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सोमवार, 19 मार्च 2018

स्मरण



   मुझे समझ नहीं आता है कि ये लोग मुझे कैसे ढूँढ़ लेते हैं, परन्तु मुझे डाक में अधिकाधिक निमंत्रण मिलते जा रहे हैं उन लोगों की ओर से जो मुझे सिखाना चाहते हैं कि नौकरी से सेवानिवृत्ति के पश्चात अधिक से अधिक लाभ कैसे कमाया जाए, और इसके लिए वे चाहते हैं कि मैं उनके द्वारा आयोजित कार्यकर्म का निमंत्रण स्वीकार करके उसमें आऊँ। यह सिलसिला कई वर्ष पहले आरम्भ हुआ था, और तब मुझे निमंत्रण मिलते थे कि मैं सेवानिवृत लोगों के हित के लिए कार्य करने वाली संस्था में सम्मिलित हो जाऊँ। ये सभी निमंत्रण मुझे स्मरण दिलाने के लिए हैं कि “आप वृद्ध हो रहे हैं। वृद्धावस्था के लिए तैयार हो जाईए!”

   अभी तक तो मैं इन सबको अनदेखा करता आ रहा हूँ, परन्तु किसी-न-किसी दिन, मैं इनका कोई निमंत्रण स्वीकार कर बैठूँगा, और उनके किसी कार्यक्रम में चला जाऊँगा। इससे इन्कार नहीं है कि मैं वृद्ध होता जा रहा हूँ, और मुझे इसके बारे में कुछ करने की आवश्यकता है।

   ऐसे ही स्मरण करवाने की बातें मुझे और आपको परमेश्वर के वचन बाइबल से भी मिलती रहती हैं। हम यह जानते और पहचानते हैं कि पवित्र-शास्त्र का वह खण्ड अथवा परिच्छेद जो कह रहा है वह हमारे लिए सही बैठता है, हमें उस पर व्यवहार करना चाहिए। हो सकता ही कि वह परिच्छेद रोमियों 14:13 हो जो हमें एक दूसरे पर दोष लगाने के लिए मना करता है; या फिर 2 कुरिन्थियों 9:6 हो जो हमें उदार मन रखने की शिक्षा देता है; या फिर फिलिप्पियों 1:27-28 जो हमें एकसाथ मिलकर विश्वास और सुसमाचार के लिए कार्य करने को कहता है।

   हम जब परमेश्वर के वचन को पढ़ते हैं, हमारे मार्गदर्शन के लिए हमें स्मरण दिलाने वाली महत्वपूर्ण बातें परमेश्वर की ओर से हमें मिलती रहती हैं। हम परमेश्वर की इन बातों को गंभीरता से लें, और इनका पालन करें, क्योंकि यह स्मरण हमें हमारे प्रेमी परमेश्वर पिता से मिलते हैं जो हमारे लिए भला क्या है हमसे बेहतर जानता है, और सदा हमारा भला ही चाहता है। - डेव ब्रैनन


पवित्रता हमारे अन्दर मसीह द्वारा 
पिता परमेश्वर की इच्छा और आज्ञाओं को पूरा करना है।

सो आगे को हम एक दूसरे पर दोष न लगाएं पर तुम यही ठान लो कि कोई अपने भाई के साम्हने ठेस या ठोकर खाने का कारण न रखे। - रोमियों 14:13

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:27-30
Philippians 1:27 केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल-चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त हो कर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
Philippians 1:28 और किसी बात में विरोधियों से भय नहीं खाते यह उन के लिये विनाश का स्‍पष्‍ट चिन्ह है, परन्तु तुम्हारे लिये उद्धार का, और यह परमेश्वर की ओर से है।
Philippians 1:29 क्योंकि मसीह के कारण तुम पर यह अनुग्रह हुआ कि न केवल उस पर विश्वास करो पर उसके लिये दुख भी उठाओ।
Philippians 1:30 और तुम्हें वैसा ही परिश्रम करना है, जैसा तुम ने मुझे करते देखा है, और अब भी सुनते हो, कि मैं वैसा ही करता हूं।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 1-3
  • मरकुस 16



रविवार, 18 मार्च 2018

भाग निकलें



   जब मेरे पिता अपने बुढ़ापे में मसीह यीशु में विश्वास कर के मसीही बने, तो प्रलोभानों और परीक्षाओं पर जयवंत होने की अपनी योजना से उन्होंने मुझे मुग्ध कर दिया – वे प्रलोभन तथा परीक्षा वाली परिस्थिति से भाग निकलते थे! उदाहरण के लिए यदि किसी पड़ौसी के साथ उनकी कोई असहमति, विवाद में बदलने लगती थी, तो मेरे पिता कुछ समय के लिए वहाँ से चले जाते थे, उस असहमति को झगड़े में बिगड़ने नहीं देते थे। एक दिन वे अपने कुछ पुराने मित्रों के साथ बैठे हुए थे, और उनके मित्रों ने उनकी पसंदीदा स्थानीय मदिरा मँगवाई। अब मसीही विश्वास में आने के बाद क्योंकि पिताजी मदिरापान छोड़ चुके थे, इसलिए उस प्रलोभन के साथ बैठे रहने के स्थान पर, वे उठ कर खड़े हुए, मित्रों को विदा कहा और पुराने मित्रों से उस दिन के लिए अलग चले गए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पढ़ते हैं कि कैसे जब पोतीपर की पत्नि ने यूसुफ पर, जो उसके घर में गुलाम था, डोरे-डालने के प्रयास किए, तो उसने तुरंत पहचाना कि ऐसा करना परमेश्वर के विरुद्ध पाप होगा, और वह वहाँ से भाग गया (उत्पत्ति 39:9-12)।

   प्रलोभन और परिक्षा बहुधा हमारे समक्ष आते हैं, कभी हमारी अपनी लालसाओं के कारण तो कभी परिस्थितियों या हमारे संपर्क में आने वाले लोगों के कारण। लेकिन परमेश्वर हमें आश्वस्त करता है कि , “तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको” (1 कुरिन्थियों 10:13)।

   यह ‘निकास’ उन प्रलोभन लाने वाली बातों को हटा लेने के द्वारा भी हो सकता है, या उन बातों से हमारे भाग निकलने के द्वारा भी। प्रलोभानों और परीक्षाओं में गिरने से बचने के लिए, हमारे लिए सर्वोत्तम मार्ग होता है उन बातों, लोगों और परिस्थितियों से भाग निकलना। - लॉरेंस दर्मानी


प्रत्येक प्रलोभन परमेश्वर की ओर भागने का अवसर होता है।

पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर। - 1 तिमुथियुस 6:11

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 39:1-12
Genesis 39:1 जब यूसुफ मिस्र में पहुंचाया गया, तब पोतीपर नाम एक मिस्री, जो फिरौन का हाकिम, और जल्लादों का प्रधान था, उसने उसको इश्माएलियों के हाथ, से जो उसे वहां ले गए थे, मोल लिया।
Genesis 39:2 और यूसुफ अपने मिस्री स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; सो वह भाग्यवान पुरूष हो गया।
Genesis 39:3 और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सफल कर देता है।
Genesis 39:4 तब उसकी अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई, और वह उसकी सेवा टहल करने के लिये नियुक्त किया गया: फिर उसने उसको अपने घर का अधिकारी बना के अपना सब कुछ उसके हाथ में सौप दिया।
Genesis 39:5 और जब से उसने उसको अपने घर का और अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी बनाया, तब से यहोवा यूसुफ के कारण उस मिस्री के घर पर आशीष देने लगा; और क्या घर में, क्या मैदान में, उसका जो कुछ था, सब पर यहोवा की आशीष होने लगी।
Genesis 39:6 सो उसने अपना सब कुछ यूसुफ के हाथ में यहां तक छोड़ दिया: कि अपने खाने की रोटी को छोड़, वह अपनी सम्पत्ति का हाल कुछ न जानता था। और यूसुफ सुन्दर और रूपवान था।
Genesis 39:7 इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ, कि उसके स्वामी की पत्नी ने यूसुफ की ओर आंख लगाई; और कहा, मेरे साथ सो।
Genesis 39:8 पर उसने अस्वीकार करते हुए अपने स्वामी की पत्नी से कहा, सुन, जो कुछ इस घर में है मेरे हाथ में है; उसे मेरा स्वामी कुछ नहीं जानता, और उसने अपना सब कुछ मेरे हाथ में सौप दिया है।
Genesis 39:9 इस घर में मुझ से बड़ा कोई नहीं; और उसने तुझे छोड़, जो उसकी पत्नी है; मुझ से कुछ नहीं रख छोड़ा; सो भला, मैं ऐसी बड़ी दुष्टता कर के परमेश्वर का अपराधी क्योंकर बनूं?
Genesis 39:10 और ऐसा हुआ, कि वह प्रति दिन यूसुफ से बातें करती रही, पर उसने उसकी न मानी, कि उसके पास लेटे वा उसके संग रहे।
Genesis 39:11 एक दिन क्या हुआ, कि यूसुफ अपना काम काज करने के लिये घर में गया, और घर के सेवकों में से कोई भी घर के अन्दर न था।
Genesis 39:12 तब उस स्त्री ने उसका वस्त्र पकड़कर कहा, मेरे साथ सो, पर वह अपना वस्त्र उसके हाथ में छोड़कर भागा, और बाहर निकल गया।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47



शनिवार, 17 मार्च 2018

प्रसन्न



   एक पत्रकार की विचित्र सी आदत थी – वह नीले रंग में लिखने वाला पेन पसन्द नहीं करता था। इसलिए जब उसके एक साथी ने उससे पूछा कि उसे स्टोर से कुछ चाहिए तो नहीं, तो उसने कहा “मेरे लिए कुछ पेन ले आना, परन्तु नीले पेन नहीं। मुझे नीला पसन्द नहीं है; नीला बहुत गहरा होता है। इसलिए कृपया मेरे लिए 12 बौल्पोइंट पेन खरीद लेना- किसी भी रंग के, बस नीले न हों” अगले दिन उसके साथी ने उसे पेन पकड़ा दिए – और वे सभी नीले रंग में लिखने वाले थे! जब उसने अपने साथी से इसका स्पष्टिकरण माँगा, तो उसके साथी ने उत्तर दिया, “तुम बार-बार ‘नीला-नीला’ कहते रहे, और मेरे मन में यह नीला शब्द ही बैठ गया, और मैं नीले पेन ही ले आया।” उस पत्रकार के बात को दोहराने का प्रभाव तो हुआ, किन्तु जो वह चाहता था, उससे विपरीत।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में व्यवस्था के देने वाले, मूसा ने भी अपने लोगों को व्यवस्था के विषय समझाने के लिए, दोहराने का उपयोग किया। उसने 30 से भी अधिक बार लोगों से आग्रह किया कि वे अपने परमेश्वर की व्यवस्था के प्रति खरे बने रहें। परन्तु परिणाम फिर भी, जो उसने उन से माँगा था, उसके विपरीत ही था। मूसा ने उन्हें समझाया था कि आज्ञाकारिता से परमेश्वर प्रसन्न होगा, जो उन्हें जीवन और समृद्धि की ओर ले जाएगा, परन्तु अनाज्ञाकारिता से परमेश्वर अप्रसन्न होगा जिससे वे विनाश की ओर जाएँगे (व्यवस्थाविवरण 30:15-18)।

   यदि हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं, तो हम उसकी आज्ञाओं के अनुसार चलने का प्रयास भी करते हैं, इसलिए नहीं क्योंकि हमें परिणामों का भय होता है, वरन इसलिए क्योंकि हम उसे प्रसन्न करना चाहते हैं जिससे हम प्रेम करते हैं, और ऐसा करने से हमें प्रसन्नता मिलती है। परमेश्वर को प्रसन्न करना, स्मरण रखने के लिए अच्छी बात है। - पो फैंग चिया


परमेश्वर से प्रेम, आपको परमेश्वर के लिए जीवन व्यतीत करने को प्रेरित करेगा।

उसने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है। - मत्ती 22:37-38

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 30:11-20
Deuteronomy 30:11 देखो, यह जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं, वह न तो तेरे लिये अनोखी, और न दूर है।
Deuteronomy 30:12 और न तो यह आकाश में है, कि तू कहे, कि कौन हमारे लिये आकाश में चढ़कर उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें?
Deuteronomy 30:13 और न यह समुद्र पार है, कि तू कहे, कौन हमारे लिये समुद्र पार जाए, और उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें?
Deuteronomy 30:14 परन्तु यह वचन तेरे बहुत निकट, वरन तेरे मुंह और मन ही में है ताकि तू इस पर चले।
Deuteronomy 30:15 सुन, आज मैं ने तुझ को जीवन और मरण, हानि और लाभ दिखाया है।
Deuteronomy 30:16 क्योंकि मैं आज तुझे आज्ञा देता हूं, कि अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करना, और उसके मार्गों पर चलना, और उसकी आज्ञाओं, विधियों, और नियमों को मानना, जिस से तू जीवित रहे, और बढ़ता जाए, और तेरा परमेश्वर यहोवा उस देश में जिसका अधिकारी होने को तू जा रहा है, तुझे आशीष दे।
Deuteronomy 30:17 परन्तु यदि तेरा मन भटक जाए, और तू न सुने, और भटककर पराए देवताओं को दण्डवत करे और उनकी उपासना करने लगे,
Deuteronomy 30:18 तो मैं तुम्हें आज यह चितौनी दिए देता हूं कि तुम नि:सन्देह नष्ट हो जाओगे; और जिस देश का अधिकारी होने के लिये तू यरदन पार जा रहा है, उस देश में तुम बहुत दिनों के लिये रहने न पाओगे।
Deuteronomy 30:19 मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें;
Deuteronomy 30:20 इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करो, और उसकी बात मानों, और उस से लिपटे रहो; क्योंकि तेरा जीवन और दीर्घ जीवन यही है, और ऐसा करने से जिस देश को यहोवा ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तेरे पूर्वजों को देने की शपथ खाई थी उस देश में तू बसा रहेगा।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25



शुक्रवार, 16 मार्च 2018

पहचान



   वर्षों पहले मेरा दफ्तर बॉस्टन शहर में ग्रैनरी कब्रिस्तान के निकट था, जिसमें अमेरिका के अनेकों प्रसिद्ध हस्तियों को दफनाया गया है, और दफ्तर से वह कब्रिस्तान दिखाई देता था। उस कब्रिस्तान में जौन हैनकॉक और सैम्युएल एडम्स की कब्रें हैं जो स्वतंत्रता की घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले लोगों में से थे, और उनसे थोड़ा सा हट कर पौल रिविअर की कब्र का चिन्ह है।

   लेकिन इस कब्रिस्तान में वास्तव में कौन कहाँ दफनाया गया है, यह कोई नहीं जानता है! ऐसा इसलिए क्योंकि कब्र की निशानी के पत्थरों को अनेकों बार इधर-उधर किया गया है – कभी उस कब्रिस्तान को और अधिक सुन्दर बनाने के लिए तो कभी पत्थरों के बीच से घास काटने वाली मशीन के निकलने के लिए पर्याप्त स्थान बनाने के लिए। जबकि ग्रैनरी कब्रिस्तान में 2,300 कब्रों के पत्थर हैं, लेकिन वास्तव में वहाँ लगभग 5,000 लोग दफनाए गए हैं। प्रतीत होता है कि मृत्यु में भी लोगों की पहचान नहीं रहने पाती है।

   हो सकता है कि हमारे जीवनों में भी ऐसे समय आएं जब हम अपने आप को ग्रैनरी कब्रिस्तान के उन अदृश्य लोगों के समान अनुभव करें, सँसार में अनजान और अज्ञात। अकेलापन हमें अदृश्य सा अनुभव करवा सकता है – सँसार में भी और परमेश्वर के समक्ष भी। लेकिन हमें सदा अपने आप को स्मरण दिलाते रहना चाहिए कि चाहे हमें लगे कि हमारा सृष्टिकर्ता परमेश्वर हमें भूल गया है, परन्तु ऐसा कभी होता नहीं है। न केवल परमेश्वर ने हमें अपने स्वरूप में बनाया है (उत्पत्ति 1:26-27), परन्तु वह हम में से प्रत्येक को बहुमूल्य समझता है और हमारे उद्धार के लिए अपने पुत्र को बलिदान होने के लिए भेजा है (यूहन्ना 3:16)।

   हमारे जीवनों के सबसे अंधकारपूर्ण समय में भी, हम इस बात में आश्वस्त रह सकते हैं कि हमारे पिता परमेश्वर के समक्ष हमारी व्यक्तिगत पहचान और कीमत है, वह सदा हमारे साथ बना रहता है, हमारा ध्यान रखता है। - रैंडी किल्गोर


हम विशेष हैं क्योंकि परमेश्वर हम से प्रेम करता है।

क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, उस तेज के प्रगट होने के बाद उसने मुझे उन जातियों के पास भेजा है जो तुम्हें लूटती थीं, क्योंकि जो तुम को छूता है, वह मेरी आंख की पुतली ही को छूता है। - ज़कर्याह 2:8

बाइबल पाठ: मत्ती 6:25-34
Matthew 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्‍ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्‍त्र से बढ़कर नहीं?
Matthew 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।
Matthew 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्‍ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है
Matthew 6:28 और वस्‍त्र के लिये क्यों चिन्‍ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं।
Matthew 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्‍त्र पहिने हुए न था।
Matthew 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्‍त्र पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा?
Matthew 6:31 इसलिये तुम चिन्‍ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे?
Matthew 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्‍तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।
Matthew 6:33 इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।
Matthew 6:34 सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72



गुरुवार, 15 मार्च 2018

उठा



   चिकित्सा-शास्त्र से संबंधित जर्नल Surgical Technology International में एक लेख में बताया गया कि जब कोई व्यक्ति सर झुकाकर अपने फोन की ओर देखता है, तो यह गर्दन पर 60 पाउंड भार को उठाने के बराबर होता है। जब हम इसका विचार करते हैं कि सँसार भर में प्रतिदिन लाखों लोग औसतन 2-4 घंटे सर झुकाए हुए फोन पर सन्देश पढ़ने और भेजने में बिताते हैं, तो इसके परिणामस्वरूप गर्दन और रीढ़ की हड्डी को होने वाली हानि स्वास्थ्य के लिए एक बढ़ती हुई चिन्ता का विषय हो जाता है।

   इसी प्रकार जीवन के बोझों के सामने आत्मिक रीति से भी सिर झुका लेना सरल बात है। कितनी ही बार हम अपने आप को समस्याओं और प्रिय जनों की आवश्यकताओं की पूर्ति को लेकर निराश पाते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने चिन्ता के इस बोझ को समझा, परन्तु उसने आशा भी देखी; वह लिखता है, “वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा। वह पिसे हुओं का न्याय चुकाता है; और भूखों को रोटी देता है। यहोवा बन्धुओं को छुड़ाता है; यहोवा अन्धों को आंखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है” (भजन 146:6-8)

   जब हम परमेश्वर की देखभाल के बारे में, उसकी महान सामर्थ्य के बारे में, और उसके प्रेमी हृदय के बारे में विचार करते हैं, तब हम सिर उठाकर ऊपर देखने और उसकी स्तुति-आराधना करने के लिए प्रेरित होते हैं; और हम अपने प्रति दिन को इस आश्वासन के साथ बिता सकते हैं कि, “यहोवा सदा के लिये, तेरा परमेश्वर पीढ़ी पीढ़ी राज्य करता रहेगा” (पद 10)।

   हम जब भी झुके होते हैं, वह हमें उठाता है। परमेश्वर की स्तुति हो। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर की भलाई में विश्वास, हमारे हृदयों में स्तुतिगान भर देता है।

तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा। - भजन 32:7

बाइबल पाठ: भजन 146:1-10
Psalms 146:1 याह की स्तुति करो। हे मेरे मन यहोवा की स्तुति कर!
Psalms 146:2 मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।
Psalms 146:3 तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं।
Psalms 146:4 उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।
Psalms 146:5 क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है।
Psalms 146:6 वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
Psalms 146:7 वह पिसे हुओं का न्याय चुकाता है; और भूखों को रोटी देता है। यहोवा बन्धुओं को छुड़ाता है;
Psalms 146:8 यहोवा अन्धों को आंखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है।
Psalms 146:9 यहोवा परदेशियों की रक्षा करता है; और अनाथों और विधवा को तो सम्भालता है; परन्तु दुष्टों के मार्ग को टेढ़ा मेढ़ा करता है।
Psalms 146:10 हे सिय्योन, यहोवा सदा के लिये, तेरा परमेश्वर पीढ़ी पीढ़ी राज्य करता रहेगा। याह की स्तुति करो!


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 26-27
  • मरकुस 14:27-53



बुधवार, 14 मार्च 2018

निकट



   सिंगापुर विश्वविद्यालय से औद्योगिक डिजाइन के एक स्नातक को चुनौती दी गई कि सामान्य साधारण वस्तुओं के प्रयोग के द्वारा एक आम समस्या का कोई नया समाधान सुझाए। उसने भीड़-भाड़ वाले इलाके में, जन-सामान्य द्वारा प्रयोग होने वाले भरी हुई ट्रेन एवं बसों में यात्रा करते समय लोगों द्वारा अपने व्यक्तिगत स्थान को सुरक्षित बनाए रखने के लिए एक जैकिट बनाई। जैकिट पर लंबी, लचीले प्लास्टिक के नोकीले कांटे लगे हुए थे, जिन्हें सामान्यतः बिल्लियों और पक्षियों को पौधों से दूर रखने के लिए प्रयोग किया जाता था।

   प्रभु यीशु जानते थे कि व्यक्तिगत स्थान की हानि क्या होती है; लोग उनके पास आने, और उन्हें छू भर लेने के लिए उनपर गिरे पड़ते थे। एक बार, एक महिला जिसे 12 वर्ष से लोहू बहने का रोग था और वह किसी भी उपचार से चंगी होने नहीं पाई थी, प्रभु के पास आई और चंगाई पाने के इरादे से उसके वस्त्र का कोना छू भर लिया; तुरंत उसका लोहू बहना थम गया (लूका 8:43-44)।

   प्रभु यीशु ने भी रुककर तुरंत ही प्रश्न किया, “मुझे किसने छुआ?” उसका यह पूछना उतना आश्चर्यजनक नहीं था जितना प्रतीत होता है, क्यों कि प्रभु ने अपने अन्दर से सामर्थ्य को निकलते हुए अनुभव किया था (पद 45-46)। उस स्त्री का वह छूना अन्य लोगों के छूने से, जो उसपर गिरे पड़ते थे और आनायास ही उसे छू लेते थे, भिन्न था।

   हमें यह मानना पड़ेगा कि यद्यपि हम अपने व्यक्तिगत स्थान को बनाए रखना और अन्य लोगों से कुछ पृथक रहना चाहते हैं, लेकिन दुखी लोगों की सहायता कर पाने के लिए हमें उन्हें अपने निकट आने के अवसर प्रदान करने होंगे, जिससे वे निकट आकर हम मसीही विश्वासियों के अन्दर कार्यकारी मसीह यीशु के प्रोत्साहन, सान्तवना और अनुग्रह के स्पर्श को अनुभव कर सकें। - सी. पी. हिया


मसीही विश्वासी का जीवन वह खिड़की है जिसमें से लोग मसीह को देखने पाते हैं।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: लूका 8:40-48
Luke 8:40 जब यीशु लौट रहा था, तो लोग उस से आनन्द के साथ मिले; क्योंकि वे सब उस की बाट जोह रहे थे।
Luke 8:41 और देखो, याईर नाम एक मनुष्य जो आराधनालय का सरदार था, आया, और यीशु के पांवों पर गिर के उस से बिनती करने लगा, कि मेरे घर चल।
Luke 8:42 क्योंकि उसके बारह वर्ष की एकलौती बेटी थी, और वह मरने पर थी: जब वह जा रहा था, तब लोग उस पर गिरे पड़ते थे।
Luke 8:43 और एक स्त्री ने जिस को बारह वर्ष से लोहू बहने का रोग था, और जो अपनी सारी जीविका वैद्यों के पीछे व्यय कर चुकी थी और तौभी किसी के हाथ से चंगी न हो सकी थी।
Luke 8:44 पीछे से आकर उसके वस्‍त्र के आंचल को छूआ, और तुरन्त उसका लोहू बहना थम गया।
Luke 8:45 इस पर यीशु ने कहा, मुझे किस ने छूआ जब सब मुकरने लगे, तो पतरस और उसके साथियों ने कहा; हे स्‍वामी, तुझे तो भीड़ दबा रही है और तुझ पर गिरी पड़ती है।
Luke 8:46 परन्तु यीशु ने कहा: किसी ने मुझे छूआ है क्योंकि मैं ने जान लिया है कि मुझ में से सामर्थ्य निकली है।
Luke 8:47 जब स्त्री ने देखा, कि मैं छिप नहीं सकती, तब कांपती हुई आई, और उसके पांवों पर गिरकर सब लोगों के साम्हने बताया, कि मैं ने किस कारण से तुझे छूआ, और क्योंकर तुरन्त चंगी हो गई।
Luke 8:48 उसने उस से कहा, बेटी तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है, कुशल से चली जा।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 14:1-26



मंगलवार, 13 मार्च 2018

देखभाल



   मेरे पति के हृदय के ऑपरेशन के पश्चात, मैंने उनके पास रहकर रात भर बेचैनी से बिताई। प्रातः लगभग आधी बीत चुकी थी जब मुझे स्मरण आया कि मुझे बाल कटवाने के लिए जाना था। अपने बिखरे हुए रूखे बालों में उंगलीयों को फेरते हुए मैंने कहा कि मुझे बाल कटवाने के लिए जाना फिर कभी के लिए रखना होगा। मेरी बेटी, रोज़ी, बोली, “माँ, आप बस मूँह धोकर बाल कटवाने के लिए चली जाईये।” मैंने ज़ोर देकर कहा, “नहीं-नहीं, कोई बात नहीं, मेरा यहाँ रहना अधिक आवश्यक है।” रोज़ी ने कहा, “नहीं, मैं रहूँगी! देखभाल माँ...देखभाल। आप पिताजी के लिए अधिक उपयोगी होंगी यदि आप अपनी देखभाल करेंगी, अपना ध्यान रखेंगी।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि मूसा इस्राएलियों पर अकेले ही न्यायी का कार्य करते हुए अपने आप को बहुत थकाता जा रहा था। उसके ससुर यित्रो ने मूसा को सचेत किया, “और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता” (निर्गमन 18:18)। फिर उसने मूसा को तरीके सुझाए जिससे मूसा अपने कार्य के भारी बोझा को दूसरों में बाँट कर उन्हें भी सौंप दे।

   यद्यपि यह मसीही के लिए असंगत लगा सकता है, अपनी देखभाल करना स्वस्थ जीवन के लिए अनिवार्य है (मत्ती 22:37-39; इफिसियों 5:29-30)। अवश्य ही हमें परमेश्वर से प्रेम करना है, तथा औरों से भी, परन्तु हमें पर्याप्त आराम भी करना चाहिए जिससे हमारी देह और आत्मा नया बल पा सकें। कभी-कभी अपनी देखभाल का अर्थ होता है शालीनता के साथ अपने आप को पीछे कर लेना तथा दूसरों को आगे आकर हमारे बोझ को बाँटने और हमारी सहायता कर लेने देना।

   प्रभु यीशु भी बहुधा अकेले में जाकर प्रार्थना करने में समय बिताते थे (मरकुस 6:30-32)। जब हम उनके उदाहरण का अनुकरण करते हैं, तो हम अपने संबंधों में और अधिक प्रभावी होते है, तथा औरों की और अच्छी देखभाल करने पाते हैं। - सिंडी हैस कैस्पर


स्वयं ही सब कुछ करने का प्रयास मत कीजिए;
अपने देह और आत्मा को तरोताज़ा होने के अवसर दीजिए।

उसने उन से कहा; तुम आप अलग किसी जंगली स्थान में आकर थोड़ा विश्राम करो; क्योंकि बहुत लोग आते जाते थे, और उन्हें खाने का अवसर भी नहीं मिलता था। - मरकुस 6:31

बाइबल पाठ: निर्गमन 18:13-26
Exodus 18:13 दूसरे दिन मूसा लोगों का न्याय करने को बैठा, और भोर से सांझ तक लोग मूसा के आसपास खड़े रहे।
Exodus 18:14 यह देखकर कि मूसा लोगों के लिये क्या क्या करता है, उसके ससुर ने कहा, यह क्या काम है जो तू लोगों के लिये करता है? क्या कारण है कि तू अकेला बैठा रहता है, और लोग भोर से सांझ तक तेरे आसपास खड़े रहते हैं?
Exodus 18:15 मूसा ने अपने ससुर से कहा, इसका कारण यह है कि लोग मेरे पास परमेश्वर से पूछने आते है।
Exodus 18:16 जब जब उनका कोई मुकद्दमा होता है तब तब वे मेरे पास आते हैं और मैं उनके बीच न्याय करता, और परमेश्वर की विधि और व्यवस्था उन्हें जताता हूं।
Exodus 18:17 मूसा के ससुर ने उस से कहा, जो काम तू करता है वह अच्छा नहीं।
Exodus 18:18 और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता।
Exodus 18:19 इसलिये अब मेरी सुन ले, मैं तुझ को सम्मति देता हूं, और परमेश्वर तेरे संग रहे। तू तो इन लोगों के लिये परमेश्वर के सम्मुख जाया कर, और इनके मुकद्दमों को परमेश्वर के पास तू पहुंचा दिया कर।
Exodus 18:20 इन्हें विधि और व्यवस्था प्रगट कर कर के, जिस मार्ग पर इन्हें चलना, और जो जो काम इन्हें करना हो, वह इन को जता दिया कर।
Exodus 18:21 फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरूषों को छांट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उन को हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, और दस-दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे।
Exodus 18:22 और वे सब समय इन लोगों का न्याय किया करें; और सब बड़े बड़े मुकद्दमों को तो तेरे पास ले आया करें, और छोटे छोटे मुकद्दमों का न्याय आप ही किया करें; तब तेरा बोझ हलका होगा, क्योंकि इस बोझ को वे भी तेरे साथ उठाएंगे।
Exodus 18:23 यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें।
Exodus 18:24 अपने ससुर की यह बात मान कर मूसा ने उसके सब वचनों के अनुसार किया।
Exodus 18:25 सो उसने सब इस्त्राएलियों में से गुणी-गुणी पुरूष चुनकर उन्हें हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, दस-दस, लोगों के ऊपर प्रधान ठहराया।
Exodus 18:26 और वे सब लोगों का न्याय करने लगे; जो मुकद्दमा कठिन होता उसे तो वे मूसा के पास ले आते थे, और सब छोटे मुकद्दमों का न्याय वे आप ही किया करते थे।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 20-22
  • मरकुस 13:21-37