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मंगलवार, 13 मार्च 2018

देखभाल



   मेरे पति के हृदय के ऑपरेशन के पश्चात, मैंने उनके पास रहकर रात भर बेचैनी से बिताई। प्रातः लगभग आधी बीत चुकी थी जब मुझे स्मरण आया कि मुझे बाल कटवाने के लिए जाना था। अपने बिखरे हुए रूखे बालों में उंगलीयों को फेरते हुए मैंने कहा कि मुझे बाल कटवाने के लिए जाना फिर कभी के लिए रखना होगा। मेरी बेटी, रोज़ी, बोली, “माँ, आप बस मूँह धोकर बाल कटवाने के लिए चली जाईये।” मैंने ज़ोर देकर कहा, “नहीं-नहीं, कोई बात नहीं, मेरा यहाँ रहना अधिक आवश्यक है।” रोज़ी ने कहा, “नहीं, मैं रहूँगी! देखभाल माँ...देखभाल। आप पिताजी के लिए अधिक उपयोगी होंगी यदि आप अपनी देखभाल करेंगी, अपना ध्यान रखेंगी।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि मूसा इस्राएलियों पर अकेले ही न्यायी का कार्य करते हुए अपने आप को बहुत थकाता जा रहा था। उसके ससुर यित्रो ने मूसा को सचेत किया, “और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता” (निर्गमन 18:18)। फिर उसने मूसा को तरीके सुझाए जिससे मूसा अपने कार्य के भारी बोझा को दूसरों में बाँट कर उन्हें भी सौंप दे।

   यद्यपि यह मसीही के लिए असंगत लगा सकता है, अपनी देखभाल करना स्वस्थ जीवन के लिए अनिवार्य है (मत्ती 22:37-39; इफिसियों 5:29-30)। अवश्य ही हमें परमेश्वर से प्रेम करना है, तथा औरों से भी, परन्तु हमें पर्याप्त आराम भी करना चाहिए जिससे हमारी देह और आत्मा नया बल पा सकें। कभी-कभी अपनी देखभाल का अर्थ होता है शालीनता के साथ अपने आप को पीछे कर लेना तथा दूसरों को आगे आकर हमारे बोझ को बाँटने और हमारी सहायता कर लेने देना।

   प्रभु यीशु भी बहुधा अकेले में जाकर प्रार्थना करने में समय बिताते थे (मरकुस 6:30-32)। जब हम उनके उदाहरण का अनुकरण करते हैं, तो हम अपने संबंधों में और अधिक प्रभावी होते है, तथा औरों की और अच्छी देखभाल करने पाते हैं। - सिंडी हैस कैस्पर


स्वयं ही सब कुछ करने का प्रयास मत कीजिए;
अपने देह और आत्मा को तरोताज़ा होने के अवसर दीजिए।

उसने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। - मरकुस 6:31

बाइबल पाठ: निर्गमन 18:13-26
Exodus 18:13 दूसरे दिन मूसा लोगों का न्याय करने को बैठा, और भोर से सांझ तक लोग मूसा के आसपास खड़े रहे।
Exodus 18:14 यह देखकर कि मूसा लोगों के लिये क्या क्या करता है, उसके ससुर ने कहा, यह क्या काम है जो तू लोगों के लिये करता है? क्या कारण है कि तू अकेला बैठा रहता है, और लोग भोर से सांझ तक तेरे आसपास खड़े रहते हैं?
Exodus 18:15 मूसा ने अपने ससुर से कहा, इसका कारण यह है कि लोग मेरे पास परमेश्वर से पूछने आते है।
Exodus 18:16 जब जब उनका कोई मुकद्दमा होता है तब तब वे मेरे पास आते हैं और मैं उनके बीच न्याय करता, और परमेश्वर की विधि और व्यवस्था उन्हें जताता हूं।
Exodus 18:17 मूसा के ससुर ने उस से कहा, जो काम तू करता है वह अच्छा नहीं।
Exodus 18:18 और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता।
Exodus 18:19 इसलिये अब मेरी सुन ले, मैं तुझ को सम्मति देता हूं, और परमेश्वर तेरे संग रहे। तू तो इन लोगों के लिये परमेश्वर के सम्मुख जाया कर, और इनके मुकद्दमों को परमेश्वर के पास तू पहुंचा दिया कर।
Exodus 18:20 इन्हें विधि और व्यवस्था प्रगट कर कर के, जिस मार्ग पर इन्हें चलना, और जो जो काम इन्हें करना हो, वह इन को जता दिया कर।
Exodus 18:21 फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरूषों को छांट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उन को हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, और दस-दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे।
Exodus 18:22 और वे सब समय इन लोगों का न्याय किया करें; और सब बड़े बड़े मुकद्दमों को तो तेरे पास ले आया करें, और छोटे छोटे मुकद्दमों का न्याय आप ही किया करें; तब तेरा बोझ हलका होगा, क्योंकि इस बोझ को वे भी तेरे साथ उठाएंगे।
Exodus 18:23 यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें।
Exodus 18:24 अपने ससुर की यह बात मान कर मूसा ने उसके सब वचनों के अनुसार किया।
Exodus 18:25 सो उसने सब इस्त्राएलियों में से गुणी-गुणी पुरूष चुनकर उन्हें हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, दस-दस, लोगों के ऊपर प्रधान ठहराया।
Exodus 18:26 और वे सब लोगों का न्याय करने लगे; जो मुकद्दमा कठिन होता उसे तो वे मूसा के पास ले आते थे, और सब छोटे मुकद्दमों का न्याय वे आप ही किया करते थे।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 20-22
  • मरकुस 13:21-37



सोमवार, 12 मार्च 2018

उद्देश्य



   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र, दाऊद के जीवन की घटना है; दाऊद अपने साथ 400 योद्धाओं को लेकर नाबाल को ढूँढ कर मार डालने के लिए जा रहा था। नाबाल एक समृद्ध किन्तु विवेकहीन व्यक्ति था, जिसके कर्मचारियों और पशुओं की रक्षा तथा सहायता दाऊद के साथियों ने की थी, परन्तु जब दाऊद ने उससे कुछ सहायता चाही तो नाबाल ने उसका उपहास करते हुए सहायता करने से इनकार कर दिया। दाऊद नाबाल को मार डालता, यदि उसका सामना पहले नाबाल की पत्नि, अबीगैल, से नहीं हुआ होता। नाबाल की करतूत के बारे में सुनकर तुरंत अबीगैल ने विनाश से बचने के लिए एक सेना के लायक पर्याप्त भोजन लिया और दाऊद से मिलने निकल पड़ी। दाऊद से मिलकर अबीगैल ने उसे समझाया, और कहा कि यदि वह बदला लेने की अपनी योजना को कार्यान्वित कर देगा, तो शेष जीवन भर वह इसे लेकर दोषी अनुभव करता रहेगा (1 शमूएल 25:31)। दाऊद को एहसास हुआ कि अबीगैल ठीक कह रही है, और उसने अबीगैल को सही मार्ग दिखाने के लिए आशीष दी।

   दाऊद का क्रोध जायज़ था, उसे भलाई के बदले नाबाल से बुराई मिली थी; परन्तु उसका क्रोध उसे पाप में ले जा रहा था। दाऊद की पहली प्रतिक्रया थी कि वह अपनी तलवार नाबाल के अन्दर उतार दे, यद्यपि वह जानता था कि परमेश्वर बदला लेने और हत्या करने से प्रसन्न नहीं होता है (निर्गमन 20:13; लैव्यवस्था 19:18)।

   जब हमें ठेस पहुँचे तो आवेश में कुछ करने से पहले हमें अपनी ऐच्छित प्रतिक्रया की, मानवीय व्यवहार के लिए परमेश्वर की इच्छा से तुलना कर लेनी चाहिए। हमारी इच्छा लोगों को शब्दों से आहात करने, अपने आप को अलग-थलग कर लेने, या अनेकों तरीकों से बचाव करने की हो सकती है। लेकिन एक अनुग्रहपूर्ण व्यवहार करना का चुनाव करने के द्वारा ही हम बाद के पछतावे से बच सकते हैं और परमेश्वर को प्रसन्न कर सकते हैं, जो और भी अधिक महत्वपूर्ण होता है।

   जब अपने संबंधों में हमारा उद्देश्य परमेश्वर को आदर और महिमा देना होगा, तो वह हमारे शत्रुओं को भी हमारे साथ शान्ति से कर देगा (नीतिवचन 16:7)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


हम जीवन के अन्यायों को सहन कर सकते हैं, 
क्योंकि हम जानते हैं कि परमेश्वर सभी बातों को सही कर देगा।

जब किसी का चाल चलन यहोवा को भावता है, तब वह उसके शत्रुओं का भी उस से मेल कराता है। - नीतिवचन 16:7

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 25:14-33
1 Samuel 25:14 परन्तु एक सेवक ने नाबाल की पत्नी अबीगैल को बताया, कि दाऊद ने जंगल से हमारे स्वामी को आशीर्वाद देने के लिये दूत भेजे थे; और उसने उन्हें ललकार दिया।
1 Samuel 25:15 परन्तु वे मनुष्य हम से बहुत अच्छा बर्ताव रखते थे, और जब तक हम मैदान में रहते हुए उनके पास आया जाया करते थे, तब तक न तो हमारी कुछ हानि हुई, और न हमारा कुछ खोया गया;
1 Samuel 25:16 जब तक हम उन के साथ भेड़-बकरियां चराते रहे, तब तक वे रात दिन हमारी आड़ बने रहे।
1 Samuel 25:17 इसलिये अब सोच विचार कर कि क्या करना चाहिए; क्योंकि उन्होंने हमारे स्वामी की ओर उसके समस्त घराने की हानि ठानी होगी, वह तो ऐसा दुष्ट है कि उस से कोई बोल भी नहीं सकता।
1 Samuel 25:18 अब अबीगैल ने फुर्ती से दो सौ रोटी, और दो कुप्पी दाखमधु, और पांच भेडिय़ों का मांस, और पांच सआ भूना हुआ अनाज, और एक सौ गुच्छे किशमिश, और अंजीरों की दो सौ टिकियां ले कर गदहों पर लदवाई।
1 Samuel 25:19 और उसने अपने जवानों से कहा, तुम मेरे आगे आगे चलो, मैं तुम्हारे पीछे पीछे आती हूं; परन्तु उसने अपने पति नाबाल से कुछ न कहा।
1 Samuel 25:20 वह गदहे पर चली हुई पहाड़ की आड़ में उतरी जाती थी, और दाऊद अपने जनों समेत उसके सामहने उतरा आता था; और वह उन को मिली।
1 Samuel 25:21 दाऊद ने तो सोचा था, कि मैं ने जो जंगल में उसके सब माल की ऐसी रक्षा की कि उसका कुछ भी न खोया, यह नि:सन्देह व्यर्थ हुआ; क्योंकि उसने भलाई के बदले मुझ से बुराई ही की है।
1 Samuel 25:22 यदि बिहान को उजियाला होने तक उस जन के समस्त लोगों में से एक लड़के को भी मैं जीवित छोड़ूं, तो परमेश्वर मेरे सब शत्रुओं से ऐसा ही, वरन इस से भी अधिक करे।
1 Samuel 25:23 दाऊद को देख अबीगैल फुर्ती कर के गदहे पर से उतर पड़ी, और दाऊद के सम्मुख मुंह के बल भूमि पर गिरकर दण्डवत की।
1 Samuel 25:24 फिर वह उसके पांव पर गिरके कहने लगी, हे मेरे प्रभु, यह अपराध मेरे ही सिर पर हो; तेरी दासी तुझ से कुछ कहना चाहती है, और तू अपनी दासी की बातों को सुन ले।
1 Samuel 25:25 मेरा प्रभु उस दुष्ट नाबाल पर चित्त न लगाए; क्योंकि जैसा उसका नाम है वैसा ही वह आप है; उसका नाम तो नाबाल है, और सचमुच उस में मूढ़ता पाई जाती है; परन्तु मुझ तेरी दासी ने अपने प्रभु के जवानों को जिन्हें तू ने भेजा था न देखा था।
1 Samuel 25:26 और अब, हे मेरे प्रभु, यहोवा के जीवन की शपथ और तेरे जीवन की शपथ, कि यहोवा ने जो तुझे खून से और अपने हाथ के द्वारा अपना पलटा लेने से रोक रखा है, इसलिये अब तेरे शत्रु और मेरे प्रभु की हानि के चाहने वाले नाबाल ही के समान ठहरें।
1 Samuel 25:27 और अब यह भेंट जो तेरी दासी अपने प्रभु के पास लाई है, उन जवानों को दी जाए जो मेरे प्रभु के साथ चलते हैं।
1 Samuel 25:28 अपनी दासी का अपराध क्षमा कर; क्योंकि यहोवा निश्चय मेरे प्रभु का घर बसाएगा और स्थिर करेगा, इसलिये कि मेरा प्रभु यहोवा की ओर से लड़ता है; और जन्म भर तुझ में कोई बुराई नहीं पाई जाएगी।
1 Samuel 25:29 और यद्यपि एक मनुष्य तेरा पीछा करने और तेरे प्राण का ग्राहक होने को उठा है, तौभी मेरे प्रभु का प्राण तेरे परमेश्वर यहोवा की जीवनरूपी गठरी में बन्धा रहेगा, और तेरे शत्रुओं के प्राणों को वह मानो गोफन में रखकर फेंक देगा।
1 Samuel 25:30 इसलिये जब यहोवा मेरे प्रभु के लिये यह समस्त भलाई करेगा जो उसने तेरे विषय में कही है, और तुझे इस्राएल पर प्रधान कर के ठहराएगा,
1 Samuel 25:31 तब तुझे इस कारण पछताना न होगा, वा मेरे प्रभु का हृदय पीड़ित न होगा कि तू ने अकारण खून किया, और मेरे प्रभु ने अपना पलटा आप लिया है। फिर जब यहोवा मेरे प्रभु से भलाई करे तब अपनी दासी को स्मरण करना।
1 Samuel 25:32 दाऊद ने अबीगैल से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा धन्य है, जिसने आज के दिन मुझ से भेंट करने के लिये तुझे भेजा है।
1 Samuel 25:33 और तेरा विवेक धन्य है, और तू आप भी धन्य है, कि तू ने मुझे आज के दिन खून करने और अपना पलटा आप लेने से रोक लिया है।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 17-19
  • मरकुस 13:1-20



रविवार, 11 मार्च 2018

डटे रहो



   फ्लोरेंस चैडविक ने सन 1952 में कैलिफोर्निया से कैटिलीना द्वीप तक की 26 मील की दूरी तैर कर पार करने का प्रयास किया। उसके 15 घंटे तैरते रहने के बाद घना कोहरा छाने लगा जिससे उसका देख पाना बाधित होने लगा, और वह दिशा भटकने लगी, जिससे निराश होकर उसने और आगे तैरने के प्रयास को छोड़ दिया। बाद में उसे यह जान कर हैरानी हुई कि जब उसने तैरना छोड़ा था, तब वह अपने लक्ष्य से केवल मील भर की दूरी पर थी!

   दो माह के बाद चैडविक ने फिर से कैलिफोर्निया तट से कैटिलीना द्वीप तक तैरने का प्रयास दोहराया; इस बार फिर से घना कोहरा छाने लगा, परन्तु इस बार चैडविक अपने प्रयास में डटी रही, और कैटिलीना चैनल तैर कर पार करने वाली पहली महिला बन गई। चैडविक ने कहा कि इस बार उसने अपने मन में कैटिलीना तट की तस्वीर बना रखी थी, जिस पर कोहरे की बावजूद वह अपना ध्यान लगाए रही, और उसकी ओर बढ़ती रही।

   जब जीवन की समस्याएँ हमारी दृष्टि को धूमिल कर देती हैं, तब हमारे पास अवसर होता है कि हम अपने विश्वास की आँखों से अपने लक्ष्य को देखते रहें। परमेश्वर के वचन बाइबल में नए नियम में इब्रानियों की पत्री में लिखा है “इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें। और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा” (इब्रानियों 12:1-2)। जब भी परेशानियों और परिस्थितियों से थक कर हार मान लेने का विचार मन में आए तो वही हमारे लिए संकेत है कि हम न केवल वह स्मरण करें जो प्रभु यीशु ने हमारे लिए सहा है, परन्तु उसे भी जिसे सहन करने की सामर्थ्य वह हमें देता रहता है, और डटे रहें – तब तक जब तक कि हम उसे आमने-सामने न देखने पाएँ। - डेनिस फिशर


जब हम मसीह यीशु पर केंद्रित रहेंगे, तब ही हम दृढ़ रहकर सफल होंगे।

हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। - फिलिप्पियों 3:13-14

बाइबल पाठ: इब्रानियों 12:1-11
Hebrews 12:1 इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।
Hebrews 12:2 और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्‍ता न कर के, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।
Hebrews 12:3 इसलिये उस पर ध्यान करो, जिसने अपने विरोध में पापियों का इतना वाद-विवाद सह लिया कि तुम निराश हो कर हियाव न छोड़ दो।
Hebrews 12:4 तुम ने पाप से लड़ते हुए उस से ऐसी मुठभेड़ नहीं की, कि तुम्हारा लोहू बहा हो।
Hebrews 12:5 और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों के समान दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हियाव न छोड़।
Hebrews 12:6 क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको कोड़े भी लगाता है।
Hebrews 12:7 तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता?
Hebrews 12:8 यदि वह ताड़ना जिस के भागी सब होते हैं, तुम्हारी नहीं हुई, तो तुम पुत्र नहीं, पर व्यभिचार की सन्तान ठहरे!
Hebrews 12:9 फिर जब कि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी आधीन न रहें जिस से जीवित रहें।
Hebrews 12:10 वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्रता के भागी हो जाएं।
Hebrews 12:11 और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उसको सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 14-16
  • मरकुस 12:28-44



शनिवार, 10 मार्च 2018

परदेशी



   मैंने अपनी साइकिल खड़ी की, और साहस तथा सांत्वना के लिए केम्ब्रिज के नक़्शे को सहलाया। क्योंकि दिशानिर्देश पता लगाना मेरी कमजोरी था, इसलिए मैं जानती थी कि कैम्ब्रिज की उन ऐतिहासिक इमारतों की भूल-भुलैया में मैं सरलता से खो जाऊँगी।

   मेरे लिए जीवन सुखद होना चाहिए था, क्योंकि मैंने अपने पसन्द के इंग्लैण्ड निवासी से हाल में विवाह किया था और उसके साथ रहने और घर बनाने के लिए इंग्लैण्ड आ गई थी; परन्तु मैं अपने आप को निरुद्देश्य इधर-उधर बहता हुआ अनुभव कर रही थी। जब तक मैं अपना मुँह बन्द रखती थी, मैं अन्य लोगों में रम जाती थी, परन्तु जैसे ही मैं कुछ बोलती, तुरंत मुझे अमेरिकन सैलानी समझ लिया जाता था। मुझे अब तक यह समझ नहीं आया था कि मेरा कार्य क्या है, और मैंने शीघ्र ही यह समझ लिया कि दो अड़ियल जीवनों को एक साझा जीवन बनाना, उतना सरल नहीं था जितना मैंने सोचा था।

   मैंने अपने आप को परमेश्वर के वचन बाइबल के प्रमुख पात्र, अब्राहम के समान पाया, जो परमेश्वर की बुलाहट पर अपना सब कुछ छोड़ कर एक नए देश में परदेशी और अजनबी बनकर रहने के लिए निकल पड़ा था (उत्पत्ति 12:1)। परमेश्वर में अपने विश्वास को बनाए हुए वह सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना करता रहा, और 2000 वर्ष के बाद, इब्रानियों के लेखक ने उसे परमेश्वर में विश्वास का एक नायक बताया (इब्रानियों 11:9)। इब्रानियों के इस अध्याय में उल्लेखित अन्य पुरुषों और महिलाओं के समान, अब्राहम ने अपना जीवन, प्रतिज्ञा की हुई वस्तुओं की बाट जोहते हुए, विश्वास द्वारा व्यतीत किया और अपने स्वर्गीय घर की आशा और प्रतीक्षा करता रहा।

   हो सकता है कि आप जन्म के समय से, या बहुत लंबे समय से एक ही नगर में रहते आए हों, परन्तु यदि आप मसीह यीशु के शिष्य हैं, तो हम इस पृथ्वी पर, यहाँ से होकर निकलने वाले परदेशी और अजनबी हैं। विश्वास के साथ हम आगे की ओर बढ़ते जाते हैं, यह मानते हुए कि परमेश्वर हमारा मार्गदर्शन करेगा, हमें हमारे गंतव्य तक लेकर जाएगा, और हम विश्वास रखते हैं कि वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा न त्यागेगा। विश्वास से हम परदेशी, अपने स्थाई घर पहुँछाए जाने की बाट जोह रहे हैं। - ऐमी बाउचर पाई


परमेश्वर हमें विश्वास से जीने के लिए बुलाता है, 
यह विश्वास करने के लिए भी कि वह सदा अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करेगा।

और मेरा धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा, और यदि वह पीछे हट जाए तो मेरा मन उस से प्रसन्न न होगा। - इब्रानियों 10:38

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:8-16
Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया।
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया।
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है।
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था।
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू के समान, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।।
Hebrews 11:13 ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्होंने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाईं; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्‍दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं।
Hebrews 11:14 जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्‍वदेश की खोज में हैं।
Hebrews 11:15 और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था।
Hebrews 11:16 पर वे एक उत्तम अर्थात स्‍वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उसने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 11-13
  • मरकुस 12:1-27



शुक्रवार, 9 मार्च 2018

अधिकार



   जेनी का घर गाँव की एक छोटी गली में स्थित है, जिसे व्यस्त समय में उन वाहन चालकों के द्वारा प्रयोग किया जाता है जो निकट की मुख्य सड़क और ट्रैफिक लाइट्स से बचना चाहते हैं। कुछ सप्ताह पहले, बुरी तरह से खराब हो चुकी गली की सड़क की सतह को ठीक करने के लिए काम करने वाले आए, और अपने साथ बड़े-बड़े बैरियर तथा “प्रवेश वर्जित” चिन्ह लाए। जेनी ने कहा, “पहले तो मैं बहुत चिन्तित हुई कि जब तक सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो जाता है, मैं अपनी कार बाहर मुख्य सड़क तक नहीं निकालने पाउंगी। फिर मैं उन चिन्हों को और ध्यान से देखने के लिए उनके निकट गई, और मैं ने देखा कि उन पर लिखा था “प्रवेश वर्जित;अनुमति केवल स्थानीय निवासियों के लिए”। अर्थात मेरे लिए कोई रुकावट या इधर-उधर घूम कर मार्ग निकालने की आवश्यकता नहीं थी। क्योंकि मैं उस गली में रहती थी, इसलिए मेरे पास आने-जाने की पूरी स्वतंत्रता थी। मैंने अपने आप को बहुत विशिष्ट अनुभव किया!”

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में, मिलाप वाले तम्बू तथा मंदिर में परमेश्वर तक पहुँचने का मार्ग केवल कुछ ही लोगों के लिए था, शेष के लिए वह कड़ाई से प्रतिबंधित था। परम-पवित्र स्थान में परमेश्वर के सम्मुख भेंट और बलिदान अर्पित करने के लिए केवल महायाजक जा सकता था, और वह भी वर्ष में केवल एक बार (लैव्यवस्था 16:2-20; इब्रानियों 9:25-26)। परन्तु प्रभु यीशु के अपने आप को बलिदान करते, और प्राण छोड़ते ही, मंदिर में परम-पवित्र स्थान को पृथक करने वाला पर्दा ऊपर से नीचे तक दो भागों में फट गया, जो इस बात का सूचक था कि अब मनुष्य और परमेश्वर के बीच का अवरोध सदा के लिए हटा दिया गया (मरकुस 15:38)।

   समस्त मानव-जाति के पापों के लिए मसीह यीशु द्वारा दिए गए इस बलिदान के कारण, अब जितने प्रभु यीशु से प्रेम करते हैं, उसके अनुयायी बनते हैं, उन सब को कभी भी, किसी भी बात के लिए, परमेश्वर की उपस्थिति में आने की अनुमति है। प्रभु यीशु ने हमें परमेश्वर तक पहुँचने का अधिकार उपलब्ध करवा दिया है। - मेरियन स्ट्राउड


मसीह यीशु में होकर परमेश्वर के सिंहासन तक 
हमारे पहुँचने का मार्ग सदा खुला रहता है।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:19-25
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक का दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा की है, वह सच्चा है।
Hebrews 10:24 और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें।
Hebrews 10:25 और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 8-10
  • मरकुस 11:19-33



गुरुवार, 8 मार्च 2018

आपूर्ति


   हमारे बागीचे में फूलों के रस को चूसते रहने वाली छोटी सी चिड़िया, हमिंगबर्ड, के पोषण की आपूर्ति के लिए एक उपकरण रखा हुआ है, और हमें उन छोटी चिड़ियों को आकर उसमें से मीठा पानी पीते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है। हाल ही में हमें थोड़े समय की एक यात्रा पर जाना पड़ा, और हम उस उपकरण में पानी भरना भूल गए। जब हम लौट कर आए तो पाया कि वह उपकरण पूरी तरस से सूख गया था। मैंने सोचा, बेचारी चिडियाँ; मेरे भूल जाने के कारण, उन्हें पोषण नहीं मिलने पाया! फिर मुझे स्मरण हो आया कि उन्हें पोषण देने और उनकी आवश्यकाताओं की आपूर्ति करने वाला तो परमेश्वर है, मैं नहीं।

   कभी-कभी हमें लग सकता है कि हम पर हो रही जीवन की सभी मांगों के कारण हमारी सारी शक्ति जाती रही है, और उसकी पूर्ति करने वाला कोई नहीं है। परन्तु हमारी आत्माओं को पोषित करने वाला तो परमेश्वर है, अन्य कोई मनुष्य नहीं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 36 में हम परमेश्वर की करुणा के विषय में पढ़ते हैं। यह भजन उनके बारे में है जो परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखते हैं, और उससे संतुष्ट रहते हैं। परमेश्वर उन्हें  अपनी “सुख की नदी में से” जल पिलाता है (पद 8)। वह जीवन का सोता है!

   हम अपनी आवश्यकताओं की आपूर्ति के लिए प्रतिदिन परमेश्वर के पास जा सकते हैं। जैसा कि सुप्रसिद्ध मसीही प्रचारक चार्ल्स स्पर्जन ने लिखा, “मेरे विश्वास और मुझ पर हो प्रत्येक अनुग्रह के झरने का स्त्रोत; मेरे समस्त आनन्द और जीवन का स्त्रोत; मेरी सारी गतिविधि और उसमें होने वाली प्रत्येक सही बात का स्त्रोत; मेरी सारी आशा और स्वर्गीय प्रत्याशा का स्त्रोत, हे मेरे प्रभु, तुझ ही में है।”

   हम उसकी स्वर्गीय आपूर्ति से परिपूर्ण रहें; उसका सोता कभी भी सूखेगा नहीं। - कीला ओकोआ


परमेश्वर का प्रेम बहुतायत का है।

आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। - मत्ती 6:26

बाइबल पाठ: भजन 36:5-12
Psalms 36:5 हे यहोवा तेरी करूणा स्वर्ग में है, तेरी सच्चाई आकाश मण्डल तक पहुंची है।
Psalms 36:6 तेरा धर्म ऊंचे पर्वतों के समान है, तेरे नियम अथाह सागर ठहरे हैं; हे यहोवा तू मनुष्य और पशु दोनों की रक्षा करता है।
Psalms 36:7 हे परमेश्वर तेरी करूणा, कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखो के तले शरण लेते हैं।
Psalms 36:8 वे तेरे भवन के चिकने भोजन से तृप्त होंगे, और तू अपनी सुख की नदी में से उन्हें पिलाएगा।
Psalms 36:9 क्योंकि जीवन का सोता तेरे ही पास है; तेरे प्रकाश के द्वारा हम प्रकाश पाएंगे।
Psalms 36:10 अपने जानने वालों पर करूणा करता रह, और अपने धर्म के काम सीधे मन वालों में करता रह!
Psalms 36:11 अहंकारी मुझ पर लात उठाने न पाए, और न दुष्ट अपने हाथ के बल से मुझे भगाने पाए।
Psalms 36:12 वहां अनर्थकारी गिर पड़े हैं; वे ढकेल दिए गए, और फिर उठ न सकेंगे।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 5-7
  • मरकुस 11:1-18


बुधवार, 7 मार्च 2018

आदर



   इस्राएल के नागरिकों को सरकार से कुछ समस्या हो रही थी। यह 500 ईसवीं-पूर्व का समय था, और यहूदी लोग 586 ईसा-पूर्व में बैबिलौन द्वारा ध्वस्त किए गए अपने मंदिर को पुनः बना लेने के लिए आतुर थे। परन्तु उनके इलाके का राज्यपाल इस बात के लिए निश्चित नहीं था कि उन्हें ऐसा करना चाहिए, इसलिए उसने राजा दारा के पास इस संबंध में एक पत्र भेजा (एज्रा 5:6-17)।

   उस पत्र में, राज्यपाल ने लिखा कि उसने यहूदियों को मंदिर पर कार्य करते हुए पाया था, और राजा से जानना चाहा कि क्या उन्हें राजा से ऐसा करने की अनुमति थी कि नहीं? उस पत्र के साथ ही यहूदियों का राजा के लिए सादर प्रत्युत्तर भी संलग्न था, कि उन्हें ऐसा करने की अनुमति एक पूर्व राजा, कुस्रू, ने दी थी। जब राजा दारा ने उनकी इस बात की सत्यता जांचने के लिए खोज करवाई, तो यहूदियों की बात सत्य पाई गई। राजा कुस्रू ने वास्तव में कहा था कि वे मंदिर का पुनःनिर्माण कर सकते हैं। इसलिए दारा राजा ने न केवल उन्हें मंदिर को बनाने की अनुमति दी, परन्तु उसके निर्माण के खर्चे को उठाने का भी निर्णय लिया (एज्रा 6:1-12)। जब यहूदियों ने उस मंदिर को बना कर पूरा कर लिया तो उन्होंने आनन्द के साथ इसका उत्सव मनाया, क्योंकि उन्हें एहसास था कि परमेश्वर ने ही राजा के मन को उनके पक्ष में कर दिया है (6:22)।

   जब हम किसी ऐसी परिस्थिति को देखते हैं, जिसका निवारण होना आवश्यक है, तब हम संबंधित अधिकारियों के सम्मुख अपनी बात को सादर प्रस्तुत कर के, प्रत्येक परिस्थिति पर परमेश्वर के नियंत्रण को स्वीकार कर के, परमेश्वर द्वारा प्रदान कि गए निवारण तथा समाधान के लिए उसका धन्यावाद कर के, परमेश्वर का आदर करते हैं। - डेव ब्रैनन


अधिकारियों के प्रति सम्मान परमेश्वर को आदर देता है।

हर एक व्यक्ति प्रधान अधिकारियों के आधीन रहे; क्योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं, जो परमेश्वर की ओर से न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्वर के ठहराए हुए हैं। इस से जो कोई अधिकार का विरोध करता है, वह परमेश्वर की विधि का साम्हना करता है, और साम्हना करने वाले दण्ड पाएंगे। - रोमियों 13:1-2

बाइबल पाठ: एज्रा 5:6-17
Ezra 5:6 जो चिट्ठी महानद के इस पार के अधिपति तत्तनै और शतर्बोजनै और महानद के इस पार के उनके सहचरी अपार्सकियों ने राजा दारा के पास भेजी उसकी नकल यह है;
Ezra 5:7 उन्होंने उसको एक चिट्ठी लिखी, जिस में यह लिखा था: कि राजा दारा का कुशल क्षेम सब प्रकार से हो।
Ezra 5:8 राजा को विदित हो, कि हम लोग यहूदा नाम प्रान्त में महान परमेश्वर के भवन के पास गए थे, वह बड़े बड़े पत्थरों से बन रहा है, और उसकी भीतों में कडिय़ां जुड़ रही हैं; और यह काम उन लोगों से फुतीं के साथ हो रहा है, और सफल भी होता जाता है।
Ezra 5:9 इसलिये हम ने उन पुरनियों से यों पूछा, कि यह भवन बनवाने, और यह शहरपनाह खड़ी करने की आाज्ञा किस ने तुम्हें दी?
Ezra 5:10 और हम ने उनके नाम भी पूछे, कि हम उनके मुख्य पुरुषों के नाम लिख कर तुझ को जता सकें।
Ezra 5:11 और उन्होंने हमें यों उत्तर दिया, कि हम तो आकाश और पृथ्वी के परमेश्वर के दास हैं, और जिस भवन को बहुत वर्ष हुए इस्राएलियों के एक बड़े राजा ने बना कर तैयार किया था, उसी को हम बना रहे हैं।
Ezra 5:12 जब हमारे पुरखाओं ने स्वर्ग के परमेश्वर को रिस दिलाई थी, तब उसने उन्हें बाबेल के कसदी राजा नबूकदनेस्सर के हाथ में कर दिया था, और उसने इस भवन को नाश किया और लोगों को बन्धुआ कर के बाबेल को ले गया।
Ezra 5:13 परन्तु बाबेल के राजा कुस्रू के पहिले वर्ष में उसी कुस्रू राजा ने परमेश्वर के इस भवन के बनाने की आज्ञा दी
Ezra 5:14 और परमेश्वर के भवन के जो सोने और चान्दी के पात्र नबूकदनेस्सर यरूशलेम के मन्दिर में से निकलवा कर बाबेल के मन्दिर में ले गया था, उन को राजा कुस्रू ने बाबेल के मन्दिर में से निकलवा कर शेशबस्सर नामक एक पुरुष को जिसे उसने अधिपति ठहरा दिया था, सौंप दिया।
Ezra 5:15 और उसने उस से कहा, ये पात्र ले जा कर यरूशलेम के मन्दिर में रख, और परमेश्वर का वह भवन अपने स्थान पर बनाया जाए।
Ezra 5:16 तब उसी शेशबस्सर ने आकर परमेश्वर के भवन की जो यरूशलेम में है नेव डाली; और तब से अब तक यह बन रहा है, परन्तु अब तक नहीं बन पाया।
Ezra 5:17 अब यदि राजा को अच्छा लगे तो बाबेल के राजभणडार में इस बात की खोज की जाए, कि राजा कुस्रू ने सचमुच परमेश्वर के भवन के जो यरूशलेम में है बनवाने की आज्ञा दी थी, था नहीं। तब राजा इस विषय में अपनी इच्छा हम को बताए।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 3-4
  • मरकुस 10:32-52