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सोमवार, 10 फ़रवरी 2020

सर्वत्र विद्यमान



      हमारी एक पारिवारिक मित्र ने, जिसकी युवा बेटी भी हमारी युवा बेटी मेलिस्सा के समान ही एक कार दुर्घटना में जाती रही, अपने बेटी लिंडसे के लिए स्थानीय अखबार में श्रद्धांजलि लिखी। उसके द्वारा लिखी गई इस श्रद्धांजलि में एक बहुत प्रभावी वाक्य था; उसने लिंडसे की अनेकों फोटो और स्मृतियों को घर में स्थान-स्थान पर रखने के वर्णन के बाद लिखा, “वह सभी स्थानों पर है, परन्तु कहीं नहीं है।”

      यद्यपि हमारी बेटियाँ, मेलिस्सा और लिंडसे, अपनी फोटो में सदा ही हमारी और मुस्कुरा कर देख रही होती हैं, फिर भी उनका वह मुस्कुराता हुए व्यक्तित्व अब कहीं नहीं है। वे सर्वत्र हैं – हमारे मानों में, हमारे विचारों में, उन सभी फोटो और स्मृतियों में – परन्तु फिर भी कहीं नहीं हैं।

      परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करता है कि उनके द्वारा मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के कारण ऐसा नहीं है कि वे कहीं नहीं हैं। वे प्रभु यीशु की उपस्थिति में हैं, प्रभु के साथ हैं (2 कुरिन्थियों 5:8)। वे उसके साथ हैं जो एक प्रकार से सर्वत्र है, किन्तु दिखता नहीं है। हम परमेश्वर को शारीरिक स्वरूप में नहीं देखते हैं; न ही हमारे घरों में परमेश्वर के फोटो हैं। क्योंकि वह प्रगट नहीं है, इसलिए हमें यह आभास हो सकता है कि वह कहीं विद्यमान नहीं है। परन्तु सत्य इसके बिलकुल विपरीत है; वह सर्वत्र विद्यमान है!

      हम इस पृथ्वी पर चाहे जहाँ चले जाएं, परमेश्वर वहाँ विद्यमान है। वह हर स्थान पर हमारा मार्गदर्शन करने, हमें बल देने, हमें संभालने, और हमें शान्ति देने के लिए उपस्थित है। हम उसे देखते न हों, परन्तु वह सर्वत्र विद्यमान है। हमारी प्रत्येक परिक्षा के घड़ी में, यह हमारे लिए अद्भुत शांतिदायक तथ्य है। - डेव ब्रैनन

हमारे दुःख में हमारी सबसे बड़ी सांत्वना हमारे साथ परमेश्वर की उपस्थिति है।

वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। - प्रेरितों 17:27-28

बाइबल पाठ: भजन 139:7-12
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 8-10
  • मत्ती 25:31-46



रविवार, 9 फ़रवरी 2020

संबंध



      मेरे मित्र फेसबुक पर कई प्रीतिकर वीडियो भेजते रहते हैं, जानवरों में अविश्वसनीय दोस्ती और विश्वास के। अभी हाल में मैंने जो ऐसे वीडियो देखे उनमें पिल्ले और सूअर की दोस्ती, एक हिरन और बिल्ली के साथ रहने, और एक मादा वनमानुष द्वारा बाघ के शावकों की माँ के समान देखभाल करने के वीडियो सम्मिलित हैं।

      जब मैं जानवरों में इन हृदयस्पर्शी और असामान्य मित्रता को देखती हूँ तो मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में अदन की वाटिका स्मरण हो आती है, जहां आदम और हव्वा एक दूसरे तथा परमेश्वर के साथ संगति और सामंजस्य में रहते थे। और क्योंकि उस समय भोजन के लिए वनस्पति का प्रयोग होता था (उत्पत्ति 1:30), इसलिए मुझे विश्वास है कि सभी पशु भी आपस में शान्ति के साथ रहते होंगे। परन्तु यह सुखद स्थिति बदल गयी जब आदम और हव्वा ने पाप किया (उत्पत्ति 3:21-23)। तब से मानवीय संबंधों तथा सृष्टि में हम निरंतर संघर्ष और टकराव देखते हैं।

      परन्तु यशायाह भविष्यद्वकता हमें आश्वासन देता है कि एक दिन फिर ऐसी ही स्थिति वापस आ जाएगी, “तब भेडिय़ा भेड़ के बच्चे के संग रहा करेगा, और चीता बकरी के बच्चे के साथ बैठा रहेगा, और बछड़ा और जवान सिंह और पाला पोसा हुआ बैल तीनों इकट्ठे रहेंगे, और एक छोटा लड़का उनकी अगुवाई करेगा” (यशायाह 11:6)। बहुत से व्याख्याकर्ता उस आने वाले दिन की व्याख्या प्रभु यीशु के राज्य करने के लिए आने के समय की करते हैं। जब प्रभु आएगा तो फिर कोई मतभेद भी नहीं रहेंगे, और प्रभु के राज्य में, “वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं” (प्रकाशितवाक्य 21:4)। उस नई की गयी पृथ्वी पर सृष्टि अपने पहले स्वरूप में लौटा दी जाएगी और पृथ्वी के सभी जाति, राष्ट्र, और भाषा के लोग साथ मिलकर परमेश्वर की आराधना करेंगे (प्रकाशितवाक्य 7:9-10; 22:1-5)।

      वह समय आने तक, परमेश्वर की सहयाता से हम अपने बिगड़े हुए संबंधों को ठीक कर सकते हैं, और नए संबंध बना सकते हैं। - एलिसन कीडा

एक दिन परमेश्वर संसार में फिर से पूर्ण शान्ति स्थापित कर देगा।

और फिर श्राप न होगा और परमेश्वर और मेम्ने का सिंहासन उस नगर में होगा, और उसके दास उस की सेवा करेंगे। - प्रकाशितवाक्य 22:3

बाइबल पाठ: यशायाह 11:1-10
Isaiah 11:1 तब यिशै के ठूंठ में से एक डाली फूट निकलेगी और उसकी जड़ में से एक शाखा निकल कर फलवन्त होगी।
Isaiah 11:2 और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा, और ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी।
Isaiah 11:3 और उसको यहोवा का भय सुगन्ध सा भाएगा।। वह मुंह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा;
Isaiah 11:4 परन्तु वह कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का निर्णय खराई से करेगा; और वह पृथ्वी को अपने वचन के सोंटे से मारेगा, और अपने फूंक के झोंके से दुष्ट को मिटा डालेगा।
Isaiah 11:5 उसकी कटि का फेंटा धर्म और उसकी कमर का फेंटा सच्चाई होगी।
Isaiah 11:6 तब भेडिय़ा भेड़ के बच्चे के संग रहा करेगा, और चीता बकरी के बच्चे के साथ बैठा रहेगा, और बछड़ा और जवान सिंह और पाला पोसा हुआ बैल तीनों इकट्ठे रहेंगे, और एक छोटा लड़का उनकी अगुवाई करेगा।
Isaiah 11:7 गाय और रीछनी मिलकर चरेंगी, और उनके बच्चे इकट्ठे बैठेंगे; और सिंह बैल की नाईं भूसा खाया करेगा।
Isaiah 11:8 दूधपिउवा बच्चा करैत के बिल पर खेलेगा, और दूध छुड़ाया हुआ लड़का नाग के बिल में हाथ डालेगा।
Isaiah 11:9 मेरे सारे पवित्र पर्वत पर न तो कोई दु:ख देगा और न हानि करेगा; क्योंकि पृथ्वी यहोवा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसा जल समुद्र में भरा रहता है।
Isaiah 11:10 उस समय यिशै की जड़ देश देश के लोगों के लिये एक झण्ड़ा होगी; सब राज्यों के लोग उसे ढूंढ़ेंगें, और उसका विश्रामस्थान तेजोमय होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 6-7
  • मत्ती 25:1-30



शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

नम्र


      जो लोग असामान्य प्रसिद्धि या प्रतिष्ठा प्राप्त कर लेते हैं वे “अपने जीवन काल में ही अति विशिष्ट” हो जाते हैं। मेरे एक मित्र ने, जो व्यावासायिक बेसबॉल खेलता है, मुझे बताया की वह खेल के संसार में ऐसे कई लोगों से मिला है जो “अपने मन में ही अति विशिष्ट” होते हैं। घमण्ड हमारे अपने प्रति दृष्टिकोण को बिगाड़ देती है, किन्तु नम्रता एक वास्तविक दृष्टिकोण को बनाए रखने में सहायक होती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन के लेखक ने कहा, “विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है” (16:18)। जब हम अपनी छवि अपने आप को महत्वपूर्ण समझते हुए देखते हैं तो हमें हमारा अवास्तविक स्वरूप दिखाई देता है। पने आप को ऊँचा उठाना, पतन में गिरने की तैयारी होता है।

      घमण्ड के विष का तोड़ है सच्ची नम्रता, जो परमेश्वर से मिलती है, “घमण्डियों के संग लूट बांट लेने से, दीन लोगों के संग नम्र भाव से रहना उत्तम है” (16:19)।

      प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से कहा, “...तुम जानते हो, कि अन्य जातियों के हाकिम उन पर प्रभुता करते हैं; और जो बड़े हैं, वे उन पर अधिकार जताते हैं। परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने। और जो तुम में प्रधान होना चाहे वह तुम्हारा दास बने। जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे।” (मत्ती 20:25-28)।

      किसी उपलब्धि या विशेष सफलता के लिए सम्मान और प्रशंसा प्राप्त करने में कोई बुराई नहीं है। परन्तु यह हमारे लिए घमण्ड का कारण न बने इसके लिए हमें उस पर अपना ध्यान केन्द्रित रखना चाहिए जिसने हमें अपना अनुसरण करने के लिए बुलाया है, और अपने विषय कहा है, “...मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे” (मत्ती 11:29)।

सच्ची नम्रता परमेश्वर से आती है।

धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्‍हीं का है। - मत्ती 5:3

बाइबल पाठ: नीतिवचन 16:16-22
Proverbs 16:16 बुद्धि की प्राप्ति चोखे सोने से क्या ही उत्तम है! और समझ की प्राप्ति चान्दी से अति योग्य है।
Proverbs 16:17 बुराई से हटना सीधे लोगों के लिये राजमार्ग है, जो अपने चाल चलन की चौकसी करता, वह अपने प्राण की भी रक्षा करता है।
Proverbs 16:18 विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है।
Proverbs 16:19 घमण्डियों के संग लूट बांट लेने से, दीन लोगों के संग नम्र भाव से रहना उत्तम है।
Proverbs 16:20 जो वचन पर मन लगाता, वह कल्याण पाता है, और जो यहोवा पर भरोसा रखता, वह धन्य होता है।
Proverbs 16:21 जिसके हृदय में बुद्धि है, वह समझ वाला कहलाता है, और मधुर वाणी के द्वारा ज्ञान बढ़ता है।
Proverbs 16:22 जिसके बुद्धि है, उसके लिये वह जीवन का सोता है, परन्तु मूढ़ों को शिक्षा देना मूढ़ता ही होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 4-5
  • मत्ती 24:29-51


शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2020

प्रेम



      पीनट्स कॉमिक कार्टून का एक मुख्य पात्र है लाइनस। लाइनस हाज़िरजवाब और चतुर है, किन्तु सदा असुरक्षित अनुभव करता रहता है, और अपने साथ सदा एक छोटा कंबल लिए रहता है, जिससे उसे सुरक्षा की भावना बनी रहती है। लाइनस के समान, हम सभी को किसी न किसी बात से भय और असुरक्षा की भावना रहती है, और सांत्वना तथा सुरक्षा प्रदान करने वाले की आवश्यकता होती है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम प्रभु यीशु के एक शिष्य, पतरस, को देखते हैं, जिसने भय के कारण प्रभु को जानने से भी इनकार कर दिया। जब प्रभु यीशु को पकड़ा गया, तो पतरस कुछ साहस कर के प्रभु के पीछे-पीछे महायाजक के आंगन तक तो चला गया। परन्तु जब लोग उसे पहचानने का प्रयास करने लगे, तो पतरस भयभीत हुआ और प्रभु का इनकार करने लगा (यूहन्ना 18:15-26)। यद्यपि उसने लज्जाजनक शब्दों के प्रयोग द्वारा प्रभु का इनकार किया, किन्तु फिर भी प्रभु ने उससे प्रेम करना बंद नहीं किया; और अन्ततः प्रभु पतरस को अपने पास लौटा ले आया (यूहन्ना 21:15-19)।

      बाद में पवित्र आत्मा की अगुवाई में लिखी अपनी पहली पत्री में जिस प्रेम के प्रति उसने 1 पतरस 4:8 में बल दिया है, वह प्रभु से मिले उसी गहरे प्रेम को अनुभव करने के कारण था। पतरस ने संबंधों में प्रेम के महत्त्व पर बहुत महत्त्व दिया, जिसे हम उसके द्वारा प्रेम करने के साथ “सबसे ऊपर” के प्रयोग द्वारा देखते हैं। इस पद में प्रेम करने को प्रोत्साहित करते हुए पतरस कहता है, “और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है।”

      क्या कभी आप को भी अपनी किसी असुरक्षा के समय में ऐसी सुरक्षा की भावना की आवश्यकता अनुभव हुई है? मुझे तो हुई है! कोई ऐसी बात कह देने, या कुछ ऐसा कर बैठने के उपरान्त, जिसके लिए फिर बाद में मुझे पछतावा हुआ, मैंने दोषी और लज्जित होने को अनुभव किया है। तब मुझे भी वैसे ही प्रभु के प्रेम से ढाँपे जाने की आवश्यकता महसूस होती है जैसी सुसमाचारों के विवरणों में अपमानित और लज्जित लोगों को प्रभु द्वारा ढांपे जाने की हुई थी।

      प्रभु यीशु के अनुयायियों के लिए, प्रेम वह कंबल है जिसे उन्हें अनुग्रह और साहसपूर्वक औरों को देना चाहिए, उन्हें सान्तवना और प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए। क्योंकि हम ने प्रभु से यह ढांपने और प्रोत्साहित करने वाला प्रेम पाया है, इसलिए हमें भी उस प्रेम को औरों को पहुँचाने वाला बनना चाहिए। - आर्थर जैकसन

परमेश्वर आपसे और मुझ से प्रेम करता है – हमें भी एक दूसरे से प्रेम करना चाहिए।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 18:15-18, 25-27
John 18:15 शमौन पतरस और एक और चेला भी यीशु के पीछे हो लिये: यह चेला महायाजक का जाना पहचाना था और यीशु के साथ महायाजक के आंगन में गया।
John 18:16 परन्तु पतरस बाहर द्वार पर खड़ा रहा, तब वह दूसरा चेला जो महायाजक का जाना पहचाना था, बाहर निकला, और द्वारपालिन से कहकर, पतरस को भीतर ले आया।
John 18:17 उस दासी ने जो द्वारपालिन थी, पतरस से कहा, क्या तू भी इस मनुष्य के चेलों में से है? उसने कहा, मैं नहीं हूं।
John 18:18 दास और प्यादे जाड़े के कारण को एले धधकाकर खड़े ताप रहे थे और पतरस भी उन के साथ खड़ा ताप रहा था।
John 18:25 शमौन पतरस खड़ा हुआ ताप रहा था। तब उन्होंने उस से कहा; क्या तू भी उसके चेलों में से है? उसने इन्कार कर के कहा, मैं नहीं हूं।
John 18:26 महायाजक के दासों में से एक जो उसके कुटुम्ब में से था, जिसका कान पतरस ने काट डाला था, बोला, क्या मैं ने तुझे उसके साथ बारी में न देखा था?
John 18:27 पतरस फिर इन्कार कर गया और तुरन्त मुर्ग ने बांग दी।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 1-3
  • मत्ती 24:1-28



गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

आराधना



      “यह कैंसर है”; जब मेरी माँ ने वह शब्द कहे, तब मैं मन पक्का करने का प्रयास कर रही थी। परन्तु उनके शब्द सुनते ही मैं फूटफूट कर रोने लग गयी, क्योंकि ये वो शब्द हैं जिन्हें आप जीवन में कभी सुनना नहीं चाहते हैं, एक बार भी नहीं। और यह तो तीसरी बार था जब माँ को कैंसर से जूझना पड़ रहा था। एक सामान्य जांच के दौरान उन्हें पता चला था की उनकी बगल में एक गाँठ है, जिसकी आगे जांच से पता चला की वह कैंसर की गाँठ है।

      यद्यपि यह बुरी खबर माँ के लिए थी, परन्तु उन्हें ही मुझे सांत्वना देनी पड़ी। इस समाचार के लिए उनकी प्रतिक्रिया विस्मित करने वाली थी; उन्होंने कहा, “मैं जानती हूँ की परमेश्वर सदा ही मेरे प्रति भला रहता है। वह पूर्णतः विश्वास योग्य है।” आगे के इलाज के दौरान, जिसमें एक कठिन ऑप्रेशन तथा रेडिएशन लगवाना सम्मिलित थे, माँ को हमेशा परमेश्वर की उनके साथ उपस्थिति और विश्वासयोग्यता का एहसास बना रहा।

      यह सब परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्यूब के समान है। अय्यूब को अपनी संपत्ति, बच्चों, और स्वास्थ्य से हाथ धोना पड़ा; परन्तु इन सब हानियों के बाद भी हम देखते हैं की दुखद समाचार सुनने के बाद भी, “अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दण्डवत्‌ कर के कहा” (अय्यूब 1:20)। जब उससे उसके पत्नी ने कहा कि अपनी इन परिस्थितियों को लेकर वह परमेश्वर को बुरा-भला कहे, तो अय्यूब ने कहा, “...तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया” (2:10)। यह उसकी कैसी अद्भुत आरम्भिक प्रतिक्रिया थी। यद्यपि अय्यूब ने बाद में शिकायत तो की, किन्तु साथ ही उसने यह भी स्वीकार कर लिया कि परमेश्वर कभी नहीं बदलता है। अय्यूब जानता था की परमेश्वर हर समय उसके साथ है और हमेशा उसकी देखभाल करता रहता है।

      हम में से अधिकाँश के लिए, कठिनाईयों और विपरीत परिस्थितियों में, परमेश्वर की आराधना करना हमारी आरंभिक  प्रतिक्रियाओं में से नहीं होता है। कभी-कभी हमारी परिस्थितियों की पीड़ा इतना अभीभुतित कर देने वाली होती है की हम भय, क्रोध, और आवेश में बौखला उठते हैं, उलटा-सीधा बोल देते हैं। परन्तु अपनी माँ की प्रतिक्रिया को देखकर मुझे स्मरण आया कि परमेश्वर अभी भी उपस्थित है, अभी भी भला है, और हर परिस्थिति में हमारी सहायता करता है, हमें सांत्वना देता है।

      परमेश्वर हर परिस्थिति में आराधना के योग्य है।

अपनी सबसे कमज़ोर परिस्थिति में भी हम अपनी आँखें परमेश्वर की और उठा सकते हैं।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: अय्यूब 1:13-22
Job 1:13 एक दिन अय्यूब के बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पी रहे थे;
Job 1:14 तब एक दूत अय्यूब के पास आकर कहने लगा, हम तो बैलों से हल जोत रहे थे, और गदहियां उनके पास चर रही थी,
Job 1:15 कि शबा के लोग धावा कर के उन को ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:16 वह अभी यह कह ही रहा था कि दूसरा भी आकर कहने लगा, कि परमेश्वर की आग आकाश से गिरी और उस से भेड़-बकरियां और सेवक जलकर भस्म हो गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:17 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, कि कसदी लोग तीन गोल बान्धकर ऊंटों पर धावा कर के उन्हें ले गए, और तलवार से तेरे सेवकों को मार डाला; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:18 वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, तेरे बेटे-बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे,
Job 1:19 कि जंगल की ओर से बड़ी प्रचण्ड वायु चली, और घर के चारों कोनों को ऐसा झोंका मारा, कि वह जवानों पर गिर पड़ा और वे मर गए; और मैं ही अकेला बचकर तुझे समाचार देने को आया हूँ।
Job 1:20 तब अय्यूब उठा, और बागा फाड़, सिर मुंड़ाकर भूमि पर गिरा और दण्डवत्‌ कर के कहा,
Job 1:21 मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।
Job 1:22 इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मूर्खता से दोष लगाया।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 39-40
  • मत्ती 23:23-39



बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

सुनें



      मुझे सुननें में कठिनाई होती है – मेरे पिता कहा करते थे की मैं एक कान से बहरा हूँ और दूसरे से मुझे कम सुनता है। इसलिए मैं कानों में सुनने में सहायता करने वाले उपकरण लगा कर रखता हूँ। अधिकांशतः यह उपकरण अच्छा काम करते हैं; बस जब आस-पास बहुत शोर हो रहा हो तब वे सभी ध्वनियों को पकड़ लेते हैं और तब मैं अपने सामने वाले व्यक्ति की आवाज़ को सुन नहीं पाता हूँ।

      यही हमारे समाज में भी होता है; अनेकों प्रकार की कर्कश ध्वनियाँ, परमेश्वर की धीमी आवाज़ को दबा देती हैं। कवि, टी. एस. इलियट ने कहा, “शब्द कहाँ मिलेगा, शब्द कहाँ गूंजेगा? यहाँ नहीं, यहाँ पर पर्याप्त खामोशी नहीं है।”
      सौभाग्यवश, सुनने में सहायता करने वाले मेरे उपकरण में ऐसा इंतज़ाम है जिससे मैं शोर की ध्वनी को दबा सकता हूँ और केवल वही आवाज़ सुन सकता हूँ, जो मैं सुनना चाहता हूँ। उसी प्रकार से, हमारे चारों और के शोर के होते हुए भी, यदि हम अपने मानों को शांत करें, तो हम परमेश्वर की दबी हुई धीमी आवाज़ को सुनने पाएंगे (1 राजाओं 19:11-12)।

      परमेश्वर हम से प्रतिदिन बातें करता है, हमें हमारी व्याकुलताओं और लालसाओं में बुलाता है। वह हमें हमारे सबसे घोर दुखों में हमें शान्ति और सांत्वना देने, तथा हमारे सबसे बड़े आनन्द की अपूर्णता और असंतुष्टि में हमें परिपूर्णता प्रदान करने के लिए पुकारता है। परन्तु मुख्यतः परमेश्वर हम से अपने वचन बाइबल में होकर बातें करता है (1 थिस्सुलुनीकियों 2:13)। जब आप उसके वचन को लेकर पढ़ते हैं, तो आप उसकी आवाज़ को सुनते हैं। वह आप से इतना प्रेम करता है जितना आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं; और वह चाहता है कि आप उसकी सुनें कि वह आप से क्या कहना चाहता है। - डेविड एच. रोपर

परमेश्वर हम से अपने वचन में होकर बातें करता है, यदि हम सुनने के लिए समय निकालें।

इसलिये हम भी परमेश्वर का धन्यवाद निरन्‍तर करते हैं; कि जब हमारे द्वारा परमेश्वर के सुसमाचार का वचन तुम्हारे पास पहुंचा, तो तुम ने उस मनुष्यों का नहीं, परन्तु परमेश्वर का वचन समझकर (और सचमुच यह ऐसा ही है) ग्रहण किया: और वह तुम में जो विश्वास रखते हो, प्रभावशाली है। - 1 थिस्सुलुनीकियों 2:13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:25-30
John 10:25 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मैं ने तुम से कह दिया, और तुम प्रतीति करते ही नहीं, जो काम मैं अपने पिता के नाम से करता हूं वे ही मेरे गवाह हैं।
John 10:26 परन्तु तुम इसलिये प्रतीति नहीं करते, कि मेरी भेड़ों में से नहीं हो।
John 10:27 मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं।
John 10:28 और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश न होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा।
John 10:29 मेरा पिता, जिसने उन्हें मुझ को दिया है, सब से बड़ा है, और कोई उन्हें पिता के हाथ से छीन नहीं सकता।
John 10:30 मैं और पिता एक हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 36-38
  • मत्ती 23:1-22



मंगलवार, 4 फ़रवरी 2020

महिमा



      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि:
  • अपनी स्वाभाविक दशा में हम उस से रहित हैं (रोमियों 3:23)।
  • प्रभु यीशु उस का प्रकाश थे (इब्रानियों 1:3), और जिन्होंने उन्हें देखा था उन्होंने उस को भी देखा था (यूहन्ना 1:14)।
  • पुराने नियम में उस के तेज ने आराधना के तम्बू को भर दिया था (40:34-35), और उस ही की अगुवाई में इस्राएली कनान देश तक पहुंचे थे।
  • और हमें यह प्रतिज्ञा दी गई है कि समय के अंत में, स्वर्ग उस से प्रकाशमान होगा, और उस का तेज इतना प्रबल होगा कि वहां सूर्य की कोइ आवश्यकता नहीं होगी (प्रकाशितवाक्य 21:23)।


      उपरोक्त सभी कथनों में ‘उस’ क्या है? यह परमेश्वर की महिमा है, और अद्भुत है!

      समस्त बाइबल में हमें बताया गया है कि, परमेश्वर द्वारा रची गई इस धरती पर अपने निवास के समय के दौरान, हम परमेश्वर की अद्भुत और भव्य महिमा की झलक का आनन्द लेते रह सकते हैं। परमेश्वर की महिमा को उसके अस्तित्व का बाहरी प्रगटिकरण वर्णित किया गया है। क्योंकि हम परमेश्वर को नहीं देख सकते हैं, इसलिए उसने अपनी उपस्थिति और कार्यों के स्पष्ट दर्शन हमारे लिए सृष्टि के वैभव, हमारे उद्धार की महानता, और हमारे जीवनों में पवित्र आत्मा की उपस्थिति के द्वारा दिए हैं।

      आज, उसकी महानता के प्रमाण के लिए परमेश्वर की महिमा के खोजी बनें; आप उस महिमा को प्रकृति की सुन्दरता, किसी बच्चे की हंसी, तथा औरों के प्रेम में पाएंगे। आज भी परमेश्वर की महिमा पृथ्वी पर विद्यमान है। - डेव ब्रैनन

हम परमेश्वर की महिमा को देख सकते हैं और 
उसका आनन्द उठा सकते – अभी और अनन्तकाल में भी।

उसका महिमायुक्त नाम सर्वदा धन्य रहेगा; और सारी पृथ्वी उसकी महिमा से परिपूर्ण होगी। आमीन फिर आमीन। - भजन 72:19

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-3, 10-11, 23
Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो।
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।
Revelation 21:10 और वह मुझे आत्मा में, एक बड़े और ऊंचे पहाड़ पर ले गया, और पवित्र नगर यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते दिखाया।
Revelation 21:11 परमेश्वर की महिमा उस में थी, ओर उस की ज्योति बहुत ही बहुमूल्य पत्थर, अर्थात बिल्लौर के समान यशब के समान स्‍वच्‍छ थी।
Revelation 21:23 और उस नगर में सूर्य और चान्‍द के उजाले का प्रयोजन नहीं, क्योंकि परमेश्वर के तेज से उस में उजाला हो रहा है, और मेम्ना उसका दीपक है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 34-35
  • मत्ती 22:23-46