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रविवार, 23 दिसंबर 2018

क्या?



      एक वर्ष, जिन्हें क्रिसमस के लिए चर्च की सजावट करनी थी, उन्होंने निर्णय लिया कि सजाने के लिए वे पारंपरिक सुनहरे और चमकीले सजावटी सामान के स्थान पर “क्रिसमस सूची” का उपयोग करेंगे। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति को एक लाल या हरे रंग का टोकन दिया, और कहा कि उसके एक ओर वे वह लिखें जो वे प्रभु यीशु से प्राप्त करना चाहेंगे, और दूसरी ओर वह लिखें जो वे प्रभु यीशु को, जिसका जन्मदिन वे मना रहे थे, देना चाहेंगे।

      यदि आपको ऐसा करना होता तो आप क्या उपहार माँगते, और क्या देने का प्रस्ताव रखते? परमेश्वर का वचन बाइबल हमें इनके विषय बहुत से सुझाव देती है। परमेश्वर की प्रतिज्ञा है कि वह हमारी प्रत्येक आवश्यकता को पूरा करेगा; इसलिए हम उससे कोई नया काम, या आर्थिक परिस्थतियों के लिए कुछ सहायता, या अपने या किसी और के लिए शारीरिक चंगाई, या किसी के साथ टूटे हुए संबंध का बहाल होना, इत्यादि माँग सकते हैं। हम अपने आत्मिक वरदानों के विषय भी सोच सकते हैं कि परमेश्वर की सेवकाई करने के लिए उसने हमें कौन सा वरदान दिया है? उन वरदानों में से अधिकांश हमें रोमियों 12, और 1 कुरिन्थियों 12 में लिखे मिलते हैं। या हम यह भी इच्छा रख सकते हैं कि हम में आत्मा के फल (गलातियों 5:22-23), प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, कृपा, भलाई, विश्वासयोग्यता, कोमलता, और संयम और भी अधिक दिखाई दें।

      जो सबसे महत्वपूर्ण उपहार हम प्राप्त कर सकते हैं वह है परमेश्वर का पुत्र, हमारा उद्धारकर्ता, प्रभु यीशु, और उसके साथ पापों से क्षमा, नया जीवन, और अनन्त आत्मिक जीवन – जो अभी यहाँ आरंभ होगा और मृत्योप्रांत भी अनन्तकाल तक चलता रहेगा, की प्रतिज्ञा। और जो सबसे महत्वपूर्ण उपहार हम प्रभु यीशु को दे सकते हैं वह है हमारा हृदय, हमारा जीवन – उसे समर्पित, उसके आज्ञाकारी, और उसके गवाह बनकर रहने के लिए। - मेरियन स्ट्राउड


यदि मैं बुद्धिमान व्यक्ति होती, तो मैं उसके लिए अपने कार्य करती; 
परन्तु मैं उसे क्या दे सकती – अपना हृदय दे देती। - क्रिस्टीना जी. रोज़ेटी

क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता। - भजन 51:16-17

बाइबल पाठ: भजन 103:1-18
Psalms 103:1 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!
Psalms 103:2 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
Psalms 103:3 वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है,
Psalms 103:4 वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है,
Psalms 103:5 वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब के समान नई हो जाती है।
Psalms 103:6 यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है।
Psalms 103:7 उसने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए।
Psalms 103:8 यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
Psalms 103:9 वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
Psalms 103:10 उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है।
Psalms 103:11 जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
Psalms 103:12 उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।
Psalms 103:13 जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
Psalms 103:14 क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।
Psalms 103:15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल के समान फूलता है,
Psalms 103:16 जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
Psalms 103:17 परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती-पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,
Psalms 103:18 अर्थात उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण कर के उन पर चलते हैं।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 14



शनिवार, 22 दिसंबर 2018

उपहार



      उत्तरी इंग्लैण्ड में आयोजित की गई एक शीत-कालीन सभा में, एक व्यक्ति ने प्रश्न पूछा, “आपका सबसे पसंदीदा क्रिसमस उपहार क्या था?” खिलाड़ी दिखने वाला एक हट्टा-कट्टा व्यक्ति, इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए आतुर दिखाई दिया। उसने अपने साथ बैठे अपने मित्र की ओर देखते हुए कहा, “यह तो सरल है; कुछ वर्ष पहले मैंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की और मैं सोच रहा था कि निश्चय ही मैं व्यावासायिक फुटबॉल का खिलाड़ी बन जाऊँगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मैं बहुत क्रोधित हो गया। कुंठा मुझे अन्दर से खाने लगी, और जो कोई भी मेरी सहायता करने के प्रयास करता, उसे मेरी इस कड़ुवाहट का सामना करना पड़ता।”

      उसने अपने मित्र की ओर संकेत करते हुए आगे कहा, “इससे अगले वर्ष और अगले क्रिसमस के समय, बिना फुटबॉल के दूसरे वर्ष में, मैं इस व्यक्ति के चर्च में क्रिसमस के नाटक को देखने के लिए गया। इसलिए नहीं क्योंकि मैं यीशु को चाहता था, परन्तु इसलिए क्योंकि वहाँ मेरी भांजी उस नाटक में भाग ले रही थी, और मैं उसे देखना चाहता था। इसके बाद जो हुआ उसका वर्णन करना तो कठिन है, क्योंकि वह मूर्खतापूर्ण लगता है, परन्तु वहाँ पर उस समय, उन बच्चों के नाटक के दौरान, मुझे लगा कि मुझे भी वहाँ उन चरवाहों और स्वर्गदूतों के साथ यीशु से मिलने वालों में होना चाहिए। जब उन लोगों ने क्रिसमस का भजन ‘सायलेंट नाईट’ गाना समाप्त किया, तब मैं वहाँ बैठ कर रो रहा था।”

      “मुझे मेरा सबसे अच्छा क्रिसमस उपहार वहाँ, उस रात्रि को तब मिला,” एक बार फिर अपने मित्र की ओर संकेत करते हुए वह बोला, “जब इसने अपने परिवार को तो घर भेज दिया परन्तु स्वयँ मेरे साथ वहीं रुक गया और मुझे बताया कि मैं यीशु से कैसे मिल सकता हूँ।” और तभी उसका वह मित्र भी उसकी ओर संकेत करते हुए बोल उठा, “और मित्रों, मुझे मिलने वाला भी वही सबसे अच्छा क्रिसमस का उपहार था।”

      इस क्रिसमस, आनन्द के साथ, प्रभु यीशु के जन्म की कहानी को हम औरों को सुनाने वाले बन सकें। - रैंडी किल्गोर


सर्वोत्तम क्रिसमस उपहार प्रभु यीशु द्वारा प्रदान किया जाने वाला, 
शान्ति, पाप क्षमा, और उद्धार के सुसमाचार का उपहार  है।

तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। - लूका 2:10-11

बाइबल पाठ: 1 पतरस 3:8-16
1 Peter 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
1 Peter 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
1 Peter 3:10 क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्‍छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
1 Peter 3:11 वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्‍न में रहे।
1 Peter 3:12 क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।
1 Peter 3:13 और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?
1 Peter 3:14 और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
1 Peter 3:15 पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
1 Peter 3:16 और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में तुम्हारी बदनामी होती है उनके विषय में वे, जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों।
                                                                                                                                                        

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 6-7
  • प्रकाशितवाक्य 13



शुक्रवार, 21 दिसंबर 2018

अवसर



      न्यू यॉर्क के एक चर्च के बाहर लगी क्रिसमस की झाँकी की चरनी में किसी ने एक कुछ ही घंटे के नवजात शिशु को रख दिया। एक जवान, परेशान माँ ने उसे अच्छे से लपेट कर जिससे वह गर्म रहे उसे ऐसे स्थान पर छोड़ दिया जहाँ वह दिखाई दे सके और उठा लिया जाए। यदि हम उस माँ पर कोई दोषारोपण करना चाहते हैं तो ऐसा करने के स्थान पर हमें धन्यवादी होना चाहिए कि उस शिशु के पास अब जीवन में अवसर होगा, वह बढ़ सकेगा।

      यह मेरे लिए व्यक्तिगत है, क्योंकि मैं भी एक गोद लिया गया बच्चा हूँ। मुझे अपने जन्म से संबंधित किसी भी बात की कोई भी जानकारी नहीं है; परन्तु मैंने कभी जीवन में अपने आप को त्यागा हुआ या असहाय महसूस नहीं किया है। मैं इतना जानता हूँ: मेरी दो माँ हैं, जो मुझे जीवन में अवसर प्रदान करना चाहती थीं। एक ने मुझे जीवन दिया, और दूसरी ने अपना जीवन मुझ में निवेश किया।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम निर्गमन की पुस्तक में एक प्रेम करने वाली किन्तु परिस्थतियों से परेशान माँ के विषय पढ़ते हैं। मिस्र के राजा, फिरौन ने यहूदियों के घर जन्म लेने वाले सभी लड़कों को मार डालने की आज्ञा निकाली था (निर्गमन 1:22), इसलिए मूसा की माँ ने उसे तब तक छिपाए रखा जब तक संभव हुआ। जब मूसा तीन माह का हो गया, तो उसने मूसा को एक सुरक्षित टोकरी में रखकर उसे नील नदी में छोड़ दिया। यदि उसकी योजना थी कि वह शिशु एक राजकुमारी के द्वारा बचाया जाए, फिरौन के राजमहल में उसका पालन-पोषण हो, और अन्ततः वह अपने लोगों को उनके दासत्व से छुड़ाए, तो यह योजना भली-भांति पूरी हुई।

      जब एक परेशान माँ अपने बच्चे को अवसर प्रदान करती है, परमेश्वर वहाँ से उसे संभाल सकता है, आगे बढ़ा सकता है। यह परमेश्वर की प्रवृत्ति है – और वह ऐसा कल्पना से बढ़कर रचनात्मक विधियों से कर सकता है। - टिम गुस्ताफ्सन


मसीह यीशु के प्रेम को बाँटने वाले बनें।

मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा। - भजन 27:10

बाइबल पाठ: निर्गमन 1:22-2:10
Exodus 1:22 तब फिरौन ने अपनी सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, कि इब्रियों के जितने बेटे उत्पन्न हों उन सभों को तुम नील नदी में डाल देना, और सब बेटियों को जीवित रख छोड़ना।
Exodus 2:1 लेवी के घराने के एक पुरूष ने एक लेवी वंश की स्त्री को ब्याह लिया।
Exodus 2:2 और वह स्त्री गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और यह देखकर कि यह बालक सुन्दर है, उसे तीन महीने तक छिपा रखा।
Exodus 2:3 और जब वह उसे और छिपा न सकी तब उसके लिये सरकंड़ों की एक टोकरी ले कर, उस पर चिकनी मिट्टी और राल लगाकर, उस में बालक को रखकर नील नदी के तीर पर कांसों के बीच छोड़ आई।
Exodus 2:4 उस बालक कि बहिन दूर खड़ी रही, कि देखे इसका क्या हाल होगा।
Exodus 2:5 तब फिरौन की बेटी नहाने के लिये नदी के तीर आई; उसकी सखियां नदी के तीर तीर टहलने लगीं; तब उसने कांसों के बीच टोकरी को देखकर अपनी दासी को उसे ले आने के लिये भेजा।
Exodus 2:6 तब उसने उसे खोल कर देखा, कि एक रोता हुआ बालक है; तब उसे तरस आया और उसने कहा, यह तो किसी इब्री का बालक होगा।
Exodus 2:7 तब बालक की बहिन ने फिरौन की बेटी से कहा, क्या मैं जा कर इब्री स्त्रियों में से किसी धाई को तेरे पास बुला ले आऊं जो तेरे लिये बालक को दूध पिलाया करे?
Exodus 2:8 फिरौन की बेटी ने कहा, जा। तब लड़की जा कर बालक की माता को बुला ले आई।
Exodus 2:9 फिरौन की बेटी ने उस से कहा, तू इस बालक को ले जा कर मेरे लिये दूध पिलाया कर, और मैं तुझे मजदूरी दूंगी। तब वह स्त्री बालक को ले जा कर दूध पिलाने लगी।
Exodus 2:10 जब बालक कुछ बड़ा हुआ तब वह उसे फिरौन की बेटी के पास ले गई, और वह उसका बेटा ठहरा; और उसने यह कहकर उसका नाम मूसा रखा, कि मैं ने इस को जल से निकाल लिया।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • मीका 4-5
  • प्रकाशितवाक्य 12



गुरुवार, 20 दिसंबर 2018

आनन्द



      जब जैनेट अंग्रजी की शिक्षिका बनकर विदेश के एक स्कूल में गई तो उसने पाया कि वहाँ का वातावरण निराशाजनक और उदासीन था। लोग अपने कार्य तो करते थे परन्तु कोई प्रसन्न नहीं लगता था। वे न तो एक दूसरे को प्रोत्साहित करते थे और न ही एक दूसरे की सहायता करते थे। परन्तु जैनेट, परमेश्वर के प्रति उसके प्रावधानों के लिए अपनी कृतज्ञता को अपने प्रत्येक कार्य द्वारा व्यक्त करती थी। वह मुस्कुराती थी; वह मित्रवत रहती थी; वह आगे बढ़कर लोगों की सहायता करती थी; और वह भजन गाती या गुनगुनाती रहती थी।

      जैनेट अपने आनन्द को लोगों के साथ बांटती रही और धीरे-धीरे करके स्कूल का वातावरण बदलने लगा। एक-एक करके लोग मुस्कुराने लगे और एक दूसरे की सहायता करने लगे। जब एक प्रशासनिक अधिकारी ने अपने दौरे के समय स्कूल के प्रधानाचार्य से पूछा कि उसका स्कूल औरों से इतना भिन्न क्यों है, तो उस प्रधानाचार्य ने, जो प्रभु यीशु में विश्वासी नहीं था, उत्तर दिया, “यीशु आनन्द लाता है।” जैनेट प्रभु यीशु के आनन्द से भरपूर थी और वह आनन्द उसके चारों ओर के लोगों पर छलक रहा था, प्रभु के द्वारा बदले हुए जैनेट के जीवने से प्रभु की गवाही दे रहा था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका रचित सुसमाचार हमें बताता है कि परमेश्वर ने स्वर्गदूतों को साधारण चरवाहों के पास असाधारण समाचार को लेकर भेजा। स्वर्गदूत ने चकित कर देने वाली घोषणा की, कि वह नवजात शिशु “सबके लिए आनन्द लेकर आएगा” (लूका 2:10), और उसने ऐसा ही किया भी।

      तब से लेकर अब तक, सदियों से यह समाचार, प्रभु यीशु के अनुयायियों के द्वारा सारे सँसार के सभी लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रभु के लोगों में वास करने वाले परमेश्वर पवित्र आत्मा की अगुवाई में हम प्रभु यीशु के अनुयायी, प्रभु में मिलने वाले पापों की क्षमा और उद्धार के आनन्द के समाचार को दूसरों तक पहुंचाते हैं, और प्रभु के उदाहरण का अनुसरण करते हुए औरों की सेवा तथा सहायता करते हैं। - जूली एकरमैन लिंक


क्रिसमस के आनन्द को अपने साथ प्रतिदिन लेकर चलें।

तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। - लूका 2:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:16-24
John 16:16 थोड़ी देर तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे।
John 16:17 तब उसके कितने चेलों ने आपस में कहा, यह क्या है, जो वह हम से कहता है, कि थोड़ी देर में तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे? और यह इसलिये कि मैं पिता के पास जाता हूं?
John 16:18 तब उन्होंने कहा, यह थोड़ी देर जो वह कहता है, क्या बात है? हम नहीं जानते, कि क्या कहता है।
John 16:19 यीशु ने यह जानकर, कि वे मुझ से पूछना चाहते हैं, उन से कहा, क्या तुम आपस में मेरी इस बाते के विषय में पूछ पाछ करते हो, कि थोड़ी देर में तुम मुझे न देखोगे, और फिर थोड़ी देर में मुझे देखोगे।
John 16:20 मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा: तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा।
John 16:21 जब स्त्री जनने लगती है तो उसको शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती।
John 16:22 और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
John 16:23 उस दिन तुम मुझ से कुछ न पूछोगे: मैं तुम से सच सच कहता हूं, यदि पिता से कुछ मांगोगे, तो वह मेरे नाम से तुम्हें देगा।
John 16:24 अब तक तुम ने मेरे नाम से कुछ नहीं मांगा; मांगो तो पाओगे ताकि तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • मीका 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 11



बुधवार, 19 दिसंबर 2018

प्रेम



      जब 1950 में कोरिया में युद्ध छिड़ गया, तो पन्द्रह वर्षीय किम चिन-क्युंग ने दक्षिणी कोरिया की सेना में भर्ती ली कि अपने गृहभूमि की रक्षा करे। परन्तु उसने शीघ्र ही जान लिया कि वह युद्ध के विभीषिका के लिए तैयार नहीं था। अपने चारों ओर अपने युवा साथियों को मरते हुए देखकर उसने परमेश्वर से अपने प्राणों को बचाने की विनती की और प्रतिज्ञा की, कि यदि उसे जीने दिया जाता है, तो वह अपने शत्रुओं से भी प्रेम करना सीखेगा।

      पैंसठ वर्ष पश्चात, डॉ० किम ने उस उत्तर पाई हुई प्रार्थना के विषय विचार किया। दशकों से अनाथों की देखभाल करने तथा उत्तरी कोरिया एवँ चीन के युवाओं की शिक्षा में सहायक होने ने उन्हें उन लोगों में अनेकों मित्र दिए हैं, जिन्हें वे कभी अपने शत्रु समझते थे। आज वे किसी भी राजनितिक उपनाम से बच कर रहते हैं, और अपने आप को केवल प्रेम करने वाला कहा जाना पसन्द करते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में योना भविष्यद्वक्ता ने एक भिन्न प्रकार की स्मृति छोड़ी है। एक विशाल मछली के पेट से नाटकीय रीति से बचाए जाने ने भी उसके हृदय को नहीं बदला। यद्यपि उसने अन्ततः परमेश्वर की आज्ञा को मान लिया परन्तु फिर भी उसका कहना था कि वह प्रभु द्वारा उसके शत्रुओं को दया दिखाते हुए देखने के स्थान पर मरना अधिक पसन्द करेगा (योना 4:1-2, 8)।

      हम केवल अनुमान ही लगा सकते हैं कि क्या कभी योना ने निनवे के लोगों के प्रति प्रेम करना सीखा भी कि नहीं। परन्तु हमें अपने विषय भी विचार करना चाहिए – जिनसे हम भय रखते हैं या घृणा करते हैं, उनके प्रति कहीं हमारा भी योना के समान रवैया तो नहीं है? क्या हम डॉ० किम के समान परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हम अपने शत्रुओं के प्रति वैसे ही प्रेम दिखा सकें जैसा प्रेम प्रभु परमेश्वर ने हमारे प्रति दिखाया है? – मार्ट डीहॉन


प्रेम सब पर विजयी होता है।

यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों के साथ प्रेम रखो, तो तुम्हारी क्या बड़ाई? क्योंकि पापी भी अपने प्रेम रखने वालों के साथ प्रेम रखते हैं। - लूका 6:32

बाइबल पाठ: योना 3:10-4:11
Jonah 3:10 जब परमेश्वर ने उनके कामों को देखा, कि वे कुमार्ग से फिर रहे हैं, तब परमेश्वर ने अपनी इच्छा बदल दी, और उनकी जो हानि करने की ठानी थी, उसको न किया।
Jonah 4:1 यह बात योना को बहुत ही बुरी लगी, और उसका क्रोध भड़का।
Jonah 4:2 और उसने यहोवा से यह कह कर प्रार्थना की, हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, विलम्ब से कोप करने वाला करूणानिधान है, और दु:ख देने से प्रसन्न नहीं होता।
Jonah 4:3 सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है।
Jonah 4:4 यहोवा ने कहा, तेरा जो क्रोध भड़का है, क्या वह उचित है?
Jonah 4:5 इस पर योना उस नगर से निकल कर, उसकी पूरब ओर बैठ गया; और वहां एक छप्पर बना कर उसकी छाया में बैठा हुआ यह देखने लगा कि नगर को क्या होगा?
Jonah 4:6 तब यहोवा परमेश्वर ने एक रेंड़ का पेड़ लगा कर ऐसा बढ़ाया कि योना के सिर पर छाया हो, जिस से उसका दु:ख दूर हो। योना उस रेंड़ के पेड़ के कारण बहुत ही आनन्दित हुआ।
Jonah 4:7 बिहान को जब पौ फटने लगी, तब परमेश्वर ने एक कीड़े को भेजा, जिसने रेंड़ का पेड़ ऐसा काटा कि वह सूख गया।
Jonah 4:8 जब सूर्य उगा, तब परमेश्वर ने पुरवाई बहा कर लू चलाई, और घाम योना के सिर पर ऐसा लगा कि वह मूर्च्छा खाने लगा; और उसने यह कह कर मृत्यु मांगी, मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है।
Jonah 4:9 परमेश्वर ने योना से कहा, तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है? उसने कहा, हां, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता।
Jonah 4:10 तब यहोवा ने कहा, जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तू ने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नाश भी हुआ; उस पर तू ने तरस खाया है।
Jonah 4:11 फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिस में एक लाख बीस हजार से अधिक मनुष्य हैं, जो अपने दाहिने बाएं हाथों का भेद नहीं पहिचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उस में रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊं?
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • योना 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 10



मंगलवार, 18 दिसंबर 2018

कौन?



      अखबार Saturday Evening Post को सन 1929 में दिए गए एक साक्षात्कार में प्रसिद्ध वैज्ञानिक एल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा, “बचपन में मुझे बाइबल और तालमूद (यहूदी धर्म साहित्य) दोनों ही की शिक्षा दी गई। मैं यहूदी हूँ, परन्तु मैं नासरी (यीशु) के ज्योतिर्मय व्यक्तित्व से मंत्रमुग्ध हूँ...कोई भी सुसमाचारों को पढ़ते हुए यीशु की उपस्थिति का एहसास किए बिना नहीं रहा सकता है। उसका व्यक्तित्व प्रत्येक शब्द में धड़कता है। कोई भी मिथक ऐसे जीवन से भरा नहीं हो सकता है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में हमें प्रभु यीशु के साथी निवासियों के अन्य उदाहरण मिलते हैं जिन्हें इसका आभास हुआ कि प्रभु यीशु में कुछ विशेष है। जब प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से पूछा, “लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?” तो उन्होंने उत्तर दिया कि कुछ यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला, कुछ एल्लियाह, और अन्य उसे यिर्मयाह या कोई अन्य भविष्यद्वक्ता समझते हैं (मत्ती 16:13-14)। इस्राएल के महान भविष्यद्वक्ताओं में से एक कहलाया जाना निश्चय ही बड़े सम्मान की बात थी, परन्तु प्रभु यीशु किसी सम्मान की खोज में नहीं थे। वे उनकी समझ और विश्वास को परख रहे थे। इसलिए उन्होंने एक दूसरा प्रश्न पूछा: “परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?” (पद 15)?

      पतरस के उत्तर ने प्रभु यीशु के व्यक्तित्व के सत्य को उजागर किया: “तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है” (पद 16)।

      प्रभु यीशु मसीह की लालसा है कि हम और सँसार के सभी लोग उसे तथा उसके उद्धार देने वाले प्रेम को जानें; और जो जान गए हैं वे औरों को उसके बारे में बताएँ। क्योंकि इस प्रश्न का उत्तर और उसके अनुसार किया गया विश्वास प्रत्येक मनुष्य के अनन्तकाल को निर्धारित करता है। इसीलिए हम में से प्रत्येक के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम जान लें कि यीशु कौन है, और उसके अनुसार अपने जीवन का निर्णय लें। - बिल क्राउडर


अनन्तता के लिए प्रभु यीशु मसीह की पहचान ही केन्द्र-बिंदु है।

और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं। ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं। - फिलिप्पियों 3:10-11

बाइबल पाठ: मत्ती 16:13-20
Matthew 16:13 यीशु कैसरिया फिलिप्पी के देश में आकर अपने चेलों से पूछने लगा, कि लोग मनुष्य के पुत्र को क्या कहते हैं?
Matthew 16:14 उन्होंने कहा, कितने तो यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला कहते हैं और कितने एलिय्याह, और कितने यिर्मयाह या भविष्यद्वक्ताओं में से कोई एक कहते हैं।
Matthew 16:15 उसने उन से कहा; परन्तु तुम मुझे क्या कहते हो?
Matthew 16:16 शमौन पतरस ने उत्तर दिया, कि तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है।
Matthew 16:17 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि हे शमौन योना के पुत्र, तू धन्य है; क्योंकि मांस और लोहू ने नहीं, परन्तु मेरे पिता ने जो स्वर्ग में है, यह बात तुझ पर प्रगट की है।
Matthew 16:18 और मैं भी तुझ से कहता हूं, कि तू पतरस है; और मैं इस पत्थर पर अपनी कलीसिया बनाऊंगा: और अधोलोक के फाटक उस पर प्रबल न होंगे।
Matthew 16:19 मैं तुझे स्वर्ग के राज्य की कुंजियां दूंगा: और जो कुछ तू पृथ्वी पर बान्‍धेगा, वह स्वर्ग में बन्‍धेगा; और जो कुछ तू पृथ्वी पर खोलेगा, वह स्वर्ग में खुलेगा।
Matthew 16:20 तब उसने चेलों को चिताया, कि किसी से न कहना! कि मैं मसीह हूं।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • ओबद्याह
  • प्रकाशितवाक्य 9



सोमवार, 17 दिसंबर 2018

ढांपने वाला



      जब हम प्रभु यीशु मसीह में विश्वास की बात करते हैं तो कभी-कभी शब्दों का प्रयोग बिना उन्हें समझे या समझाए कर लेते हैं। ऐसा ही एक शब्द है “धर्मी”। हम कहते हैं परमेश्वर में “धार्मिकता” है और वह लोगों को धर्मी बनाता है, परंतु इस विचार को समझना और स्वीकार करना कठिन हो सकता है।

      चीनी भाषा में जिस प्रकार से “धार्मिकता” को दिखाया जाता है वह इसके तात्पर्य को समझाने में सहायक है। चीनी भाषा में, जो ऊपर से नीचे की ओर लिखी और पढ़ी जाती है, यह शब्द दो शब्दों के मेल से बना है। ऊपर वाला शब्द ‘मेमना’ है, और नीचे वाला शब्द ‘मैं’ है – मेमना व्यक्ति की ऊपर है, उसे ढाँपे हुए है।

      जब प्रभु यीशु इस सँसार में आए तो यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले ने उनके विषय कहा, “परमेश्वर का मेमना, जो जगत के पाप उठा ले जाता है!” (यूहन्ना 1:29)। हमें हमारे पापों के निवारण की आवश्यकता है क्योंकि पाप हमें परमेश्वर से, जो सर्वसिद्ध और सदा सही है, पृथक करते हैं। हमारे प्रति परमेश्वर के महान प्रेम के अन्तर्गत, परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु को “जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं” (2 कुरिन्थियों 5:21)। परमेश्वर के मेमने, प्रभु यीशु ने हमारे पापों के लिए अपने आप को बलिदान कर दिया, उसके बहाए गए लहू से हम ढाँप दिए गए, हमारे पाप धो दिए गए। इस प्रकार मिली पापों की क्षमा और मुक्ति से हम धर्मी ठहरे, जिससे हमें परमेश्वर के साथ एक सही संबंध में होने का आदर मिलता है।

      परमेश्वर के साथ सही संबंध में होना, धर्मी होना, हमारे किन्ही कर्मों के द्वारा नहीं वरन प्रभु के अनुग्रह द्वारा हमें प्रदान किया गया उपहार है। मेमना यीशु, हमें ढाँपने के लिए, हमारे पापों के निवारण के लिए परमेश्वर का उपाय है। - ऐनी सेटास


पाप के लिए एकमात्र स्थाई आवरण प्रभु यीशु का लहू है।

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? – रोमियों 5:8-10

बाइबल पाठ: रोमियों 3:19-27
Romans 3:19 हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
Romans 3:20 क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
Romans 3:21 पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की वह धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं।
Romans 3:22 अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं।
Romans 3:23 इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं।
Romans 3:24 परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
Romans 3:25 उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे।
Romans 3:26 वरन इसी समय उस की धामिर्कता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो।
Romans 3:27 तो घमण्ड करना कहां रहा उस की तो जगह ही नहीं: कौन सी व्यवस्था के कारण से? क्या कर्मों की व्यवस्था से? नहीं, वरन विश्वास की व्यवस्था के कारण।
                                                                                                                                                        

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 7-9
  • प्रकाशितवाक्य 8