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रविवार, 16 जुलाई 2017

नाम


   सभी घर-परिवारों में परिवार से संबंधित कुछ विशिष्ट कहानियाँ होती हैं। हमारे परिवार में भी ऐसी ही एक कहानी है, और यह कहानी मेरे नाम से संबंधित है। मेरे माता-पिता के विवाह के आरंभिक समय में उनमें अपने पहले पुत्र के नाम को लेकर असहमति रहती थी। मेरी माँ चाहती थीं कि पुत्र का वही नाम हो जो पिता का है, परन्तु मेरे पिता इससे सहमत नहीं थे। बहुत चर्चा के बाद उन्होंने एक समझौता किया; उनमें इस बात पर सहमति बनी कि यदि पुत्र हुआ और वह पिताजी के जन्मदिन पर पैदा हुआ तो उसका नाम वही होगा जो पिताजी का है। आशचर्यजनक रूप से, मेरा जन्म अपने पिता के जन्मदिन पर ही हुआ, इसलिए मुझे मेरे पिता का नाम दिया गया, और उसके साथ "जूनियर" लगा दिया गया।

   बच्चों को नाम देना तो समय जितना ही प्राचीन है। परमेश्वर के वचन बाइबल में जब प्रभु यीशु के जन्म से पहले यूसुफ अपनी मंगेतर मरियम के गर्भवती होने के समाचार को लेकर परेशान था तो परमेश्वर की ओर से भेजे गए स्वर्गदूत ने उसके असमंजस को दूर किया और आने वाले जगत के उद्धारकर्ता के नाम के बारे में भी निर्देष दिए: "वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा" (मत्ती 1:21)। न केवल उस बालक का नाम यीशु होना था वरन यह नाम उसके संसार में आने के उद्देश्य को भी बताता है - मानव जाति को उसके पाप से बचाने का मार्ग देना। इसीलिए यीशु नाम सब नामों से श्रेष्ठ और सर्वोच्च नाम है।

   हमारे हृदय की अभिलाषा यीशु नाम के प्रति समर्पित होकर इस अद्भुत नाम को अपने जीवनों से आदर देते रहने की होनी चाहिए। - बिल क्राउडर जूनियर


यीशु : उसका नाम और उसका उद्देश्य दोनों एक ही हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: मत्ती 1:18-25
Matthew 1:18 अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई। 
Matthew 1:19 सो उसके पति यूसुफ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने की मनसा की। 
Matthew 1:20 जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। 
Matthew 1:21 वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। 
Matthew 1:22 यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो। 
Matthew 1:23 कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। 
Matthew 1:24 सो यूसुफ नींद से जागकर प्रभु के दूत की आज्ञा अनुसार अपनी पत्‍नी को अपने यहां ले आया। 
Matthew 1:25 और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उसने उसका नाम यीशु रखा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 16-17
  • प्रेरितों 20:1-16


शनिवार, 15 जुलाई 2017

परिवर्तित हृदय


   अफ्रीकी देश घाना में 1970 के दशक में, दीवारों तथा सार्वजनिक सूचना पटलों पर, एक पोस्टर दिखाई देना आरंभ हुआ - "मनुष्य का हृदय"। इस पोस्टर में दो तस्वीरें थीं; पहली में एक बहुत अप्रसन्न और दुःखी मनुष्य था जिसके हृदय में बुराई और घृणित बातों के चिन्ह, अनेकों प्रकार के रेंगने वाले जन्तु भरे हुए थे। दूसरी तस्वीर थी एक बहुत प्रसन्न और शान्त मनुष्य और उसके हृदय की जो बिलकुल स्वच्छ था। इन दोनों तस्वीरो के नीचे एक प्रश्न लिखा हुआ था, "आपके हृदय की दशा क्या है?"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने बताया है कि मनुष्य किस से दूषित होता है: "पर जो कुछ मुंह से निकलता है, वह मन से निकलता है, और वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। क्योंकि कुचिन्‍ता, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्‍दा मन ही से निकलतीं है" (मत्ती 15:18-19); यह उस मनुष्य के हृदय की दशा है जो परमेश्वर से दूर है। भविष्यद्वक्ता यहेजकेल के दिनों में इस्त्राएलियों की भी यही दशा थी, और उनके पापों के कारण विवश होकर उन्हें देश छोड़कर जाना पड़ा (यहेजकेल 36:23)।

   परन्तु पाप में फंसे और पाप के कारण विस्थापित हुए उन लोगों से परमेश्वर ने एक अद्भुत प्रतिज्ञा की: "मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा" (यहेजकेल 36:26)। परमेश्वर की यही प्रतिज्ञा आज प्रभु यीशु मसीह में होकर सारे संसार के सभी लोगों के लिए भी उपलब्ध है। जब हम अपने पापों को मानकर प्रभु यीशु से उनके लिए क्षमा माँगते हैं, अपना जीवन स्वेच्छा से उसे समर्पित करते हैं तो पाप से भरे हमारे हृदय को वह धोकर शुद्ध और स्वच्छ करता है, उसे पाप से अपनी ओर परिवर्तित करता है। परमेश्वर का कोटि-कोटि धन्यवाद हो उसकी क्षमा और उद्धार के इस अद्भुत उपहार के लिए। - लॉरेंस दरमानी


जीवन के नए आरंभ के लिए, परमेश्वर से एक नया हृदय माँगें।

भला, मनुष्य मन के भले भण्‍डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्‍डार से बुरी बातें निकालता है। - मत्ती 12:35

बाइबल पाठ: यहेजकेल 36:18-31
Ezekiel 36:18 सो जो हत्या उन्होंने देश में की, और देश को अपनी मूरतों के द्वारा अशुद्ध किया, इसके कारण मैं ने उन पर अपनी जलजलाहट भड़काई। 
Ezekiel 36:19 और मैं ने उन्हें जाति-जाति में तितर-बितर किया, और वे देश देश में छितर गए; उनके चालचलन और कामों के अनुसार मैं ने उन को दण्ड दिया। 
Ezekiel 36:20 परन्तु जब वे उन जातियों में पहुंचे जिन में वे पहुंचाए गए, तब उन्होंने मेरे पवित्र नाम को अपवित्र ठहराया, क्योंकि लोग उनके विषय में यह कहने लगे, ये यहोवा की प्रजा हैं, परन्तु उसके देश से निकाले गए हैं। 
Ezekiel 36:21 परन्तु मैं ने अपने पवित्र नाम की सुधि ली, जिसे इस्राएल के घराने ने उन जातियों के बीच अपवित्र ठहराया था, जहां वे गए थे। 
Ezekiel 36:22 इस कारण तू इस्राएल के घराने से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे इस्राएल के घराने, मैं इस को तुम्हारे निमित्त नहीं, परन्तु अपने पवित्र नाम के निमित्त करता हूँ जिसे तुम ने उन जातियों में अपवित्र ठहराया जहां तुम गए थे। 
Ezekiel 36:23 और मैं अपने बड़े नाम को पवित्र ठहराऊंगा, जो जातियों में अपवित्र ठहराया गया, जिसे तुम ने उनके बीच अपवित्र किया; और जब मैं उनकी दृष्टि में तुम्हारे बीच पवित्र ठहरूंगा, तब वे जातियां जान लेंगी कि मैं यहोवा हूँ, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है। 
Ezekiel 36:24 मैं तुम को जातियों में से ले लूंगा, और देशों में से इकट्ठा करूंगा; और तुम को तुम्हारे निज देश में पहुंचा दूंगा। 
Ezekiel 36:25 मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूंगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा। 
Ezekiel 36:26 मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा। 
Ezekiel 36:27 और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मान कर उनके अनुसार करोगे। 
Ezekiel 36:28 तुम उस देश में बसोगे जो मैं ने तुम्हारे पितरों को दिया था; और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे, और मैं तुम्हारा परमेश्वर ठहरूंगा। 
Ezekiel 36:29 और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता से छुड़ाऊंगा, और अन्न उपजने की आज्ञा देकर, उसे बढ़ाऊंगा और तुम्हारे बीच अकाल न डालूंगा। 
Ezekiel 36:30 मैं वृक्षों के फल और खेत की उपज बढ़ाऊंगा, कि जातियों में अकाल के कारण फिर तुम्हारी नामधराई न होगी। 
Ezekiel 36:31 तब तुम अपने बुरे चालचलन और अपने कामों को जो अच्छे नहीं थे, स्मरण कर के अपने अधर्म और घिनौने कामों के कारण अपने आप से घृणा करोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 13-15
  • प्रेरितों 19:21-41


शुक्रवार, 14 जुलाई 2017

सहकर्मी


   18वीं शताब्दी के अन्त की ओर विलियम केरी को मिशनरी होकर भारत जाने और प्रभु यीशु का सुसमाचार सुनाने के लिए परमेश्वर की बुलाहट की अनुभूति हुई। उसके आस-पास के पादरियों ने उसका उपहास किया और कहा: "हे जवान, यदि परमेश्वर भारत में किसी को बचाना चाहगा तो वो यह कार्य बिना हमारे या तुम्हारे करने में सक्षम है।" उपहास करने वाले यह भूल गए थे कि परमेश्वर पृथ्वी पर हमारे बिना बहुत ही कम करता है। उसके लगभग सभी कार्य मनुष्यों में होकर, उनके द्वारा किए जाते हैं। परमेश्वर ही मनुष्यों को बुलाकर अपनी सेवकाई के लिए तैयार करता है, और आवश्यक संसाधनों का प्रबंध करके उन्हें उस सेवकाई के लिए भेजता है।

   पृथ्वी पर परमेश्वर के कार्यों में उसके सहकर्मी होने के नाते हमें इस बात को सुनिश्चित करना है कि हमारे द्वारा उस ही की इच्छा सदा पूरी होती रहे; और हमें अपने आप को पूर्णतया परमेश्वर के प्रति समर्पित कर देना है, चाहे उसके लिए कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। शिष्यों को प्रार्थना करना सिखाते समय प्रभु यीशु ने उन्हें प्रार्थना में परमेश्वर से यह माँगना सिखाया: "सो तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो; हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। तेरा राज्य आए; तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो। हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे। और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर। और हमें परीक्षा में न ला, परन्तु बुराई से बचा; क्योंकि राज्य और पराक्रम और महिमा सदा तेरे ही हैं।” आमीन" (मत्ती 6:9-13)। प्रभु द्वारा सिखाई गई प्रार्थना के यह शब्द मात्र शान्त निवेदन नहीं हैं, वरन पवित्र माँगें हैं - हमें न्याय दीजिए! संसार को सही कीजिए!

   हमें और परमेश्वर को पृथ्वी पर भिन्न भूमिकाएं निभानी हैं। हमारी भूमिका है कि हम प्रभु यीशु के पदचिन्हों पर चलें और अपने कर्मों तथा प्रार्थनाओं द्वारा उसके स्वर्गीय राज्य के लिए कार्य करें। जैसा प्रेरित पौलुस परमेश्वर के वचन बाइबल में कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में कहता है हम पृथ्वी पर मसीह की देह हैं (कुलुस्सियों 1:24), और प्रभु अपनी देह के द्वारा अपने कार्य करता है। जिनकी हम सेवा करते हैं, हम में होकर मसीह यीशु भी उनकी सेवा करता है। जब हम दुःखियों की ओर हाथ बढ़ाकर उनसे दया और करुणा का व्यवहार करते हैं, वे बढ़े हुए हाथ मसीह यीशु के भी होते हैं। परमेश्वर हम मसीही विश्वासियों में होकर कार्य करता है, हमें अपना सहकर्मी बनाता है। - फिलिप यैन्सी


परमेश्वर से महान अपेक्षाएं रखें; 
परमेश्वर के लिए महान कार्य करने के प्रयास करें। - विलियम केरी

क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। - 1 कुरिन्थियों 3:9

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 1:24-31
1 Corinthians 1:24 परन्तु जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है। 
1 Corinthians 1:25 क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।
1 Corinthians 1:26 हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए। 
1 Corinthians 1:27 परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे। 
1 Corinthians 1:28 और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्‍छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए। 
1 Corinthians 1:29 ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्‍ड न करने पाए। 
1 Corinthians 1:30 परन्तु उसी की ओर से तुम मसीह यीशु में हो, जो परमेश्वर की ओर से हमारे लिये ज्ञान ठहरा अर्थात धर्म, और पवित्रता, और छुटकारा। 
1 Corinthians 1:31 ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जो घमण्‍ड करे वह प्रभु में घमण्‍ड करे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 10-12
  • प्रेरितों 19:1-20


गुरुवार, 13 जुलाई 2017

कोई भय नहीं


   मुझे प्रभु यीशु के संपर्क में लाने वाले व्यक्ति फ्रांसिस एलेन थे, और अब वह समय निकट था जब फ्रांसिस को प्रभु यीशु से साक्षात मिलना था। उनके अन्त समय पर मैं उनके घर में ही था, और अलविदा के साथ ही मैं उन से कुछ ऐसा भी कहना चाहता था जो यादगार और सार्थक हो। लगभग एक घंटे तक मैं उनके बिस्तर के किनारे खड़ा रहा। मेरे द्वारा अपने विषय में सुनाई जाने वाली कहानियों को सुनकर वे ज़ोर से हंसते रहे। फिर वे थक गए, और हम गंभीर हो गए, और उन्होंने अपनी शेष शक्ति मेरे जीवन में उन्हें अभी भी दिखने वाले खुरदरे किनारों को संवारने में लगाई। मैं सुनता रहा और उनसे अलविदा के लिए कुछ कहने का प्रयास करता रहा।

   मुझे कुछ कह पाने का अवसर मिलने से पहले ही उन्होंने मुझे रोक दिया, और बोले, "रैंडी, जो मैंने तुम्हें सिखाया है उसे सदा स्मरण रखना। हमें जीवन की कहानी से कोई भय नहीं है क्योंकि हम जानते हैं कि उसका अन्त कैसे होगा। मुझे किसी बात का कोई भय नहीं है; तुम बस जाकर वह करो जो मैंने तुम्हें सिखाया है।" उनके ये चुनौती भरे शब्द मुझे प्रेरित पौलुस द्वारा परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्पी के विश्वासियों को कहे गए शब्दों की याद दिलाते हैं। पौलुस ने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों से कहा: "जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा" (फिलिप्पियों 4:9)।

   अपने जीवन के अन्तिम दिन में भी फ्रांसिस की आँखों में वही चमक थी जो तब थी जब मैं पहली बार उनसे मिला था। उनके मन में कोई भय नहीं था। मैं जो लिखता हूँ, जो कहानियाँ बताता हूँ और लोगों के मध्य जो सेवकाई करता हूँ, उन सब में फ्रांसिस का स्पर्श होता है।

   अपनी जीवन यात्रा में हम उन्हें कभी न भूलें जिन्होंने हमें आत्मिक जीवन में प्रोत्साहित किया है; हमारे जीवनों में जिनके परिश्रम के कारण आज अपने भविष्य को लेकर हमारे जीवनों में भी कोई भय नहीं है। - रैंडी किलगोर


ऐसे जीओ कि जब लोग आपको जानें तो वे मसीह यीशु को भी जानना चाहें।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 4:1-9
Philippians 4:1 इसलिये हे मेरे प्रिय भाइयों, जिन में मेरा जी लगा रहता है जो मेरे आनन्द और मुकुट हो, हे प्रिय भाइयो, प्रभु में इसी प्रकार स्थिर रहो।
Philippians 4:2 मैं यूओदिया को भी समझाता हूं, और सुन्‍तुखे को भी, कि वे प्रभु में एक मन रहें। 
Philippians 4:3 और हे सच्चे सहकर्मी मैं तुझ से भी बिनती करता हूं, कि तू उन स्‍त्रियों की सहयता कर, क्योंकि उन्होंने मेरे साथ सुसमाचार फैलाने में, क्‍लेमेंस और मेरे उन और सहकिर्मयों समेत परिश्रम किया, जिन के नाम जीवन की पुस्‍तक में लिखे हुए हैं। 
Philippians 4:4 प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो। 
Philippians 4:5 तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है। 
Philippians 4:6 किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। 
Philippians 4:7 तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी।
Philippians 4:8 निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरणीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्र हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्‍हीं पर ध्यान लगाया करो। 
Philippians 4:9 जो बातें तुम ने मुझ से सीखीं, और ग्रहण की, और सुनी, और मुझ में देखीं, उन्‍हीं का पालन किया करो, तब परमेश्वर जो शान्‍ति का सोता है तुम्हारे साथ रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 7-9
  • प्रेरितों 18


बुधवार, 12 जुलाई 2017

दृष्टि


   लेखक विलियम ज़िंस्सर ने उस स्थान की, जहाँ वे बड़े हुए थे और जिस स्थान को वे बहुत पसन्द करते थे, अपने अन्तिम बार देखने जाने के बारे में लिखा। जब वे और उनकी पत्नि उस पहाड़ी पर पहुँचे जहाँ उनका घर हुआ करता था, और जिस की दीवार से समुद्रतट का दृश्य दिखता था, उन्हें पता चला कि उनका घर गिरा दिया गया है। जो शेष रह गया था वह केवल एक बड़ा गड्ढ़ा था। निराश होकर वे चलकर निकट की दीवार पर गए, और दीवार से समुद्रतट को और वहाँ हो रही चहल-पहल को देखने लगे। बाद में उन्होंने अपने इस अनुभव के बारे में लिखा, "मैं शान्त था, और थोड़ा ही उदास हुआ। दीवार से दिखने वाला दृश्य अभी भी पहले के समान ही था - वैसा ही जैसा मैं बचपन में देखा करता था; जिसे मैं अभी तक नहीं भूला था और जिसके सपने मैं देखा करता था।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने एक कठिन समय का वर्णन किया जब उसका मन शान्त नहीं हो पा रहा था और उसकी आत्मा अभिभूत थी (भजन 77:2-3)। परन्तु इन विचलित करने वाली बातों के मध्य में उसने अपना ध्यान उदासी से हटाकर अपने उद्धारकर्ता की ओर किया, और कहा, "मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा" (पद 11)।

   निराशाओं का सामना करते समय, हम अपनी दृष्टि या तो अपनी परिस्थितियों और अपनी हानि पर लगाए रख सकते हैं, या फिर अपनी दृष्टि को परमेश्वर की ओर लगा सकते हैं। परमेश्वर हमें निमंत्रण देता है कि हम अपनी दृष्टि उसकी ओर लगाएं, उसकी भलाई की पहुँच, हमारे साथ बनी रहने वाली उसकी सदा की उपस्थिति और उसके शाश्वत प्रेम पर अपना ध्यान केंद्रित रखें। डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर की भलाई में विश्वास रखने से आशा जीवित बनी रहती है।

उसके किए हुए आश्चर्यकर्म स्मरण करो, उसके चमत्कार और निर्णय स्मरण करो! - भजन 105:5

बाइबल पाठ: भजन 77:1-15
Psalms 77:1 मैं परमेश्वर की दोहाई चिल्ला चिल्लाकर दूंगा, मैं परमेश्वर की दोहाई दूंगा, और वह मेरी ओर कान लगाएगा। 
Psalms 77:2 संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, मुझ में शांति आई ही नहीं। 
Psalms 77:3 मैं परमेश्वर का स्मरण कर कर के करहाता हूं; मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूं। (सेला) 
Psalms 77:4 तू मुझे झपक्की लगने नहीं देता; मैं ऐसा घबराया हूं कि मेरे मुंह से बात नहीं निकलती। 
Psalms 77:5 मैंने प्राचीन काल के दिनों को, और युग युग के वर्षों को सोचा है। 
Psalms 77:6 मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं: 
Psalms 77:7 क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा? 
Psalms 77:8 क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है? 
Psalms 77:9 क्या ईश्वर अनुग्रह करना भूल गया? क्या उसने क्रोध कर के अपनी सब दया को रोक रखा है? (सेला) 
Psalms 77:10 मैने कहा यह तो मेरी दुर्बलता ही है, परन्तु मैं परमप्रधान के दाहिने हाथ के वर्षों को विचारता हूं। 
Psalms 77:11 मैं याह के बड़े कामों की चर्चा करूंगा; निश्चय मैं तेरे प्राचीन काल वाले अद्भुत कामों को स्मरण करूंगा। 
Psalms 77:12 मैं तेरे सब कामों पर ध्यान करूंगा, और तेरे बड़े कामों को सोचूंगा। 
Psalms 77:13 हे परमेश्वर तेरी गति पवित्रता की है। कौन सा देवता परमेश्वर के तुल्य बड़ा है? 
Psalms 77:14 अद्भुत काम करने वाला ईश्वर तू ही है, तू ने अपने देश देश के लोगों पर अपनी शक्ति प्रगट की है। 
Psalms 77:15 तू ने अपने भुजबल से अपनी प्रजा, याकूब और यूसुफ के वंश को छुड़ा लिया है। 

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 4-6
  • प्रेरितों 17:16-34


मंगलवार, 11 जुलाई 2017

मरुस्थल


   सूखे, धूल भरे, खतरनाक - मरुस्थल - ऐसे स्थान जहाँ जीवन देने वाला जल कम, और वातावरण जीवन के प्रतिकूल होता है। इसलिए इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि किसी ऐसे स्थान को जहाँ पर जीवन नहीं है मरुस्थल के समान कहा जाता है। ऐसे स्थानों पर जीवन बहुत कठिन होता है, बहुत कम लोग वहाँ रहना चाहते हैं; परन्तु कभी-कभी हम ऐसे स्थानों से बच नहीं पाते हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, परमेश्वर के लोग मरुस्थल के जीवन से परिचित थे। इस्त्राएल सहित अधिकांश मध्य-पूर्व, मरुस्थल है। परन्तु यहाँ पर भी हरियाले अपवाद होते हैं; जैसे कि यरदन घाटी और गलील की झील के आस-पास के इलाके। परमेश्वर ने "अपने परिवार" का पालन-पोषण ऐसे ही स्थान पर करने का निर्णय लिया, ऐसा स्थान जो निर्जन स्थान से घिरा हुआ है, ऐसा स्थान जहाँ वह अपने बच्चों पर अपनी भलाई प्रकट कर सकता है, जब वे अपनी सुरक्षा और प्रतिदिन के भोजन के लिए उस पर निर्भर रहें (यशायाह 48:16-22)।

   आज हम में से अधिकांश जन यथार्थ में किसी मरुस्थल में नहीं रहते हैं, परन्तु हम में से लगभग सभी, कभी-न-कभी अपने जीवनों में मरुस्थल के सूखेपन और अकेलेपन से होकर निकलते हैं। ऐसे अनुभवों से कभी तो हमें न चाहते हुए भी मजबूरी में होकर निकलना पड़ता है, और कभी आज्ञाकारिता निभाने के लिए। जब कोई हमें छोड़ दे, या हमारे शरीर किसी रोग से ग्रसित हो जाएं, हम ऐसी परिस्थितियों में आ जाते हैं जहाँ संसाधन कम और जीवन कठिन हो जाता है।

   परन्तु चाहे वास्तव में अथवा आलंकारिक रीति से, मरुस्थल से होकर निकलना हमें स्मरण दिलाता है कि हम अपने भरण-पोषण के लिए परमेश्वर पर निर्भर हैं; उस ही की दया और कृपदृष्टि हमारी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति करती है। मरुस्थल का यह पाठ हमें अपने समृद्धि और बहुतायत के समयों में भी कभी भूलना नहीं चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रत्येक मरुस्थल में परमेश्वर अपने अनुग्रह का मरुद्द्यान उपलब्ध करवा सकता है।

जब दीन और दरिद्र लोग जल ढूंढ़ने पर भी न पाएं और उनका तालू प्यास के मारे सूख जाए; मैं यहोवा उनकी बिनती सुनूंगा, मैं इस्राएल का परमेश्वर उन को त्याग न दूंगा मैं मुण्डे टीलों से भी नदियां और मैदानों के बीच में सोते बहऊंगा; मैं जंगल को ताल और निर्जल देश को सोते ही सोते कर दूंगा। - यशायाह 41:17-18

बाइबल पाठ: यशायाह 48:16-22
Isaiah 48:16 मेरे निकट आकर इस बात को सुनो: आदि से ले कर अब तक मैं ने कोई भी बात गुप्त में नहीं कही; जब से वह हुआ तब से मैं वहां हूं। और अब प्रभु यहोवा ने और उसकी आत्मा ने मुझे भेज दिया है।
Isaiah 48:17 यहोवा जो तेरा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र है, वह यों कहता है, मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुझे तेरे लाभ के लिये शिक्षा देता हूं, और जिस मार्ग से तुझे जाना है उसी मार्ग पर तुझे ले चलता हूं। 
Isaiah 48:18 भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के नाईं होता; 
Isaiah 48:19 तेरा वंश बालू के किनकों के तुल्य होता, और तेरी निज सन्तान उसके कणों के समान होती; उनका नाम मेरे सम्मुख से न कभी काटा और न मिटाया जाता।
Isaiah 48:20 बाबुल में से निकल जाओ, कसदियों के बीच में से भाग जाओ; जयजयकार करते हुए इस बात को प्रचार कर के सुनाओ, पृथ्वी की छोर तक इसकी चर्चा फैलाओ; कहते जाओ कि यहोवा ने अपने दास याकूब को छुड़ा लिया है! 
Isaiah 48:21 जब वह उन्हें निर्जल देशों में ले गया, तब वे प्यासे न हुए; उसने उनके लिये चट्टान में से पानी निकाला; उसने चट्टान को चीरा और जल बह निकला। 
Isaiah 48:22 दुष्टों के लिये कुछ शान्ति नहीं, यहोवा का यही वचन है। 

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15


सोमवार, 10 जुलाई 2017

भार


   आप एक साइकिल के साथ जो ढो सकते हैं वह अद्भुत है। एक औसत व्यसक साइकिल से जुड़े विशेष ट्रेलर और कुछ निश्चय के साथ 300 पाउंड का भार 10 मील प्रति घंटा की रफतार से ले जा सकता है। लेकिन एक समस्या है; जितना अधिक भार ढोने का प्रयास करेंगे, रफतार उतनी ही धीमी होती जाएगी। यदि 600 पाउंड का भार ढोना हो तो केवल 8 मील प्रति घंटा की रफतार से ही चलने पाएंगे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक प्रमुख पात्र मूसा, जब इस्त्राएलियों को मिस्त्र की गुलामी से निकाल कर कनान देश की ओर उन्हें लेकर चला, तो उसे एक अन्य ही प्रकार का भार उठाना पड़ रहा था - भावनात्मक भार, जिसने उसे जड़ कर दिया था। वे इस्त्राएली थोड़े-थोड़े समय में अनेकों बातों के लिए कुड़कुड़ाते और परमेश्वर तथा मूसा पर दोषारोपण करते रहते थे; साथ ही मूसा को उनके व्यक्तिगत वाद-विवाद भी सुलझाते रहना पड़ता था। उनके विलाप और शिकायतों को सुनते-सुनते मूसा अघा गया, और थक कर उसने परमेश्वर से कहा, "मैं अकेला इन सब लोगों का भार नहीं सम्भाल सकता, क्योंकि यह मेरी शक्ति के बाहर है" (गिनती 11:14)।

   अपने आप में मूसा इस समस्या का समाधान पाने में असक्षम था। परन्तु परमेश्वर ने मूसा से कहा कि वह 70 लोगों को अपने साथ खड़े होने तथा उसके भार को बाँटने के लिए चुने: "...वे इन लोगों का भार तेरे संग उठाए रहेंगे, और तुझे उसको अकेले उठाना न पड़ेगा" (पद 17)।

   मसीह यीशु के अनुयायी होने के कारण हमें भी अपने भार अकेले उठाते रहने की आवश्यकता नहीं है। हमारे साथ हमारा प्रभु सदैव बना रहता है, और वह सदा हमारी सहायता के लिए तत्पर और तैयार रहता है। उसने अपनी मण्डली में हमें ऐसे भाई-बहन दिए हैं जो हमारा भार उठाने में हमारे सहायक हो सकते हैं। जब हम अपने भार उसे सौंपते हैं, तो वह हमें आवश्यक बुद्धिमानी और सहायता भी देता है कि उस भार को उठाया जा सके। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर की सहायता केवल प्रार्थना की दूरी पर उपलब्ध रहती है।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28 

बाइबल पाठ: गिनती 11:1-17
Numbers 11:1 फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी। 
Numbers 11:2 तब मूसा के पास आकर चिल्लाए; और मूसा ने यहोवा से प्रार्थना की, तब वह आग बुझ गई, 
Numbers 11:3 और उस स्थान का नाम तबेरा पड़ा, क्योंकि यहोवा की आग उन में जल उठी थी।
Numbers 11:4 फिर जो मिली-जुली भीड़ उनके साथ थी वह कामुकता करने लगी; और इस्त्राएली भी फिर रोने और कहने लगे, कि हमें मांस खाने को कौन देगा। 
Numbers 11:5 हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मिस्र में सेंत-मेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी; 
Numbers 11:6 परन्तु अब हमारा जी घबरा गया है, यहां पर इस मन्ना को छोड़ और कुछ भी देख नहीं पड़ता। 
Numbers 11:7 मन्ना तो धनिये के समान था, और उसका रंग रूप मोती का सा था। 
Numbers 11:8 लोग इधर उधर जा कर उसे बटोरते, और चक्की में पीसते वा ओखली में कूटते थे, फिर तसले में पकाते, और उसके फुलके बनाते थे; और उसका स्वाद तेल में बने हुए पुए का सा था। 
Numbers 11:9 और रात को छावनी में ओस पड़ती थी तब उसके साथ मन्ना भी गिरता था। 
Numbers 11:10 और मूसा ने सब घरानों के आदमियों को अपने अपने डेरे के द्वार पर रोते सुना; और यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का, और मूसा को भी बुरा मालूम हुआ। 
Numbers 11:11 तब मूसा ने यहोवा से कहा, तू अपने दास से यह बुरा व्यवहार क्यों करता है? और क्या कारण है कि मैं ने तेरी दृष्टि में अनुग्रह नहीं पाया, कि तू ने इन सब लोगों का भार मुझ पर डाला है? 
Numbers 11:12 क्या ये सब लोग मेरे ही कोख में पड़े थे? क्या मैं ही ने उन को उत्पन्न किया, जो तू मुझ से कहता है, कि जैसे पिता दूध पीते बालक को अपनी गोद में उठाए उठाए फिरता है, वैसे ही मैं इन लोगों को अपनी गोद में उठा कर उस देश में ले जाऊं, जिसके देने की शपथ तू ने उनके पूर्वजों से खाई है? 
Numbers 11:13 मुझे इतना मांस कहां से मिले कि इन सब लोगों को दूं? ये तो यह कह कहकर मेरे पास रो रहे हैं, कि तू हमे मांस खाने को दे। 
Numbers 11:14 मैं अकेला इन सब लोगों का भार नहीं सम्भाल सकता, क्योंकि यह मेरी शक्ति के बाहर है। 
Numbers 11:15 और जो तुझे मेरे साथ यही व्यवहार करना है, तो मुझ पर तेरा इतना अनुग्रह हो, कि तू मेरे प्राण एकदम ले ले, जिस से मैं अपनी दुर्दशा न देखने पाऊं।
Numbers 11:16 यहोवा ने मूसा से कहा, इस्त्राएली पुरनियों में से सत्तर ऐसे पुरूष मेरे पास इकट्ठे कर, जिन को तू जानता है कि वे प्रजा के पुरनिये और उनके सरदार हैं; और मिलापवाले तम्बू के पास ले आ, कि वे तेरे साथ यहां खड़े हों। 
Numbers 11:17 तब मैं उतरकर तुझ से वहां बातें करूंगा; और जो आत्मा तुझ में है उस में से कुछ ले कर उन में समवाऊंगा; और वे इन लोगों का भार तेरे संग उठाए रहेंगे, और तुझे उसको अकेले उठाना न पड़ेगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 41-42
  • प्रेरितों 16:22-40