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रविवार, 14 अप्रैल 2019

वचन



सन 1880 में पहली बार प्रकाशित होने के बाद से ल्यू वॉलेस का सुप्रसिद्ध उपन्यास, “बेन-हर : ए टेल ऑफ द क्राईस्ट,” कभी भी अप्रकाशित नहीं रहा है, सदा ही उसकी माँग रही है और वह उपलब्ध रहा है। उसे उन्नीसवीं सदी की सबसे अधिक प्रभावी पुस्तक भी कहा गया है, और आज भी वह प्रभु यीशु की वास्तविक कहानी के साथ एक काल्पनिक कुलीन युवा यहूदी पात्र, जूडाह बेन-हर, के जीवन को लेकर चलते हुए, पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

      एमी लिफ्सन ने ह्युमैनीटीज़ पत्रिका में इस उपन्यास के विषय लिखते हुए कहा कि इस पुस्तक के लिखने के द्वारा उसके लेखक का जीवन बदल गया; “जैसे बेन-हर पाठकों को यीशु के जीवन और उससे संबंधित भावनाओं के दृश्यों से लिए चलता है , वैसे ही वह ल्यू वॉलेस को मसीह यीशु में विश्वास की ओर भी लेकर चला।” वॉलेस ने कहा, “मैंने नासरी के कार्यों को देखा है...ऐसे कार्य जो मात्र मनुष्य कभी भी नहीं कर सकता था।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड के आरंभ में दी गई प्रभु यीशु की जीवनियाँ हमें भी अवसर देती है कि हम भी उसके साथ संपर्क में चलें, उसके आश्चर्यकर्मों को देखें, उसके वचनों को सुनें, और यरूशलेम में ‘पाम सन्डे’ के नाम से जाने वाले दिन में उसके आदर साहित प्रवेश के गवाह बनें। यूहन्ना ने अपने द्वारा लिखे गए सुसमाचार के अन्त में लिखा, “यीशु ने और भी बहुत चिन्ह चेलों के साम्हने दिखाए, जो इस पुस्‍तक में लिखे नहीं गए। परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ” (यूहन्ना 20:30-31)।

      जिस प्रकार से ल्यू वॉलेस के शोध, बाइबल अध्ययन, और उसके विषय में लिखने के द्वारा वह प्रभु यीशु मसीह में विश्वास ला सका, उसी प्रकार परमेश्वर का वचन हमें भी मनों और हृदयों के परिवर्तन की ओर खींचता है, जिससे हम प्रभु यीशु में विश्वास करने के द्वारा पापों की क्षमा, उद्धार और अनन्त जीवन प्राप्त कर सकें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


अनेकों पुस्तकें ज्ञान बढ़ा सकती है, परन्तु केवल बाइबल ही है जो जीवन बदल सकती है।

और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। - 2 तिमुथियुस 3:15

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:24-31
John 20:24 परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था।
John 20:25 जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उसने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा।
John 20:26 आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्‍द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा हो कर कहा, तुम्हें शान्‍ति मिले।
John 20:27 तब उसने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो।
John 20:28 यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!
John 20:29 यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया।
John 20:30 यीशु ने और भी बहुत चिन्ह चेलों के साम्हने दिखाए, जो इस पुस्‍तक में लिखे नहीं गए।
John 20:31 परन्तु ये इसलिये लिखे गए हैं, कि तुम विश्वास करो, कि यीशु ही परमेश्वर का पुत्र मसीह है: और विश्वास कर के उसके नाम से जीवन पाओ।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 25-26
  • लूका 12:32-59



शनिवार, 13 अप्रैल 2019

स्मरण



      सूर्यास्त में ऐसा क्या है कि उसे देखने के लिए लोग अपने काम रोक कर उसे होता हुई देखने लग जाते हैं, उसकी तस्वीरें लेते हैं, उसके सुंदरता से आनन्दित होते हैं? हाल ही में मैंने और मेरी पत्नि ने मेक्सिको की खाड़ी में होते हुए सूर्यास्त को देखा; वहाँ समुद्र के किनार हमारे साथ और भी बहुत से लोग खड़े थे, और जैसे ही सूर्य क्षितिज से नीचे गया, उस अद्भुत सुन्दर दृश्य को देखने वाले आनन्द के मारे तालियाँ बजाने लगे!

      लोग ऐसा क्यों करते हैं? परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन संहिता नामक पुस्तक हमें संकेत देती है। भजनकार ने लिखा है कि परमेश्वर ने सूर्य को अपने सृष्टिकर्ता की महिमा करने की आज्ञा दी है (भजन 148:3)। जहाँ भी पृथ्वी पर सूर्य की किरणें पहुँचती हैं, उस स्थान पर लोग परमेश्वर की महिमा करने के लिए प्रेरित हो जाते हैं।

      प्रकुति की सुन्दरता जैसे हमारे मनों से बातें करती है वैसे शायद ही कुछ और करता हो। उस अद्भुत प्राकृतिक सुन्दरता में न केवल हमें स्तव्ध कर देने तथा अपनी ओर हमारा ध्यान खींच लेने की क्षमता है, उससे प्रेरित हो कर हम अपने सृष्टिकर्ता की ओर भी अपना ध्यान केंद्रित कर लेते हैं, उसे तथा उसकी महानता को स्मरण करते हैं।

      परमेश्वर की विशाल और भव्य सृष्टि हमें थम कर वह स्मरण करने के लिए उकसा सकती है जो वास्तव में महत्वपूर्ण है – सृष्टिकर्ता परमेश्वर। सृष्टि हमें स्मरण करवाती है कि प्रकृति की प्रत्येक बात के पीछे सृष्टिकर्ता है; ऐसा सृष्टिकर्ता जिसने अपनी रचना से इतना प्रेम रखा कि उसके उद्धार के लिए उसने स्वयँ सृष्टि में प्रवेश ले लिया, जिससे उसे बचा ले और बहाल कर दे। - जेफ़ ओल्सन


परमेश्वर के साथ मिलकर उसकी सृष्टि में आनदित हों।

क्योंकि सृष्टि बड़ी आशाभरी दृष्टि से परमेश्वर के पुत्रों के प्रगट होने की बाट जोह रही है। - रोमियों  8:19

बाइबल पाठ: भजन  148:1-6
Psalms 148:1 याह की स्तुति करो! यहोवा की स्तुति स्वर्ग में से करो, उसकी स्तुति ऊंचे स्थानों में करो!
Psalms 148:2 हे उसके सब दूतों, उसकी स्तुति करो: हे उसकी सब सेना उसकी स्तुति कर!
Psalms 148:3 हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिर्मय तारागण उसकी स्तुति करो!
Psalms 148:4 हे सब से ऊंचे आकाश, और हे आकाश के ऊपर वाले जल, तुम दोनों उसकी स्तुति करो।
Psalms 148:5 वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये सिरजे गए।
Psalms 148:6 और उसने उन को सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है; और ऐसी विधि ठहराई है, जो टलने की नहीं।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 22-24
  • लूका 12:1-31



शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

घर



      एक कहावत है, “घर के समान कोई स्थान नहीं है;” यह हमारे अन्दर की उस गहरी लालसा को चित्रित करता है कि हमारा भी अपना एक स्थान हो, जहाँ निवास कर सकें, जहाँ के कहला सकें, जहाँ हम आराम कर सकें। प्रभु यीशु ने लोगों की इस लालसा के विषय अपने शिष्यों से बात की जब वह उनके साथ अपना अंतिम भोज खा रहे थे, तथा अपने क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाए जाने, मारे जाने और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठने के विषय में उन से बातचीत कर रहे थे। प्रभु ने शिष्यों को आश्वस्त किया कि यद्यपि वे जाएँगे, परन्तु उनके लिए वे लौट कर भी आएँगे। वे उनके रहने के लिए एक स्थान तैयार करेंगें जहाँ उनके सभी शिष्य सदा उनके साथ निवास करेंगे।

      प्रभु ने परमेश्वर की व्यवस्था की सब बातों को पूरा करके, क्रूस पर दिए गए अपने निष्पाप प्राणों के बलिदान तथा पुनरुत्थान के द्वारा अपने विश्वासियों के लिए उद्धार, तथा प्रभु के साथ स्वर्ग में अनन्त काल तक रहने के लिए निवास तैयार करके दे दिया है। प्रभु ने शिष्यों को भरोसा दिलाया कि यदि वे उनके लिए इस घर को बनाने के लिए इतना कष्ट उठा रहे हैं तो अवश्य ही वे शिष्यों को अकेला नहीं छोड़ेंगे, उन्हें वहाँ ले जाने के लिए वे वापस भी आएँगे। शिष्यों को, चाहे पृथ्वी पर या स्वर्ग में, अपने जीवन के लिए चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है।

      आज हम भी प्रभु यीशु के आश्वासन से आश्वस्त हो सकते हैं, क्योंकि हमारा विश्वास है कि उन्होंने हमारे लिए भी घर बनाया है; और अभी वे हमारे अन्दर रहते हैं (देखें यूहन्ना 14:23)। हम अभी चाहे जैसे भी भौतिक घर में रहते हों, हम प्रभु के हैं, उसके प्रेम के द्वारा संभाले जाते हैं, उसकी शान्ति हमें घेरे रहती है। अन्ततः जब हम उसके साथ होंगे, तब वास्तव में घर के समान कोई स्थान नहीं होगा। - एमी बाउचर पाई


प्रभु यीशु हमारे अनाताकाल के लिए रहने का स्थान तैयार कर रहा है।

यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे। - यूहन्ना 14:23

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-4
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो।
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं।
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो।
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54



गुरुवार, 11 अप्रैल 2019

क्षमा



      जब मेरी एक सहेली ने मुझे धोखा दिया, तो मैं जानती थी कि मुझे उसे क्षमा करना होगा, परन्तु ऐसा कर पाना मुझे कठिन लग रहा था। उसके शब्द मेरे अन्दर एक गहरी चुभन उत्पन्न कर रहे थे, और मैं पीड़ा तथा क्रोध से क्षुब्ध थी। यद्यपि हमने साथ बैठकर इस बारे में बातचीत की और मैंने उससे कहा कि मैं उसे क्षमा करती हूँ, फिर भी बहुत लंबे समय तक, मैं जब भी उसे देखती थी, मेरे अन्दर टीस होती थी, इसलिए मैं जानती थी कि मेरे अन्दर उसके प्रति कुछ तो कड़ुवाहट है। किन्तु एक दिन परमेश्वर ने मेरी प्रार्थनाओं का उत्तर दिया और मुझे सामर्थ्य दी कि मैं इस भावना को पूर्णतः छोडकर उससे ऊपर उठ सकूँ। तब मैं पूरी रीति से स्वतंत्र हो सकी।

      क्षमा मसीही विश्वास का मर्म है। हमारे उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर ने क्रूस पर अपना बलिदान देते समय उन्हें भी क्षमा किया जो उन्हें क्रूस पर ठोक रहे थे, उनका उपहास कर रहे थे; प्रभु यीशु ने परमेश्वर से उन्हें क्षमा करने की प्रार्थना की। वे कड़ुवाहट और क्रोध को थामे ही नहीं रहे, वरन अपने प्रति अनुचित और गलत करने वालों के लिए अनुग्रह और प्रेम दिखाया।

      यह उपयुक्त समय है प्रभु के समान उन लोगों को क्षमा करने का जिन्होंने हमारे प्रति गलत किया है। हमें प्रभु यीशु का अनुसरण करते हुए उनके प्रति प्रेम का व्यवहार करना है जिनसे हमें दुःख मिला है। जब हम परमेश्वर से उसकी आत्मा के माध्यम से विनती करेंगे कि हमें क्षमा करना सिखाने में सहायक हों, तो वह हमारी सहायता करेगा – चाहे यह सीखने के लिए हमें प्रतीत हो कि हम एक “लंबा समय” ले रहे हैं। और जब हम क्षमा करेंगे, तो हम क्षमा न करने की कैद से स्वतंत्र हो जाएँगे। - एमी बाउचर पाई


क्रूस पर भी प्रभु यीशु ने उन्हें क्षमा किया जो उन्हें दुःख दे रहे थे।

और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। - कुलुस्सियों 3:13

बाइबल पाठ: लूका 23:32-34
Luke 23:32 वे और दो मनुष्यों को भी जो कुकर्मी थे उसके साथ घात करने को ले चले।
Luke 23:33 जब वे उस जगह जिसे खोपड़ी कहते हैं पहुंचे, तो उन्होंने वहां उसे और उन कुकिर्मयों को भी एक को दाहिनी और और दूसरे को बाईं और क्रूसों पर चढ़ाया।
Luke 23:34 तब यीशु ने कहा; हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं और उन्होंने चिट्ठियां डालकर उसके कपड़े बांट लिए।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 17-18; लूका 11:1-28



बुधवार, 10 अप्रैल 2019

मित्र



      मैं बारह वर्ष का था जब हमारे परिवार का स्थानांतरण मरुभूमि में स्थित एक नगर में हुआ। मेरे नए स्कूल में व्यायाम की कक्षा के बाद, गर्मी के कारण हम सभी दौड़कर पीने के पानी के नल पर जाते थे, और पंक्ति बनाकर पानी पीने के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करते थे। क्योंकि मैं अपनी आयु के लिए कक्षा के अन्य बच्चों से दुबला-पतला था, इसलिए कई बार मुझे धक्का देकर पंक्ति से बाहर कर दिया जाता था और कोई अन्य मेरे स्थान पर पानी पी लेता था। एक दिन मेरे एक मित्र, जोज़ ने, जो हट्टा-कट्टा था, मेरे साथ हो रही इस धक्का-मुक्की को देख लिया। वह तुरंत आया और अपनी मजबूत बाज़ू बीच में डालकर रौबदार आवाज़ में बोला, “सुनो! पहले बैंक्स को पानी पीने दो!” इसके बाद मुझे फिर कभी उस धक्का-मुक्की का सामना नहीं करना पड़ा।

      प्रभु यीशु मसीह भी दूसरों से मिलने वाले निर्दयी व्यवहार से भली-भांति अवगत थे। परमेश्वर के वचन बाइबल में उनके लिए आया है, “वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना” (यशायाह 53:3)। परन्तु प्रभु यीशु केवल दुखों से पीड़ित ही नहीं थे, वे हमारे सहायक भी बन गए। अपना जीवन बलिदान करने के द्वारा, प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के लिए परमेश्वर के साथ संबंध स्थापित करने का एक नया और जीवता मार्ग बना कर दे दिया (इब्रानियों 10:20)। उन्होंने हमारे लिए वह किया जो हम अपने लिए कभी नहीं कर पाते – हमारे द्वारा पापों से पश्चाताप करने और प्रभु पर विश्वास लाकर, प्रभु से पापों की क्षमा माँगकर, अपना जीवन उन्हें समर्पित करने के द्वारा उद्धार का मुफ्त उपहार उपलब्ध करवा दिया।

      प्रभु यीशु मसीह हमारे सर्वोत्तम मित्र हैं। उन्होंने कहा, “जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा” (यूहन्ना 6:37)। हो सकता है कि कोई और हम से दूरी बनाए रखे, या हमें अपने पास से धकेल भी दे, परन्तु प्रभु परमेश्वर ने क्रूस पर जो बाहें हमारे लिए फैलाई हैं, वे सदा हमारा स्वागत करने के लिए खुली रहती हैं। हमारा मित्र, हमारा उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर कैसा अद्भुत प्रेमी और सामर्थी है! – जेम्स बैंक्स


हमें प्रदान किए गए मुफ्त उपहार के लिए, परमेश्वर को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:19-23
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक का दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 15-16
  • लूका 10:25-42



मंगलवार, 9 अप्रैल 2019

सुगंध



      लेखिका रीटा स्नोडन अपने जीवन की एक रोचक घटना बताती हैं, जब वे इंग्लैण्ड के डोवर इलाके के एक छोटे से गाँव में घूमने के लिए गई हुई थीं। एक दोपहर वे एक छोटे होटल के बाहर बैठी चाय का आनन्द ले रहीं थी कि उन्हें एक अच्छी सुगंध का आभास हुआ। रीटा ने होटल के वेटर से पूछा कि वह सुगंध कहाँ से आ रही है। वेटर ने उन लोगों की ओर संकेत किया जो पास के मार्ग से होकर जा रहे थे। उस गाँव के अधिकांश लोग पास ही स्थित एक इत्र बनाने वाले कारखाने में कार्य करते थे, और जब वे कारखाने से निकल कर अपने घरों को लौटते थे तो कारखाने के इत्र की सुगंध उनके कपड़ों से मार्ग में फैलती चली जाती थी।

      मसीही जीवन का यह कैसा सुन्दर चित्रण है! जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा है, हम मसीह की सुगंध हैं, और उसे सभी स्थानों पर फैलाते हैं (2 कुरिन्थियों 2:15)। पौलुस एक विजयी राजा के युद्ध अभियान से लौटने के उदाहरण को चित्रित करता है; उस राजा के सैनिक और बन्दी उसके पीछे-पीछे चल रहे हैं, और राजा की महानता को प्रगट करने के लिए नगर में लोगों द्वारा विजय के उत्सव मनाया जा रहा है, सुगंध जलाई जा रही है, जलूस निकाला जा रहा है (पद 14)।

      हम मसीह यीशु की सुगंध को दो रीतियों से फैलाते हैं। एक तो अपने शब्दों के द्वारा, जब हम सँसार के लोगों को प्रभु और उसके गुणों के बारे में बताते हैं; और दूसरे, अपने जीवनों तथा व्यवहार के द्वारा, जब हम मसीह के समान जीवन व्यतीत करने में प्रयासरत रहते हैं (इफिसियों 5:1-2)। चाहे हर कोई हमारे द्वारा फैलाई जा रही इस दिव्य-सुगंध को न सराहे, फिर भी वह अनेकों को अनन्त जीवन तक लाएगी।

      रीटा स्नोडन को एक सुगंध आई और वह उसके स्त्रोत को जानने के लिए प्रयास करने लगी। हम जब प्रभु यीशु मसीह का अनुसरण करते हैं, हम भी उसके गुणों की सुगंध को अपने साथ लेकर चलने लगते हैं, जो फिर हमारे वचनों एवं जीवन तथा व्यवहार से उन तक पहुँचती है हम जिनके संपर्क में आते हैं, और इससे उनमें उस सुगंध के स्त्रोत के प्रति रुचि जागृत हो सकती है। - शेरिडन वोएसे


हम औरों के लिए मसीह की सुगंध हैं।

इसलिये प्रिय, बालकों के समान परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:1-2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:14-16
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं।
2 Corinthians 2:16 कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है?

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 13-14
  • लूका 10:1-24



सोमवार, 8 अप्रैल 2019

संबंध



      छुटपन में जब मेरे बेटा अगली कक्षा में गया, तो वह “मुझे मेरी शिक्षिका जीवन भर के लिए चाहिए” कहकर बहुत रोया। हमें उसे समझना पड़ा कि शिक्षकों का बदलना जीवन का भाग है। हम यह विचार कर सकते हैं कि क्या ऐसा कोई संबंध है जो जीवन भर बना रहता है?

      परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने पाया कि ऐसा संबंध है। उसका जीवन बहुत से नाटकीय परिवर्तनों से होकर निकला, और इस उथल-पुथल भरे जीवन मार्ग में उसे अपने प्रिय जनों को भी गंवाना पड़ा। अपने जीवन के अन्त समय के निकट उसने प्रार्थना की, “परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से ले कर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है ; और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें” (उत्पत्ति 48:15-16)।

      याकूब एक चरवाहा रहा था, इसलिए उसने परमेश्वर के साथ अपने संबंध को चरवाहे के, उसकी भेड़ों के साथ संबंध के समान देखा। भेड़ के जन्म लेने के समय से लेकर, उसके बढ़ने और फिर बूढ़े होने तक चरवाहा दिन-रात उसकी देखभाल करता रहता है। वह दिन में उसका मार्गदर्शन तथा रात में उसकी रक्षा करता है। दाऊद भी एक चरवाहा रहा था, और उसका भी यही मानना था; साथ ही उसने यह कहकर कि “निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूंगा” (भजन 23:6) परमेश्वर के साथ अनन्त के संबंध को प्रगट किया।

      शिक्षक बदलना जीवन का भाग है। परन्तु हमारे अच्छे चरवाहे, हमारे प्रभु परमेश्वर ने हमसे वायदा किया है कि हमारे पृथ्वी के जीवन भर वह हमारे साथ रहेगा (मत्ती 28:20), और जब यहाँ का जीवन समाप्त हो जाएगा तो वह हमें अपने साथ अनन्तकाल के लिए ले लेगा। यह कितना अच्छा है कि प्रभु परमेश्वर के साथ हमारा कभी समाप्त न होने वाला अनन्तकाल का संबंध है। - कीला ओकोआ


परमेश्वर हमें कभी नहीं छोड़ता है।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28: 18-20

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 48:8-16
Genesis 48:8 तब इस्राएल को यूसुफ के पुत्र देख पड़े, और उसने पूछा, ये कौन हैं?
Genesis 48:9 यूसुफ ने अपने पिता से कहा, ये मेरे पुत्र हैं, जो परमेश्वर ने मुझे यहां दिए हैं: उसने कहा, उन को मेरे पास ले आ कि मैं उन्हें आशीर्वाद दूं।
Genesis 48:10 इस्राएल की आंखे बुढ़ापे के कारण धुन्धली हो गई थीं, यहां तक कि उसे कम सूझता था। तब यूसुफ उन्हें उनके पास ले गया ; और उसने उन्हें चूमकर गले लगा लिया।
Genesis 48:11 तब इस्राएल ने यूसुफ से कहा, मुझे आशा न थी, कि मैं तेरा मुख फिर देखने पाऊंगा: परन्तु देख, परमेश्वर ने मुझे तेरा वंश भी दिखाया है।
Genesis 48:12 तब यूसुफ ने उन्हें अपने घुटनों के बीच से हटाकर और अपने मुंह के बल भूमि पर गिर के दण्डवत की।
Genesis 48:13 तब यूसुफ ने उन दोनों को लेकर, अर्थात एप्रैम को अपने दाहिने हाथ से, कि वह इस्राएल के बाएं हाथ पड़े, और मनश्शे को अपने बाएं हाथ से, कि इस्राएल के दाहिने हाथ पड़े, उन्हें उसके पास ले गया।
Genesis 48:14 तब इस्राएल ने अपना दहिना हाथ बढ़ाकर एप्रैम के सिर पर जो छोटा था, और अपना बायां हाथ बढ़ाकर मनश्शे के सिर पर रख दिया; उसने तो जान बूझकर ऐसा किया; नहीं तो जेठा मनश्शे ही था।
Genesis 48:15 फिर उसने यूसुफ को आशीर्वाद देकर कहा, परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से ले कर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है ;
Genesis 48:16 और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62