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मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

जीवन

 

          अनुमान लगाया गया है कि सन 2003 में मॉरमॉन टिड्डियों के आक्रमण ने 250 लाख डॉलर्स से भी अधिक कीमत की फसल को नष्ट कर दिया। उस समय टिड्डियाँ इतनी अधिक संख्या में आई थीं कि लोग एक कदम भी उठाते तो उनके पैर के नीचे कम से कम एक टिड्डी आ जाती थी। इन टिड्डियों का नाम इनके द्वारा 1848 में अमेरिका के यूटाह प्रांत में जाकर बसने वाले आरंभिक मॉरमॉन समुदाय के लोगों की फसलों को बर्बाद करने के कारण पड़ा था। ये टिड्डियाँ लंबाई में दो या तीन इंच ही होती हैं, किन्तु अपने जीवन काल में ये लगभग अड़तीस पौंड वज़न तक की फसल खा जाती हैं। इन टिड्डियों के आक्रमण का प्रभाव किसानों की जीविका तथा किसी भी प्रांत अथवा देश की अर्थ-व्यवस्था पर विनाशकारी हो सकता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में योएल नबी ने ऐसी ही टिड्डियों के दलों के द्वारा यहूदा के देश को बर्बाद कर देने का वर्णन दिया है, जो कि यहूदा पर उनके परमेश्वर के प्रति अनाज्ञाकारी होने के कारण आया था। योएल ने टिड्डियों के ऐसे आक्रमण की, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया था, पूर्व घोषणा कर दी थी (योएल 1:2); कुछ लोग इसे विदेशी सेना के आक्रमण के रूपक अलंकार के रूप में भी देखते हैं। वे टिड्डियाँ, उनके मार्ग में आने वाली हर वस्तु को बर्बाद करके लोगों को अकाल और गरीबी में धकेल देते। किन्तु यदि लोग अपने पापी मार्गों से पलटकर परमेश्वर से क्षमा माँग लें, तो, योएल का कहना था कि “और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा” (योएल 2:25)।

          आज, हम भी यहूदा से शिक्षा ले सकते हैं। उन टिड्डियों के समान, हमारे गलत चालचलन, परमेश्वर द्वारा हमें दिए गए फलवन्त, सुगन्धित, और मनोहर जीवन की आशीषों को बर्बाद कर देते हैं। किन्तु जब हम अपने पापों के लिए पश्चाताप के साथ प्रभु परमेश्वर की ओर मुड़ते हैं, तो उसका वायदा है कि वह हमारी बर्बादी को हटा देगा और हमारी भरपूरी को हमें लौटा देगा। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर का प्रेम हमें बहाल कर देता है।


यदि मैं आकाश को ऐसा बन्द करूं, कि वर्षा न हो, या टिड्डियों को देश उजाड़ने की आज्ञा दूं, या अपनी प्रजा में मरी फैलाऊं, तब यदि मेरी प्रजा के लोग जो मेरे कहलाते हैं, दीन हो कर प्रार्थना करें और मेरे दर्शन के खोजी हो कर अपनी बुरी चाल से फिरें, तो मैं स्वर्ग में से सुन कर उनका पाप क्षमा करूंगा और उनके देश को ज्यों का त्यों कर दूंगा। - 2 इतिहास 7:13-14

बाइबल पाठ: योएल 2:18-27

योएल 2:18 तब यहोवा को अपने देश के विषय में जलन हुई, और उसने अपनी प्रजा पर तरस खाया।

योएल 2:19 यहोवा ने अपनी प्रजा के लोगों को उत्तर दिया, सुनो, मैं अन्न और नया दाखमधु और ताजा तेल तुम्हें देने पर हूं, और तुम उन्हें पाकर तृप्त होगे; और मैं भविष्य में अन्यजातियों से तुम्हारी नामधराई न होने दूंगा।

योएल 2:20 मैं उत्तर की ओर से आई हुई सेना को तुम्हारे पास से दूर करूंगा, और उसे एक निर्जल और उजाड़ देश में निकाल दूंगा; उसका आगा तो पूरब के ताल की ओर और उसका पीछा पश्चिम के समुद्र की ओर होगा; उस से दुर्गन्ध उठेगी, और उसकी सड़ी गन्‍ध फैलेगी, क्योंकि उसने बहुत बुरे काम किए हैं।

योएल 2:21 हे देश, तू मत डर; तू मगन हो और आनन्द कर, क्योंकि यहोवा ने बड़े बड़े काम किए हैं!

योएल 2:22 हे मैदान के पशुओं, मत डरो, क्योंकि जंगल में चराई उगेगी, और वृक्ष फलने लगेंगे; अंजीर का वृक्ष और दाखलता अपना अपना बल दिखाने लगेंगी।

योएल 2:23 हे सिय्योनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा।

योएल 2:24 तब खलिहान अन्न से भर जाएंगे, और रस कुण्ड नये दाखमधु और ताजे तेल से उमड़ेंगे।

योएल 2:25 और जिन वर्षों की उपज अर्बे नाम टिड्डियों, और येलेक, और हासील ने, और गाजाम नाम टिड्डियों ने, अर्थात मेरे बड़े दल ने जिस को मैं ने तुम्हारे बीच भेजा, खा ली थी, मैं उसकी हानि तुम को भर दूंगा।

योएल 2:26 तुम पेट भरकर खाओगे, और तृप्त होगे, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम की स्तुति करोगे, जिसने तुम्हारे लिये आश्चर्य के काम किए हैं। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

योएल 2:27 तब तुम जानोगे कि मैं इस्राएल के बीच में हूं, और मैं, यहोवा, तुम्हारा परमेश्वर हूं और कोई दूसरा नहीं है। और मेरी प्रजा की आशा फिर कभी न टूटेगी।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 29-30 
  • मत्ती 21:23-46

सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

क्षमा

 

          जब वे पहली बार मिले थे तो एडविन स्टैंटन ने न केवल अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक रीति से अनादर किया, वरन साथ ही उन्हें “लम्बी बाँहों वाला जीव” भी कह दिया। किन्तु लिंकन को स्टैंटन के गुण पसंद थे और उन्होंने उसे क्षमा कर दिया, और आगे चलकर गृह युद्ध के दौरान अपने मंत्रिमंडल में एक महत्वपूर्ण पद भी दिया। बाद में स्टैंटन उन से प्रेम करने लगा और लिंकन का मित्र भी बन गया। जब लिंकन को गोली मारी गई, तब स्टैंटन ही था जो सारी रात उनके बिस्तर के पास उनके साथ बैठा रहा, और उनकी मृत्यु होने पर स्टैंटन ने रोते हुए फुसफुसाया,अब ये आने वाली पीढ़ियों की अमानत हो गए हैं।

          मेल-मिलाप हो जाना बहुत उत्तम बात है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों से इस ओर संकेत करते हुए कहा,और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है” (1 पतरस 4:8)। पतरस के ये शब्द मुझे यह विचार करने पर बाध्य करते हैं कि यह लिखते समय क्या वह उसके द्वारा किए गए प्रभु यीशु के इनकार (लूका 22:54-62), और प्रभु ने क्रूस पर जो क्षमा उसे (और हमें) प्रदान की है, उसके बारे में सोच रहा था?

          क्रूस पर अपने बलिदान के द्वारा जिस महान प्रेम को प्रभु ने प्रदर्शित किया है वह हमें पापों के क़र्ज़ से मुक्त कर देता है और परमेश्वर के साथ हमारे मेल-मिलाप के लिए मार्ग प्रदान करता है (कुलुस्सियों 1:19-20)। उससे मिली क्षमा हमें औरों को भी क्षमा करने की सामर्थ्य प्रदान करती है, जब हम यह ध्यान करते हैं कि हम अपनी सामर्थ्य से क्षमा नहीं कर सकते हैं, किन्तु उसकी सामर्थ्य और सहायता हमें इसके लिए सक्षम करती है। जब हम औरों से इसलिए प्रेम करते हैं क्योंकि हमारे उद्धारकर्ता ने भी उनसे प्रेम किया है, और क्षमा करते हैं क्योंकि हमें भी क्षमा किया गया है, तो परमेश्वर हमें शक्ति देता है कि हम पिछली बातों को पीछे छोड़कर, उसके साथ आगे अनुग्रह के नए और मनोहर स्थानों में चलें, भरपूरी से क्षमा का आनन्द प्राप्त करें। - जेम्स बैंक्स

 

परमेश्वर की क्षमा वह कसौटी है जिस पर मैं परखा जाता हूँ। - ऑस्वाल्ड  चैम्बर्स


सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:7-11

1 पतरस 4:7 सब बातों का अन्त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।

1 पतरस 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है।

1 पतरस 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे का अतिथि-सत्कार करो।

1 पतरस 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों के समान  एक दूसरे की सेवा में लगाए।

1 पतरस 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानो परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 27-28 
  • मत्ती 21:1-22

रविवार, 31 जनवरी 2021

संतान

 

          मुझे खुशी होती है जब कोई उदार और परोपकारी व्यक्ति बेघर बच्चों की देखरेख के लिए अनाथालय बनवाता है। मैं और भी बहुत आनन्दित और उत्साहित होता हूँ जब वह व्यक्ति कुछ और आगे बढ़कर, उन बच्चों में से किसी को गोद ले लेता है। अधिकांश बेघर और अनाथ बच्चे इसी से बहुत आनन्दित हो जाएंगे कि उनकी देखभाल करने के लिए कोई सहायक उन्हें मिल गया है। लेकिन उस बच्चे की खुशी के बारे में सोचिए जो यह जान लेता है कि उनका सहायक न केवल उसकी सहायता करना चाहता है, वरन उस बच्चे को भी चाहता है, और उसे अपनाना चाहता है। उसे कैसा अद्भुत आनन्द होगा।

          यदि आप परमेश्वर की संतान हैं, तो आप इस आनन्द को पहले ही अनुभव कर चुके हैं। यदि परमेश्वर हम से केवल इतना भर प्रेम करता कि हमें नाश से बचाने के लिए अपने पुत्र को भेज देता (यूहन्ना 3:16), तो वही हमारे लिए काफी होता। लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल से हम सीखते हैं कि परमेश्वर के लिए इतना ही काफी नहीं था। परमेश्वर ने अपने पुत्र को न केवल हमें पाप और शैतान के चंगुल से बचाने के लिए भेजा वरन इसलिए भी कि बचाए जाने के साथ ही हम उसके गोद लिए हुए संतान भी बन जाएँ (गलातियों 4:4-5)।

          प्रेरित पौलुस हमें “पुत्र” कहकर संबोधित करता है, क्योंकि पुत्र पिता की जायदाद का वारिस होता है। उसके कहने का अर्थ है कि अब जो कोई प्रभु यीशु में विश्वास लाता है, वह परमेश्वर की संतान हो जाता है और वारिस भी (पद 7)।

          परमेश्वर केवल आपको बचाना ही नहीं चाहता है; वह आपको भी चाहता है। उसने आपको अपने परिवार का सदस्य बनाया है, आपको अपना नाम दिया है (प्रकाशितवाक्य 3:12), और गर्व से आपको अपनी संतान कहता है। संभव ही नहीं है कि आपको किसी इससे अधिक महत्वपूर्ण और महान हस्ती के द्वारा या इससे अधिक बढ़कर प्रेम किया जाए! मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा आप केवल परमेश्वर से आशीषित ही नहीं हो, आप परमेश्वर की संतान भी बन गए हो; आपका स्वर्गीय पिता आप से असीम प्रेम करता है। - माइक विटमर

 

आप न केवल बचाए गए हैं, आप संतान और वारिस भी बनाए गए हैं।


और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब कि हम उसके साथ दुख उठाएं कि उसके साथ महिमा भी पाएँ। - रोमियों 8:17

बाइबल पाठ: गलातियों 4:1-7

गलतियों 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्तुओं का स्वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं।

गलतियों 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक संरक्षकों और प्रबंधकों के वश में रहता है।

गलतियों 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे।

गलतियों 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ।

गलतियों 4:5 ताकि व्यवस्था के अधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले।

गलतियों 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है।

गलतियों 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 25-26 
  • मत्ती 20:17-34

शनिवार, 30 जनवरी 2021

कार्य

 

          मैं अपनी सहेली के कंधे पर झुके हुए उसके सेल फोन को देख रही थी, जिसमें उसने सूक्ष्मदर्शी यंत्र (माइक्रोस्कोप) की सहायता से अति सूक्ष्म जीवों की तस्वीरें ले रखी थीं। मैंने उस से उन जीवों के बारे में पूछा तो उसने मुझे उनके और उनकी रचना के बारे में बताया। उन तस्वीरों को देखते हुए मैं दंग रह गई कि परमेश्वर ने इतने सूक्ष्म जीवों में भी, जिन्हें हम अपनी आँख से बिना सूक्ष्मदर्शी यंत्र के देख भी नहीं सकते हैं, इतनी विलक्षण और जटिल कारीगरी डाल रखी है।

          परमेश्वर की रचना और कारीगरी असीम हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में, अय्यूब की पुस्तक में, अय्यूब का एक मित्र, एलीहू, यह बात अय्यूब को तब समझाता है जब अय्यूब अपनी हानि को समझ पाने के लिए जूझ रहा होता है। एलीहू अय्यूब से कहता है,हे अय्यूब! इस पर कान लगा और सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ईश्वर के आश्चर्यकर्मों का विचार कर। क्या तू जानता है, कि परमेश्वर कैसे अपने बादलों को आज्ञा देता, और अपने बादल की बिजली को चमकाता है? क्या तू घटाओं का तौलना, या सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म जानता है?” (अय्यूब 37:14-16)। हम मनुष्य अपनी सीमित बुद्धि और समझ के द्वारा परमेश्वर की सृष्टि की जटिलता और बारीकी को समझना आरंभ भी नहीं कर सकते हैं।

          परमेश्वर की सृष्टि के वे सूक्ष्म भाग भी, जिन्हें हम बिना यंत्रों की सहायता से देख भी नहीं पाते हैं, परमेश्वर की अद्भुत महिमा और सामर्थ्य की गवाही देते हैं। उसकी महिमामय उपस्थिति हमें घेरे हुए है। हम चाहे जिस भी परिस्थिति से होकर क्यों न निकल रहे हों, परमेश्वर हमारे साथ है, हमारे लिए कार्य कर रहा है, चाहे हम उस कार्य को देखने अथवा समझने न भी पाएँ। उसके अद्भुत कार्यों के लिए हम उसकी स्तुति और आराधना करें क्योंकि “वह तो ऐसे बड़े काम करता है जिनकी थाह नहीं लगती, और इतने आश्चर्यकर्म करता है, जो गिने नहीं जाते” (अय्यूब 5:9)। - जूली श्वाब

 

परमेश्वर की सृष्टि ही उसकी गवाह है।


क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ्य, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। - रोमियों 1:20

बाइबल पाठ: अय्यूब 37:14-24

अय्यूब 37:14 हे अय्यूब! इस पर कान लगा और सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ईश्वर के आश्चर्यकर्मों का विचार कर।

अय्यूब 37:15 क्या तू जानता है, कि परमेश्वर कैसे अपने बादलों को आज्ञा देता, और अपने बादल की बिजली को चमकाता है?

अय्यूब 37:16 क्या तू घटाओं का तौलना, या सर्वज्ञानी के आश्चर्यकर्म जानता है?

अय्यूब 37:17 जब पृथ्वी पर दक्खिनी हवा ही के कारण से सन्नाटा रहता है तब तेरे वस्त्र क्यों गर्म हो जाते हैं?

अय्यूब 37:18 फिर क्या तू उसके साथ आकाशमण्डल को तान सकता है, जो ढाले हुए दर्पण के तुल्य दृढ़ है?

अय्यूब 37:19 तू हमें यह सिखा कि उस से क्या कहना चाहिये? क्योंकि हम अन्धियारे के कारण अपना व्याख्यान ठीक नहीं रच सकते।

अय्यूब 37:20 क्या उसको बताया जाए कि मैं बोलना चाहता हूँ? क्या कोई अपना सत्यानाश चाहता है?

अय्यूब 37:21 अभी तो आकाशमण्डल में का बड़ा प्रकाश देखा नहीं जाता जब वायु चलकर उसको शुद्ध करती है।

अय्यूब 37:22 उत्तर दिशा से सुनहली ज्योति आती है ईश्वर भय योग्य तेज से आभूषित है।

अय्यूब 37:23 सर्वशक्तिमान जो अति सामर्थी है, और जिसका भेद हम पा नहीं सकते, वह न्याय और पूर्ण धर्म को छोड़ अत्याचार नहीं कर सकता।

अय्यूब 37:24 इसी कारण सज्जन उसका भय मानते हैं, और जो अपनी दृष्टि में बुद्धिमान हैं, उन पर वह दृष्टि नहीं करता।

 

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24 
  • मत्ती 20:1-16

शुक्रवार, 29 जनवरी 2021

सक्रिय

 

          हाल ही में मैं अपनी एक सहेली से बात कर रही थी, और उसने मुझे बताया कि क्यों उसने अपने विश्वास को त्याग दिया है। ऐसा करने के लिए उसने मुझे वही पुराना चला आ रहा तर्क दिया : “मैं कैसे ऐसे परमेश्वर में विश्वास रख सकती हूँ जो कुछ करता हुआ प्रतीत ही नहीं होता है?” यह झकझोरने वाला प्रश्न हम सभी के सामने कभी न कभी अवश्य आता है, विशेषकर तब जब हम संसार में हो रही हिंसा की घटनाओं या प्राकृतिक आपदाओं या लोगों के शोषण किए जाने, आदि के बारे में देखते-पढ़ते हैं, या अपने ही किसी दुःख का सामना कर रहे होते हैं। मेरी सहेली की व्यथा ने प्रकट किया कि कैसे उसकी अपनी इच्छा यही थी कि परमेश्वर उसके पक्ष में होकर शीघ्रता से कार्य करे; जिस व्यथा का हम सभी संभवतः सामना कर चुके हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि इस्राएल भी इस स्थिति का सामना कर चुका था। बेबीलोन के साम्राज्य ने इस्राएल को कठोरता से कुचल डाला था, और यरूशलेम को बर्बाद कर डाला था। यशायाह भविष्यद्वक्ता ने लोगों की भावनाओं को आवाज़ देते हुए पूछा, “वह परमेश्वर कहाँ है जिसे हमें बचा लेना चाहिए?” (यशायाह 63:11-15)। लेकिन फिर भी ठीक उसी स्थान से यशायाह एक साहसी प्रार्थना भी करता है, और परमेश्वर से आग्रह करता है, “भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे सामने कांप उठे” (64:1)। यशायाह की पीड़ा और दुःख ने उसे परमेश्वर से दूर हो जाने के लिए नहीं, वरन उसके और भी निकट बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

          हमारे संदेह और कठिनाइयाँ हमारे लिए एक अनोखा उपहार बन जाते हैं; उनके द्वारा हम जानने पाते हैं कि हम कितने खोए हुए हैं और हमें परमेश्वर की निकटता में बढ़ने की कितनी आवश्यकता है। हम प्रभु यीशु मसीह के आगमन में देखते हैं कि परमेश्वर वास्तव में आकाश फाड़ कर हमारे लिए पृथ्वी पर उतरा आया। उसने अपनी देह को पीटे और तोड़े जाने दिया जिससे कि हमारे प्रति अपने प्रेम को दिखा सके। वह आज भी हमारे साथ बना रहता है, हम में होकर कार्य करता है, हमारे लिए विनती प्रार्थना कर रहा है, स्थान तैयार कर रहा है, और हमें अपने दूसरे आगमन के लिए तैयार कर रहा है, जिससे कि हम अनंतकाल तक उसके साथ रहने वाले हो सकें।

          परमेश्वर शिथिल या निष्क्रिय नहीं है; वह आज भी संसार भर में सक्रिय है। - विन्न कोलियर

 

परमेश्वर हमारे पक्ष में सदा सक्रिय रहता है।


मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। - यूहन्ना 14:2, 3

बाइबल पाठ: यशायाह 64:1-8

यशायाह 64:1 भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे सामने काँप उठे।

यशायाह 64:2 जैसे आग झाड़-झँखाड़ को जला देती या जल को उबालती है, उसी रीति से तू अपने शत्रुओं पर अपना नाम ऐसा प्रगट कर कि जाति जाति के लोग तेरे प्रताप से कांप उठें!

यशायाह 64:3 जब तू ने ऐसे भयानक काम किए जो हमारी आशा से भी बढ़कर थे, तब तू उतर आया, पहाड़ तेरे प्रताप से कांप उठे।

यशायाह 64:4 क्योंकि प्राचीनकाल ही से तुझे छोड़ कोई और ऐसा परमेश्वर न तो कभी देखा गया और न कान से उसकी चर्चा सुनी गई जो अपनी बाट जोहने वालों के लिये काम करे।

यशायाह 64:5 तू तो उन्हीं से मिलता है जो धर्म के काम हर्ष के साथ करते, और तेरे मार्गों पर चलते हुए तुझे स्मरण करते हैं। देख, तू क्रोधित हुआ था, क्योंकि हम ने पाप किया; हमारी यह दशा तो बहुत काल से है, क्या हमारा उद्धार हो सकता है?

यशायाह 64:6 हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं, और हमारे धर्म के काम सब के सब मैले चिथड़ों के समान हैं। हम सब के सब पत्ते के समान मुर्झा जाते हैं, और हमारे अधर्म के कामों ने हमें वायु के समान उड़ा दिया है।

यशायाह 64:7 कोई भी तुझ से प्रार्थना नहीं करता, न कोई तुझ से सहायता लेने के लिये चौकसी करता है कि तुझ से लिपटा रहे; क्योंकि हमारे अधर्म के कामों के कारण तू ने हम से अपना मुंह छिपा लिया है, और हमें हमारी बुराइयों के वश में छोड़ दिया है।

यशायाह 64:8 तौभी, हे यहोवा, तू हमारा पिता है; देख, हम तो मिट्टी है, और तू हमारा कुम्हार है; हम सब के सब तेरे हाथ के काम हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 21-22 
  • मत्ती 19

गुरुवार, 28 जनवरी 2021

स्तुति

 

          मैं अपनी साप्ताहिक ट्रेन यात्रा के लिए ट्रेन स्टेशन पर खड़ी ट्रेन की प्रतीक्षा कर रही थी, और जैसा कि ऐसे समय में यात्रियों के साथ होता है, मेरे मन भी कई प्रकार के विचार आने लगे। शीघ्र ही क़र्ज़ चुकाने को लेकर तनाव, किसी के द्वारा मुझ से कहे गए कटु शब्द, हाल ही में मेरे परिवार के एक सदस्य के साथ हुए अन्याय को सहना करना, आदि विचारों ने मेरे मन को खराब कर दिया, और ट्रेन के आने के समय तक मैं बहुत ही कटु मनःस्थिति में आ गई थी।

          ट्रेन में बैठने के बाद मेरे मन में एक और विचार आया : अपने मन के इन सभी विचारों को लेकर परमेश्वर को एक चिट्ठी लिखो, और उसे सारी बातें विस्तार से बताओ। मैंने अपनी डायरी में सारी बातें लिखनी आरंभ कीं; जब मैं सब कुछ लिख चुकी, तो मैंने अपना फोन निकाला और उसमें भरे हुए परमेश्वर की स्तुति के गीत सुनने लग गई। थोड़ी ही देर में मेरी मनःस्थिति बिलकुल बदल गई थी।

          तब मुझे यह एहसास नहीं था कि मैंने जो किया था वह परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 94 के लिखने वाले के द्वारा दिए गए नमूने के अनुसार था। उस भजन में, भजनकार ने पहले अपनी शिकायतें परमेश्वर के सामने उडेलीं : “हे पृथ्वी के न्यायी उठ; और घमण्डियों को बदला दे! ...  कुकर्मियों के विरुद्ध मेरी ओर कौन खड़ा होगा? मेरी ओर से अनर्थकारियों का कौन सामना करेगा?” (भजन 94:2, 16)। उसने परमेश्वर से विधवाओं और अनाथों के साथ हो रहे अन्याय के बारे में बताते समय कुछ भी छिपा न रखा। एक बार जब वह अपने दिल की सारी बातें बता चुका, तब वह परमेश्वर की स्तुति की ओर मुड़ा “परन्तु यहोवा मेरा गढ़, और मेरा परमेश्वर मेरी शरण की चट्टान ठहरा है” (पद 22)।

          परमेश्वर हमें निमंत्रित करता है कि हम अपने दुखी मन की सारी बातें उसके सामने ब्यान करें। वह हमारे भय, उदासी, असहाय होने के भाव को भी अपनी स्तुति में बदल सकता है। उसकी स्तुति हमारे दुखी मन को चंगा कर देती है। - लिंडा वाशिंगटन

 

स्तुति हमारे सबसे भारी बोझ को भी हल्का बना देती है।


तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं प्रतिदिन सात बेर तेरी स्तुति करता हूं। - भजन 119:164

बाइबल पाठ: भजन 94

भजन 94:1 हे यहोवा, हे पलटा लेने वाले ईश्वर, हे पलटा लेने वाले ईश्वर, अपना तेज दिखा!

भजन 94:2 हे पृथ्वी के न्यायी उठ; और घमण्डियों को बदला दे!

भजन 94:3 हे यहोवा, दुष्ट लोग कब तक, दुष्ट लोग कब तक डींग मारते रहेंगे?

भजन 94:4 वे बकते और ढिठाई की बातें बोलते हैं, सब अनर्थकारी बड़ाई मारते हैं।

भजन 94:5 हे यहोवा, वे तेरी प्रजा को पीस डालते हैं, वे तेरे निज भाग को दु:ख देते हैं।

भजन 94:6 वे विधवा और परदेशी का घात करते, और अनाथों को मार डालते हैं;

भजन 94:7 और कहते हैं, कि याह न देखेगा, याकूब का परमेश्वर विचार न करेगा।

भजन 94:8 तुम जो प्रजा में पशु सरीखे हो, विचार करो; और हे मूर्खों तुम कब तक बुद्धिमान हो जाओगे?

भजन 94:9 जिसने कान दिया, क्या वह आप नहीं सुनता? जिसने आंख रची, क्या वह आप नहीं देखता?

भजन 94:10 जो जाति जाति को ताड़ना देता, और मनुष्य को ज्ञान सिखाता है, क्या वह न समझाएगा?

भजन 94:11 यहोवा मनुष्य की कल्पनाओं को तो जानता है कि वे मिथ्या हैं।

भजन 94:12 हे याह, क्या ही धन्य है वह पुरुष जिस को तू ताड़ना देता है, और अपनी व्यवस्था सिखाता है,

भजन 94:13 क्योंकि तू उसको विपत्ति के दिनों में उस समय तक चैन देता रहता है, जब तक दुष्टों के लिये गड़हा नहीं खोदा जाता।

भजन 94:14 क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा को न तजेगा, वह अपने निज भाग को न छोड़ेगा;

भजन 94:15 परन्तु न्याय फिर धर्म के अनुसार किया जाएगा, और सारे सीधे मन वाले उसके पीछे पीछे हो लेंगे।

भजन 94:16 कुकर्मियों के विरुद्ध मेरी ओर कौन खड़ा होगा? मेरी ओर से अनर्थकारियों का कौन सामना करेगा?

भजन 94:17 यदि यहोवा मेरा सहायक न होता, तो क्षण भर में मुझे चुपचाप हो कर रहना पड़ता।

भजन 94:18 जब मैं ने कहा, कि मेरा पांव फिसलने लगा है, तब हे यहोवा, तेरी करुणा ने मुझे थाम लिया।

भजन 94:19 जब मेरे मन में बहुत सी चिन्ताएं होती हैं, तब हे यहोवा, तेरी दी हुई शान्ति से मुझ को सुख होता है।

भजन 94:20 क्या तेरे और दुष्टों के सिंहासन के बीच सन्धि होगी, जो कानून की आड़ में उत्पात मचाते हैं?

भजन 94:21 वे धर्मी का प्राण लेने को दल बान्धते हैं, और निर्दोष को प्राण दण्ड देते हैं।

भजन 94:22 परन्तु यहोवा मेरा गढ़, और मेरा परमेश्वर मेरी शरण की चट्टान ठहरा है।

भजन 94:23 और उसने उनका अनर्थ काम उन्हीं पर लौटाया है, और वह उन्हें उन्हीं की बुराई के द्वारा सत्यानाश करेगा; हमारा परमेश्वर यहोवा उन को सत्यानाश करेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 19-20 
  • मत्ती 18:21-35

बुधवार, 27 जनवरी 2021

साहस

 

          इस्राएल में ‘याद वशेम में एक संग्रहालय है Holocaust Museum जिसे दूसरे विश्व-युद्ध के समय जर्मनी के नात्ज़ियों द्वारा यहूदियों पर किए गए अत्याचारों का स्मारक बनाया गया है। उस संग्रहालय में एक उद्यान है जिसे Righteous Amongst the Naions (राष्ट्रों में से धर्मी) उद्यान कहा जाता है और जिसे उन लोगों के स्मारक के रूप में बनाया गया है जिन्होंने उस अत्याचार के समय में यहूदियों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी। वहाँ के स्मारक पट्टिकाओं को देखते हुए हमारी मुलाक़ात नीदरलैंड से आए एक समूह से हुई। उनमें से एक महिला वहाँ पर लिखे हुए नामों में अपने दादा-दादी के नाम खोजने का प्रयास कर रही थी। कौतूहल के साथ हमने उससे उनके परिवार की कहानी को पूछा।

          उसने बताया कि उसके दादा-दादी, पास्टर पीटर और अद्रियाना म्यूलर, गुप्त रीति से नात्ज़ियों के विरोध में कार्य करने वालों में सम्मिलित थे। उन्होंने दो वर्षीय यहूदी लड़के को अपने घर में शरण दी और उसे अपने आठ बच्चों में से सबसे छोटी संतान कहकर उसका 1943-45 तक पालना-पोषण करता रहे। उनकी इस कहानी से द्रवित होकर हमने उन से पूछा, “क्या वह यहूदी बच्चा जीवित बच सका?” तो उनके समूह में से एक वृद्ध व्यक्ति आगे आया और बोला, “मैं ही वह लड़का हूँ!”

          अनेकों लोगों की यहूदी लोगों की सहायता करने के साहस की कहानियाँ मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में रानी एस्तेर की याद दिलाती है। हो सकता है कि रानी ने सोचा हो कि लगभग 475 ईस्वी पूर्व में राजा क्षयर्ष द्वारा उसके राज्य भर में यहूदियों को मार डालने की आज्ञा से वह महल में होने के कारण बच जाएगी, क्योंकि उसने अपनी जाति को छिपाए रखा था। परन्तु उसके चचेरे भाई, मोर्दकै ने उसे कायल किया कि वह अपनी जान का जोखिम उठाकर भी यहूदियों के पक्ष में होकर कार्य करे, और अपने यहूदी वंश के होने को छिपाए न रखे, क्योंकि परमेश्वर ने उसे उस स्थान तक ऐसे ही समय के लिए पहुँचाया था (एस्तेर 4:14)।

          हो सकता है कि हमें कभी ऐसी परिस्थिति का सामना न करना पड़े जिसमें हमें इतने नाटकीय निर्णय करने पड़ें, ऐसा साहस दिखाना पड़े। किन्तु यह संभव है कि हमारे सामने ऐसी परिस्थितियाँ हो सकती हैं जिनमें हमें किसी अन्याय के विरुद्ध बोलना पड़े, या साथ देने से मना करना पड़े, या समर्थन न करने के लिए चुप रहना पड़े; या किसी परेशानी में पड़े हुए व्यक्ति की सहायता करने के लिए सामने आना पड़े। प्रभु परमेश्वर हमारी सहायता करे कि हम ऐसी परिस्थिति में उचित साहस दिखाने वाले हो सकें। - लीसा सामरा

 

परमेश्वर से पूछें कि आपको किन की सहायता के लिए खड़ा होने की आवश्यकता है।


तब राजा [प्रभु यीशु] उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। - मत्ती 25:40

बाइबल पाठ: एस्तेर 4:5-14

एस्तेर 4:5 तब एस्तेर ने राजा के खोजों में से हताक को जिसे राजा ने उसके पास रहने को ठहराया था, बुलवा कर आज्ञा दी, कि मोर्दकै के पास जा कर मालूम कर ले, कि क्या बात है और इसका क्या कारण है।

एस्तेर 4:6 तब हताक नगर के उस चौक में, जो राजभवन के फाटक के सामने था, मोर्दकै के पास निकल गया।

एस्तेर 4:7 मोर्दकै ने उसको सब कुछ बता दिया कि मेरे ऊपर क्या क्या बीता है, और हामान ने यहूदियों के नाश करने की अनुमति पाने के लिये राज-भणडार में कितनी चान्दी भर देने का वचन दिया है, यह भी ठीक ठीक बतला दिया।

एस्तेर 4:8 फिर यहूदियों को विनाश करने की जो आज्ञा शूशन में दी गई थी, उसकी एक नकल भी उसने हताक के हाथ में, एस्तेर को दिखाने के लिये दी, और उसे सब हाल बताने, और यह आज्ञा देने को कहा, कि भीतर राजा के पास जा कर अपने लोगों के लिये गिड़गिड़ाकर बिनती करे।

एस्तेर 4:9 तब हताक ने एस्तेर के पास जा कर मोर्दकै की बातें कह सुनाईं।

एस्तेर 4:10 तब एस्तेर ने हताक को मोर्दकै से यह कहने की आज्ञा दी,

एस्तेर 4:11 कि राजा के सब कर्मचारियों, वरन राजा के प्रान्तों के सब लोगों को भी मालूम है, कि क्या पुरुष क्या स्त्री कोई क्यों न हो, जो आज्ञा बिना पाए भीतरी आंगन में राजा के पास जाएगा उसके मार डालने ही की आज्ञा है; केवल जिसकी ओर राजा सोने का राजदण्ड बढ़ाए वही बचता है। परन्तु मैं अब तीस दिन से राजा के पास नहीं बुलाई गई हूँ।

एस्तेर 4:12 एस्तेर की ये बातें मोर्दकै को सुनाईं गई।

एस्तेर 4:13 तब मोर्दकै ने एस्तेर के पास यह कहला भेजा, कि तू मन ही मन यह विचार न कर, कि मैं ही राजभवन में रहने के कारण और सब यहूदियों में से बची रहूंगी।

एस्तेर 4:14 क्योंकि जो तू इस समय चुपचाप रहे, तो और किसी न किसी उपाय से यहूदियों का छुटकारा और उद्धार हो जाएगा, परन्तु तू अपने पिता के घराने समेत नाश होगी। फिर क्या जाने तुझे ऐसे ही कठिन समय के लिये राजपद मिल गया हो?

 

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 16-18 
  • मत्ती 18:1-20