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बुधवार, 24 जनवरी 2018

उपलब्धि


   चर्च में आराधना जारी थी, और उस प्रातः हमारे साथ आराधना में सम्मिलित होने के लिए कुछ मेहमान भी आए हुए थे। उस दिन का सन्देश देने वाला उपदेशक अभी अपने सन्देश को लगभग आधा ही कहने पाया था कि मैंने देखा कि मेहमानों में से एक उठकर बाहर जाने लगी।मैं यह देखकर चिन्तित हुआ और जिज्ञासु भी; इसलिए उनके उठकर जाने का कारण जानने के लिए उसके पास गया।

   मैंने उनके पास जाकर उन से पूछा, “आप बहुत शीघ्र जा रहीं हैं; क्या कोई समस्या है, क्या मैं आपकी कोई सहायता कर सकता हूँ?” वह महिला बहुत स्पष्टवादी थी,और उसने बड़ी खराई से कहा, “हाँ, समस्या है – यह सन्देश! मैं उस उपदेशक के साथ सहमत नहीं हूँ।” उनकी असहमति उपदेशक के उस कथन से थी जिसमें उसने कहा था कि जीवन में हमारी प्रत्येक उपलब्धि का श्रेय परमेश्वर को जाता है, वही सारी महिमा का पात्र है। उस महिला ने शिकायत के स्वर में कहा, “मेरी उपलब्धियों के लिए कुछ श्रेय तो मुझे भी मिलना ही चाहिए।”

   मैं ने उन्हें उपदेशक के कहने के अभिप्राय को समझाया। लोगों को उनकी उपलब्धियों के लिए अवश्य ही मान्यता और प्रशंसा मिलनी चाहिए, परन्तु हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हमारे सभी गुण और योग्यताएं, जो हमारी उपलब्धियों के आधार हैं, हमें परमेश्वर से, उसके अनुग्रह से मिले हैं, इसीलिए वही सारे श्रेय और सारी महिमा का पात्र है। इसीलिए प्रभु यीशु ने भी कहा था, “...मैं तुम से सच सच कहता हूं, पुत्र आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्र भी उसी रीति से करता है” (यूहन्ना 5:19); और प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा, “...क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते” (यूहन्ना 15:5)।

   इसीलिए हम मसीही विश्वासी यह मानते हैं कि प्रभु परमेश्वर ही है जो हर उपलब्धि, हर योग्यता की सामर्थ्य हमें प्रदान करता है, और वह ही हमसे उस सामर्थ्य का सदुपयोग भी करवाता है, वही हमारी हर उपलब्धि का आधार है। - लौरेंस दर्मानी


परमेश्वर की सन्तान, उसकी इच्छा उसकी महिमा के लिए पूरी करती है।

मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। - यूहन्ना 15:5

बाइबल पाठ: यूहन्ना 15:1-5
John 15:1 सच्ची दाखलता मैं हूं; और मेरा पिता किसान है।
John 15:2 जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
John 15:3 तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
John 15:4 तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
John 15:5 मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 9-11
  • मत्ती 15:21-39


मंगलवार, 23 जनवरी 2018

पाठ


   जब मेरी बेटी ने स्कूल में उसके साथ हो रही एक समस्या के विषय में बताया, तो मेरी पहली प्रतिक्रया थी कि मैं जाकर उसके लिए उस समस्या का समाधान कर दूँ। परन्तु फिर एक और विचार मेरे मन में आया। क्या यह संभव नहीं है कि परमेश्वर ने उस समस्या को उसके जीवन में इसलिए आने दिया जिससे मेरी बेटी परमेश्वर को अपने जीवन में कार्य करता देखे, और परमेश्वर को और बेहतर जान सके, उसमें अपने विश्वास में और दृढ़ हो सके? इसलिए उसकी समस्या का समाधान करने के लिए दौड़ने की बजाए मैं ने उसके साथ इसके बारे में प्रार्थना करने का निर्णय लिया। हमने एक साथ उस समस्या के बारे में प्रार्थना करना आरंभ किया और कुछ ही समय में, मेरे किसी हस्तक्षेप के बिना, वह समस्या सुलझ गई।

   इस सारी परिस्थिति ने मेरी बेटी को सिखाया कि परमेश्वर उसकी चिंता करता है, उसका ध्यान रखता है, जब वह प्रार्थना करती है तो वह उसका उत्तर देता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि ऐसे पाठ छोटी उम्र में सीखना बहुत महत्वपूर्ण है (नीतिवचन 22:6)। जब हम बच्चों का परिचय प्रभु यीशु और उसकी सामर्थ्य से करवा देते हैं, तो हम सारे जीवन भर उनकी आत्मिक उन्नति के लिए उन्हें एक आधार बना कर दे देते हैं, उन्हें एक ऐसे आश्रय-स्थल का पता दे देते हैं जहाँ वे अपनी हर बात, हर समस्या के लिए कभी भी, किसी भी दशा में, निःसंकोच जा सकते हैं, और खुले दिल से अपनी बात प्रभु के समक्ष रख सकते हैं, उस से मार्गदर्शन और सामर्थ्य प्राप्त कर सकते हैं।

   आज विचार करें कि आप किसी बच्चे के पास मसीह यीशु के प्रति विश्वास के पाठ किस प्रकार पहुँचा सकते हैं। इन पाठों को बच्चों तक पहुँचाने के कुछ तरीके हैं, बच्चों को प्रकृति में विदित परमेश्वर की रचनाओं से अवगत करवाएँ; उनके साथ अपने जीवन की किसी ऐसी घटना को बांटें जब परमेश्वर ने आपकी सहायता की, किसी समस्या से आपको छुड़ाया; उन्हें अपने साथ परमेश्वर के प्रति धन्यवादी होने और उसकी स्तुति-आराधना करने में सम्मिलित करें। इन छोटे-छोटे पाठों के द्वारा परमेश्वर आप में होकर आने वाली पीढ़ियों पर अपनी भलाई और विश्वासयोग्यता को प्रकट कर सकता है, उन्हें पाप में भटकने से बचने का मार्ग दिखा सकता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


आज मसीह के लिए जीवन जीने के द्वारा, 
हम भावी पीढ़ियों को मसीह के लिए प्रभावित कर सकते हैं।

और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें; और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। - व्यवस्थाविवरण 6:6-7

बाइबल पाठ: नीतिवचन 22:1-16
Proverbs 22:1 बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है।
Proverbs 22:2 धनी और निर्धन दोनों एक दूसरे से मिलते हैं; यहोवा उन दोनों का कर्त्ता है।
Proverbs 22:3 चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देख कर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़ कर दण्ड भोगते हैं।
Proverbs 22:4 नम्रता और यहोवा के भय मानने का फल धन, महिमा और जीवन होता है।
Proverbs 22:5 टेढ़े मनुष्य के मार्ग में कांटे और फन्दे रहते हैं; परन्तु जो अपने प्राणों की रक्षा करता, वह उन से दूर रहता है।
Proverbs 22:6 लड़के को शिक्षा उसी मार्ग की दे जिस में उसको चलना चाहिये, और वह बुढ़ापे में भी उस से न हटेगा।
Proverbs 22:7 धनी, निर्धन लोगों पर प्रभुता करता है, और उधार लेने वाला उधार देने वाले का दास होता है।
Proverbs 22:8 जो कुटिलता का बीज बोता है, वह अनर्थ ही काटेगा, और उसके रोष का सोंटा टूटेगा।
Proverbs 22:9 दया करने वाले पर आशीष फलती है, क्योंकि वह कंगाल को अपनी रोटी में से देता है।
Proverbs 22:10 ठट्ठा करने वाले को निकाल दे, तब झगड़ा मिट जाएगा, और वाद-विवाद और अपमान दोनों टूट जाएंगे।
Proverbs 22:11 जो मन की शुद्धता से प्रीति रखता है, और जिसके वचन मनोहर होते हैं, राजा उसका मित्र होता है।
Proverbs 22:12 यहोवा ज्ञानी पर दृष्टि कर के, उसकी रक्षा करता है, परन्तु विश्वासघाती की बातें उलट देता है।
Proverbs 22:13 आलसी कहता है, बाहर तो सिंह होगा! मैं चौक के बीच घात किया जाऊंगा।
Proverbs 22:14 पराई स्त्रियों का मुंह गहिरा गड़हा है; जिस से यहोवा क्रोधित होता, वही उस में गिरता है।
Proverbs 22:15 लड़के के मन में मूढ़ता की गाँठ बन्धी रहती है, परन्तु छड़ी की ताड़ना के द्वारा वह उस से दूर की जाती है।
Proverbs 22:16 जो अपने लाभ के निमित्त कंगाल पर अन्धेर करता है, और जो धनी को भेंट देता, वे दोनों केवल हानि ही उठाते हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 7-8
  • मत्ती 15:1-20


सोमवार, 22 जनवरी 2018

केंद्रित


   मैंने एक कार्यस्थल पर कुछ लोगों के लिए मसीही विश्वास से संबंधित एक पाठ्यक्रम-कार्यशाला को संचालित किया था; कार्यशाला के बाद एक अधेड़ व्यक्ति मेरे पास आया और उसने मुझ से पूछा, “मैं लगभग अपने पूरे जीवन भर मसीही रहा हूँ, परन्तु मैं बारंबार अपने आप से निरुत्साहित होता हूँ। ऐसा क्यों है कि मैं वही काम करता रहता हूँ जिन्हें मैं करना नहीं चाहता हूँ; और जो मुझे करना चाहिए वह नहीं कर पाता हूँ। क्या परमेश्वर मुझसे थक नहीं गया होगा?” मेरे पास खड़े दो और व्यक्ति भी उसके इस प्रश्न का उत्तर सुनने के लिए आतुर लग रहे थे।

   यह एक सामान्य संघर्ष है जिसका अनुभव प्रेरित पौलुस ने भी किया था। परमेश्वर के वचन बाइबल में, पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा, “और जो मैं करता हूं, उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूं, वह नहीं किया करता, परन्तु जिस से मुझे घृणा आती है, वही करता हूं” (रोमियों 7:15)। परन्तु एक अच्छा समाचार भी है: हमें निराशा के इस फंदे में फंसे हुए नहीं रहना है। पौलुस ने इससे निकलने का जो मार्ग रोमियों 8 में लिखा, उसका सार यह है कि विधियों और नियमों को निभाने और पूरा करने के प्रयासों पर केंद्रित होने के स्थान पर हमें मसीह यीशु पर केंद्रित होना चाहिए। हम अपनी सामर्थ्य से अपनी पाप-प्रवृत्ति के बारे में कुछ नहीं कर सकते हैं; इसलिए नियम निभाने और विधियों को पूरा करने के और अधिक सबल प्रयास करने से कोई लाभ होने वाला नहीं है। इसके स्थान पर हमें उस पर अपने आप को केंद्रित करना चाहिए जो हम पर अनुग्रह करता है, और हमें परिवर्तित करने वाले उसके पवित्र-आत्मा के साथ सहयोग करना चाहिए।

   जब हम विधियों और नियमों पर केंद्रित रहते हैं, तो हमें निरंतर यह एहसास होता रहता है कि परमेश्वर के अनुग्रह को प्राप्त करने के योग्य भले हम कभी नहीं होने पाएँगे। परन्तु जब हम मसीह यीशु पर केंद्रित रहते हैं, तो हमें ध्यान रहता है कि वह हमारा सहायक बनकर सदा हमारे पक्ष में परमेश्वर के सम्मुख कार्य करता रहता है। - रैंडी किल्गोर


प्रभु यीशु पर केंद्रित रहें।

हे मेरे बालकों, मैं ये बातें तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम पाप न करो; और यदि कोई पाप करे, तो पिता के पास हमारा एक सहायक है, अर्थात धार्मिक यीशु मसीह। और वही हमारे पापों का प्रायश्‍चित्त है: और केवल हमारे ही नहीं, वरन सारे जगत के पापों का भी। - 1 यूहन्ना 2:1-2

बाइबल पाठ: रोमियों 7:15- 8:4
Romans 7:15 और जो मैं करता हूं, उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूं, वह नहीं किया करता, परन्तु जिस से मुझे घृणा आती है, वही करता हूं।
Romans 7:16 और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूं, तो मैं मान लेता हूं, कि व्यवस्था भली है।
Romans 7:17 तो ऐसी दशा में उसका करने वाला मैं नहीं, वरन पाप है, जो मुझ में बसा हुआ है।
Romans 7:18 क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती, इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते।
Romans 7:19 क्योंकि जिस अच्छे काम की मैं इच्छा करता हूं, वह तो नहीं करता, परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता वही किया करता हूं।
Romans 7:20 परन्तु यदि मैं वही करता हूं, जिस की इच्छा नहीं करता, तो उसका करने वाला मैं न रहा, परन्तु पाप जो मुझ में बसा हुआ है।
Romans 7:21 सो मैं यह व्यवस्था पाता हूं, कि जब भलाई करने की इच्छा करता हूं, तो बुराई मेरे पास आती है।
Romans 7:22 क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।
Romans 7:23 परन्तु मुझे अपने अंगो में दूसरे प्रकार की व्यवस्था दिखाई पड़ती है, जो मेरी बुद्धि की व्यवस्था से लड़ती है, और मुझे पाप की व्यवस्था के बन्धन में डालती है जो मेरे अंगों में है।
Romans 7:24 मैं कैसा अभागा मनुष्य हूं! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा?
Romans 7:25 मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं: निदान मैं आप बुद्धि से तो परमेश्वर की व्यवस्था का, परन्तु शरीर से पाप की व्यवस्था का सेवन करता हूं।
Romans 8:1 सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।
Romans 8:2 क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया।
Romans 8:3 क्योंकि जो काम व्यवस्था शरीर के कारण दुर्बल हो कर न कर सकी, उसको परमेश्वर ने किया, अर्थात अपने ही पुत्र को पापमय शरीर की समानता में, और पाप के बलिदान होने के लिये भेज कर, शरीर में पाप पर दण्ड की आज्ञा दी।
Romans 8:4 इसलिये कि व्यवस्था की विधि हम में जो शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं, पूरी की जाए।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 4-6
  • मत्ती 14:22-36



रविवार, 21 जनवरी 2018

स्वागत


   हम अपने बेटे के साथ एक बड़ी समस्या के समय से होकर निकल रहे थे। एक चर्च सभा के बाद मेरे एक मित्र ने मुझे एक किनारे लेकर मुझ से कहा, “मैं तुम्हें बताना चाहता हूँ कि मैं तुम्हारे और तुम्हारे बेटे के लिए प्रतिदिन प्रार्थना करता हूँ;” उसने आगे कहा, “मुझे बहुत बुरा लगता है और मैं अपने आप को दोषी अनुभव करता हूँ।” मैं ने पूछा, “क्यों?” तो उसने उत्तर दिया, “क्योंकि मुझे कभी उद्दंड बच्चों के साथ व्यवहार नहीं करना पड़ा है। मेरे बच्चे अपने आप ही नियमों के अनुसार चलते रहे; मुझे उन्हें कुछ कहने या नहीं कहने की आवश्यकता ही नहीं हुई।” फिर उसने कंधे झटकते हुए कहा, “बच्चे अपने चुनाव स्वयं ही कर लेते हैं।”

   मैं उसे गले लगाना लेना चाहता था। उसकी सहानुभूति मेरे लिए परमेश्वर की ओर से एक उपहार था, एक स्मरण कराना कि मेरा स्वर्गीय पिता मेरे बेटे के साथ मेरे संघर्ष को जानता, समझता है, उसका ध्यान रखता है।

   उद्दंड बच्चों के साथ के संघर्ष को हमारे स्वर्गीय पिता से बेहतर कोई नहीं जानता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा दी गई उड़ाऊ पुत्र की कहानी, हमारे और परमेश्वर के संबंध की कहानी है। प्रभु यीशु ने यह कहानी उन सभी पापियों के लिए कही है जिन्हें अपने सृष्टिकर्ता परमेश्वर पिता के पास आने और उसके साथ प्रेम के संबंध को अनुभव करने की आवश्यकता है।

   प्रभु यीशु देहधारी परमेश्वर है, जो हमें प्रेम की दृष्टि से देखता रहता है और प्रतीक्षा में रहता है कि हम उसके पास लौट कर आ जाएँ। वो उस कहानी का प्रेमी पिता है जो दौड कर अपनी सन्तान को गले लगाना चाहता है, पश्चातापी पापी का प्रेम और आदर के साथ घर में स्वागत करना चाहता है।

   प्रभु परमेश्वर ने हमारे स्वागत के लिए घर के बरामदे की बत्ती ही जली नहीं छोड़ी है, वह भी बरामदे में बैठा हमारी प्रतीक्षा कर रहा है कि हम लौट कर उसके पास आएँ और वह हमारा स्वागत करे। - जेम्स बैंक


हमारे प्रिय जन हमारे आग्रह ठुकरा सकते हैं,हमारे संदेशों को अनसुना कर सकते हैं, 
हमारे समझाने का विरोध कर सकते हैं, हमारे व्यक्तित्व को तुच्छ समझ सकते हैं – 
परन्तु हमारी प्रार्थनाओं के आगे बेबस हैं। - जे. सिडलो बैक्सटर

क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है। - भजन 86:5

बाइबल पाठ: लूका 15:11-24
Luke 15:11 फिर उसने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
Luke 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उसने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
Luke 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा कर के एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
Luke 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
Luke 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा: उसने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
Luke 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
Luke 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
Luke 15:18 मैं अब उठ कर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
Luke 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर के समान रख ले।
Luke 15:20 तब वह उठ कर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
Luke 15:21 पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
Luke 15:22 परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्‍छे से अच्छा वस्‍त्र निकाल कर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
Luke 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें।
Luke 15:24 क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 1-3
  • मत्ती 14:1-21



शनिवार, 20 जनवरी 2018

असली


   कुछ वर्ष पहले, अपने परिवार में हुई एक त्रासदी के बारे में Our Daily Bread में लिखने के पश्चात, मुझे एक पाठक का पत्र मिला; उसने लिखा था, “जब आपने अपनी त्रासदी के बारे में बताया, तो मुझे एहसास हुआ कि लिखने वाले आप लोग भी असली हो, आप भी असल में समस्याओं का सामना करते हैं।” यह बात कितनी सत्य है! मैं जब अपने साथी लेखकों के बारे में विचार करता हूँ, तो मुझे हमारे मध्य में विद्यमान कैंसर, पथभ्रष्ठ सन्तान, अधूरे सपने, और ऐसे ही अन्य अनेकों समस्याओं का ध्यान हो आता है। इसमें कोई शक की बात ही नहीं है कि हम सँसार के अन्य लोगों के समान ही, असली लोग हैं, जो एक असली परमेश्वर के बारे में लिखे हैं; ऐसा परमेश्वर जो हमारी समस्याओं को समझता है, उनमें हमारे साथ रहता है, उनसे पार पाने के लिए हमें सामर्थ्य और सदबुद्धि देता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस मसीही विश्वास के जीवन एक अदभुत अनुसरण योग्य उदाहरण प्रस्तुत करता है। उसे शारीरिक समस्याएँ थीं; उसे वैधानिक समस्याएँ थीं। उसे मसीही विश्वासियों में परस्पर संबंधों को लेकर भी संघर्ष करने पड़े। और इन सब समस्याओं से जूझते हुए भी, उसने हमारे लिए मसीही विश्वास के जीवन का एक अनुपम एक उदाहरण स्थापित किया। उसने फिलिप्पियों 3:17 में लिखा, “हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।”

    हमारे आस-पास जिन लोगों को सुसमाचार की, प्रभु यीशु मसीह की, आवश्यकता है, वे ऐसे लोगों के जीवनों और उदाहरणों को खोज रहे हैं जो उन्हें असली और अनुसरण योग्य दिखें, ऐसे लोग जो अपने जीवनों के उदाहरण के द्वारा उन्हें हमारे सिद्ध उद्धारकर्ता की ओर संकेत कर सकें। इसका अर्थ है कि हमें अपने व्यवाहारिक जीवन में असली होना है, मसीह यीशु को असल में प्रदर्शित करना है। - डेव ब्रैनन


यदि हम परमेश्वर के प्रति सच्चे हैं, तो हम लोगों के प्रति झूठे कभी नहीं होंगे।

कोई तेरी जवानी को तुच्‍छ न समझने पाए; पर वचन, और चाल चलन, और प्रेम, और विश्वास, और पवित्रता में विश्वासियों के लिये आदर्श बन जा। - 1 तिमुथियुस 4:12

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:17-21
Philippians 3:17 हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।
Philippians 3:18 क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार किया है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
Philippians 3:19 उन का अन्‍त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्ज़ा की बातों पर घमण्‍ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्‍तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
Philippians 3:20 पर हमारा स्‍वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं।
Philippians 3:21 वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्‍तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 49-50
  • मत्ती 13:31-58


शुक्रवार, 19 जनवरी 2018

अनुसरण


   तिब्बती शेरपा नवांग गोम्बू और अमेरिकी जिम व्हिटेकर एवरेस्ट पर्वत की चोटी पर 1 मई, 1963 को पहुँचे। जब वे शिखर के निकट आ रहे थे तो दोनों के मन में शिखर पर पहले कदम रखने के आदर को पाने के बारे में विचार चल रहे थे। शिखर के निकट पहुँच कर व्हिटेकर ने गोम्बू को इशारा किया कि शिखर पर पहले कदम वह रखे, परन्तु गोम्बू ने मुस्कुराते हुए मना किया और कहा, “पहले आप, बिग जिम!” अंततः दोनों ने एक साथ शिखर पर कदम बढ़ाने का निर्णय लिया और एक साथ एवरेस्ट के शिखर पर पहुँचे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने फिलिप्पियों की मण्डली के लोगों को इसी प्रकार की नम्रता दिखाने के लिए प्रोत्साहित किया। उसने उन्हें लिखा, “हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे” (फिलिप्पियों 2:4)। स्वार्थ और बड़ा बनने की भावना लोगों में विभाजन ला सकती है, परन्तु दीनता और नम्रता हमें एक करती है, क्योंकि यह “एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो” (पद 2) वाला गुण है।

   जब भी झगड़े और मतभेद उत्पन्न हों, सही होने के अपने अधिकार का त्याग कर के, हम उन्हे बढ़ने से पहले ही समाप्त कर सकते हैं। नम्रता चाहती है कि हम अपने प्रभु परमेश्वर के समान अनुग्रह और कोमलता दिखाएँ, न कि अपनी ही इच्छा को पूरा करवाने के लिए जोर दें, “दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो” (पद 3)।

   नम्रता का अभ्यास करना हमें प्रभु यीशु की समानता में बढ़ाता है, जिसने “मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली” (पद 8)। प्रभु यीशु का अनुसरण करने का अर्थ है जो हमारे लिए भला है, उस से हटकर, वह करें जो औरों के लिए भला है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


नम्रता एकता को बढ़ावा देती है।

यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है। - भजन 34:18

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:1-11
Philippians 2:1 सो यदि मसीह में कुछ शान्‍ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
Philippians 2:2 तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
Philippians 2:3 विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
Philippians 2:4 हर एक अपने ही हित की नहीं, वरन दूसरों के हित की भी चिन्‍ता करे।
Philippians 2:5 जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो।
Philippians 2:6 जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा।
Philippians 2:7 वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।
Philippians 2:8 और मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
Philippians 2:9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।
Philippians 2:10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
Philippians 2:11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 46-48
  • मत्ती 13:1-30


गुरुवार, 18 जनवरी 2018

उपलब्ध


   सन 2009 की शरद ऋतु में न्यू यॉर्क की हडसन नदी में एक बड़े वायुयान को आपात स्थिति में उतरना पड़ा। उस विमान के पायलेट, कप्तान चेस्ली सलनबर्गर ने वायुयान को बिना किसी के हताहत हुए नदी में सुरक्षित उतार लिया। बाद में उनसे उन पलों के बारे में पूछ गया जब वायुवान हवा में था और उन्हें जीने-मरने के निर्णय लेने थे। उन्होंने कहा, “इसे देखने का एक दृष्टिकोण यह हो सकता है कि पिछले 42 वर्षों से मैं अपने अनुभव, शिक्षा, और प्रशिक्षण के बैंक में छोटे-छोटे किंतु नियमित अंश जमा करता रहा हूँ। और उस दिन मुझे लगा कि अब इतना तो जमा हो गया है कि मैं उसमें से एक बड़ी रकम निकाल सकूँ।”

   हम में से अधिकांश जीवन में कभी-न-कभी किसी संकट का सामना अवश्य करेंगे। हो सकता है कि वह हमारा काम से सेवानिवृत किया जाना हो, या किसी चिकित्सीय जाँच के अनेपक्षित परिणाम हों, या किसी प्रिय परिवार के सदस्य अथवा मित्र की हानि हो। ऐसे समयों में हमें अपने आत्मिक बैंक-खाते में जमा की गई पूंजी में से कुछ बड़ा निकालने की आवश्यकता पड़ेगी।

   ऐसी परिस्थिति में हम अपने उस आत्मिक बैंक खाते में क्या पाएँगे? यदि हमने अपने जीवन में परमेश्वर के साथ एक गहरा संबंध बनाए रखा है, तो हम अपने खाते में अपने विश्वास के कार्यों के नियमित अंश जमा करते रहें हैं, जिससे अब परमेश्वर के अनुग्रह के अनुभव (2 कुरिन्थियों 8:9; इफिसियों 2:4-7), और परमेश्वर के वचन बाइबल की प्रतिज्ञाएं कि परमेश्वर न्यायी और विश्वासयोग्य है (व्यवस्थाविवरण 32:4; 2 थिस्सलुनीकियों 3:3) हमारे साथ हैं, हमें उपलब्ध हैं।

   परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह हम परमेश्वर की संतानों, अर्थात मसीही विश्वासियों को आवश्यकतानुसार निकालने के लिए उपलब्ध है (भजन 9:10; इब्रानियों 4:16)। - सिंडी हैस कैस्पर


बीते समय में परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को स्मरण करने से
 हमें भविष्य के लिए सामर्थ्य मिलती है।

परन्तु प्रभु सच्चा है; वह तुम्हें दृढ़ता से स्थिर करेगा: और उस दुष्‍ट से सुरक्षित रखेगा। - 2 थिस्सलुनीकियों 3:3

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।


एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 43-45
  • मत्ती 12:24-50