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गुरुवार, 7 नवंबर 2013

निशाना और उद्देश्य


   ट्रैक्टर चलाने का वह मेरा पहला दिन था। प्रातः की ठण्डी बयार खेत से होकर बह रही थी; मैंने ट्रैक्टर के ईंजन को चलाया और उसकी आवाज़ के सामने खेत से आती झींगुरों की आवाज़ दब गई। मैंने जोतने वाले हल को नीचे धरती पर किया, ट्रैक्टर को गियर में डाला और खेत जोतता हुआ चल दिया। मैं ट्रैक्टर की शक्ति के बारे में सोचने लगा, उस पर लगे तेल, गति, ईंजन की कार्य-स्थिति आदि बताने वाले विभिन्न गेज पर नज़र दौड़ाने लगा, ट्रैक्टर घुमाने के लिए लगे स्टेरिंग को निहारने लगा। खेत के दुसरे छोर पर पहुँच कर मैंने इस आशा से पीछे मुड़ कर देखा कि जोती हूई भूमि पर हल से एक सीधी रेखा बनी हुई होगी, लेकिन मेरी आशा के विपरीत वह तो साँप की चाल के समान एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा थी।

   मैं समझ गया; मुझसे कहा गया था कि ट्रैक्टर चलाते समय ध्यान इधर-उधर नहीं वरन सामने लगी बाड़ के एक खंबे पर नज़र लगाए रखकर चलाना। सामने लगे उस खंबे पर नज़र लगाए रहने से ध्यान इधर-उधर नहीं जाता और चलाने वाला इस बात के लिए आश्वस्त रहता है कि खेत सीधी रेखाओं में जोता जा रहा है। वापस लौटते में मैंने ऐसा ही किया; अब मेरा ध्यान ट्रैक्टर की विभिन्न बातों पर नहीं वरन सामने वाले खंबे पर लगा हुआ था। इस बार दुसरे छोर पर पहुँच कर जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो जुताई की रेखा वास्तव में सीधी थी। पहले मैं एक बिन्दु पर केन्द्रित नहीं था, इसलिए जुताई की रेखा टेढ़ी-मेढ़ी रही, लेकिन दूसरी बार जब मैं एक बिन्दु पर ध्यान लगा कर जोतने लगा तब रेखा सीधी रही।

   मसीही जीवन को सिधाई से जीने का भी यही रहस्य है - मसीह यीशु पर ध्यान लगाए रखकर उसी की ओर बढ़ते चले जाना। प्रेरित पौलुस ने भी इसी बात को फिलिप्पियों के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में बताया। पौलुस कहता है कि ना केवल उसने अपने ध्यान को इधर-उधर भटकने नहीं दिया (फिलिप्पियों 3:8, 13), वरन उसने अपना निशाना भी निर्धारित किया (पद 8, 14), यह ध्यान में रखते हुए कि इसका कैसा परिणाम होगा (पद 9-11), और दूसरों के लिए वह कैसा उदाहरण बनेगा (पद 16-17)।

   पौलुस के समान ही यदि हम मसीह यीशु पर ध्यान केंद्रित रखें तो हम भी अपने जीवन के लिए परमेश्वर के उद्देश्य को सीधी रीति से पूरा करने पाएंगे। आपका निशाना और उद्देश्य क्या है? कहीं संसार की लुभावनी बातें और सांसारिक उपलब्धियों का आकर्षण आप को आप के वास्तविक निशाने से भटका तो नहीं रहा है? - रैण्डी किल्गोर


जब आप अपनी नज़रें मसीह यीशु पर बनाए रखेंगे तो संसार की लुभावनी बातें और सांसारिक उपलब्धियों की चाह आपको सीधे मार्ग से भटकाने नहीं पाएंगी।

निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। - फिलिप्पियों 3:14

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:8-17
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं। 
Philippians 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है। 
Philippians 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं। 
Philippians 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं। 
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था। 
Philippians 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। 
Philippians 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। 
Philippians 3:15 सो हम में से जितने सिद्ध हैं, यही विचार रखें, और यदि किसी बात में तुम्हारा और ही विचार हो तो परमेश्वर उसे भी तुम पर प्रगट कर देगा। 
Philippians 3:16 सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।
Philippians 3:17 हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 40-42 
  • इब्रानियों 4


मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012

निशाना


   यदि हम सावधान ना रहे तो हम भी उस व्यक्ति के समान हो जाएंगे जो अपने आप को बड़ा तीरंदाज़ मानता था क्योंकि उसका निशाना हमेशा सही लगता था। परन्तु उसकी सफलता का राज़ एक धोखा था; वह पहले तीर चलाता था, फिर जहां तीर जाकर लगता था उसे मध्य रखकर उसके चारों ओर निशाने के गोले बना देता था।

   अपनी कल्पना के अनुसार जीना और अपनी इच्छानुसार कार्य करना और फिर यह सोचना कि हमने जो किया वह सही किया बहुत सरल है। ऐसा करके जीवन के लक्ष्यों से दूर होते हुए भी हम अपने आप को ठीक लक्ष्य पर मानते रहते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन १४:१२ में लिखा है: "ऐसा मार्ग है, जो मनुष्य को ठीक देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।"

   हमें बदला लेना, धन बटोरना, सुख-विलास के पीछे भागना, गाली देने और कोसने वालों को पलट कर गाली देना और कोसना उचित लग सकता है, परन्तु परमेश्वर के मार्ग हमारे मार्गों से भिन्न हैं। परमेश्वर ने जो लक्ष्य हमारे लिए बना रखे हैं वे हैं दुख देने वालों को क्षमा करना, ज़रूरतमन्दों की खुले दिल से सहायता करना, अपने आप को नहीं वरन परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए जीवन जीना और ताड़ना देने वालों की ओर दूसरा गाल फेर देना। हमें भजनकार के समान प्रार्थना करनी चाहिए कि "हे यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं" (भजन ८६:११) और परमेश्वर द्वारा दिए तथा दिखाए हुए मार्ग पर चलना तथा बने रहना चाहिए।

   इस सही निशाने को साधने के लिए हम सबको सहायता की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से परमेश्वर ने हमें अपना वचन बाइबल दिया है, जिसमें उसके सभी निशाने दिए हुए हैं। जब हम अपने जीवन के निशाने को उसके निशानों के अनुसार साधते हैं तब हम सदा ही सही निशाने पर होते हैं। - जो स्टोवैल


परमेश्वर के मार्ग हमारे जीवनों के लिए निशाने हैं।

यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं। - भजन ८६:११

बाइबल पाठ: भजन ८६
Psa 86:1  हे यहोवा कान लगाकर मेरी सुन ले, क्योंकि मैं दीन और दरिद्र हूं। 
Psa 86:2  मेरे प्राण की रक्षा कर, क्योंकि मैं भक्त हूं; तू मेरा परमेश्वर है, इसलिये अपने दास का, जिसका भरोसा तुझ पर है, उद्धार कर। 
Psa 86:3  हे प्रभु मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तुझी को लगातार पुकारता रहता हूं। 
Psa 86:4  अपने दास के मन को आनन्दित कर, क्योंकि हे प्रभु, मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं। 
Psa 86:5  क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है। 
Psa 86:6  हे यहोवा मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन। 
Psa 86:7  संकट के दिन मैं तुझ को पुकारूंगा, क्योंकि तू मेरी सुन लेगा।
Psa 86:8  हे प्रभु देवताओं में से कोई भी तेरे तुल्य नहीं, और ना किसी के काम तेरे कामों के बराबर हैं। 
Psa 86:9  हे प्रभु जितनी जातियों को तू ने बनाया है, सब आकर तेरे साम्हने दणडवत् करेंगी, और तेरे नाम की महिमा करेंगी। 
Psa 86:10  क्योंकि तू महान् और आश्चर्यकर्म करने वाला है, केवल तू ही परमेश्वर है। 
Psa 86:11  हे यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं। 
Psa 86:12  हे प्रभु हे मेरे परमेश्वर मैं अपने सम्पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा, और तेरे नाम की महिमा सदा करता रहूंगा। 
Psa 86:13  क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।
Psa 86:14  हे परमेश्वर अभिमानी लोग तो मेरे विरूद्ध उठे हैं, और बलात्कारियों का समाज मेरे प्राण का खोजी हुआ है, और वे तेरा कुछ विचार नहीं रखते। 
Psa 86:15  परन्तु प्रभु दयालु और अनुग्रहकारी ईश्वर है, तू विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है। 
Psa 86:16  मेरी ओर फिरकर मुझ पर अनुग्रह कर; अपने दास को तू शक्ति दे, और अपनी दासी के पुत्र का उद्धार कर।
Psa 86:17  मुझे भलाई का कोई लक्षण दिखा, जिसे देखकर मेरे बैरी निराश हों, क्योंकि हे यहोवा तू ने आप मेरी सहायता की और मुझे शान्ति दी है।

एक साल में बाइबल: 
यशायाह ३२-३३ 
कुलुस्सियों १

बुधवार, 13 जून 2012

प्रयासरत रहिए

   १९२४ के ओलंपिक खेलों से जुड़ी सच्ची घटनाओं पर आधारित तथा पुरस्कार प्राप्त अंग्रज़ी फिल्म Chariots of Fire का एक पात्र है ब्रिटेन का प्रसिद्ध धावक हैरल्ड एब्राहम्स जिसे दौड़ में जीतने की धुन सवार थी, किंतु ओलंपिक में भाग लेने से पूर्व की चुनावी दौड़ों में से एक में उसे अपने प्रतिद्वन्दी एरिक लिडल से करारी हार का सामना करना पड़ता है। एब्राहम्स अपनी इस हार से बहुत आहत होता है और घोर निराशा में आ जाता है। जब उसकी सहेली सिबिल उसे प्रोत्साहित करने का प्रयास करती है तो वह क्रोधित हो उठता है और कहता है, "मैं जीतने के लिए दौड़ता हूँ; अगर मैं जीत नहीं सकता, तो मैं दौड़ूंगा भी नहीं।" तब सिबिल उसे बड़ी बुद्धिमानी से उत्तर देती है, "अगर तुम दौड़ोगे नहीं तो जीतोगे भी नहीं!"

   जीवन में निराशाएं और पराजय आती रहती हैं जिन से हतोत्साहित हो करके सब कुछ छोड़ कर बैठ जाने की इच्छा होती है; हम मसीही विश्वासी भी इस से अछूते नहीं हैं। लेकिन वह दौड़ जिसका नाम मसीही जीवन है, उस के लिए, हर परिस्थिति के बावजूद, प्रेरित पौलुस हमें दौड़ते रहने की चुनौती देता है। उसने कुरिन्थुस के विश्वासियों को लिखा, "क्‍या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्‍तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो" (१ कुरिन्थियों ९:२४)। पौलुस ने अपने बारे में फिलिप्पियों के विश्वासियों को लिखा, "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों ३:१३-१४)। फिर वह अपने जीवन के अन्त के निकट आकर लिख सका, "मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं" (२ तिमुथियुस २:७-८)। पौलुस ने अपने मसीही जीवन के उदाहरण से सिखाना चाहा कि हम मसीही विश्वासियों को विश्वासयोग्यता सहित अपने विश्वास की दौड़ दौड़ते रहनी है क्योंकि हम अपने प्रभु और राजा मसीह यीशु के आदर के लिए दौड़ रहे हैं, और उस से ही हमें अनन्त काल तक बने रहने वाले मुकुट मिलेंगे।

   यदि हम अपनी दौड़ में, परमेश्वर की सेवकाई छोड़ने या पाप में पड़ जाने के द्वारा, ढीले पड़ जाएंगे तो हम अपने प्रतिफल और स्वर्गीय मुकुट भी खो देंगे जो हमारे प्रभु ने हमारे लिए रखे हैं, और हमें हमारी दौड़ पूरी करने पर देगा।

   सिबिल ने बिलकुल ठीक कहा था, अगर दौड़ेंगे नहीं तो जीतेंगे भी नहीं; मसीही जीवन की अपनी दौड़ में सदा प्रयासरत रहिए। - बिल क्राउडर


किसी भी पदक के जीतने से बढ़ कर मसीह का हमें "शाबाश; बहुत अच्छा किया" कहना होगा।
क्‍या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्‍तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। - १ कुरिन्थियों ९:२४
बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ९:१९-२७
1Co 9:19  क्‍योंकि सब से स्‍वतंत्र होने पर भी मैं ने अपने आप को सब का दास बना दिया है, कि अधिक लोगों को खींच लाऊं।
1Co 9:20  मैं यहूदियों के लिये यहूदी बना कि यहूदियों को खींच लाऊं, जो लोग व्यवस्था के आधीन हैं उन के लिये मैं व्यवस्था के आधीन न होने पर भी व्यवस्था के आधीन बना, कि उन्‍हें जो व्यवस्था के आधीन हैं, खींच लाऊं।
1Co 9:21 व्यवस्थाहीनों के लिये मैं (जो परमेश्वर की व्यवस्था से हीन नहीं, परन्‍तु मसीह की व्यवस्था के आधीन हूं) व्यवस्थाहीन सा बना, कि व्यवस्थाहीनों को खींच लाऊं।
1Co 9:22  मैं निर्बलों के लिये निर्बल सा बना, कि निर्बलों को खींच लाऊं, मैं सब मनुष्यों के लिये सब कुछ बना हूं, कि किसी न किसी रीति से कई एक का उद्धार कराऊं।
1Co 9:23  और मैं सब कुछ सुसमाचार के लिये करता हूं, कि औरों के साथ उसका भागी हो जाऊं।
1Co 9:24 क्‍या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्‍तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो।
1Co 9:25 और हर एक पहलवान सब प्रकार का संयम करता है, वे तो एक मुरझाने वाले मुकुट को पाने के लिये यह सब करते हैं, परन्‍तु हम तो उस मुकुट के लिये करते हैं, जो मुरझाने का नहीं।
1Co 9:26 इसलिये मैं तो इसी रीति से दौड़ता हूं, परन्‍तु बेठिकाने नहीं, मैं भी इसी रीति से मुक्कों से लड़ता हूं, परन्‍तु उस की नाईं नहीं जो हवा पीटता हुआ लड़ता है।
1Co 9:27  परन्तु मैं अपनी देह को मारता कूटता, और वश में लाता हूं; ऐसा न हो कि औरों को प्रचार करके, मैं आप ही किसी रीति से निकम्मा ठहरूं।
एक साल में बाइबल: 
  • एज़रा ६-८ 
  • यूहन्ना २१

रविवार, 3 जून 2012

निशाना

   सन २००४ के ओलंपिक खेलों में राइफल से निशानेबाज़ी में स्वर्णपदक जीतने वाले मैट इम्मोन्स एक और पदक जीतने के बहुत करीब थे। वह अन्य खिलाड़ियों से निर्णायक रीति से आगे थे और अपने अंतिम प्रयास में केंद्र बिंदु पर निशाना लगा सकने की आशा रखते थे। उन्होंने निशाना लगाया, गोली सही जगह लगी भी किंतु कुछ गलत हो गया; ऐसा गलत कि जिससे उनकी वर्यिता गिर कर आठवें स्थान पर आ गई और वे पदक से चूक गए! उन्होंने निशाना तो साधा था, किंतु अपने नहीं अपने साथ वाले प्रत्योगी के निशाने पर। गलत निशाना साधने की इस चूक ने उनके लिए सब कुछ उलट-पुलट कर दिया।

   प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पियों को लिखी अपनी पत्री में, मसीही जीवन में, विश्वासियों के लिए सही निशाने पर निशाना साधने की महत्वता पर ज़ोर दिया: "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों ३:१३-१४)।

   पौलुस ने एक धावक के लक्ष्य की ओर दौड़ने के उदाहरण को भी लिया। रोचक बात है कि जो शब्द धावक के लक्ष्य के लिए प्रयोग हुआ है, उसका एक अन्य अर्थ तीरंदाज़ी में तीर चलाने के लक्ष्य के लिए भी है। इन दोनो ही बातों में जीतना, लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के द्वारा ही संभव है। मसीही विश्वासी के लिए भी मसीह की समानता में ढलते जाने पर ध्यान केंद्रित रखना उसके पूरे जीवन की साधना होनी चाहिए (रोमियों ८:२८-२९; गलतियों ५:२२-२३)।

   आज आपका ध्यान किस बात पर केंद्रित है? क्या आपका ध्यान अधिकाधिक उन्नति पाने तथा सांसारिक यश और संपत्ति अर्जित कर लेने पर है? यदि आप मसीही विश्वासी हैं तो आपका सही निशाना अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में ढलना है (२ कुरिन्थियों ३:१८); और किसी बात पर ध्यान केंद्रित करना, गलत निशाने पर निशाना साधने के समान होगा, अन्ततः जिसके परिणाम अति दुखदायी होंगे।

   आज निश्चित कर लें कि आप सही निशाने पर अपना निशाना साध रहे हैं कि नहीं। - डेनिस फिशर


अपने जीवन को सबसे अधिक लाभकारी बनाने के लिए परमेश्वर के उद्देश्यों को अपना लक्ष्य बना लें।


निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है। - फिलिप्पियों ३:१४

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों ३:७-१४
Php 3:7  परन्‍तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।
Php 3:8  वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्‍हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्‍त करूं।
Php 3:9  और उस में पाया जाऊं, न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
Php 3:10  और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूं, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्‍त करूं।
Php 3:11  ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।
Php 3:12  यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।
Php 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्‍तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।
Php 3:14  निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास १९-२० 
  • यूहन्ना १३:२१-३८