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शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

सृष्टिकर्ता

 

         सन 2011 में अमेरिका की नैशनल एरोनॉटिक्स एन्ड स्पेस एजेंसी (नासा) ने अपने द्वारा अंतरिक्ष की खोज के तीस वर्ष का उत्सव मनाया। इन तीन दशकों में नासा द्वारा भेजे गए अंतरिक्ष यानों में 355 से भी अधिक लोग अंतरिक्ष में भेजे गए और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के निर्माण में भी भाग लिया। अपने पाँच अंतरिक्ष यानों को सेवा-निवृत्त करने के बाद अब नासा ने अपना ध्यान सुदूर अंतरिक्ष की खोज पर केन्द्रित किया है।

         मानव जाति ने अपना बहुत समय और धन अंतरिक्ष की खोज और अध्ययन में लगाया है, और कुछ अंतरिक्ष यात्री यह करते हुए मारे भी गए हैं। परन्तु परमेश्वर की अद्भुत रचना और महिमा का यह प्रमाण हमारे नापने की क्षमता से भी कहीं अधिक दूर तक फैला हुआ है।

         जब हम अंतरिक्ष के रचयिता और संभालने वाले के बारे में विचार करते हैं, वह जो प्रत्येक सितारे को नाम से जानता है (यशायाह 40:26), तब हम समझ सकते हैं कि भजनकार दाऊद उसकी महानता का गुणगान क्यों करता है (भजन 8:1)। परमेश्वर के हाथों के निशान उसके द्वारा स्थापित किए गए चाँद और सितारों में हैं (पद 3)। स्वर्ग और पृथ्वी का सृजनहार सभी पर प्रभुता करता है, फिर भी अपने प्रिय बच्चों के निकट रहता है, प्रत्येक की व्यक्तिगत रीति और घनिष्ठता से देखभाल करता है (पद 4)। अपने बड़े प्रेम में होकर परमेश्वर हमें महान सामर्थ्य, जिम्मेदारियां, और अवसर देता है कि हम उसकी सृष्टि की देखभाल करें, उसे जानें (पद 5-8)।

         जब हम सितारों से भरे आकाश को देखते हैं, और उसके बारे में जानकारी एकत्रित करते हैं, तो हमारा सृष्टिकर्ता हमें आमंत्रित करता है कि हम उत्साह और लगन के साथ उसके खोजी बनें। हमारा सृष्टिकर्ता प्रभु परमेश्वर हमारी प्रत्येक प्रार्थना और स्तुति-गान  को सुनता है। - होकिटिल डिक्सन

 

परमेश्वर की महानता उसकी अद्भुत विशालता और घनिष्ठ निकटता में प्रकट है।


आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: भजन 8:1-9

भजन संहिता 8:1 हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है।

भजन संहिता 8:2 तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।

भजन संहिता 8:3 जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तारागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;

भजन संहिता 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?

भजन संहिता 8:5 क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।

भजन संहिता 8:6 तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।

भजन संहिता 8:7 सब भेड़- बकरी और गाय- बैल और जितने वन-पशु हैं,

भजन संहिता 8:8 आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव- जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।

भजन संहिता 8:9 हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 143-145
  • 1 कुरिन्थियों 14:21-40

गुरुवार, 3 सितंबर 2020

यात्रा

 

         कभी-कभी यह जीवन यात्रा इतनी कठिन हो जाती है कि हम अभिभूत हो जाते हैं, और हमें लगता है कि अंधकार का कोई अन्त ही नहीं है। हमारे पारिवारिक जीवन में भी एक समय ऐसा चल रहा था, और एक प्रातः मेरी पत्नी जब परमेश्वर के साथ संगति और प्रार्थना के अपने एकांत-समय के बाद जब बाहर आई तो उसने कहा, “मुझे लगता है कि परमेश्वर चाहता है कि इस अन्धकार में हम जो शिक्षाएँ प्राप्त करें, उन्हें अपने उजियाले के समयों में कभी भूलें नहीं।”

         परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस भी कुछ ऐसा ही विचार कोरिन्थ के मसीही मण्डली को लिखी उसकी दूसरी पत्री में व्यक्त करता है (2 कुरिन्थियों 1), उन्हें अपने उन कठिन अनुभवों के बारे में बताने के पश्चात जिनका सामना उसे और उसके साथियों को एशिया में करना पड़ा था। पौलुस चाहता था कि कोरिन्थ के मसीही विश्वासी यह समझ सकें कि किस प्रकार परमेश्वर हमारे सबसे अंधकारपूर्ण समय का भी सदुपयोग कर सकता है। वह कहता है कि हम सांत्वना इसलिए पाते हैं, जिससे औरों को सांत्वना देना सीख सकें (पद 4)। पौलुस और उसके साथी अपनी परीक्षा के समयों में परमेश्वर से वे बातें सीख रहे थे जिनका प्रयोग वे कोरिन्थ के लोगों को सिखाने और सांत्वना देने के लिए कर सकते थे, जब कोरिन्थ के लोग परीक्षाओं में से हो कर निकलें। और परमेश्वर यही हम सभी के लिए भी करता है। वह हमारी परीक्षाओं का सदुपयोग हमें वह सिखाने के लिए करेगा जिसका प्रयोग हम औरों की सेवा में कर सकें।

         क्या अपनी जीवन यात्रा में आप अभी अन्धकार के समय में हैं? पौलुस के वचन और अनुभव से प्रोत्साहित हों। भरोसा रखें कि अभी इस समय में भी परमेश्वर आपके कदमों को निर्धारित दिशा में ले कर जा रहा है, साथ ही आपके हृदय पर अपने सत्यों को बैठा रहा, जिससे कि आप उन्हें औरों के साथ, जो ऐसी ही परिस्थितियों में हों, बाँट सकें, उन्हें उभार सकें। जब आप यात्रा की उन कठिनाइयों के अनुभवों से परिचित होंगे, तो अन्य यात्रा करने वालों का भी मार्गदर्शन कर सकेंगे। - रैंडी किल्गोर

 

अन्धकार में हम जो शिक्षाएँ प्राप्त करें, उन्हें अपने उजियाले के समयों में कभी भूलें नहीं।


क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। - 2 कुरिन्थियों 4:17

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:3-11

2 कुरिन्थियों 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्ति का परमेश्वर है।

2 कुरिन्थियों 1:4 वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों।

2 कुरिन्थियों 1:5 क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम अधिक सहभागी होते हैं, वैसे ही हमारी शान्ति भी मसीह के द्वारा अधिक होती है।

2 कुरिन्थियों 1:6 यदि हम क्लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं।

2 कुरिन्थियों 1:7 और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्ति के भी सहभागी हो।

2 कुरिन्थियों 1:8 हे भाइयों, हम नहीं चाहते कि तुम हमारे उस क्लेश से अनजान रहो, जो आसिया में हम पर पड़ा, कि ऐसे भारी बोझ से दब गए थे, जो हमारी सामर्थ्य से बाहर था, यहां तक कि हम जीवन से भी हाथ धो बैठे थे।

2 कुरिन्थियों 1:9 वरन हम ने अपने मन में समझ लिया था, कि हम पर मृत्यु की आज्ञा हो चुकी है कि हम अपना भरोसा न रखें, वरन परमेश्वर का जो मरे हुओं को जिलाता है।

2 कुरिन्थियों 1:10 उसी ने हमें ऐसी बड़ी मृत्यु से बचाया, और बचाएगा; और उस से हमारी यह आशा है, कि वह आगे को भी बचाता रहेगा।

2 कुरिन्थियों 1:11 और तुम भी मिलकर प्रार्थना के द्वारा हमारी सहायता करोगे, कि जो वरदान बहुतों के द्वारा हमें मिला, उसके कारण बहुत लोग हमारी ओर से धन्यवाद करें।

  

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20

बुधवार, 2 सितंबर 2020

सामर्थ्य

 

         मसीही विश्वासी के जीवन से संबंधित एक उत्कृष्ट रूपक कथा “हाइन्ड्स फीट इन हाई प्लेसेस” (हिरन के समान पैरों के द्वारा ऊंचाइयों पर) परमेश्वर के वचन बाइबल में हबक्कूक 3:19 पर आधारित है। कहानी की मुख्य पात्र ‘मच-अफ्रेड’ (अत्यधिक भयभीत) है जो एक चरवाहे के साथ यात्रा पर निकली है। किन्तु मार्ग की कठिनाइयों से ‘मच-अफ्रेड’ बहुत भयभीत है, इसलिए वह चरवाहे से कहती है कि उसे उठा कर ले चले। चरवाहा कोमलता से उत्तर देता है, “मैं तुम्हें वहाँ तक अपने आप से चढ़ने के लिए छोड़ देने के स्थान पर, तुम्हें उठाकर ऊंचाइयों तक लेकर जा सकता हूँ, परन्तु यदि मैं ऐसा करूँगा तो तुम कभी भी हिरन के समान पैर विकसित करने नहीं पाओगी, और जहाँ-जहाँ मैं जाता हूँ वहाँ जाने के लिए मेरी साथी नहीं बन पाओगी।”

         ‘मच-अफ्रेड पुराने नियम के भविष्यद्वक्ता हबक्कूक के प्रश्न को (और यदि सच कहूँ तो मेरे भी प्रश्न को) उठाती है: “मुझे दुःख में से होकर क्यों निकलना होगा? मेरी यात्रा कठिन क्यों है?

         हबक्कूक सातवीं शताब्दी ईसा पूर्व के अंतिम भाग में यहूदा में रहता था, इस्राएलियों के बंधुवाई में निर्वासित होने से पहले। उस समय का उनका समाज बेबीलोन के अवश्यंभावी आक्रमण के भय से स्तब्ध हो रखा था, और उनमें सामाजिक अन्याय की अनदेखी होती थी (हबक्कूक 1:2-11)। भविष्यद्वक्ता ने परमेश्वर से हस्तक्षेप करने और दुःख को हटा लेने के लिए प्रार्थना की (1:13); और परमेश्वर ने उत्तर दिया कि वह अपने समय में न्याय के साथ उत्तर देगा (2:3)।

         विश्वास में हबक्कूक ने परमेश्वर पर भरोसा रखने का चुनाव किया। चाहे दुःख का अन्त न भी हो, भविष्यद्वक्ता का भरोसा था कि परमेश्वर उसकी सामर्थ्य बना रहेगा।

         हम भी इस बात से सांत्वना पा सकते हैं कि परमेश्वर हमारी सामर्थ्य है, वह दुःख के समय में हमें सहन करने की शक्ति देगा और हमारी जीवन यात्रा के सबसे चुनौतीपूर्ण समयों को भी मसीह यीशु के साथ हमारी सहभागिता को और गहरा करने के लिए उपयोग करेगा, उन अनुभवों से हमारे मसीही विश्वास की सामर्थ्य को बढ़ाएगा। - लिसा सामरा

 

हम कठिन समयों में परमेश्वर को हमारी सामर्थ्य बने रहने का भरोसा रख सकते हैं।


यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। वह मुझे हरी हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है। - भजन 23:1-2

बाइबल पाठ: हबक्कूक 3:16-19 

हबक्कूक 3:16 यह सब सुनते ही मेरा कलेजा कांप उठा, मेरे ओंठ थरथराने लगे; मेरी हड्डियां सड़ने लगीं, और मैं खड़े खड़े कांपने लगा। मैं शान्ति से उस दिन की बाट जोहता रहूंगा जब दल बांध कर प्रजा चढ़ाई करे।

हबक्कूक 3:17 क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों,

हबक्कूक 3:18 तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।

हबक्कूक 3:19 यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है।

  

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13

मंगलवार, 1 सितंबर 2020

विश्वास


         अपने पुलिस स्टेशन वापस आने पर पुलिस सिपाही विक मिग्लियो, थका हुआ दीवार से टिक कर बैठ गया। घरेलू हिंसा के निपटारे में उसके कार्य का आधा समय व्यय हो गया था। उस हिंसा के परिणाम स्वरूप एक बॉयफ्रेंड हिरासत में था, एक युवती घायल अवस्था में आपात-कालीन चिकित्सा कक्ष में थी और एक विचलित माँ सोच रही थी कि यह सब कैसे हो गया? उस जवान पुलिस सिपाही के मन में यह घटना बहुत समय तक अपना प्रभाव बनाए रखेगी। उसके साथ के एक अन्य अधिकारी ने उसे समझाया, “अब तुम इसके बारे में और क्या कर सकते थे; बात को यहीं छोड़ दो।” परन्तु विक को सहानुभूति के ये शब्द खोखले प्रतीत हुए। कुछ पुलिस वाले अपने कार्य की हृदय-स्पर्शी घटनाओं को अपने कार्य-स्थल पर ही छोड़ देते हैं। परन्तु विक ऐसा नहीं था; विशेषकर इस प्रकार के कठोर मालों के लिए तो बिलकुल नहीं।

         उस पुलिस अधिकारी विक का हृदय प्रभु यीशु मसीह की करुणा को दिखाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्यों ने उससे एक प्रश्न पूछा, स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है?” (मत्ती 18:1)। प्रभु ने एक बालक को अपने पास बुलाकर अपने शिष्यों से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे” (पद 3)। फिर प्रभु ने किसी भी बालक को कोई भी हानि पहुंचाने वाले को सख्त चेतावनी दी (पद 6)। प्रभु के लिए बच्चे इतने विशेष हैं, कि उसने अपने शिष्यों से कहा, देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि स्वर्ग में उन के दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुंह सदा देखते हैं” (पद 10)।

         यह हमारे लिए कितनी आश्वस्त करने वाली बात है कि बच्चों के प्रति प्रभु यीशु का प्रेम, हम सभी के प्रति उसके प्रेम के साथ संबंधित है। इसीलिए वह हमें बच्चों के समान विश्वास रखने के द्वारा अपने पुत्र और पुत्री बनने का निमंत्रण देता है। - टिम गुस्ताफसन

 

हमारे सांसारिक परिवार हमें त्याग सकते हैं, परन्तु हमारा स्वर्गीय पिता हमें कभी नहीं त्यागेगा।


परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। - यूहन्ना 1:12

बाइबल पाठ: मत्ती 18:1-10

मत्ती 18:1 उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है?

मत्ती 18:2 इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया।

मत्ती 18:3 और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे।

मत्ती 18:4 जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा।

मत्ती 18:5 और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।

मत्ती 18:6 पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता।

मत्ती 18:7 ठोकरों के कारण संसार पर हाय! ठोकरों का लगना अवश्य है; पर हाय उस मनुष्य पर जिस के द्वारा ठोकर लगती है।

मत्ती 18:8 यदि तेरा हाथ या तेरा पांव तुझे ठोकर खिलाए, तो काटकर फेंक दे; टुण्‍डा या लंगड़ा हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो हाथ या दो पांव रहते हुए तू अनन्त आग में डाला जाए।

मत्ती 18:9 और यदि तेरी आंख तुझे ठोकर खिलाए, तो उसे निकाल कर फेंक दे। काना हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।

मत्ती 18:10 देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्‍छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि स्वर्ग में उन के दूत मेरे स्‍वर्गीय पिता का मुंह सदा देखते हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 135-136
  • '1 कुरिन्थियों 12

सोमवार, 31 अगस्त 2020

बचाव


         न्यू यॉर्क शहर में सन 2016 में लिफ्ट में फंस जाने की दुर्घटनाओं में इक्यावन लोगों के घायल होने और पाँच लोगों के मर जाने के बाद, लोगों को लिफ्ट के काम न करने की स्थिति में शांत रहने और सुरक्षित रहने के बारे में सिखाने के लिए विज्ञापनों को निकाला गया। यह देखा गया था कि जो सबसे अधिक घायल हुए थे, वे लोग थे जो अपने आप बाहर निकालने के प्रयास कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी स्थिति में सबसे सुरक्षित बचाव का तरीका था कि लिफ्ट में लगी आपात-स्थिति की घंटी बजाएं, और शांत होकर सहायता आने की प्रतीक्षा करें। न्यू यॉर्क शहर के अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया कि वे लोगों को चोट लगने से बचाने और उन्हें उनकी विकट स्थिति से निकालने के लिए तुरंत सहायता उपलब्ध करवाएंगे।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरितों के कार्य नामक पुस्तक में, पतरस ने उपदेश दिया, जिसमें अपने आप को अपने ही तरीकों से पाप से बचाने के प्रयासों के व्यर्थ होने के बारे में समझाया। लूका, जिसने यह पुस्तक लिखी थी, ने उस समय घटित हुई कुछ अद्भुत घटनाओं के बारे में लिखा, जिसमें प्रभु यीशु में विश्वास करने वाले ऐसी भाषाओं में बोल रहे थे जो उन्हें पहले नहीं आती थीं (प्रेरितों 2:1-12)। पतरस ने उठकर वहाँ एकत्रित अपने यहूदी भाइयों और बहनों समझाया कि वो लोग देख जो रहे थे – उद्धार के दिन में पवित्र आत्मा का उडेला जाना, वह एक प्राचीन भविष्यवाणी (योएल 2:28-32) की परिपूर्णता थी।

         जिन्होंने पाप और उसके दुष्प्रभावों से बचाव के लिए प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास किया था, उन पर अब पवित्र आत्मा की आशीष स्पष्ट दिखाई दे रही थी। फिर पतरस ने उन्हें बताया कि किस प्रकार यह आशीष अब संसार के सभी लोगों के लिए मुफ्त में उपलब्ध है (पद 21)। परमेश्वर के पास पहुँचने का मार्ग हमें व्यवस्था के पालन के द्वारा नहीं मिलता है वरन प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करने, उस से अपने पापों की क्षमा माँगने और उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करने के द्वारा मिलता है।

         यदि हम पाप में फंसे हैं, तो हम अपने आप बचा नहीं सकते हैं। हमारी एकमात्र आशा प्रभु यीशु मसीह को अपना प्रभु और उद्धारकर्ता स्वीकार करके, स्वेच्छा से उसे अपना जीवन समर्पित कर देना है; बचाव का यही एक मार्ग है। - मार्विन विलियम्स

 

जो सहायता के लिए यीशु को पुकारते हैं, वे बचाए जाते हैं।


यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: प्रेरितों 2:14-21

प्रेरितों के काम 2:14 पतरस उन ग्यारह के साथ खड़ा हुआ और ऊंचे शब्द से कहने लगा, कि हे यहूदियों, और हे यरूशलेम के सब रहने वालों, यह जान लो और कान लगाकर मेरी बातें सुनो।

प्रेरितों के काम 2:15 जैसा तुम समझ रहे हो, ये नशे में नहीं, क्योंकि अभी तो पहर ही दिन चढ़ा है।

प्रेरितों के काम 2:16 परन्तु यह वह बात है, जो योएल भविष्यद्वक्ता के द्वारा कही गई है।

प्रेरितों के काम 2:17 कि परमेश्वर कहता है, कि अन्त कि दिनों में ऐसा होगा, कि मैं अपना आत्मा सब मनुष्यों पर उडेलूंगा और तुम्हारे बेटे और तुम्हारी बेटियां भविष्यवाणी करेंगी और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे, और तुम्हारे पुरिनए स्वप्न देखेंगे।

प्रेरितों के काम 2:18 वरन मैं अपने दासों और अपनी दासियों पर भी उन दिनों में अपने आत्मा में से उडेलूंगा, और वे भविष्यवाणी करेंगे।

प्रेरितों के काम 2:19 और मैं ऊपर आकाश में अद्भुत काम, और नीचे धरती पर चिन्ह, अर्थात लहू, और आग और धुएं का बादल दिखाऊंगा।

प्रेरितों के काम 2:20 प्रभु के महान और प्रसिद्ध दिन के आने से पहिले सूर्य अन्‍धेरा और चान्‍द लहू हो जाएगा।

प्रेरितों के काम 2:21 और जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वही उद्धार पाएगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34

रविवार, 30 अगस्त 2020

नींव

 

         अपने घर में कई वर्ष रहने के पश्चात मेरे मित्रों को पता पड़ा कि उनके घर की बैठक धीरे-धीरे धंसती जा रही है – दीवारों में दरारें आ गई थीं, और खिड़कियाँ खुल नहीं रही थीं। जाँच करने पर पता चला कि वह कमरा बाद में बनाया गया था, और उसे बिना नींव डाले ही बना दिया गया था। उस गलत और कामचलाऊ निर्माण कार्य को सुधारने के लिए लंबा समय लगा, नई नींव खोदनी और डालनी पड़ी और उसके बाद उस पर फिर से बैठक को बनाया गया। जब कार्य पूरा हो गया, तब मैं फिर से उनके घर गई, परन्तु मुझे वह बैठक पहले जैसी ही लगी, बस अब दरारें नहीं थीं, और खिड़की ठीक से खुलती और बन्द होती थी। मैं समझ गई, अच्छी नींव का होना बहुत आवश्यक है।

         यही हमारे जीवनों के लिए भी सत्य है।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने मूर्ख और बुद्धिमान घर बनाने वालों की एक नीति-कथा सुनाई थी, उनकी बातों को न मानने की मूर्खता को समझाने के लिए (लूका 6:46-49)। वे जो उनकी बातें सुनकर उन्हें मानते हैं, उनका पालन करते हैं, वे उस बुद्धिमान व्यक्ति के समान हैं जिसने अपना घर एक दृढ़ नींव पर बनाया; और जो प्रभु की बातों को सुनकर उनकी अवहेलना कर देते हैं, वे मूर्ख व्यक्ति के समान हैं जिसने मिट्टी पर बिना नेव का घर बनाया। प्रभु यीशु ने बुद्धिमान व्यक्तियों को आश्वस्त किया कि जब उन्हें जीवन की आँधियों का सामना करना पड़ेगा, तो उनका जीवन स्थिर बना रहेगा, उनका विश्वास स्थिर रहेगा, क्योंकि वह अटल नींव पर खड़ा है।

         हम इस बात में शान्ति और आश्वासन पा सकते हैं कि जब हम प्रभु यीशु के वचनों को सुनते और उनका पालन करते हैं, तो यह हमारे जीवनों को एक दृढ़ नींव प्रदान करता है। हम बाइबल को पढ़ने, प्रार्थना करने, और अन्य मसीही विश्वासियों से शिक्षा लेने के द्वारा उसके प्रति अपने प्रेम को और बढ़ा सकते हैं, और दृढ़ कर सकते हैं। तब, जब भी विश्वास-घात, दुःख, या निराशाओं आदि की आँधियाँ हमारे विरुद्ध आएंगी, वे हमें हिला नहीं सकेंगी, क्योंकि हम दृढ़ और अटल नींव, प्रभु यीशु के वचन पर स्थापित हैं। हमारा उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर हमें वह आवश्यक सहारा प्रदान करेगा। - एमी बाउचर पाई

 

प्रभु यीशु कि सुनना और उसकी बातों को मानना 

हमारे जीवनों को एक दृढ़ नींव प्रदान करता है।


क्योंकि उस नींव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। - 1 कुरिन्थियों 3:11

बाइबल पाठ: लूका 6:46-49

लूका 6:46 जब तुम मेरा कहना नहीं मानते, तो क्यों मुझे हे प्रभु, हे प्रभु, कहते हो?

लूका 6:47 जो कोई मेरे पास आता है, और मेरी बातें सुनकर उन्हें मानता है, मैं तुम्हें बताता हूं कि वह किस के समान है

लूका 6:48 वह उस मनुष्य के समान है, जिसने घर बनाते समय भूमि गहरी खोदकर चट्टान की नेव डाली, और जब बाढ़ आई तो धारा उस घर पर लगी, परन्तु उसे हिला न सकी; क्योंकि वह पक्का बना था।

लूका 6:49 परन्तु जो सुनकर नहीं मानता, वह उस मनुष्य के समान है, जिसने मिट्टी पर बिना नेव का घर बनाया। जब उस पर धारा लगी, तो वह तुरन्त गिर पड़ा, और वह गिरकर सत्यानाश हो गया।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 129-131
  • 1 कुरिन्थियों 11:1-16

शनिवार, 29 अगस्त 2020

प्रेमी पिता

 

         अपनी युवावस्था में, जैसा कि इस आयु में सामान्यतः होता है, मैं भी अपनी माँ की आज्ञाओं के विरुद्ध विद्रोह करने के समय से निकल चुकी हूँ। मेरा पिता का देहांत मेरे किशोरावस्था में प्रवेश करने से पहले ही हो चुका था, इसलिए मेरी माँ को अकेले ही मेरी परवरिश करनी पड़ी और मेरी उस आयु की बातों को संभालना पड़ा। मुझे ध्यान है कि मैं समझती थी कि माँ नहीं चाहती कि मैं कुछ मज़े लूँ – और यह भी कि शायद वह मुझसे प्रेम भी नहीं करती थी – क्योंकि वह अकसर मेरी बातों के लिए मना कर देती थी। लेकिन अब मैं समझ सकती हूँ कि जिन बातों के लिए वो मना करती थीं, वो बातें मेरे लिए अच्छी नहीं थीं, और वो मना भी इसीलिए करती थीं क्योंकि वो मुझसे प्रेम करती थीं।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में इस्राएलियों ने भी उनकी बेबीलोन की बंधुवाई को लेकर उनके प्रति परमेश्वर के प्रेम पर प्रश्न किए। परन्तु उनकी वह बंधुवाई परमेश्वर द्वारा उनके निरंतर उसके विरोध में होकर चलने और कार्य करने के लिए थी, जिससे वे इस्राएली शिक्षा ले सकें। अब, परमेश्वर ने उन्हें समझाने के लिए अपने भविष्यद्वक्ता मलाकी को उनके पास भेजा, और उसके द्वारा परमेश्वर की ओर से उन इस्राएलियों से कहे गए आरंभिक शब्द थे, मैंने तुमसे प्रेम किया है” (मलाकी 1:2)। इस्राएलियों ने ताना मारने के भाव के साथ पूछा कि कैसे परमेश्वर उनसे प्रेम करता है; उनके कहने का अभिप्राय था, “अच्छा! सच में?” और परमेश्वर ने मलाकी में होकर उन्हें स्मरण करवाया कि उसने उन लोगों को एदोमियों के ऊपर चुनने के द्वारा उनके प्रति अपने प्रेम को दिखाया है।

         हम सभी जीवन में कठिन समयों से होकर निकलते हैं। उन कठिन समयों में हमारे सामने परमेश्वर और उसके प्रेम पर संदेह करने का प्रलोभन होता है। ऐसे में हम उन समयों को स्मरण करें जब परमेश्वर ने हमारे प्रति अपने कभी कम न होने और कभी न बदलने वाले प्रेम को दिखाया है। जब हम थोड़ा थम कर उसकी भलाई और कृपा को स्मरण करते हैं, तो हम पाते हैं कि वह निःसंदेह हमारा प्रेमी पिता है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

हमारा स्वर्गीय पिता हमें सुधरता भी है और सांत्वना भी देता है।


और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों के समान दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्र, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हियाव न छोड़। क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्र बना लेता है, उसको कोड़े भी लगाता है। तुम दुख को ताड़ना समझकर सह लो: परमेश्वर तुम्हें पुत्र जान कर तुम्हारे साथ बर्ताव करता है, वह कौन सा पुत्र है, जिस की ताड़ना पिता नहीं करता? - इब्रानियों 12:5–7


बाइबल पाठ: मलाकी 1:1-5

मलाकी 1:1 मलाकी के द्वारा इस्राएल के विषय में कहा हुआ यहोवा का भारी वचन।

मलाकी 1:2 यहोवा यह कहता है, मैं ने तुम से प्रेम किया है, परन्तु तुम पूछते हो, तू ने किस बात में हम से प्रेम किया है? यहोवा की यह वाणी है, क्या ऐसाव याकूब का भाई न था?

मलाकी 1:3 तौभी मैं ने याकूब से प्रेम किया परन्तु ऐसाव को अप्रिय जान कर उसके पहाड़ों को उजाड़ डाला, और उसकी बपौती को जंगल के गीदड़ों का कर दिया है।

मलाकी 1:4 एदोम कहता है, हमारा देश उजड़ गया है, परन्तु हम खण्डहरों को फिर कर बसाएंगे; सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यदि वे बनाए भी, परन्तु मैं ढा दूंगा; उनका नाम दुष्ट जाति पड़ेगा, और वे ऐसे लोग कहलाएंगे जिन पर यहोवा सदैव क्रोधित रहे।

मलाकी 1:5 तुम्हारी आंखें इसे देखेंगी, और तुम कहोगे, यहोवा का प्रताप इस्राएल के सिवाने की परली ओर भी बढ़ता जाए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 126-128
  • 1 कुरिन्थियों 10:19-33