से वह काम क्यों बन्द रहे? 
Nehemiah 6:4 फिर उन्होंने चार बार मेरे पास वैसी ही बात कहला भेजी, और मैं ने उन को वैसा ही उत्तर दिया। 
Nehemiah 6:5 तब पांचवी बार सम्बल्लत ने अपने सेवक को खुली हुई चिट्ठी देकर मेरे पास भेजा, 
Nehemiah 6:6 जिस में यों लिखा था, कि जाति जाति के लोगों में यह कहा जाता है, और गेशेम भी यही बात कहता है, कि तुम्हारी और यहूदियों की मनसा बलवा करने की है, और इस कारण तू उस शहरपनाह को बनवाता है; और तू इन बातों के अनुसार उनका राजा बनना चाहता है। 
Nehemiah 6:7 और तू ने यरूशलेम में नबी ठहराए हैं, जो यह कह कर तेरे विषय प्रचार करें, कि यहूदियों में एक राजा है। अब ऐसा ही समाचार राजा को दिया जाएगा। इसलिये अब आ, हम एक साथ सम्मति करें। 
Nehemiah 6:8 तब मैं ने उसके पास कहला भेजा कि जैसा तू कहता है, वैसा तो कुछ भी नहीं हुआ, तू ये बातें अपने मन से गढ़ता है। 
Nehemiah 6:9 वे सब लोग यह सोच कर हमें डराना चाहते थे, कि उनके हाथ ढीले पड़ें, और काम बन्द हो जाए। परन्तु अब हे परमेश्वर तू मुझे हियाव दे।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 14-15
  • मत्ती 17


बुधवार, 25 जनवरी 2017

शान्त स्थान


   कुछ वर्ष पहले इडाहो प्रांत के एकांत में बसे एक पशु फार्म पर रहने वाले हमारे एक मित्र के लिए, मेरे पुत्र ब्रायन तथा मैंने, कुछ सामान उस तक पहुँचाने का बीड़ा लिया। उस क्षेत्र में कोई सड़कें नहीं हैं, कम से कम ऐसी तो कोई नहीं जिन पर मेरा ट्रक जा सके। इसलिए हमारा मित्र सड़क के अन्तिम स्थान पर दो खच्चरों से खींची जाने वली अपनी बघ्घी लेकर आया। उस बघ्घी में सामान डाल कर, वहाँ से हम बातचीत करते हुए फार्म तक गए, और हमें ज्ञात हुआ कि हमारा वह मित्र उस स्थान पर सारे वर्ष रहता है।

   उस स्थान पर सड़कें ही नहीं वरन ना तो बिजली थी और ना ही टेलिफोन, और सर्दियाँ बहुत लंबी तथा भीषण होती थीं, संपर्क का केवल एक ही साधन था - उनका सेटेलाईट रेडियो। मैंने उस से पूछा कि वह इस एकांत को सहन कैसे कर लेता है? उसने कहा, सच बात तो यह है कि मुझे यह शान्त स्थान और वातावरण बहुत पसन्द है।

   व्यस्तता से भरे हमारे दिनों में हमें भी कभी-कभी शान्त वातावरण की आवश्यकता होती है। हमारे आस-पास बहुत शोर रहता है, बहुत से लोग, बहुत सी बातें हमारे ध्यान अपनी ओर खींचती हैं; ऐसे में जैसा प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कहा था, "...तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो..." (मरकुस 6:31) हमें भी शान्ति के स्थान की आवश्यकता होती है। क्या हमारे पास ऐसा कोई स्थान है?

   हम मसीही विश्वासियों को, हम चाहे जहाँ भी हों, जैसे भी हों, ऐसा एक शान्त स्थान सदा उपलब्ध रहता है - परमेश्वर की निकटता। जब हम अपने व्यस्त समय में से कुछ समय निकालकर परमेश्वर के प्रेम और दया पर मनन करते हैं, अपने मन की बात उसे बताने के द्वारा, अपने बोझों को उस पर डालने के द्वारा अपने आप को हलका करते हैं, तो हम पाएंगे कि परमेश्वर की उपस्थिति से भरे उस समय, उस स्थान में ही हमें वह शान्त स्थान मिल जाता है, जिसे संसार की बातों ने हमारी नज़रों से ओझल कर दिया था। - डेविड रोपर


परमेश्वर के साथ शान्त होकर समय बिताना विश्रांति लाता है।

तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था। मैं शान्ति से लेट जाऊँगा और सो जाऊँगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है। - भजन 4:7-8

बाइबल पाठ: मरकुस 6:7-13, 30-32
Mark 6:7 और वह बारहों को अपने पास बुलाकर उन्हें दो दो कर के भेजने लगा; और उन्हें अशुद्ध आत्माओं पर अधिकार दिया। 
Mark 6:8 और उसने उन्हें आज्ञा दी, कि मार्ग के लिये लाठी छोड़ और कुछ न लो; न तो रोटी, न झोली, न पटुके में पैसे। 
Mark 6:9 परन्तु जूतियां पहिनो और दो दो कुरते न पहिनो। 
Mark 6:10 और उसने उन से कहा; जहां कहीं तुम किसी घर में उतरो तो जब तक वहां से विदा न हो, तब तक उसी में ठहरे रहो। 
Mark 6:11 जिस स्थान के लोग तुम्हें ग्रहण न करें, और तुम्हारी न सुनें, वहां से चलते ही अपने तलवों की धूल झाड़ डालो, कि उन पर गवाही हो। 
Mark 6:12 और उन्होंने जा कर प्रचार किया, कि मन फिराओ। 
Mark 6:13 और बहुतेरे दुष्टात्माओं को निकाला, और बहुत बीमारों पर तेल मलकर उन्हें चंगा किया।
Mark 6:30 प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे हो कर, जो कुछ उन्होंने किया, और सिखाया था, सब उसको बता दिया। 
Mark 6:31 उसने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। 
Mark 6:32 इसलिये वे नाव पर चढ़कर, सुनसान जगह में अलग चले गए।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 12-13
  • मत्ती 16


मंगलवार, 24 जनवरी 2017

सहायक


   मेरे नाती-पोते उस समय छोटे थे जब मैं उन्हें The Lion King कहानी का नाट्य-रूपांतर दिखाने ले कर गया। उस कहानी में छोटा शेर, सिंबा, अपने मृतक पिता राजा मुफासा, जिसे उसके दुष्ट चाचा ने मार डाला है, के पास खड़ा है, सिंबा अकेला और भयभीत है और रोते हुए पुकार रहा है, सहायता, सहायता, सहायता करो। इस दृश्य को देखकर मेरा तीन वर्ष का पोता उस थिएटर में अपनी कुर्सी पर खड़ा होकर ज़ोर से चिल्लाया, "कोई जाकर उसकी सहायता क्यों नहीं कर रहा है?"

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में अनेकों स्थानों पर परमेश्वर के लोगों ने सहायता के लिए दोहाई दी है, यद्यपि जिस कठिनाई में वे थे वह उनके अपने ही दुराचार के कारण उन पर आई थी। परन्तु परमेश्वर फिर भी उनकी सहायता करने के लिए इच्छुक था।

   यशायाह भविष्यद्वक्ता को परमेश्वर के लोगों, इस्त्राएलियों के लिए, उनके परमेश्वर से विमुख होकर अनाज्ञाकारिता में जीने के कारण, बहुत से कठोर और बुरे समाचार देने थे; परन्तु उन सब के मध्य उसने उन से यह भी कहा, "तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊँचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं। हे सिय्योन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा" (यशायाह 30:18-19)। ना केवल परमेश्वर अपने पथ भ्रष्ट लोगों की सहायता के लिए इच्छुक रहता है, वरन वह चाहता है कि उसके अपने लोग ही उन पथ भ्रष्ट लोगों की सहायता के लिए आगे बढ़ें (यशायाह 58:10)।

   आज हमारे चारों ओर ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो आगे बढ़कर सहायता करें, ज़रूरतमन्दों के सहायक हों। यह बहुत महान कार्य है कि हम परमेश्वर की सहायता के हाथ बनकर सहायता की पुकार करने वालों के सहायक बनें। जो स्टोवैल


सहायता का हाथ बढ़ा कर दिखाएं कि परमेश्वर परवाह करता है।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: यशायाह 30:15-22
Isaiah 30:15 प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया, 
Isaiah 30:16 तुम ने कहा, नहीं, हम तो घोड़ों पर चढ़ कर भागेंगे, इसलिये तुम भागोगे; और यह भी कहा कि हम तेज सवारी पर चलेंगे, सो तुम्हारा पीछा करने वाले उस से भी तेज होंगे। 
Isaiah 30:17 एक ही की धमकी से एक हजार भागेंगे, और पांच की धमकी से तुम ऐसा भागोगे कि अन्त में तुम पहाड़ की चोटी के डण्डे वा टीले के ऊपर की ध्वजा के समान रह जाओगे जो चिन्ह के लिये गाड़े जाते हैं। 
Isaiah 30:18 तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊंचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं।
Isaiah 30:19 हे सिय्योन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा। 
Isaiah 30:20 और चाहे प्रभु तुम्हें विपत्ति की रोटी और दु:ख का जल भी दे, तौभी तुम्हारे उपदेशक फिर न छिपें, और तुम अपनी आंखों से अपने उपदेशकों को देखते रहोगे। 
Isaiah 30:21 और जब कभी तुम दाहिनी वा बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो। 
Isaiah 30:22 तब तुम वह चान्दी जिस से तुम्हारी खुदी हुई मूत्तियां मढ़ी हैं, और वह सोना जिस से तुम्हारी ढली हुई मूत्तियां आभूषित हैं, अशुद्ध करोगे। तुम उन को मैले कुचैले वस्त्र की नाईं फेंक दोगे और कहोगे, दूर हो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 9-11
  • मत्ती 15:21-39


सोमवार, 23 जनवरी 2017

क्षमा


   मैं दो ऐसे लोगों के साथ भोजन पर था जिन्होंने अपने कारावास में दण्ड भोगने के दौरान प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण किया था। उनमें से छोटी उम्र वाला इस बात से निराश था कि जिस परिवार से उसने चुराया था, वह उसे क्षमा करने के लिए तैयार नहीं था।

   दूसरे व्यक्ति ने, जो उम्र में बड़ा था, अपने अनुभव के आधार पर कहा, "मेरा अपराध हिंसात्मक था; उसका प्रभाव आज भी उस परिवार को परेशान करता है। उन्होंने भी मुझे क्षमा नहीं किया है...उनकी पीड़ा बहुत अधिक है। पहले तो उनसे क्षमा मिलने की लालसा ने मुझे निष्क्रीय बनाए रखा। लेकिन एक दिन मुझे एहसास हुआ कि ऐसा कर के मैं अपने पश्चाताप में अपना स्वार्थ मिला रहा हूँ। उस परिवार द्वारा क्षमा की अपेक्षा रखना बहुत बड़ी बात थी। अपने अतीत से चंगा होने के लिए मैं अपनी इच्छानुसार कुछ होते हुए देखना चाहता था। मुझे यह समझने में कुछ समय लगा कि उस परिवार द्वारा मुझे क्षमा कर देना उनके और परमेश्वर के बीच की बात है।"

   तब पहले व्यक्ति ने पूछा, "आप कैसे इसे सहन करने पाए?"

   तो दूसरे ने समझाया, "परमेश्वर ने मेरे लिए वह किया जिसके लिए मैं कदापि योग्य नहीं था और जो मेरे लिए कोई और कभी नहीं कर सकता था। वह मेरे पापों के लिए मरा, और अपने वायदे के अनुसार मेरे पापों को मुझ से इतना दूर कर दिया जितना उदयाचल से अस्ताचल दूर है (भजन 103:12); और अब वह मेरे पापों को कभी स्मरण नहीं करता है (यशायाह 43:25)।"

   इतने महान प्रेम के समक्ष, उसकी क्षमा को ही अपने लिए पर्याप्त स्वीकार करके हम उसका आदर करते हैं; उसमें और किसी बात की लालसा को जोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। पुरानी बातों में उलझे रहने की बजाए, जो बीत गया उसे पीछे छोड़कर अब हमें अपने नए जीवन में आगे बढ़ते जाना है। - रैंडी किलगोर


प्रभु यीशु का कार्य प्रत्येक पाप के निवारण के लिए पर्याप्त है।

क्या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। - 1 कुरिन्थियों 9:24

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-16
Philippians 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है। 
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूँ। 
Philippians 3:9 और उस में पाया जाऊँ; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है। 
Philippians 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी होने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूँ। 
Philippians 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं। 
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था। 
Philippians 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। 
Philippians 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊँ, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। 
Philippians 3:15 सो हम में से जितने सिद्ध हैं, यही विचार रखें, और यदि किसी बात में तुम्हारा और ही विचार हो तो परमेश्वर उसे भी तुम पर प्रगट कर देगा। 
Philippians 3:16 सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 7-8
  • मत्ती 15:1-20


रविवार, 22 जनवरी 2017

देखभाल


   अपनी पुस्तक Kisses From Katie में केटी डेविस ने अपने युगाण्डा जाकर बस जाने और युगाण्डा की कई लड़कियों को गोद लेने से मिले आनन्द के बारे में बताया है। एक दिन युगाण्डा की उसकी एक बेटी ने उस से पूछा, "मम्मी, यदि मैं यीशु को अपने हृदय में आने दूँगी, तो क्या मेरे अन्दर एक विस्फोट हो जाएगा?" पहले तो केटी ने उसे उत्तर में कहा कि नहीं, क्योंकि प्रभु यीशु का हमारे हृदयों में आकर बसना एक आत्मिक घटना है।

   परन्तु कुछ समय तक उस प्रश्न के बारे में सोचते रहने के बाद केटी ने समझाते हुए उत्तर दिया कि जब हम अपने जीवन और हृदय प्रभु यीशु को समर्पित कर देते हैं तो, "हमारे अन्दर से प्रेम, अनुकंपा, दुःखी लोगों के साथ शोकित होने तथा आनन्द मनाने वालों के साथ आनन्दित होने का एक विस्फोट होता है।" कहने का तात्पर्य यह था कि प्रभु यीशु से संपर्क हो जाने के बाद हमारे अन्दर संसार के लोगों के प्रति गहन देखभाल का रवैया आ जाता है।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें प्रेरित करती है कि "आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ" (रोमियों 12:15)। क्योंकि परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमारे अन्दर निवास करता है, हमारे अन्दर कार्य करता है इसलिए हम संसार के प्रति यह प्रेम भरी प्रतिक्रिया सदैव प्रदर्शित करते रह सकते हैं। प्रेरित पौलुस ने इसका वर्णन ऐसे किया है: "और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी" (इफिसियों 1:13)।

   परमेश्वर की दिव्य सहायता के साथ औरों की देखभाल करना, संसार के समक्ष प्रमाणित करता है कि हम प्रभु यीशु के अनुयायी हैं (यूहन्ना 13:35)। साथ ही ऐसा करना हमें स्मरण दिलाता है कि क्योंकि प्रभु यीशु ने हमसे प्रेम किया है, इसलिए वह कहता है कि "मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो" (यूहन्ना 13:34)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रेम बाँटना प्रेम पाने को दिखाता है।

पर अब विश्वास, आशा, प्रेम थे तीनों स्थाई है, पर इन में सब से बड़ा प्रेम है। - 1 कुरिन्थियों 13:13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 15:7-17
John 15:7 यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा। 
John 15:8 मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे। 
John 15:9 जैसा पिता ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही मैं ने तुम से प्रेम रखा, मेरे प्रेम में बने रहो। 
John 15:10 यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूं। 
John 15:11 मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए। 
John 15:12 मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो। 
John 15:13 इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। 
John 15:14 जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो। 
John 15:15 अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्‍वामी क्या करता है: परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं। 
John 15:16 तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे। 
John 15:17 इन बातों की आज्ञा मैं तुम्हें इसलिये देता हूं, कि तुम एक दूसरे से प्रेम रखो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 4-6
  • मत्ती 14:22-36


शनिवार, 21 जनवरी 2017

निर्भर


   अफ्रीका के एक देश घाना के राष्ट्रगीत की प्रथम पंक्ति है, "परमेश्वर हमारे देश घाना को आशीष दे।" अफ्रीका के कुछ अन्य देशों के राष्ट्रगानों में भी कुछ ऐसी ही बात पाई जाती है: "हे यूगाण्डा, परमेश्वर तुझे संभाले रहे", "परमेश्वर हमारे देश को आशीष दे" (दक्षिणी अफ्रीका), "हे सृष्टि के महान परमेश्वर, हमारे महान उद्देश्य को दिशा दे" (नाईजीरिया)। देश के राष्ट्रगानों को प्रार्थना के रूप में प्रयोग करके, उनके संस्थापक पिताओं ने परमेश्वर से देश और वहाँ के लोगों के लिए आशीष चाही। ना केवल अफ्रीका में वरन संसार भर के अनेकों अन्य देशों के राष्ट्रगानों में परमेश्वर को सृष्टिकर्ता और पालनहार माना गया है। राष्ट्रगानों की अन्य पंक्तियों में भी, जातिवाद, राजनैतिक विचार-धारा और सामाजिक असमानताओं द्वारा विभाजित समाज के लिए परमेश्वर से परस्पर मेल-मिलाप, परिवर्तन और आशा की प्रार्थनाएं हैं।

   लेकिन फिर भी आज अनेकों राष्ट्रीय अगुए और नागरिक परमेश्वर को भुला कर, इन पंक्तियों के अनुसार नहीं वरन अपनी ही इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत करते हैं, विशेषकर तब जब सब कुछ अच्छा चल रहा हो। परन्तु परमेश्वर को स्मरण करने के लिए युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, आतंकियों के हमलों, बीमारियों, राजनैतिक चुनावों की हिंसा आदि की प्रतीक्षा क्यों की जाए? परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्त्राएलियों को मूसा के द्वारा चिताया कि वे परमेश्वर को भुला ना दें और उसके मार्गों पर चलना ना छोड़ें, विशेषकर तब जब जीवन अच्छे से चल रहा हो (व्यवस्थाविवरण 8:11)। बाइबल में एक अन्य स्थान पर परमेश्वर हमें सचेत करता है कि: "अपनी जवानी के दिनों में अपने सृजनहार को स्मरण रख, इस से पहिले कि विपत्ति के दिन और वे वर्ष आएं, जिन में तू कहे कि मेरा मन इन में नहीं लगाता" (सभोपदेशक 12:1)।

   ऐसे समयों में, जब हम स्वस्थ और सबल होते हैं, परमेश्वर के निकट आना और बने रहना हमें उन समयों के लिए तैयार करता है जब हम कठिन परिस्थितियों में आएं; और तब ऐसे में हम निःसंकोच अपने सहारे और आशा के लिए उस पर निर्भर हो सकते हैं। - लॉरेंस दरमानी


अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर पिता को स्मरण रखने को अपना व्यक्तिगत गान बना लें।

मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा। मैं तेरे सब कामों पर ध्यान करूंगा, और तेरे बड़े कामों को सोचूंगा। हे परमेश्वर तेरी गति पवित्रता की है। कौन सा देवता परमेश्वर के तुल्य बड़ा है? अद्भुत काम करने वाला ईश्वर तू ही है, तू ने अपने देश देश के लोगों पर अपनी शक्ति प्रगट की है।  - भजन 77:11-14

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 8:11-18
Deuteronomy 8:11 इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे; 
Deuteronomy 8:12 ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे, 
Deuteronomy 8:13 और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, 
Deuteronomy 8:14 तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है, 
Deuteronomy 8:15 और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विष वाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उसने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला, 
Deuteronomy 8:16 और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के अन्त में तेरा भला ही करे। 
Deuteronomy 8:17 और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई। 
Deuteronomy 8:18 परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 1-3
  • मत्ती 14:1-21