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बुधवार, 21 अक्टूबर 2015

महिमामय दिन


   सोमवार का दिन था, पिछले ही दिन मेरी मनपसंद टीम अपने फाइनल खेल में हार गई थी और अब उनको चैंपियन देखने का मेरा सपना टूट चुका था। मैं जब कार्य पर जाने के लिए अपनी कार में बैठने लगा तो मौसम ठंडा और धुँध भरा था; सामान्यतः इसका कोई खास प्रभाव नहीं होता परन्तु सब निराशाजनक बातें मिलकर इशारा कर रही थीं कि दिन शायद अच्छा नहीं होगा। कार में बैठकर मैंने रेडियों चलाया और गाने सुनते हुए चलने लगा। तभी एक ऐसा गाना आया जिसने उस दिन के बारे में मेरे परिपेक्ष को बदल दिया। गाना था कास्टिंग क्राउन द्वारा गाया गया Glorious Day (महिमामय दिन)। गाने के आरंभिक बोल थे, "एक दिन वे कलवरी पहाड़ी पर यीशु को ले गए; एक दिन उन्होंने उसे मारने के लिए काठ पर ठोक दिया" - गाने में अभी कुछ आशाजनक नहीं था; "यीशु ने वेदना, तिरिस्कार, ताड़ना सही" - और भी अधिक बुरी खबर। लेकिन इसके बाद उस गीत में प्रभु यीशु के मृतकों में से पुनरुत्थान और मृत्यु पर विजय का वर्णन आता है, जो ऐसी घटना है जिसने सारे संसार के लिए एक अद्भुत आशा और आशीष का द्वार खोल दिया है।

   संसार के इतिहास के सबसे खराब दिन से, यरुशालेम के निकट की पहाड़ी पर हुए अन्याय और छाए अंधकार में से मानाव जाति के लिए आशा और आशीष का तेज चमका है। जैसा वह गीत आगे वर्णन करता है, "यीशु ने मेरे लिए अपने बदन में कीलें ठुकवा लीं, मेरे पापों को अपने ऊपर ले लिया और सदा के लिए उन्हें हटा दिया" अब एक दिन प्रभु यीशु मुझे लेने के लिए आने वाला है और अपने साथ स्वर्ग में ले जाएगा - वह क्या ही महिमामय दिन होगा!

   हो सकता है कि आप के लिए आज का दिन अच्छा ना रहा हो; हो सकता है कि आप अनेक समस्याओं और परेशानियों का सामना कर रहे हैं जो आपके दिनों को निराशामय बना रहे हों; अपना ध्यान प्रभु यीशु पर लगाएं, उसने जो आपके लिए कलवरी के क्रूस पर किया उस पर विचार करें, ज़रा सोचें कि कैसे वह आपको अपने साथ मृत्यु पर जयवन्त करता है, उस आशा और आशीष पर ध्यान करें जो प्रभु यीशु में होकर अनन्तकाल के लिए आपके लिए उपलब्ध है - यह आपके किसी भी दिन को महिमामय दिन बना सकता है। - डेव ब्रैनन


मसीह यीशु की खाली कब्र हमें आशा और आशीष से भर देती है।

मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। - यूहन्ना 14:2-3

बाइबल पाठ: मत्ती27:27-31; 28:1-6
Matthew 27:27 तब हाकिम के सिपाहियों ने यीशु को किले में ले जा कर सारी पलटन उसके चहुं ओर इकट्ठी की। 
Matthew 27:28 और उसके कपड़े उतारकर उसे किरिमजी बागा पहिनाया। 
Matthew 27:29 और काटों को मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा; और उसके दाहिने हाथ में सरकण्‍डा दिया और उसके आगे घुटने टेककर उसे ठट्ठे में उड़ाने लगे, कि हे यहूदियों के राजा नमस्‍कार। 
Matthew 27:30 और उस पर थूका; और वही सरकण्‍डा ले कर उसके सिर पर मारने लगे। 
Matthew 27:31 जब वे उसका ठट्ठा कर चुके, तो वह बागा उस पर से उतारकर फिर उसी के कपड़े उसे पहिनाए, और क्रूस पर चढ़ाने के लिये ले चले।
Matthew 28:1 सब्त के दिन के बाद सप्‍ताह के पहिले दिन पह फटते ही मरियम मगदलीनी और दूसरी मरियम कब्र को देखने आईं। 
Matthew 28:2 और देखो एक बड़ा भुईंडोल हुआ, क्योंकि प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, और पास आकर उसने पत्थर को लुढ़का दिया, और उस पर बैठ गया। 
Matthew 28:3 उसका रूप बिजली का सा और उसका वस्‍त्र पाले की नाईं उज्ज़्‍वल था। 
Matthew 28:4 उसके भय से पहरूए कांप उठे, और मृतक समान हो गए। 
Matthew 28:5 स्वर्गदूत ने स्‍त्र्यिों से कहा, कि तुम मत डरो: मैं जानता हूँ कि तुम यीशु को जो क्रुस पर चढ़ाया गया था ढूंढ़ती हो। 
Matthew 28:6 वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु पड़ा था।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 62-64
  • 1 तिमुथियुस 1


मंगलवार, 20 अक्टूबर 2015

प्रेम और अनुग्रह


   पिछली पतझड़ ऋतु की बात है, मेरे शहर से निकलने वाला एक प्रमुख राजमार्ग कई घंटों तक बन्द रहा क्योंकि वहाँ मवेशियों से भरा एक ट्रक पलट गया था और वे जानवर उस में से निकलकर राजमार्ग पर इधर-उधर घूम रहे थे। भटकते हुए मवेशियों के इस समाचार को पढ़कर मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में निर्गमन 32 अध्याय में इस्त्राएलियों के परमेश्वर से भटक जाने के बारे में स्मरण हो आया।

   परमेश्वर के पराक्रम के अद्भुत कार्य देखने और कठोर दासत्व से निकल कर वाचा के देश की ओर पलायन करते समय इस्त्राएलियों के मन शीघ्र ही परमेश्वर से भटक गए। जब इस्त्राएलियों का अगुवा मूसा सिनै पर्वत पर परमेश्वर से व्यवस्था के लेख को लेने गया हुआ था तो अपने अगुवे को लंबे समय तक अपने मध्य ना पाकर उन इस्त्राएलियों के मन परमेश्वर से भटक गए और उन्होंने मूसा के भाई हारून को उकसाया; तब हारून ने उनके लिए एक सोने का बछड़ा बना कर दे दिया और इस्त्राएलियों को उसकी उपासना करने को कहा।

   परमेश्वर के लोगों को भटकाने का ऐसा ही एक और कार्य प्राचीन इस्त्राएल के विभाजित राज्य में राजा यरोबाम ने भी किया था। यरोबाम ने अपने राज्य इ्स्त्राएल में अपने आप को दृढ़ करने के उद्देश्य से अपने राज्य के लोगों को यहूदा में स्थित यरुशालेम के मन्दिर में उपासना के लिए जाने से रोकने की योजना बनाई, और उनके लिए वहीं सोने से बने दो बछड़े स्थापित करवा दिए, उनके पर्व निर्धारित कर दिए और उनके पुरोहित नियुक्त कर दिए, और इस्त्राएल के लोगों से कहा कि वे यरुशालेम जाने की बजाए उन बछड़ों की उपासना करें (1 राजा 12:25-32)।

   इब्रानियों का लेखक इस प्रकार की मूर्तिपूजा को लेकर परमेश्वर के रोष के लिए लिखता है, "इस कारण मैं उस समय के लोगों से रूठा रहा, और कहा, कि इन के मन सदा भटकते रहते हैं, और इन्‍होंने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना" (इब्रानियों 3:10)। लेकिन फिर भी अपने महान और बेबयान प्रेम तथा अनुग्रह के अन्तर्गत परमेश्वर ने उन्हें त्यागा नहीं, जैसा प्रेरित पौलुस लिखता है, "इसलिये मैं कहता हूं, क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं; मैं भी तो इस्त्राएली हूं: इब्राहीम के वंश और बिन्यामीन के गोत्र में से हूं। परमेश्वर ने अपनी उस प्रजा को नहीं त्यागा, जिसे उसने पहिले ही से जाना..." (रोमियों11:1-2)।

   परमेश्वर हमारी सृष्टि को जानता है, उसे हमारी कमज़ोरियों का एहसास है (भजन 103:14)। इसीलिए वह हमारे साथ बहुत ही सहनशीलता, धैर्य, करुणा और अनुग्रह के साथ व्यवहार करता है; वह सदा प्रभु यीशु में होकर हमारे पापों को क्षमा करने और हमें अपने साथ ले लेने को तैयार रहता है (प्रेरितों 17:30)। आज भी परमेश्वर के द्वार संसार के हर पश्चातापी जन के लिए खुले हैं; आज भी कोई भी जन साधारण विश्वास से प्रभु यीशु से पापों की क्षमा माँगकर तत्काल परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर सकता है। - सिंडी हैस कैस्पर


आप जिस किसी भी चीज़ को परमेश्वर से अधिक चाहते हैं, परमेश्वर से अधिक जिसकी लालसा रखते हैं, वह आपके लिए एक मूर्ति है। - ए. बी. सिंप्सन

क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है। - भजन 103:14

बाइबल पाठ: प्रेरितों17:22-31
Acts 17:22 तब पौलुस ने अरियुपगुस के बीच में खड़ा हो कर कहा; हे अथेने के लोगों मैं देखता हूं, कि तुम हर बात में देवताओं के बड़े मानने वाले हो। 
Acts 17:23 क्योंकि मैं फिरते हुए तुम्हारी पूजने की वस्‍तुओं को देख रहा था, तो एक ऐसी वेदी भी पाई, जिस पर लिखा था, कि अनजाने ईश्वर के लिये। सो जिसे तुम बिना जाने पूजते हो, मैं तुम्हें उसका समाचार सुनाता हूं। 
Acts 17:24 जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्‍तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्‍वामी हो कर हाथ के बनाए हुए मन्‍दिरों में नहीं रहता। 
Acts 17:25 न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्‍वास और सब कुछ देता है। 
Acts 17:26 उसने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाईं हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्‍धा है। 
Acts 17:27 कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोल कर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! 
Acts 17:28 क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते-फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। 
Acts 17:29 सो परमेश्वर का वंश हो कर हमें यह समझना उचित नहीं, कि ईश्वरत्‍व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पना से गढ़े गए हों। 
Acts 17:30 इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। 
Acts 17:31 क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 3


सोमवार, 19 अक्टूबर 2015

आश्वासन


   राजा शाऊल 9 वर्ष तक दाऊद के पीछे ऐसे पड़ा रहा "...जैसा कि कोई पहाड़ों पर तीतर का अहेर करे" (1 शमूएल 26:20) और दाऊद ने अपनी परेशानी में परमेश्वर को पुकारा, "हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?" (भजन 13:1-2)

   लंबे समय तक चलती रहने वाली परेशानी हमें घबरा सकती है; हमें उसका समाधान चाहिए होता है, तुरंत समाधान। लेकिन कुछ बातें ऐसी होती हैं जिनका समाधान नहीं वरन उन्हें सहना होता है। हम अपने कष्टों में परमेश्वर की दोहाई दे सकते हैं, उसे पुकार सकते हैं। हमारा परमेश्वर पिता चाहता है कि हम अपने संघर्षों में उसे सम्मिलित करें, अपनी परिस्थितियों को उसके साथ बाँटें। जैसा वह हमें समझता और जानता है, वैसा और कोई नहीं।

   जब हम अपनी शिकायतें लेकर उसकी ओर फिरते हैं तब हम अपने बारे में सचेत होते हैं। दाऊद ने अपनी विकट परिस्थिति में जीवन की निश्चयता को पहिचाना - उसके प्रति परमेश्वर का अडिग और सदा बने रहने वाला प्रेम! दाऊद ने अपने आप को स्मरण कराया, "परन्तु मैं ने तो तेरी करूणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा। मैं परमेश्वर के नाम का भजन गाऊंगा, क्योंकि उसने मेरी भलाई की है" (भजन 13:5-6)। चाहे परेशानियाँ बनी रहीं लेकिन दाऊद उन सभी परिस्थित्यों में भजन गा सका, क्योंकि उसे स्मरण रहा कि वह परमेश्वर की प्रीय संतान है; बस यही हम मसीही विश्वासियों को भी स्मरण रखना है।

    ऐ. डबल्यू थोरोल्ड ने लिखा, "आत्मिक जीवन की सबसे ऊँची चोटी खिली हुई धूप में हर्षित आनन्द नहीं है, वरन परमेश्वर के प्रेम में पूर्ण और निःसन्देह भरोसा है।" हमें परमेश्वर की ओर से दृढ़ और अपरिवर्तनीय आश्वासन है कि हमारी सभी परेशानियों और समस्त कष्टों के समयों में भी परमेश्वर का प्रेम हमारे साथ होगा; इसके लिए उसपर संपूर्ण विश्वास किया जा सकता है।


जब सब कुछ असफल भी हो जाए तब भी परमेश्वर का प्रेम स्थिर बना रहता है।

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। - रोमियों 5:8

बाइबल पाठ: भजन 13
Psalms 13:1 हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? 
Psalms 13:2 मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा? 
Psalms 13:3 हे मेरे परमेश्वर यहोवा मेरी ओर ध्यान दे और मुझे उत्तर दे, मेरी आंखों में ज्योति आने दे, नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी; 
Psalms 13:4 ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहे, कि मैं उस पर प्रबल हो गया; और ऐसा न हो कि जब मैं डगमगाने लगूं तो मेरे शत्रु मगन हों।
Psalms 13:5 परन्तु मैं ने तो तेरी करूणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा। 
Psalms 13:6 मैं परमेश्वर के नाम का भजन गाऊंगा, क्योंकि उसने मेरी भलाई की है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 56-58
  • 2 थिस्सलुनीकियों 2


रविवार, 18 अक्टूबर 2015

समाप्त?


   इस संसार की हर चीज़ का आखिरकर अन्त हो ही जाता है, जो कई बार निराशाजनक हो सकता है। ऐसा एहसास तब होता है जब हम कोई बहुत अच्छी पुस्तक पढ़ रहे हों, और नहीं चाहते कि वह कभी समाप्त हो, परन्तु उसका अन्त आता ही है; या फिर कोई बहुत अच्छा चलचित्र देख रहे हों और मन करता रहे कि कुछ और, थोड़ा सा और किंतु फिर भी वह स्माप्त हो ही जाता है। हर चीज़ का, चाहे वह अच्छी हो या बुरी, अन्त अनिवार्य है। हमारे जीवन का भी अन्त अवश्यंभावी है, चाहे वह अनेपक्षित और अनायास ही हो। किसी प्रीय जन की अर्थी के पास खड़े होने पर मन के दुखद खालीपन के एहसास से हम अनभिज्ञ नहीं हैं, बार बार मन में चाह उठती है कि काश ऐसा अभी नहीं हुआ होता, थोड़ा समय और मिल जाता।

   लेकिन हम मसीही विश्वासियों के पास वह आशा है जो संसार में किसी और के पास कदापि नहीं है, प्रभु यीशु में मिलने वाला अनन्त जीवन और प्रभु में सोए हुए अपने प्रीय जनों के साथ पुनः अनन्तकाल तक रहने की आशा! प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान ने हम मनुष्यों के लिए इस अभूतपूर्व आशा को जन्म दिया है। प्रभु यीशु में सांसारिक जीवन का अन्त, स्वर्ग में अनन्तकाल के सुखों का आरंभ है। क्योंकि हमारे शरीर अनन्तकाल तक रहने वाली सच्चाई नहीं हैं, इसीलिए प्रेरित पौलुस ने इस संदर्भ में कुरिन्थुस के विश्वासियों को लिखा "देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे" (1 कुरिन्थियों 15:51) और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रभु यीशु के जयवंत कार्य के कारण हम निसंकोच कह सकते हैं कि "हे मृत्यु तेरी जय कहां रही?" (1 कुरिन्थियों 15:55)

   इसलिए इस जीवन की समाप्ति को लेकर अपने हृदयों को व्याकुल ना होने दें। शारीरिक विछोह दुखदायी तो होता है लेकिन हमें परमेश्वर के द्वारा प्रभु यीशु में अनन्त विजय का मार्ग उपलब्ध कराया गया है। अब जो मसीह यीशु में हैं उनके लिए "समाप्त" अनन्तकाल के समारोह का आरंभ है। क्या आप इस समारोह में सम्मिलित होंगे? - जो स्टोवैल


मसीह यीशु में सांसारिक अन्त स्वर्गीय आरंभ है।

और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। - यूहन्ना 14:3 

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:50-58
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है। 
1 Corinthians 15:51 देखे, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:52 और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:53 क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले। 
1 Corinthians 15:54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया। 
1 Corinthians 15:55 हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? 
1 Corinthians 15:56 हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। 
1 Corinthians 15:57 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। 
1 Corinthians 15:58 सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 53-55
  • 2 थिस्सलुनीकियों 1


शनिवार, 17 अक्टूबर 2015

बाधा


   कुछ समय पहले की बात है मैंने अपने पड़ौसी के घर की ओर से एक चिड़िया की परेशान चहचहाने की आवाज़ सुनी। मैंने देखा कि चिड़िया का घोंसला और उसमें उसके बच्चे एक ऐसे स्थान पर थे जिसके आगे परदा आ गया था और वह चिड़िया अपने बच्चों को भोजन करा पाने में असमर्थ, परेशान चहचहाती हुई इधर-उधर उड़ रही थी, बच्चों तक पहुँचने का मार्ग खोज रही थी। मैंने अपने पड़ौसियों को स्थिति से अवगत कराया और उन्होंने वह घोंसला और उन बच्चों को एक अन्य खुले किंतु सुरक्षित स्थान पर रख दिया।

   प्रेम के बीच में बाधा डालने वाली बात से बढ़कर हृदयविदारक शायद ही कोई बात होगी। इस्त्राएल हज़ारों साल से अपने मुक्तिदाता मसीहा की बाट जोह रहा था, परन्तु जब वह वाचा किया हुआ मुक्तिदाता प्रभु यीशु अपने लोगों के पास आया, तो उन्होंने उसका और उसके प्रेम का तिरिस्कार कर दिया। प्रभु यीशु ने उनके उसे तिरिस्कृत करने, उसे ग्रहण ना करने को दर्शाने के लिए मुर्गी और उसके बच्चों का उदाहरण लिया: "हे यरूशलेम, हे यरूशलेम; तू जो भविष्यद्वक्ताओं को मार डालता है, और जो तेरे पास भेजे गए, उन्हें पत्थरवाह करता है, कितनी ही बार मैं ने चाहा कि जैसे मुर्गी अपने बच्‍चों को अपने पंखों के नीचे इकट्ठे करती है, वैसे ही मैं भी तेरे बालकों को इकट्ठे कर लूं, परन्तु तुम ने न चाहा" (मत्ती 23:37)।

   हमारे पाप हमारे और परमेश्वर के बीच में आनी वाली बाधा हैं: "परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ने तुम को तुम्हारे परमेश्वर से अलग कर दिया है, और तुम्हारे पापों के कारण उस का मुँह तुम से ऐसा छिपा है कि वह नहीं सुनता" (यशायाह 59:2)। परमेश्वर हम सब से प्रेम करता है और चाहता है कि प्रभु यीशु में सेंत-मेंत उपलब्ध पापों से मुक्ति पाकर सब उसके पास आ जाएं: "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। परमेश्वर के साथ हमारे संबंध में हमारे पाप बाधा बनते हैं, परन्तु कलवरी के क्रूस पर अपने बलिदान और पुनरुत्थान के द्वारा प्रभु यीशु ने उस बाधा को हटाने का कार्य पूरा कर दिया है (रोमियों 5:8-17; 8:11)।

   अब परमेश्वर हमारे साथ संगति रखने और हमें आशीषित करने को लालायित रहता है, हमारी प्रतीक्षा में रहता है। वह चाहता है कि हम उसके इस उपहार को स्वीकार करें और उसके साथ अनन्त जीवन में प्रवेश कर लें। - डेनिस फिशर


अपने क्रूस के द्वारा प्रभु यीशु पाप के दण्ड से बचाता है, शैतान के हाथों से छुड़ाता है, परमेश्वर के साथ मेल-मिलाप कराता है।

वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया। परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:11-13

बाइबल पाठ: मत्ती 23:37-39
Matthew 23:37 हे यरूशलेम, हे यरूशलेम; तू जो भविष्यद्वक्ताओं को मार डालता है, और जो तेरे पास भेजे गए, उन्हें पत्थरवाह करता है, कितनी ही बार मैं ने चाहा कि जैसे मुर्गी अपने बच्‍चों को अपने पंखों के नीचे इकट्ठे करती है, वैसे ही मैं भी तेरे बालकों को इकट्ठे कर लूं, परन्तु तुम ने न चाहा। 
Matthew 23:38 देखो, तुम्हारा घर तुम्हारे लिये उजाड़ छोड़ा जाता है। 
Matthew 23:39 क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि अब से जब तक तुम न कहोगे, कि धन्य है वह, जो प्रभु के नाम से आता है, तब तक तुम मुझे फिर कभी न देखोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 50-52
  • 1 थिस्सलुनीकियों 5


शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2015

चट्टान


   लंदन में जगह जगह कोड पत्थर से बनी विलक्षण मूर्तियाँ और अन्य वस्तुएँ हैं। कोड पत्थर सन 1700 के अन्तिम दशकों में एलिनौर कोड द्वारा अपने पारिवारिक व्यवसाय के लिए बनाया गया एक कृत्रिम पत्थर है जिस पर समय, ऋतु और प्रदूषण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यद्यपि यह पत्थर औद्योगिक क्रांति के समय में एक चमत्कार की तरह था, लेकिन 1840 के दशक में एलिनौर की मृत्योप्रांत इसे बनाना क्रमशः बन्द कर दिया गया और उसका स्थान पोर्टलैंड सिमेंट ने ले लिया। इसके बावजूद, आज भी कोड पत्थर से बनी दर्जनों वस्तुएं 150 वर्षों से भी अधिक समय से लंदन के कठोर वातावरण को झेलती हुई सलामत खड़ी हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने प्रभु यीशु को "जीवित पत्थर" कहा है। पतरस ने लिखा, "उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है। तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाईं आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों" (1 पतरस 2:4-5)। हमारे उद्धार की चट्टान प्रभु यीशु का बलिदान परमेश्वर पिता की नज़रों में बहुमूल्य है। मसीह यीशु वह चिरस्थायी चट्टान है जिसपर परमेश्वर पिता ने हमारे उद्धार को स्थापित किया है; केवल वही हमारे लिए सार्थक जीवन की नींव है: "क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता" (1 कुरिन्थियों 3:11)।

   इस पतित संसार में जीवन के कठोर थपेड़ों का सामना हम केवल प्रभु यीशु की सामर्थ के साथ कर सकते हैं। जो जीवन अबदी चट्टान प्रभु यीशु पर खड़े हैं वे संसार के हर प्रहार को सरलता से सह लेंगे, उनमें स्थिर बने रहेंगे। - बिल क्राउडर


यदि हम अबदी चट्टान यीशु पर बने रहें तो हमें किसी से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिसने अपना घर चट्टान पर बनाया। और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आन्‍धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं, परन्तु वह नहीं गिरा, क्योंकि उस की नेव चट्टान पर डाली गई थी। परन्तु जो कोई मेरी ये बातें सुनता है और उन पर नहीं चलता वह उस निर्बुद्धि मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिसने अपना घर बालू पर बनाया। और मेंह बरसा, और बाढ़ें आईं, और आन्‍धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं और वह गिरकर सत्यानाश हो गया। - मत्ती 7:24-27

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:1-10
1 Peter 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके। 
1 Peter 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों की नाईं निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ। 
1 Peter 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है। 
1 Peter 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है। 
1 Peter 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाईं आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों। 
1 Peter 2:6 इस कारण पवित्र शास्त्र में भी आया है, कि देखो, मैं सिय्योन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्ज़ित नहीं होगा। 
1 Peter 2:7 सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिस्त्रीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया। 
1 Peter 2:8 और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मान कर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे। 
1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की ) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। 
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर की प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 47-49
  • 1 थिस्सलुनीकियों 4


गुरुवार, 15 अक्टूबर 2015

भरोसेमन्द


   कुछ वर्ष पहले मैंने पाँचवीं कक्षा के बच्चों से कहा कि वे उन प्रशनों की सुची तैयार करें जो, यदि प्रभु यीशु अगले सप्ताह उनसे मिलने आ जाए तो वे प्रभु यीशु से पूछेंगे। साथ ही मैंने कुछ व्यसकों से भी यही करने को कहा। परिणाम आशचर्यजनक रीति से भिन्न थे; दोनों के द्वारा तैयार करी गई सूचियों में अनेक प्रकार के प्रश्न थे, किंतु बच्चों के प्रश्नों में स्वर्ग या परमेश्वर को लेकर कोई संशय नहीं था, वे मासूमियत से भरे हुए थे, और कुछ प्रश्न तो विचारात्मक थे। बच्चों द्वारा दिए गए कुछ प्रश्न थे: "क्या स्वर्ग में हमें पोशाक पहने हुए भजन गाते रहना पड़ेगा?"; "क्या मेरा पिल्ला भी स्वर्ग में होगा?"; "व्हेल मछलियाँ नूह के जहाज़ के भीतर थीं या बाहर?"; "आपके साथ वहाँ ऊपर मेरे दादाजी कैसे हैं?"

   लेकिन व्यसकों के प्रश्नों में परमेश्वर और उसके कार्यों को लेकर भरोसे की कमी थी: "मैं कैसे जानूँ कि आप मेरी प्रार्थना सुनते हैं?"; "अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यों होता है?"; "प्रेम करने वाला परमेश्वर ने मेरे साथ ऐसी त्रासदी क्यों होने दी?" आदि।

   बच्चे सामान्यतः व्यसकों को परेशान करने वाली चिंताओं और परेशानियों से मुक्त जीवन जीते हैं; उनका साधारण सा विश्वास उन्हें परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखने में सहायक होता है। लेकिन व्यसक जीवन की परीक्षाओं और परेशानियों में उलझकर परमेश्वर के प्रति बच्चों के समान साधारण विश्वास बनाए नहीं रख पाते; जबकि बच्चे परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार द्वारा दिए गए दृष्टिकोण को बनाए रखते हैं जो परमेश्वर को उसकी महानता में देखने पाता है (भजन 8:1-2)।

   परमेश्वर भरोसेमन्द है, और वह चाहता है कि हर परिस्थिति, परेशानी, आवश्यकता और तकलीफ में भी हम बच्चों के समान उसपर अपना भरोसा बनाए रखें (मत्ती 18:1-3)। - रैंडी किलगोर


परमेश्वर के साथ हमारी निकटता हमारी आँखों को आज की परीक्षाओं से हटाकर अनन्तकाल के विजयोत्सव पर केंद्रित रखती है।

उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है? इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया। और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। - मत्ती18:1-3

बाइबल पाठ: भजन 8
Psalms 8:1 हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है। 
Psalms 8:2 तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे। 
Psalms 8:3 जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं; 
Psalms 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले? 
Psalms 8:5 क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है। 
Psalms 8:6 तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है। 
Psalms 8:7 सब भेड़- बकरी और गाय- बैल और जितने वनपशु हैं, 
Psalms 8:8 आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव-जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं। 
Psalms 8:9 हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 45-46
  • 1 थिस्सलुनीकियों 3