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बुधवार, 18 जुलाई 2018

भरोसा



      मुझे पक्षियों और उनकी गतिविधियों को देखना अच्छा लगता है। मेरी यह रुचि घाना देश में जंगल में स्थित गाँव में, जहाँ मैं बड़ा हुआ था, विकसित हुई थी। अब जहाँ शहर में मैं रहता हूँ वहाँ मैंने हाल ही में कुछ कौवों का रोचक व्यवहार देखा। उड़ते हुए वे विश्राम के लिए एक ऐसे पेड़ की ओर जाते थे जिसके सारे पत्ते झड़ चुके थे। परन्तु किसी मजबूत डाली पर बैठने की बजाए वे सूखी और कमज़ोर डालियों पर जाकर बैठ जाते थे, जो शीघ्र ही झुक या टूट जाती थीं, और उन्हें खतरे से बचने के लिए फिर से उड़ना पड़ता था। प्रत्यक्षतः उनमें यह समझ नहीं थी कि मोटी डालियाँ अधिक सुरक्षित विश्राम स्थान हैं।

      हमारा क्या हाल है? हम अपने भरोसे को किस पर आधारित करते हैं? परमेश्वर के वचन, बाइबल में, दाऊद ने भजन 20:7 में लिखा, “किसी को रथों को, और किसी को घोड़ों का भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे” रथ और घोड़े भौतिक तथा मानवीय सहयाता के आधार को दिखाते हैं। ये दैनिक जीवन में उपयोगी तथा आवश्यक वस्तुओं के प्रतिरूप तो हैं, परन्तु इनसे संकट के समय में हमें सुरक्षा नहीं मिलती है। यदि हमारा भरोसा सांसारिक वस्तुओं, व्यक्तियों, या धन-संपत्ति पर रहता है तो हम पाएँगे कि जैसे उन कौवों के पैरों तले वे डालियाँ टूट जाती थीं, हमारे ये नश्वर सांसारिक आधार भी संकट के समय में अपर्याप्त रहेंगे, हमें संभाल नहीं पाएँगे।

      जो रथों और घोड़ों पर भरोसा करते हैं, उन्हें झुका कर गिराया जा सकता है, परन्तु जो वास्तव में जीवते सच्चे प्रभु परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं, उसे समर्पित एवं उसकी आज्ञाकारिता का जीवन व्यतीत करते हैं, वे सदा स्थिर और अडिग खड़े रहेंगे। - लॉरेंस दरमानी


इस बदलते रहने वाले सँसार में हम 
कभी न बदलने वाले प्रभु परमेश्वर पर भरोसा कर सकते हैं।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: भजन 20
Psalms 20:1 संकट के दिन यहोवा तेरी सुन ले! याकूब के परमेश्वर का नाम तुझे ऊंचे स्थान पर नियुक्त करे!
Psalms 20:2 वह पवित्र स्थान से तेरी सहायता करे, और सिय्योन से तुझे सम्भाल ले!
Psalms 20:3 वह तेरे सब अन्नबलियों को स्मरण करे, और तेरे होमबलि को ग्रहण करे।
Psalms 20:4 वह तेरे मन की इच्छा को पूरी करे, और तेरी सारी युक्ति को सफल करे!
Psalms 20:5 तब हम तेरे उद्धार के कारण ऊंचे स्वर से हर्षित हो कर गाएंगे, और अपने परमेश्वर के नाम से झण्डे खड़े करेंगे। यहोवा तुझे मुंह मांगा वरदान दे।
Psalms 20:6 अब मैं जान गया कि यहोवा अपने अभिषिक्त का उद्धार करता है; वह अपने दाहिने हाथ के उद्धार करने वाले पराक्रम से अपने पवित्र स्वर्ग पर से सुनकर उसे उत्तर देगा।
Psalms 20:7 किसी को रथों को, और किसी को घोड़ों का भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे।
Psalms 20:8 वे तो झुक गए और गिर पड़े परन्तु हम उठे और सीधे खड़े हैं।
Psalms 20:9 हे यहोवा, बचा ले; जिस दिन हम पुकारें तो महाराजा हमें उत्तर दे।
     

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 20-22
  • प्रेरितों 21:1-17



मंगलवार, 17 जुलाई 2018

खुला हाथ



      बिड्डी मेसन को 1891 में लॉस एन्जिल्स में एक अचिन्हित कब्र में दफना दिया गया। दासत्व में जन्मी महिला के लिए यह कोई अनहोनी बात नहीं थी, परन्तु बिड्डी जैसी मान्यता प्राप्त महिला के लिए यह असामान्य अवश्य था। न्यायालय में चले मुकद्दमे के द्वारा 1856 में अपनी स्वतंत्रता जीतने के पश्चात बिड्डी ने अपने नर्सिंग कौशल तथा बुद्धिमता पूर्ण व्यवासायिक निर्णयों के द्वारा कुछ संपत्ति एकत्रित कर ली थी। उसने अप्रवासी लोगों तथा कैदियों की दुर्दशा देखकर उनकी सहायता करना आरंभ किया, और उसके इस नियमित व्यवहार के कारण लोग उसके द्वार पर कतार बाँध कर खड़े होने लग गए। दासत्व से छूटने के मात्र 16 वर्ष में ही, 1872 में उसने अपने दामाद के साथ मिलकर आर्थिक योगदान के द्वारा लॉस एन्जिल्स में प्रथम अफ्रीकी मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च का आरंभ करवाया।

      बिड्डी ने परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस प्रेरित द्वारा कहे गए शब्दों: “...और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उसने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है” (प्रेरितों 20:35) को अपने जीवन में जी कर के दिखाया। पौलुस सम्पन्नता से आया था, दासत्व से नहीं, फिर भी उसने मसीह यीशु एवँ दूसरों की सेवकाई के लिए सेवा का ऐसा जीवन चुना जिसमें अन्ततः वह कैद होकर शहीद हो गया।

      1988 में बिड्डी से सहायताप्राप्त लोगों ने बिड्डी मेसन के स्मरण में एक समाधि-शिला का अनावरण किया। उस आयोजन में उपस्थित होने वाले लोगों में लॉस एन्जिल्स के महापौर (मेयर) तथा, एक शताब्दी से भी पूर्व, बिड्डी के घर से आरंभ होने वाले उस छोटे से चर्च के लगभग 3000 सदस्य थे।

      बिड्डी ने कहा था, “एक खुला हाथ, आशीषित हाथ है, क्योंकि वह बहुतायत से देता और पाता है।” बिड्डी के हाथ ने जैसे उदारता से दिया, उसे वैसे ही उदारता से एक महान विरासत भी मिली। - टिम गुस्ताफ्सन


एक खुला हाथ, आशीषित हाथ है, 
क्योंकि वह बहुतायत से देता और पाता है। - बिड्डी मेसन

जिनका भला करना चाहिये, यदि तुझ में शक्ति रहे, तो उनका भला करने से न रुकना। - नीतिवचन 3:27

बाइबल पाठ: प्रेरितों 20:22-35
Acts 20:22 और अब देखो, मैं आत्मा में बन्‍धा हुआ यरूशलेम को जाता हूं, और नहीं जानता, कि वहां मुझ पर क्या क्या बीतेगा
Acts 20:23 केवल यह कि पवित्र आत्मा हर नगर में गवाही दे देकर मुझ से कहता है, कि बन्‍धन और क्‍लेश तेरे लिये तैयार हैं।
Acts 20:24 परन्तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रिय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है।
Acts 20:25 और अब देखो, मैं जानता हूं, कि तुम सब जिनमें मैं परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता फिरा, मेरा मुंह फिर न देखोगे।
Acts 20:26 इसलिये मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूं, कि मैं सब के लोहू से निर्दोष हूं।
Acts 20:27 क्योंकि मैं परमेश्वर की सारी मनसा को तुम्हें पूरी रीति से बताने से न झिझका।
Acts 20:28 इसलिये अपनी और पूरे झुंड की चौकसी करो; जिस में पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है; कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो, जिसे उसने अपने लोहू से मोल लिया है।
Acts 20:29 मैं जानता हूं, कि मेरे जाने के बाद फाड़ने वाले भेड़िए तुम में आएंगे, जो झुंड को न छोड़ेंगे।
Acts 20:30 तुम्हारे ही बीच में से भी ऐसे ऐसे मनुष्य उठेंगे, जो चेलों को अपने पीछे खींच लेने को टेढ़ी मेढ़ी बातें कहेंगे।
Acts 20:31 इसलिये जागते रहो; और स्मरण करो; कि मैं ने तीन वर्ष तक रात दिन आंसू बहा बहा कर, हर एक को चितौनी देना न छोड़ा।
Acts 20:32 और अब मैं तुम्हें परमेश्वर को, और उसके अनुग्रह के वचन को सौंप देता हूं; जो तुम्हारी उन्नति कर सकता है, और सब पवित्रों में साझी कर के मीरास दे सकता है।
Acts 20:33 मैं ने किसी की चान्दी सोने या कपड़े का लालच नहीं किया।
Acts 20:34 तुम आप ही जानते हो कि इन्‍हीं हाथों ने मेरी और मेरे साथियों की आवश्यकताएं पूरी कीं।
Acts 20:35 मैं ने तुम्हें सब कुछ कर के दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उसने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है।
     

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 18-19
  • प्रेरितों 20:17-38



सोमवार, 16 जुलाई 2018

उपहार


      वह मात्र चाबियाँ रखने का गुच्छा ही है; जूते बाँधने के फीते से पाँच कुंडों को आपस में बांधकर बनाया गया। मेरी बेटी ने वह मुझे तब दिया था जब वह सात वर्ष की थी। आज वह फीता पुराना हो चुका है, कुंडों के टुकड़े टूटने लगे हैं, परन्तु उस उपहार के साथ जुड़ा हुआ सन्देश “मैं पापा से प्रेम करती हूँ” कभी पुराना नहीं पड़ेगा।

       सबसे कीमती उपहार उस से कीमती नहीं बनते हैं जिस सामग्री से वे बने हैं, वरन इस से कि हमें उन्हें किसने दिया है। किसी भी माता-पिता से उस मुट्ठी भर जंगली फूलों के गुच्छे की कीमत पूछिए, जो उन्हें नन्हें हाथों ने एकत्रित करके पकड़ाया है। सबसे अच्छे उपहार कीमत से नहीं, उनके पीछे छिपे प्रेम से आँके जाते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में ज़कर्याह ने इस बात को समझा। हम उसके इस भाव को भविष्यवाणी के उसके उस स्तुति गीत में देखते हैं जो उसने परमेश्वर की स्तुति और प्रशंसा के लिए कहा, जब परमेश्वर ने उसे और उसकी पत्नि इलिशिबा को एक पुत्र दिया, उनके माता-पिता बन सकने की आयु के अनेकों वर्षों के पश्चात। ज़कर्याह आनदित हुआ क्योंकि उसका पुत्र यूहन्ना को भविष्यद्वक्ता होना था और मानव-जाति के लिए परमेश्वर के सर्वोत्तम उपहार – आने वाले मसीहा का अग्रदूत बनना था। ज़कर्याह ने कहा: “यह हमारे परमेश्वर की उसी बड़ी करूणा से होगा; जिस के कारण ऊपर से हम पर भोर का प्रकाश उदय होगा। कि अन्धकार और मृत्यु की छाया में बैठने वालों को ज्योति दे, और हमारे पांवों को कुशल के मार्ग में सीधे चलाए” (लूका 1:78-79)।

      जो सबसे मधुर उपहार हमें मिल सकता है वह है परमेश्वर की करुणा और दया – प्रभु यीशु में होकर हमारे पापों की क्षमा। यह उपहार देने के लिए उसे क्रूस पर अपने प्राणों की कीमत चुकानी पड़ी, परन्तु हमारे प्रति अपने महान प्रेम के अन्तर्गत, वह इस उपहार को हमें सेंत-मेंत देता है। - जेम्स बैंक्स


प्रभु यीशु उपहार भी है और देने वाला भी।

उठ, प्रकाशमान हो; क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है, और यहोवा का तेज तेरे ऊपर उदय हुआ है। - यशायाह 60:1

बाइबल पाठ: लूका 1:67-79
Luke 1:67 और उसका पिता जकरयाह पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो गया, और भविष्यद्ववाणी करने लगा।
Luke 1:68 कि प्रभु इस्राएल का परमेश्वर धन्य हो, कि उसने अपने लोगों पर दृष्टि की और उन का छुटकारा किया है।
Luke 1:69 और अपने सेवक दाऊद के घराने में हमारे लिये एक उद्धार का सींग निकाला।
Luke 1:70 जैसे उसने अपने पवित्र भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा जो जगत के आदि से होते आए हैं, कहा था।
Luke 1:71 अर्थात हमारे शत्रुओं से, और हमारे सब बैरियों के हाथ से हमारा उद्धार किया है।
Luke 1:72 कि हमारे बाप-दादों पर दया कर के अपनी पवित्र वाचा का स्मरण करे।
Luke 1:73 और वह शपथ जो उसने हमारे पिता इब्राहीम से खाई थी।
Luke 1:74 कि वह हमें यह देगा, कि हम अपने शत्रुओं के हाथ से छूटकर।
Luke 1:75 उसके साम्हने पवित्रता और धामिर्कता से जीवन भर निडर रहकर उस की सेवा करते रहें।
Luke 1:76 और तू हे बालक, परमप्रधान का भविष्यद्वक्ता कहलाएगा, क्योंकि तू प्रभु के मार्ग तैयार करने के लिये उसके आगे आगे चलेगा,
Luke 1:77 कि उसके लोगों को उद्धार का ज्ञान दे, जो उन के पापों की क्षमा से प्राप्त होता है।
Luke 1:78 यह हमारे परमेश्वर की उसी बड़ी करूणा से होगा; जिस के कारण ऊपर से हम पर भोर का प्रकाश उदय होगा।
Luke 1:79 कि अन्धकार और मृत्यु की छाया में बैठने वालों को ज्योति दे, और हमारे पांवों को कुशल के मार्ग में सीधे चलाए।
     

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 16-17
  • प्रेरितों 20:1-16


रविवार, 15 जुलाई 2018

बलिदान



      गर्मी की ऋतु में अमेरिका के दक्षिणी क्षेत्र में, जो स्वाभाविक रीति से काफी गर्म रहता है, यात्रा करते हुए, एक दोपहर को मैं और मेरी पत्नि एक स्थान पर आईस्क्रीम खाने के लिए रुके। वहाँ हमने एक दीवार पर एक संकेत लिखा हुआ देखा, “बर्फ में खेलना बिलकुल वर्जित है।” जिस इलाके में कभी बर्फ नहीं होती, वहाँ के लिए यह अनपेक्षित व्यंग्य मनोरंजक था।

      कभी-कभी अनपेक्षित रीति से बात को कहना सबसे अधिक प्रभावी होता है। परमेश्वर के वचन, बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा कही गई कुछ बातों के विषय में विचार कीजिए: “जो अपने प्राण बचाता है, वह उसे खोएगा; और जो मेरे कारण अपना प्राण खोता है, वह उसे पाएगा” (मत्ती 10:39)। जिस राज्य का राजा अपने लोगों की सेवा करता हो (मरकुस 10:45), अपने प्राणों को खोना ही उन्हें पाने का एकमात्र तरीका हो सकता है। यह उस सँसार के लिए, जो अपनी ही उन्नति और सुरक्षा की धुन में लगा हुआ है, एक चौंका देने वाला सन्देश है।

      व्यावाहारिक रीति से, हम अपना जीवन कैसे खो सकते हैं? उत्तर एक शब्द में कहा जा सकता है: “बलिदान” के द्वारा। जब हम बलिदान देते हैं, हम प्रभु यीशु की जीवन शैली को अपनाते हैं। हम अपनी आवश्यकताओं एवँ अभिलाषाओं को पूरा करने के प्रयासों के स्थान पर औरों की आवश्यकताओं और भलाई को प्राथमिकता देते हैं।

      प्रभु यीशु ने न केवल बलिदान के बारे में सिखाया, वरन उन्होंने समस्त मानव जाति के उद्धार के लिए अपने जीवन का बलिदान देने के द्वारा इसे व्यावाहारिक कर के भी दिखाया। क्रूस पर उनकी मृत्यु, हमारे प्रति सृष्टि के स्वामी और राजा के प्रेम का सर्वोच्च प्रगटीकरण बन गई, जिसने अपने ही शब्दों, “इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे” (यूहन्ना 15:13) को पूरा भी किया। - बिल क्राउडर


बलिदान का जीवन जीने से किसी बात की कोई हानि नहीं होती है। - हेनरी लिड्डों

क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिये नहीं आया, कि उस की सेवा टहल की जाए, पर इसलिये आया, कि आप सेवा टहल करे, और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपना प्राण दे। - मरकुस 10:45

बाइबल पाठ: मत्ती 10:35-42
Matthew 10:32 जो कोई मनुष्यों के साम्हने मुझे मान लेगा, उसे मैं भी अपने स्‍वर्गीय पिता के साम्हने मान लूंगा।
Matthew 10:33 पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं भी अपने स्‍वर्गीय पिता के साम्हने इन्कार करूंगा।
Matthew 10:34 यह न समझो, कि मैं पृथ्वी पर मिलाप कराने को आया हूं; मैं मिलाप कराने को नहीं, पर तलवार चलवाने आया हूं।
Matthew 10:35 मैं तो आया हूं, कि मनुष्य को उसके पिता से, और बेटी को उस की मां से, और बहू को उस की सास से अलग कर दूं।
Matthew 10:36 मनुष्य के बैरी उसके घर ही के लोग होंगे।
Matthew 10:37 जो माता या पिता को मुझ से अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं और जो बेटा या बेटी को मुझ से अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं।
Matthew 10:38 और जो अपना क्रूस ले कर मेरे पीछे न चले वह मेरे योग्य नहीं।
Matthew 10:39 जो अपने प्राण बचाता है, वह उसे खोएगा; और जो मेरे कारण अपना प्राण खोता है, वह उसे पाएगा।
Matthew 10:40 जो तुम्हें ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजने वाले को ग्रहण करता है।
Matthew 10:41 जो भविष्यद्वक्ता को भविष्यद्वक्ता जानकर ग्रहण करे, वह भविष्यद्वक्ता का बदला पाएगा; और जो धर्मी जानकर धर्मी को ग्रहण करे, वह धर्मी का बदला पाएगा।
Matthew 10:42 जो कोई इन छोटों में से एक को चेला जानकर केवल एक कटोरा ठंडा पानी पिलाए, मैं तुम से सच कहता हूं, वह किसी रीति से अपना प्रतिफल न खोएगा।
     

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 13-15
  • प्रेरितों 19:19-41



शनिवार, 14 जुलाई 2018

विश्वासयोग्यता



      “हम आपकी नौकरी को समाप्त कर रहे हैं” एक दशक पहले मुझ से कहे गए इन शब्दों को सुनते ही मैं नौकरी के चले जाने के कारण घबरा गई, अन्दर से बुरी तरह से हिल गई। उस समय मैंने स्वयं को बिलकुल बिखरा हुआ अनुभव किया क्योंकि मेरी पहचान कुछ हद तक मेरे संपादक होने के पद के साथ जुड़ी हुई थी। हाल ही में मुझे फिर से वैसा ही दुःख हुआ जब मुझे ज्ञात हुआ कि मेरा बिना किसी की नौकरी करे, स्वतंत्रता से किए जाने वाले कार्य का भी अन्त हो रहा है। परन्तु इस समय, पहले के समान, मैंने अपने आप को बिखरा और अपनी नींव तक हिला हुआ अनुभव नहीं किया, क्योंकि समय के साथ मैंने परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को देखा और अनुभव किया है, और मैं जानती हूँ कि वह मेरे शोक को भी आनन्द में परिवर्तित कर सकता है।

      यद्यपि हम एक पतित सँसार में रहते हैं, जहाँ हमें अकसर दुखों और निराशाओं का सामना करना पड़ता है, परन्तु हमें स्मरण रखना चाहिए कि परमेश्वर हमें निराशा से आनन्द में ले जा सकता है, जैसा हम यशायाह द्वारा प्रभु यीशु के आने से संबंधित की गई  भविष्यवाणी में देखते हैं (यशायाह 61:1-3)। जब हम निराश होते हैं, तो प्रभु हमें आशा देता है; जब हमें लगता है कि हम क्षमा नहीं करने पाएँगे, वह हमें क्षमा करने की सामर्थ्य प्रदान करता है। वह हमें सिखाता है कि हमारी पहचान उसमें है, न कि हमारे कार्य में; और वह हमें अनिश्चित भविष्य का सामना करने का साहस देता है। जब हम “राख” का वस्त्र ओढ़ कर बैठे होते हैं, वह अपनी दया में हमें स्तुति का अंगरखा पहना देता है।

      जब हम हानि का सामना कर रहे होते हैं, तब हमें उदासी से भागना नहीं चाहिए, और न ही हमें कडुवा या कठोर बन  जाना चाहिए। जब हम बीते समयों में परमेश्वर की विश्वासयोग्यता के बारे में विचार करते हैं, तो हमें भरोसा होता है कि वह हमारे शोक को नृत्य में बदलने के लिए न केवल सक्षम है, वरन ऐसा करना भी चाहता है। वह हमें इतना अनुग्रह देना चाहता है कि हम इस जीवन में भी और आने वाले जीवन में भी आनद से भरे रहें। - एमी बाउचर पाई


हमारे दुःख के समय से भी परमेश्वर हमें उन्नति प्रदान कर सकता है।

फिर उसने उन से कहा, कि जा कर चिकना चिकना भोजन करो और मीठा मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास बैना भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्र है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है। - नहेम्याह 8:10

बाइबल पाठ: यशायाह 61:1-4
Isaiah 61:1 प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्रता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं;
Isaiah 61:2 कि यहोवा के प्रसन्न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूं; कि सब विलाप करने वालों को शान्ति दूं
Isaiah 61:3 और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर कर के हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।
Isaiah 61:4 तब वे बहुत काल के उजड़े हुए स्थानों को फिर बसाएंगे, पूर्वकाल से पड़े हुए खण्डहरों में वे फिर घर बनाएंगे; उजड़े हुए नगरों को जो पीढ़ी पीढ़ी में उजड़े हुए हों वे फिर नये सिरे से बसाएंगे।
     

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 10-12
  • प्रेरितों 19:1-20



शुक्रवार, 13 जुलाई 2018

जानते हुए



      एक संगीत कार्यक्रम के दौरान, श्रोताओं द्वारा किए गए एक प्रश्न के प्रत्युत्तर में, गायक और गीत-लेखक डेविड विलकॉक्स ने बताया कि वह गीत कैसे लिखता और संगीत-बद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें तीन बातों की आवश्यकता होती है: एक शान्त कमरा, एक कोरा कागज़, और एक प्रश्न – “क्या ऐसा कुछ है जिसकी मुझे जानकारी होनी चाहिए?” प्रभु यीशु मसीह का अनुयायी होने के नाते, प्रभु की इच्छा जानने के लिए मुझे यह बहुत उपयुक्त तरीका लगा।

      प्रभु यीशु की सार्वजनिक सेवकाई के दौरान, वे सदा ही परमेश्वर के साथ एकांत में प्रार्थना में समय बिताया करते थे। उनके द्वारा 5000 लोगों को भोजन खिलाए जाने के आश्चर्यकर्म के पश्चात उन्होंने शिष्यों को नाव से गलील की झील के पार जाने को कहा, और उन्होंने स्वयं लोगों की भीड़ को विदा किया (मत्ती 14:22), और फिर, “वह लोगों को विदा कर के, प्रार्थना करने को अलग पहाड़ पर चढ़ गया; और सांझ को वहां अकेला था” (पद 23)।

      यदि प्रभु यीशु ने यह आवश्यक जाना कि उन्हें अपने पिता के साथ एकांत में समय बिताना है, तो फिर परमेश्वर के साथ वार्तालाप करने और अपने मन की बात उससे बाँटने, और उसके निर्देशों का पालन करने का मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए हमें कितना अधिक परमेश्वर पिता के साथ ऐसा समय बिताने की आवश्यकता है। एक शान्त कमरा – अर्थात कोई भी एक ऐसा स्थान जहाँ बिना ध्यान बंटाए हम प्रभु परमेश्वर पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। एक कोरा कागज़ – अर्थात एक खुला और उसकी सुनने वाला मन, और प्रभु से सीखने की लालसा। एक प्रश्न – “क्या ऐसा कुछ है जिसकी मुझे जानकारी होनी चाहिए?” – अर्थात एक समर्पित जीवन, “प्रभु अपनी आत्मा, अपने लिखित वचन और अपने मार्गदर्शन के आश्वासन के द्वारा मुझे से बातचीत कीजिए, मुझे सिखाईये एवं और उन्नत कीजिए।”

      उस संध्या, पिता परमेश्वर के साथ पहाड़ी पर एकांत में बिताए गए समय के पश्चात, बिना किसी भी प्रकार से विचलित हुए, प्रभु यीशु नीचे एक प्रचण्ड तूफ़ान में उतर आए, यह जानते हुए कि पिता परमेश्वर उनसे क्या चाहते हैं कि वे करें (पद 24-27)। - डेविड मैक्कैस्लैंड


परमेश्वर के साथ एकांत में बिताया गया समय ही सामर्थ्य पाने का सबसे उत्तम स्थान है।

प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्र यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहने और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया – यशायाह 30:15

बाइबल पाठ: मत्ती 14:22-36
Matthew 14:22 और उसने तुरन्त अपने चेलों को बरबस नाव पर चढ़ाया, कि वे उस से पहिले पार चले जाएं, जब तक कि वह लोगों को विदा करे।
Matthew 14:23 वह लोगों को विदा कर के, प्रार्थना करने को अलग पहाड़ पर चढ़ गया; और सांझ को वहां अकेला था।
Matthew 14:24 उस समय नाव झील के बीच लहरों से डगमगा रही थी, क्योंकि हवा साम्हने की थी।
Matthew 14:25 और वह रात के चौथे पहर झील पर चलते हुए उन के पास आया।
Matthew 14:26 चेले उसको झील पर चलते हुए देखकर घबरा गए! और कहने लगे, वह भूत है; और डर के मारे चिल्ला उठे।
Matthew 14:27 यीशु ने तुरन्त उन से बातें की, और कहा; ढाढ़स बान्‍धो; मैं हूं; डरो मत।
Matthew 14:28 पतरस ने उसको उत्तर दिया, हे प्रभु, यदि तू ही है, तो मुझे अपने पास पानी पर चलकर आने की आज्ञा दे।
Matthew 14:29 उसने कहा, आ: तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के पास जाने को पानी पर चलने लगा।
Matthew 14:30 पर हवा को देखकर डर गया, और जब डूबने लगा, तो चिल्लाकर कहा; हे प्रभु, मुझे बचा।
Matthew 14:31 यीशु ने तुरन्त हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया, और उस से कहा, हे अल्प-विश्वासी, तू ने क्यों सन्‍देह किया?
Matthew 14:32 जब वे नाव पर चढ़ गए, तो हवा थम गई।
Matthew 14:33 इस पर जो नाव पर थे, उन्होंने उसे दण्‍डवत कर के कहा; सचमुच तू परमेश्वर का पुत्र है।
Matthew 14:34 वे पार उतरकर गन्नेसरत देश में पहुंचे।
Matthew 14:35 और वहां के लोगों ने उसे पहचानकर आस पास के सारे देश में कहला भेजा, और सब बीमारों को उसके पास लाए।
Matthew 14:36 और उस से बिनती करने लगे, कि वह उन्हें अपने वस्‍त्र के आंचल ही को छूने दे: और जितनों ने उसे छूआ, वे चंगे हो गए।
     

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 7-9
  • प्रेरितों 18



गुरुवार, 12 जुलाई 2018

मार्ग



      जीवन का मार्ग बहुधा कठिन होता है; इसलिए यदि हम यह आशा रखकर चलते हैं कि परमेश्वर हमें सरल मार्ग पर ही चलावाएगा, तो जब मार्ग कठिन हो जाएगा तब हम उसे अपनी पीठ दिखाने की परीक्षा में पड़ सकते हैं।

      यदि आपने कभी ऐसा करने का विचार किया है, तो इस्राएल के लोगों के बारे में भी सोचें। सैंकडों वर्षों की बंधुवाई के पश्चात, जब उन्हें मिस्र की गुलामी से स्वतंत्रता मिली, तब उन्होंने कनान देश की ओर कूच किया। परन्तु परमेश्वर ने उन्हें सीधे मार्ग से उनके होने वाले घर को नहीं भेजा, “तब यद्यपि पलिश्तियों के देश में हो कर जो मार्ग जाता है वह छोटा था; तौभी परमेश्वर ...उन को उस मार्ग से नहीं ले गया” (निर्गमन 13:17)। वरन वह उन्हें मरुभूमि के कठिन मार्ग से लेकर गया। अल्पकाल के लिए, परमेश्वर द्वारा ऐसा करने के द्वारा वे युद्धों में पड़ने से बच गए (पद 17), और दीर्घकाल में, कुछ और बड़ी बात उनमें कार्य कर रही थी।

      परमेश्वर ने मरुभूमि के उनके समय का उपयोग अपने लोगों को निर्देश देने और उन्हें परिपक्व बनाने के लिए किया। छोटा और सरल मार्ग उन्हें संकट में डाल देता; लंबे और कठिन मार्ग ने इस्राएल को वाचा के देश में सफल प्रवेश पाने के लिए तैयार किया।

      हमारा परमेश्वर विश्वासयोग्य है, और हम भरोसा रख सकते हैं कि वह सदा ही हमारी देखभाल तथा मार्गदर्शन करेगा, चाहे परिस्थिति कोई भी और कैसी भी क्यों न हो। जिस मार्ग पर वह हमें चला रहा है, हम उसका कारण चाहे न भी समझें, परन्तु हम भरोसा रख सकते हैं कि वह हमें परिपक्व और विश्वास में दृढ़ बनाने के लिए उस मार्ग पर लेकर चला रहा है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर का समय सदा सही होता है – धैर्य के साथ उसकी प्रतीक्षा करें।

व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा। - यहोशू 1:8-9

बाइबल पाठ: निर्गमन 13:17-22
Exodus 13:17 जब फिरौन ने लोगों को जाने की आज्ञा दे दी, तब यद्यपि पलिश्तियों के देश में हो कर जो मार्ग जाता है वह छोटा था; तौभी परमेश्वर यह सोच कर उन को उस मार्ग से नहीं ले गया, कि कहीं ऐसा न हो कि जब ये लोग लड़ाई देखें तब पछताकर मिस्र को लौट आएं।
Exodus 13:18 इसलिये परमेश्वर उन को चक्कर खिलाकर लाल समुद्र के जंगल के मार्ग से ले चला। और इस्राएली पांति बान्धे हुए मिस्र से निकल गए।
Exodus 13:19 और मूसा यूसुफ की हड्डियों को साथ लेता गया; क्योंकि यूसुफ ने इस्राएलियों से यह कहके, कि परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा, उन को इस विषय की दृढ़ शपथ खिलाई थी, कि वे उसकी हड्डियों को अपने साथ यहां से ले जाएंगे।
Exodus 13:20 फिर उन्होंने सुक्कोत से कूच कर के जंगल की छोर पर एताम में डेरा किया।
Exodus 13:21 और यहोवा उन्हें दिन को मार्ग दिखाने के लिये मेघ के खम्भे में, और रात को उजियाला देने के लिये आग के खम्भे में हो कर उनके आगे आगे चला करता था, जिससे वे रात और दिन दोनों में चल सकें।
Exodus 13:22 उसने न तो बादल के खम्भे को दिन में और न आग के खम्भे को रात में लोगों के आगे से हटाया।
     

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 4-6
  • प्रेरितों 17:16-34