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मंगलवार, 27 मार्च 2018

महान



   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 100 एक ऐसी कलाकृति के समान है, जो हमें हमारे अदृश्य परमेश्वर का उत्सव मनाने में सहायता करती है। यद्यपि हमारी आराधना का विषय, परमेश्वर, हमारी दृष्टि से ओझल है, परन्तु वह उसके लोगों के द्वारा जाना जाता है।

   उस कलाकार की कलपना कीजिए, वह इस भजन के शब्दों को, कूची और रंगों की पटिका द्वारा चित्र बनाने के पटल पर उतार रहा है। जो हमारे समक्ष उभर कर आता है वह सँसार है – “सारी पृथ्वी के लोगों” यहोवा के लिए आनन्द से जयजयकार करो (पद 1); क्योंकि हमारे परमेश्वर का आनन्द हमें मृत्यु से बचा लेने में है। प्रभु यीशु ने, “उस आनन्द के लिए जो उसके आगे धरा था” क्रूस को सह लिया (इब्रानियों 12:2)।

   जैसे-जैसे हमारी आँखें उस चित्र-पटल पर एक से दूसरी ओर चलती हैं, हम सारे सँसार के अनगिनत लोगों की संगीत मण्डली को “आनन्द से” और “जयजयकार” के साथ परमेश्वर की स्तुति के गीत गाते हुए देखते हैं (भजन 100:2)। हमारे स्वर्गीय पिता का हृदय आनन्दित होता है जब उसके लोग, जो वह है और जो उसने किया है, उसके लिए उसकी आराधना करते हैं।

   फिर हम वहाँ हम जो उसके लोग हैं, अपने चित्र को देखते हैं, अपने सृष्टिकर्ता के हाथों के द्वारा मिट्टी से बनाए हुए, और भेड़ों के समान हरी-हरी चराइयों में ले जाए गए (पद 3); वह हमारा ध्यान रखने और पालन-पोषण करने वाला प्रेमी चरवाहा है।

   अन्ततः हम परमेश्वर के महान और महिमामय निवास-स्थान को देखते हैं – और उस फाटक को जिसमें होकर उसके छुड़ाए हुए लोग उसकी उपस्थिति में आने के लिए धन्यवाद और स्तुति करते हुए प्रवेश करेंगे (पद 4)।

   हमारे महान परमेश्वर द्वारा प्रेरित कैसा अद्भुत चित्रण है। हमारा परमेश्वर पिता भला, प्रेम करने वाला और विश्वासयोग्य परमेश्वर है। इसलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं कि उसकी महानता का आनन्द मनाने के लिए हमें अनन्त काल लगेगा। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर को जानने से अधिक अद्भुत और कुछ नहीं है।

और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है। और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं। - फिलिप्पियों 3:9-10

बाइबल पाठ: भजन 100
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 1-3
  • लूका 4:1-30



सोमवार, 26 मार्च 2018

पीछे



   वज़न कम करने और स्वस्थ जीवन जीने की इच्छा रखने वालों के लिए स्वास्थ्य कल्ब अनेकों कार्यक्रम बनाते हैं। एक स्वास्थ्य क्लब केवल उन्हें प्रवेश देता है जो कम से कम 50 पाउंड वज़न कम करना चाहते हैं और स्वास्थ्य जीवनशैली अपनाना चाहते हैं। एक स्वास्थ्य क्लब की सदस्या ने बताया कि उसने अपने पिछले स्वास्थ्य क्लब को इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उसे लगा के वहाँ के सुडौल और छरहरे लोग उसकी बेडौल देह को घूरते थे और टिप्पणी करते थे। अब वह एक सकारात्मक तथा स्वागत्पूर्ण वातावरण में सप्ताह में 5 दिन व्यायाम करती है।

   दो हज़ार वर्ष पहले प्रभु यीशु इस पृथ्वी पर आत्मिक रीति से अस्वस्थ्य लोगों को अपना अनुसरण करने के लिए बुलाने आए थे। लेवी भी ऐसा ही एक व्यक्ति था। प्रभु यीशु ने उसे अपने चुंगी लेने के स्थान पर बैठे हुए देखा और उससे कहा, “मेरे पीछे हो ले” (मरकुस 2:14)। प्रभु के शब्दों ने लेवी को प्रभावित किया, और वह प्रभु यीशु के पीछे हो लिया। चुंगी लेने वाले अकसर लालची और बेईमान होते थे, और उन्हें धार्मिक रीति से अपवित्र माना जाता था। जब धार्मिक अगुवों ने प्रभु यीशु को लेवी के घर अन्य चुंगी लेने वालों के साथ बैठकर भोजन करते हुए देखा, तो उन्होंने प्रश्न किया, “...वह तो चुंगी लेने वालों और पापियों के साथ खाता पीता है” (2:16)। प्रभु यीशु ने उत्तर दिया, “...भले चंगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं, परन्तु बीमारों को है: मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को बुलाने आया हूं” (2:17)।

   प्रभु यीशु सारे सँसार के सभी पापियों को, जिनमें हम सभी सम्मिलित हैं, बचाने के लिए आए थे। वह हमसे हमारी पाप की दशा में भी प्रेम करते हैं, चाहते हैं कि हम उनकी उपस्थिति में रहें, और हम जैसे भी हैं उसी स्थिति में हमें अपने पीछे हो लेना का खुला निमंत्रण देते हैं। जब हम उनके पीछे हो लेते हैं, उनके मार्गों में उनके साथ चलते हैं, तो हम आत्मिक अस्वस्थता से निकल कर आत्मिक स्वास्थ्य में आते तथा बढ़ते जाते हैं। - मारविन विलियम्स


प्रभु यीशु की बाहें हमारे स्वागत के लिए सदा खुली रहती हैं।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: मरकुस 2:13-17
Mark 2:13 वह फिर निकलकर झील के किनारे गया, और सारी भीड़ उसके पास आई, और वह उन्हें उपदेश देने लगा।
Mark 2:14 जाते हुए उसने हलफई के पुत्र लेवी को चुंगी की चौकी पर बैठे देखा, और उस से कहा; मेरे पीछे हो ले।
Mark 2:15 और वह उठ कर, उसके पीछे हो लिया: और वह उसके घर में भोजन करने बैठा, और बहुत से चुंगी लेने वाले और पापी यीशु और उसके चेलों के साथ भोजन करने बैठे; क्योंकि वे बहुत से थे, और उसके पीछे हो लिये थे।
Mark 2:16 और शास्‍त्रियों और फरीसियों ने यह देखकर, कि वह तो पापियों और चुंगी लेने वालों के साथ भोजन कर रहा है, उसके चेलों से कहा; वह तो चुंगी लेने वालों और पापियों के साथ खाता पीता है!!
Mark 2:17 यीशु ने यह सुनकर, उन से कहा, भले चंगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं, परन्तु बीमारों को है: मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को बुलाने आया हूं।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 22-24
  • लूका 3



रविवार, 25 मार्च 2018

आज्ञाकारी



   प्रभु यीशु ने फोटोग्राफी और वीडियो बनाने के आविष्कार होने से पहले जन्म क्यों लिया? यदि सब उसे देखने पाते तो क्या उसकी पहुँच और व्यापक नहीं होती? आखिरकार, एक तस्वीर हज़ार शब्दों से अधिक मूल्यवान होती है।

   लेकिन रवि ज़कर्यास कहते हैं, “नहीं”; और प्रमाण के रूप में वे कवि रिचर्ड क्रैशौ की प्रसिद्ध पंक्ति, “जल ने अपने स्वामी को देखा और शर्मा गया” को उध्दृत करते हैं। इस एक पंक्ति में क्रैशौ ने प्रभु यीशु के पहले आश्चर्यकर्म (यूहन्ना 2:1-11) के सार को समेट लिया है – सृष्टि भी प्रभु यीशु को सृष्टिकर्ता मानती है। कोई मात्र बढ़ई जल को दाखरस में परिवर्तित नहीं कर सकता था।

   एक अन्य समय पर, जब मसीह यीशु ने तूफ़ान को “शान्त रह, थम जा” कह कर शान्त कर दिया तो उसके शिष्य स्तब्ध होकर पूछने लगे, “यह कौन है कि आँधी और पानी भी उसकी आज्ञा मानते हैं?” (मरकुस 4:39, 41)। एक और बार, प्रभु यीशु ने फरीसियों से कहा कि यदि एकत्रित लोग उसकी आराधना करने के लिए मुँह नहीं खोलेंगे, तो “पत्थर चिल्ला उठेंगे” (लूका 19:40); पत्थर भी जानते हैं कि वह कौन है।

   यूहन्ना हमें प्रभु यीशु के विषय में बताता है : “और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा” (यूहन्ना 1:14)। प्रभु के अपने प्रत्यक्षदर्शी अनुभव के आधार पर यूहन्ना ने यह भी लिखा, “उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ” (1 यूहन्ना 1:1)। यूहन्ना के समान, औरों का प्रभु यीशु से परिचय करवाने के लिए, जिसकी आज्ञाकारिता आँधी, जल और सृष्टि भी करते हैं, हम भी अपने शब्दों को प्रयोग कर सकते हैं। - टिम गुस्ताफ्सन


लिखित वचन, जीवित वचन को प्रगट करता है।

वह [प्रभु यीशु] तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। - कुलुस्सियों1:15-16

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-14
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 19-21
  • लूका 2:25-52



शनिवार, 24 मार्च 2018

सामर्थ्य


   प्राचीन बैबिलॉन के सैनिकों को कोई भी, गलती से भी, संभ्रांत कतई स्वीकार नहीं कर सकता था। वे निर्दयी, शक्तिशाली, और शातिर थे; और वे दूसरे राष्ट्रों पर ऐसे प्रहार करते थे जैसे उकाब पक्षी अपने शिकार पर करता है। न केवल वे बलवान थे, वरन घमण्डी भी थे। अपने युद्ध कौशल के वे मानो उपासक थे। वास्तव में, परमेश्वर का वचन बाइबल बताती है कि “उनका बल ही उनका देवता था” (हबक्कूक 1:11)।

   जब इस्राएलियों का मिद्यानियों का सामना करने का समय आया, तब परमेश्वर नहीं चाहता था कि बैबिलॉन के सैनिकों के समान घमण्ड इस्राएलियों में भी आए। इसलिए परमेश्वर ने इस्राएलियों के सेनानायक, गिदौन से कहा कि “तब यहोवा ने गिदोन से कहा, जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं” (न्यायियों 7:2)। परिणामस्वरूप, गिदोन ने इस्राएलियों से कहा कि जो भी युद्ध से भयभीत हो वह वापस लौट जाए, और बाईस-हज़ार इस्राएली घर लौट गए, और दस हज़ार रह गए। परमेश्वर इस्राएली सेना को और भी छांटता चला गया, और अन्ततः केवल 300 इस्राएली ही युद्ध करने के लिए शेष रह गए।

   इतने कम सैनिकों के शेष रह जाने का अर्थ था कि इस्राएली अपने शत्रु की सेना के सामने नाटकीय रूप से कम हो गए थे। शत्रु, “टिड्डियों के समान” (पद 12), निकट की तराई में फैले हुए थे, परन्तु इस्राएली मुट्ठी भर ही रह गए थे। परन्तु इस स्थिति के बावजूद, परमेश्वर ने गिदोन की सेना को विजयी किया।

   कभी-कभी परमेश्वर हमारे अपने संसाधनों को इतना कम हो लेने देता है कि हमारे पास केवल परमेश्वर पर भरोसा रखने के और कोई विकल्प नहीं रह जाता है। हमारी आवश्यकताएं उसकी सामर्थ्य को प्रदर्शित करती हैं; उसका आश्वासन है कि “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा” (यशायाह 41:10)।


परमेश्वर चाहता है कि हम अपनी नहीं वरन उसकी सामर्थ्य पर निर्भर रहें।

यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। - भजन 23:1

बाइबल पाठ: न्यायियों 7:1-8
Judges 7:1 तब गिदोन जो यरूब्बाल भी कहलाता है और सब लोग जो उसके संग थे सवेरे उठे, और हरोद नाम सोते के पास अपने डेरे खड़े किए; और मिद्यानियों की छावनी उनकी उत्तरी ओर मोरे नाम पहाड़ी के पास तराई में पड़ी थी।
Judges 7:2 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, जो लोग तेरे संग हैं वे इतने हैं कि मैं मिद्यानियों को उनके हाथ नहीं कर सकता, नहीं तो इस्राएल यह कहकर मेरे विरुद्ध अपनी बड़ाई मारने लगे, कि हम अपने ही भुजबल के द्वारा बचे हैं।
Judges 7:3 इसलिये तू जा कर लोगों में यह प्रचार कर के सुना दे, कि जो कोई डर के मारे थरथराता हो, वह गिलाद पहाड़ से लौटकर चला जाए। तब बाईस हजार लोग लौट गए, और केवल दस हजार रह गए।
Judges 7:4 फिर यहोवा ने गिदोन से कहा, अब भी लोग अधिक हैं; उन्हें सोते के पास नीचे ले चल, वहां मैं उन्हें तेरे लिये परखूंगा; और जिस जिसके विषय में मैं तुझ से कहूं, कि यह तेरे संग चले, वह तो तेरे संग चले; और जिस जिसके विषय मे मैं कहूं, कि यह तेरे संग न जाए, वह न जाए।
Judges 7:5 तब वह उन को सोते के पास नीचे ले गया; वहां यहोवा ने गिदोन से कहा, जितने कुत्ते की नाईं जीभ से पानी चपड़ चपड़ कर के पीएं उन को अलग रख; और वैसा ही उन्हें भी जो घुटने टेककर पीएं।
Judges 7:6 जिन्होंने मुंह में हाथ लगा चपड़ चपड़ कर के पानी पिया उनकी तो गिनती तीन सौ ठहरी; और बाकी सब लोगों ने घुटने टेककर पानी पिया।
Judges 7:7 तब यहोवा ने गिदोन से कहा, इन तीन सौ चपड़ चपड़ कर के पीने वालों के द्वारा मैं तुम को छुड़ाऊंगा, और मिद्यानियों को तेरे हाथ में कर दूंगा; और सब लोग अपने अपने स्थान को लौट जाएं।
Judges 7:8 तब उन लोगों ने हाथ में भोजन सामग्री ली और अपने अपने नरसिंगे लिये; और उसने इस्राएल के सब पुरूषों को अपने अपने डेरे की ओर भेज दिया, परन्तु उन तीन सौ पुरूषों को अपने पास रख छोड़ा; और मिद्यान की छावनी उसके नीचे तराई में पड़ी थी।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 16-18
  • लूका 2:1-24


शुक्रवार, 23 मार्च 2018

कहानी



   वह पुराना कमरा हाथ से कटी हुई लकड़ी से दक्ष हाथों द्वारा बनाया गया था, और किसी भी पत्रिका के प्रथम पृष्ठ की फोटो में दिखाए जाने के योग्य था। परन्तु उसका निर्माण और ढाँचा केवल आधी ही कहानी थे। कमरे के अन्दर पारिवारिक विरासत की वस्तुएँ दीवारों पर टंगी हुई थीं, जिससे वह सारा घर एक यादगार बन गया था। मेज़ पर हाथ से बुनी हुई अंडे रखने की टोकरी, बिस्किट बनाने की पुरानी तख्ती, और तेल से जलने वाली एक लालटेन रखी हुई थी। सामने के दरवाज़े पर एक पुरानी टोपी टंगी हुई थी। उस कमरे और घर के मालिक ने गर्व से कहा, “प्रत्येक वस्तु की पीछे एक कहानी है।”

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब परमेश्वर ने मूसा को मिलापवाला तम्बू बनाने के निर्देश दिए, तो वहाँ की प्रत्येक वस्तु के पीछे भी एक कहानी थी (निर्गमन 25-27)। उस तम्बू का केवल एक ही  प्रवेश द्वार था, जैसे कि हमारे पास परमेश्वर तक पहुँचने के लिए केवल एक ही मार्ग है (प्रेरितों 4:12)। अन्दर टंगा मोटा पर्दा लोगों को परमेश्वर की उपस्थिति के परम-पवित्र स्थान तक पहुँचने से रोकता था, जैसे हमारा पाप हमें परमेश्वर की उपस्थिति में आने से रोकता है। उस परम-पवित्र स्थान में वाचा का संदूक था, जो परमेश्वर की उपस्थिति का सूचक था। वहाँ जाकर बलिदान चढ़ाने और सेवा करने वाला महायाजक उस आने वाले महान याजक – प्रभु यीशु मसीह का अग्रदूत था। बलिदानों का लहू मसीह यीशु के उस सिद्ध बलिदान की छाया था: “...अपने ही लोहू के द्वारा एक ही बार पवित्र स्थान में प्रवेश किया, और अनन्त छुटकारा प्राप्त किया” (इब्रानियों 9:12)।

   ये सभी बातें मसीह यीशु और उसके द्वारा हमारे उद्धार के लिए किए जाने वाले कार्य की कहानी बताते हैं। मसीह यीशु ने यह सब इसलिए किया ताकि “...बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्त मीरास को प्राप्त करें” (पद 15)। आज सँसार के सभी लोगों के लिए मसीह यीशु का खुला निमंत्रण है कि वे स्वेच्छा से आएं और उसके साथ जुड़कर इस कहानी का एक भाग बना जाएँ। - टिम गुस्टफसन


प्रभु यीशु ने हमारे पापों को अपने ऊपर ले लिया जिससे हमें उद्धार मिल सके।

और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें। - प्रेरितों 4:12

बाइबल पाठ: इब्रानियों 9:11-15
Hebrews 9:11 परन्तु जब मसीह आने वाली अच्छी अच्छी वस्‍तुओं का महायाजक हो कर आया, तो उसने और भी बड़े और सिद्ध तम्बू से हो कर जो हाथ का बनाया हुआ नहीं, अर्थात इस सृष्‍टि का नहीं।
Hebrews 9:12 और बकरों और बछड़ों के लोहू के द्वारा नहीं, पर अपने ही लोहू के द्वारा एक ही बार पवित्र स्थान में प्रवेश किया, और अनन्त छुटकारा प्राप्त किया।
Hebrews 9:13 क्योंकि जब बकरों और बैलों का लोहू और कलोर की राख अपवित्र लोगों पर छिड़के जाने से शरीर की शुद्धता के लिये पवित्र करती है।
Hebrews 9:14 तो मसीह का लोहू जिसने अपने आप को सनातन आत्मा के द्वारा परमेश्वर के साम्हने निर्दोष चढ़ाया, तुम्हारे विवेक को मरे हुए कामों से क्यों न शुद्ध करेगा, ताकि तुम जीवते परमेश्वर की सेवा करो।
Hebrews 9:15 और इसी कारण वह नई वाचा का मध्यस्थ है, ताकि उस मृत्यु के द्वारा जो पहिली वाचा के समय के अपराधों से छुटकारा पाने के लिये हुई है, बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्त मीरास को प्राप्त करें।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 13-15
  • लूका 1:57-80



गुरुवार, 22 मार्च 2018

सर्वोत्तम


   हमारे परिवार में मार्च महीने का अर्थ केवल शरद ॠतु का अन्त ही नहीं होता है। इसका अर्थ होता ही कॉलेज के बास्केट-बौल के प्रदर्शन के लिए “मार्च की दीवानगी” का आगमन हो चुका है। उत्साही प्रशंसकों के समान हम बास्केट-बौल स्पर्धाओं को देखते हैं; अपनी पसंदीदा टीम को लेकर उत्साहित होते हैं। यदि हम रेडियो अथवा टीवी पर प्रसारण को थोड़ा सा पहले से सुनना या देखना आरंभ करते  हैं, तो हमें खेल के बारे में प्रसारकों की टिप्पणियाँ और आने वाले खेल का विश्लेषण सुनने, देखने को मिलता है। साथ ही खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे खेल से पहले के अभ्यास को भी देखने और सुनने पाते हैं जिसमें खिलाड़ी अपने टीम के सदस्यों के साथ अभ्यास करते हुए दिखाई देते हैं।

   इस पृथ्वी पर हमारे जीवन बास्केट-बौल के मुख्य खेल से पहले के पूर्व के खेल के समान होने वाले अभ्यास के समान हैं। जीवन रोचक और आने वाली बातों की प्रतिज्ञाओं से भरा पड़ा है, परन्तु हम मसीही विश्वासियों के लिए हमारे परमेश्वर पिता ने जो कुछ आते समय के लिए रख छोड़ा है, उसके सामने वर्तमान की बातें कुछ भी नहीं हैं। यह जानने के आनन्द के विषय थोड़ा विचार कीजिए, कि आज यदि जीवन सुखद भी है तो भी सर्वोत्तम तो अभी आना शेष है। या, जब हम उदारता और आनन्द के साथ उनकी आर्थिक सहायता करते हैं जो किसी कमी-घटी से होकर निकल रहे हैं, तो यह हमारी ओर से स्वर्गीय खजाने को पाने के लिए किए गए उस निवेश के समान है, जिसका प्रतिफल हमें आने वाले अनन्तकाल में मिलेगा। दुःख और पीड़ा के समयों में हम इस तथ्य पर मनन करने से आनन्द और शान्ति प्राप्त कर सकते हैं कि हम मसीही विश्वासियों के लिए पीड़ा और आंसुओं से मुक्त अनन्तकाल प्रतीक्षा कर रहा है। इसलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं के पौलुस हमें उभारते हुए कहता है, “पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ” (कुलुस्सियों 3:2)।

   जिस भविष्य की परमेश्वर हम से प्रतिज्ञा करता है, वह हमें जीवन को सभी आयामों में नए दृष्टिकोण से देखने के लिए सक्षम करता है। हो सकता है कि यह जीवन उत्तम हो, परन्तु सर्वोत्तम आना तो अभी शेष है। यह एक अद्भुत सौभाग्य है कि हम आज यहाँ उस आने वाले सर्वोत्तम की प्रत्याशा में जीवन व्यतीत कर सकते हैं। - जो स्टोवैल


भविष्य के लिए जीना, वर्तमान को सही परिपेक्ष्य में ले आता है।

परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुनीं, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। - 1 कुरिन्थियों 2:9

बाइबल पाठ: कुल्लुस्सियों 3:1-11
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है।
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ।
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है।
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे।
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है।
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है।
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे।
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 10-12
  • लूका 1:39-56


बुधवार, 21 मार्च 2018

ज्योति



   मैं अच्छे से जानती हूँ, लेकिन फिर भी प्रयास करते रहती हूँ। बीज के पैकिट पर दिए गए निर्देश स्पष्ट हैं: “सूर्य के भरपूर प्रकाश की आवश्यकता है” परन्तु मेरे आँगन में मुख्यतः छाँव ही रहती है। मुझे वह पौधा पसंद है; उसका रंग, उसके पत्तों का आकार, उसकी सुगंध, आदि। इसलिए मैं उसके बीज खरीदती हूँ, उन्हें घर लेकर आती हूँ, उन्हें बो कर उनकी बहुत देखभाल करती हूँ। परन्तु वह पौधा मेरे घर में सुखी नहीं रहता है। उसके लिए मेरी देखभाल काफी नहीं है। उसे सूर्य का प्रकाश चाहिए, जो मैं उसके लिए उपलब्ध नहीं करवा पाती हूँ। मुझे लगा कि उस ज्योति की कमी की मैं अन्य प्रकार की देखभाल के द्वारा पूर्ति करने पाऊंगी, परन्तु ऐसा होता नहीं है; पौधों को जो चाहिए, बस वही चाहिए।

   इसी प्रकार लोगों को भी। यद्यापी हम सही से कम स्थितियों में भी कुछ समय तक जीवित रह सकते हैं, हम उनमें फलते-फूलते नहीं हो सकते हैं। हमारी बुनियादी शारीरिक आवश्यकताओं के अतिरिक्त, हमारी आत्मिक आवश्यकताएं भी हैं, जिनकी पूर्ति किसी अन्य विकल्प के द्वारा नहीं हो सकती है।

   पवित्र-शास्त्र कहता है कि मसीही विश्वासी ज्योति की सन्तान हैं। इसका तात्पर्य है कि हमें बढ़ते रहने और फलते-फूलते होने के लिए परमेश्वर की उपस्थिति की पूर्णता में रहना चाहिए (भजन 89:15)। यदि हम परमेश्वर से दूरी के अन्धकार में जीएंगे, तो हम “निष्फल कार्यों” (देखिए इफिसियों 5:3-4, 11) के अतिरिक्त और कुछ उत्पन्न नहीं करने पाएंगे।

   परन्तु यदि हम प्रभु यीशु की ज्योति में, जो जगत की ज्योति भी है, जीएंगे, तो हम उसकी ज्योति के अनुसार फल भी लाएंगे, जो अच्छा, विश्वासयोग्य और सच्चा होता है। - जूली एैकरमैन लिंक


ज्योति की सन्तान प्रभु की ज्योति में चलते हैं।

क्या ही धन्य है वह समाज जो आनन्द के ललकार को पहिचानता है; हे यहोवा, वे लोग तेरे मुख के प्रकाश में चलते हैं – भजन 89:15

बाइबल पाठ: इफिसियों 5:1-16
Ephesians 5:1 इसलिये प्रिय, बालकों के समान परमेश्वर के सदृश बनो।
Ephesians 5:2 और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया।
Ephesians 5:3 और जैसा पवित्र लोगों के योग्य है, वैसा तुम में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो।
Ephesians 5:4 और न निर्लज्ज़ता, न मूढ़ता की बातचीत की, न ठट्ठे की, क्योंकि ये बातें सोहती नहीं, वरन धन्यवाद ही सुना जाएं।
Ephesians 5:5 क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजने वाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं।
Ephesians 5:6 कोई तुम्हें व्यर्थ बातों से धोखा न दे; क्योंकि इन ही कामों के कारण परमेश्वर का क्रोध आज्ञा ने मानने वालों पर भड़कता है।
Ephesians 5:7 इसलिये तुम उन के सहभागी न हो।
Ephesians 5:8 क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान के समान चलो।
Ephesians 5:9 (क्योंकि ज्योति का फल सब प्रकार की भलाई, और धामिर्कता, और सत्य है)।
Ephesians 5:10 और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है
Ephesians 5:11 और अन्धकार के निष्‍फल कामों में सहभागी न हो, वरन उन पर उलाहना दो।
Ephesians 5:12 क्योंकि उन के गुप्‍त कामों की चर्चा भी लाज की बात है।
Ephesians 5:13 पर जितने कामों पर उलाहना दिया जाता है वे सब ज्योति से प्रगट होते हैं, क्योंकि जो सब कुछ को प्रगट करता है, वह ज्योति है।
Ephesians 5:14 इस कारण वह कहता है, हे सोने वाले जाग और मुर्दों में से जी उठ; तो मसीह की ज्योति तुझ पर चमकेगी।
Ephesians 5:15 इसलिये ध्यान से देखो, कि कैसी चाल चलते हो; निर्बुद्धियों के समान नहीं पर बुद्धिमानों के समान चलो।
Ephesians 5:16 और अवसर को बहुमोल समझो, क्योंकि दिन बुरे हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 7-9
  • लूका 1:21-38