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सोमवार, 29 सितंबर 2014

सच्चाई और निश्चयता


   एक दिन मैंने कहीं जाने के लिए टैक्सी करी। जब मैं टैक्सी के अन्दर जा कर बैठा तो मैंने पाया कि अन्दर एक ’न्यू ऐज’ (नए युग) गुरू के कई विज्ञापन लगे हुए हैं। टैक्सी चालक से इस बारे में बात करने पर उस चालक ने बताया कि उसका मानना है कि परमेश्वर ने हर समय और काल में अनेक दिव्य व्यक्तित्वों को गुरू बनाकर भेजा ताकि वे लोगों की आत्मिक अगुवाई करें और वह गुरु हमारे समय के लिए भेजा गया दिव्य व्यक्तित्व था। उस टैक्सी चालक के अनुसार यीशु मसीह भी अपने समय के लिए भेजे गए दिव्य व्यक्तित्व थे। मैंने उस टक्सी चालक से अपनी असहमति व्यक्त करते हुए उसे प्रभु यीशु द्वारा कही गई बात बताई: "...मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता" (यूहन्ना 14:6)।

   उस टैक्सी चालक तथा उसके समान विश्वास रखने वाले लोगों की धारणा के विपरीत, प्रभु यीशु दिव्य व्यक्तित्वों की किसी श्रंखला की एक कड़ी मात्र नहीं हैं वरन स्वयं उनके अपने दावे के अनुसार केवल वे ही परमेश्वर तक पहुँचने का एकमात्र मार्ग हैं; उनके बिना स्वर्ग पहुँचने का और कोई रास्ता नहीं है।

   "जीवते परमेश्वर का पुत्र" (मत्ती 16:16) होने के कारण प्रभु यीशु ने अपने आप को एकमात्र सच्चा आध्यात्मिक अगुवा केवल घोषित ही नहीं किया, वरन उस घोषणा के अनुरूप जीवन जी कर भी दिखाया। उनके जन्म से लेकर आज तक, 2000 वर्ष के लंबे अन्तराल में कोई भी जन उनके जीवन में किसी भी प्रकार का कोई पाप या दुराचार दिखा अथवा प्रमाणित नहीं कर सका है। प्रभु यीशु का परिपेक्ष किसी धर्म, जाति, काल या भौगोलिक इलाके तक ही सीमित नहीं था; वे समस्त संसार के हर जन के लिए, वो चाहे किसी भी समय-काल-स्थान का रहने वाला हो, आए थे। प्रभु यीशु ने समस्त संसार के सभी लोगों के उद्धार के लिए प्रभावी अपने जीवन के बलिदान (इब्रानियों 10:12) तथा फिर मृतकों में से अपने पुनरुत्थान के द्वारा अपने एकमात्र सच्चा आध्यात्मिक अगुवा होने के दावे को भी प्रमाणित कर के दिखाया है।

   प्रभु यीशु ने कहा, "मेरी ही प्रतीति करो, कि मैं पिता में हूं; और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरी प्रतीति करो" (यूहन्ना 14:11)। जितनी अधिक प्रभु यीशु के जीवन पर खोज हुई है उतनी संसार के किसी अन्य जन पर कभी नहीं हुई, और हर खोज ने प्रभु यीशु तथा उनसे संबंधित परमेश्वर के वचन बाइबल के सभी दावों को सदा सच ही प्रमाणित किया है। इसलिए समस्त मानव जाति को पाप क्षमा तथा उद्धार पाने के लिए किसी अन्य गुरू या मार्ग की आवश्यकता नहीं है - प्रभु यीशु में यह सभी के लिए सेंत-मेंत और सहज रीति से साधारण विश्वास द्वारा उपलब्ध है।

   प्रभु यीशु के बारे में सीखिए और उसे अपना गुरू तथा मार्गदर्शक ग्रहण कर लिजिए; आत्मिक सच्चाई और निश्चयता केवल वह ही प्रदान कर सकता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


आत्मिक छलिए केवल भटका सकते हैं; केवल प्रभु यीशु ही है जो परमेश्वर से आपका मेल करवा सकता है, आपको स्वर्ग ले जा सकता है।

उसने उन से कहा; परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो? शमौन पतरस ने उत्तर दिया, कि तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है। - मत्ती 16:15-16

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:1-11
John 14:1 तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। 
John 14:2 मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। 
John 14:3 और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। 
John 14:4 और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। 
John 14:5 थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू कहां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? 
John 14:6 यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। 
John 14:7 यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते, और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है। 
John 14:8 फिलेप्पुस ने उस से कहा, हे प्रभु, पिता को हमें दिखा दे: यही हमारे लिये बहुत है। 
John 14:9 यीशु ने उस से कहा; हे फिलेप्पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्या तू मुझे नहीं जानता? जिसने मुझे देखा है उसने पिता को देखा है: तू क्यों कहता है कि पिता को हमें दिखा। 
John 14:10 क्या तू प्रतीति नहीं करता, कि मैं पिता में हूं, और पिता मुझ में हैं? ये बातें जो मैं तुम से कहता हूं, अपनी ओर से नहीं कहता, परन्तु पिता मुझ में रहकर अपने काम करता है। 
John 14:11 मेरी ही प्रतीति करो, कि मैं पिता में हूं; और पिता मुझ में है; नहीं तो कामों ही के कारण मेरी प्रतीति करो।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 4-6


रविवार, 28 सितंबर 2014

अज्ञात


   बहुतेरे लंडनवासियों के लिए 1666 वह वर्ष था जब प्रभु यीशु मसीह का पुनरागमन हो जाएगा। भविष्यवाणी करने वाले उत्साही लोगों ने परमेश्वर के वचन बाइबल में मसीह विरोधी के अंक 666 को मसीह यीशु के जन्मोप्रांत 1000 वर्ष पूरे होने को मिलाकर यह संख्या पाई थी। प्रभु यीशु ने भी अपने दूसरे आगमन के चिन्हों में कहा था कि संसार में भयानक परिस्थितियाँ और विपित्तियाँ होंगी (मत्ती 24:1-8), और उन लंडनवासियों को लग रहा था कि यही हो रहा है क्योंकि सन 1665 में प्लेग द्वारा 100,000 लोगों की मृत्यु होकर चुकी थी और फिर सितंबर 1666 में लंडन में लगी भयानक आग ने दसियों हज़ार मकान जला कर ध्वस्त कर दिए थे। लेकिन सन 1666 भी आकर चला गया और जीवन वैसे ही चलता रहा जैसे पहले चलता था।

   आज हमारे समयों में भी ऐसे अनेक लोग हैं जिन्होंने प्रभु यीशु के दूसरे आगमन और जगत के अन्त की तिथि की भविष्यवाणी करी है। ऐसी भविष्यवाणियाँ होती हैं, मीडिया उसके बारे में बहुत कुछ बताता है, उस से संबंधित संसार में होने वाले उन्माद को दिखाता है, वह तारीख आकर चली जाती है और जीवन वैसा ही चलता रहता है जैसे वह चल रहा था।

   परमेश्वर की योजना में प्रभु यीशु के पुनरागमन के समय को हम से छिपा कर ही रखा गया है। इस संबंध में स्वयं प्रभु यीशु ने कहा, "उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न स्वर्ग के दूत, और न पुत्र, परन्तु केवल पिता" (मत्ती 24:36)। प्रभु यीशु के कभी भी आ जाने की अनिश्चितता हम मसिही विश्वासियों को अपनी आत्मिक उन्नति तथा मसीही सेवकाई के लिए सदा तत्पर एवं तैयार बनाए रखती है, अन्यथा लोग सदा ही नहीं वरन उस निर्धारित तिथि के आस-पास ही इस कार्य को पूरा करते (मत्ती 25:1-13; 1 यूहन्ना 3:2-3)।

   आश्वस्त रहें कि प्रभु यीशु का पुनरागमन होगा अवश्य, लेकिन कब, यह ना तो कोई जानता है और ना ही बता सकता है। हमारा कर्त्वय है कि जब तक हमारा प्रभु अपने समय में हमें लेने पुनः ना आ जाए तब तक हम उसके कार्य में पूरी लगन के साथ लगे रहें और अपने जीवनों को इस संसार की नश्वर लालसाओं में रत नहीं वरन पवित्र चाल-चलन तथा भक्ति के साथ व्यतीत होने वाला बनाए रखें (2 पतरस 3:11)। - डैनिस फिशर


प्रभु यीशु के पुनरागमन के सिद्धांत के जितना व्यावाहरिक मसीही जीवन से जुड़ा और कोई सिद्धांत नहीं है।

तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। - 2 पतरस 3:11

बाइबल पाठ: मत्ती 24:1-8
Matthew 24:1 जब यीशु मन्दिर से निकलकर जा रहा था, तो उसके चेले उसको मन्दिर की रचना दिखाने के लिये उस के पास आए। 
Matthew 24:2 उसने उन से कहा, क्या तुम यह सब नहीं देखते? मैं तुम से सच कहता हूं, यहां पत्थर पर पत्थर भी न छूटेगा, जो ढाया न जाएगा। 
Matthew 24:3 और जब वह जैतून पहाड़ पर बैठा था, तो चेलों ने अलग उसके पास आकर कहा, हम से कह कि ये बातें कब होंगी और तेरे आने का, और जगत के अन्‍त का क्या चिन्ह होगा? 
Matthew 24:4 यीशु ने उन को उत्तर दिया, सावधान रहो! कोई तुम्हें न भरमाने पाए। 
Matthew 24:5 क्योंकि बहुत से ऐसे होंगे जो मेरे नाम से आकर कहेंगे, कि मैं मसीह हूं: और बहुतों को भरमाएंगे। 
Matthew 24:6 तुम लड़ाइयों और लड़ाइयों की चर्चा सुनोगे; देखो घबरा न जाना क्योंकि इन का होना अवश्य है, परन्तु उस समय अन्‍त न होगा। 
Matthew 24:7 क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह जगह अकाल पड़ेंगे, और भुईंडोल होंगे। 
Matthew 24:8 ये सब बातें पीड़ाओं का आरम्भ होंगी।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 1-3


शनिवार, 27 सितंबर 2014

अन्तिम छोर


   मौस्को बाइबल इन्स्टीट्यूट में रूसी पास्टरों को पढ़ाने का वह मेरा पहला दिन था। सबके बारे में जानकारी लेने के लिए मैंने आग्रह किया कि सभी जन अपने नाम और उस स्थान के बारे में बताएं जहाँ वे कार्यरत थे। सबने बारी बारी से अपने बारे में बताना आरंभ किया; परन्तु एक पास्टर के विवरण को सुनकर मैं कुछ देर के लिए अवाक रह गया। उस पास्टर ने बड़ी दिलेरी से कहना आरंभ किया, "इन सभी उपस्थित पास्टारों में से एक मैं ही हूँ जो प्रभु यीशु द्वारा अपने चेलों को दी गई महान आज्ञा का सबसे विश्वासपूर्ण रीति से पालन करता हूँ!" मुझे स्तब्ध सा देख कर वह मुस्कुराया, और आगे कहना आरंभ किया, "प्रभु यीशु की महान आज्ञा है कि हम उसमें होकर समस्त संसार के सभी लोगों को मिलने वाले महान उद्धार के बारे में बताएं और इस कार्य की पूर्ति के लिए पृथ्वी के अन्तिम छोर तक जाएं। मैं जिस स्थान पर कार्य करता हूँ वह उत्तरी ध्रुव पर स्थित है, उसका नाम है यमाल जिसका अर्थ है पृथ्वी का छोर!" उसकी बात सुनकर हम सब हँस पड़े और एक दूसरे की जानकारी लेने के लिए हमारी बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ गया।

   परिचय देने के लिए प्रयुक्त उस पास्टर के, जो यमाल, अर्थात पृथ्वी के अन्तिम छोर क्षेत्र में कार्य करता है, वे शब्द बहुत महत्वपूर्ण हैं। प्रभु यीशु ने अपने स्वर्गारोहण के समय अपने चेलों को जो अन्तिम बात कही थी, "...तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे" (प्रेरितों 1:8) वह हम सभी मसीही विश्वासियों के लिए आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। संसार के हर भाग में उद्धार के इस सुसमाचार का सन्देश जाना अनिवार्य है, चाहे वह क्षेत्र कितना ही सुदूर क्यों ना हो, क्योंकि प्रभु यीशु ने संसार के हर एक जन के उद्धार के लिए अपने प्राण बलिदान किए हैं।

   हम में से प्रत्येक मसीही विश्वासी के पास यह अवसर है कि हम प्रभु यीशु में विश्वास और पाप क्षमा द्वारा मिलने वाले उद्धार के सुसमाचार को अपने आस-पास के लोगों तक पहुँचाएं। आप चाहे कहीं भी रहते हों, आपके लिए वही स्थान अन्तिम छोर हो सकता है, वहीं कही कोई ऐसा व्यक्ति विद्यमान हो सकता है जिसे प्रभु यीशु की आवश्यकता है। - बिल क्राउडर


कोई भी स्थान मसीह यीशु की गवाही देने के लिए उचित स्थान हो सकता है।

और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार किया जाएगा, कि सब जातियों पर गवाही हो, तब अन्‍त आ जाएगा। - मत्ती 24:14 

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-8
Acts 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा। 
Acts 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया। 
Acts 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से बड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा। 
Acts 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो। 
Acts 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे। 
Acts 1:6 सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्त्राएल को राज्य फेर देगा? 
Acts 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं। 
Acts 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।

एक साल में बाइबल: 
  • योएल 1-3


शुक्रवार, 26 सितंबर 2014

पल का उपयोग


   मेरी पत्नि मार्टि एक अच्छी खरीददार है। जब वह घर के लिए किराने का सामान खरीदती है तो डब्बों पर लगे लेबलों पर लिखी हुई जानकारी से उस उत्पाद से मिलने वाले पोषण की जानकारी लेती है, और वैसे ही अन्य सामग्री के दाम की परस्पर तुलना करके सब से अच्छा सौदा प्राप्त करती है। दूध खरीदते समय वह सामने आने वाला सबसे पहला डिब्बा नहीं उठा लेती, वरन वह उस दूध के "डिब्बा-बन्द" किए जाने तथा प्रयोग करने की तिथि देखती है और वही दूध लेती है जो सबसे ताज़ा और सबसे देर तक उपयोग हो सकने वाला है।

   एक प्रकार से हम सभी के जीवनों पर प्रयोग हो सकने वाली तिथि लिखी हुई है - बस हम में से कोई उस तिथि को जानता नहीं है; हमें पता नहीं है कि हमारा हृदय किस तिथि तक ही कार्य करेगा और फिर सदा के लिए बैठ जाएगा, या हमारी अन्तिम श्वास किस पल ली जाएगी और फिर किस रीति से सदा के लिए थम जाएगी। जब यह सत्य सभी के जीवनों के लिए अवश्यंभावी है, तो क्या हम सब को उन पलों का जो हमें दिए गए हैं, मना लगा कर सदुपयोग नहीं करना चाहिए? पलों के उपयोग से मेरा तात्पर्य है हम और गहराई तथा अर्थपूर्ण रीति से सच्चा प्रेम दिखाएं, औरों को क्षमा करने में तत्पर रहें, दूसरों की सुनने वाले बनें, खराई किंतु मृदुभाव से बोलने वाले बनें, इत्यादि।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने कुछ ऐसी ही भली सलाह अपनी एक पत्री में लिखी: "इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं" (इफिसियों 5:15-16)। साथ ही वह अपने पाठकों से आग्रह करता है कि वे ज्योति की सन्तान के समान चलें (पद 8) और हर बात तथा कार्य में प्रभु यीशु की इच्छा के अनुसार रहें (पद 10)।

   क्योंकि हम में से कोई भी अपने उपयोगी रहने की अन्तिम तिथि नहीं जानता, इसलिए प्रत्येक पल को बहुमूल्य जानकर, हर पल का उपयोग मसीह यीशु के प्रेम के प्रसार द्वारा संसार को और अधिक उज्जवल तथा सुन्दर बनाने के लिए करने वाले बन जाएं। - जो स्टोवैल


हर दिन को ऐसे जीएं मानो वह अन्तिम है।

इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:8-21
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाईं चलो। 
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)। 
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है 
Ephesians 5:11 और अन्धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो। 
Ephesians 5:12 क्योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है। 
Ephesians 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योति है। 
Ephesians 5:14 इस कारण वह कहता है, हे सोने वाले जाग और मुर्दों में से जी उठ; तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।। 
Ephesians 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों की नाईं नहीं पर बुद्धिमानों की नाईं चलो। 
Ephesians 5:16 और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं। 
Ephesians 5:17 इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है? 
Ephesians 5:18 और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपन होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ। 
Ephesians 5:19 और आपस में भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो। 
Ephesians 5:20 और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो। 
Ephesians 5:21 और मसीह के भय से एक दूसरे के आधीन रहो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 11-14


गुरुवार, 25 सितंबर 2014

प्रेम और महिमा


   कठिन समयों मे पड़े लोगों के व्यवहार से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। हमारे मित्र दंपति सैम और कैरल से हम ने भी ऐसे ही कुछ सीखा है; सैम कैंसर से ग्रसित है और उसका इलाज चल रहा है। पिछले एक वर्ष से हम सैम के साथ प्रार्थना कर रहे हैं, उसे देख रहे हैं कि कैसे वह अपनी पीड़ा और इलाज को सहन कर रहा है। साल के अन्त में लगा कि सैम कैंसर से मुक्त हो गया है किन्तु जाँच ने दिखाया के कैंसर और बढ़ गया है; अब सैम को और एक वर्ष तक फिर से इलाज और दवाइयों की पीड़ा तथा उन दवाईयों के दुषप्रभाव से होकर निकलना पड़ेगा; ऐसे में किसी का भी निराश होना स्वाभविक है।

   जब सैम ने हमें अपने रोग के बढ़ जाने और परिणामस्वरूप इलाज की मीयाद के भी बढ़ जाने के बारे में बताया, तो साथ ही उसने एक ऐसी बात कही जिससे हम सभी सीख ले सकते हैं; सैम ने कहा, "पुनः इलाज की इस सारी प्रक्रिया में हमारा प्रयास रहेगा कि इस सब में परमेश्वर को महिमा मिले और हम उसके प्रेम को दूसरों तक पहुँचा सकें।" ज़रा सोचिए! एक और साल की पीड़ा और परेशानी का सामने धरा देखते हुए भी सैम की प्राथमिकता परमेश्वर की महिमा और उसके प्रेम का प्रगटिकरण है। वह उस समय की बाट जोह रहा है जब परमेश्वर की महिमा प्रगट होगी (1 पतरस 4:13)।

   इस बारे में सैम की पत्नि कैरल ने मित्रगणों को लिखा, "यह वर्ष संघर्ष का साल रहा है, लेकिन परमेश्वर सदा ही हमारे साथ बना रहा है और अपने अनुग्रह तथा दया में होकर हमें प्रत्येक परेशानी से निकालता आया है। काश कि आने वाले वर्ष में भी हम उस पर से कभी अपनी नज़र ना हटाएं और हमारे लिए उसके प्रेम के प्रति विश्वास में बने रहें।"

   क्या आज आप अपने जीवन में किसी असंभव प्रतीत होने वाली परिस्थिति का सामना कर रहे हैं? सैम और कैरल के समान ही परमेश्वर के अनुग्रह पर अपना विश्वास बनाए रखिए, और वह आपको हर परिस्थिति से सुरक्षित निकालता हुआ अपने साथ लेकर चलेगा। साथ ही प्रार्थना करते रहें कि परिस्थिति चाहे कैसी भी क्यों ना हो, आप अपने जीवनों से सदा परमेश्वर के प्रेम और महिमा को प्रगट करते रहेंगे। - डेव ब्रैनन


परीक्षाओं का घना होता अन्धेरा, परमेश्वर के अनुग्रह की ज्योति को और अधिक चमकदार बना देता है।

प्रभु यीशु ने कहा: "मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है।" - यूहन्ना 16:33 

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:12-16
1 Peter 4:12 हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझ कर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है। 
1 Peter 4:13 पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्‍दित और मगन हो। 
1 Peter 4:14 फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्‍दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है। 
1 Peter 4:15 तुम में से कोई व्यक्ति हत्यारा या चोर, या कुकर्मी होने, या पराए काम में हाथ डालने के कारण दुख न पाए। 
1 Peter 4:16 पर यदि मसीही होने के कारण दुख पाए, तो लज्ज़ित न हो, पर इस बात के लिये परमेश्वर की महिमा करे।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 8-10


बुधवार, 24 सितंबर 2014

डाह का समाधान


   एक कहानी है, दो दुकानदार, जिनकी दुकानें आमने-सामने थीं एक दुसरे के कटु प्रतिरोधी थे; वे सदा ही एक-दूसरे को नीचा दिखाने या नुकसान करने के प्रयास में लगे रहते थे। एक रात एक दुकानदार को स्वपन में एक स्वर्गदूत ने दर्शन दिया और कहा कि तुम्हारी कोई भी एक इच्छा मैं पूरी करूंगा, परन्तु शर्त यह है कि जो भी तुम मांगोगे वही चीज़ दोगुनी मात्रा में तुम्हारे सामने वाले दुकानदार को भी मिल जाएगी। उस स्वर्गदूत की बात सुनकर वह दुकानदार कुछ समय तक सोचता रहा, फिर स्वर्गदूत से बोला - मेरी एक आँख फोड़कर मुझे काना कर दो! डाह का कैसा भयानक प्रगटिकरण उस दुकानदार ने किया।

   डाह की भावना लोगों के जीवनों को बर्बाद कर देती है - वे चाहते हैं दूसरे के जीवन को बर्बाद करना परन्तु उनका अपना जीवन ही बर्बाद होता रहता है। कुरिन्थुस की मसीही मण्डली में भी डाह का प्रभाव आने लगा था; उन लोगों ने प्रभु यीशु में उद्धार के सुसमाचार को ग्रहण तो किया था परन्तु परमेश्वर के पवित्र आत्मा को अपने जीवन में संपूर्ण रीति से कार्यकारी नहीं होने दिया था। परिणाम स्वरूप उनमें वे पुरानी भावनाएं अभी भी विद्यमान थीं और वह मसीही मण्डली डाह के कारण विभाजित होने लगी थी। प्रेरित पौलुस ने उनके इस व्यवहार को साँसारिकता तथा अपरिपक्वता का सूचक बताया, क्योंकि ये मसीही विश्वासी मसीह में विश्वास द्वारा होने वाले परिवर्तित जीवन को प्रदर्शित नहीं कर रहे थे।

   परमेश्वर का पवित्र आत्मा हम मसीही विश्वासियों के जीवन में कार्यकारी है, इस बात का सबसे स्पष्ट प्रमाण है हमारे जीवन में दिखने वाला संतोष और जो कुछ भी हमारे पास है उसके लिए परमेश्वर के प्रति धन्यवादी रहना। जब हम इस भावना के साथ जीवन जीना सीख जाएंगे तो फिर परस्पर डाह या द्वेश नहीं वरन दूसरों को मिलने वाली आशीषों तथा वरदानों के लिए हम धन्यवादी हो जाएंगे, उनकी उपलब्धियों में उनके साथ आनन्दित रहेंगे और सच्चे मसीही प्रेम को प्रदर्शित करेंगे, और यही डाह का स्थाई समाधान है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर के प्रति धन्यवादी बने रहना ही डाह का समाधान है।

इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्‍कर्म भी होता है। - याकूब 3:16 

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 3:1-10
1 Corinthians 3:1 हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। 
1 Corinthians 3:2 मैं ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया; क्योंकि तुम उसको न खा सकते थे; वरन अब तक भी नहीं खा सकते हो। 
1 Corinthians 3:3 क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? 
1 Corinthians 3:4 इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं? 
1 Corinthians 3:5 अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या है? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। 
1 Corinthians 3:6 मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। 
1 Corinthians 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है।
1 Corinthians 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। 
1 Corinthians 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 5-7


मंगलवार, 23 सितंबर 2014

उपलब्ध


   इस्त्राएल के "Dead Sea" (मृत सागर) इलाके में 1940 के दशक के अन्त के समय पाए गए Dead Sea Scrolls (चम्र पत्र) इब्रानी भाषा में लिखे परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम भाग की पुस्तकों की 2000 वर्ष से भी अधिक पुरानी और अब तक की सबसे प्राचीन उपलब्ध प्रतिलिपियाँ हैं। खोजे जाने के बाद से ही इन बहुमूल्य प्रतिलिपियों को बहुत सावधानी से रखा गया है और बहुत ही सीमित संख्या में विशेषज्ञों के एक छोटे से समूह को ही इन्हें प्रयोग करने की अनुमति रही है। किंतु अब इनके उपयोग को व्यापक करने परन्तु साथ ही इन्हें सुरक्षित रखने के उद्देश्य से इस्त्राएल का पुरातत्व विभाग गूगल की सहायता से इन प्रतिलिपियों के अति उच्च कोटि के चित्र बनाकर उन्हें इंटरनैट के माध्यम से सभी के लिए उपलब्ध करवा रहा है।

   यह ना केवल शोधकर्ताओं और जिज्ञासु पाठकों के लिए वरन सभी लोगों के लिए एक अच्छा समाचार है। साथ ही यह हमें स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में हमारे पास कितना अद्भुत और बहुमूल्य खज़ाना उपलब्ध है। बाइबल में भजन 119 परमेश्वर के वचन पर ही आधारित है और इस भजन का लेखक पूरे भजन में विभिन्न रितियों से परमेश्वर के वचन के सनातन होने तथा उस के पालन से जीवन में होने वाले उत्तम परिवर्तनों के बारे में बताता है। आज के सन्देश में दिए गए खण्ड में लेखक कहता है, "मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूंगा; क्योंकि उन्हीं के द्वारा तू ने मुझे जिलाया है" (भजन 119:93)।

   हम में से अनेकों के पास बाइबल की प्रति उपलब्ध रही है, परन्तु हम में से कितने उसे पढ़ने, उसके साथ समय बिताने, उसका अध्ययन करने में रुचि रखते हैं? बाइबल के कई जाने-पहिचाने खण्ड भी हैं, जो अकसर सुनने या पढ़ने में आते रहते हैं; कितने हैं जो उनपर मनन करते हैं या उनके अर्थ को समझने का प्रयास करते हैं?

   इस बहुमूल्य खज़ाने द्वारा अपने जीवन को भरपूरी का जीवन बना लेने के लिए परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह आपको अपने वचन से सिखाए, आपका मार्गदर्शन करे और अपनी सामर्थ से परिपूर्ण करे। बाइबल के नियमित अध्ययन को अपनी दिनचर्या का भाग बना लीजिए; परमेश्वर ने इसे आपकी खुशहाली के लिए ही उपलब्ध करवाया है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर अपने वचन बाइबल में हो कर बातचित करता है - सुनने के लिए समय दें।

मेरे दु:ख में मुझे शान्ति उसी से हुई है, क्योंकि तेरे वचन के द्वारा मैं ने जीवन पाया है। - भजन 119:50

बाइबल पाठ: भजन 119:89-96
Psalms 119:89 हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है। 
Psalms 119:90 तेरी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है; तू ने पृथ्वी को स्थिर किया, इसलिये वह बनी है। 
Psalms 119:91 वे आज के दिन तक तेरे नियमों के अनुसार ठहरे हैं; क्योंकि सारी सृष्टि तेरे आधीन है। 
Psalms 119:92 यदि मैं तेरी व्यवस्था से सुखी न होता, तो मैं दु:ख के समय नाश हो जाता। 
Psalms 119:93 मैं तेरे उपदेशों को कभी न भूलूंगा; क्योंकि उन्हीं के द्वारा तू ने मुझे जिलाया है। 
Psalms 119:94 मैं तेरा ही हूं, तू मेरा उद्धार कर; क्योंकि मैं तेरे उपदेशों की सुधि रखता हूं। 
Psalms 119:95 दुष्ट मेरा नाश करने के लिये मेरी घात में लगे हैं; परन्तु मैं तेरी चितौनियों पर ध्यान करता हूं। 
Psalms 119:96 जितनी बातें पूरी जान पड़ती हैं, उन सब को तो मैं ने अधूरी पाया है, परन्तु तेरी आज्ञा का विस्तार बड़ा है।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 1-4