ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

अतीत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अतीत लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

वास्तविक

 

         कई वर्षों तक मेरा अतीत का जीवन और उसकी कमियां तथा बुराइयां, मेरे वर्तमान जीवन पर बहुत प्रभाव डालता रहा। मुझे यही भय रहता था कि क्या होगा यदि लोगों को मेरे अतीत और बुराइयों के बारे में पता चलेगा? यद्यपि परमेश्वर ने मेरी सहायता की और मैं साहस कर के इसके विषय चर्चा करने के लिए एक मसीही सेवकाई की अगुवाई करने वाली महिला को दोपहर के भोजन के लिए अपने घर पर आमंत्रित कर सकी। किन्तु फिर भी मैं उसके सामने अपने आप को बिलकुल ठीक और भली दिखाना चाह रही थी। मैंने अपने घर की अच्छे से सफाई करके उसे खूब चमका दिया, कोई दाग़-धब्बा नहीं रहने दिया, अच्छा सा भोजन बना लिया, और अपनी सबसे अच्छी जींस और ब्लाउज़ पहन लिया, और उसकी प्रतीक्षा करने लगी।

         तभी मुझे ध्यान आया कि बाहर लॉन पर पानी छिड़कने का फव्वारा चल रहा है, और मैं उसे बन्द करने के लिए दौड़कर बाहर गई। उसके बल खाए हुए पाईप को सीधा कर के मैं उसे बन्द करने का प्रयास कर रही थी, कि उसकी नाली मेरी तरफ घूमी और मुझे पानी की तेज़ धार ने पूरा भिगो दिया। मैं चिल्लाई, अन्दर जाकर तौलिये से अपने बाल सुखाने का प्रयास करने लगी, मेरा मेकप पानी से बहकर मेरे चेहरे को खराब कर रहा था, और मुझे अपने कपड़े  बदल कर सामान्य कपड़े पहनने पड़े। मैं अपने आप को अभी ठीक कर ही रही थी कि दरवाज़े की घंटी बजी – मेरी मेहमान भोजन के लिए पहुँच गई थी। मैंने अपनी उस अस्त-व्यस्त हालत में ही उसका स्वागत किया, उसे अन्दर बिठाया, अपनी दशा को समझाया, और उसे भोजन पर आमंत्रित करने के अपने उद्देश्य को बताया। मेरी उस नई सहेली ने मेरे साथ उसके अपने अतीत के कारण होने वाली असुरक्षा और भय, और दोष बोध की भावनाओं को बताया। हमने मिलकर प्रार्थना की, और उसने मुझे अपने साथ परमेश्वर की अपूर्ण सेविकाओं की टीम में सम्मिलित कर लिया।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रेरित पौलुस ने मसीह यीशु में अपने नए जीवन को स्वीकार करने पर अपने अतीत की बातों को स्वीकार करने से मुँह नहीं मोड़ा, और न ही अपने अतीत को परमेश्वर की सेवा करने में बाधा बनने दिया (1 तिमुथियुस 1:12-14)। क्योंकि पौलुस अच्छे से समझता था कि क्रूस पर किए गए प्रभु यीशु के कार्य के द्वारा वह बचाया गया है, और प्रभु ने उसे बदल दिया है – सबसे अधम पापी  को भी अपने योग्य बना लिया है – इसलिए उसने परमेश्वर की स्तुति और बड़ाई की तथा औरों को प्रोत्साहित किया कि वे भी परमेश्वर को आदर दें और उसकी आज्ञाकारिता में रहें (पद 15-17)।

         जब हम परमेश्वर के अनुग्रह और क्षमा को स्वीकार कर लेते हैं, तब हम अपने अतीत से मुक्त हो जाते हैं। चाहे हम में कमियाँ हों, परन्तु प्रभु परमेश्वर हम से बहुत प्रेम करता है। इसलिए अपने वास्तविक जीवन को लेकर हमें शर्मिंदा रहने की आवश्यकता नहीं है; हम परमेश्वर द्वारा हमें दिए गए वरदानों के द्वारा, उसके द्वारा निर्धारित की गई सेवकाई को निःसंकोच निभा सकते हैं। - सोहचील डिक्सन

 

हम जैसे भी हैं, परमेश्वर हमें स्वीकार करता है, और अपने लिए उपयोगी बना लेता है।


परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था। - 1 कुरिन्थियों 15:10

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 1:12-17

1 तीमुथियुस 1:12 और मैं, अपने प्रभु मसीह यीशु का, जिसने मुझे सामर्थ्य दी है, धन्यवाद करता हूं; कि उसने मुझे विश्वास योग्य समझकर अपनी सेवा के लिये ठहराया।

1 तीमुथियुस 1:13 मैं तो पहिले निन्दा करने वाला, और सताने वाला, और अन्धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे।

1 तीमुथियुस 1:14 और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ।

1 तीमुथियुस 1:15 यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं।

1 तीमुथियुस 1:16 पर मुझ पर इसलिये दया हुई, कि मुझ सब से बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उन के लिये मैं एक आदर्श बनूं।

1 तीमुथियुस 1:17 अब सनातन राजा अर्थात अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 62-64
  • 1 तिमुथियुस 1

बुधवार, 30 जनवरी 2019

पुनर्निर्माण



      एडवर्ड क्ली जब अनेकों वर्षों तक बाहर रहने के पश्चात, बर्लिन लौट कर आए, तो उन्होंने पाया कि जिस शहर की उनकी स्मृतियाँ थीं और जिससे वे प्रेम करते थे, अब वह नहीं था; अब वह बिलकुल बदल गया था, और उन्होंने ध्यान किया कि इतने वर्षों में वे भी बहुत बदल गए थे। क्ली ने हेमिस्फेयर्स पत्रिका में अपने एक लेख में इसके विषय लिखा, “जिस शहर से आप प्रेम करते हैं, वहाँ लौट कर आना अप्रत्याशित हो सकता है...यह निराशात्मक भी हो सकता है।” अपने बीते समय के स्थानों पर जाना दुःख और हानि का आभास करवा सकता है। हम अब वह व्यक्ति नहीं हैं जो हम तब थे, और न ही वह स्थान जो हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण है वैसा है जैसा तब था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नहेम्याह के विषय में देखते हैं कि वह अनेकों वर्षों से, इस्राएल के देश से दूर, निर्वासन में था। ऐसी परिस्थिति में उसे अपने लोगों की दुर्दशा और यरूशलेम के विनाश के बारे में पता चला। तब उसने फारस के राजा अर्तक्षत्र से अनुमति ली कि वह यरूशलेम जाकर वहाँ की शहरपनाह का पुनर्निर्माण करे। एक रात यरूशलेम की शहरपनाह की टोह लेने के बाद (नहेम्याह 2:13-15), नहेम्याह ने वहाँ के लोगों से कहा, “तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे” (पद 17)।

      नहेम्याह वापस केवल अपनी यादों को दोहराने के लिए नहीं आया था, वरन उस टूटे हुए को फिर से बनाने के लिए आया था। यह हमारे लिए एक सशक्त पाठ है; हम अपने अतीत के टूटे और बिगड़े हुए भागों को फिर से ठीक करके स्थापित करें। प्रभु यीशु में हमारा विश्वास, और हमारे जीवनों में कार्यकारी उसकी सामर्थ्य हमें आगे की ओर देखने, और टूटे हुए का पुनर्निर्माण करने के लिए सबल करती है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


हम अतीत को बदल तो नहीं सकते हैं, परन्तु परमेश्वर हमें भविष्य के लिए बदल रहा है।

परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: नहेम्याह 2:11-18
Nehemiah 2:11 जब मैं यरूशलेम पहुंच गया, तब वहां तीन दिन रहा।
Nehemiah 2:12 तब मैं थोड़े पुरुषों को ले कर रात को उठा; मैं ने किसी को नहीं बताया कि मेरे परमेश्वर ने यरूशलेम के हित के लिये मेरे मन में क्या उपजाया था। और अपनी सवारी के पशु को छोड़ कोई पशु मेरे संग न था।
Nehemiah 2:13 मैं रात को तराई के फाटक में हो कर निकला और अजगर के सोते की ओर, और कूड़ाफाटक के पास गया, और यरूशलेम की टूटी पड़ी हुई शहरपनाह और जले फाटकों को देखा।
Nehemiah 2:14 तब मैं आगे बढ़ कर सोते के फाटक और राजा के कुण्ड के पास गया; परन्तु मेरी सवारी के पशु के लिये आगे जाने को स्थान न था।
Nehemiah 2:15 तब मैं रात ही रात नाले से हो कर शहरपनाह को देखता हुआ चढ़ गया; फिर घूम कर तराई के फाटक से भीतर आया, और इस प्रकार लौट आया।
Nehemiah 2:16 और हाकिम न जानते थे कि मैं कहां गया और क्या करता था; वरन मैं ने तब तक न तो यहूदियों को कुछ बताया था और न याजकों और न रईसों और न हाकिमों और न दूसरे काम करने वालों को।
Nehemiah 2:17 तब मैं ने उन से कहा, तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।
Nehemiah 2:18 फिर मैं ने उन को बतलाया, कि मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर कैसी हुई और राजा ने मुझ से क्या क्या बातें कही थीं। तब उन्होंने कहा, आओ हम कमर बान्धकर बनाने लगें। और उन्होंने इस भले काम को करने के लिये हियाव बान्ध लिया।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16



गुरुवार, 28 जून 2018

अतीत



      क्रिस बेकर एक गोदने (टैट्टू) बनाने वाले कलाकार हैं जो पीड़ा और दासत्व की निशानियों को कलाकृतियों में रूपांतरित करते हैं। उनके ग्राहकों में से अनेकों लोग पहले अपराधिक गिरोहों के सदस्य और मानव व्यापार के शिकार हुए जन हैं। इन लोगों के शरीरों पर पहचान के लिए चिन्ह, नाम, या कोड गोद दिए जाते थे; क्रिस अब उन पुराने गोदनों पर नए चित्र गोद कर, सुन्दर कलाकृतियां बनाते हैं।

      जो कार्य क्रिस बेकर त्वचा के साथ करते हैं, वही कार्य प्रभु यीशु मसीह मनुश्यों की आत्माओं तथा जीवन के साथ करते हैं – जीवन पर आए पाप और बुराई के दागों को हटा कर हमें अपने स्वरूप में रूपांतरित कर देते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल बताती है कि “सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं” (2 कुरिन्थियों 5:17)। प्रभु यीशु के पास आने से पहले हम अपनी ही इच्छाओं के अनुसार चलते हैं, वे इच्छाएं हमें चाहे जहाँ ले जाएँ, और यह हमारी जीवन शैली से झलकता है। जब हम पापों से पश्चाताप करके अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित करते हैं, तो हमारे पुराने जीवन की लालसाएं और बुराईयां हमारे जीवनों से हटने लगती हैं, और हम नए स्वरूप में परिवर्तित होने लगते हैं; “और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया...”(2 कुरिन्थियों 5:18)।

      परन्तु इस नए स्वरूप में भी जीवन सदा ही सहज नहीं होता है। पुरानी आदतों से हटने में समय लग सकता है, और जो विचार हमारी पुरानी जीवन शैली का आधार थे, उनके साथ संघर्ष करने पड़ सकते हैं। परन्तु परमेश्वर का आत्मा हम में कार्य करता रहता है, हमें संभाले रहता है, भीतरी सामर्थ्य और प्रभु यीशु के प्रेम की समझ प्रदान करता है। हम अंश अंश करके प्रभु की समानता में बदलते जाते हैं, अतीत को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ते जाते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


भविष्य का आनन्द लेने के लिए, 
अपने अतीत के लिए प्रभु परमेश्वर की क्षमा को स्वीकार कर लें।

...तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:12-21
2 Corinthians 5:12 हम फिर भी अपनी बड़ाई तुम्हारे साम्हने नहीं करते वरन हम अपने विषय में तुम्हें घमण्‍ड करने का अवसर देते हैं, कि तुम उन्हें उत्तर दे सको, जो मन पर नहीं, वरन दिखवटी बातों पर घमण्‍ड करते हैं।
2 Corinthians 5:13 यदि हम बेसुध हैं, तो परमेश्वर के लिये; और यदि चैतन्य हैं, तो तुम्हारे लिये हैं।
2 Corinthians 5:14 क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए।
2 Corinthians 5:15 और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा।
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे।
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है।
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21



सोमवार, 23 जनवरी 2017

क्षमा


   मैं दो ऐसे लोगों के साथ भोजन पर था जिन्होंने अपने कारावास में दण्ड भोगने के दौरान प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण किया था। उनमें से छोटी उम्र वाला इस बात से निराश था कि जिस परिवार से उसने चुराया था, वह उसे क्षमा करने के लिए तैयार नहीं था।

   दूसरे व्यक्ति ने, जो उम्र में बड़ा था, अपने अनुभव के आधार पर कहा, "मेरा अपराध हिंसात्मक था; उसका प्रभाव आज भी उस परिवार को परेशान करता है। उन्होंने भी मुझे क्षमा नहीं किया है...उनकी पीड़ा बहुत अधिक है। पहले तो उनसे क्षमा मिलने की लालसा ने मुझे निष्क्रीय बनाए रखा। लेकिन एक दिन मुझे एहसास हुआ कि ऐसा कर के मैं अपने पश्चाताप में अपना स्वार्थ मिला रहा हूँ। उस परिवार द्वारा क्षमा की अपेक्षा रखना बहुत बड़ी बात थी। अपने अतीत से चंगा होने के लिए मैं अपनी इच्छानुसार कुछ होते हुए देखना चाहता था। मुझे यह समझने में कुछ समय लगा कि उस परिवार द्वारा मुझे क्षमा कर देना उनके और परमेश्वर के बीच की बात है।"

   तब पहले व्यक्ति ने पूछा, "आप कैसे इसे सहन करने पाए?"

   तो दूसरे ने समझाया, "परमेश्वर ने मेरे लिए वह किया जिसके लिए मैं कदापि योग्य नहीं था और जो मेरे लिए कोई और कभी नहीं कर सकता था। वह मेरे पापों के लिए मरा, और अपने वायदे के अनुसार मेरे पापों को मुझ से इतना दूर कर दिया जितना उदयाचल से अस्ताचल दूर है (भजन 103:12); और अब वह मेरे पापों को कभी स्मरण नहीं करता है (यशायाह 43:25)।"

   इतने महान प्रेम के समक्ष, उसकी क्षमा को ही अपने लिए पर्याप्त स्वीकार करके हम उसका आदर करते हैं; उसमें और किसी बात की लालसा को जोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। पुरानी बातों में उलझे रहने की बजाए, जो बीत गया उसे पीछे छोड़कर अब हमें अपने नए जीवन में आगे बढ़ते जाना है। - रैंडी किलगोर


प्रभु यीशु का कार्य प्रत्येक पाप के निवारण के लिए पर्याप्त है।

क्या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। - 1 कुरिन्थियों 9:24

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-16
Philippians 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है। 
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूँ। 
Philippians 3:9 और उस में पाया जाऊँ; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है। 
Philippians 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी होने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूँ। 
Philippians 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं। 
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था। 
Philippians 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। 
Philippians 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊँ, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। 
Philippians 3:15 सो हम में से जितने सिद्ध हैं, यही विचार रखें, और यदि किसी बात में तुम्हारा और ही विचार हो तो परमेश्वर उसे भी तुम पर प्रगट कर देगा। 
Philippians 3:16 सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 7-8
  • मत्ती 15:1-20


बुधवार, 6 जुलाई 2016

मार्ग


   संभवतः आपने यह उक्ति सुनी होगी, "जीवन के मार्ग में अतीत के अनुभव, भविष्य के लिए मार्गदर्शक हैं ना कि थाम कर बैठ जाने का कारण।" बीते समयों की यादों तथा अनुभवों के आधार पर जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग ढूंढ़ने की बजाए, उन यादों तथा अनुभवों में थम कर बैठ जाना काफी सरल होता है। हम सब बीते दिनों की यादों को लेकर शिथिल होकर बैठने के प्रति अतिसंवेदन शील रहते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक नबी, यिर्मयाह, जिसे परमेश्वर ने संसार भर की जातियों के लिए भविष्यद्वक्ता होने के लिए बुलाया था (यिर्मयाह 1:4-5), यरुशालेम के निकट के एक छोटे नगर में रहने वाला पुरोहित था। यिर्मयाह को परमेश्वर ने एक बहुत कठिन कार्य सौंपा - लोगों को परमेश्वर से विमुख हो जाने के कारण उन पर आने वाले परमेश्वर के न्याय के बारे में बताए, मुख्यतः यहूदा के लोगों को। अपनी इस ज़िम्मेदारी को निभाते समय यिर्मयाह ने यह स्पष्ट कर दिया कि जो सन्देश वह दे रहा है उसका अपना नहीं है, वरन उसे परमेश्वर की ओर से मिला है (यिर्मयाह 7:1-2)।

   परमेश्वर ने उसके द्वारा लोगों से कहा: "...सड़कों पर खडे हो कर देखो, और पूछो कि प्राचीनकाल का अच्छा मार्ग कौन सा है, उसी में चलो, और तुम अपने अपने मन में चैन पाओगे। पर उन्होंने कहा, हम उस पर न चलेंगे" (यिर्मयाह 6:16)। परमेश्वर चाहता था कि लोग आगे बढ़ने के लिए अपने अतीत पर ग़ौर करें, ताकि उन्हीं गलतियों को पुनः ना दोहराएं। बीते समयों और अनुभवों पर विचार करने से लोगों के लिए परमेश्वर के खरे मार्गों को पहचानना, परमेश्वर की विश्वासयोग्यता तथा उसकी उपलब्ध क्षमा को जानना, और जीवन में हमारे सही मार्ग पर आगे बढ़ने की उसकी इच्छा को समझना सरल हो जाता। परमेश्वर हमें हमारे अतीत से सिखाता है कि आगे बढ़ने का सही मार्ग उसपर विश्वास करके, उसके वचन बाइबल की शिक्षाओं के मार्गदर्शन द्वारा हमें मिलता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


बीते समयों में परमेश्वर की संगति से मिले अनुभव, 
अच्छे भविष्य के लिए उसके मार्गदर्शन में चलने की इच्छा जागृत करते हैं।

प्राचीनकाल के दिनों को स्मरण करो, पीढ़ी पीढ़ी के वर्षों को विचारो; अपने बाप से पूछो, और वह तुम को बताएगा; अपने वृद्ध लोगों से प्रश्न करो, और वे तुझ से कह देंगे। - व्यवस्थाविवरण 32:7

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 6:10-20
Jeremiah 6:10 मैं किस से बोलूं और किस को चिता कर कहूं कि वे मानें? देख, ये ऊंचा सुनते हैं, वे ध्यान भी नहीं दे सकते; देख, यहोवा के वचन की वे निन्दा करते और उसे नहीं चाहते हैं। 
Jeremiah 6:11 इस कारण यहोवा का कोप मेरे मन में भर गया हे; मैं उसे रोकते रोकते उकता गया हूँ। बाज़ारों में बच्चों पर और जवानों की सभा में भी उसे उंडेल दे; क्योंकि पति अपनी पत्नी के साथ और अधेड़ बूढ़े के साथ पकड़ा जाएगा। 
Jeremiah 6:12 उन लोगों के घर और खेत और स्त्रियां सब औरों की हो जाएंगीं; क्योंकि मैं इस देश के रहने वालों पर हाथ बढ़ाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है। 
Jeremiah 6:13 क्योंकि उन में छोटे से ले कर बड़े तक सब के सब लालची हैं; और क्या भविष्यद्वक्ता क्या याजक सब के सब छल से काम करते हैं। 
Jeremiah 6:14 वे, “शान्ति है, शान्ति,” ऐसा कह कह कर मेरी प्रजा के घाव को ऊपर ही ऊपर चंगा करते हैं, परन्तु शान्ति कुछ भी नहीं। 
Jeremiah 6:15 क्या वे कभी अपने घृणित कामों के कारण लज्जित हुए? नहीं, वे कुछ भी लज्जित नहीं हुए; वे लज्जित होना जानते ही नहीं; इस कारण जब और लोग नीचे गिरें, तब वे भी गिरेंगे, और जब मैं उन को दण्ड देने लगूंगा, तब वे ठोकर खाकर गिरेंगे, यहोवा का यही वचन है। 
Jeremiah 6:16 यहोवा यों भी कहता है, सड़कों पर खडे हो कर देखो, और पूछो कि प्राचीनकाल का अच्छा मार्ग कौन सा है, उसी में चलो, और तुम अपने अपने मन में चैन पाओगे। पर उन्होंने कहा, हम उस पर न चलेंगे। 
Jeremiah 6:17 मैं ने तुम्हारे लिये पहरुए बैठा कर कहा, नरसिंगे का शब्द ध्यान से सुनना! पर उन्होंने कहा, हम न सुनेंगे। 
Jeremiah 6:18 इसलिये, हे जातियो, सुनो, और हे मण्डली, देख, कि इन लोगों में क्या हो रहा है। 
Jeremiah 6:19 हे पृथ्वी, सुन; देख, कि मैं इस जाति पर वह विपत्ति ले आऊंगा जो उनकी कल्पनाओं का फल है, क्योंकि इन्होंने मेरे वचनों पर ध्यान नहीं लगाया, और मेरी शिक्षा को इन्होंने निकम्मी जाना है। 
Jeremiah 6:20 मेरे लिये जो लोबान शबा से, और सुगन्धित नरकट जो दूर देश से आता है, इसका क्या प्रयोजन है? तुम्हारे होमबलियों से मैं प्रसन्न नहीं हूँ, और न तुम्हारे मेलबलि मुझे मीठे लगते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 32-33
  • प्रेरितों 14


मंगलवार, 13 अक्टूबर 2015

अतीत


   प्रिज़न फ़ेलोशिप (कारावास सेवकाई) के संस्थापक, चक कोल्सन ने जीवन के 40 वर्ष लोगों तक प्रभु यीशु का सुसमाचार पहुँचाने और सुनाने का कार्य किया। जब अप्रैल 2012 में उनका देहान्त हुआ तो एक समाचार पत्र ने मुखपृष्ठ पर इसे मुख्यसमाचार बनाकर इस शीर्षक के साथ छापा: "राष्ट्रपति निक्सन के लिए कुकृत्य करने वाले चार्ल्स कोल्सन का 80 वर्ष की आयु में देहान्त।" यह अचंभित करने वाली बात थी कि प्रभु यीशु को जीवन समर्पण करने से दशकों पहले और केवल कुछ समय तक अपने राजनैतिक स्वामियों के लिए अनैतिक और अन्यायसंगत कार्य करने के कारण कोल्सन की प्रभु यीशु के लिए करी गई सेवा और समर्पण का जीवन नज़रन्दाज़ कर दिया गया; प्रभु यीशु को जानने और मानने से उनके जीवन में आए आमूलचूल परिवर्तन को कोई महत्व नहीं दिया गया, उन्हें उनके अतीत के कुकर्मों के साथ ही स्मरण किया गया।

   प्रेरित पौलुस के मसीही विश्वास में आने और प्रभु यीशु द्वारा परिवर्तित होने को भी आरंभ में लोगों ने सन्देह और भय के साथ देखा क्योंकि वह पहले मसीही विश्वासियों को सतानेवाला व्यक्ति था। जब पौलुस ने प्रभु यीशु का प्रचार करना और यह बताना आरंभ किया कि वह ही परमेश्वर का पुत्र है तो लोगों ने कहा, "...क्या यह वही व्यक्ति नहीं है जो यरूशलेम में उन्हें जो इस नाम को लेते थे नाश करता था, और यहां भी इसी लिये आया था, कि उन्हें बान्‍ध कर महायाजकों के पास ले आए?" (प्रेरितों 9:21)। जब पौलुस ने यरुशालेम जाकर प्रभु यीशु के चेलों के साथ जुड़ना चाहा, तो उन्होंने उसका विश्वास नहीं किया, वरन वे उससे डरते रहे। बाद के समयों में पौलुस ने कभी अपने अतीत को भुलाया नहीं, लेकिन अपने बीते समयों के कुकृत्यों से मिली बदनामी के वर्णन को परमेश्वर के अनुग्रह के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया (1 तिमुथियुस 1:13-14)।

   पौलुस के समान हमें अपने अतीत की असफलताओं का प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं है, और ना ही यह जताने का प्रयास करना चाहिए कि मानो वे गलत कार्य हमसे हुए ही नहीं। लेकिन हम परमेश्वर का धन्यवाद कर सकते हैं कि उसके प्रेम, अनुग्रह और सामर्थ से प्रभु यीशु में होकर हमारे पाप क्षमा किए गए, हमारे अतीत के दुषपरिणाम मिटा दिए गए, हमारा वर्तमान बदल दिया गया, हमारे भविष्य को आशा और अनन्त आशीष के साथ ज्योतिर्मय कर दिया गया है और स्वर्ग में हमारे लिए एक अजर, अमर और अनन्त मीरास तैयार रखी गई है। - डेविड मैक्कैसलैंड


केवल प्रभु यीशु ही जीवन परिवर्तित कर सकता है।

क्योंकि मैं प्रेरितों में सब से छोटा हूं, वरन प्रेरित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था। परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था। - 1 कुरिन्थियों 15:9-10

बाइबल पाठ: प्रेरितों 9:20-30
Acts 9:20 और वह तुरन्त आराधनालयों में यीशु का प्रचार करने लगा, कि वह परमेश्वर का पुत्र है। 
Acts 9:21 और सब सुनने वाले चकित हो कर कहने लगे; क्या यह वही व्यक्ति नहीं है जो यरूशलेम में उन्हें जो इस नाम को लेते थे नाश करता था, और यहां भी इसी लिये आया था, कि उन्हें बान्‍ध कर महायाजकों के पास ले आए? 
Acts 9:22 परन्तु शाऊल और भी सामर्थी होता गया, और इस बात का प्रमाण दे देकर कि मसीह यही है, दमिश्क के रहने वाले यहूदियों का मुंह बन्‍द करता रहा।
Acts 9:23 जब बहुत दिन बीत गए, तो यहूदियों ने मिलकर उसके मार डालने की युक्ति निकाली। 
Acts 9:24 परन्तु उन की युक्ति शाऊल को मालूम हो गई: वे तो उसके मार डालने के लिये रात दिन फाटकों पर लगे रहे थे। 
Acts 9:25 परन्तु रात को उसके चेलों ने उसे ले कर टोकरे में बैठाया, और शहरपनाह पर से लटका कर उतार दिया।
Acts 9:26 यरूशलेम में पहुंचकर उसने चेलों के साथ मिल जाने का उपाय किया: परन्तु सब उस से डरते थे, क्योंकि उन को प्रतीति न होता था, कि वह भी चेला है। 
Acts 9:27 परन्तु बरनबास उसे अपने साथ प्रेरितों के पास ले जा कर उन से कहा, कि इस ने किस रीति से मार्ग में प्रभु को देखा, और इस ने इस से बातें कीं; फिर दमिश्क में इस ने कैसे हियाव से यीशु के नाम का प्रचार किया। 
Acts 9:28 वह उन के साथ यरूशलेम में आता जाता रहा। 
Acts 9:29 और निधड़क हो कर प्रभु के नाम से प्रचार करता था: और यूनानी भाषा बोलने वाले यहूदियों के साथ बातचीत और वाद-विवाद करता था; परन्तु वे उसके मार डालने का यत्‍न करने लगे। 
Acts 9:30 यह जानकर भाई उसे कैसरिया में ले आए, और तरसुस को भेज दिया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 41-42
  • 1 थिस्सलुनीकियों 1


रविवार, 27 मार्च 2011

अतीत बदला गया

प्रभु यीशु के जन्म से लगभग ४०० वर्ष पूर्व, युनानी कवि अगाथन ने कहा था, "परमेश्वर भी अतीत को बदल नहीं सकता।" एतिहासिक दृष्टिकोण से यह बात सही है, जो बीत चुका है उसे बदला नहीं जा सकता। लेकिन जब परमेश्वर ने अपने पुत्र को क्रुस पर मरने भेजा, तो उसने हमारे पापमय अतीत को मिटा देने का मार्ग तैयार कर दिया।

जो प्रभु यीशु ने हमारे लिए किया, डौनलड बार्नहाउस उसका वर्णन इन शब्दों में करते हैं: "जैसे, यदि समुद्रतल में कोई छेद या दरार समुद्र के पानी को धरती की गहराईयों में धधकती हुई ज्वालओं तक जाने दे, तो उसके कारण होने वाले विस्फोट से यह धरती फट जाएगी; वैसे ही प्रभु यीशु मसीह के मारे जाने और जी उठने के द्वारा अतीत की पर्तें फट गईं और अनन्त काल अतीत में बह निकला, अतीत की सब बातों को उथल-पुथल और टुकड़े टुकड़े कर दिया। यीशु ने प्रत्येक विश्वास करने वाले के अतीत को लिया, अपने लहू से उसे धो कर साफ किया और उसके जीवन को ऐसा बदल डाला कि अब वह समय की सीमाओं मे बन्धा नहीं रहा वरन अनन्त जीवन उसमें आ गया।"

कवि ने कहा, "काश कोई ऐसा स्थान होता जहाँ पुनः आरंभ संभव हो पाता।" ऐसा स्थान है - प्रभु यीशु में, क्योंकि "...यीशु मसीह का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है" (१ यूहन्ना १:७) और "सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।" (२ कुरिन्थियों ५:१७)

यही सुसमाचार का चमत्कार है। जिन्हों ने मसीह यीशु के पाप क्षमा के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, उनके लिए उसने "विधियों का वह लेख जो हमारे नाम पर और हमारे विरोध में या मिटा डाला, और उस को क्रूस पर कीलों से जड़ कर सामने से हटा दिया है। " (कुलुस्सियों २:१४)

परमेश्वर ने हमारे पापमय अतीत को पूर्णतः साफ कर दिया है। - पौल वैन गोर्डर


प्रभु का उद्धार घोर पापी को भी उत्तम संत बना देता है।

जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं। - २ कुरिन्थियों ५:२१


बाइबल पाठ:

Col 2:1 मैं चाहता हूं कि तुम जान लो, कि तुम्हारे और उन के जो लौदीकिया में हैं, और उन सब के लिये जिन्‍होंने मेरा शारीरिक मुंह नहीं देखा मैं कैसा परिश्रम करता हूं।
Col 2:2 ताकि उन के मनों में शान्‍ति हो और वे प्रेम से आपस में गठे रहें, और वे पूरी समझ का सारा धन प्राप्‍त करें, और परमेश्वर पिता के भेद को अर्थात मसीह को पहिचान लें।
Col 2:3 जिस में बुद्धि और ज्ञान के सारे भण्‍डार छिपे हुए हैं।
Col 2:4 यह मैं इसलिये कहता हूं, कि कोई मनुष्य तुम्हें लुभाने वाली बातों से धोखा न दे।
Col 2:5 क्‍योंकि मैं यदि शरीर के भाव से तुम से दूर हूं, तौभी आत्मिक भाव से तुम्हारे निकट हूं, और तुम्हारे विधि-अनुसार चरित्र और तुम्हारे विश्वास की जो मसीह में है दृढ़ता देखकर प्रसन्न होता हूं।
Col 2:6 सो जैसे तुम ने मसीह यीशु को प्रभु करके ग्रहण कर लिया है, वैसे ही उसी में चलते रहो।
Col 2:7 और उसी में जड़ पकड़ते और बढ़ते जाओ, और जैसे तुम सिखाए गए वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ, और अत्यन्‍त धन्यवाद करते रहो।
Col 2:8 चौकस रहो कि कोई तुम्हें उस तत्‍व-ज्ञान और व्यर्थ धोखे के द्वारा अहेर न करे ले, जो मनुष्यों के परम्पराई मत और संसार की आदि शिक्षा के अनुसार है, पर मसीह के अनुसार नहीं।
Col 2:9 क्‍योंकि उस में ईश्वरत्‍व की सारी परिपूर्णता सदेह वास करती है।
Col 2:10 और तुम उसी में भरपूर हो गए हो जो सारी प्रधानता और अधिकार का शिरोमणि है।
Col 2:11 उसी में तुम्हारा ऐसा खतना हुआ है, जो हाथ से नहीं होता, अर्थात मसीह का खतना, जिस से शारीरिक देह उतार दी जाती है।
Col 2:12 और उसी के साथ बपतिस्मे में गाड़े गए, और उसी में परमेश्वर की शक्ति पर विश्वास करके, जिस ने उस को मरे हुओं में से जिलाया, उसके साथ जी भी उठे।
Col 2:13 और उस ने तुम्हें भी, जो अपने अपराधों, और अपने शरीर की खतनारिहत दशा में मुर्दा थे, उसे साथ जिलाया, और हमारे सब अपराधों को क्षमा किया।
Col 2:14 और विधियों का वह लेख जो हमारे नाम पर और हमारे विरोध में या मिटा डाला, और उस को क्रूस पर कीलों से जड़ कर सामने से हटा दिया है।

एक साल में बाइबल:
  • न्यायियों १-३
  • लूका ४:१-३०