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बुधवार, 9 दिसंबर 2015

परिस्थितियाँ


   परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता योना और उसका परमेश्वर के निर्देशों का पालन ना करने की कहानी हमें सिखाती है कि कैसे परमेश्वर परिस्थितियों को, चाहे वे भली हों या बुरी, हमें जागरूक करने और हमें भला बनाने के लिए प्रयोग करता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में योना की पुस्तक में हम देखते हैं कि परमेश्वर ने पाँच बार योना के लिए कुछ परिस्थितियाँ तैयार करीं, कुछ भली तो कुछ कष्टप्रद।

   हम योना 1:4 में पढ़ते हैं कि परमेश्वर ने उसकी आज्ञाकारिता से बचकर भाग रहे योना को लौटा लाने के लिए तूफान को भेजा, "तब यहोवा ने समुद्र में एक प्रचण्ड आंधी चलाई, और समुद्र में बड़ी आंधी उठी, यहां तक कि जहाज टूटने पर था" (योना 1:4)। जब उस जलपोत के नाविकों ने जाना कि उनके तूफान में फंसने का कारण योना ही है, तो योना के कहने पर उन्होंने उसे समुद्र में फेंक दिया (योना 1:15), जहाँ परमेश्वर ने पहले से उसके लिए एक बड़ा मच्छ ठहरा रखा था जिसने उसे निगल कर डूबने से बचा लिया (योना 1:17)। आगे चलकर हम पाते हैं कि परमेश्वर ने योना को कड़ी धूप से छाया देने के लिए एक पेड़ को उगाया (योना 4:6), और फिर परमेश्वर ने योना को समझाने के लिए पहले एक कीड़े को भेजा जिसने उस पेड़ को नाश करके योना पर से उसकी छाया को हटा दिया, फिर तेज़ लू और धूप को भेजा (योना 4:7-9)। इन सब परिस्थितियों के द्वारा परमेश्वर ने योना पर उसके बलवई तथा दयाविहीन मन को उजागर किया, योना को तैयार किया कि परमेश्वर उससे बात कर सके और उसे समझा सके।

   अपने जीवनों में जब हम भिन्न परिस्थितियों का सामना करते हैं तो हमें स्मरण रखना चाहिए कि चाहे आशीष हो या परेशानी, परमेश्वर की पूर्ण प्रभुता प्रत्येक बात और परिस्थिति पर रहती है। परमेश्वर हर परिस्थिति के द्वारा हमारे चरित्र का निर्माण करता रहता है (याकूब 1:1-5)। वह भली और कष्टप्रद, दोनों ही बातों को हमें सुधारने और हमारा मार्गदर्शन करने के लिए प्रयोग करता है। - डेनिस फिशर


परमेश्वर देता भी है और ले भी लेता है; हर बात से उसकी महिमा हो, उसका नाम धन्य हो।

हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। - याकूब 1:2-3

बाइबल पाठ: योना4:1-11
Jonah 4:1 यह बात योना को बहुत ही बुरी लगी, और उसका क्रोध भड़का। 
Jonah 4:2 और उसने यहोवा से यह कह कर प्रार्थना की, हे यहोवा जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं जानता था कि तू अनुग्रहकारी और दयालु परमेश्वर है, विलंब से कोप करने वाला करूणानिधान है, और दु:ख देने से प्रसन्न नहीं होता। 
Jonah 4:3 सो अब हे यहोवा, मेरा प्राण ले ले; क्योंकि मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही भला है। 
Jonah 4:4 यहोवा ने कहा, तेरा जो क्रोध भड़का है, क्या वह उचित है? 
Jonah 4:5 इस पर योना उस नगर से निकल कर, उसकी पूरब ओर बैठ गया; और वहां एक छप्पर बना कर उसकी छाया में बैठा हुआ यह देखने लगा कि नगर को क्या होगा? 
Jonah 4:6 तब यहोवा परमेश्वर ने एक रेंड़ का पेड़ लगा कर ऐसा बढ़ाया कि योना के सिर पर छाया हो, जिस से उसका दु:ख दूर हो। योना उस रेंड़ के पेड़ के कारण बहुत ही आनन्दित हुआ। 
Jonah 4:7 बिहान को जब पौ फटने लगी, तब परमेश्वर ने एक कीड़े को भेजा, जिसने रेंड़ का पेड़ ऐसा काटा कि वह सूख गया। 
Jonah 4:8 जब सूर्य उगा, तब परमेश्वर ने पुरवाई बहा कर लू चलाई, और घाम योना के सिर पर ऐसा लगा कि वह मूर्च्छा खाने लगा; और उसने यह कह कर मृत्यु मांगी, मेरे लिये जीवित रहने से मरना ही अच्छा है। 
Jonah 4:9 परमेश्वर ने योना से कहा, तेरा क्रोध, जो रेंड़ के पेड़ के कारण भड़का है, क्या वह उचित है? उसने कहा, हां, मेरा जो क्रोध भड़का है वह अच्छा ही है, वरन क्रोध के मारे मरना भी अच्छा होता। 
Jonah 4:10 तब यहोवा ने कहा, जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तू ने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नाश भी हुआ; उस पर तू ने तरस खाया है। 
Jonah 4:11 फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिस में एक लाख बीस हजार से अधिक मनुष्य हैं, जो अपने दाहिने बाएं हाथों का भेद नहीं पहिचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उस में रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊं?

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 11-12
  • यहूदा


मंगलवार, 8 दिसंबर 2015

भय


   बच्चों की संगीत मण्डली कई सप्ताह से अभ्यास में लगी हुई थी और अब वह संध्या आ गई थी जब उन्हें अपना क्रिसमस कार्यक्रम प्रस्तुत करना था। कार्यक्रम के भिन्न भागों में अपनी अपनी भूमिका के अनुसार पोशाकें पहने सामने मंच पर जाने के लिए बच्चे हॉल में पिछले दरवाज़े से प्रवेश करने लगे। तभी हमें कुछ शोर-गुल सुनाई दिया, तो मैंने और मेरी पत्नि ने मुडकर पीछे की ओर देखा; हमारा सबसे छोटा बेटा मैट दरवाज़े के हैंडल को पूरी ताकत से पकड़े ज़ोर ज़ोर से रो रहा था, उसके चेहरे पर भय छाया हुआ था और वह हॉल में प्रवेश करने के लिए कतई तैयार नहीं हो रहा था। उसे बहुत समझाने-बुझाने का प्रयास करने के बाद अन्ततः कार्यक्रम के निर्देशक ने उसे आश्वस्त किया कि उसे मंच पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी; वह हॉल में हमारे साथ बैठ सकता है। तब ही मैट ने हॉल में प्रवेश किया, वह हमारे साथ बैठा और कुछ ही समय में उसका भय भी जाता रहा।

   यद्यपि हम सामान्यतः क्रिसमस को भय के साथ जोड़कर नहीं देखते, लेकिन प्रभु यीशु के जन्म की उस रात को भय विद्यमान था। परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका, उन गड़रियों के विषय में जिन्हें सर्वप्रथम प्रभु यीशु के जन्म का समाचार दिया गया, लिखता है: "और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए" (लूका 2:9)। उन गड़रियों के लिए स्वर्गदूत को देखना भयभीत कर देने वाली घटना थी। परन्तु उस स्वर्गदूत ने उन्हें ढाढ़स बंधाया और उन से कहा, "...मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा" (लूका 2:10)।

   अनेक प्रकार के भय से भरे इस संसार में प्रभु यीशु शांति का राजकुमार बनकर आए (यशायाह 9:6)। आज उनकी इस शांति की सारे संसार को बहुत आवश्यकता है। प्रभु यीशु की संगती हमारे हर भय को शांत करती है, हमें हर बात के लिए आश्वस्त करती है क्योंकि उन्होंने स्वयं कहा है, "मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है" (यूहन्ना 16:33)।


देहधारी परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह हमारे लिए हर भय का अन्त है। - एफ़. बी. मेयर

क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। - यशायाह 9:6

बाइबल पाठ: लूका 2:8-20
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़रिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़रियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें। 
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा। 
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की। 
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़रियों ने उन से कहीं आश्चर्य किया। 
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही। 
Luke 2:20 और गड़रिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्‍तुति करते हुए लौट गए।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 8-10
  • 3यूहन्ना


सोमवार, 7 दिसंबर 2015

ज्योति


   प्रति वर्ष दिसंबर के महीने में हमारे घर के निकट के 13 घरों एक मोहल्ले के सभी परिवार मिलकर 300,000 बत्तियों से बनी क्रिसमस ज्योति सजाते हैं। बत्तियों की यह सज्जा इतनी भव्य होती है कि लोग दूर दूर से उसे देखने आते हैं और घंटों पंक्ति में खड़े रहकर उन रंगीन जलती-बुझती-चमकती बत्तियों को देखने तथा उनके साथ बजने वाले संगीत का आनन्द लेते हैं। बत्तियों और संगीत के इस समागम को सुचारू रूप से चलाते रहने के लिए उन लोगों को 64 कंप्यूटरों की सहायता लेनी पड़ती है।

   जब मैं अवकाश काल में लगाई और जलाई जाने वाली इन ज्योतियों के बारे में सोचती हूँ तो मेरा ध्यान उस सच्ची ज्योति की ओर भी जाता है जिस के कारण क्रिसमस संभव हुआ - वह एकल तेजोमय ज्योति जो अपने प्रेम, खराई और न्याय से सारे जगत को रौशन करती है। यह एकमात्र ज्योति है प्रभु यीशु मसीह, और सारे संसार की हर आवश्यकता के लिए वही काफी है (यशायाह 9:2, 6-7)। हमारे जीवनों की इस ज्योति ने हमें, जो उसके अनुयायी हैं, यह कहा है कि उसकी इस ज्योति को सारे संसार में प्रदर्शित करें जिससे लोग उस ज्योति को देखकर परमेश्वर कि महिमा करने पाएं (मत्ती 5:16)।

   ज़रा विचार कीजिए, क्रिसमस की बत्तियों को लगाने और सुचारू रूप से चलाने के लिए मेहनत करने वाले उन 13 परिवारों के समान यदि हम मसीही विश्वासी भी परमेश्वर कि सच्ची ज्योति को लोगों के जीवनों तथा संसार को ज्योतिर्मय करने के लिए एक जुट और प्रयासरत हो जाएं तो कैसा रहे? फिर पाप के अन्धकार में रहने और जीने वाले लोगों को जीवन की ज्योति को ढूंढ़ने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी, वह ज्योति उनके चारों ओर उन्हें चमकती मिलेगी।

   जब मसीही विश्वासी एक साथ मिलकर परमेश्वर के प्रेम की ज्योति को अपने अपने जीवनों से प्रदर्शित करेंगे, तो उद्धार तथा पाप-क्षमा के सुसमाचार की यह ज्योति और अधिक चमकेगी, और अधिक लोगों को प्रभु यीशु के पास आकर्षित करेगी और संसार को सच्ची ज्योति से ज्योतिर्मय कर देगी। - जूली ऐकैरमैन लिंक


संसार के पाप के अन्धकार में हमारे मसीही जीवन की गवाही आशा की ज्योति है।

जो लोग अन्धकार में बैठे थे उन्होंने बड़ी ज्योति देखी; और जो मृत्यु के देश और छाया में बैठे थे, उन पर ज्योति चमकी। - मत्ती 4:16

बाइबल पाठ: मत्ती 5:13-16
Matthew 5:13 तुम पृथ्वी के नमक हो; परन्तु यदि नमक का स्‍वाद बिगड़ जाए, तो वह फिर किस वस्तु से नमकीन किया जाएगा? फिर वह किसी काम का नहीं, केवल इस के कि बाहर फेंका जाए और मनुष्यों के पैरों तले रौंदा जाए। 
Matthew 5:14 तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। 
Matthew 5:15 और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। 
Matthew 5:16 उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 5-7
  • 2यूहन्ना


रविवार, 6 दिसंबर 2015

आवश्यकता से बढ़कर


   मैंने अपने घर में मित्रों के एक बड़े समूह की मेज़बानी आयोजित करी। जब भोजन का समय निकट आया तो मुझे आशंका हुई कि इतने लोगों में मेरे द्वारा बनाया गया भोजन कहीं कम ना पड़ जाए। लेकिन मेरी यह चिंता व्यर्थ थी। आने वाले अनेक मेहमान मित्र अपने साथ कुछ कुछ भोजन वस्तु लेकर आए, और उन सब को मिलाकर हमारे पास आवश्यकता से अधिक भोजन सामग्री हो गई जिसे हम सब ने छक कर खाया और आपस में बाँट भी लिया।

   हम मसीही विश्वासी बहुतायत के परमेश्वर की सेवा करते हैं; परमेश्वर के भण्डारों में कभी कोई घटी नहीं होती, वरन सदा सब कुछ आवश्यकता से अधिक उपलब्ध होता है जिसे वह अपने सब बच्चों को वैसे ही उदारता से देता है जैसे उसने अपने प्रेम को हमपर उदारता से उण्डेला है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 103 में दाऊद हमें परमेश्वर से मिलने वाले अनेक उपहारों के विषय में लिखता है, जिनमें से एक है: "वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है" (भजन 103:4)।

   प्रेरित पौलुस हमें स्मरण कराता है कि, "हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है" (इफिसियों 1:3); और परमेश्वर "ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है" (इफिसियों 3:20)।

   परमेश्वर के हमारे प्रति ऐसे महान प्रेम के कारण ही हम परमेश्वर की सनतान कहलाते हैं (1 यूहन्ना 3:1) जिस कारण "परमेश्वर सब प्रकार का अनुग्रह तुम्हें बहुतायत से दे सकता है जिस से हर बात में और हर समय, सब कुछ, जो तुम्हें आवश्यक हो, तुम्हारे पास रहे, और हर एक भले काम के लिये तुम्हारे पास बहुत कुछ हो" (2 कुरिन्थियों 9:8)।

   हमारे जीवनों में बहुतायत से उण्डेला गया परमेश्वर का प्रेम और अनुग्रह हमें इस योग्य बनाता है कि हम अपनी आशीषों को दूसरों के साथ बाँट सकें। हमें सब बातों और सब आवश्यकताओं के लिए निश्चिंत रहना चाहिए क्योंकि हमारे परमेश्वर पिता की सामर्थ और भण्डारों की भरपूरी सदा ही हमारी आवश्यकताओं से कहीं अधिक बढ़कर रहती है। - सिंडी हैस कैस्पर


जब परमेश्वर हमारी आपूर्ति करने वाला हो तो हमारे पास सदा आवश्यकता से बढ़कर ही उपलब्ध रहता है।

देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना। - 1 यूहन्ना 3:1

बाइबल पाठ: भजन 103
Psalms 103:1 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे! 
Psalms 103:2 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना। 
Psalms 103:3 वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है, 
Psalms 103:4 वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है, 
Psalms 103:5 वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाईं नई हो जाती है।
Psalms 103:6 यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है। 
Psalms 103:7 उसने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए। 
Psalms 103:8 यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है। 
Psalms 103:9 वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा। 
Psalms 103:10 उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है। 
Psalms 103:11 जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है। 
Psalms 103:12 उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है। 
Psalms 103:13 जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है। 
Psalms 103:14 क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।
Psalms 103:15 मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है, 
Psalms 103:16 जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है। 
Psalms 103:17 परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है, 
Psalms 103:18 अर्थात उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण कर के उन पर चलते हैं।
Psalms 103:19 यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है। 
Psalms 103:20 हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो! 
Psalms 103:21 हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो! 
Psalms 103:22 हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 3-4
  • 1यूहन्ना 5


शनिवार, 5 दिसंबर 2015

इच्छा


   मेरी पत्नि की युवावस्था में उनके पड़ौसी, पास्टर और पारिवारिक मित्र थे डॉ. कार्लाय्ल मार्नी। कार्लाय्ल मार्नी का एक कथन मेरी पत्नि के परिवार के लिए बहुधा प्रयोग होने वाला वाक्य बन गया था; वह वाक्य था: "जैसा कि डॉ. मार्नी कहते हैं, हमें बस अपने इच्छा-यंत्र को ठीक करवाने की आवश्यकता है।"

   अपनी आवश्यकताओं से अधिक को पाने की चाह रखना तथा देने की बजाए लेने पर ध्यान केंद्रित रखना बहुत सरल होता है। लेकिन इसका परिणाम होता है कि कुछ ही समय में हमारी इच्छाएं हमें और हमारी आवश्यकताओं को नियंत्रित करने लग जाती हैं।

   जब प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को पत्र लिखा तो उसने उन्हें कहा, "यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्‍तोष करूं। मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्‍त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है" (फिलिप्पियों 4:11-12)। डॉ. मार्नी के कथन के संदर्भ में, पौलुस फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों से कह रहा था, "मैंने अपने इच्छा-यंत्र को ठीक करवा लिया है"। यहाँ यह जानना तथा समझना महत्वपूर्ण है कि पौलुस जन्म से ही संतुष्ट नहीं था, वरन उसने जीवन की परिस्थित्यों और अपने मसीही जीवन के कठिन अनुभवों में होकर सन्तोष करना सीखा था।

   वर्ष के अन्त के इस क्रिसमस-समय में जब अनेक देशों और संस्कृतियों में उपहार खरीदना, लेना और देना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है, हमें प्रयास करना चाहिए कि जो कुछ हमारे पास है, हम उसी में संतुष्ट रहना सीखें। ऐसा करना सरल तो नहीं होगा, लेकिन हम पौलुस से ही ऐसा करने की विधि भी सीख सकते हैं; पौलुस ने मसीह यीशु से मिलने वाली सामर्थ को ध्यान रख कर अपनी पत्री में आगे लिखा, "जो मुझे सामर्थ देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूं" (फिलिप्पियों 4:13)।

   अपनी इच्छाओं और इच्छा-यंत्र, अर्थात इच्छाएं उत्पन्न करने वाली मनसाओं को प्रभु यीशु के हाथों में समर्पित करें, प्रभु से प्रार्थना में मांगे कि वह आपको सही एवं उचित इच्छा को छोड़ बाकी सभी व्यर्थ बातों और इच्छाओं से बचाए रखे; फिर प्रभु की इच्छानुसार निर्णय लेने का संकल्प करें, उसका पालन करें। - डेविड मैक्कैसलैंड


संतुष्टि का आरंभ इच्छाओं को नियंत्रित करने से होता है। 

मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है? मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल-चलन के अनुसार अर्थात उसके कामों का फल दूं। - यिर्मयाह17:9-10

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:4-13
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो। 
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है। 
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। 
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी।
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो। 
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।
Philippians 4:10 मैं प्रभु में बहुत आनन्‍दित हूं कि अब इतने दिनों के बाद तुम्हारा विचार मेरे विषय में फिर जागृत हुआ है; निश्‍चय तुम्हें आरम्भ में भी इस का विचार था, पर तुम्हें अवसर न मिला। 
Philippians 4:11 यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्‍तोष करूं। 
Philippians 4:12 मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्‍त होना, भूखा रहना, और बढ़ना-घटना सीखा है। 
Philippians 4:13 जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 1-2
  • 1यूहन्ना 4


शुक्रवार, 4 दिसंबर 2015

यूरेका


   सन 1867 में, दक्षिणी अफ्रीका के एक खेत में 15 वर्ष के इरासमुस जेकब को धूप में चमकता हुआ एक पत्थर दिखाई दिया। उस चमकीले पत्थर की खबर उनके एक पड़ौसी को लगी और उसने वह पत्थर खरीद लेने का प्रस्ताव इरासमुस के परिवार के सामने रखा। उसकी कीमत से अनजान, इरासमुस की माँ ने पड़ौसी से कहा, "यदि तुम्हें पसन्द है तो तुम उसे ऐसे ही रख लो।" बाद में एक खनीज़ वैज्ञानिक ने पहिचाना कि वह पत्थर 21.25 कैरट का हीरा था और बहुत कीमती था, और उसे "यूरेका" हीरा कहा जाने लगा (यूनानी भाषा के शब्द "यूरेका" का अर्थ होता है "मुझे मिल गया"।) शीघ्र ही इरासमुस के घर और खेत के आस-पास की ज़मीन की कीमत अत्यन्त बढ़ गई, क्योंकि उस ज़मीन के नीचे ज्ञात हीरों का सबसे बड़ा भण्डार था।

   प्रभु यीशु ने परमेश्वर के राज्य को भी एक छुपे हुए खज़ाने के समान बताया: "स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया" (मत्ती 13:44)। जब हम प्रभु यीशु में विश्वास लाते हैं तो अपने पुत्र के बलिदान में होकर परमेश्वर हमें पापों से क्षमा प्रदान करता है, हमें स्वर्ग में अनन्त जीवन का वारिस और अपनी सन्तान होने का अधिकार देता है; हमारे जीवनों में भी स्वर्गीय आशीष का "यूरेका" क्षण आता है क्योंकि हमें वह अन्मोल खज़ाना दे दिया जाता है जिसे हम और किसी प्रकार से पा नहीं सकते थे। अब हमारा जीवन परमेश्वर के अनन्त राज्य का सदस्य होने पर केन्द्रित हो जाता है, परमेश्वर कि आशीषें हमें उपलब्ध हो जाती हैं।

   यह हमारा कर्तव्य और हमारी खुशनसीबी है कि हमें इस यूरेका क्षण को दूसरों तक पहुँचाने, इसकी आशीषों के बारे में सब लोगों को बताने की ज़िम्मेदारी दी गई है। - डेनिस फिशर


परमेश्वर का राज्य वह खज़ाना है जिसे बाँटने के लिए हम मसीही विश्वासियों को रखा गया है।

और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्‍ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय। - 1 कुरिन्थियों 9:16

बाइबल पाठ: मत्ती 13:44-50
Matthew 13:44 स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और मारे आनन्द के जा कर और अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया।
Matthew 13:45 फिर स्वर्ग का राज्य एक व्यापारी के समान है जो अच्‍छे मोतियों की खोज में था। 
Matthew 13:46 जब उसे एक बहुमूल्य मोती मिला तो उसने जा कर अपना सब कुछ बेच डाला और उसे मोल ले लिया।
Matthew 13:47 फिर स्वर्ग का राज्य उस बड़े जाल के समान है, जो समुद्र में डाला गया, और हर प्रकार की मछिलयों को समेट लाया। 
Matthew 13:48 और जब भर गया, तो उसको किनारे पर खींच लाए, और बैठकर अच्छी अच्छी तो बरतनों में इकट्ठा किया और निकम्मी, निकम्मीं फेंक दी। 
Matthew 13:49 जगत के अन्‍त में ऐसा ही होगा: स्वर्गदूत आकर दुष्‍टों को धर्मियों से अलग करेंगे, और उन्हें आग के कुंड में डालेंगे। 
Matthew 13:50 वहां रोना और दांत पीसना होगा।

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 47-48
  • 1यूहन्ना 3


गुरुवार, 3 दिसंबर 2015

भरोसेमन्द सत्य


   कई सालों से सारा कमर दर्द से परेशान थी, और दर्द बढ़ता ही जा रहा था। उसके चिकित्सक ने उसे फिज़्योथैरपिस्ट के पास भेजा, और वहाँ उसे प्रतिदिन 25 व्यायाम करने के लिए दिए गए। दर्द कुछ कम तो हुआ लेकिन पूरी तरह से हटा नहीं। इसलिए चिकित्सक ने एक्स-रे करवाए और फिर उसे एक दूसरे फिज़ियोथैरपिस्ट के पास भेजा, जिसने उसे पहले फिज़ियोथैरपिस्ट द्वारा बताए गए सभी व्यायामों को बन्द करके उनके स्थान पर केवल एक ही सरल सा व्यायाम करने को कहा। आश्चर्य की बात यह रही कि जो वे 25 व्यायाम नहीं कर पाए, वह कार्य उस एक सरल से व्यायाम ने कर दिया।

   कई दफा बिलकुल सरल और सामान्य प्रतीत होने वाले सत्य ही सबसे कारगर होते हैं। जब कार्ल बार्थ से कहा गया कि आध्यात्मवाद के अपने जीवन भर के अनुभव को एक ही वाक्य में संक्षिप्त करें, तो उन्होंने कहा, "यीशु मुझसे प्रेम करता है!" कुछ लोगों का कहना है उन्होंने साथ ही यह भी कहा, "क्योंकि बाइबल मुझसे यह कहती है और मैं इसे जानता हूँ।"

   हमारे प्रति परमेश्वर का प्रेम प्रगट है; उसने हमें हमारे ही पापों से बचाने के लिए अपने पुत्र को बलिदान होने दिया। मसीह यीशु हमारे पापों को अपने ऊपर लिए क्रूस पर मारा गया, और अपने साथ हमें नया जीवन देने के लिए तीसरे दिन फिर मृतकों में से जी उठा। अद्भुत प्रेम! परमेश्वर के वचन बाइबल में जैसे यूहन्ना कहता है, "देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी..." (1 यूहन्ना 3:1)।

   हम मनुष्यों के प्रति प्रभु यीशु का प्रेम समझ पाना मानव बुद्धि से संभव नहीं है, उसे तो केवल अनुभव के द्वारा ही जाना जा सकता है। ना ही हम अपनी बुद्धि से इस तथ्य को समझ सकते हैं कि प्रभु यीशु का प्रेम हमारे जीवनों को कठिनाईयों और परेशानियों में पड़ने से तो नहीं बचाता किंतु उन सभी विपरीत परिस्थितियों में प्रभु यीशु हमारे साथ ही खड़ा होता है, हमारे समान ही उन में दुखी होता है, उनसे जूझने के लिए हमें ढ़ाढ़स, सांत्वना और सामर्थ प्रदान करता है और हमें उन पर जयवन्त बनाता है।

   प्रभु यीशु का प्रेम वह भरोसेमन्द सत्य है जो हमारे जीवनों को दिशा, उद्देश्य और परमेश्वर की शान्ति प्रदान करता है, जो हमें कहीं और से नहीं मिल सकती। - ऐनी सेटास


सबसे बड़े अचरज की बात; जरा सोचिए, प्रभु यीशु मुझसे प्रेम करता है!

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - यूहन्ना 14:27 

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 2:24-3:3
1 John 2:24 जो कुछ तुम ने आरम्भ से सुना है वही तुम में बना रहे: जो तुम ने आरम्भ से सुना है, यदि वह तुम में बना रहे, तो तुम भी पुत्र में, और पिता में बने रहोगे। 
1 John 2:25 और जिस की उसने हम से प्रतिज्ञा की वह अनन्त जीवन है। 
1 John 2:26 मैं ने ये बातें तुम्हें उन के विषय में लिखी हैं, जो तुम्हें भरमाते हैं। 
1 John 2:27 और तुम्हारा वह अभिषेक, जो उस की ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इस का प्रयोजन नहीं, कि कोई तुम्हें सिखाए, वरन जैसे वह अभिषेक जो उस की ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है, और झूठा नहीं: और जैसा उसने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उस में बने रहते हो।
1 John 2:28 निदान, हे बालकों, उस में बने रहो; कि जब वह प्रगट हो, तो हमें हियाव हो, और हम उसके आने पर उसके साम्हने लज्ज़ित न हों। 
1 John 2:29 यदि तुम जानते हो, कि वह धार्मिक है, तो यह भी जानते हो, कि जो कोई धर्म का काम करता है, वह उस से जन्मा है। 
1 John 3:1 देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना। 
1 John 3:2 हे प्रियों, अभी हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब वह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वह है। 
1 John 3:3 और जो कोई उस पर यह आशा रखता है, वह अपने आप को वैसा ही पवित्र करता है, जैसा वह पवित्र है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 45-46
  • 1यूहन्ना 2