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मंगलवार, 14 जून 2016

सुदृढ़ सुरक्षा


   मई 2003 का वह दिन दुःखद था जब अमेरिका के न्यू हैम्पशायर प्रांत के व्हाईट माऊन्टेंस पहाड़ी श्रंखला की चट्टानों में प्रकृति द्वारा तराशा हुआ बूढ़े आदमी के चेहरे के समान दिखने वाला 40 फुट आकार का प्राकृतिक अजूबा जिसे "The Old Man of the Mountain" कहा जाता था टूट कर पहाड़ी से नीचे गिर गया। वर्षों से यह अजूबा सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा था; इसे प्रांत का आधिकारिक चिन्ह भी बनाया गया था और स्थानीय निवासियों के लिए इसकी उपस्थिति आश्वस्त करने वाली थी। जब यह दुर्घटना हुई तो कुछ स्थानीय निवासी बहुत हताश हो गए; एक महिला ने कहा, "यहाँ मैं इस एहसास के साथ बड़ी हुई थी कि कोई मुझ पर नज़र रखे हुए है, लेकिन अब मुझ पर नज़र रखने वाले की आश्वस्त करने वाली उपस्थिति बहुत घट गई है"।

   हमारे जीवनों में ऐसे समय आते हैं जब किसी की भरोसेमन्द उपस्थिति जाती रहती है। कोई व्यक्ति अथवा कोई बात जिस पर हम निर्भर कर रहे थे चला जाता है, और हमारा जीवन हिल जाता है। यह किसी प्रीय जन की मृत्यु के कारण हो सकता है, या नौकरी अथवा स्वास्थ्य की हानि के कारण। कारण जो भी हो, उस हानि के कारण हम असंतुलित तथा अस्थिर अनुभव करते हैं; हम यह भी सोच लेते हैं कि परमेश्वर अब हमारा ध्यान नहीं कर रहा है।

   परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि "यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं" (भजन 34:15), और "धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्तु यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है" (भजन 34:18)। हमारा परमेश्वर वह चट्टान है जिस की उपस्थिति पर हम सदा भरोसा रख सकते हैं (व्यवस्थाविवरण 32:3-4)। हमारे साथ बनी रहने वाली परमेश्वर की उपस्थिति एक वास्तविकता है, और वह सदा हम पर नज़र बनाए रखता है, उसकी सुदृढ़ सुरक्षा सदा हमारे साथ है। - ऐनी सेटास


प्रश्न यह नहीं है कि परमेश्वर कहाँ है? वरन, प्रश्न यह है कि परमेश्वर कहाँ नहीं है?

मैं तो यहोवा नाम का प्रचार करूंगा। तुम अपने परमेश्वर की महिमा को मानो! वह चट्टान है, उसका काम खरा है; और उसकी सारी गति न्याय की है। वह सच्चा ईश्वर है, उस में कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा है। - व्यवस्थाविवरण 32:3-4

बाइबल पाठ: भजन 34:15-22
Psalms 34:15 यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं। 
Psalms 34:16 यहोवा बुराई करने वालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले। 
Psalms 34:17 धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उन को सब विपत्तियों से छुड़ाता है। 
Psalms 34:18 यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है।
Psalms 34:19 धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्तु यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है। 
Psalms 34:20 वह उसकी हड्डी हड्डी की रक्षा करता है; और उन में से एक भी टूटने नहीं पाती। 
Psalms 34:21 दुष्ट अपनी बुराई के द्वारा मारा जाएगा; और धर्मी के बैरी दोषी ठहरेंगे। 
Psalms 34:22 यहोवा अपने दासों का प्राण मोल ले कर बचा लेता है; और जितने उसके शरणागत हैं उन में से कोई भी दोषी न ठहरेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • एज़्रा 9-10
  • प्रेरितों 1


सोमवार, 13 जून 2016

सुरक्षित


   अमेरिका के केनटकी प्रांत में स्थित फोर्ट नौक्स संसार का सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है। फोर्ट नौक्स अमेरीका के सरकारी सोने तथा अन्य बहुमूल्य वस्तों का भन्डार है और इस अति सुदृढ़ इमारत में 5000 टन सोना तथा अन्य कीमती सामान रखा है। फोर्ट नौक्स का दरवाज़ा 22 टन वज़न का है और इसकी सुरक्षा के लिए अनेकों अलार्म, वीडियो कैमरे, आस-पास की ज़मीन में दबाई गई विस्फोटक सामग्री, काँटेदार तार की बाड़, विद्युत प्रवाह वाला बाड़ा, सशस्त्र सैनिक पहरेदार और युद्ध हेलीकौप्टर लगाए गए हैं। इस अभूतपूर्व सुरक्षा स्थिति के कारण ही इसे संसार का सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है।

   फोर्ट नौक्स चाहे जितना भी सुरक्षित हो, लेकिन उससे भी अधिक सुरक्षित एक अन्य स्थान है, और वह सोने से भी अधिक मूल्यवान वस्तु से भरा हुआ है - स्वर्ग, जहाँ हम मसीही विश्वासियों का अनन्त जीवन हमारे प्रभु यीशु के साथ सुरक्षित रखा है। प्रेरित पतरस ने सताव में पड़े मसीही विश्वासियों को परमेश्वर की स्तुति करने के लिए प्रोत्साहित किया क्योंकि हमारी एक जीवित आशा है जो हमारे पुनरूथित जीवित प्रभु यीशु पर आधारित है, और जितना हम मसीह यीशु के बारे में जानते जाते है, जितना उसकी निकटता में बढ़ते जाते हैं, यह आशा भी उतनी बढ़ती जाती है (1 पतरस 1:3)। यह आशा शत्रुओं की विरोधी ताकतों के कारण कभी नाश नही हो सकती; क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में इसे सुरक्षित रखे हुए है और रखे रहेगा, इसलिए इसकी महिमा और ताज़गी कभी कम नहीं होती। इस पृथ्वी पर हमारे शरीरों तथा जीवन पर विरोधी चाहे जैसे भी हमले करें, लेकिन हमारी मीरास, हमारी आत्मा और हमारा अनन्त जीवन परमेश्वर के पास सुरक्षित बना रहता है।

   किसी तिजोरी के अन्दर रखी गई तिजोरी के समान, प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास से हमें मिला हमारा उद्धार परमेश्वर द्वारा सुरक्षित किया गया है और हम अनन्त काल के लिए सुरक्षित हैं। - मार्विन विलियम्स


स्वर्ग में रखी मीरास ही सबसे सुरक्षित है।

सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। - कुलुस्सियों 3:1-4

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:1-9
1 Peter 1:1 पतरस की ओर से जो यीशु मसीह का प्रेरित है, उन परदेशियों के नाम, जो पुन्‍तुस, गलतिया, कप्‍पदुकिया, आसिया, और बिथुनिया में तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं। 
1 Peter 1:2 और परमेश्वर पिता के भविष्य ज्ञान के अनुसार, आत्मा के पवित्र करने के द्वारा आज्ञा मानने, और यीशु मसीह के लोहू के छिड़के जाने के लिये चुने गए हैं। तुम्हें अत्यन्‍त अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • एज़्रा 6-8
  • यूहन्ना 21


रविवार, 12 जून 2016

शान्त


   सन 1939 में जब दूसरे विश्वयुद्ध का आरंभ हुआ, तब ग्रेट ब्रिटेन में एक सन्देश दिखाई देना भी आरंभ हुआ: "शान्त रहें, कार्य ज़ारी रखें"। ब्रिटेन के सरकारी अधिकारियों ने इसे पोस्टरों पर छपवा कर स्थान-स्थान पर लगवा दिया जिससे लोग युद्ध के कारण निराश ना हों, घबराएं नहीं और अपने कार्यों में लगे रहें।

   अपनी बन्धुवाई के समय के बाद जब इस्त्राएली लौट कर अपने देश में आए तो उन्हें उसका पुनः निर्माण करना था। उन्होंने इस कार्य का आरंभ मन्दिर के पुनःनिर्माण से किया, लेकिन इसके लिए उन्हें भी अपने भय और शत्रु के हस्तक्षेप का सामना करके उन पर विजयी होना था (एज़्रा 3:3)। जब वे पुनःनिर्माण के लिए नींव डाल चुके तो उनके शत्रु "फारस के राजा कुस्रू के जीवन भर वरन फारस के राजा दारा के राज्य के समय तक उनके मनोरथ को निष्फल करने के लिये वकीलों को रुपया देते रहे" (एज़्रा 4:5)। उन शत्रुओं ने उनके विरुद्ध दोषारोपण करते हुए सरकारी अधिकारियों को शिकायत के पत्र लिखे, उनके कार्य में बाधा डाली, और निर्माण के कार्य को रुकवा दिया (एज़्रा 4:6, 24)। इन सब प्रतिरोधों के बावजूद, अन्ततः राजा दारा ने आज्ञा-पत्र ज़ारी करके मन्दिर के पुनःनिर्माण के कार्य को पूरा करवाया (एज़्रा 6:12-14)।

   जब हम परमेश्वर के कार्यों में लगे होते हैं और हमें असफलताओं तथा निराशाओं का सामना करना पड़ता है, तब भी हम शान्त होकर अपने कार्य में लगे रह सकते हैं, क्योंकि उन इस्त्राएलियों के समान हम भी आज यह कह सकते हैं कि, "...हम तो आकाश और पृथ्वी के परमेश्वर के दास हैं..." (एज़्रा 5:11)। हमारे मार्ग में बाधाएं और विलंब तो आएंगे लेकिन हम अपने प्रभु यीशु की प्रतिज्ञा "...मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊंगा: और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल न होंगे" (मत्ती 16:18) में आश्वस्त रह सकते हैं। हम मसीही विश्वासियों में होकर कार्य करवाने वाली सामर्थ परमेश्वर की सामर्थ है ना कि हमारी अपनी, और इस सामर्थ को कोई हरा नहीं सकता; इसलिए "शान्त रहें, कार्य ज़ारी रखें"। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर की आत्मा हमारी गवाही को सामर्थ प्रदान करता है।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! - भजन 46:10

बाइबल पाठ: एज़्रा 5:7-17
Ezra 5:7 उन्होंने उसको एक चिट्ठी लिखी, जिस में यह लिखा था: कि राजा दारा का कुशल क्षेम सब प्रकार से हो।
Ezra 5:8 राजा को विदित हो, कि हम लोग यहूदा नाम प्रान्त में महान परमेश्वर के भवन के पास गए थे, वह बड़े बड़े पत्थरों से बन रहा है, और उसकी भीतों में कडिय़ां जुड़ रही हैं; और यह काम उन लोगों से फुतीं के साथ हो रहा है, और सफल भी होता जाता है। 
Ezra 5:9 इसलिये हम ने उन पुरनियों से यों पूछा, कि यह भवन बनवाने, और यह शहरपनाह खड़ी करने की आाज्ञा किस ने तुम्हें दी? 
Ezra 5:10 और हम ने उनके नाम भी पूछे, कि हम उनके मुख्य पुरुषों के नाम लिख कर तुझ को जता सकें। 
Ezra 5:11 और उन्होंने हमें यों उत्तर दिया, कि हम तो आकाश और पृथ्वी के परमेश्वर के दास हैं, और जिस भवन को बहुत वर्ष हुए इस्राएलियों के एक बड़े राजा ने बना कर तैयार किया था, उसी को हम बना रहे हैं। 
Ezra 5:12 जब हमारे पुरखाओं ने स्वर्ग के परमेश्वर को रिस दिलाई थी, तब उसने उन्हें बाबेल के कसदी राजा नबूकदनेस्सर के हाथ में कर दिया था, और उसने इस भवन को नाश किया और लोगों को बन्धुआ कर के बाबेल को ले गया। 
Ezra 5:13 परन्तु बाबेल के राजा कुस्रू के पहिले वर्ष में उसी कुस्रू राजा ने परमेश्वर के इस भवन के बनाने की आज्ञा दी 
Ezra 5:14 और परमेश्वर के भवन के जो सोने और चान्दी के पात्र नबूकदनेस्सर यरूशलेम के मन्दिर में से निकलवा कर बाबेल के मन्दिर में ले गया था, उन को राजा कुस्रू ने बाबेल के मन्दिर में से निकलवा कर शेशबस्सर नामक एक पुरुष को जिसे उसने अधिपति ठहरा दिया था, सौंप दिया। 
Ezra 5:15 और उसने उस से कहा, ये पात्र ले जा कर यरूशलेम के मन्दिर में रख, और परमेश्वर का वह भवन अपने स्थान पर बनाया जाए। 
Ezra 5:16 तब उसी शेशबस्सर ने आकर परमेश्वर के भवन की जो यरूशलेम में है नेव डाली; और तब से अब तक यह बन रहा है, परन्तु अब तक नहीं बन पाया। 
Ezra 5:17 अब यदि राजा को अच्छा लगे तो बाबेल के राजभणडार में इस बात की खोज की जाए, कि राजा कुस्रू ने सचमुच परमेश्वर के भवन के जो यरूशलेम में है बनवाने की आज्ञा दी थी, था नहीं। तब राजा इस विषय में अपनी इच्छा हम को बताए।

एक साल में बाइबल: 
  • एज़्रा 3-5
  • यूहन्ना 20


शनिवार, 11 जून 2016

ईमानदार


   एक कब्रिस्तान में एक दिन मैंने एक सुन्दर नक्काशी करी हुई कब्र पर एक अनूठा समाधि-लेख देखा; उस पर लिखा था " जे. हौलगेट: एक ईमानदार व्यक्ति"। मैं इस व्यक्ति हौलगेट या उसके जीवन के बारे में कुछ नहीं जानता, लेकिन जैसी सुन्दर उसकी कब्र बनाई गई थी उससे यही लगता है कि वह कोई समृद्ध व्यक्ति रहा होगा, और उसने अपने जीवनकाल में भरपूरी से प्राप्त किया होगा। लेकिन मृत्योपरांत उसके स्मारक पर उसके लिए केवल एक ही बात याद करी गई "एक ईमानदार व्यक्ति"। प्रगट है कि हौलगेट अपनी सभी उपलब्धियों से बढ़कर अपनी ईमानदारी के लिए जाना जाता था।

   युनानी दार्शनिक डायोजिनीस ने अपना जीवनकाल ईमानदारी की खोज में लगा दिया और अन्ततः इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि कोई ईमानदार व्यक्ति मिल नहीं सकता। किसी भी युग में ईमानदार लोगों को खोज पाना कठिन कार्य रहा है, परन्तु ईमानदारी बहुत महत्वपूर्ण गुण है। खरे जीवन के लिए ईमानदारी सर्वोत्त्म नीति नहीं, वरन एकमात्र नीति है; ईमानदारी ही परमेश्वर की उपस्थिति में रहने और चलने वाले व्यक्ति की पहचान करवाती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने प्रश्न किया, "हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा?" (भजन 15:1); और फिर आगे इन प्रश्नों के उत्तर को भी लिखा।

   मैं अपने आप से पूछता हूँ: क्या मैं अपने जीवन की सभी बातों में विश्वासयोग्य एवं आदरणीय हूँ? क्या मेरे सभी शब्द सदा सच्चे ही होते हैं? क्या मैं सत्य को सप्रेम बोलता हूँ? क्या उन्हें प्रभावी बनाने के लिए या अपने स्वार्थ के लिए मैं तथ्यों को यदा-कदा तोड़-मरोड़ कर, या फिर बढ़ा-चढ़ाकर तो नहीं प्रस्तुत करता हूँ?

   यदि ऐसा है तो मुझे परमेश्वर की ओर संपूर्ण विश्वास के साथ फिरने और उससे क्षमा माँगने की आवश्यकता है; साथ ही उससे एक पूर्णत्या अच्छा और ईमानदार हृदय भी माँगना है जिस से ईमानदारी मेरे जीवन और चरित्र का एक अभिन्न अंग बन जाए। हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि, "...हे मेरे परमेश्वर! मैं जानता हूँ कि तू मन को जांचता है और सिधाई से प्रसन्न रहता है..." (1 इतिहास 29:17)।

   मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल का आशवासन है कि जिसने मेरे जीवन में यह उत्त्म कार्य आरंभ किया है, वह इस कार्य को मेरे जीवन में पूरा भी करेगा (फिलिप्पियों 1:6)। - डेविड रोपर


ऐसा जीवन जीऐं कि जब लोग ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के बारे में सोचें, 
तो उन्हें आपके जीवन तथा चरित्र का ध्यान आए।

और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा। - फिलिप्पियों 1:6

बाइबल पाठ: भजन 15
Psalms 15:1 हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा? 
Psalms 15:2 वह जो खराई से चलता और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है; 
Psalms 15:3 जो अपनी जीभ से निन्दा नहीं करता, और न अपने मित्र की बुराई करता, और न अपने पड़ोसी की निन्दा सुनता है; 
Psalms 15:4 वह जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है, और जो यहोवा के डरवैयों का आदर करता है, जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठानी पड़े; 
Psalms 15:5 जो अपना रूपया ब्याज पर नहीं देता, और निर्दोष की हानि करने के लिये घूस नहीं लेता है। जो कोई ऐसी चाल चलता है वह कभी न डगमगाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • एज़्रा 1-2
  • यूहन्ना 19:23-42


शुक्रवार, 10 जून 2016

मुकुट


   युनाइटिड किंगडम के राज मुकुट और ज़ेवर टावर ऑफ लंडन में गहन सुरक्षा में सैलानियों के देखने के लिए प्रदर्शित रखे रहते हैं। प्रति वर्ष लाखों लोग आकर इनको देखते हैं और इनकी भव्य सुन्दरता तथा बहुमूल्यता को सराहते हैं। ये राज मुकुट और ज़ेवर ना केवल साम्राज्य की सामर्थ के प्रतीक हैं, वरन उन्हें धारण करने वालों के ओहदे तथा शान को भी दर्शाते हैं। वे राज मुकुट तीन प्रकार के हैं - पहला है राज्याभिषेक के मुकुट, जो तब धारण किए जाते हैं जब कोई राजा बनता है; दूसरा है राज्य मुकुट जो विभिन्न राजसी तथा औपचारिक अवसरों पर धारण किए जाते हैं; और तीसरे हैं वे मुकुट जो राजा की पत्नि धारण करती है। विभिन्न मुकुट, विभिन्न उद्देश्यों के लिए हैं।

   स्वर्ग तथा सृष्टि के राजा, सृष्टि के सबसे महानतम मुकुट और सर्वोच्च आदर के हकदार, प्रभु यीशु ने, अपनी सृष्टि के लिए एक भिन्न ही प्रकार का मुकुट धारण किया। जब उसे क्रूस पर चढ़ाए जाने की प्रक्रिया चल रही थी, क्रूस पर चढ़ाए जाने के पहले के उसके अपमान और पीड़ा के समय में, "...सिपाहियों ने कांटों का मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा..." (यूहन्ना 19:2)। उस दिन मुकुट को, जो सामान्यतः आदर और राज्याधिकार का प्रतीक होता है, अपमान, घृणा और उपहास का माध्यम बना दिया गया। लेकिन जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के पाप और लज्जा को सहते हुए उस काँटों के मुकुट को भी बिना कोई प्रतिरोध दिखाए, स्वेच्छा से धारण कर लिया।

   वह जो सर्वश्रेष्ठ मुकुट का हकदार है, हमारे उद्धार और पाप क्षमा के लिए सबसे निकृष्ट मुकुट धारण करने से नहीं हिचकिचाया, जिस से कि हम उस पर विश्वास लाकर, उसे अपना जीवन समर्पण करके तथा उस से अपने पापों की क्षमा माँग कर उस से स्वर्गीय मुकुट प्राप्त करने तथा धारण करने के हकदार बन सकें (2 तिमुथियुस 4:8)। क्या आप उस स्वर्गीय मुकुट को धारण करने के लिए तैयार हैं? - बिल क्राउडर


क्रूस के कार्य के बिना कोई स्वर्गीय मुकुट नहीं है।

भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। - 2 तिमुथियुस 4:8

बाइबल पाठ: यूहन्ना 19:1-8
John 19:1 इस पर पीलातुस ने यीशु को ले कर कोड़े लगवाए। 
John 19:2 और सिपाहियों ने कांटों का मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा, और उसे बैंजनी वस्‍त्र पहिनाया। 
John 19:3 और उसके पास आ आकर कहने लगे, हे यहूदियों के राजा, प्रणाम! और उसे थप्पड़ भी मारे। 
John 19:4 तब पीलातुस ने फिर बाहर निकलकर लोगों से कहा, देखो, मैं उसे तुम्हारे पास फिर बाहर लाता हूं; ताकि तुम जानो कि मैं कुछ भी दोष नहीं पाता। 
John 19:5 तब यीशु कांटों का मुकुट और बैंजनी वस्‍त्र पहिने हुए बाहर निकला और पीलातुस ने उन से कहा, देखो, यह पुरूष। 
John 19:6 जब महायाजकों और प्यादों ने उसे देखा, तो चिल्लाकर कहा, कि उसे क्रूस पर चढ़ा, क्रूस पर: पीलातुस ने उन से कहा, तुम ही उसे ले कर क्रूस पर चढ़ाओ; क्योंकि मैं उस में दोष नहीं पाता। 
John 19:7 यहूदियों ने उसको उत्तर दिया, कि हमारी भी व्यवस्था है और उस व्यवस्था के अनुसार वह मारे जाने के योग्य है क्योंकि उसने अपने आप को परमेश्वर का पुत्र बनाया। 
John 19:8 जब पीलातुस ने यह बात सुनी तो और भी डर गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 34-36
  • यूहन्ना 19:1-22


गुरुवार, 9 जून 2016

उदार परमेश्वर


 बहुत साल पहले, जब हमारा परिवार शिकागो में रहता था, हमें वहाँ रहने के अनेकों लाभ मिलते रहते थे। उन लाभों की सूची के आरंभिक लाभों में से एक था वहाँ के रेस्टोराँ जो एक दुसरे से बढ़-चढ़कर अपने ग्राहकों को सन्तुष्ट करने के प्रयासों में लगे रहते थे - ना केवल भोजन की गुणवन्ता में वरन परोसे गए भोजन की मात्रा में भी! वहाँ का एक इटैलियन रेस्टोराँ ऐसा था जिसमें मैं और मेरी पत्नि अपने पसन्दीदा पास्ता को आधी मात्रा में मँगाते थे, और भरपेट खाने के बाद भी इतना बच जाता था कि हम उसे घर लाकर अगली रात्री के भोजन के लिए इस्तेमाल कर लेते थे। इतनी उदार मात्रा में मिलने वाली उस भोजन-सामग्री को पाकर हमें लगता था कि हम अपनी दादी के घर में हैं और खाना बना तथा परोसकर वे अपने प्रेम को हम पर उँडेल रही हैं।

   जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में पढ़ता हूँ कि हमारे परमेश्वर पिता ने हम पर अपने अनुग्रह के धन को बहुतायत से उँडेला है (इफिसियों 1:7-8) और वह हमारे लिए "...हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है..." (इफिसियों 3:20) तो मुझे अपने ऊपर बहाई गई उसके प्रेम की भरपूरी का एहसास होता है। मैं बहुत धन्यवादी हूँ कि हमारा पिता परमेश्वर कोई कंजूस परमेश्वर नहीं है जो अपनी आशीषें थोड़ी-थोड़ी मात्रा में और संकोच के साथ हमें प्रदान करता है, और ना ही वह ऐसा परमेश्वर पिता है जिसे प्रसन्न करने और उससे कुछ प्राप्त करने के लिए मुझे अपने आप को कोई कष्ट या दुःख देने की आवश्यकता होती है। वरन वह ऐसा प्रेमी, कृपालु और द्यालु पिता परमेश्वर है जिसके दरवाज़े और बाँहें अपने उड़ाऊ पुत्र को भी पूरे आदर और सम्मान के साथ वापस ले लेने को खुले रहते हैं, आतुर रहते हैं (लूका 15), और प्रतिदिन "वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है" (भजन 103:4)।

   हम कभी-कभी सोचते हैं कि परमेश्वर ने हमें वैसा नहीं दिया जैसा हम चाहते हैं। लेकिन सच तो यह है कि हमारे पाप क्षमा करने और हमें स्वर्ग का वारिस बनाने के इलावा यदि परमेश्वर हमारे लिए और कुछ भी ना करता, तो भी उसने बड़ी उदारता के साथ हमारे लिए बहुतायात से अनुग्रह कर दिया है। इसलिए आईऐ, उन सारी आशीषों और भलाईयों के लिए जो उसने हम पर बहुतायत से उँडेली हैं, हम आज अपने इस उदार परमेश्वर पिता का धन्यवाद करें, उसके कृतज्ञ बनें और उसमें आनन्दित रहें। - जो स्टोवैल


उस उदार परमेश्वर की, जिससे सभी आशीषें आती हैं
 सदा धन्यवाद, स्तुति और महिमा हो।

हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया। - इफिसियों 1:7-8

बाइबल पाठ: इफिसियों 3:14-21
Ephesians 3:14 मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं, 
Ephesians 3:15 जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है। 
Ephesians 3:16 कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्‍व में सामर्थ पाकर बलवन्‍त होते जाओ। 
Ephesians 3:17 और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर। 
Ephesians 3:18 सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है। 
Ephesians 3:19 और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।
Ephesians 3:20 अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है, 
Ephesians 3:21 कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 32-33
  • यूहन्ना 18:19-40


बुधवार, 8 जून 2016

बर्ताव


   सुप्रसिद्ध मसीही विश्वासी और लेखक सी. एस. ल्युईस ने अपनी जानी-मानी पुस्तक Mere Christianity में लिखा: "बचपन में मुझे अकसर दाँत में दर्द होता था, और मैं जानता था कि यदि मैं अपनी मां के पास गया तो वे मुझे कुछ ऐसा देंगी जिससे उस रात के लिए दर्द दब जाएगा और मैं सो सकूँगा। लेकिन मैं अपनी माँ के पास केवल तब ही जाता था जब दर्द बहुत बढ़ जाता था और सहना कठिन हो जाता था....क्योंकि मैं यह भी जानता था कि अगले दिन प्रातः ही मेरी माँ मुझे दाँतों के डॉक्टर के पास भी ले जाएंगी...मुझे दर्द से तुरंत राहत तो चाहिए होती थी लेकिन स्थाई राहत के लिए मेरे दाँतों को अन्दर गहराई से सही करवाने की भी आवश्यकता होती थी जो मैं नहीं करवाना चाहता था।"

   कुछ ऐसा ही हमारे साथ हमारे जीवनों में भी होता है: जब हम किसी समस्या में होते हैं, किसी बात को लेकर संघर्ष कर रहे होते हैं, तब अकसर हम तुरंत ही उसके निवारण के लिए परमेश्वर के पास नहीं जाते। हम जानते हैं कि परमेश्वर हमारी उस समस्या या संघर्ष का समाधान दे सकता है, लेकिन साथ ही हम यह भी जानते हैं कि वह केवल अस्थायी समाधानों से संतुष्ट नहीं होता, वह हमारे जीवनों में उस समस्या या संघर्ष की तह तक जाकर जड़ से उसका समाधान और निवारण करना चाहता है; और इस बात से हम डरते हैं क्योंकि ऐसा करने में वे बातें भी खुल कर सामने आ सकती हैं जिनका हम सामना नहीं करना चाहते या जिन्हें हम सबकी नज़रों से छिपाए या दबाए रखना चाहते हैं।

   ऐसे समयों में हमें अपने आप को यह स्मरण दिलाना चाहिए कि "तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता?" (इब्रानियों 12:7)। परमेश्वर का अनुशासन, चाहे हमें कष्टप्रद लगे, परन्तु वह बुद्धिमतापूर्ण, हमारी भलाई के लिए (रोमियों 8:28) और हमारे प्रति उसके प्रेम से भरा होता है। वह हमसे इतना प्रेम करता है कि हमें ऐसे ही अपनी समस्याओं और संघर्षों में पड़े देखना नहीं चाहता; वह हमारे स्वरूप को बदल कर हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में लाना चाहता है (रोमियों 8:9)।

   हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम भरे बर्ताव तथा हर बात द्वारा हमारी भलाई करने के उद्देश्यों पर हम अपनी किसी भी भावना और भय से कहीं अधिक बढ़कर भरोसा कर सकते हैं। - पोह फैंग चिया


परमेश्वर के अनुशासन का हाथ उसके प्रेम और भलाई का हाथ होता है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:28-29

बाइबल पाठ: इब्रानियों 12:1-14
Hebrews 12:1 इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। 
Hebrews 12:2 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा। 
Hebrews 12:3 इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो। 
Hebrews 12:4 तुम ने पाप से लड़ते हुए उस से ऐसी मुठभेड़ नहीं की, कि तुम्हारा लोहू बहा हो। 
Hebrews 12:5 और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों की नाईं दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हियाव न छोड़। 
Hebrews 12:6 क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको कोड़े भी लगाता है। 
Hebrews 12:7 तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता? 
Hebrews 12:8 यदि वह ताड़ना जिस के भागी सब होते हैं, तुम्हारी नहीं हुई, तो तुम पुत्र नहीं, पर व्यभिचार की सन्तान ठहरे! 
Hebrews 12:9 फिर जब कि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी आधीन न रहें जिस से जीवित रहें। 
Hebrews 12:10 वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्रता के भागी हो जाएं। 
Hebrews 12:11 और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उसको सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है। 
Hebrews 12:12 इसलिये ढीले हाथों और निर्बल घुटनों को सीधे करो। 
Hebrews 12:13 और अपने पांवों के लिये सीधे मार्ग बनाओ, कि लंगड़ा भटक न जाए, पर भला चंगा हो जाए।
Hebrews 12:14 सब से मेल मिलाप रखने, और उस पवित्रता के खोजी हो जिस के बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 30-31
  • यूहन्ना 18:1-18