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सोमवार, 25 मई 2015

सच्चा बलिदान


   एरिक एक अच्छा व्यक्ति था। वह एक पुलिस अफसर था और अपने कार्य को समाज की सेवा के रूप में देखता था; वह अपने कार्य के प्रति पूर्णतः समर्पित था, तथा उसे वह हर कीमत पर निभाने को तैयार था। उसके इस समर्पण का सूचक था पुलिस स्टेशन में एरिक की अलमारी पर लगा स्टिकर जिस पर परमेश्वर के वचन बाइबल में से "इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे" (यूहन्ना 15:13) लिखा हुआ था। ये शब्द एरिक के लिए केवल सुनाने-दिखाने भर के उत्कृष्ट आदर्श वाक्य मात्र नहीं थे; वे अपने कार्य के प्रति एरिक की वचनबद्धता का कथन थे, जिसे एरिक ने अपने कार्य के दौरान अपनी जान देकर निभाया और दिखाया। एरिक ने सच्चे बलिदान को वास्तविकता में दिखाया।

   प्रभु यीशु मसीह ने भी में अपने द्वारा यूहन्ना 15:13 में कहे गए उन शब्दों को कहने के कुछ ही घंटों में पूरा कर के अपने दावे को प्रमाणित किया। उस रात प्रभु यीशु ने अपने चेलों के साथ भोजन करते समय उनसे वह वार्तालाप किया जिसमें उन्होंने ये शब्द कहे जिन्हें एरिक ने अपनी अलमारी पर लगा रखा था, फिर प्रभु यीशु ने गतसमनी के बाग़ में जाकर प्रार्थना में परमेश्वर के साथ समय बिताया, फिर उन्हें विश्वासघात द्वारा बन्दी बनाकर रत भर झूठे मुकद्दमों में इधर से उधर घसीटा गया, यातनाएं दी गईं, अपमानित किया गया और फिर अगले दिन ठठ्ठा करती हुई भीड़ के समक्ष मारे जाने के लिए क्रूस पर चढ़ा दिया गया, जहाँ उन्होंने समस्त संसार के सभी जनों के लिए अपने प्राण बलिदान कर दिए।

   परमेश्वर का पुत्र होने के नाते प्रभु यीशु उस क्रूर दुख, ताड़ना, यातना से बच सकते थे; वे निष्पाप तथा निष्कलंक थे, उन्हें मरने की कोई आवश्यकता नहीं थी। किंतु मानव-जाति के प्रति उनका वह प्रेम, जो सच्चे बलिदान का ईंधन है, उन्हें कलवरी के क्रूस पर बलिदान होने के लिए लेकर गया; और उनके ईश्वरीय सामर्थ तथा गुण उन्हें तीसरे दिन मृतकों में से वापस ले आए। परिणामस्वरूप, आज जो भी उनके इस बलिदान और मृतकों में से पुनरुत्थान को सच्चे साधारण विश्वास के साथ ग्रहण करता है, उनसे अपने पापों की क्षमा मांगता है, वह उस क्षमा तथा उद्धार को पाता है, परमेश्वर की सन्तान बनने का गौरव प्राप्त करता है तथा स्वर्ग में अपने परमेश्वर पिता के साथ रहना सुनिश्चित कर लेता है।

   क्या आपने आपके पापों के संति उस सच्चे बलिदान को देने वाले यीशु को साधारण विश्वास द्वारा अपना प्रभु स्वीकार कर लिया है? वह आपकी प्रतीक्षा में है। - बिल क्राउडर


केवल प्रभु यीशु ही, जो सिद्ध बलिदान बना, पाप के दोषियों को निर्दोष तथा सिद्ध घोषित कर सकता है।

किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। - रोमियों 5:7-8

बाइबल पाठ: यूहन्ना 15:1-11
John 15:1 सच्ची दाखलता मैं हूं; और मेरा पिता किसान है। 
John 15:2 जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले। 
John 15:3 तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो। 
John 15:4 तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। 
John 15:5 मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। 
John 15:6 यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाईं फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं। 
John 15:7 यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा। 
John 15:8 मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे। 
John 15:9 जैसा पिता ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही मैं ने तुम से प्रेम रखा, मेरे प्रेम में बने रहो। 
John 15:10 यदि तुम मेरी आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे: जैसा कि मैं ने अपने पिता की आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूं। 
John 15:11 मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 9:1-23



रविवार, 24 मई 2015

स्वर्गीय देश


   हाई स्कूल के दिनों में मैं और मेरा निकटतम मित्र एक दोपहर को घोड़ों पर बैठकर घूमने निकले। हम आराम से जंगली फूलों से भरे मैदानों और पेड़ों के झुरमुटों में होकर इधर-उधर विचरण करते रहे। अपना घूमना समाप्त करने के पश्चात जब हम ने अपने घोड़ों को घर की ओर मोड़ा तो दोनों घोड़े सरपट घर की ओर भाग निकले। वे घोड़े पहचानते थे कि वापस पहुँचने पर उन्हें अच्छा भोजन और अच्छी मालिश मिलेगी, और वे इस सुख के लिए अधीर थे।

   हम मसीही विश्वासियों का वास्तविक घर स्वर्ग है (फिलिप्पियों 3:20)। लेकिन जब तक हम संसार में है, यहाँ की बातें और आवश्यकताएं हमें विभिन्न प्रकार से सांसारिकता के साथ जोड़े रखती हैं। हम परमेश्वर की आशीषों, जैसे विवाह, परिवार, बच्चे, नाती-पोते, भ्रमण, जीविका, मित्र-रिश्तेदार आदि का भी आनन्द लेते हैं। लेकिन साथ ही परमेश्वर का वचन बाइबल हमें प्रोत्साहित करती है कि हम सांसारिक नहीं वरन स्वर्गीय वस्तुओं पर अपना ध्यान लगाएं (कुलुस्सियों 3:1-2)। उन स्वर्गीय बातों में स्वर्ग के अन्देखे लाभ भी सम्मिलित हैं, जैसे कि, परमेश्वर की सदा बनी रहने वाली उपस्थिति (प्रकाशितवाक्य 22:3-5); सदा काल का विश्राम (इब्रानियों 4:9); और एक अजर अविनाशी मीरास (1 पतरस 1:4)।

   अभी हाल ही में मैंने इस विषय में पढ़ा कि "मसीही विश्वासी स्वर्गीय मीरास की लालसा रखते हैं; जितना दृढ़ उनका मसीही विश्वास होगा, उतनी ही तीव्र उनकी यह लालसा भी होगी"। बाइबल के पुराने नियम खण्ड के अनेक परमेश्वर के विश्वासी जनों ने, जिनका उल्लेख इब्रानियों में पाया जाता है, अपने दृढ़ विश्वास के कारण उन स्वर्गीय आशीषों को पाने से पहले ही उनके आनन्द को अनुभव कर लिया (इब्रानियों 11:13)। उन आशीषों में से एक है स्वर्ग। यदि हमारा विश्वास भी दृढ़ है तो परमेश्वर हमें भी स्वर्गीय देश की लालसा देगा, और हम सांसारिकता पर अपनी पकड़ ढीले करने पाएंगे। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


मसीही विश्वासी के लिए घर का अर्थ है स्वर्ग।

पर हमारा स्‍वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं। - फिलिप्पियों 3:20

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:8-16
Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया। 
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया। 
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है। 
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था। 
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।
Hebrews 11:13 ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्होंने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाईं; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्‍दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं। 
Hebrews 11:14 जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्‍वदेश की खोज में हैं। 
Hebrews 11:15 और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था। 
Hebrews 11:16 पर वे एक उत्तम अर्थात स्‍वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उसने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59


शनिवार, 23 मई 2015

अच्छा चरवाहा


   बसन्त ऋतु के आगमन पर मेरे प्रदेश इडाहो के चरवाहे अपनी भेड़ों को नीचे के मैदानी इलाकों से निकाल कर ऊपर पहाड़ों पर ले जाते हैं। इस प्रक्रिया में हज़ारों भेड़ें ग्रीष्मकालीन पहाड़ी चरागाहों में ले जाई जाती हैं। पिछले सप्ताह मैंने तथा मेरी पत्नि ने स्वच्छ जल के एक पहाड़ी नाले के निकट हरी चारागाह में बैठे हुए भेड़ों के एक झुँड को देखा, जिसे देखकर हमें परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 23 का स्मरण हो आया।

   लेकिन उन भेड़ों का चरवाहा कहँ था? हमें लगा कि वे भेड़ें अकेली छोड़ दी गई हैं क्योंकि उनका चरवाहा कहीं दिखाई नहीं दे रहा था! तभी उन भेड़ों में से कुछ उठकर एक ओर बढ़ने लगीं; जिस ओर वे जा रही थीं वहाँ आगे एक खाई थी। उन भेड़ों के उस ओर बढ़ते ही हमें ऊपर की ओर से एक तेज़ सीटी की आवाज़ सुनाई दी। जब हमने ऊपर की ओर दृष्टि करी तो उन भेड़ों का चरवाहा वहाँ खड़ा दिखाई दिया जो उस ऊँचाई से उन भेड़ों पर नज़र रखे हुए था, और उसके साथ भेड़ों की रखवाली करने वाले कुत्ते भी थे। उस सीटी की आवाज़ सुनते ही वे कुत्ते तुरन्त नीचे उन भेड़ों की ओर भागे और झुँड से अलग होकर चल निकलने वाली भेड़ों को हाँक कर वापस झुँड में ले आए, जो उनकी सुरक्षा का स्थान था।

   ठीक इसी प्रकार हमारा प्रभु परमेश्वर भी हमपर लगातार अपनी दृष्टि बनाए रखता है। चाहे वह हमें दिखाई ना भी दे, हम सदा उसकी नज़रों में बने रहते हैं। वह हमें हमारे नाम से जानता है, हमारे बारे में, हमारी आवश्यकताओं के बारे में सब कुछ जानता है। क्योंकि हम उसकी चारागाह की भेड़ें हैं, इसलिए हमारे प्रभु परमेश्वर ने वायदा किया है कि वह अपनी भेड़ों को एकत्रित करेगा और उन्हें अच्छी चारागाहों में लेकर जाएगा, उनकी देखभाल करेगा (यहेजकेल 34:11-16)।

   आप उस अच्छे चरवाहे, प्रभु यीशु, की देखभाल में आश्वस्त तथा सुरक्षित रह सकते हैं। - डेविड रोपर


वह मेमना जो हमारे उद्धार के लिए बलिदान हुआ, वही हमारी देख-रेख करने के लिए हमारा चरवाहे के रूप में जीवित है।

प्रभु यीशु ने कहा: "अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है।" - यूहन्ना 10:11 

बाइबल पाठ: यहेजकेल 34:11-16
Ezekiel 34:11 क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है, देखो, मैं आप ही अपनी भेड़-बकरियों की सुधि लूंगा, और उन्हें ढूंढ़ूंगा। 
Ezekiel 34:12 जैसे चरवाहा अपनी भेड़-बकरियों में से भटकी हुई को फिर से अपने झुण्ड में बटोरता है, वैसे ही मैं भी अपनी भेड़-बकरियों को बटोरूंगा; मैं उन्हे उन सब स्थानों से निकाल ले आऊंगा, जहां जहां वे बादल और घोर अन्धकार के दिन तितर-बितर हो गई हों। 
Ezekiel 34:13 और मैं उन्हें देश देश के लोगों में से निकालूंगा, और देश देश से इकट्ठा करूंगा, और उन्हीं के निज भूमि में ले आऊंगा; और इस्राएल के पहाड़ों पर ओर नालों में और उस देश के सब बसे हुए स्थानों में चराऊंगा। 
Ezekiel 34:14 मैं उन्हें अच्छी चराई में चराऊंगा, और इस्राएल के ऊंचे ऊंचे पहाड़ों पर उन को चराई मिलेगी; वहां वे अच्छी हरियाली में बैठा करेंगी, और इस्राएल के पहाड़ों पर उत्तम से उत्तम चराई चरेंगी। 
Ezekiel 34:15 मैं आप ही अपनी भेड़-बकरियों का चरवाहा हूंगा, और मैं आप ही उन्हें बैठाऊंगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। 
Ezekiel 34:16 मैं खोई हुई को ढूंढ़ूंगा, और निकाली हुई को फेर लाऊंगा, और घायल के घाव बान्धूंगा, और बीमार को बलवान करूंगा, और जो मोटी और बलवन्त हैं उन्हें मैं नाश करूंगा; मैं उनकी चरवाही न्याय से करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 19-21
  • यूहन्ना 8:1-27


शुक्रवार, 22 मई 2015

आवश्यकताएं


   भोजन मेरे लिए जीवन की आवश्यकता से बढ़कर जीवन का एक अति आनन्दायक भाग है। मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मैं अच्छे से बनाए गए भोजन का आनन्द लेने बैठता हूँ, विशेषकर तब जब मैं भूखा होता हूँ। मेरे विचार से प्रभु यीशु के चेले भी, जब वे लौट कर उस कूएं पर आए जहाँ प्रभु यीशु उस सामरी स्त्री से वार्तालाप कर रहा था, भोजन के लिए भूखे थे। जब उन्होंने प्रभु से आग्रह किया कि वह भोजन ग्रहण कर ले, तो प्रभु ने उनसे कहा के उसके पास ऐसा भोजन है जिसके बारे में वे नहीं जानते; यह उत्तर सुनकर उन चेलों को लगा कि किसी अन्य ने आकर प्रभु को भोजन दिया है (यूहन्ना 4:31-33)।

   मुझे ऐसा भी लगता है कि वे चेले भोजन के बारे में सोचने में इतने व्यस्त थे कि उन्हें उसके आगे कुछ सूझ ही नहीं पड़ रहा था। जो वहाँ उस कूएं पर घटित हो रहा था, वे उस बात के महत्व से बिलकुल अनभिज्ञ थे। प्रभु यीशु के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात थी, "...मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजने वाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं" (यूहन्ना 4:34); और जब चेले लौट कर उस कुएं पर आए, उस समय प्रभु का पूरा ध्यान उस सामरी स्त्री की आत्मिक आवश्यकताओं पर केंद्रित था, क्योंकि उस स्त्री की वह आत्मिक आवश्यकता केवल प्रभु ही पूरी कर सकता था।

   तत्कालीन आवश्यकताओं में उलझ कर अन्य बातों को नज़रन्दाज़ कर देना सरल होता है; लेकिन हमारा उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर हमें अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं से आगे निकल कर उन लोगों की आवश्यकताओं के बारे में भी सोचने को कहता है जो अपने जीवन की गहरी आत्मिक ज़रूरतों के उत्तर खोज रहे हैं, उत्तर जो केवल प्रभु यीशु के पास हैं।

   इसलिए प्रभु यीशु के साथ मिलकर चलें, और उसकी सामर्थ तथा मार्गदर्शन से दूसरों तक उस आत्मिक भोजन के सन्देश को पहुँचाएं जिसकी उन्हें आवश्यकता है; ऐसी आवश्यकता जो केवल प्रभु यीशु में ही पूरी हो सकती है। - जो स्टोवैल


अपने आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं के निवारण का माध्यम बनने के लिए लालायित रहें।

यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। - यूहन्ना 6:35

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:27-38
John 4:27 इतने में उसके चेले आ गए, और अचंभा करने लगे, कि वह स्त्री से बातें कर रहा है; तौभी किसी ने न कहा, कि तू क्या चाहता है? या किस लिये उस से बातें करता है।
John 4:28 तब स्त्री अपना घड़ा छोड़कर नगर में चली गई, और लोगों से कहने लगी।
John 4:29 आओ, एक मनुष्य को देखो, जिसने सब कुछ जो मैं ने किया मुझे बता दिया: कहीं यह तो मसीह नहीं है?
John 4:30 सो वे नगर से निकलकर उसके पास आने लगे।
John 4:31 इतने में उसके चेले यीशु से यह बिनती करने लगे, कि हे रब्बी, कुछ खा ले।
John 4:32 परन्तु उसने उन से कहा, मेरे पास खाने के लिये ऐसा भोजन है जिसे तुम नहीं जानते।
John 4:33 तब चेलों ने आपस में कहा, क्या कोई उसके लिये कुछ खाने को लाया है?
John 4:34 यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजने वाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं।
John 4:35 क्या तुम नहीं कहते, कि कटनी होने में अब भी चार महीने पड़े हैं? देखो, मैं तुम से कहता हूं, अपनी आंखे उठा कर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं।
John 4:36 और काटने वाला मजदूरी पाता, और अनन्त जीवन के लिये फल बटोरता है; ताकि बोने वाला और काटने वाला दोनों मिलकर आनन्द करें।
John 4:37 क्योंकि इस पर यह कहावत ठीक बैठती है कि बोने वाला और है और काटने वाला और।
John 4:38 मैं ने तुम्हें वह खेत काटने के लिये भेजा, जिस में तुम ने परिश्रम नहीं किया: औरों ने परिश्रम किया और तुम उन के परिश्रम के फल में भागी हुए।

एक साल में बाइबल: 

  • 1 इतिहास 16-18
  • यूहन्ना 7:28-53


गुरुवार, 21 मई 2015

परित्याग


   बहुत वर्ष पहले की बात है, मैं अपने पति के साथ वॉशिंगटन स्थित स्मिथ्सोनियन वायु तथा अन्तरिक्ष संग्रहालय देखने गई हुई थी। उस संग्रहालय में घूमते हुए हमने एक स्थान पर छोड़ा हुआ छोटे बच्चों को ले चलने वाला स्ट्रोलर देखा जिसके आस-पास कोई नहीं था। हमारा पहला अन्दाज़ा था कि उसके वज़नी होने के कारण अभिभावकों ने स्ट्रोलर को वहाँ छोड़ दिया और बच्चे को अपने साथ उठा कर घूम रहे थे। लेकिन उस स्ट्रोलर के निकट आने पर हमने देखा कि उसमें एक बच्चा सो रहा था। तुरंत ही हमारे अन्दर प्रश्न उठने लगे - उसके माता-पिता कहाँ हैं? उस बच्चे के साथ कोई क्यों नहीं है? क्या बच्चे का कोई भाई अथवा बहन या फिर उसकी देखभाल करने को नियुक्त कोई भी जन नहीं है? हम काफी देर तक उस बच्चे के स्ट्रोलर के पास घूमते रहे लेकिन कोई उसे अपनाने नहीं आया; अन्ततः हमने संग्रहालय के एक कर्मचारी को बुलाकर उसे परिस्थिति से अवगत कराया। उसके बारे में जो अन्तिम बात हम जानते हैं वह है कि उस बच्चे और स्ट्रोलर को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा था।

   उस अनुभव ने मुझे त्यागे जाने के बारे में सोचने पर विवश किया। यह जानना कि कोई आपके साथ नहीं है, आपके लिए नहीं है, आप बिलकुल अकेले हैं, किसी को आपकी ज़रा भी परवाह या चिंता नहीं है एक बहुत ही अभिभूत कर देने वाला कष्टदायक अनुभव है। किंतु चाहे लोग हमारा परित्याग कर दें, प्रत्येक मसीही विश्वासी को यह आश्वासन है कि परमेश्वर उसे कभी नहीं छोड़ेगा (व्यवस्थाविवरण 31:8); उसका प्रेम और उसकी उपस्थिति हमारे साथ सदा बनी रहेगी। हमारे तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से वायदा किया है, "...और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं" (मत्ती 28:20)।

   प्रभु परमेश्वर अपने वायदों में कभी नहीं चूकता। चाहे औरों ने हमें किसी भी कारण से त्याग दिया हो, हम फिर भी इस बात में आश्वस्त रह सकते हैं कि परमेश्वर के प्रेम से हमें कोई परिस्थिति, कोई व्यक्ति, कोई बात अलग नहीं कर सकती (रोमियों 8:35-39); वह कभी भी हमारा परित्याग नहीं करेगा। - सिंडी हैस कैस्पर


परमेश्वर की साथ बनी उपस्थिति का आश्वासन ही हमारी शांति का स्त्रोत है।

और तेरे आगे आगे चलने वाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा, और न तो तुझे धोखा देगा और न छोड़ देगा; इसलिये मत डर और तेरा मन कच्चा न हो। - व्यवस्थाविवरण 31:8

बाइबल पाठ: यशायाह 49:13-16
Isaiah 49:13 हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोल कर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।
Isaiah 49:14 परन्तु सिय्योन ने कहा, यहोवा ने मुझे त्याग दिया है, मेरा प्रभु मुझे भूल गया है। 
Isaiah 49:15 क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। 
Isaiah 49:16 देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 13-15
  • यूहन्ना 7:1-27


बुधवार, 20 मई 2015

आतिथ्य


   सन 1987 में मुझे कैलिफोर्निया के लौंग बीच क्षेत्र में सेवकाई के लिए स्थानान्तरित किया गया और हम सपरिवार वहाँ रहने के लिए पहुँचे। हमें हवाई अड्डे से हमारे नए घर तक ले जाने के लिए मेरी सहायक गाड़ी लेकर आई; हम जब हवाई अड्डे से निकलकर मुख्य मार्ग पर पहुँचे तो हमारे सामने वाली कार के पीछे लिखा दिखाई दिया: "कैलिफोर्निया में पधारने के लिए धन्यवाद...अब अपने घर वापस लौट जाईए!" इस वाक्य का दृष्टिकोण रखना किसी भी रीति से एक अच्छे आतिथ्य का दृष्टिकोण नहीं कहा जा सकता था।

   मैं सोचता हूँ कि कहीं अपने जीवनों से कभी हम भी जाने-अनजाने अपने आस-पास के लोगों को ऐसे ही नकारात्मक संकेत तो नहीं देते हैं? चाहे हम चर्च में हों या पड़ौसियों के साथ हों या किसी सामाजिक आयोजन में एकत्रित हुए हों, ऐसा हो सकता है कि हम लोगों को अपने हाव-भाव तथा बर्ताव से यह आभास दिलाएं कि उनका हमारे मध्य स्वागत नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, रोमियों 2:13 में प्रेरित पौलुस ने अपने पाठकों को यह निर्देश दिए कि पहुनाई करने में लगे रहें। बाइबल में इब्रानियों के नाम लिखी गई पत्री तो इससे भी बढ़कर कहती है कि, "पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है" (इब्रानियों 13:2)। जो लोग हमारे संपर्क में आते हैं उनके साथ अनुग्रहपूर्ण कृपा का बर्ताव करके हम मसीही विश्वासी अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह का संपूर्ण संसार के उद्धार के लिए दिया गया निमंत्रण दोहराते हैं, जहाँ प्रभु ने कहा, "... जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले" (प्रकाशितवाक्य 22:17)।

   किसी को प्रेम पूर्वक आतिथ्य दिखाना उसके लिए परमेश्वर से मिलने वाले उद्धार एवं अनन्तकाल की आशीष का द्वार खोलने का माध्यम हो सकता है। इसलिए पहुनाई करने को कभी नज़रन्दाज़ ना करें। - बिल क्राऊडर


ऐसे जीएं कि जब लोग आपको जानें तो वे आपके प्रभु यीशु के बारे में जानने के लिए भी उत्सुक्त हो जाएं।

पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने मे लगे रहो। - रोमियों 2:13

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 22:16-21
Revelation 22:16 मुझ यीशु ने अपने स्वर्गदूत को इसलिये भेजा, कि तुम्हारे आगे कलीसियाओं के विषय में इन बातों की गवाही दे: मैं दाऊद का मूल, और वंश, और भोर का चमकता हुआ तारा हूं। 
Revelation 22:17 और आत्मा, और दुल्हिन दोनों कहती हैं, आ; और सुनने वाला भी कहे, कि आ; और जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले। 
Revelation 22:18 मैं हर एक को जो इस पुस्‍तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूं, कि यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए, तो परमेश्वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्‍तक में लिखीं हैं, उस पर बढ़ाएगा। 
Revelation 22:19 और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्‍तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से जिस की चर्चा इस पुस्‍तक में है, उसका भाग निकाल देगा। 
Revelation 22:20 जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ। 
Revelation 22:21 प्रभु यीशु का अनुग्रह पवित्र लोगों के साथ रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 6:45-71


मंगलवार, 19 मई 2015

लगातार


   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड की पाँचवी पुस्तक का शीर्षक है प्रेरितों के कार्य, और इस पुस्तक में प्रभु यीशु के अनुयायियों के नेतृत्व में आरंभ हुई सर्वप्रथम मसीही विश्वासी मण्डली के कार्यों का विवरण दिया गया है। कुछ बाइबल-विद्वानों का मानना है कि इस पुस्तक का अधिक उचित नाम पवित्र आत्मा के कार्य हो सकता है, क्योंकि परमेश्वर के पवित्र आत्मा ने ही उन अनुयायियों को प्रत्येक कठिनाई और परीक्षा के समय में सामर्थ प्रदान करा।

   प्रभु यीशु ने अपने स्वर्गारोहण से ठीक पहले अपने शिष्यों को निर्देश दिया, "परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे" (प्रेरितों 1:8)। प्रभु यीशु के इन शब्दों के साथ, पृथ्वी पर परमेश्वर के कार्य का एक अध्याय समाप्त और एक नया अध्याय आरंभ हुआ; आज हम मसीही विश्वासी तब से लेकर आज तक लगातार चल रहे इस नए अध्याय के भाग हैं।

   प्रेरितों के कार्य नामक इस पुस्तक में पतरस, यूहन्ना, बरनबास, पौलुस, दोर्कस, लिडिया और अन्य अनेक प्रभु यीशु के अनुयायियों के विश्वासपूर्ण कार्यों एवं सेवकाई तथा मसीही विश्वासियों की मण्डली के आरंभिक दिनों में हुई बातों का वर्णन दिया गया है। ये सामान्य और साधारण से लोग परमेश्वर के पवित्र आत्मा से मिलने वाली सामर्थ के द्वारा परमेश्वर के प्रेम और सुसमाचार के प्रबल गवाह बने और उन्होंने परमेश्वर के वचन को अनेक कठिनाईयाँ तथा जोखिम सहते हुए संसार के अनेक स्थानों तक पहुँचाया।

   उनकी यह कहानी आज भी हम में होकर लगातार लिखी जा रही है। हम मसीही विश्वासी जब परमेश्वर पर विश्वास रखते हुए, प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को संसार के सभी लोगों तक ले कर जाते हैं तो हमारे कार्यों को लेकर, मानव जाति के उद्धार की कहानी में परमेश्वर नए पृष्ठ लगातार जोड़ता रहता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


लोग विश्वास की सच्ची कहानियों को तब ही स्वीकार करते हैं जब वे उन्हें प्रत्यक्ष देखते हैं।

और उसने उन से कहा, तुम सारे जगत में जा कर सारी सृष्‍टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो। - मरकुस 16:15

बाइबल पाठ: प्रेरितों 1:1-11
Acts 1:1 हे थियुफिलुस, मैं ने पहिली पुस्तिका उन सब बातों के विषय में लिखी, जो यीशु ने आरम्भ में किया और करता और सिखाता रहा। 
Acts 1:2 उस दिन तक जब वह उन प्रेरितों को जिन्हें उसने चुना था, पवित्र आत्मा के द्वारा आज्ञा देकर ऊपर उठाया न गया। 
Acts 1:3 और उसने दु:ख उठाने के बाद बहुत से पड़े प्रमाणों से अपने आप को उन्हें जीवित दिखाया, और चालीस दिन तक वह उन्हें दिखाई देता रहा: और परमेश्वर के राज्य की बातें करता रहा। 
Acts 1:4 ओर उन से मिलकर उन्हें आज्ञा दी, कि यरूशलेम को न छोड़ो, परन्तु पिता की उस प्रतिज्ञा के पूरे होने की बाट जोहते रहो, जिस की चर्चा तुम मुझ से सुन चुके हो। 
Acts 1:5 क्योंकि यूहन्ना ने तो पानी में बपतिस्मा दिया है परन्तु थोड़े दिनों के बाद तुम पवित्रात्मा से बपतिस्मा पाओगे। 
Acts 1:6 सो उन्हों ने इकट्ठे हो कर उस से पूछा, कि हे प्रभु, क्या तू इसी समय इस्त्राएल को राज्य फेर देगा? 
Acts 1:7 उसने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं। 
Acts 1:8 परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे। 
Acts 1:9 यह कहकर वह उन के देखते देखते ऊपर उठा लिया गया; और बादल ने उसे उन की आंखों से छिपा लिया। 
Acts 1:10 और उसके जाते समय जब वे आकाश की ओर ताक रहे थे, तो देखो, दो पुरूष श्वेत वस्‍त्र पहिने हुए उन के पास आ खड़े हुए। 
Acts 1:11 और कहने लगे; हे गलीली पुरूषों, तुम क्यों खड़े स्वर्ग की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 6:22-44