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बुधवार, 12 अगस्त 2020

सहायता


    मोर्स कोड का सिगनल एस.ओ.एस. सन 1905 में बना, क्योंकि घोर संकट में फंसे नाविकों को शीघ्रता से सहायता माँगने के लिए कुछ संकेत चाहिए था। इस सिग्नल को सन 1910 में ख्याति मिली जब एक डूबते हुए जहाज़ स्टीमशिप केनटकी के सभी छियालीस लोग इस सिग्नल से समय पर मिली सहायता के कारण बचा लिए गए।

     एस.ओ.एस. चाहे हाल ही का आविष्कार हो, किन्तु शीघ्र सहायता के लिए पुकारना मानव इतिहास जितना ही प्राचीन है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम इसे बहुधा यहोशू की पुस्तक में यहोशू द्वारा प्रयोग होते हुए देखते हैं, जब उसे साथी इस्राएलियों के विरोध (यहोशू 9:18) और चुनौतीपूर्ण भूभागों (यहोशू 3:15-17) का चौदह वर्षों से भी अधिक तक सामना करना पड़ा, जब इस्राएली धीरे धीरे कनान को जीतते जा रहे थे और उसमें बसते जा रहे थे।  इस सारे संघर्ष के समय में “परमेश्वर यहोशू के संग रहा” (यहोशू 6:27)।

    यहोशू 10 अध्याय में, इस्राएली गिबोनियों की सहायता के लिए जाते हैं, जिन्होंने इस्राएलियों के साथ संधि की थी और पाँच राजाओं ने मिलकर उन पर आक्रमण किया था। यहोशू जानता था कि उसे इतने ढेर सारे और बलवान शत्रुओं को हराने के लिए प्रभु की सहायता की आवश्यकता है (पद 12)। परमेश्वर ने यहोशू की प्रार्थना का उत्तर ओलों की तेज़ बौछार, और सूर्य को भी आकाश में रोकने के द्वारा दिया, जिससे इस्राएलियों के पास शत्रु को हराने के लिए और समय उपलब्ध हो गया। यहोशू 10:14 में लिखा है, यहोवा तो इस्राएल की ओर से लड़ता रहा!

    यदि आप किसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में फंसे हुए हैं, तो आप भी परमेश्वर को एक एस.ओ.एस. भेज सकते हैं। यद्यपि आपकी सहायता उससे भिन्न दिखाई देगी जो यहोशू को मिली, परन्तु परमेश्वर अपने समय और विधि से देगा अवश्य। आपकी सहायता किसी अनपेक्षित नौकरी, किसी अच्छी समझ-बूझ रखने वाले चिकित्सक, या दुःख की घड़ी में शान्ति मिलने, आदि के द्वारा आ सकती है। अपना भरोसा बनाए रखें, परमेश्वर किसी भी रीति से आपको सहायता प्रदान कर सकता है, क्योंकि उसे आपकी चिंता रहती है। - लीसा सामरा

 

जब हम सहायता के लिए परमेश्वर को पुकारते हैं, तो भरोसा रखिए वह हमारे साथ होता है।


इसलिये परमेश्वर के बलवन्त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: यहोशू 10:6-15

यहोशू 10:6 तक गिबोन के निवासियों ने गिलगाल की छावनी में यहोशू के पास यों कहला भेजा, कि अपने दासों की ओर से तू अपना हाथ न हटाना; शीघ्र हमारे पास आकर हमें बचा ले, और हमारी सहायता कर; क्योंकि पहाड़ पर रहने वाले एमोरियों के सब राजा हमारे विरुद्ध इकट्ठे हए हैं।

यहोशू 10:7 तब यहोशू सारे योद्धाओं और सब शूरवीरों को संग ले कर गिलगाल से चल पड़ा।

यहोशू 10:8 और यहोवा ने यहोशू से कहा, उन से मत डर, क्योंकि मैं ने उन को तेरे हाथ में कर दिया है; उन में से एक पुरुष भी तेरे सामने टिक न सकेगा।

यहोशू 10:9 तब यहोशू रातोंरात गिलगाल से जा कर एकाएक उन पर टूट पड़ा।

यहोशू 10:10 तब यहोवा ने ऐसा किया कि वे इस्राएलियों से घबरा गए, और इस्राएलियों ने गिबोन के पास उनका बड़ा संहार किया, और बेथोरान के चढ़ाई पर उनका पीछा कर के अजेका और मक्केदा तक उन को मारते गए।

यहोशू 10:11 फिर जब वे इस्राएलियों के सामने से भागकर बेथोरोन की उतराई पर आए, तब अजेका पहुंचने तक यहोवा ने आकाश से बड़े बड़े पत्थर उन पर बरसाए, और वे मर गए; जो ओलों से मारे गए उनकी गिनती इस्राएलियों की तलवार से मारे हुओं से अधिक थी।

यहोशू 10:12 और उस समय, अर्थात जिस दिन यहोवा ने एमोरियों को इस्राएलियों के वश में कर दिया, उस दिन यहोशू ने यहोवा से इस्राएलियों के देखते इस प्रकार कहा, हे सूर्य, तू गिबोन पर, और हे चन्द्रमा, तू अय्यालोन की तराई के ऊपर थमा रह।

यहोशू 10:13 और सूर्य उस समय तक थमा रहा; और चन्द्रमा उस समय तक ठहरा रहा, जब तक उस जाति के लोगों ने अपने शत्रुओं से पलटा न लिया। क्या यह बात याशार नाम पुस्तक में नहीं लिखी है कि सूर्य आकाश-मण्डल के बीचों-बीच ठहरा रहा, और लगभग चार पहर तक न डूबा?

यहोशू 10:14 न तो उस से पहिले कोई ऐसा दिन हुआ और न उसके बाद, जिस में यहोवा ने किसी पुरुष की सुनी हो; क्योंकि यहोवा तो इस्राएल की ओर से लड़ता था।

यहोशू 10:15 तब यहोशू सारे इस्राएलियों समेत गिलगाल की छावनी को लौट गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 84-86
  • रोमियों 12


शनिवार, 4 मई 2019

प्रार्थना



      मैंने एक माँ द्वारा अपने परिवार में लागू किए गए पाँच-मिनिट के नियम के बारे में पढ़ा। उस परिवार के बच्चों को रोज सुबह स्कूल जाने से पाँच मिनिट पहले माँ के पास एकत्रित होना होता था और फिर माँ उन सब के लिए नाम ले-लेकर प्रार्थना करती थी, उन पर परमेश्वर की सुरक्षा और आशीष मांगती थी, और फिर प्यार करके उन्हें स्कूल के लिए रवाना कर देती थी। यदि उस समय पड़ौस का कोई बच्चा आया हुआ होता था, तो उसके लिए भी वैसे ही प्रार्थना की जाती थी। एक बच्चे ने वर्षों बाद बताया कि उसने इस अनुभव से सीखा था कि प्रार्थना उसके लिए कितनी आवश्यक है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 102 का लेखक प्रार्थना के महत्व को जानता था। इस भजन का शीर्षक है “दीन जन की उस समय की प्रार्थना जब वह दुःख का मारा अपने शोक की बातें यहोवा के सामने खोलकर कहता हो।” उस भजनकार ने परमेश्वर को पुकार कर कहा, “हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे! मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले” (पद 1-2), और बताया कि, “यहोवा ने अपने ऊंचे और पवित्र स्थान से दृष्टि कर के स्वर्ग से पृथ्वी की ओर देखा है” (पद 19)।

      परमेश्वर आपकी चिंता करता है और आपकी बात को सुनना चाहता है। चाहे आप अपने दिन पर आशीष माँगने के लिए पाँच-मिनिट के नियम का पालन करें, या गहरी परेशानी में उसके सामने अपनी बात कहने में अधिक समय लगाना चाहें, परन्तु परमेश्वर के साथ प्रार्थना में समय अवश्य बिताएं। आपकी प्रार्थना न केवल आपके लिए सहायक होगी, वरन उससे आपके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति पर गहरा प्रभाव भी पड़ सकता है। - ऐनी सेटास


प्रार्थना इसकी स्वीकृति है कि हमें परमेश्वर की आवश्यकता है।

निरन्‍तर प्रार्थना मे लगे रहो। - 1 थिस्सलुनीकियों 5:17

बाइबल पाठ: भजन 102:1-17
Psalms 102:1 हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे!
Psalms 102:2 मेरे संकट के दिन अपना मुख मुझ से न छिपा ले; अपना कान मेरी ओर लगा; जिस समय मैं पुकारूं, उसी समय फुर्ती से मेरी सुन ले!
Psalms 102:3 क्योंकि मेरे दिन धुएं की नाईं उड़े जाते हैं, और मेरी हडि्डयां लुकटी के समान जल गई हैं।
Psalms 102:4 मेरा मन झुलसी हुई घास की नाईं सूख गया है; और मैं अपनी रोटी खाना भूल जाता हूं।
Psalms 102:5 कराहते कराहते मेरा चमड़ा हडि्डयों में सट गया है।
Psalms 102:6 मैं जंगल के धनेश के समान हो गया हूं, मैं उजड़े स्थानों के उल्लू के समान बन गया हूं।
Psalms 102:7 मैं पड़ा पड़ा जागता रहता हूं और गौरे के समान हो गया हूं जो छत के ऊपर अकेला बैठता है।
Psalms 102:8 मेरे शत्रु लगातार मेरी नामधराई करते हैं, जो मेरे विराध की धुन में बावले हो रहे हैं, वे मेरा नाम ले कर शपथ खाते हैं।
Psalms 102:9 क्योंकि मैं ने रोटी की नाईं राख खाई और आंसू मिला कर पानी पीता हूं।
Psalms 102:10 यह तेरे क्रोध और कोप के कारण हुआ है, क्योंकि तू ने मुझे उठाया, और फिर फेंक दिया है।
Psalms 102:11 मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।
Psalms 102:12 परन्तु हे यहोवा, तू सदैव विराजमान रहेगा; और जिस नाम से तेरा स्मरण होता है, वह पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहेगा।
Psalms 102:13 तू उठ कर सिय्योन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुआ समय आ पहुंचा है।
Psalms 102:14 क्योंकि तेरे दास उसके पत्थरों को चाहते हैं, और उसकी धूलि पर तरस खाते हैं।
Psalms 102:15 इसलिये अन्यजातियां यहोवा के नाम का भय मानेंगी, और पृथ्वी के सब राजा तेरे प्रताप से डरेंगे।
Psalms 102:16 क्योंकि यहोवा ने सिय्योन को फिर बसाया है, और वह अपनी महिमा के साथ दिखाई देता है;
Psalms 102:17 वह लाचार की प्रार्थना की ओर मुंह करता है, और उनकी प्रार्थना को तुच्छ नहीं जानता।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 राजा 16-18
  • लूका 22:47-71



मंगलवार, 23 मई 2017

सहायता


   हम कीचड़ में बिलकुल फँस चुके थे। हम कब्रिस्तान में मेरे माता-पिता की कब्रों पर फूल चढ़ाने गए थे, और एक दूसरी गाड़ी को निकलने का स्थान देने के लिए मेरे पति ने अपनी गाड़ी सड़क से कच्चे में उतार दी। हमारे इलाके में कई सप्ताह से बरसात चल रही थी और वहाँ गाड़ी खड़ी करने के स्थान पर बहुत कीचड़ था। जब हम वापस जाने के लिए गाड़ी निकालने लगे तो पता चला कि गाड़ी कीचड़ में फँस गई है। जितना उसे चलाकर निकालने का प्रयास करते, पहिए घूम-घूमकर कीचड़ में और अधिक धँसते चले जाते।

   प्रकट था कि गाड़ी को धक्का लगाए बिना हम कीचड़ से बाहर नहीं निकल सकते थे, परन्तु मेरे पति का कँधा चोटिल था और मैं भी अभी बीमारी से उठी थी। हमें सहायता आवश्यकता थी! मैंने दूर दो जवानों को देखा, और उनका ध्यान मेरे हाथ हिलाने और सहायता के लिए चिल्लाने की ओर गया। मैं बहुत धन्यवादी हूँ कि उन्होंने हमारी सहायता करना स्वीकार किया और उनके धक्का लगाने से गाड़ी कीचड़ से बाहर निकल कर सड़क पर आ सकी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 40 दाऊद द्वारा सहायता के लिए परमेश्वर को पुकारने और परमेश्वर द्वारा उसकी सहायता करना बताता है: "मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है" (भजन  40:1-2)। जिस गड़हे और दलदल का दाऊद यहाँ उल्लेख कर रहा है, वह वास्तव में कोई गड़हा या दलद्ल रहे हों अथवा कोई विकट परिस्थिति जिसमें दाऊद ने अपने आप को फँसा हुआ पाया, दाऊद यह बात भली-भाँति जानता था कि वह अपनी सहायता के लिए परमेश्वर को कभी भी पुकार सकता है और परमेश्वर उसकी सुनेगा, उसे उस समस्या से बाहर निकालेगा।

   हम मसीही विश्वासी, हम जो परमेश्वर की सन्तान हैं, जब भी परमेश्वर को पुकारते हैं, परमेश्वर हमारी भी सुनता है, और हमारी निकासी के लिए मार्ग बनाता है। कभी कभी तो हमारी सहायता के लिए वह स्वयं हस्तक्षेप करता है, परन्तु अधिकतर वह किसी अन्य मनुष्य के द्वारा हमें सहायता भेजता है। जब भी हम उसके, और आवश्यकतानुसार उसके लोगों के सामने, सहायता की अपनी आवश्यकता को स्वीकार कर लेते हैं, हम उससे मिलने वाली सहायता के लिए आश्वस्त भी रह सकते हैं। - मेरियन स्ट्राउड


परमेश्वर तथा औरों की सहयाता से आशा आती है।

जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया। यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उन को बचाता है। - भजन 34:5-7

बाइबल पाठ: भजन  40:1-5
Psalms 40:1 मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उसने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। 
Psalms 40:2 उसने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा कर के मेरे पैरों को दृढ़ किया है। 
Psalms 40:3 और उसने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुतेरे यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।
Psalms 40:4 क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़ने वालों की ओर मुंह न फेरता हो। 
Psalms 40:5 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोल कर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 19-21
  • यूहन्ना 8:1-27


मंगलवार, 24 जनवरी 2017

सहायक


   मेरे नाती-पोते उस समय छोटे थे जब मैं उन्हें The Lion King कहानी का नाट्य-रूपांतर दिखाने ले कर गया। उस कहानी में छोटा शेर, सिंबा, अपने मृतक पिता राजा मुफासा, जिसे उसके दुष्ट चाचा ने मार डाला है, के पास खड़ा है, सिंबा अकेला और भयभीत है और रोते हुए पुकार रहा है, सहायता, सहायता, सहायता करो। इस दृश्य को देखकर मेरा तीन वर्ष का पोता उस थिएटर में अपनी कुर्सी पर खड़ा होकर ज़ोर से चिल्लाया, "कोई जाकर उसकी सहायता क्यों नहीं कर रहा है?"

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में अनेकों स्थानों पर परमेश्वर के लोगों ने सहायता के लिए दोहाई दी है, यद्यपि जिस कठिनाई में वे थे वह उनके अपने ही दुराचार के कारण उन पर आई थी। परन्तु परमेश्वर फिर भी उनकी सहायता करने के लिए इच्छुक था।

   यशायाह भविष्यद्वक्ता को परमेश्वर के लोगों, इस्त्राएलियों के लिए, उनके परमेश्वर से विमुख होकर अनाज्ञाकारिता में जीने के कारण, बहुत से कठोर और बुरे समाचार देने थे; परन्तु उन सब के मध्य उसने उन से यह भी कहा, "तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊँचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं। हे सिय्योन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा" (यशायाह 30:18-19)। ना केवल परमेश्वर अपने पथ भ्रष्ट लोगों की सहायता के लिए इच्छुक रहता है, वरन वह चाहता है कि उसके अपने लोग ही उन पथ भ्रष्ट लोगों की सहायता के लिए आगे बढ़ें (यशायाह 58:10)।

   आज हमारे चारों ओर ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो आगे बढ़कर सहायता करें, ज़रूरतमन्दों के सहायक हों। यह बहुत महान कार्य है कि हम परमेश्वर की सहायता के हाथ बनकर सहायता की पुकार करने वालों के सहायक बनें। जो स्टोवैल


सहायता का हाथ बढ़ा कर दिखाएं कि परमेश्वर परवाह करता है।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: यशायाह 30:15-22
Isaiah 30:15 प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया, 
Isaiah 30:16 तुम ने कहा, नहीं, हम तो घोड़ों पर चढ़ कर भागेंगे, इसलिये तुम भागोगे; और यह भी कहा कि हम तेज सवारी पर चलेंगे, सो तुम्हारा पीछा करने वाले उस से भी तेज होंगे। 
Isaiah 30:17 एक ही की धमकी से एक हजार भागेंगे, और पांच की धमकी से तुम ऐसा भागोगे कि अन्त में तुम पहाड़ की चोटी के डण्डे वा टीले के ऊपर की ध्वजा के समान रह जाओगे जो चिन्ह के लिये गाड़े जाते हैं। 
Isaiah 30:18 तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊंचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं।
Isaiah 30:19 हे सिय्योन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा। 
Isaiah 30:20 और चाहे प्रभु तुम्हें विपत्ति की रोटी और दु:ख का जल भी दे, तौभी तुम्हारे उपदेशक फिर न छिपें, और तुम अपनी आंखों से अपने उपदेशकों को देखते रहोगे। 
Isaiah 30:21 और जब कभी तुम दाहिनी वा बाईं ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो। 
Isaiah 30:22 तब तुम वह चान्दी जिस से तुम्हारी खुदी हुई मूत्तियां मढ़ी हैं, और वह सोना जिस से तुम्हारी ढली हुई मूत्तियां आभूषित हैं, अशुद्ध करोगे। तुम उन को मैले कुचैले वस्त्र की नाईं फेंक दोगे और कहोगे, दूर हो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 9-11
  • मत्ती 15:21-39


गुरुवार, 8 दिसंबर 2016

पुकार


   प्रत्येक बीतते वर्ष के साथ, प्रतीत होता है कि क्रिसमस और अधिक व्यवसायिक होता चला जा रहा है। उन देशों में भी जिनमें अधिकांश लोग अपने आप को इसाई कहते हैं, यह समय प्रभु यीशु की आराधना का कम और व्यक्तिगत खरीददारी का अधिक होता चला जा रहा है। उपहार खरीदने और बड़ी तथा सुनियोजित पार्टियों का आयोजन करने का दबाव इस अवकाश-समय के असल उद्देश्य - परमेश्वर के एकलौते पुत्र, और सारे संसार का उद्धारकर्ता, प्रभु यीशु के जन्म के महत्व पर नज़रें जमाए रखने और उसे निभाने को कठिन कर देता है।

   परन्तु प्रत्येक वर्ष इस अवकाश-समय में मैं सुसमाचार को अचंभित कर देने वाले स्थानों से प्रचार होता देखती हूँ - उन ही शॉपिंग मॉल्स से जो क्रिसमस को ऐसा व्यवसायिक बना रही हैं। जब मैं उन स्थानों के लाउडस्पीकरों से क्रिसमस और प्रभु यीशु के जन्म के गीतों को, जैसे कि "खुश हो खुदावन्द आया है! उसको कुबूल कर लो", बजते सुनती हूँ तो मुझे उन फरीसियों का ध्यान आता है जिन्होंने प्रभु यीशु से कहा था कि वे उन लोगों की भीड़ को जो उसकी स्तुति और प्रशंसा कर रहे थे, खामोश रहने को कहें। प्रभु यीशु ने उन्हें उत्तर दिया था, "यदि वे चुप रहे तो पत्थर चिल्ला उठेंगे" (लूका 19:40)।

   क्रिसमस पर हम "पत्थरों" को पुकारते हुए ही तो सुनते हैं। आत्मिक रीति से मरे हुए लोग, प्रभु यीशु और परमेश्वर में विश्वास ना रखने वाले लोग, प्रभु यीशु और उनके अनुयायियों से बैर रखने वाले लोग भी इस उत्सव का आनन्द मनाते हैं, इस उत्सव के उपलक्ष में उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं, उसके लिए एक दूसरे का अभिनदन करते हैं, क्रिसमिस की सभाओं में सम्मिलित होते हैं और प्रभु यीशु के जन्म की स्तुति के गीत गाते हैं जिन्हें प्रभु के लोगों ने अनेकों वर्ष पहले लिखा था, और लिखने वाले अब इस संसार में भी नहीं रहे लेकिन उनकी रचनाएं आज भी लोगों को आनन्दित करती हैं, प्रभु की आराधना करवाती हैं। यह सब हमें बताता है कि लोग प्रभु यीशु के जन्म के उद्देश्य को दबाने और छिपाने का चाहे जितना प्रयास कर लें, वो सफल कभी नहीं होने पाएंगे।

  उस व्यवसायिकता के बावजूद जो मसीह यीशु के जन्म के सन्देश को बिगाड़ देना चाहती है, परमेश्वर अपने पुत्र और जगत के उद्धारकर्ता के जन्म के सुसमाचार को संसार के प्रत्येक स्थान पर पहुँचा रहा है; कई बार तो उन ही को सुसमाचार वाहक बना रहा है जो इस सुसमाचार पर विश्वास भी नहीं करते। वास्तव में, परमेश्वर जब चाहता है तो पत्थर भी उसकी स्तुति में पुकार उठते हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


मसीह को क्रिसमस से पृथक करना वैसा ही व्यर्थ है 
जैसा समुद्र की लहरों को थाम देने का प्रयास करना।

परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। - प्रेरितों 1:8

बाइबल पाठ: लूका 19:28-40
Luke 19:28 ये बातें कहकर वह यरूशलेम की ओर उन के आगे आगे चला।
Luke 19:29 और जब वह जैतून नाम पहाड़ पर बैतफगे और बैतनियाह के पास पहुंचा, तो उसने अपने चेलों में से दो को यह कहके भेजा। 
Luke 19:30 कि साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पहुंचते ही एक गदही का बच्‍चा जिस पर कभी कोई सवार नहीं हुआ, बन्‍धा हुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोल कर लाओ। 
Luke 19:31 और यदि कोई तुम से पूछे, कि क्यों खोलते हो, तो यह कह देना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है। 
Luke 19:32 जो भेजे गए थे; उन्होंने जा कर जैसा उसने उन से कहा था, वैसा ही पाया। 
Luke 19:33 जब वे गदहे के बच्‍चे को खोल रहे थे, तो उसके मालिकों ने उन से पूछा; इस बच्‍चे को क्यों खोलते हो? 
Luke 19:34 उन्होंने कहा, प्रभु को इस का प्रयोजन है। 
Luke 19:35 वे उसको यीशु के पास ले आए और अपने कपड़े उस बच्‍चे पर डालकर यीशु को उस पर सवार किया। 
Luke 19:36 जब वह जा रहा था, तो वे अपने कपड़े मार्ग में बिछाते जाते थे। 
Luke 19:37 और निकट आते हुए जब वह जैतून पहाड़ की ढलान पर पहुंचा, तो चेलों की सारी मण्‍डली उन सब सामर्थ के कामों के कारण जो उन्होंने देखे थे, आनन्‍दित हो कर बड़े शब्द से परमेश्वर की स्‍तुति करने लगी। 
Luke 19:38 कि धन्य है वह राजा, जो प्रभु के नाम से आता है; स्वर्ग में शान्‍ति और आकाश मण्‍डल में महिमा हो। 
Luke 19:39 तब भीड़ में से कितने फरीसी उस से कहने लगे, हे गुरू अपने चेलों को डांट। 
Luke 19:40 उसने उत्तर दिया, कि तुम से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • दान्नियेल 8-10
  • 3 यूहन्ना 1


सोमवार, 27 अप्रैल 2015

बुलाहट


   मैं अपने सहकर्मियों के साथ हवाई अड्डे की सुरक्षा जाँच से निकल कर वायुयान में जाने की ओर बढ़ रही थी कि मुझे मेरा नाम दो बार पुकारे जाते हुए सुनाई दिया। क्योंकि मेरा नाम आम नामों से थोड़ा भिन्न है इसलिए मैं निश्चित थी कि यह पुकार मेरे लिए ही होगी। मुझे लगा कि शायद मैं अपनी कोई चीज़ वहाँ सुरक्षा जाँच के समय भूल आई हूँ जिसके लिए मुझे बुलाया जा रहा है। इसलिए मैंने पुकार लगाने वाले डेस्क पर फोन करके अपना नाम पुकारे जाने का कारण जानना चाहा तो मुझे उत्तर मिला कि उन्होंने तो मेरा नाम पुकारा ही नहीं। जब मैंने कहा कि मुझे दो बार अपना नाम सुनाई दिया है तौभी उनका दृढ़ उत्तर था कि उन्होंने मेरा नाम नहीं पुकारा। मुझे कभी यह पता नहीं चलने पाया कि मेरा नाम उस दिन क्यों पुकारा गया!

   परमेश्वर के वचन बाइबल में एक बालक, शमूएल ने भी अपने नाम को पुकारे जाते सुना (1 शमूएल 3:4)। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि, "उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था" (1 शमूएल 3:7)। इसलिए शमूएल को अपना नाम सुनकर लगा कि मन्दिर के प्रधान पुरोहित, एली उसे बुला रहा है और वह उठकर उसके पास गया; एली ने बात को समझकर शमूएल का मार्गदर्शन किया और तब फिर शमूएल परमेश्वर से अपने लिए परमेश्वर की योजना को जानने पाया। आगे चलकर शमूएल बाइबल के प्रमुख नायकों में से एक बना।

   प्रभु यीशु संसार के सभी लोगों को उन्हें उनकी समस्याओं से शान्ति एवं विश्राम देने के लिए बुलाता है: "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28); यह संसार के लिए उसकी बुलाहट है - आओ और सेंतमेंत में पापों की क्षमा, उद्धार तथा परमेश्वर की शान्ति स्वेच्छा से ले लो। इसी प्रकार परमेश्वर की अपने प्रत्येक विश्वासी को आशीषित करने के लिए एक योजना है, उसने हम सब मसीही विश्वासियों के करने के लिए कुछ ना कुछ निर्धारित किया है "क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया" (इफिसियों 2:10) जिसके लिए वह हमें बुलाता है।

   परमेश्वर की बुलाहट संसार तथा उसके अनुयायियों, दोनों के लिए है - उसकी बुलाहट को सुनें और उसकी बात को मानें; वह केवल आपका भला ही चाहता है। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु सभी बेचैन लोगों को चैन देने के लिए बुलाता है।

क्योंकि ईश्वर तो एक क्या वरन दो बार बोलता है, परन्तु लोग उस पर चित्त नहीं लगाते। - अय्युब 33:14

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 3:1-10
1 Samuel 3:1 और वह बालक शमूएल एली के साम्हने यहोवा की सेवा टहल करता था। और उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलता था। 
1 Samuel 3:2 और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आंखे तो धुंघली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था, 
1 Samuel 3:3 और परमेश्वर का दीपक अब तक बुझा नहीं था, और शमूएल यहोवा के मन्दिर में जहाँ परमेश्वर का सन्दूक था लेटा था; 
1 Samuel 3:4 तब यहोवा ने शमूएल को पुकारा; और उसने कहा, क्या आज्ञा! 
1 Samuel 3:5 तब उसने एली के पास दौड़कर कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। वह बोला, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। तो वह जा कर लेट गया। 
1 Samuel 3:6 तब यहोवा ने फिर पुकार के कहा, हे शमूएल! शमूएल उठ कर एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। उसने कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। 
1 Samuel 3:7 उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था। 
1 Samuel 3:8 फिर तीसरी बार यहोवा ने शमूएल को पुकारा। और वह उठ के एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। तब एली ने समझ लिया कि इस बालक को यहोवा ने पुकारा है। 
1 Samuel 3:9 इसलिये एली ने शमूएल से कहा, जा लेट रहे; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, कि हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है तब शमूएल अपने स्थान पर जा कर लेट गया। 
1 Samuel 3:10 तब यहोवा आ खड़ा हुआ, और पहिले की नाईं पुकारा, शमूएल! शमूएल! शमूएल ने कहा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 1-2
  • लूका 19:28-48



शनिवार, 1 नवंबर 2014

त्यागा हुआ?


   क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में कौन से भजन का सबसे अधिक बार उद्धरण हुआ है? शायद आपने भजन 23 सोचा होगा जो बहुत लोकप्रीय और अकसर प्रयोग किया जाने वाला भजन है; लेकिन नए नियम में सबसे अधिक उद्धरण भजन 22 का हुआ है। भजन 22 आरंभ होता है भजन के लेखक दाऊद के मार्मिक तथा हृदयविदारक शब्दों से जिन्हें प्रभु यीशु मसीह ने क्रूस पर उद्धरित किया, "हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" (मत्ती 27:46; मरकुस 15:34); दाऊद ने अनुभव किया कि वह त्यागा हुआ है, अकेला पड़ गया है, क्योंकि वह आगे कहता है: "तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है?" (भजन 22:1)। साथ ही दाऊद ने यह भी अनुभव किया कि वह नज़रन्दाज़ किया हुआ है: "हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता" (भजन 22:2)।

   ज़रा उस परिस्थिति की कल्पना कीजिए जिस में दाऊद ने अपने आप को पाया होगा और उसके मन से परमेश्वर को संबोधित यह वेदना की पुकार निकली होगी। लेकिन इस भजन में एक और विलक्षण बात है, इस में वर्णित बातें प्रभु यीशु के जीवन और क्रूस पर चढ़ाए जाने और वहाँ उनके अनुभवों की भविष्यवाणी भी हैं जो प्रभु यीशु के जन्म से लगभग 1000 वर्ष पूर्व दाऊद ने लिखीं, वह भी तब जब क्रूस पर चढ़ाकर दीया जाने वाला मृत्युदण्ड आरंभ भी नहीं हुआ था, और प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के समय पूरी हुईं!

   क्या आप भी कभी ऐसी किसी परिस्थिति और अनुभव से होकर निकले हैं? क्या आपने भी कभी आकाश की ओर देखकर यह सोचा है कि क्यों परमेश्वर आपकी नहीं सुन रहा है, आपको नज़रन्दाज़ कर रहा है? यदि ऐसा है तो दाऊद के अनुभवों के संसार में आपका भी स्वागत है! लेकिन इस भजन में एक और बात है - दाऊद की प्रत्येक दुखभरी फरियाद के साथ, परमेश्वर का एक गुण भी दिया गया है जो दाऊद को निराशा से निकालकर लाता है। अपने इस अनुभव में होकर दाऊद ने जाना कि परमेश्वर पवित्र है (पद 3), भरोसेमन्द है (पद 4-5), छुड़ाने और बचानेवाला है (पद 8, 20-21), और उसका सामर्थी सहायक है (पद 19)।

   क्या आप भी अपने आपको त्यागा हुआ और अकेला पड़ा हुआ समझते हैं? परमेश्वर पर भरोसा रखिए, दाऊद के समान उसे पुकारिए और उसके गुणों को दोहराईए, और फिर दाउद के समान ही आप भी उसकी स्तुति करने लगेंगे (पद 26)। - डेव ब्रैनन


चाहे हम परमेश्वर की उपस्थिति महसूस ना भी करें, उसकी प्रेम भरी देखभाल हमें सदा ढाँपे रहती है।

क्योंकि वह अभिलाषी जीव को सन्तुष्ट करता है, और भूखे को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है। - भजन 107:9

बाइबल पाठ: भजन 22
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? 
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता। 
Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है। 
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। 
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है। 
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, 
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है। 
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्च था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया। 
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है। 
Psalms 22:11 मुझ से दूर न हो क्योंकि संकट निकट है, और कोई सहायक नहीं। 
Psalms 22:12 बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए हैं। 
Psalms 22:13 वह फाड़ने और गरजने वाले सिंह की नाईं मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।
Psalms 22:14 मैं जल की नाईं बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया। 
Psalms 22:15 मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है। 
Psalms 22:16 क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरी चारों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। 
Psalms 22:17 मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं; 
Psalms 22:18 वे मेरे वस्त्र आपस में बांटते हैं, और मेरे पहिरावे पर चिट्ठी डालते हैं। 
Psalms 22:19 परन्तु हे यहोवा तू दूर न रह! हे मेरे सहायक, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर! 
Psalms 22:20 मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! 
Psalms 22:21 मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगली सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।
Psalms 22:22 मैं अपने भाइयों के साम्हने तेरे नाम का प्रचार करूंगा; सभा के बीच में तेरी प्रशंसा करूंगा। 
Psalms 22:23 हे यहोवा के डरवैयों उसकी स्तुति करो! हे याकूब के वंश, तुम सब उसकी महिमा करो! हे इस्त्राएल के वंश, तुम उसका भय मानो! 
Psalms 22:24 क्योंकि उसने दु:खी को तुच्छ नहीं जाना और न उस से घृणा करता है, ओर न उस से अपना मुख छिपाता है; पर जब उसने उसकी दोहाई दी, तब उसकी सुन ली।
Psalms 22:25 बड़ी सभा में मेरा स्तुति करना तेरी ही ओर से होता है; मैं अपने प्रण को उस से भय रखने वालों के साम्हने पूरा करूंगा 
Psalms 22:26 नम्र लोग भोजन कर के तृप्त होंगे; जो यहोवा के खोजी हैं, वे उसकी स्तुति करेंगे। तुम्हारे प्राण सर्वदा जीवित रहें! 
Psalms 22:27 पृथ्वी के सब दूर दूर देशों के लोग उसको स्मरण करेंगे और उसकी ओर फिरेंगे; और जाति जाति के सब कुल तेरे साम्हने दण्डवत करेंगे। 
Psalms 22:28 क्योंकि राज्य यहोवा की का है, और सब जातियों पर वही प्रभुता करता है।
Psalms 22:29 पृथ्वी के सब हृष्टपुष्ट लोग भोजन कर के दण्डवत करेंगे; वह सब जितने मिट्टी में मिल जाते हैं और अपना अपना प्राण नहीं बचा सकते, वे सब उसी के साम्हने घुटने टेकेंगे। 
Psalms 22:30 एक वंश उसकी सेवा करेगा; दूसरा पीढ़ी से प्रभु का वर्णन किया जाएगा। 
Psalms 22:31 वह आएंगे और उसके धर्म के कामों को एक वंश पर जो उत्पन्न होगा यह कहकर प्रगट करेंगे कि उसने ऐसे ऐसे अद्भुत काम किए।

एक साल में बाइबल: 
  • लूका 22-24