ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

बुधवार, 20 जुलाई 2011

नैतिक खराई

आप का क्या विचार है? क्या आप एक ऐसे व्यक्ति को भला मानेंगे जो किसी बेगुनाह की निर्मम हत्या होती देख कर न तो विचिलित हो और ना ही हत्यारे को दण्ड दिलाने के लिए कोई सहयोग करे? क्या आप एक ऐसी सरकार और सामाजिक पद्वति को भला मानेंगे जो प्रत्येक को उसकी मन मर्ज़ी करने की स्वतंत्रता देती है परन्तु किसी को किसी बात के लिए जवाबदेह नहीं मानती, चाहे उनके कारण औरों का कैसा भी और कितना ही नुकसान क्यों न हो रहा हो? शायद ही कोई होगा जो समाज के प्रति व्यक्ति की ज़िम्मेदारी, व्यवहार और जवाबदेही को गलत या अनुचित मानता हो और इस जवाबदेही को निभाने का अंकुश रखने वाले सामाजिक अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्य पालन को भी अनुचित और गलत मानता हो। क्या न्याय और प्रेम परस्पर विरोधी हैं? क्या एक सच्चा और खरा न्यायी, किसी से प्रेम नहीं कर सकता?

व्यक्तिगत रीति से मुझे ऐसे परमेश्वर पर विश्वास करने में परेशानी होगी जो न तो पाप से क्रोधित होता हो और ना ही उसके लिए किसी को कोई दण्ड देता हो।

पिछली सदी के विख्यात दार्शनिक बर्टरैण्ड रसल नरक के बारे में प्रभु यीशु की शिक्षाओं को पढ़ने से नास्तिक हो गए। वे ऐसा परमेश्वर चाहते थे जो कभी क्रोधित नहीं होता और ना ही किसी को दण्डित करता हो। आज का बाइबल पाठ बर्टरैण्ड रसल को कभी रास नहीं आता क्योंकि उस में परमेश्वर के उग्र और न्यायी रूप को दर्शाया गया है।

परमेश्वर ने हमें स्वेच्छा और स्वतंत्रता दी है, लेकिन साथ ही स्वतंत्रता को सही रीति से उपयोग में लाने के लिए अपने नियम भी दिए हैं जिनका पालन वह हमसे चाहता है। जब उसकी अनाज्ञाकारिता होती है और स्वतंत्रता का अनुचित प्रयोग होता है तो वह दण्ड से पहले चेतावनी भी देता है। परमेश्वर खरा और सच्चा न्यायी है, अपने द्वारा दी गई स्वतंत्रता के उपयोग के लिए वह जवाबदेही भी मांगता है।

नहूम के दिनों में निनेनवेह के लोग बहुत क्रूर और निष्ठुर थे तथा दूसरों पर भयानक अत्याचार ढाते थे। नहूम भविष्यद्वक्ता द्वारा परमेश्वर ने अपनी प्रजा इस्त्राएल को आशावासन दिलाया कि वह निनेनवह के लोगों की क्रूरता और निर्मम व्यवहार से परिचित है, उससे क्रोधित है और उनका न्याय करेगा तथा उचित दण्ड देगा।

मैं धन्यवादी हूँ कि मेरा परमेश्वर ऐसी खराई और न्याय के प्रति दृढ़ निश्चय रखता है। उसका यह गुण मुझे विश्वास दिलाता है कि मैं उस पर भरोसा रख सकता हूँ कि वह अपने सब वायदे पूरे करेगा और हर अन्याय का हिसाब लेगा तथा कोई अन्यायी उसके न्याय से कभी भी बचा नहीं रहे सकेगा। - हर्ब वौण्डर लुग्ट


परमेश्वर का न्याय चाहे तुरन्त न हो लेकिन अवश्यंभावी है।

यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता। - नहूम १:२

यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है। - नहूं १:७

बाइबल पाठ: नहूम १:१-१५

Nah 1:1 नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।
Nah 1:2 यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता।
Nah 1:3 यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा। यहोवा बवंडर और आंधी में होकर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।
Nah 1:4 उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है, बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।
Nah 1:5 उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाडिय़ां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहने वालों समेत थरथरा उठता है।
Nah 1:6 उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
Nah 1:7 यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।
Nah 1:8 परन्तु वह उमड़ती हुई धारा से उसके स्थान का अन्त कर देगा, और अपने शत्रुओं को खदेड़ कर अन्धकार में भगा देगा।
Nah 1:9 तुम यहोवा के विरूद्ध क्या कल्पना कर रहे हो? वह तुम्हारा अन्त कर देगा, विपत्ति दूसरी बार पड़ने न पाएगी।
Nah 1:10 क्योंकि चाहे वे कांटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तौभी वे सूखी खूंटी की नाईं भस्म किए जाएंगे।
Nah 1:11 तुझ में से एक निकला है, जो यहोवा के विरूद्ध कल्पना करता और नीचता की युक्ति बान्धता है।
Nah 1:12 यहोवा यों कहता है, चाहे वे सब प्रकार के सामर्थी हों, और बहुत भी हों, तौभी पूरी रीति से काटे जाएंगे और शून्य हो जाएंगे। मैं ने तुझे दु:ख दिया है, परन्तु फिर न दूंगा।
Nah 1:13 क्योंकि अब मैं उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उतार कर तोड़ डालूंगा, और तेरा बन्धन फाड़ डालूंगा।
Nah 1:14 यहोवा ने तेरे विषय में यह आज्ञा दी है कि आगे को तेरा वंश न चले, मैं तेरे देवालयों में से ढली और गढ़ी हुई मूरतों को काट डालूंगा, मैं तेरे लिये कबर खोदूंगा, क्योंकि तू नीच है।
Nah 1:15 देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनाने वाला और शान्ति का प्रचार करने वाला आ रहा है! अब हे यहूदा, अपने पर्व मान, और अपनी मन्नतें पूरी कर, क्योंकि वह ओछा फिर कभी तेरे बीच में होकर न चलेगा, और पूरी रीति से नाश हुआ है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २६-२८
  • प्रेरितों २२

मंगलवार, 19 जुलाई 2011

परमेश्वर के अन्तिम वचन

बाइबल में मलाकी भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पुराने नियम की अन्तिम पुस्तक है और पुराने नियम के अन्तर्गत इसमें लिखित वचन परमेश्वर के इस्त्राएल को दिए अन्तिम वचन हैं। इसके बाद परमेश्वर ४०० साल तब तक खामोश रहा जब तक प्रभु यीशु के आगमन के समय प्रभु के मार्ग बनाने वाले कि लिए न कहा गया: "जंगल में एक पुकारने वाले का शब्‍द हो रहा है, कि प्रभु का मार्ग तैयार करो, उस की सड़कें सीधी करो" (मत्ती ३:३)। मलाकी की पुस्तक में केवल चार अध्याय ही हैं और चौथे अध्याय में केवल ६ पद हैं। इन अन्तिम पदों को पढ़ने से ऐसा प्रतीत होता है कि छठा पद जैसे क्रोध में कहा गया हो, लेकिन वास्तव में यह परमेश्वर के हृदय से निकली प्रेम की चेतावनी है जिसमें वह ’ऐसा न हो’ कह कर अनाज्ञाकारिता के एक स्वाभाविक गंभीर प्रतिफल को टालने का प्रयास कर रहा है।

महान बाइबल शिक्षक और ज्ञाता जी. कैम्पबेल मॉर्गन ने इन पदों की व्याख्या में बताया कि मलाकी के समय से ले कर मसीह यीशु के आगमन तक जब यहूदी धर्मोपदेशक इस खंड को सभा में पढ़ते थे तो वे चौथे पद के बाद छठा पद पढ़ते और फिर पलटकर पाँचवे पद पर आते जिसमें लिखा है, "देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहिले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूंगा" (मलाकी ४:५)। अर्थात वे पुराने नियम की अन्तिम पुस्तक के अन्तिम वचन भविष्य की आशा को रखते थे जो इस बात का सूचक था कि छटे पद को वे परमेश्वर द्वारा क्रोध में कहे गए नहीं मानते थे वरन उसके प्रेम की पुकार के रूप में लेते थे; उन्हें परमेश्वर से भविष्य की आशा थी।

नए नियम में भी परमेश्वर के अन्तिम वचन विश्वासियों को भविष्य की आशा बंधाने वाले ही हैं: "जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ। प्रभु यीशु का अनुग्रह पवित्र लोगों के साथ रहे। आमीन" (प्रकाशितवाक्य २२:२०, २१)।

परमेश्वर की प्रजा इस्त्राएल और परमेश्वर के विश्वासियों की मण्डली, दोनो ही से कहे गए परमेश्वर के अन्तिम वचन भविष्य की आशा और शांति के हैं। परमेश्वर के हमारे प्रति प्रेम के कारण उसकी दी गई चेतावानियाँ और हमारे प्रति उसका सहनशील, विलंब से कोप करने वाला स्वभाव तथा उसकी क्षमाशीलता के अनुग्रह, यह सब हमें प्रेरित करते हैं कि उस भविष्य की महिमामयी आशा पर अपनी नज़रें टिकाए हुए हम उसकी निकटता एवं आज्ञाकारिता में अपने जीवनों को बिताएं। - डेनिस डी हॉन


मसीही विश्वासी का भविष्य परमेश्वर के वायदों के समान दृढ़ और रौशन है।

...ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी को सत्यानाश करूं। - मलाकी ४:६


बाइबल पाठ: मलाकी ४:१-६

Mal 4:1 क्योंकि देखो, वह धधकते भट्ठे का सा दिन आता है, जब सब अभिमानी और सब दुराचारी लोग अनाज की खूंटी बन जाएंगे और उस आने वाले दिन में वे ऐसे भस्म हो जाएंगे कि उनका पता तक न रहेगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Mal 4:2 परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाई कूदोगे और फांदोगे।
Mal 4:3 तब तुम दुष्टों को लताड़ डालोगे, अर्थात मेरे उस ठहराए हुए दिन में वे तुम्हारे पांवों के नीचे की राख बन जाएंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Mal 4:4 मेरे दास मूसा की व्यवस्था अर्थात जो जो विधि और नियम मैं ने सारे इस्रएलियों के लिये उसको होरेब में दिए थे, उनको स्मरण रखो।
Mal 4:5 देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहिले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूंगा।
Mal 4:6 और वह माता पिता के मन को उनके पुत्रों की ओर, और पुत्रों के मन को उनके माता-पिता की ओर फेरेगा; ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी को सत्यानाश करूं।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २३-२५
  • प्रेरितों २१:१८-४०

सोमवार, 18 जुलाई 2011

भविष्यवाणी

परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम के भविष्यद्वक्ताओं जैसे यशायाह, मीका और अन्य ने प्रभु यीशु मसीह के जन्म, जीवन और मृत्यु से संबंधित बहुत सी घटनाएं उनके आगमन से सदियों पहले अपनी भविष्यद्वाणीयों में दर्ज कर दी थीं और प्रभु यीशु के पृथ्वी पर आगमन के बाद वे सभी संपूर्णतः पूरी भी हुईं।

अपनी पुस्तक Science Speaks में लेखक पीटर स्टोनर ने आधुनिक विज्ञान और गणित के किसी बात के संभव होने के सिद्धान्तों (Probability Principles) द्वारा इन भविष्यवाणियों में से केवल आठ का विशलेषण किया। इस विशलेष्ण की व्याख्या उनकी पुस्तक में दी गई है; उनका निष्कर्ष था कि किसी भी व्यक्ति के लिए केवल इन आठ भविष्याणियों को अक्षरक्षः पूरा कर पाने के संभावना होगी १०x१० १७ बार (अर्थात १००,०००,०००,०००,०००,०००) में से केवल एक बार की है। इस गिनती की विशालता और बात की असंभवता को समझाने के लिए स्टोनर ने एक उदाहरण दिया कि यदि हम इतनी ही संख्या के सिक्के लें और उन्हें अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े प्रांत - टेक्सस प्रांत पर (जिसकी लंबाई लगभग ७९० मील और चौड़ाई लगभग ७७३ मील तथा जिसका क्षेत्रफल लगभग २६८५८१ वर्ग मील है), क्रमवार बिछा दें तो पूरा प्रांत सिक्कों के दो फुट ऊंचे ढेर से ढक जाएगा। अब यदि इन सभी सिक्कों में से केवल एक पर निशान लगा कर, पूरे ढेर को खंगाल कर, उसे उस ढेर में कहीं मिला दिया जाए और फिर किसी मनुष्य की आंखों पर पट्टी बन्ध कर उस से कहा जाए कि इस सिक्कों के ढेर पर वह चाहे जितना इधर उधर आए-जाए और उसे चाहे जितना खंगाले, और तब बिना आंखों से पट्टी हटाए वह उस एक सिक्के को उठाए जिसपर निशान लगा है, तो जो संभावना उस व्यक्ति के इस कार्य में सफल होने की है, वही संभावना उन भविष्यद्वाक्ताओं की भविष्यवाणीयों के पूरा होने के लिए थी; अर्थात वे भविष्यद्वक्ता, जो एक दूसरे की बातों से अन्जान थे, भविष्यवाणी करें और उनके जीवन के सैंकड़ों साल के बाद एक मनुष्य उन्हें अक्षरक्षः पूरा करे। स्वाभाविक है कि यह किसी मनुष्य द्वारा दी गई भविष्यवाणी के लिए संभव नहीं है, यह केवल तब ही संभव है जब भविष्यवाणी देने और पूरा करवाने वाला परमेश्वर ही हो।

जिस परमेश्वर ने अपने पुत्र के प्रथम आगमन की भविष्यवाणीयाँ अपने भविष्य्द्वक्ताओं द्वारा लिखवाईं थीं, उसी ने उसके दूसरे आगमन और उसके न्याय की भविष्यवाणीयाँ भी लिखवाई हैं। जैसे पहले आगमन से संबंधित सभी भवैष्यवाणियाँ संपूर्णतः पूरी हुई हैं, वैसे ही दूसरे आगमन और न्याय से संबंधित भी पूरी होंगी, और उनके पूरे होने के चिन्ह वर्तमान में दिखाई देने आरंभ हो चुके हैं।

हम आनन्दित और धन्यवादी हों कि परमेश्वर ने अपने पुत्र को पहले संसार का उद्धारकर्ता बना कर भेजा, जिससे जो कोई उस पर विश्वास करे वह पाप में नाश न हो वरन परमेश्वर की धार्मिकता का अनन्त जीवन पाए (युहन्ना ३:१६); और अब अपने पुत्र को फिर से भेजने वाला है कि उसकी धार्मिकता और न्याय का राज्य स्थापित हो और संसार से दुष्टता और पाप का अन्त हो।

बैतलहम का शिशु अब सृष्टि का राजा बन कर आने वाला है और उसका न्याय तथा धार्मिकता का सिंहासन कभी नहीं टलेगा, जैसी उसके विष्य में भविष्यवाणीयाँ सदियों पहले करी गई हैं।

क्या आप उसके इस दूसरे आगमन और न्याय के लिए तैयार हैं? - डेनिस डी हॉन


भविष्यवाणीयाँ समय में पूर्व से लिखा गया इतिहास हैं।

हे बेतलेहेम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीन काल से, वरन अनादि काल से होता आया है। - मीका ५:२

बाइबल पाठ: मीका ५:१-५

Mic 5:1 अब हे बहुत दलों की स्वामिनी, दल बान्ध-बान्धकर इकट्ठी हो, क्योंकि उस ने हम लोगों को घेर लिया है; वे इस्राएल के न्यायी के गाल पर सोंटा मारेंगे।
Mic 5:2 हे बेतलेहेम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीन काल से, वरन अनादि काल से होता आया है।
Mic 5:3 इस कारण वह उनको उस समय तक त्यागे रहेगा, जब तक जच्चा उत्पन्न न करे; तब इस्राएलियों के पास उसके बचे हुए भाई लौटकर उन से मिल जाएंगे।
Mic 5:4 और वह खड़ा हो कर यहोवा की दी हुई शक्ति से, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम के प्रताप से, उनकी चरवाही करेगा। और वे सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि अब वह पृथ्वी की छोर तक महान्‌ ठहरेगा।
Mic 5:5 और वह शान्ति का मूल होगा, जब अश्शूरी हमारे देश पर चढ़ाई करें, और हमारे राजभवनों में पांव धरें, तब हम उनके विरूद्ध सात चरवाहे वरन आठ प्रधान मनुष्य खड़ें करेंगे।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २०-२२
  • प्रेरितों २१:१-१७

रविवार, 17 जुलाई 2011

आनन्द का रहस्य

बाइबल के पुराने नियम की एक छोटी सी पुस्तक है हबक्कुक भविष्यद्वक्ता की पुस्तक; इस पुस्तक में केवल तीन अध्याय हैं। इन तीन संक्षिपत अध्यायों में हम भविष्यद्वक्ता में जीवन के प्रति उसके दृष्टिकोण में एक अद्भुत परिवर्तन होते देखते हैं। पुस्तक का आरंभ होता है दुष्टों और दुष्टता को बढ़ते पनपते देखने से भविष्यद्वक्ता की घोर निराशा और परमेश्वर से उठाए जा रहे अपनी निराशा के कारणों से संबंधित प्रश्न से, लेकिन अन्त होता है भविष्यद्वक्ता द्वारा परमेश्वर की आराधना और आनन्द के शिखर पर होने के अनुभव के साथ।

इस अद्भुत परिवर्तन का कारण क्या है? क्यों हबक्कुक ने अपनी निराशा और परमेश्वर के प्रति शिकायत से आरंभ तो किया लेकिन परमेश्वर की आरधना के गीत से अन्त किया? इन प्रश्नों का उत्तर दूसरे अध्याय की तीन पदों में मिलता है। परमेश्वर ने हबक्कुक को ना केवल दुष्टों के होने वाले न्याय के बारे में बताया, दुष्टों की दुष्टता के बावजूद उनके फलते फुलते होने से परेशान भविष्यद्वक्ता को परमेश्वर ने यह भी समझाया कि, "देख, उसका मन फूला हुआ है, उसका मन सीधा नहीं है; परन्तु धर्मी अपने विश्वास के द्वारा जीवित रहेगा" (हबक्कुक २:४)। साथ ही परमेश्वर ने हबक्कुक को आश्वस्त किया कि वह दिन भी आएगा जब "पृथ्वी यहोवा की महिमा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसे समुद्र जल से भर जाता है" (हबक्कुक २:१४); और उसे इन बातों से परेशान होने की बजाए धैर्य रखने तथा निश्चिंत रहने को कहा क्योंकि "यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे" (हबक्कुक २:२०)।

परमेश्वर से मिले सांत्वना के इन तीन अद्भुत सत्यों ने जीवन के प्रति हबक्कुक का दृष्टिकोण बदल दिया और उसे निराशा की अन्धेरी गहराईयों से निकाल कर आराधना की उज्जवल ऊँचाईयों पर ला खड़ा किया। अपने चारों ओर की परिस्थितियों से हटा कर जब भविष्यद्वक्ता ने अपनी नज़रें परमेश्वर पर टिकाईं तो उसे निराशा छोड़ कर हर परिस्थिति में आनन्दित रहने का स्त्रोत मिल गया।

आज भी जब हम अपने चारों ओर दुष्टता को बढ़ता और फलता फूलता देख कर निराश होते हैं और हमारे मन में परमेश्वर के न्याय के बारे में प्रश्न उठते हैं तो हबक्कुक का उदाहरण हमें हर परिस्थिति में आनन्दित रहने का रहस्य सिखाता है। भविष्यद्वक्ता के समान हमें भी परमेश्वर के उचित समय और उसके कभी न टलने वाले खरे न्याय में अपने विश्वास को बनाए रखना है और उस समय की बाट जोहते रहना है जब प्रभु यीशु मसीह का दोबारा आगमन होगा और वह धार्मिकता और शांति का अपना राज्य स्थापित करेगा। अपने विश्वास को उसमें बनाए रखना ही हर परिस्थिति में आनन्दित रहने का रहस्य है। - रिचर्ड डी हॉन


अपना दृष्टिकोण सुधारने के लिए अपनी दृष्टि परमेश्वर पर लगाए रखिए।

क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा। - हबक्कुक ३:१७, १८

बाइबल पाठ: हबक्कुक १:१-४; ३:१७-१९
Hab 1:1 भारी वचन जिसको हबक्कूक नबी ने दर्शन में पाया।
Hab 1:2 हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख “उपद्रव”, “उपद्रव” चिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा?
Hab 1:3 तू मुझे अनर्थ काम क्यों दिखाता है? और क्या कारण है कि तू उत्पात को देखता ही रहता है? मेरे साम्हने लूट-पाट और उपद्रव होते रहते हैं और झगड़ा हुआ करता है और वादविवाद बढ़ता जाता है।
Hab 1:4 इसलिये व्यवस्था ढीली हो गई और न्याय कभी नहीं प्रगट होता। दुष्ट लोग धर्मी को घेर लेते हैं; सो न्याय का खून हो रहा है।

Hab 3:17 क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों,
Hab 3:18 तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।
Hab 3:19 यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पांव हरिणों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊंचे स्थानों पर चलाता है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १८-१९
  • प्रेरितों २०:१७-३८

शनिवार, 16 जुलाई 2011

झूठे अगुवे, झूठे दावे

शोधकर्ताओं तथा वैज्ञानिकों के विष्य में माना जाता है कि वे तथ्यों को एकत्रित करते हैं और तथ्यों के आधार पर ही कोई निष्कर्ष देते हैं। लेकिन कई दफा यह धारणा गलत साबित हुई है। एक समाचार पत्र ने, एक ऐसे ही प्रकाशित निष्कर्ष के बारे में, भारी गलतियों का खुलासा किया। कुछ शोधकर्ताओं ने यह जांचना चाहा कि जो लोग नशे की आदत से छुटकारा पा लेते हैं, क्या वे दोबारा नशे का सेवन बिना उसकी आदत में फिर से पड़े कर सकते हैं कि नहीं। शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्ष में दावा किया कि वे बिना दोबारा लत में पड़े नशा कर सकते हैं। लेकिन समाचार पत्र द्वारा इस दावे की गहन जाँच करने से पता चला कि शोधकर्ताओं ने अपने शोध की गलत रिपोर्ट प्रकाशित करवाई थी। जिन नशे की लत से छूटे लोगों ने दोबारा नशे का सेवन आरंभ किया था वे बहुत बुरे हाल में थे और कई समस्याओं से घिरे हुए थे। कुछ ने तो आत्महत्या तक कर ली थी। अब निष्कर्ष यह था कि वे शोधकर्ता विश्वासयोग्य नहीं थे।

शोधकर्ताओं और वैज्ञनिकों से भी अधिक, धर्म के अगुवों को कभी भी कोई झूठा दावा करने से बच कर रहना चाहिए। लेकिन ऐसा होता नहीं है। अपने स्वार्थसिद्धि के लिए झुठे दावे कर के लोगों को बहकाने वाले धर्म के अगुवों की कमी नहीं है, और आए दिन उनके झूठे दावों और कारनामों के विवरण समाचार पत्रों में छपते रहते हैं। ये अगुवे, लोगों को वही सुनाते और बताते हैं, जो और जैसा वे लोग सुनना चाहते हैं। इन अगुवों के शाँति तथा उम्मीद के दावे केवल चतुराई से रचा गया झूठ का पुलिंदा भर होते हैं।

हम भी बहकाए जाकर ऐसे अगुवों के जाल में फंस सकते हैं यदि हम भी केवल अपनी इच्छानुसार बातें सुनने की लालसा रखते हैं। हम भी यह मानने की गलती कर सकते हैं कि हर अगुवा सत्य ही बोलता है। बहकावे में आने से बचने के लिए और नुकसान में फंसने के लिए अनिवार्य है कि हम परमेश्वर के वचन को अपने हृदयों में अधिकाई से बसने दें (कुलुस्सियों ३:१६) और हर संदेश और शिक्षा को परमेश्वर वचन के समक्ष रखकर जाँचें और तब ही उसे ग्रहण करें (१ थिस्सलुनिकियों ५:२१)।

जब हम परमेश्वर के वचन में स्थिर बने रहेंगे तो परमेश्वर का आत्मा और वचन हमें झूठे दावों में फंसने और नुकसान उठाने से भी बचाए रखेंगे। - मार्ट डी हॉन


समझदारी की पहली पहचान है सत्य को जानना और दूसरी है अस्त्य को पहचान पाना।

मसीह के वचन को अपने ह्रृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। - कुलुस्सियों ३:१६


सब बातों को परखो: जो अच्‍छी है उसे पकड़े रहो। - १ थिस्सलुनिकियों ५:२१

बाइबल पाठ: यहूदा १:१-२५

Jud 1:1 यहूदा की ओर से जो यीशु मसीह का दास और याकूब का भाई है, उन बुलाए हुओं के नाम जो परमेश्वर पिता में प्रिय और यीशु मसीह के लिये सुरक्षित हैं।
Jud 1:2 दया और शान्‍ति और प्रेम तुम्हें बहुतायत से प्राप्‍त होता रहे।
Jud 1:3 हे प्रियो, जब मैं तुम्हें उस उद्धार के विषय में लिखने में अत्यन्‍त परिश्रम से प्रयत्‍न कर रहा था, जिस में हम सब सहभागी हैं तो मैं ने तुम्हें यह समझाना आवश्यक जाना कि उस विश्वास के लिये पूरा यत्‍न करो जो पवित्र लोगों को एक ही बार सौंपा गया था।
Jud 1:4 क्‍योंकि कितने ऐसे मनुष्य चुपके से हम में आ मिले हैं, जिन के इस दण्‍ड का वर्णन पुराने समय में पहिले ही से लिखा गया था: ये भक्तिहीन हैं, और हमारे परमेश्वर के अनुग्रह को लुचपन में बदल डालते है, और हमारे अद्वैत स्‍वामी और प्रभु यीशु मसीह का इन्‍कार करते हैं।
Jud 1:5 पर यद्यपि तुम सब बात एक बार जान चुके हो, तौभी मैं तुम्हें इस बात की सुधि दिलाना चाहता हूं, कि प्रभु ने एक कुल को मिस्र देश से छुड़ाने के बाद विश्वास न लाने वालों को नाश कर दिया।
Jud 1:6 फिर जो र्स्‍वगदूतों ने अपने पद को स्थिर न रखा वरन अपने निज निवास को छोड़ दिया, उस ने उन को भी उस भीषण दिन के न्याय के लिये अन्‍धकार में जो सदा काल के लिये है बन्‍धनों में रखा है।
Jud 1:7 जिस रीति से सदोम और अमोरा और उन के आस पास के नगर, जो इन की नाई व्यभिचारी हो गए थे और पराये शरीर के पीछे लग गए थे आग के अनन्‍त दण्‍ड में पड़ कर दृष्‍टान्‍त ठहरे हैं।
Jud 1:8 उसी रीति से ये स्‍वप्‍नदर्शी भी अपने अपने शरीर को अशुद्ध करते, और प्रभुता को तुच्‍छ जानते हैं और ऊंचे पद वालों को बुरा भला कहते हैं।
Jud 1:9 परन्‍तु प्रधान स्‍वर्गदूत मीकाईल ने, जब शैतान से मूसा की लोथ के विषय में वाद-विवाद करता था, तो उस को बुरा भला कह के दोष लगाने का साहस न किया पर यह कहा, कि प्रभु तुझे डांटे।
Jud 1:10 पर ये लोग जिन बातों को नहीं जानते, उन को बुरा भला कहते हैं; पर जिन बातों को अचेतन पशुओं की नाई स्‍वभाव ही से जानते हैं, उन में अपने आप को नाश करते हैं।
Jud 1:11 उन पर हाय! कि वे कैन की सी चाल चले, और मजदूरी के लिये बिलाम की नाई भ्रष्‍ट हो गए हैं: और कोरह की नाई विरोध कर के नाश हुए हैं।
Jud 1:12 यह तुम्हारी प्रेम सभाओं में तुम्हारे साथ खाते-पीते, समुद्र में छिपी हुई चट्टान सरीखे हैं, और बेधड़क अपना ही पेट भरने वाले रख वाले हैं; वे निर्जल बादल हैं जिन्‍हें हवा उड़ा ले जाती है; पतझड़ के निष्‍फल पेड़ हैं, जो दो बार मर चुके हैं और जड़ से उखड़ गए हैं।
Jud 1:13 ये समुद्र के प्रचण्‍ड हिलकोरे हैं, जो अपनी लज्ज़ा का फेन उछालते हैं: ये डांवाडोल तारे हैं, जिन के लिये सदा काल तक घोर अन्‍धकार रखा गया है।
Jud 1:14 और हनोक ने भी जो आदम से सातवीं पीढ़ी में था, इन के विषय में यह भविष्यद्ववाणी की, कि देखो, प्रभु अपने लाखों पवित्रों के साथ आया।
Jud 1:15 कि सब का न्याय करे, और सब भक्तिहीनों को उन के अभक्ति के सब कामों के विषय में, जो भक्तिहीन पापियों ने उसके विरोध में कही हैं, दोषी ठहराए।
Jud 1:16 ये तो असंतुष्‍ट, कुड़कुड़ाने वाले, और अपनी अभिलाषाओं के अनुसार चलने वाले हैं; और अपने मुंह से घमण्‍ड की बातें बोलते हैं और वे लाभ के लिये मुंह देखी बड़ाई किया करते हैं।
Jud 1:17 पर हे प्रियों, तुम उन बातों को स्मरण रखो जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रेरित पहिले कह चुके हैं।
Jud 1:18 वे तुम से कहा करते थे, कि पिछले दिनों में ऐसे ठट्ठा करने वाले होंगे, जो अपनी अभक्ति की अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे।
Jud 1:19 ये तो वे हैं, जो फूट डालते हैं, ये शारीरिक लोग हैं, जिन में आत्मा नहीं।
Jud 1:20 पर हे प्रियों तुम अपने अति पवित्र विश्वास में अपनी उन्नति करते हुए और पवित्र आत्मा में प्रार्थना करते हुए।
Jud 1:21 अपने आप को परमेश्वर के प्रेम में बनाए रखो और अनन्‍त जीवन के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह की दया की आशा देखते रहो।
Jud 1:22 और उन पर जो शंका में हैं दया करो।
Jud 1:23 और बहुतों को आग में से झपट कर निकालो, और बहुतों पर भय के साथ दया करो; वरन उस वस्‍त्र से भी घृणा करो जो शरीर के द्वारा कलंकित हो गया है।
Jud 1:24 अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपनी महिमा की भरपूरी के साम्हने मगन और निर्दोष कर के खड़ा कर सकता है।
Jud 1:25 उस अद्वैत परमेश्वर हमारे उद्धारकर्ता की महिमा, और गौरव, और पराक्रम, और अधिकार, हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जैसा सनातन काल से है, अब भी हो और युगानुयुग रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १६-१७
  • प्रेरितों २०:१-१६

शुक्रवार, 15 जुलाई 2011

किसका भय मानें

एक लड़के ने, जो दूसरे विश्वयुद्ध के समय हौलैण्ड के नाट्ज़ी सेनाओं के कबज़े वाले इलाके में रहता था, अपनी डायरी में लिखा, "पिछले सप्ताह तीन जर्मन सैनिकों ने मेरे पिताजी को घर के गलियारे में घेर लिया। उन्होंने बन्दूक के ज़ोर पर उन्हें मजबूर किया कि घर के तहखाने के रास्ते को खोलें। उनमें से एक ने पिताजी को आज्ञा दी कि कमरों के नीचे की जगह में रेंग कर जाकर दिखाएं कि हथियार कहाँ छिपा कर रखे हैं, अन्यथा वे उन्हें गोली मार देंगे। मेरे पिता कोई बहुत बहादुर व्यकति नहीं हैं, वे तो दन्त-चिकित्सक तक से डरते हैं। उन सैनिकों में से एक ने उनकी कनपट्टी पर अपनी पिस्तौल रखकर उसका घोड़ा दबाते हुए जब उन्हें धमकाया, तो पिता जी ने बाइबल का वह पद बोलना आरंभ कर दिया जो उनके ध्यान में आ रहा था: ’जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है’ (मत्ती १०:२८)। उन जर्मन सैनिकों ने विस्मित होकर एक दूसरे को देखा और फिर अपने कंधे झटक कर उन्हें छोड़ कर चले गए।"

अनेक प्रकार के भय कई दफा मसीही विश्वासियों को सताते हैं। कुछ तो अस्पष्ट और बेबुनियाद घबराहट से ही ग्रस्त रहते हैं। यह सब हमें हमारे भरोसे और आनन्द से वंचित करते हैं और हमारे आत्मिक स्वास्थ्य की हानि तथा हमारे मसीह के लिए प्रभावी होने को बाधित करते हैं। बाइबल में इस समस्या का उत्तर भी दिया गया है - हर भय को परमेश्वर के भय के आधीन ले आना। जब हम परमेश्वर के भय को भली-भाँति सीख जाएंगे तो फिर किसी भय से भयभीत नहीं होंगे।

हौलैण्ड के उस लड़के के पिता के समान, जब हम परमेश्वर के भय को सर्वोपरि रखेंगे तो हमारे लिए अन्य प्रत्येक भय अपने आप ही सही परिपेक्ष में आ जाएगा। - डेव एगनर


हमें इस संसार के किसी अंधकार से डरने की कोई आवश्यक्ता नहीं है क्योंकि संसार की ज्योति, प्रभु यीशु मसीह सदा हमारे साथ बना रहता है।

जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है। - मत्ती १०:२८


बाइबल पाठ: मत्ती १०:२४-३३

Mat 10:24 चेला अपने गुरू से बड़ा नहीं और न दास अपने स्‍वामी से।
Mat 10:25 चेले का गुरू के, और दास का स्‍वामी के बाराबर होना ही बहुत है; जब उन्‍होंने घर के स्‍वामी को शैतान कहा तो उसके घरवालों को क्‍यों न कहेंगे?
Mat 10:26 सो उन से मत डरना, क्‍योंकि कुछ ढंपा नहीं, जो खोला न जाएगा और न कुछ छिपा है, जो जाना न जाएगा।
Mat 10:27 जो मैं तुम से अन्‍धियारे में कहता हूं, उसे उजियाले में कहो; और जो कानों कान सुनते हो, उसे कोठों पर से प्रचार करो।
Mat 10:28 जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है।
Mat 10:29 क्‍या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकती? तौभी तुम्हारे पिता की इच्‍छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती।
Mat 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।
Mat 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।
Mat 10:32 जो कोई मनुष्यों के साम्हने मुझे मान लेगा, उसे मैं भी उसे स्‍वर्गीय पिता के साम्हने मान लूंगा।
Mat 10:33 पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्‍कार करेगा उस से मैं भी अपने स्‍वर्गीय पिता के साम्हने इन्‍कार करूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १३-१५
  • प्रेरितों १९:२१-४१

गुरुवार, 14 जुलाई 2011

प्रेरणा का सर्वोत्तम स्त्रोत

पहली कक्षा के छात्र क्रेग का चेहरा खिला हुआ और बड़ी सी मुस्कान से सजा हुआ था। बड़े गर्व से उसने अपने अंग्रेज़ी शब्दों की वर्तनी का परीक्षाफल, जिस पर उसकी अध्यापिका ने लिखा था - "१०० - बहुत अच्छा" मुझे दिखाया और कहा, "मैंने यह अपनी मम्मी और डैडी को भी दिखाया क्योंकि मैं जानता था कि वे इससे बहुत खुश होंगे।" उस बच्चे के लिए अपने माँ बाप को खुश करना प्रेरणा का एक बड़ा स्त्रोत था।

पौलुस ने तिमुथियुस को एक ऐसे सैनिक के उदाहरण द्वारा सिखाया जो अपने सेनापति की प्रसन्नता के लिए कोई भी जोखिम उठाने को सर्वदा तैयार रहता है, जिससे तिमुथियुस परमेश्वर की सेवा के मर्म को समझ सके, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो (२ तिमुथियुस २:३, ४)। हमारी श्रद्धा परमेश्वर को तब ही भाती है जब वह परमेश्वर के नियमों का गंभीरता से पालन और उसकी आज्ञाकारिता के लिए भरपूर मेहनत के साथ उसको एक पूर्णतः समर्पित एवं प्रेम पूर्ण हृदय से अर्पित करी गई हो।

परमेश्वर की सेवा करने के लिए हमारे पास कई उद्देश्य हो सकते हैं, लेकिन परमेश्वर को हम सर्वोत्तम महिमा तब ही देते हैं जब हम आनन्द सहित केवल वही करना चाहते हैं जिससे वह प्रसन्न होता है। हमारे उद्धारकर्ता ने भी, अपने मानवीय जीवन में, क्रूस पर हम सब के पापों के लिए बलिदान होने से पहले, हृदय की बड़ी व्यथा सही; लेकिन उसकी परमेश्वर से उस समय भी यही प्रार्थना थी, "...मेरी नहीं परन्‍तु तेरी ही इच्‍छा पूरी हो" (लूका २२:४२)। हमारा उद्देश्य भी अपने उद्धारकर्ता के समान सदा ही हर बात में परमेश्वर पिता की प्रसन्नता ही होना चाहिए।

परमेश्वर को प्रसन्न करना ही उसकी आज्ञाकारिता के लिए सर्वोत्तम प्रेरणा है और हमारा परमेश्वर का भय मानने का प्रमाण भी। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


मनुष्य कार्यों द्वारा परखता है, परन्तु परमेश्वर मन के उद्देश्यों को देखता है।

तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ। - कुलुसियों १:१०


बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस २:१-१३

2Ti 2:1 इसलिये हे मेरे पुत्र, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्‍त हो जा।
2Ti 2:2 और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी है, उन्‍हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों।
2Ti 2:3 मसीह यीशु के अच्‍छे योद्धा की नाईं मेरे साथ दुख उठा।
2Ti 2:4 जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करने वाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता;
2Ti 2:5 फिर अखाड़े में लडने वाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता।
2Ti 2:6 जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।
2Ti 2:7 जो मैं कहता हूं, उस पर ध्यान दे और प्रभु तुझे सब बातों की समझ देगा।
2Ti 2:8 यीशु मसीह को स्मरण रख, जो दाऊद के वंश से हुआ, और मरे हुओं में से जी उठा और यह मेरे सुसमाचार के अनुसार है।
2Ti 2:9 जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाईं दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं परन्‍तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं।
2Ti 2:10 इस कारण मैं चुने हुए लोगों के लिये सब कुछ सहता हूं, कि वे भी उस उद्धार को जो मसीह यीशु में हैं अनन्‍त महिमा के साथ पाएं।
2Ti 2:11 यह बात सच है, कि यदि हम उसके साथ मर गए हैं तो उसके साथ जीएंगे भी।
2Ti 2:12 यदि हम धीरज से सहते रहेंगे, तो उसके साथ राज्य भी करेंगे : यदि हम उसका इन्‍कार करेंगे तो वह भी हमारा इन्‍कार करेगा।
2Ti 2:13 यदि हम अविश्वासी भी हों तौ भी वह विश्वासयोग्य बना रहता है, क्‍योंकि वह आप अपना इन्‍कार नहीं कर सकता।

एक साल में बाइबल:
  • भजन १०-१२ प्
  • रेरितों १९:१-२०