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मंगलवार, 12 जून 2012

सही उपयोग

   अपनी मनोरंजक पुस्तक Eats, Shoots & Leaves में लेखिका लिन ट्रस, वर्तमान समय में लेखन में विराम चिन्हों के गलत उपयोग और उन के कारण उत्पन्न होने वाली गलत समझ की कहानी बताती हैं। इस बात का एक उदाहरण है एक पाण्डा की कहानी। पाण्डा चीन में पाया जाने वाला भालू प्रजाति और सौम्य प्रवृति का एक जानवर है जो बांस की कोंपलें (shoots) और कोमल पत्तियां खाना पसन्द करता है। कहानी में एक पाण्डा एक होटल में प्रवेश करता है, अपने खाने के लिए सैन्डविच मंगाता है, सैण्डविच खाकर फिर वह बन्दूक निकालता है और गोलियां चलाने लगता है। जब होटल का वेटर उस से उस के इस व्यवहार के कारण को पूछता है तो पाण्डा उसे जंगल और जंगली जानवरों की जानकारी देने वाली एक पुस्तिका की प्रति देता है, जिसमें विराम चिन्हों का ठीक उपयोग नहीं हुआ है, और उस से कहता है कि इसमें से पाण्डा के बारे में दी गई जानकारी पढ़ो। वेटर पुस्तिका में से पाण्डा की जानकारी वाला पृष्ठ निकालता है, और वहां उसे लिखा मिलता है: "Panda: Large black-and-white bear-like mammal, native to China. Eats, shoots and leaves" - जिसका अनुवाद बनता है - "पाण्डा: चीन में रहने वाला, बड़ा काले-सफेद रंग का भालू के समान जानवर। खाता है, गोली चलाता है और चला जाता है।" अन्तिम वाक्य में Eats के बाद लगे गलत अल्पविराम ने वाक्य का अर्थ ही बदल डाला। लिखने वाले का तात्पर्य था बांस की कोंपलें तथा कोमल पत्तियां खाता है, लेकिन गलत जगह लगे अल्पविराम ने वाक्य का अर्थ कुछ और ही कर दिया।

   भाषा के साथ सावधानी बरतना परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में भी अति महत्वपूर्ण है। प्रेरित पौलुस ने इस बात के संदर्भ में लिखा, "अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्‍न कर, जो लज्ज़ित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो" (२ तिमुथियुस २:१५)। जिस वाक्यांश का अनुवाद "ठीक रीति से काम में लाना" हुआ है वह मूल भाषा में किसी कुशल कारीगर द्वारा बिलकुल सीध में तराशने या काटने के लिए प्रयोग होता था; अर्थात पौलुस प्रेरित के कहने का तात्पर्य था कि एक कुशल कारिगर के समान परमेश्वर के वचन की व्याख्या ऐसे कर कि जिस से उस में कोई टेढ़ा या बांकापन ना आने पाए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में यह तब  ही संभव है जब परमेश्वर को अपने आप को समर्पित कर के, परमेश्वर की पवित्र आत्मा की अगुवाई में बाइबल का ध्यान पूर्वक अध्ययन करना जीवन का अभिन्न अंग बन जाए। तब ही परमेश्वर के वचन के गूढ़ सत्य सही रीति से समझ में आते हैं और फिर किसी को सही रीति से सिखाए जा सकते हैं। यह सतत प्रयास प्रत्येक सच्चे मसीही विश्वासी का कर्तव्य है; उसके जीवन से परमेश्वर के वचन का दुरुपयोग या निरादर कभी नहीं होना चाहिए, किसी को कोई गलत शिक्षा कभी नहीं जानी चाहिए। - डेनिस फिशर

 
अपने आप को बाइबल के अध्ययन में, और बाइबल को अपने जीवन में लागू कीजिए।
 
अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्‍न कर, जो लज्ज़ित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो। - २ तिमुथियुस २:१५
 
बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस २:१-१५
2Ti 2:1 इसलिये हे मेरे पुत्र, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्‍त हो जा।
2Ti 2:2 और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी है, उन्‍हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों।
2Ti 2:3 मसीह यीशु के अच्‍छे योद्धा की नाईं मेरे साथ दुख उठा।
2Ti 2:4  जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करने वाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता;
2Ti 2:5  फिर अखाड़े में लड़ने वाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता।
2Ti 2:6  जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए।
2Ti 2:7  जो मैं कहता हूं, उस पर ध्यान दे और प्रभु तुझे सब बातों की समझ देगा।
2Ti 2:8  यीशु मसीह को स्मरण रख, जो दाऊद के वंश से हुआ, और मरे हुओं में से जी उठा, और यह मेरे सुसमाचार के अनुसार है।
2Ti 2:9 जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाईं दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्‍तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं।
2Ti 2:10  इस कारण मैं चुने हुए लोगों के लिये सब कुछ सहता हूं, कि वे भी उस उद्धार को जो मसीह यीशु में हैं अनन्‍त महिमा के साथ पाएं।
2Ti 2:11   यह बात सच है, कि यदि हम उसके साथ मर गए हैं तो उसके साथ जीएंगे भी।
2Ti 2:12  यदि हम धीरज से सहते रहेंगे, तो उसके साथ राज्य भी करेंगे : यदि हम उसका इन्‍कार करेंगे तो वह भी हमारा इन्‍कार करेगा।
2Ti 2:13  यदि हम अविश्वासी भी हों तौभी वह विश्वासयोग्य बना रहता है, क्‍योंकि वह आप अपना इन्‍कार नहीं कर सकता।
2Ti 2:14  इन बातों की सुधि उन्‍हें दिला, और प्रभु के साम्हने चिता दे, कि शब्‍दों पर तर्क-वितर्क न किया करें, जिन से कुछ लाभ नहीं होता, वरन सुनने वाले बिगड़ जाते हैं।
2Ti 2:15  अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्‍न कर, जो लज्ज़ित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • एज़रा ३-५ 
  • यूहन्ना २०

सोमवार, 11 जून 2012

सहायता

   कोनेटिकट प्रांत के वाटरबेरी अस्पताल में शल्य चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष, डॉक्टर स्कौट कुर्टज़मैन, एक भाषण देने के लिए जा रहे थे के मार्ग में उन्होंने भयानक दुर्घटना का दश्य मिला जिसमें २० गाड़ियां फंसी हुई थीं। डॉक्टर स्कौट ने तुरंत रुक कर सहायता कार्य आरंभ कर दिया, और अगले ९० मिनिट तक टूटी और आपस में फंसी गाड़ियों में घुस घुस कर घायलों का पता किया, उन्हें बाहर निकाला और उनका प्राथमिक उपचार किया। जब सभी घायल निकाल कर निकट के अस्पतालों में पहुंचा दिए गए, तब ही वे वहां से आगे चले। बाद में इस घटना पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "मेरी जैसी योग्यताओं वाला कोई व्यक्ति किसी घायल को नज़रंदाज़ करके कैसे जा सकता था? मैं ऐसा बेपरवाही का जीवन नहीं जी सकता।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रभु यीशु ने, ऐसे ही किसी दूसरे की सहायता के लिए रुकने वाले व्यकि की नीतिकथा बयान करी (लूका १०:३०-३७)। उन्होंने जो कहा उसका सार इस प्रकार है: एक यहूदी व्यक्ति मार्ग में जाते हुए डाकुओं द्वारा घेर कर मारा-पीटा और लूटा गया और नंगा तथा अधमुआ करके मार्ग के किनारे छोड़ दिया गया। वहां से निकलने वाले परमेश्वर के मन्दिर के एक पुजारी और मन्दिर के एक और सेवक ने उसे देखा किंतु वे उससे मुंह फेर कर ऐसे ही चले गए। फिर वहां से एक सामरी व्यक्ति निकला; यद्यपि सामरी लोग यहूदियों द्वारा तुच्छ और अछूत समझे जाते थे फिर भी वह रुका, उस घायल की सहायता करी, उसके घावों की सफाई और देखभाल करी और उसे उठाकर एक सराय में लाया; वहां सराय के मालिक को उस घायल व्यक्ति की देखभाल का खर्चा दिया तथा सराय के स्वामी को आश्वासन दिया कि यदि और भी खर्चा होगा तो लौटते समय वह भी भर देगा।

   हमारे चारों ओर संसार में अनेक लोग ऐसे हैं जिन्हें हमारी सहायता की आवश्यक्ता है; कोई मानसिक रूप से आहत है तो कोई शारीरिक या सामाजिक या पारिवारिक रूप से। सभी को किसी न किसी रूप में सांत्वना और सहायता देने वाला कोई सहायक चाहिए। सच्ची शांति और समस्या का समाधान तो परमेश्वर प्रभु यीशु के पास ही है, लेकिन हम जो प्रभु यीशु के अनुयायी हैं, अपने प्रयासों और सेवा द्वारा प्रभु यीशु में मिलने वाली उस शांति और सहृदयता का एक नमूना उस दुखी जन के समक्ष रख सकते हैं, उसे उस सच्ची शांति देने वाले की ओर इशारा दे सकते हैं। - मार्विन विलियम्स


करुणा सदा कार्यशील रहती है।


... तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। - लूका १०:२७

बाइबल पाठ: लूका १०:३०-३७
Luk 10:30  यीशु ने उत्तर दिया, कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेर कर उसके कपड़े उतार लिए, और मार पीट कर उसे अधमूआ छोड़ कर चले गए।
Luk 10:31 और ऐसा हुआ कि उसी मार्ग से एक याजक जा रहा था: परन्‍तु उसे देख के कतराकर चला गया।
Luk 10:32  इसी रीति से एक लेवी उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतराकर चला गया।
Luk 10:33 परन्‍तु एक सामरी यात्री वहां आ निकला, और उसे देख कर तरस खाया।
Luk 10:34 और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियां बान्‍धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की।
Luk 10:35  दूसरे दिन उस ने दो दिनार निकाल कर भटियारे को दिए, और कहा इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा।
Luk 10:36  अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा?
Luk 10:37  उस ने कहा, वही जिस ने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।


एक साल में बाइबल: 

  • एज़रा १-२ 
  • यूहन्ना १९:२३-४२

रविवार, 10 जून 2012

प्रार्थना

   एम्मा ग्रे ने, ९५ वर्ष की होकर, जून २००९ में अपनी जीवन यात्रा समाप्त करी। दो दशक से भी अधिक समय तक, वे एक बहुत विशाल मकान में, वहां की साफ-सफाई का कार्य करती रहीं। प्रति रात्रि, अपने कार्य को करने के उपरांत वे नियम से उस मकान में रहने वाले अपने अधिकारी के लिए आशीष, बुद्धिमानी और सुरक्षा की प्रार्थना करती थीं।

   एम्मा ने तो उस मकान में २४ वर्ष कार्य किया, किंतु उस मकान में रहने वाला अधिकारी लगभग प्रति ४ वर्ष बदल जाता था। अपनी सेवा के कार्यकाल में एम्मा ने प्रति रात्रि अमेरिका के छः राष्ट्रपतियों, आइज़िनहौवर, कैनिडी, जौनसन, निक्सन, फोर्ड और कार्टर, के लिए प्रार्थनाएं करीं।

   चाहे व्यक्तिगत रूप से एम्मा के लिए कोई भी उनका पसंदीदा राष्ट्रपति रहा हो, उनकी प्रार्थना प्रत्येक के लिए समान रहती थी। यह एम्मा को परमेश्वर के वचन बाइबल से मिले निर्देशों की आज्ञाकारिता में था, जहां १ तिमुथियुस २:१, २ में लिखा है: "अब मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थाना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं। राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं।" इस के आगे के पद बताते हैं कि लोगों के लिए प्रार्थना करना परमेश्वर को भाता है और वह चाहता है कि सब का उद्धार हो और वे सत्य को पहचानें।

   क्योंकि "यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धमिर्यों की प्रार्थना सुनता है" (नीतिवचन १५:२९), एम्मा की प्रार्थनाओं का उन राष्ट्रपतियों के जीवन और कार्यविधि पर क्या क्या प्रभाव हुआ, यह आने वाला अनन्त ही उजागर करेगा, क्योंकि परमेश्वर का वचन यह भी बताता है कि "राजा का मन नालियों के जल की नाईं यहोवा के हाथ में रहता है, जिधर वह चाहता उधर उसको फेर देता है" (नीतिवचन २१:१)।

   एम्मा के समान, हम मसीही विश्वासियों को भी नियमित रूप से अपने अधिकारियों और अगुवों के लिए प्रार्थनाएं करते रहना चाहिएं जिससे उनके जीवन में परमेश्वर की शांति, बुद्धिमानी और आशीष रहे और उसके प्रतिफल स्वरूप हमारी सुख समृद्धि होती रहे। - सिंडी हैस कैस्पर


अगुवों और अधिकारियों को परमेश्वर के निमित प्रभावी बनाने के लिए, परमेश्वर के सम्मुख उनके लिए प्रार्थनाएं कीजिए।

राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त [प्रार्थना करो] इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं। - १ तिमुथियुस २:२

बाइबल पाठ: १ तिमुथियुस २:१-८
1Ti 2:1  अब मैं सब से पहिले यह उपदेश देता हूं, कि बिनती, और प्रार्थना, और निवेदन, और धन्यवाद, सब मनुष्यों के लिये किए जाएं।
1Ti 2:2  राजाओं और सब ऊंचे पद वालों के निमित्त इसलिये कि हम विश्राम और चैन के साथ सारी भक्ति और गम्भीरता से जीवन बिताएं।
1Ti 2:3 यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्‍छा लगता, और भाता भी है।
1Ti 2:4  वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो, और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें।
1Ti 2:5 क्‍योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है।
1Ti 2:6  जिस ने अपने आप को सब के छुटकारे के दाम में दे दिया ताकि उस की गवाही ठीक समयों पर दी जाए।
1Ti 2:7  मैं सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता, कि मैं इसी उद्देश्य से प्रचारक और प्रेरित और अन्यजातियों के लिये विश्वास और सत्य का उपदेशक ठहराया गया।
1Ti 2:8  सो मैं चाहता हूं, कि हर जगह पुरूष बिना क्रोध और विवाद के पवित्र हाथों को उठा कर प्रार्थना किया करें।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास ३४-३६ 
  • यूहन्ना १९:१-२२

शनिवार, 9 जून 2012

उचित

   "यह उचित नहीं है" आपने कई बार यह कहा नहीं तो सोचा अवश्य होगा। आप इस बात से भी सहमत होंगे कि किसी व्यक्ति को, उसके द्वारा करी गई किसी अनुचित बात के लिए बिना दण्ड मिले, बचकर निकल जाना देखना बहुत कड़ुवा अनुभव होता है। हम यह बात जीवन के आरंभिक दिनों ही में सीख लेते हैं; किसी भी किशोरावस्था के बच्चों के माता-पिता से पूछ कर देख लीजिए। बच्चों को, किसी ऐसी बात के लिए जिसके लिए उन्हें दण्ड भोगना पड़ा हो, अपने किसी भाई-बहिन को साफ बच कर निकलते देखना बिलकुल गंवारा नहीं है; इसीलिए वे एक दूसरे की शिकायत करने या उनका भांडा-फोड़ करने को तत्पर रहते हैं।

   हम इसे बचपना कह सकते हैं, पर हम अपने जीवन भर इस प्रवृति से निकल नहीं पाते हैं। हम व्यसकों के लिए "उचित" का अर्थ होता है कि वह दूसरा "पापी" परमेश्वर के न्याय, क्रोध और दण्ड का भागी होना चाहिए, और मुझ "धर्मी" को परमेश्वर से प्रशंसा और आशीष मिलनी चाहिए। किंतु सत्य तो यह है कि यदि परमेश्वर इसी प्रकार से "उचित" रहा होता तो हम सब कब के नाश हो गए होते! हम सब को परमेश्वर के आभारी होना चाहिए कि "उस ने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है" (भजन १०३:१०)।

   हमें कुड़कुड़ाना नहीं वरन धन्यवाद करना चाहिए कि परमेश्वर हम में से किसी को भी वह नहीं देता जो हमारे लिए "उचित" है, वरन अपने धैर्य, अपनी करुणा और अनुग्रह में हो कर हम से प्रेम और सहिषुण्ता के साथ व्यवहार करता है। वह अपनी करुणा और और अनुग्रह उन पर भी उंडेलेने को तैयार रहता है जो इसके सर्वथा अयोग्य हैं और उसके विमुख रहते हैं। ज़रा सा रुक कर अपने जीवन में झांक कर देखिए, आखिरी बार कब था जब आपने "न्याय" नहीं वरन सहनशीलता, करुणा और अनुग्रह से किसी ऐसे के प्रति व्यवहार किया जिसने आपकी कोई हानि करी?

   परमेश्वर का न्याय नहीं, वरन परमेश्वर का प्रेम है जो उसे बाध्य करता है कि वह आपको और मुझे पुकारता और ढ़ूंढ़ता हुआ आता है; और हमारे उसके पास लौट आने पर स्वर्ग में आनन्द मनाया जाता है (लूका १५:७)।

   व्यक्तिगत रीति से पूछिए तो मैं तो परमेश्वर का बहुत धन्यवादी और आभारी हूँ कि उसने मुझ से "उचित" व्यवहार नहीं किया है। क्या आप भी मेरे साथ सहमत हैं? - जो स्टोवैल


क्योंकि परमेश्वर ने पहले हम पर अपनी करुणा तथा दया दिखाई है, इसलिए हम भी दूसरों के प्रति यही व्यवहार प्रदर्शित कर सकते हैं।

उस ने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है। - भजन १०३:१०

बाइबल पाठ: भजन १०३:१-१४
Psa 103:1  हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!
Psa 103:2  हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
Psa 103:3  वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है,
Psa 103:4  वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है,
Psa 103:5  वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाईं नई हो जाती है।
Psa 103:6  यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है।
Psa 103:7  उस ने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए।
Psa 103:8  यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
Psa 103:9  वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
Psa 103:10  उस ने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है।
Psa 103:11  जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
Psa 103:12  उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उस ने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।
Psa 103:13  जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
Psa 103:14  क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है, और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास ३२-३३ 
  • यूहन्ना १८:१९-४०

शुक्रवार, 8 जून 2012

सहायता का हाथ

   कुछ समय पहले की बात है कि मैं अपने कुछ मित्रों के साथ नदी में मछली पकडने गया, और धीरे धीरे आगे बढ़ते बढ़ते, अनजाने ही में पानी के तेज़ बहाव वाले स्थान में पहुंच गया। यह एक जाना-माना तथ्य है कि तेज़ बहाव में जाना तो सरल है, पर सुरक्षित निकल पाना कठिन है। यह पहचान कर कि अब मैं जान के जोखिम वाली कठिन परिस्थिति में पड़ गया हूं, मेरे अन्दर से घबराहट उठने लगी। मैं एक कदम और इधर-उधर बढ़ाता, तो पानी की तेज़ धारा मुझे असंतुलित कर, बहा के ले जाती।

   ऐसे में मैंने वही किया जो मैं तब सोच सका; मैंने, मेरे निकट उपस्थित, मुझसे कम उम्र के और सामर्थी, एक मित्र को आवाज़ लगाई और सहायता मांगी। वह आया, अपना हाथ मेरी ओर बढ़ाया, और उसे पकड़ कर, और उसकी सहायता से मैं खतरे के स्थान से निकल कर सुरक्षित स्थान पर आ सका।

   इस घटना के कुछ दिन पश्चात जब मैं परमेश्वर के वचन बाइबल से भजन ११९ पढ़ रहा था, तो मैंने उसके १७३ पद में परमेश्वर के विषय में लिखा पाया: "तेरा हाथ मेरी सहायता करने को तैयार रहता है, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों को अपनाया है।" मेरा ध्यान उस दिन की घटना की ओर गया जब मेरी जोखिम की स्थिति में से मेरे मित्र के बढ़ाए हुए हाथ ने मुझे खींच कर निकाला था, और मुझे स्मरण हो आया कैसे जब अपनी क्षमताओं का गलत आंकलन करके मैं ने अपने आप को, अपने परिवार जनों और मित्रों को परेशानीयों में डाला, और वहां से परमेश्वर को पुकारा तो परमेश्वर ने हमें उन सब मुसीबतों से निकाला।

   संभव है कि मेरी ही तरह आप भी किसी ऐसी ही परेशानी या जोखिम में पड़े हैं; घबराइये मत, सहायता निकट ही है। एक ऐसा मित्र जो सर्वसामर्थी है, जिसका हाथ हर परिस्थिति में सुरक्षित थामे रहने में सक्षम है (भजन १३९:१०), आपके पुकारने भर की दूरी पर आपकी सहायता के लिए तत्पर खड़ा है। उसके लिए भजनकार ने लिखा: "तेरी भुजा बलवन्त है, तेरा हाथ शक्तिमान और तेरा दहिना हाथ प्रबल है" (भजन ८९:१३)।

   परमेश्वर को पुकार कर तो देखिए, उसके सामर्थी हाथों में अपने आप को निढाल छोड़कर तो देखिए; इस लोक या परलोक के लिए, उसके हाथों से सामर्थी और सुरक्षित सहायता के हाथ आपको कहीं नहीं मिलेंगे। - डेविड रोपर


हर परिस्थिति में परमेश्वर की सहायता का हाथ हमारे लिए उपलब्ध रहता है।

तेरा हाथ मेरी सहायता करने को तैयार रहता है, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों को अपनाया है। - भजन ११९:१७३

बाइबल पाठ: भजन १३९:७-१२
Psa 139:7  मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psa 139:8  यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psa 139:9  यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psa 139:10  तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psa 139:11  यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psa 139:12  तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास ३०-३१ 
  • यूहन्ना १८:१-१८

गुरुवार, 7 जून 2012

अनुग्रह के भण्डारी

   पिछले सप्ताह मुझे अनुग्रह दिखाने के अनेक अवसर मिले। मैं उन में बिलकुल सिद्ध तो नहीं रही, परन्तु जितना मैंने किया मैं उससे बहुत प्रसन्न थी; मैं विशेषकर एक परिस्थिति को लेकर अपने किए से बहुत संतुष्ट थी, जहां क्रोधित होने कि बजाए, मैंने कहा, "मैं समझ सकती हूं कि आप से यह गलती कैसे हुई, मैंने भी कई गलतियां करीं हैं" और बात को आगे बढ़ाने की बजाए उसे वहीं समाप्त कर दिया।

   अपने आंकलन के स्तर पर मुझे इस बात के लिए चाहे पूरे नहीं, परन्तु पूरे के निकट अंक अवश्य ही मिलने चाहिएं थे। मुझे यह स्वीकार करते हुए कुछ शर्म तो आ रही है, लेकिन मैं मान लेती हूं कि मेरे मन में इस बात के लिए कुछ घमण्ड और यह भावना भी थी कि ऐसे अनुग्रह दिखा कर, किसी आते समय में आवश्यक्तानुसार, मैं भी किसी अनुग्राह का पात्र बनने के योग्य हो गई हूं।

   इसके अगले इतवार को चर्च में हम भजन गा रहे थे, "Amazing Grace! How sweet the sound, that saved a wretch like me" अर्थात, "अद्भुत अनुग्रह! कितना मधुर है यह शब्द, जिसके कारण मुझ जैसा निकृष्ट पापी भी उद्धार पा सका" यह गीत गाते गाते, मुझे एकदम ही बीते सप्ताह में अपने रवैये के दंभ और ढिठाई का एहसास हुआ। मैंने एहसास किया कि ये मैं क्या सोचने और मानने लग गई थी?

   जो अनुग्रह मैंने किसी दूसरे पर दिखाया है वह मेरा तो है ही नहीं; वह तो पहले मुझ पर किया गया और मुझे दिया गया है। इसी लिए तो मैं उसे किसी अन्य पर दिखा पाई! किसी दूसरे पर अनुग्रह कर पाने का एक मात्र कारण है कि पहले हम पर परमेश्वर ने अनुग्रह किया, और हमें अपने अनुग्रह का भण्डारी बनाया जिस से हम दूसरों को उसे बांट सकें।

   भले भण्डारी अपने स्वामी के द्वारा दिये गए भण्डारीपन को योग्य रीति से निभाते हैं और उसकी इच्छा को पूरी करते हैं। हम सभी मसीही विश्वासी परमेश्वर के अनुग्रह के पात्र और भण्डारी हैं, उसे दूसरों तक पहुंचाने के लिए। आइये अपने इस वरदान को "...परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए" (१ पतरस ४:१०)। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के अनुग्रह को जानने वाले उसे दूसरों को बांटने वाले भी होते हैं।

जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए। - १ पतरस ४:१०

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १५:१-११
1Co 15:1  हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया या और जिस में तुम स्थिर भी हो।
1Co 15:2  उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ।
1Co 15:3 इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्‍त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया।
1Co 15:4 और गाड़ा गया; और पवित्र शास्‍त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा।
1Co 15:5  और कैफा को तब बारहों को दिखाई दिया।
1Co 15:6  फिर पांच सौ से अधिक भाइयों को एक साथ दिखाई दिया, जिन में से बहुतेरे अब तक वर्तमान हैं पर कितने सो गए।
1Co 15:7  फिर याकूब को दिखाई दिया तब सब प्रेरितों को दिखाई दिया।
1Co 15:8  और सब के बाद मुझ को भी दिखाई दिया, जो मानो अधूरे दिनों का जन्मा हूं।
1Co 15:9  क्‍योंकि मैं प्ररितों में सब से छोटा हूं, वरन प्ररित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्‍योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था।
1Co 15:10 परन्‍तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ परन्तु मैं ने उन सब से बढ़ कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्‍तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।
1Co 15:11  सो चाहे मैं हूं, चाहे वे हों, हम यही प्रचार करते हैं, और इसी पर तुम ने विश्वास भी किया।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास २८-२९ 
  • यूहन्ना १७

बुधवार, 6 जून 2012

नायक

   नैतिकता के आधार पर सेना की कुछ गतिविधियों से आपत्ति रखने वाले कॉर्पोरल डेस्मन्ड डौस अमेरिका के सर्वोच्च सैनिक पदक - Congressional Medal of Honor को पाने वाले ऐसे पहले सैनिक थे। सच्ची लगन और समर्पण वाले प्रभु यीशु मसीह के शिष्य, डौस, का मानना था कि किसी की हत्या करना उनके लिए गलत है, लेकिन वे अपने देश की सेवा से भी चूकना नहीं चाहते थे; इसलिए उन्होंने सेना की चिकित्सा सेवा में भर्ती ली। प्रशिक्षण के दौरान उनके साथ के सैनिक, राइफल ना चलाने के कारण उनका मज़ाक उड़ाते थे। जब रात को सोने से पहले वे अपनी बाइबल पढ़ते और फिर पलंग के किनारे घुटने टेक कर प्रार्थना करते थे, तो वे लोग उनका ठठ्ठा करते थे। किंतु जब युद्ध समय आया तो कहानी बहुत फर्क थी।

   दूसरे विश्वयुद्ध में मई १९४५ में ओकिनावा के युद्ध के समय डौस ने बारंबार अपने जीवन को जोखिम में डाल कर युद्धभूमि में अनेक घायलों की जान बचाई। अपनी इस निस्वार्थ सेवा कार्य के कारण उन्होंने ना केवल उनका आदर और कृतज्ञता प्राप्त करी जिनकी उन्होंने जान बचाई थी, वरन अपने आलोचकों और ठठ्ठा करने वालों से भी प्रशंसा प्राप्त करी। डौस का यह व्यवहार और उसका प्रतिफल, परमेश्वर के वचन बाइबल से उन्हें मिली शिक्षाओं के आधार पर था।

   प्रभु यीशु के चेले प्रेरित पतरस ने अपनी पत्री में प्रभु यीशु के अनुयायीयों को अनुचित और अन्यायपूर्ण आलोचना के विष्य में लिखा, कि वे इस से ना घबराएं, वरन अपने जीवन में परमेश्वर को आदर देते हुए नम्रता के साथ अपनी आशा के विष्य में पूछने वालों को उत्तर देने के लिए तैयार सदा तैयार रहें : "और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ। पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ" (१ पतरस ३:१४-१५)।

   आज यही व्यवहार, इस मसीह विरोधी और पाप से दुखी संसार के लोगों को, प्रत्येक मसीही विश्वासी के जीवन में दिखना चाहिए जिससे वे परमेश्वर के प्रेम और क्षमा का अनुभव ले सकें, और पापों से फिरने के महत्व को जान सकें। - डेविड मैक्कैसलैंड


भलाई के बदले भलाई करना तो मानवीय, परन्तु बुराई के बदले भलाई करना ईश्वरीय व्यवहार है।

और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ। - १ पतरस ३:१४

बाइबल पाठ: १ पतरस ३:८-१७
1Pe 3:8  निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
1Pe 3:9  बुराई के बदले बुराई मत करो, और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्‍योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
1Pe 3:10  क्‍योंकि जो कोई जीवन की इच्‍छा रखता है, और अच्‍छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
1Pe 3:11  वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई ही करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्‍न में रहे।
1Pe 3:12  क्‍योंकि प्रभु की आंखे धमिर्यों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उन की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्‍तु प्रभु बुराई करने वालों के विमुख रहता है।
1Pe 3:13   और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करने वाला फिर कौन है?
1Pe 3:14   और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
1Pe 3:15   पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
1Pe 3:16  और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में वे जो तुम्हारे मसीही अच्‍छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्ज़ित हों।
1Pe 3:17  क्‍योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्‍छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।


एक साल में बाइबल: 

  • २ इतिहास २५-२७ 
  • यूहन्ना १६