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बुधवार, 19 फ़रवरी 2020

उदार



      हम चर्च से लौट रहे थे, और हमारी छोटी बेटी गाड़ी की पिछली सीट पर बैठी बिस्कुट खा रही थी, जबकि हमारे अन्य बच्चे उससे आग्रह कर रहे थे कि वह अपने बिस्कुट उनके साथ भी बाँटे, जिसके लिए वह कतई राज़ी नहीं हो रही थी। मैंने उस से पूछा, “तुमने आज सन्डे स्कूल क्लास में क्या सीखा?” उसने बताया कि उन्होंने प्रभु यीशु द्वारा पांच रोटी और दो मछली द्वारा पांच हज़ार को खिलाए जाने की कहानी सीखी (यूहन्ना 6:1-13), और फिर रोटी और मछली रखने के लिए एक छोटी टोकरी भी बनाई।

      मैंने इस बात को उपयोग करके उसे उदार होना सिखाने के लिए अपनी बेटी से कहा, “उस छोटे लड़के ने जो यह कार्य किया क्या वह बहुत अच्छा नहीं था? वैसे ही क्यों न वह भी अपने बिस्कुट अपने भाई-बहिनों से बांटे?” तुरंत ही उसने उत्तर दिया, “नहीं मामा” और मेरे बहुत प्रोत्साहित करने के बाद भी वह अपने बिस्कुट बांटने को तैयार नहीं हुई। उसका तर्क था कि उसके पास इतने बिस्कुट हैं ही नहीं जो सबके लिए प्रयाप्त हो सकेंगे।

      औरों के साथ बाँटना कठिन होता है; जो हमारे पास है और हमें दिखाई दे रहा है उसे ही अपने लिए थामे रहना सहज होता है। हम भी मेरी बेटी और संसार के अधिकाँश लोगों के समान यही हिसाब लगाते हैं कि जो हमारे पास है वह सब के लायक पर्याप्त नहीं है, और इसलिए यदि हम उसे बाँट देंगे तो न हमारे पास प्रयाप्त रहेगा और न ही औरों को पर्याप्त मिलेगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस हमें स्मरण करवाता है कि हमारे पास जो कुछ भी है वह हमें परमेश्वर से ही मिला है, जो हमें और भी फलवन्त करना चाहता है, और चाहता है की हम उदार बनें (2 कुरिन्थियों 9:10-11)। स्वर्ग का गणित पृथ्वी के गणित से बहुत भिन्न है; स्वर्ग के गणित के अनुसार, बाँटने से बढ़ोतरी होती है, और देने से बहुतायत आती है। हम निःसंकोच होकर और आनन्द के साथ उदार होकर बाँट सकते हैं, क्योंकि परमेश्वर ने हमारी देखभाल का वायदा किया है, और जैसे हम औरों के प्रति उदार होंगे, वह भी हमारे प्रति उदार बनेगा। - लीसा सामरा

जब हम यह विश्वास करते हैं की परमेश्वर भला है, 
तो हमें उसकी भलाइयों को उदारता के साथ औरों के साथ बाँटना चाहिए।

परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है। - व्यवस्थाविवरण 8:18

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 9:10-15
2 Corinthians 9:10 सो जो बोने वाले को बीज, और भोजन के लिये रोटी देता है वह तुम्हें बीज देगा, और उसे फलवन्‍त करेगा; और तुम्हारे धर्म के फलों को बढ़ाएगा।
2 Corinthians 9:11 कि तुम हर बात में सब प्रकार की उदारता के लिये जो हमारे द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करवाती है, धनवान किए जाओ।
2 Corinthians 9:12 क्योंकि इस सेवा के पूरा करने से, न केवल पवित्र लोगों की घटियां पूरी होती हैं, परन्तु लोगों की ओर से परमेश्वर का बहुत धन्यवाद होता है।
2 Corinthians 9:13 क्योंकि इस सेवा से प्रमाण ले कर वे परमेश्वर की महिमा प्रगट करते हैं, कि तुम मसीह के सुसमाचार को मान कर उसके आधीन रहते हो, और उन की, और सब की सहायता करने में उदारता प्रगट करते रहते हो।
2 Corinthians 9:14 ओर वे तुम्हारे लिये प्रार्थना करते हैं; और इसलिये कि तुम पर परमेश्वर का बड़ा ही अनुग्रह है, तुम्हारी लालसा करते रहते हैं।
2 Corinthians 9:15 परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 25
  • मरकुस 1:23-45



मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020

विश्वासयोग्य



      प्रथम शताब्दी के समय की पृष्ठभूमी में लिखी गई फ्रंसिन रिवर्स की पुस्तक A Voice in the Wind की नायिका, हद्दस्साह, एक गुलाम यहूदी युवती है, जो एक रोमी परिवार में सेविका है, तथा प्रभु यीशु मसीह में विश्वास भी करती है। अपने मसीही विश्वास के कारण उसे भय बना रहता है की उसे सताव का सामना करना पड़ सकता है। उस समय में मसीही विश्वासियों को बहुत तुच्छ समझा जाता था और उन्हें बहुत सताव तथा उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था। बहुतेरों को या तो सूली पर चढ़ाकर मार दिया जाता था, या उन्हें अखाड़ों में भूखे शेरों के साम्हने फेंक दिया जाता था। हद्दस्साह को चिंता रहती थी कि यदि वह परखी गई, तो क्या वह सत्य और अपने मसीही विश्वास के लिए दृढ़ खड़ी रहने पाएगी?

      एक दिन उसका यह भय यथार्त में उसके सामने खड़ा हो जाता है, उसकी स्वामिनी और अन्य रोमी अधिकारी, जो मसीहियों से घृणा करते थे, उससे उसके मसीही विश्वास के विषय पूछते हैं। उसके पास दो विकल्प थे, या तो वह प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास से इनकार करे और प्रभु के विरुद्ध बोले, अथवा अखाड़े में फेंके जाने के लिए तैयार हो जाए। उस स्थिति में वह प्रभु यीशु मसीह पर अपना विश्वास व्यक्त करती है, और ऐसा करते हुए उसका भय जाता रहता है, और वह मृत्यु के मुंह में भी प्रभु के लिए दृढ़ खड़ी रहती है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें स्मरण दिलाती है कि कभी-कभी हमें सत्य का साथ देने के लिए सताव भी झेलना पड़ेगा। यह प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा उद्धार और पापों की क्षमा के सुसमाचार का प्रचार करने के लिए हो सकता है, या फिर वर्तमान प्रचालन के विपरीत, परमेश्वर के भय में सच्चाई और खराई का जीवन जीने का प्रयास करने के लिए हो सकता है। साथ ही बाइबल हमें यह भी कहती है कि ऐसे में हम भयभीत न हों (1 पतरस 3:14), वरन अपने मनों में “मसीह को प्रभु जान कर पवित्र समझें” (पद 15)। हद्दस्साह का मुख्य युद्ध उसके मन में हुआ था; और जब एक बार उसने मन में यीशु मसीह को अपना प्रभु मानना ठान लिया, तो उसे प्रभु के प्रति विश्वासयोग्य बने रहने का साहस भी मिल गया।

      हम जब मसीह यीशु को अपने जीवनों से आदर देने की ठान लेते हैं, तो प्रभु यीशु हमें हमारे विरुद्ध उठने वाले प्रतिरोध का सामना करने और प्रभु के प्रति विश्वासयोग्य होने की सामर्थ्य भी प्रदान करता है। - कीला ओकोआ

विश्वास में दृढ़ तथा प्रभु के विश्वासयोग्य गवाह बनें।

सो जब कि मसीह ने शरीर में हो कर दुख उठाया तो तुम भी उस ही मनसा को धारण कर के हथियार बान्‍ध लो क्योंकि जिसने शरीर में दुख उठाया, वह पाप से छूट गया। - 1 पतरस 4:1

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:13-18
1 Peter 3:13 और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?
1 Peter 3:14 और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
1 Peter 3:15 पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
1 Peter 3:16 और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में तुम्हारी बदनामी होती है उनके विषय में वे, जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों।
1 Peter 3:17 क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
1 Peter 3:18 इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 23-24
  • मरकुस 1:1-22



सोमवार, 17 फ़रवरी 2020

भागो



      मैंने जब हाई-स्कूल में तलवारबाज़ी सीखनी आरंभ की, तो मेरे प्रशिक्षक जैसे ही मेरी और आक्रामक कदम उठाते थे, साथ ही ऊँची आवाज़ में मुझे उनके उस कदम से बचाव के लिए मुझे क्या करना है उसे भी बता देते थे। तो जैसे ही वे अपनी तलवार से आक्रमण करने मेरी और आते, मुझे तुरंत ही बचाव वाली स्थिति अपना कर उनके वार से बचने के लिए तैयार रहना होता था; इसलिए मेरे लिए अत्यावश्यक था कि मैं उनकी आवाज़ को सुनता रहूं और उनके द्वारा की जा रही कार्यवाही पर अपने दृष्टि भी बनाए रखूँ।

      इस प्रकार से सचेत होकर सुनते रहने और प्रतिद्वन्दी की कार्यवाही पर ध्यान बनाए रखने की बात से परमेश्वर के वचन बाइबल में यौन प्रलोभनों से बचने के बारे में दी गयी शिक्षा स्मरण हो आती है। प्रेरित पौलुस ने 1 कुरिन्थियों 6:18 में मसीही विश्वासियों को कहा कि, “व्यभिचार से बचे रहो।” पवित्र शास्त्र कहीं-कहीं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दृढ़ होकर डटे रहने के लिए कहता है (गलातियों 5:1; इफिसियों 6:11), परन्तु यहाँ, यौन प्रलोभन की स्थिति के लिए बाइबल चिल्लाकर हमारे बचाव का सर्वोत्तम मार्ग बताती है: वहाँ से भागो!

      तुरंत की गयी त्वरित कार्यवाही कोई भी समझौता कर बैठने से बचाए रखती है। यह करना आवश्यक भी है क्योंकि छोटे-छोटे समझौते बड़ी और विनाशकारी हार ला सकते हैं। कोई भी अनियंत्रित अनैतिक विचार, इंटरनेट पर किसी गलत चित्र की झलक, विवाहित होते हुए किसी के साथ छेड़खानी भरी मित्रता, आदि – सभी वे स्थितियां हैं जो हमें वहाँ ले जा सकती हैं जहाँ हमें नहीं होना चाहिए; और हम में तथा परमेश्वर में दूरी ला सकती हैं।

      जब हम प्रलोभनों से बचकर भागते हैं, तो परमेश्वर बच कर भाग जाने के लिए स्थान भी उपलब्ध करवाता है। हमारे पापों के लिए प्रभु यीशु की क्रूस पर मृत्यु, और उनके मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा हमारे लिए प्रभु यीशु में पापों की क्षमा, नया आरंभ, और अनंत जीवन की आशा उपलब्ध करवाई गई है – हमने चाहे जो भी किया हो, कैसा भी जीवन व्यतीत किया हो, प्रभु यीशु हमारे लिए सुरक्षित एवं आशीश्पूर्ण शरणस्थान हैं। हम जब भी कमज़ोर होते हैं, प्रलोभनों में आते हैं, शैतान हमें परीक्षाओं में गिराने के प्रयास करता है, तो हमारे लिए सर्वोत्तम प्रतिक्रिया होती है – भागो; और भागकर प्रभु यीशु की शरण में आ जाओ। - जेम्स बैंक्स

केवल परमेश्वर ही हमारी प्रत्येक आवश्यकता पूरी कर सकता है
 और हमें गहरी संतुष्टि प्रदान कर सकता है।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 6:12-20
1 Corinthians 6:12 सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब वस्तुएं लाभ की नहीं, सब वस्तुएं मेरे लिये उचित हैं, परन्तु मैं किसी बात के आधीन न हूंगा।
1 Corinthians 6:13 भोजन पेट के लिये, और पेट भोजन के लिये है, परन्तु परमेश्वर इस को और उसको दोनों को नाश करेगा, परन्तु देह व्यभिचार के लिये नहीं, वरन प्रभु के लिये; और प्रभु देह के लिये है।
1 Corinthians 6:14 और परमेश्वर ने अपनी सामर्थ्य से प्रभु को जिलाया, और हमें भी जिलाएगा।
1 Corinthians 6:15 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह मसीह के अंग हैं? सो क्या मैं मसीह के अंग ले कर उन्हें वेश्या के अंग बनाऊं? कदापि नहीं।
1 Corinthians 6:16 क्या तुम नहीं जानते, कि जो कोई वेश्या से संगति करता है, वह उसके साथ एक तन हो जाता है? क्योंकि वह कहता है, कि वे दोनों एक तन होंगे।
1 Corinthians 6:17 और जो प्रभु की संगति में रहता है, वह उसके साथ एक आत्मा हो जाता है।
1 Corinthians 6:18 व्यभिचार से बचे रहो: जितने और पाप मनुष्य करता है, वे देह के बाहर हैं, परन्तु व्यभिचार करने वाला अपनी ही देह के विरुद्ध पाप करता है।
1 Corinthians 6:19 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?
1 Corinthians 6:20 क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 21-22
  • मत्ती 28



रविवार, 16 फ़रवरी 2020

प्रेम



      मैं एक ऐसे चर्च में आराधना करता हूँ जो एक बड़े, खुले मैदान में लगता है – जो कि मेरे निवास-स्थान सिंगापुर में एक बहुत ही कम पाई जाने वाली स्थिति है – हमारा निवास-स्थान मात्र पच्चीस मील लंबा और पंद्रह मील चौड़ा टापू है। कुछ समय पहले, बाहर से आकर यहाँ काम करने वाले कुछ प्रवासी उस चर्च स्थल पर प्रति इतवार पिकनिक मनाने के लिए आने लगे।

      इससे चर्च के लोगों में भिन्न प्रतिक्रियाएं हुईं। कुछ उन लोगों द्वारा अपने पीछे छोड़े गए कूड़े को लेकर बेचैनी हुई; परन्तु कुछ अन्य ने इसे चर्च छोड़कर बाहर जाए बिना ही परदेसी लोगों को आतिथ्य प्रदान करने का एक स्वर्गीय अवसर समझा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, इस्राएलियों को भी अपने समय में, अपने नए निवास-स्थान में आकर बस जाने के पश्चात, कुछ ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा होगा, जब उनका नए लोगों से सामना हुआ होगा। परन्तु परमेश्वर ने उन्हें स्पष्ट आज्ञा दी थी कि वे परदेसियों से भी अपने समान ही प्रेम और व्यवहार करें (लैव्यवस्था 19:34)। परमेश्वर द्वारा उन्हें दिए गए नियमों में से अनेकोण नियम परदेसियों से सम्बंधित थे: उन्हें सताया नहीं जाना था, उनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं होना था, उनकी सहायता की जानी थे, और उनसे प्रेम किया जाना था (निर्गमन 23:9; व्यवस्थाविवरण 10:19)। इसके सदियों बाद, प्रभु यीशु ने भी यही आज्ञा अपने अनुयायियों को दी, कि वे अपने पड़ौसी से अपने समान प्रेम रखें (मरकुस 12:31)।

      हम में भी हमारे प्रभु परमेश्वर के समान ही औरों से प्रेम करने और प्रदर्शित करने का मन हो, और हम यह कभी न भूलें की हम भी पृथ्वी पर परदेसी हैं। फिर भी परमेश्वर ने हमें अपनाकर हम से प्रेम किया है। - लेस्ली कोह

औरों से प्रेम करने की कुंजी परमेश्वर के प्रेम को अपनाना है।

परदेशी पर अन्धेर न करना; तुम तो परदेशी के मन की बातें जानते हो, क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे। - निर्गमन 23:9

बाइबल पाठ: लैव्यवस्था 19:33-34
Leviticus 19:33 और यदि कोई परदेशी तुम्हारे देश में तुम्हारे संग रहे, तो उसको दु:ख न देना।
Leviticus 19:34 जो परदेशी तुम्हारे संग रहे वह तुम्हारे लिये देशी के समान हो, और उस से अपने ही समान प्रेम रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 19-20
  • मत्ती 27:51-66



शनिवार, 15 फ़रवरी 2020

सेवकाई



      बचपन में मैं हमारे चर्च में इतवार की संध्याकालीन सभाओं के लिए बहुत उत्सुक्त रहती थी, क्योंकि वे रोमांचकारी होती थीं। बहुधा इतवार की संध्या सभाओं का अर्थ होता था की हमें मसीही सेवकाई में जाने वाले लोगों और अन्य मेहमान प्रचारकों से सन्देश सुनने को मिलते थे। उनके सन्देश मुझे प्रेरणादायक लगते थे क्योंकि वे लोग परिवार और मित्रजनों को छोड़कर, और कभी-कभी तो घर, संपत्ति, और नौकरियों को भी छोड़कर किसी विचित्र, अनजाने, और कभी-कभी खतरनाक स्थान पर परमेश्वर की सेवकाई के लिए जाया करते थे।

      उन सेवकों के सामान ही, हम परमेश्वर के वचन बाइबल में देखते हैं कि एलीशा ने भी परमेश्वर की सेवकाई के लिए निकलने के लिए बहुत कुछ छोड़ा था (1 राजाओं 19:19-21)। एलिय्याह में होकर परमेश्वर द्वारा एलीशा को बुलाए जाने से पहले हम एलीशा के बारे में कुछ विशेष जानकारी नहीं पाते हैं – सिवाए इसके कि वह किसान था। एलिय्याह की उससे पहली मुलाक़ात एलीशा के खेत में जुताई करते हुए हुई, और एलिय्याह ने अपना चोगा, जो उसके परमेश्वर का नबी होने का चिन्ह था, एलीशा के कन्धों पर डाल दिया, और उसे अपने पीछे चले आने के लिए कहा। एलीशा ने केवल एक अनुरोध किया, कि वह अपने माता-पिता से विदा ले आए, और तुरंत ही उसने अपने बैलों को बलि किया तथा जुताई करने के अपने सामान को जलाया, अपने माता-पिता से विदा ली, और एलिय्याह के पीछे चल निकला।

      यद्यपि हम में से बहुतेरों को परमेश्वर की पूर्णकालिक सेवकाई के लिए परिवार और मित्र जनों को छोड़ने के लिए बुलाहट नहीं आती है, किन्तु परमेश्वर चाहता है की हम उसका अनुसरण करें तथा, “जैसा प्रभु ने हर एक को बांटा है, और परमेश्वर ने हर एक को बुलाया है; वैसा ही वह चले: और मैं सब कलीसियाओं में ऐसा ही ठहराता हूं” (1 कुरिन्थियों 7:17)। मेरा अक्सर यह अनुभव रहा है, हम चाहे जहाँ भी हों, परमेश्वर की सेवा करना रोमांचक और चुनौतीपूर्ण हो सकता है – चाहे हमें कभी सेवकाई के लिए घर भी न छोड़ना पड़े! – एलिसन कीडा

हम जहाँ भी होंगे, परमेश्वर हमें वहीं उसकी सेवकाई के विषय बताएगा।

जब वे उपवास सहित प्रभु की उपासना कर रहे था, तो पवित्र आत्मा ने कहा; मेरे निमित्त बरनबास और शाऊल को उस काम के लिये अलग करो जिस के लिये मैं ने उन्हें बुलाया है। - प्रेरितों 13:2

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 19:19-21
1 Kings 19:19 तब वह वहां से चल दिया, और शापात का पुत्र एलीशा उसे मिला जो बारह जोड़ी बैल अपने आगे किए हुए आप बारहवीं के साथ हो कर हल जोत रहा था। उसके पास जा कर एलिय्याह ने अपनी चद्दर उस पर डाल दी।
1 Kings 19:20 तब वह बैलों को छोड़ कर एलिय्याह के पीछे दौड़ा, और कहने लगा, मुझे अपने माता-पिता को चूमने दे, तब मैं तेरे पीछे चलूंगा। उसने कहा, लौट जा, मैं ने तुझ से क्या किया है?
1 Kings 19:21 तब वह उसके पीछे से लौट गया, और एक जोड़ी बैल ले कर बलि किए, और बैलों का सामान जलाकर उनका मांस पका के अपने लोगों को दे दिया, और उन्होंने खाया; तब वह कमर बान्धकर एलिय्याह के पीछे चला, और उसकी सेवा टहल करने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 17-18
  • मत्ती 27:27-50



शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2020

भरोसा



      मेरी एक सहेली को हाल ही में अपने वर्तमान स्थान से लगभग 1000 मील दूर स्थान पर स्थानांतरित होना पड़ा। क्योंकि समय कम था इसलिए उसने और उसके पति ने सम्बंधित कार्यों को आपस में बाँट लिया, और वे दोनों अपने-अपने कार्य करने लगे। मेरी सहेली सामान को बाँधने और पैक करने में लग गई, और उसका पति रहने के लिए अच्छा स्थान ढूँढने और निश्चित करने में लग गया। मैं चकित थी कि कैसे रहने के नए स्थान को बिना देखे और उसके बारे में स्वयं जाने बिना, तथा नए घर को देखे बिना वह वहाँ जाने के लिए तैयार थी। मैंने उससे इसके बारे में जब पूछा तो उसने उत्तर दिया की यह चुनौतीपूर्ण तो है, परन्तु उसे पता है कि इतने वर्षों से साथ रहने के कारण उसके पति को उसकी पसंद और नापसंद का ज्ञान है, तथा मेरी सहेली को अपने पति पर भरोसा था की वे स्थान और घर का चुनाव उसकी पसंद को ध्यान में रखते हुए ही करेंगे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से शीघ्र ही उनके पकड़वाए जाने और मारे जाने के बारे में बताया। प्रभु यीशु के पृथ्वी जीवन का, तथा शिष्यों के जीवन का भी सबसे अंधकारपूर्ण समय निकट था। ऐसे में प्रभु ने शिष्यों को आश्वस्त किया कि वह उनके लिए स्वर्ग में एक नया घर बनाएगा, जैसे की मेरी सहेली के पति ने उनके रहने के लिए नए स्थान पर घर तैयार किया। जब शिष्यों ने प्रभु यीशु से प्रश्न किए तो प्रभु ने उन्हें  स्मरण दिलाया की कैसे उन्होंने साथ समय बिताया था, कार्य किए थे, और उन्होंने प्रभु को आश्चर्यकर्म करते देखा था। प्रभु ने उन्हें आश्वस्त किया कि चाहे प्रभु के चले जाने से उन्हें दुःख होगा, किन्तु फिर भी वे प्रभु पर भरोसा बनाए रख सकते हैं कि जो वह कहता है वह उसे करता भी है।

      आज हम मसीही विश्वासी भी अपने जीवन की कठिन और विपरीत परिस्थितियों में प्रभु के प्रति आश्वस्त रह सकते हैं कि वह हर बात में होकर हमें भलाई ही की ओर लेकर जाएगा। जब हम उसके साथ चलते रहते हैं तो हम उसकी विश्वासयोग्यता पर भरोसा बनाए रखना भी सीखते रहते हैं। - कर्स्टन होल्म्बर्ग

कठिन और विपरीत परिस्थितियों में से भी हमें 
पार लगाने के लिए हम परमेश्वर पर भरोसा बनाए रख सकते हैं।

और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो। - रोमियों 12:2

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-14
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो।
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं।
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो।
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो।
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू कहां जाता है तो मार्ग कैसे जानें?
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।
John 14:7 यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते, और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है।
John 14:8 फिलेप्पुस ने उस से कहा, हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे: यही हमारे लिये बहुत है।
John 14:9 यीशु ने उस से कहा; हे फिलेप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा।
John 14:10 क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है।
John 14:11 मेरी ही प्रतीति करो, कि मैं पिता में हूं; और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरी प्रतीति करो।
John 14:12 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जो मुझ पर विश्वास रखता है, ये काम जो मैं करता हूं वह भी करेगा, वरन इन से भी बड़े काम करेगा, क्योंकि मैं पिता के पास जाता हूं।
John 14:13 और जो कुछ तुम मेरे नाम से मांगोगे, वही मैं करूंगा कि पुत्र के द्वारा पिता की महिमा हो।
John 14:14 यदि तुम मुझ से मेरे नाम से कुछ मांगोगे, तो मैं उसे करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 15-16
  • मत्ती 27:1-26



गुरुवार, 13 फ़रवरी 2020

धन्यवाद



      मैं कंप्यूटर पर बैठी कार्य कर रही थी, और मुझे एक ईमेल मिलने का संकेत सुनाई दिया। सामान्यतः मैं प्रत्येक ईमेल को तुरंत ही देखने का प्रयास नहीं करती हूँ, परन्तु उस ईमेल का विषय, “तुम आशीष हो” बहुत लुभावना था, इसलिए मैंने उसे खोल कर पढ़ा। वह ईमेल मेरी एक सहेली का था जो बहुत दूर रहती थी, और वह मुझे बता रही थी कि वह मेरे परिवार के लिए प्रार्थना कर रही थी। मेरी उस सहेली ने अपने रसोई की मेज़ पर एक ‘आशीष का कटोरा’ रखा हुआ है, जिसमें हर सप्ताह वह अपने किसी एक प्रीय जन की फोटो रखती है और उसके परिवार के लिए प्रार्थना करती रहती है। उसने मुझे लिखा, “मैं जब जब तुम्हें स्मरण करता हूं, तब तब अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं” (फिलिप्पियों 1:3), और फिर हमारे द्वारा साथ मिलकर किए गए परमेश्वर के प्रेम को औरों के साथ बाँटने के प्रयासों को स्मरण किया और उनकी सराहना की – सुसमाचार प्रचार में हमारी सहभागिता की।

      मेरी सहेली के इस सुविचारित कार्य के द्वारा मेरे ईमेल के इनबॉक्स में परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा कहे गए शब्द आ गए, और मुझे उनसे वैसा ही आनन्द प्राप्त हुआ, जैसा मुझे लगता है उस प्रथम-शताब्दी की मसीही मण्डली को हुआ होगा जिन्हें पौलुस ने यह धन्यवाद के शब्द लिखे थे। ऐसा लगता है कि पौलुस के साथ जो लोग कार्य करते थे, उन्हें पौलुस धन्यवाद अवश्य कहता था, यह करना उसकी आदत थी। उसकी कई पत्रियों की आरंभिक पंक्ति धन्यवाद के शब्द होते हैं, जैसे कि, “पहिले मैं तुम सब के लिये यीशु मसीह के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूंकि तुम्हारे विश्वास की चर्चा सारे जगत में हो रही है” (रोमियों 1:8)।

      प्रथम शताब्दी में, पौलुस ने अपने सहकर्मियों को प्रार्थना सहित कहे गए धन्यवाद के शब्दों के द्वारा आशीष दी। इक्कीसवीं शताब्दी में मेरी सहेली ने अपने ‘आशीष के कटोरे’ का प्रयोग मेरे दिन को आनन्दमय बनाने के लिए किया। आज हम हमारे साथ परमेश्वर के लिए कार्यरत लोगों के प्रति धन्यवाद व्यक्त कैसे कर सकते हैं, उन्हें प्रोत्साहित और आनन्दित कर सकते हैं? – एलिसा मौर्गन

आज आप किसे धन्यवाद कह सकते हैं?

हे भाइयो, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिये कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और तुम सब का प्रेम आपस में बहुत ही होता जाता है। - 2 थिस्सलुनीकियों 1:3

बाइबल पाठ: रोमियों 1:1-10
Romans 1:1 पौलुस की ओर से जो यीशु मसीह का दास है, और प्रेरित होने के लिये बुलाया गया, और परमेश्वर के उस सुसमाचार के लिये अलग किया गया है।
Romans 1:2 जिस की उसने पहिले ही से अपने भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा पवित्र शास्त्र में।
Romans 1:3 अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह के विषय में प्रतिज्ञा की थी, जो शरीर के भाव से तो दाउद के वंश से उत्पन्न हुआ।
Romans 1:4 और पवित्रता की आत्मा के भाव से मरे हुओं में से जी उठने के कारण सामर्थ के साथ परमेश्वर का पुत्र ठहरा है।
Romans 1:5 जिस के द्वारा हमें अनुग्रह और प्रेरिताई मिली; कि उसके नाम के कारण सब जातियों के लोग विश्वास कर के उस की मानें।
Romans 1:6 जिन में से तुम भी यीशु मसीह के होने के लिये बुलाए गए हो।
Romans 1:7 उन सब के नाम जो रोम में परमेश्वर के प्यारे हैं और पवित्र होने के लिये बुलाए गए हैं। हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे।
Romans 1:8 पहिले मैं तुम सब के लिये यीशु मसीह के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि तुम्हारे विश्वास की चर्चा सारे जगत में हो रही है।
Romans 1:9 परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्र के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
Romans 1:10 और नित्य अपनी प्रार्थनाओं में बिनती करता हूं, कि किसी रीति से अब भी तुम्हारे पास आने को मेरी यात्रा परमेश्वर की इच्छा से सफल हो।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 14
  • मत्ती 26:51-75