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मंगलवार, 5 जून 2012

विश्वास

   जब मेरी सहेली के पति डेव, अचानक निढाल होकर गिर पड़े, और फिर बाद में उनकी मृत्यु हो गई तो किसी को कोई शक नहीं था कि उनका जीवन जाता रहा था; लोगों ने यह सब देखा था, इन बातों के गवाह थे। प्रभु यीशु की मृत्यु के लिए भी यह सच था; उनकी मृत्यु के भी गवाह थे। परन्तु तीसरे दिन कुछ अद्भुत हो गया - प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठे! यह भी सच है, इसके भी गवाह हैं जिन्होंने उन्हें जीवित देखा, उनसे बातें करीं, उन के साथ रहे।

   जब हम डेव के अन्तिम संसकार के लिए एकत्रित हुए तो परमेश्वर के वचन बाइबल से हमने वे जाने पहचाने खंड पढ़े जो हमें इस बात कि याद दिलाते हैं कि डेव अब स्वर्ग में एक नए जीवन के आनन्द में हैं। यद्यपि हम इन प्रतिज्ञाओं को केवल विश्वास के आधार पर ही स्वीकार करते हैं क्योंकि हम में से किसी ने भी डेव को स्वर्ग में जाते हुए नहीं देखा है; किंतु प्रभु यीशु के लिए ऐसा नहीं है। बहुत से गवाहों ने उन्हें स्वर्ग पर जाते देखा (प्रेरितों १:९)। एक गवाह ऐसा भी है जिसने प्रभु यीशु को स्वर्ग में विद्यमान देखा है - स्तिफनुस ने "कहा, देखो, मैं स्‍वर्ग को खुला हुआ, और मनुष्य के पुत्र को परमेश्वर के दाहिनी ओर खड़ा हुआ देखता हूं" (प्रेरितों ७:५६)। प्रभु यीशु के इस कथन पर कि वह हमारे लिए स्वर्ग में स्थान तैयार करने जाता है (यूहन्ना १४:२) हम इसलिए भी विश्वास कर सकते हैं क्योंकि उसे स्वर्ग में जीवित देखा गया है।

   जब हमारा कोई प्रीय स्वर्ग सिधार जाता है, तो हम दुख और निराशा के गर्त में जाने लगते हैं। ऐसे में हमें कभी भी नहीं भूलना चाहिए कि जिस परमेश्वर ने प्रभु यीशु को मृतकों में से जिला कर स्वर्ग ले जाने की अपनी प्रतिज्ञा पूरी करी है, वही परमेश्वर हम सब मसीही विश्वासियों को भी प्रभु यीशु के पास स्वर्ग में ले जाने का वायदा करता है, और वह सदा ही अपने वायदों के पूरे करने में विश्वासयोग्य रहा है।

   हमारा विश्वास हमारे सच्चे और जीवित परमेश्वर के अटल वचन पर स्थापित है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


स्वर्ग की प्रतिज्ञा हमारी अनन्त आशा है।

यह कह कर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया, और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया। - प्रेरितों १:९

बाइबल पाठ: प्रेरितों १:१-११
Act 1:1  हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्‍तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा।
Act 1:2  उस दिन तक जब वह उन प्ररितों को जिन्‍हें उस ने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया।
Act 1:3  और उस ने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पक्के प्रमाणों से अपने आप को उन्‍हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्‍हें दिखाई देता रहा : और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा।
Act 1:4  ओर उन से मिल कर उन्‍हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्‍तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो।
Act 1:5  क्‍योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्‍तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे।
Act 1:6  सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्‍या तू इसी समय इस्‍त्राएल को राज्य फेर देगा?
Act 1:7  उस ने उन से कहा, उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं।
Act 1:8 परन्‍तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।
Act 1:9  यह कह कर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया, और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया।
Act 1:10  और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरूष श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए उन के पास आ खड़े हुए।
Act 1:11  और कहने लगे, हे गलीली पुरूषों, तुम क्‍यों खड़े स्‍वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्‍वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्‍वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास २३-२४ 
  • यूहन्ना १५

सोमवार, 4 जून 2012

कपट और खण्डन

   जब उस दोषी राजनितज्ञ को अपने अनुचित और निन्दनीय व्यवहार के लिए पत्रकारों का सामना करना पड़ा, तो उसने बड़े भोलेपन से उत्तर दिया, "मुझे ऐसी कोई बात स्मरण नहीं आती।" एक सार्वजनिक व्यक्ति द्वारा कपट और खण्डन के प्रयोग से अपने काले कारनामों के उत्तरदायित्व से बच निकलने का यह एक और उदाहरण था। जब किसी को अपने दुषकर्मों के दायित्व से बचने के लिए कोई मार्ग चाहिए होता है, तो वे अकसर इसी बात का उपयोग करते हैं - कपट और खण्डन द्वारा ध्यान अपने से हटा कर किसी दूसरे पर कर देना; किसी दूसरे को ज़िम्मेदार ठहरा कर उसे फंसा देना और आप बच निकलना।

   मसीही विश्वासी भी इस से अछूते नहीं हैं। यह भी देखने में आता है कि हम मसीही विश्वासी भी कभी कभी अपने गलत व्यवहार के लिए अनजान होने का बहाना बनाते हैं, या फिर अन्य किसी को उसके लिए ज़िम्मेदार ठहराने का प्रयास करते हैं, नहीं तो किसी न किसी बात के कारण उस व्यवहार को उचित ठहराना चाहते हैं - परन्तु हम भूल जाते हैं कि हमारा परमेश्वर सच्चाई को जानता है। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि "...क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है" (१ शमूएल १६:७)। यह बात हर हाल में सच है, चाहे मन स्वच्छ हो या मलिन। हम मनुष्यों को धोखा दे सकते हैं जो केवल बाहरी रूप ही को देख पाते हैं; चाहे हम बाहर से कितने भी मासूम क्यों ना दिखें, परमेश्वर हमारे हृदय कि हर दशा को जानता है; उस से कुछ भी छुपा हुआ नहीं है, और वह अपने इसी ज्ञान के आधार पर हम से लेखा लेगा और हमें प्रतिफल देगा।

   इसलिए बुद्धिमानी इसी में है कि हम विनम्रता के साथ अपने पाप परमेश्वर के सामने मान लें और उससे क्षमा मांग लें, क्योंकि वह चाहता है कि हम सत्य को स्वीकार करें (भजन ५१:६)। पाप के दुषपरिणामों से बचने का एकमात्र मार्ग है उन्हें मान लेना, उनके लिए पश्चाताप कर लेना और परमेश्वर से उनकी क्षमा मांगे लेना; इसी के द्वारा परमेश्वर के साथ हमारि संगति फिर से बहाल हो सकती है। - बिल क्राउडर


हम दुसरे मनुष्यों को धोखा दे सकते हैं, परन्तु परमेश्वर को नहीं, जो हमारे वास्तविक दशा भली भांति जानता है।


...क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है। - १ शमूएल १६:७

बाइबल पाठ: भजन ५१:१-१०
Psa 51:1  हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
Psa 51:2  मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ा कर मुझे शुद्ध कर!
Psa 51:3  मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
Psa 51:4  मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
Psa 51:5  देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psa 51:6  देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
Psa 51:7  जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Psa 51:8  मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं।
Psa 51:9  अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psa 51:10  हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास २१-२२ 
  • यूहन्ना १४

रविवार, 3 जून 2012

निशाना

   सन २००४ के ओलंपिक खेलों में राइफल से निशानेबाज़ी में स्वर्णपदक जीतने वाले मैट इम्मोन्स एक और पदक जीतने के बहुत करीब थे। वह अन्य खिलाड़ियों से निर्णायक रीति से आगे थे और अपने अंतिम प्रयास में केंद्र बिंदु पर निशाना लगा सकने की आशा रखते थे। उन्होंने निशाना लगाया, गोली सही जगह लगी भी किंतु कुछ गलत हो गया; ऐसा गलत कि जिससे उनकी वर्यिता गिर कर आठवें स्थान पर आ गई और वे पदक से चूक गए! उन्होंने निशाना तो साधा था, किंतु अपने नहीं अपने साथ वाले प्रत्योगी के निशाने पर। गलत निशाना साधने की इस चूक ने उनके लिए सब कुछ उलट-पुलट कर दिया।

   प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पियों को लिखी अपनी पत्री में, मसीही जीवन में, विश्वासियों के लिए सही निशाने पर निशाना साधने की महत्वता पर ज़ोर दिया: "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों ३:१३-१४)।

   पौलुस ने एक धावक के लक्ष्य की ओर दौड़ने के उदाहरण को भी लिया। रोचक बात है कि जो शब्द धावक के लक्ष्य के लिए प्रयोग हुआ है, उसका एक अन्य अर्थ तीरंदाज़ी में तीर चलाने के लक्ष्य के लिए भी है। इन दोनो ही बातों में जीतना, लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के द्वारा ही संभव है। मसीही विश्वासी के लिए भी मसीह की समानता में ढलते जाने पर ध्यान केंद्रित रखना उसके पूरे जीवन की साधना होनी चाहिए (रोमियों ८:२८-२९; गलतियों ५:२२-२३)।

   आज आपका ध्यान किस बात पर केंद्रित है? क्या आपका ध्यान अधिकाधिक उन्नति पाने तथा सांसारिक यश और संपत्ति अर्जित कर लेने पर है? यदि आप मसीही विश्वासी हैं तो आपका सही निशाना अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में ढलना है (२ कुरिन्थियों ३:१८); और किसी बात पर ध्यान केंद्रित करना, गलत निशाने पर निशाना साधने के समान होगा, अन्ततः जिसके परिणाम अति दुखदायी होंगे।

   आज निश्चित कर लें कि आप सही निशाने पर अपना निशाना साध रहे हैं कि नहीं। - डेनिस फिशर


अपने जीवन को सबसे अधिक लाभकारी बनाने के लिए परमेश्वर के उद्देश्यों को अपना लक्ष्य बना लें।


निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। - फिलिप्पियों ३:१४

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ३:७-१४
Php 3:7  परन्‍तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।
Php 3:8  वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्‍हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्‍त करूं।
Php 3:9  और उस में पाया जाऊं, न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
Php 3:10  और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूं, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्‍त करूं।
Php 3:11  ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।
Php 3:12  यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।
Php 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।
Php 3:14  निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास १९-२० 
  • यूहन्ना १३:२१-३८

शनिवार, 2 जून 2012

प्रार्थना

   अधिकांश अंग्रज़ी बोलने वाले लोगों के लिए ASAP का अर्थ होता है "As Soon As Possible" अर्थात जितनी जल्दी हो सके। परन्तु मसीही विश्वासी के लिए इसका अर्थ "Always Say A Prayer" अर्थात सदा प्रार्थना कीजिए भी हो सकता है।

   इस्त्राएल के इतिहास में हिजकिय्याह यहूदा के राजाओं में सर्वश्रेष्ठ राजाओं में से एक था। अपने पिता अहाज़ के परमेश्वर विरोधी शासन के बाद, हिजकिय्याह ने अपने देश को वापस परमेश्वर की ओर मोड़ा और परमेश्वर की आराधना फिर से स्थापित करी (२ राजा १८:३-४)। किंतु फिर भी जब अश्शूर के राजा ने यहूदा पर चढ़ाई करी, तो वह उससे घबरा गया और उसे शान्त करने के लिए यरूशलेम में स्थित परमेश्वर के मन्दिर में से सोना उतरवाकर उसे भेंट कर दिया (२ राजा १८:१३-१६)।

   अश्शूर का राजा इससे संतुष्ट नहीं हुआ और एक और धमकी के साथ फिर से लौट कर यहूदा पर चढ़ाई करने को आया। अब हिजकिय्याह परमेश्वर की ओर मुड़ा और प्रार्थना करी: "...पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है...इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है" (२ राजा १९:१५-१९)। राजा हिजकिय्याह की इस प्रार्थना का परमेश्वर ने अद्भुत रीति से उत्तर दिया और उसे शत्रुओं के हाथों से छुड़ाया (२ राजा १९:३५-३७)।

   क्या आप भी किसी ऐसी समस्या से परेशान हैं जिसने आपको लाचार कर रखा है? यह समस्या आपके कार्य, परिवार या स्वास्थय से संबंधित हो सकती है। हो सकता है कि समाधान के आपके अपने सभी प्रयास विफल हो चुके हों। निराश और हताश ना हों, हमारे पास वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर है जिसके लिए कुछ भी असंभव नहीं, और जिसके पास उस में विश्वास के साथ, आप अपनी हर समस्या ले कर कभी भी आ सकते हैं। इसलिए स्मरण रखिए कि और कुछ करने से पहले "ASAP - Always Say A Prayer" अर्थात सदा प्रार्थना कीजिए। - सी. पी. हीया


किसी भी समस्या के लिए प्रार्थना हमारा प्रथम प्रत्युत्तर होना चाहिए ना कि अंतिम विकल्प।
 
इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है। - २ राजा १९:१९
 
बाइबल पाठ: २ राजा १९:१०-१९; ३५-३७
2Ki 19:10  तुम यहूदा के राजा हिजकिय्याह से यों कहना : तेरा परमेश्वर जिसका तू भरोसा करता है, यह कह कर तुझे धोखा न देने पाए, कि यरूशलेम अश्शूर के राजा के वश में न पड़ेगा।
2Ki 19:11  देख, तू ने तो सुना है अश्शूर के राजाओं ने सब देशों से कैसा य्यवहार किया है उन्हें सत्यानाश कर दिया है। फिर क्या तू बचेगा?
2Ki 19:12  गोजान और हारान और रेसेप और तलस्सार में रहने वाले एदेनी, जिन जातियों को मेरे पुरखाओं ने नाश किया, क्या उन में से किसी जाति के देवताओं ने उसको बचा लिया?
2Ki 19:13  हमात का राजा, और अर्पाद का राजा, और समवैंम नगर का राजा, और हेना और इथ्वा के राजा ये सब कहां रहे? इस पत्री को हिजकिय्याह ने दूतों के हाथ से लेकर पढ़ा।
2Ki 19:14  तब यहोवा के भवन में जाकर उसको यहोवा के साम्हने फैला दिया।
2Ki 19:15  और यहोवा से यह प्रार्थना की, कि हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! हे करूबों पर विराजने वाले! पृथ्वी के सब राज्यों के ऊपर केवल तू ही परमेश्वर है। आकाश और पृथ्वी को तू ही ने बनाया है।
2Ki 19:16  हे यहोवा! कान लगा कर सुन, हे यहोवा आंख खोल कर देख, और सन्हेरीब के वचनों को सुन ले, जो उस ने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को कहला भेजे हैं।
2Ki 19:17  हे यहोवा, सच तो है, कि अश्शूर के राजाओं ने जातियों को और उनके देशों को उजाड़ा है।
2Ki 19:18  और उनके देवताओं को आग में फेंका है, क्योंकि वे ईश्वर न थे; वे मनुष्यों के बनाए हुए काठ और पत्थर ही के थे, इस कारण वे उनको नाश कर सके।
2Ki 19:19  इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर यहोवा तू हमें उसके हाथ से बचा, कि पृथ्वी के राज्य राज्य के लोग जान लें कि केवल तू ही यहोवा है।
2Ki 19:35  उसी रात में क्या हुआ, कि यहोवा के दूत ने निकल कर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरुषों को मारा, और भोर को जब लोग सबेरे उठे, तब देखा, कि लोथ ही लोथ पड़ी हैं।
2Ki 19:36  तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया, और लौट कर नीनवे में रहने लगा।
2Ki 19:37  वहां वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दणडवत कर रहा था, कि अदेम्मेलेक और सरेसेर ने उसको तलवार से मारा, और अरारात देश में भाग गए। और उसी का पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • २ इतिहास १७-१८ 
  • यूहन्ना १३:१-२०

शुक्रवार, 1 जून 2012

प्रश्न

   एक अफ्रीकी कहावत है: "जो प्रश्न पूछता है वह भटकता नहीं।" परमेश्वर के वचन बाइबल में दाउद द्वारा उठाए गए प्रश्न हम इसी बात से समझ सकते हैं। अपने लिखे भजनों में दाउद ने परमेश्वर के सम्मुख कई प्रश्न किए, क्योंकि वह परमेश्वर के मार्गदर्शन का खोजी था, अपनी राह परमेश्वर की इच्छा के अनुकूल रखना चाहता था।

दाउद द्वारा पूछे गए प्रश्नों के कुछ उदाहरण देखिए:

  • परमेश्वर की योजना के कार्यान्वित होने की लालसा का प्रश्न - "हे यहोवा, कब तक?" (भजन ६:३)
  • परमेश्वर के प्रति श्रद्धा और भय का प्रश्न क्योंकि परमेश्वर एक पापी जन की भी चिंता करता है - "तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?" (भजन ८:४)
  • परमेश्वर की निकटता और उपस्थिति में हर समय बने रहने की लालसा का प्रश्न - "हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?" (भजन १०:१)
  • परमेश्वर के सम्मुख रह पाने के लिए सबसे मुख्य प्रश्न - " हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा?" (भजन १५:१)


   दाउद के पास परमेश्वर की संगति में रहने के लिए कुछ कठिन प्रश्न थे, क्योंकि वह अपने अनुभव से जान चुका था कि अपने जीवन में परमेश्वर को नज़रांदाज़ कर के अपनी लालसाओं की पूर्ति में पाप के मार्ग पर चल निकलने का क्या अंजाम होता है। जैसे जैसे वह अपने मनन में होकर भजन लिखता गया, वह परमेश्वर के हृदय को खोजने वाला व्यक्ति बनता गया, परमेश्वर की इच्छाओं को जानकर उन पर चलने वाला बन गया। इसीलिए नए नियम में आकर दाउद के विषय में परमेश्वर की ओर से लिखा गया : "जिस के विषय में उस [परमेश्वर] ने गवाही दी, कि मुझे एक मनुष्य यिशै का पुत्र दाऊद, मेरे मन के अनुसार मिल गया है। वही मेरे सारी इच्‍छा पूरी करेगा" (प्रेरितों १३:२२)।

   दाउद के समान, आपके भी मन में प्रश्न होंगे। उन्हें पूछते रहिये, और परमेश्वर के वचन और परमेश्वर के पवित्र आत्मा के कार्य में विश्वास रखकर, दाउद के समान परमेश्वर द्वारा दिखाए मार्ग पर चलते रहिए। - डेव ब्रैनन


प्रश्न पूछना अच्छा है; परमेश्वर के उत्तरों को खोजना और उनका पालन करना और भी अच्छा और लाभदायक है।

तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले? - भजन ८:४

बाइबल पाठ: भजन ८
Psa 8:1  हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है।
Psa 8:2  तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।
Psa 8:3  जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;
Psa 8:4  तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?
Psa 8:5  क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।
Psa 8:6  तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।
Psa 8:7  सब भेड़-बकरी और गाय-बैल और जितने वनपशु हैं,
Psa 8:8  आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव-जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।
Psa 8:9  हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास १५-१६ 
  • यूहन्ना १२:२७-५०

गुरुवार, 31 मई 2012

कब और कैसे?

   आज के समय की तकनीकी ने कुछ लोगों के लिए दिन रात काम करते रहना संभव बना दिया है। तकनीकी के कारण हमें काम करने के लिए कार्यस्थल पर ही रुकना आवश्यक नहीं है, हम अपना काम घर पर भी ला सकते हैं या अपने साथ अपनी छुट्टियों पर ले जा सकते हैं और उसे ज़ारी रख सकते हैं। जब तक बिजली उपलब्ध है, हमारा काम भी बिना रुके चलता रह सकता है।

   पिछली सर्दियों में बर्फबारी ने कई स्थानों और वहां के लोगों को ठहरा दिया। बर्फीले तूफनों से कई जगहों पर पेड़ और शाखाएं टूटकर गिर गए जिससे सड़कें रुक गईं और लोगों को घरों में रहना पड़ा। बिजली के तार भी गिर गए जिससे लोगों को ठंड और अन्धकार में समय बिताना पड़ा, और बिजली के अभाव में वे कुछ भी कर सकने की स्थिति में नहीं रहे।

   जब कभी कुछ ऐसा मेरे जीवन को बाधित करता है, तो मुझे एहसास होता है कि कार्य मेरे जीवन के लिए कितना आवश्यक है। यदि करने को कुछ ना हो तो मैं अपने आपको व्यर्थ और अयोग्य समझने लग जाता हूं। किंतु परमेश्वर नहीं चाहता कि हमारा कार्य हमारे लिये इतना आवश्यक हो जाए कि कोई बर्फीला तूफान या अन्य कोई प्राकृतिक आपदा ही हमें काम से रोकने पाए। परमेश्वर चाहता है कि हम सप्ताह में एक दिन समय निकालें और अपनी सांसारिक व्यस्तताओं से निकल कर उसकी ओर ध्यान दें, और अपने लिये फिर से सप्ताह भर के कार्य के लिए शक्ति पाएं। इसीलिये परमेश्वर ने इस्त्राएल को दी गई अपनी दस आज्ञाओं में एक आज्ञा अपने विश्राम दिन या सबत के दिन के विषय में दी जिस दिन परमेश्वर के लोगों, उनके सेवकों और उनके जानवरों को भी किसी प्रकार का कोई कार्य करना वर्जित था (निर्गमन २०:८-११; २३:१२)।

   चाहे नए नियम के इस काल में हम मसीही विश्वासी व्यवस्था के आधीन नहीं हैं, किंतु विश्राम का दिन और परमेश्वर का स्मरण हमारे लिये भी उतना ही आवश्यक है। सप्ताह में एक दिन अपने कार्य से विश्राम लेकर परमेश्वर की उपासना के लिए समर्पित कर देना ना केवल हमें स्वस्थ रखता है, हमारे पारिवारिक जीवन को भी बनाता है, और हमें परमेश्वर की आशीषों से भी भरता है; साथ ही हमें यह एहसास दिलाता रहता है कि कार्य हमारे जीवनों में परमेश्वर और उसकी आज्ञाकारिता से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है।

   परमेश्वर की ओर मुड़ने और विश्राम के लिये उसके विधान को मानने के लिये आप किस बात की प्रतीक्षा में हैं? क्या कोई प्रकृतिक आपदा या थके हुए मन और शरीर की व्याधि ही आपको विश्राम के लिए मजबूर कर सकगी? अपनी ही भलाई के लिए आप परमेश्वर के विधान को अपने जीवन में कब और कैसे लागू करेंगे? - डेव ब्रैनन


यदि कार्य की व्यस्तता से निकल कर विश्राम नहीं लेंगे तो किसी ’विश्राम’ द्वारा कार्य से ही निकाल दिए जाएंगे।

छ: दिन तक तो अपना काम काज करना, और सातवें दिन विश्राम करना, कि तेरे बैल और गदहे सुस्ताएं, और तेरी दासियों के बेटे और परदेशी भी अपना जी ठंडा कर सकें। - निर्गमन २३:१२

बाइबल पाठ: निर्गमन २०:१-१७
Exo 20:1  तब परमेश्वर ने ये सब वचन कहे,
Exo 20:2 कि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा हूं, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है।
Exo 20:3  तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर कर के न मानना।
Exo 20:4  तू अपने लिये कोई मूर्ति खोद कर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है।
Exo 20:5 तू उनको दण्डवत्‌ न करना, और न उनकी उपासना करना, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं,
Exo 20:6  और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं, उन हजारों पर करूणा किया करता हूं।
Exo 20:7  तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना, क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।
Exo 20:8  तू विश्राम दिन को पवित्र मानने के लिये स्मरण रखना।
Exo 20:9  छ: दिन तो तू परिश्रम कर के अपना सब काम काज करना;
Exo 20:10  परन्तु सातवां दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्राम दिन है। उस में न तो तू किसी भांति का काम काज करना, और न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरे पशु, न कोई परदेशी जो तेरे फाटकों के भीतर हो।
Exo 20:11  क्योंकि छ: दिन में यहोवा ने आकाश, और पृथ्वी, और समुद्र, और जो कुछ उन में है, सब को बनाया, और सातवें दिन विश्राम किया; इस कारण यहोवा ने विश्राम दिन को आशीष दी और उसको पवित्र ठहराया।
Exo 20:12  तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए।
Exo 20:13  तू खून न करना।
Exo 20:14  तू व्यभिचार न करना।
Exo 20:15  तू चोरी न करना।
Exo 20:16  तू किसी के विरूद्ध झूठी साक्षी न देना।
Exo 20:17  तू किसी के घर का लालच न करना, न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास-दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास १३-१४ 
  • यूहन्ना १२:१-२६

बुधवार, 30 मई 2012

यादगार

   प्रत्येक यादगार दिवस पर हम उन शहीदों को याद करते हैं जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अमेरिका में एक स्थान है जहां यह यादगार एक गंभीर और महत्वपूर्ण बात साल में केवल एक दिन नहीं वरन सारे साल बनी रहती है; यह स्थान है वॉशिंगटन के निकट स्थित आर्लिंगटन राष्ट्रीय कब्रिस्तान। यह वह स्थान है जहां उम्र के कारण जीवन समाप्त करने वाले बीते समय के युद्ध के वीरों और वर्तमान में संसार में स्थान स्थान पर चल रहे संघर्षों में काम आने वाले अमेरीकी सैनिकों को अन्तिम विदाई दी जाती है, और औसतन प्रतिदिन २५ अन्तिम संसकार किए जाते हैं।

   इस कब्रिस्तान की देख रेख और इन अन्तिम संसकारों का किया जाना अमेरिका की 3rd Infantry Regiment की एक टुकड़ी The Old Guard की ज़िम्मेदारी है। वे ही इन शहीदों के शवों को लेकर उनके अन्तिम स्थान तक ले जाते हैं और पूरे सैनिक सम्मान के साथ दफनाते हैं। इस टुकड़ी के सदस्य स्वतंत्रता की कीमत को कभी नज़रन्दाज़ नहीं कर सकते, क्योंकि प्रतिदिन यह उन्हें बार बार स्मरण हो आती है।

   प्रभु यीशु के विश्वासियों को प्रभु भोज उस यादगार के रूप में दिया गया है जो उन्हें स्मरण दिलाए कि पाप से उनकी स्वतंत्रता के लिए प्रभु यीशु को क्या कीमत चुकानी पड़ी। जब मसीही विश्वासी प्रभु भोज में सम्मिलित होते हैं तो वे अपने प्रभु की आज्ञा "...मेरे स्मरण के लिये यही किया करो" (१ कुरिन्थियों ११:२४) को पूरी करते हैं।

   प्रभु यीशु की मृत्यु के इस गंभीर स्मरण में एक आनन्द है, क्योंकि यह यादगार केवल स्पताह के एक दिन और प्रभु भोज की मेज़ तक ही सीमित नहीं है, यह विश्वासी के नए जन्म और जीवन का आधार है। हमें पापों से क्षमा देने वाले और उद्धारकर्ता प्रभु यीशु को समर्पित और उसकी आज्ञाकारिता का जीवन जी कर हम संसार को प्रतिदिन दिखा सकते हैं कि हम उसके बलिदान को भूले नहीं हैं। - बिल क्राउडर


मसीह की मृत्यु की याद मसीही विश्वासियों के लिये मसीह के लिये जीने की प्रेरणा है।

और धन्यवाद करके उसे तोड़ी, और कहा कि यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये है : मेरे स्मरण के लिये यही किया करो। - १ कुरिन्थियों ११:२४

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ११:२३-३२
1Co 11:23  क्‍योंकि यह बात मुझे प्रभु से पहुंची, और मैं ने तुम्हें भी पहुंचा दी, कि प्रभु यीशु ने जिस रात वह पकड़वाया गया रोटी ली।
1Co 11:24  और धन्यवाद कर के उसे तोड़ी, और कहा कि यह मेरी देह है, जो तुम्हारे लिये है : मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।
1Co 11:25  इसी रीति से उस ने बियारी के पीछे कटोरा भी लिया, और कहा यह कटोरा मेरे लोहू में नई वाचा है: जब कभी पीओ, तो मेरे स्मरण के लिये यही किया करो।
1Co 11:26 क्‍योंकि जब कभी तुम यह रोटी खाते, और इस कटोरे में से पीते हो, तो प्रभु की मृत्यु को जब तक वह न आए, प्रचार करते हो।
1Co 11:27  इसलि्ये जो कोई अनुचित रीति से प्रभु की रोटी खाए, या उसके कटोरे में से पीए, वह प्रभु की देह और लोहू का अपराधी ठहरेगा।
1Co 11:28  इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए।
1Co 11:29 क्‍योंकि जो खाते-पीते समय प्रभु की देह को न पहिचाने, वह इस खाने और पीने से अपने ऊपर दण्‍ड लाता है।
1Co 11:30  इसी कारण तुम में से बहुत से निर्बल और रोगी हैं, और बहुत से सो भी गए।
1Co 11:31  यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्‍ड न पाते।
1Co 11:32  परन्‍तु प्रभु हमें दण्‍ड देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिये कि हम संसार के साथ दोषी न ठहरें।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास १०-१२ 
  • यूहन्ना ११:३०-५७