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गुरुवार, 16 मई 2019

मित्र



      कवी सैमुएल फौस ने, अपनी कविता “The House by the Side of the Road” में लिखा, “मुझे मार्ग के किनारे रहकर मनुष्य का मित्र बनने दें।” मैं भी वही होना चाहता हूँ – लोगों का मित्र। मैं मार्ग के किनारे थके हुए यात्रियों की प्रतीक्षा करना चाहता हूँ। मैं उनकी देखभाल करना चाहता हूँ जो औरों के द्वारा परेशान और दुखी किए गए हैं, जो घायल और निराश मन का बोझ उठाए फिर रहे हैं। मैं उन्हें प्रोत्साहन के शब्द के द्वारा पोषण देना और तरोताज़ा करना चाहता हूँ। संभव है कि मैं उन्हें या उनकी समस्याओं को ठीक न भी कर सकूँ, परन्तु मैं उन्हें एक आशीष के साथ छोड़ना चाहता हूँ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में मालिकिसिदक ने, जो शालेम का राजा और याजक था, अब्राम को आशीषित किया, जब वह युद्ध से थका हुआ लौट रहा था (उत्पत्ति 14)। “आशीष देना” किसी के छींकने पर एक शालीनता का प्रत्युत्तर देने से कहीं बढ़कर है। जब हम लोगों को सभी आशीषों के स्त्रोत के पास लेकर आते हैं, तो हम उन्हें आशीषित करते हैं। मालिकिसिदक ने अब्राम को आशीष दी, यह कहकर कि, “परमप्रधान इश्वर की ओर से जो आकाश और पृथ्वी का अधिकारी है, तू धन्य हो” (पद 19)।

      औरों के साथ प्रार्थनाएं कर के हम उन्हें आशीषित कर सकते हैं; हम उन्हें अपने साथ अनुग्रह के सिंहासन के पास लेकर जा सकते हैं जिससे वे आवश्यकता के समय में सहायता पा सकें (इब्रानियों 4:16)। चाहे हम उनकी परिस्थितियों को बदल न सकें, परन्तु हम उन्हें परमेश्वर से मिलवा सकते हैं, जो उनकी हर समस्या का समाधान कर सकता है। सच्चा मित्र यही करता है। - डेविड रोपर


प्रेम करने का एक बड़ा भाग होता है सुनना।

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। - इब्रानियों 4:16

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 14:17-24
Genesis 14:17 जब वह कदोर्लाओमेर और उसके साथी राजाओं को जीत कर लौटा आता था तब सदोम का राजा शावे नाम तराई में, जो राजा की भी कहलाती है, उस से भेंट करने के लिये आया।
Genesis 14:18 जब शालेम का राजा मेलिकिसेदेक, जो परमप्रधान ईश्वर का याजक था, रोटी और दाखमधु ले आया।
Genesis 14:19 और उसने अब्राम को यह आशीर्वाद दिया, कि परमप्रधान ईश्वर की ओर से, जो आकाश और पृथ्वी का अधिकारी है, तू धन्य हो।
Genesis 14:20 और धन्य है परमप्रधान ईश्वर, जिसने तेरे द्रोहियों को तेरे वश में कर दिया है। तब अब्राम ने उसको सब का दशमांश दिया।
Genesis 14:21 जब सदोम के राजा ने अब्राम से कहा, प्राणियों को तो मुझे दे, और धन को अपने पास रख।
Genesis 14:22 अब्राम ने सदोम के राजा से कहा, परमप्रधान ईश्वर यहोवा, जो आकाश और पृथ्वी का अधिकारी है,
Genesis 14:23 उसकी मैं यह शपथ खाता हूं, कि जो कुछ तेरा है उस में से न तो मैं एक सूत, और न जूती का बन्धन, न कोई और वस्तु लूंगा; कि तू ऐसा न कहने पाए, कि अब्राम मेरे ही कारण धनी हुआ।
Genesis 14:24 पर जो कुछ इन जवानों ने खा लिया है और उनका भाग जो मेरे साथ गए थे; अर्थात आनेर, एश्कोल, और माम्रे मैं नहीं लौटाऊंगा वे तो अपना अपना भाग रख लें।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 24-25
  • यूहन्ना 5:1-24



बुधवार, 15 मई 2019

अटल



      मेरा बेटा, ज़ेवियर, जब छोटा ही था, तो उसे मुझे फूल लाकर देना बहुत पसन्द था। मुझे उसके लाए वे फूल, वे चाहे जंगली घास से तोड़े गए हों, या उसने अपने पिता के साथ जाकर किसी दूकान से खरीदे हों, बहुत अच्छे लगते थे, और मैं उन्हें तब तक संभाल कर रखती थी जब तक के वे इतने नहीं मुरझा जाते थे कि उन्हें फेंकना ही पड़ जाए।

      एक दिन ज़ेवियर कृत्रिम फूलों का एक बहुत सुंदरा गुलदस्ता मेरे लिए लेकर आया, और उन्हें फूलदान में सजाने लगा। सजाते हुए वह बोला, “माँ, देखो, ये फूल कभी नहीं मुरझाएंगे, सदा बने रहेंगे। मैं भी तुम से ऐसा ही प्रेम करता हूँ।”

      अब मेरा बेटा बड़ा होकर एक जवान आदमी हो गया है। उन फूलों की पंखुड़ियां पुरानी, घिसी हुई सी हो गई हैं, रंग धूमिल पड़ गए हैं, परन्तु वे “सदाबहार फूल” मुझे उसके प्रेम की याद दिलाते हैं। साथ ही वे मुझे एक बात और याद दिलाते हैं – एक ऐसी बात जो कभी पुरानी या धूमिल नहीं होती, सदा नई बनी रहती है – परमेश्वर का प्रेम, जैसा कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रगट किया गया है।

      बाइबल में हम देखते हैं कि जब परमेश्वर की प्रजा, इस्राएलियों पर परीक्षाएं और कठिनाइयाँ आईं, तो परमेश्वर के भविष्यद्वक्ताओं ने उन्हें परमेश्वर के वचनों के द्वारा सांत्वना और शानित प्रदान की। यशायाह भविष्यद्वक्ता ने लिखा कि परमेश्वर ने इस्राएलियों के पापों के दण्ड को चुका दिया, और आने वाले मसीहा में उनकी आशा बंधाई। इस्राएलियों ने यशायाह की बात पर विश्वास किया क्योंकि वह उनसे उनकी परिस्थितियों पर नहीं वरन परमेश्वर पर ध्यान केंद्रित करने को कह रहा था।

      अनिश्चितताओं और क्लेशों से भरे इस सँसार में मनुष्यों के विचार और हमारी अपनी भावनाएँ भी बदलते रहते हैं तथा हमारे नश्वर शरीरों के समान ही सीमित होते हैं। किन्तु हम परमेश्वर के उस कभी न बदलने वाले प्रेम और चरित्र पर सदा भरोसा कर सकता हैं, जो उसके वचन बाइबल में होकर प्रगट किया गया है। - होक्शील डिक्सन


परमेश्वर अपने प्रेम की पुष्टि अपने सदा विश्वासयोग्य और अटल वचन,
 जो सदा काल के लिए है, के द्वारा करता है।

हे यहोवा, तेरा वचन, आकाश में सदा तक स्थिर रहता है। - भजन 119:89

बाइबल पाठ: यशायाह 40:1-8
Isaiah 40:1 तुम्हारा परमेश्वर यह कहता है, मेरी प्रजा को शान्ति दो, शान्ति!
Isaiah 40:2 यरूशलेम से शान्ति की बातें कहो; और उस से पुकार कर कहो कि तेरी कठिन सेवा पूरी हुई है, तेरे अधर्म का दण्ड अंगीकार किया गया है: यहोवा के हाथ से तू अपने सब पापों का दूना दण्ड पा चुका है।
Isaiah 40:3 किसी की पुकार सुनाई देती है, जंगल में यहोवा का मार्ग सुधारो, हमारे परमेश्वर के लिये अराबा में एक राजमार्ग चौरस करो।
Isaiah 40:4 हर एक तराई भर दी जाए और हर एक पहाड़ और पहाड़ी गिरा दी जाए; जो टेढ़ा है वह सीधा और जो ऊंचा नीचा है वह चौरस किया जाए।
Isaiah 40:5 तब यहोवा का तेज प्रगट होगा और सब प्राणी उसको एक संग देखेंगे; क्योंकि यहोवा ने आप ही ऐसा कहा है।
Isaiah 40:6 बोलने वाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है।
Isaiah 40:7 जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है।
Isaiah 40:8 घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 22-23
  • यूहन्ना 4:31-54



मंगलवार, 14 मई 2019

बीज



      मुझे एक महिला से एक अद्भुत ई-मेल प्राप्त हुआ; उसने लिखा, “आपकी माँ प्रथम कक्षा में मेरी शिक्षिका थीं। वे बहुत अच्छी तथा दयालु शिक्षिका तो थीं, साथ ही वे बहुत अनुशासनप्रिय भी थीं। उन्होंने हमें भजन 23 स्मरण कर के रखने के लिए कहा था, और वे उसे हम से सारी कक्षा के सामने बुलवाती थीं, जिससे मुझे बहुत घबराहट होती थी। परन्तु, जब तक कि मैं आगे चलकर मसीही विश्वासी नहीं बन गई, तब तक बाइबल के साथ केवल वही हमारा संपर्क था। और तब जब मैंने भजन 23 को पढ़ा तो श्रीमति मैक्कैस्लैंड की स्मृतियाँ ताज़ा हो आईं।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि प्रभु यीशु ने एक बड़ी भीड़ को एक बीज बोने वाले का दृष्टांत सुनाया। उस बीज बोने वाले ने विभिन्न प्रकार की भूमियों, अर्थात मार्ग की कठोर भूमि, पथरीली भूमि, झाड़ियों वाली भूमि और अच्छी तैयार की गई भूमि, पर बीज डाला (मत्ती 13:1-9)। जबकि अन्य भूमियों पर डाले गए बीज से कोई फल नहीं आया, अच्छी तैयार की गई भूमि पर बोया गया बीज तीस, साठ, और सौ गुना फल लाया। प्रभु यीशु ने उस भूमि को परमेश्वर का वचन सुनने तथा समझने वाले व्यक्ति के समान बताया, जिसके जीवन से वह बीज उत्तम फसल लेकर आता है।

      मेरी माँ ने बीस वर्ष तक पहली कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाया था, और उन्हें पढ़ाने में उन्होंने शिक्षा के विषयों के साथ-साथ उन बच्चों के जीवनों में दयालुता तथा परमेश्वर के प्रेम के सन्देश के बीज भी डाले थे।

      उनकी उस भूतपूर्व विद्यार्थी ने अपनी ई-मेल उस े श र िक्षा के विषयों के साथ के अन्त में लिखा, “बाद में मेरे मसीही विश्वास के जीवन में और लोगों ने भी प्रभाव डाला है, परन्तु मेरा मन सदा भजन 23 तथा आपकी माँ के दयालु स्वभाव की ओर लौट कर जाता है।”

      आज, परमेश्वर के प्रेम का बोया गया एक बीज, कल एक अद्भुत फसल ला सकता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


बीज बोना हमारा काम है – उससे फसल उत्पन्न करना परमेश्वर का।

मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। - 1 कुरिन्थियों 3:6-7

बाइबल पाठ: मत्ती 13:1-9
Matthew 13:1 उसी दिन यीशु घर से निकलकर झील के किनारे जा बैठा।
Matthew 13:2 और उसके पास ऐसी बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई कि वह नाव पर चढ़ गया, और सारी भीड़ किनारे पर खड़ी रही।
Matthew 13:3 और उसने उन से दृष्‍टान्‍तों में बहुत सी बातें कही, कि देखो, एक बोने वाला बीज बोने निकला।
Matthew 13:4 बोते समय कुछ बीज मार्ग के किनारे गिरे और पक्षियों ने आकर उन्हें चुग लिया।
Matthew 13:5 कुछ पत्थरीली भूमि पर गिरे, जहां उन्हें बहुत मिट्टी न मिली और गहरी मिट्टी न मिलने के कारण वे जल्द उग आए।
Matthew 13:6 पर सूरज निकलने पर वे जल गए, और जड़ न पकड़ने से सूख गए।
Matthew 13:7 कुछ झाड़ियों में गिरे, और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा डाला।
Matthew 13:8 पर कुछ अच्छी भूमि पर गिरे, और फल लाए, कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।
Matthew 13:9 जिस के कान हों वह सुन ले।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 19-21
  • यूहन्ना 4:1-30



सोमवार, 13 मई 2019

चिंता



      जब मैं और मेरे पति प्रकृति का अवलोकन करने के लिए पैदल यात्रा पर निकलते हैं, तो हम अपने कैमरे भी साथ ले जाते हैं, और हमारे क़दमों में उगने वाले पौधों की तस्वीरें खींचते हैं जिनमें वे पौधे निकटता से और आवर्धित हुए दिखाई देते हैं। उस बढ़े हुए स्वरूप में वे एक अलग ही रूप प्रस्तुत करते हैं। उस रूप में हमें एक अद्भुत विविधता और सुंदरता दिखाई देती है। वे कुकुरमुत्ते भी, जो रात-ही-रात में उग आते हैं और जंगल में अपनी नारंगी, लाल और पीले चटकीले रंगों की छटा बिखेर देते हैं, उनमें भी एक अद्भुत सुन्दरता दिखाई देती है।

      जीवन की विविधता की तस्वीरें जो हमारे चारों ओर बनी रहती हैं, हमें प्रेरणा देती हैं कि हम उस सृष्टिकर्ता की ओर अपनी आँखें उठाएँ जो न केवल उन कुकरमुत्तों का वरन आकाश के सितारों का भी सृष्टिकर्ता है। उसने अनन्त विस्तार और विवधता के सँसार की कल्पना की और मुझे तथा आपको भी बनाया और इस सुंदरता में हमें रखा है, कि हम उसका आनन्द लें और उस पर अधिकार रखें (उत्पत्ति 1:27-28; भजन 8:6-8)।

      मेरा ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए भजनों की ओर जाता है है; जिनमें से एक भजन में लिखा है, “हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है। तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे। जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं; तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?” (भजन 8:1-4)।

      यह कितना अद्भुत है कि वह महान परमेश्वर जिसने इस इतने भव्य सँसार को बनाया है और संचालित करता है, वह मेरी और आपकी भी देखभाल तथा चिंता करता है। - एलीसन कीडा


परमेश्वर जिसने हमारी तथा सँसार की रचना करने की है, 
वही हमारी देखभाल भी करता है – फिलिप यैन्सी

तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। और परमेश्वर ने उन को आशीष दी: और उन से कहा, फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगने वाले सब जन्तुओ पर अधिकार रखो। - उत्पत्ति 1:27-28

बाइबल पाठ: भजन 8:1-9
Psalms 8:1 हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है।
Psalms 8:2 तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।
Psalms 8:3 जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;
Psalms 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?
Psalms 8:5 क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।
Psalms 8:6 तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।
Psalms 8:7 सब भेड़- बकरी और गाय- बैल और जितने वनपशु हैं,
Psalms 8:8 आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव- जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।
Psalms 8:9 हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 17-18
  • यूहन्ना 3:19-36



रविवार, 12 मई 2019

सहायक



      घर से हज़ार मील की दूरी पर स्थित शहर में पढ़ाई करने जाने के लिए वायुयान में चढ़ते समय मैंने अपने आप को अकेला और कुछ घबराया हुआ अनुभव किया। यात्रा के समय मुझे स्मरण आया कि प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों से पवित्र आत्मा की उनके साथ शांतिदायक उपस्थिति का वायदा किया है।

      प्रभु यीशु के मित्रों को बड़ा विचित्र सा लगा होगा जब प्रभु यीशु ने उन से कहा कि, “मैं तुम से सच कहता हूं, कि मेरा जाना तुम्हारे लिये अच्छा है” (यूहन्ना 16:7)। उन्होंने प्रभु के आश्चर्यकर्मों को देखा था, उससे शिक्षाएँ प्राप्त की थीं, तो अब उसकी अनुपस्थिति उनके लिए भली कैसे हो सकती थी? लेकिन प्रभु यीशु ने उनकी शंका का निवारण करते हुए उन्हें समझाया कि प्रभु के जाने के पश्चात उनके लिए एक सहायक – पवित्र आत्मा, सदा उनके साथ रहने के लिए आएगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने अंतिम समय में, अपने शिष्यों को अपनी मृत्यु और स्वर्गारोहण के विषय समझाया। यह हमें यूहन्ना 14 से 17 अध्याय में मिलता है, जिसे आज हम “विदाई वार्तालाप” भी कहते हैं। इस विदाई वार्तालाप का प्रमुख भाग था पवित्र आत्मा के आगमन के बारे में है, जो शिष्यों का सहायक बनकर उनके साथ रहेगा (14:16-17), उन्हें सिखाएगा (15:15), गवाही देगा (पद 26), और उनका मार्गदर्शन करेगा (16:13)।

      हम मसीही विश्वासी, अर्थात वे जिन्होंने नए जन्म के परमेश्वर के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, हमारे अन्दर परमेश्वर का पवित्र आत्मा निवास करता है, और उससे हम बहुत कुछ पाते हैं। वह हमें पापों के विषय कायल करता है तथा पश्चाताप करने में हमारी सहायता करता है; जब हम दुखी होते हैं तो हमें सांतवना प्रदान करता है; कठिनाइयों को सहन करने की सामर्थ्य देता है; परमेश्वर के वचन की शिक्षाओं को समझने के बुद्धिमत्ता देता है; विश्वास और आशा के लिए भरोसा देता है; औरों के साथ बाँटने के लिए प्रेम देता है।

      हम आनन्दित हो सकते हैं कि प्रभु यीशु ने हमारे लिए सहायक भेजा है। - ऐमी बाउचर पाई


प्रभु यीशु के अनुयायी पवित्र आत्मा से परिपूर्ण होते हैं।

और मैं पिता से बिनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा, कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा। - यूहन्ना 14:16-17

बाइबल पाठ: यूहन्ना 16:7-15
John 16:7 तौभी मैं तुम से सच कहता हूं, कि मेरा जाना तुम्हारे लिये अच्छा है, क्योंकि यदि मैं न जाऊं, तो वह सहायक तुम्हारे पास न आएगा, परन्तु यदि मैं जाऊंगा, तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा।
John 16:8 और वह आकर संसार को पाप और धामिर्कता और न्याय के विषय में निरूत्तर करेगा।
John 16:9 पाप के विषय में इसलिये कि वे मुझ पर विश्वास नहीं करते।
John 16:10 और धामिर्कता के विषय में इसलिये कि मैं पिता के पास जाता हूं,
John 16:11 और तुम मुझे फिर न देखोगे: न्याय के विषय में इसलिये कि संसार का सरदार दोषी ठहराया गया है।
John 16:12 मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते।
John 16:13 परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा।
John 16:14 वह मेरी महिमा करेगा, क्योंकि वह मेरी बातों में से ले कर तुम्हें बताएगा।
John 16:15 जो कुछ पिता का है, वह सब मेरा है; इसलिये मैं ने कहा, कि वह मेरी बातों में से ले कर तुम्हें बताएगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18



शनिवार, 11 मई 2019

आनन्द



      हम जमाइका में एक मसीही अभियान के अन्तर्गत गए हुए थे, और हम एक अस्पताल गए। वहाँ एक कमरे में वायलेट नामक एक वृद्ध महिला अपने बिस्तर पर बैठी थी, जो हमें देखकर मुस्कुराई। दोपहर की गर्म हवा उसके कमरे से प्रवाहित हो रही थी, जिससे चिपचिपाहट हो रही थी, किन्तु उसे इससे कोई शिकायत नहीं थी। उसने प्रभु की स्तुति में एक गीत गाना चाहा, और वह गीत को स्मरण करने के लिए अपने मस्तिष्क पर ज़ोर देने लगी। फिर एक दम उसका चेहरा एक बड़ी सी मुस्कराहट से भर गया, और उसने गीत गाना आरंभ किया; उसके गाए हुए गीत के आरंभिक बोल थे “मैं प्रभु की स्तुति करती हुई दौड़, उछल और कूद रही हूँ” और इसे गाते हुए वह ज़ोर ज़ोर से अपने हाथ ऐसे हिला रही थी मानो वह सचमुच यही कर रही हो। उसका इतने उत्साह और आनन्द से यह गीत गाना सुनकर उसके आस-पास खड़े हुए लोगों की आँखें भर आईं, क्योंकि वायलेट की दोनों टाँगें नहीं थीं! उसने कहा कि वह गा रही है “क्योंकि प्रभु यीशु मुझ से प्रेम करता है – और स्वर्ग में मेरे पास दौड़ने के लिए टाँगें होंगीं।”

      वायलेट का वह आनन्द और उत्साह परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पी की मसीही मण्डली को लिखी पत्री में पौलुस प्रेरित द्वारा कही गई बात, “पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं। क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है” (फिलिप्पियों 1:22-23) को एक नया बल प्रदान करता है। जैसे अपनी परिस्थितियों के बावजूद वायलेट ने हमें जिस प्रकार से अपने मसीही विश्वास का आनन्द दिखाया, उस बहुतायत के जीवन के लिए जो प्रभु यीशु हमें प्रदान करता है, तथा उस अनन्त परम आनन्द के लिए जो स्वर्ग में प्रभु के साथ हमें मिलेगा, हम भी “प्रभु की स्तुति करते हुए दौड़, उछल और कूद” सकते हैं। - डेव ब्रैनन


जब परमेश्वर हमें एक नया आरंभ प्रदान करता है 
तो हमें कभी अन्त न होने वाला आनन्द भी मिलता है।

तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है। - भजन 16:11

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:21-26
Philippians 1:21 क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।
Philippians 1:22 पर यदि शरीर में जीवित रहना ही मेरे काम के लिये लाभदायक है तो मैं नहीं जानता, कि किस को चुनूं।
Philippians 1:23 क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।
Philippians 1:24 परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
Philippians 1:25 और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, वरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्‍दित रहो।
Philippians 1:26 और जो घमण्‍ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2



शुक्रवार, 10 मई 2019

आश्वासन



      हम पारिवारिक अवकाश का समय बिता कर घर लौट रहे थे, और हमारा मार्ग एक वीरान क्षेत्र से होकर जाता था। सूर्यास्त के भी लगभग दो घंटे बाद तक हम गहरी घाटियों और बंजर पठारों से होकर निकलते रहे। उस अन्धकार में, उस मार्ग पर चलने वाली बीस से भी कम गाड़ियों की हेडलाइट्स दिखाई पड़ रही थीं। कुछ समय बाद चन्द्रमा उदय हुआ, जो हमको तभी दिखाई देता था जब हम पहाड़ियों पर होते थे; जब मार्ग घाटी से होकर निकलता था तो चन्द्रमा भी दिखना बन्द हो जाता था। मेरी बेटी ने चाँद की ज्योति पर टिप्पणी करते हुए उसे परमेश्वर की उपस्थिति की स्मृति बताया। मैंने उससे पूछा कि क्या परमेश्वर की उपस्थति के बोध के लिए उसे चाँद को देखना आवश्यक था, तो उसने उत्तर दिया, “नहीं, किन्तु देखने से अच्छा अवश्य लगता है।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मूसा की मृत्यु के पश्चात इस्राएलियों का नेतृत्व करने का दायित्व यहोशू पर आया, और उसे परमेश्वर के लोगों को वाचा किए हुए देश में लेकर जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। यद्यपि उसे यह दायित्व ईश्वरीय अधिकार से मिला था, किन्तु इस कार्य को करना यहोशू के लिए चुनौती पूर्ण अवश्य था। परमेश्वर ने अपने अनुग्रह में यहोशू को आश्वासन प्रदान किया कि वह इस कार्य में सहायक बनकर उसके साथ रहेगा (यहोशू 1:9)।

      जीवन का मार्ग बहुधा अनजाने मार्गों से होकर जाता है। हमें ऐसे क्षेत्रों से निकलना पड़ता है जहाँ आगे का मार्ग स्पष्ट दिखाई नहीं देता है। परमेश्वर की योजना सदा ही हमें दिखाई नहीं देती है, परन्तु हम मसीही विश्वासियों से उसका वायदा है कि “जगत के अन्त तक” (मत्ती 28:20) भी वह सदा हमारे साथ बना रहेगा। इससे बढ़कर और क्या आश्वासन हो सकता है कि हमारे सामने चाहे कोई भी अनिश्चितता, कोई भी चुनौती क्यों न हो, हमारा सहायक और मार्गदर्शक परमेश्वर सदा हमारे साथ है। चाहे मार्ग अंधकारमय हो, किन्तु जगत की ज्योति के साथ बने रहने का आश्वासन हमारे साथ है। - कर्स्टेन होम्बर्ग


वह चाहे हमें दिखाई न दे, परन्तु परमेश्वर सदा हमारे साथ रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: यहोशू 1:1-9
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा,
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं।
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं।
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा।
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा।
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा।
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा।
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा।
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 राजा 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51