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शनिवार, 12 नवंबर 2016

कलाकृति


   बेलफास्ट, उत्तरी आयरलैंड में जो 11 एकड़ के खाली मैदान से आरंभ हुआ था, उसका अन्त ब्रिटेन के सबसे बड़े भूमिचित्र के रूप में हुआ। कलाकार जॉर्ज रॉड्रिगुएज़-गेराडा द्वारा बनाई गई "विश" नामक यह कलाकृति लकड़ी की 30,000 खूँटियों, 2000 टन मिट्टी, 2000 टन रेत और अनेकों अन्य सामग्री जैसे कि घास, पत्थर और रस्सी आदि से बनी है।

   इसके बनने के आरंभ में केवल कलाकार ही जानता था कि उसकी कलाकृति का अन्तिम स्वरूप क्या होगा। जॉर्ज ने मज़दूरों और स्वयंसेवकों को इस कार्य के लिए भरती किया, अपने साथ लिया; और वे उसके निर्देशों के अनुसार सामग्री को ढोने और एक से दूसरे स्थान पर पहुँचाने में लगे रहे। यह सब कार्य करते समय उन्हें ज़रा भी आभास नहीं था कि कुछ विस्मित कर देने वाला तैयार होकर प्रगट होने वाला है; लेकिन ऐसा ही हुआ। धरती पर से वह चित्र कुछ विशेष प्रतीत नहीं होता है; लेकिन ऊपर आकाश से देखने वाले एक छोटी लड़की का मुस्कुराता हुए चेहरे का एक विशाल चित्र देखने पाते हैं।

   परमेश्वर इस संसार में, हम मसीही विश्वासियों को साथ लेकर इससे भी कुछ विलक्षण और महान कर रहा है। जैसा प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विशवासियों को लिखा, हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं (1 कुरिन्थियों 3:9) जिनमें होकर वह इस कार्य को साकार कर रहा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर अपने लोगों को स्मरण कराता है कि वही है जो  "...पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहने वाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है" (यशायाह 40:22)।

   आज चाहे हम परमेश्वर द्वारा बनाई जा रही इस कलाकृति का अन्तिम स्वरूप नहीं देख अथवा समझ पाते हैं, लेकिन फिर भी हम उसके कार्य में उसके निर्देशानुसार लगे रहते हैं, इस विश्वास के साथ कि हम एक अद्भुत कलाकृति का भाग हैं - ना केवल उसके बनाने में वरन उस कलाकृति में भी। अन्ततः वह एक ऐसी कलाकृति होगी जो बनेगी तो पृथ्वी पर, परन्तु देखी जाएगी स्वर्ग से। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर हमें अपनी महान कलाकृति को बनाने में प्रयुक्त कर रहा है।

क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। - 1 कुरिन्थियों 3:9 

बाइबल पाठ: यशायाह 40:21-31
Isaiah 40:21 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? क्या तुम को आरम्भ ही से नहीं बताया गया? क्या तुम ने पृथ्वी की नेव पड़ने के समय ही से विचार नहीं किया? 
Isaiah 40:22 यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहने वाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है; 
Isaiah 40:23 जो बड़े बड़े हाकिमों को तुच्छ कर देता है, और पृथ्वी के अधिकारियों को शून्य के समान कर देता है।
Isaiah 40:24 वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूंठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आंधी उन्हें भूसे की नाईं उड़ा ले जाती है।
Isaiah 40:25 सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्र का यही वचन है। 
Isaiah 40:26 अपनी आंखें ऊपर उठा कर देखो, किस ने इन को सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले ले कर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में से कोई बिना आए नहीं रहता।
Isaiah 40:27 हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? 
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 51-52
  • इब्रानियों 9


शुक्रवार, 11 नवंबर 2016

ज्योति


   अमेरिका के गृह युद्ध (1861-1865) से पूर्व, भगोड़े दास "भूमिगत रेलमार्ग" का अनुसरण करके स्वतंत्रता प्राप्त करते थे। "भूमिगत रेलमार्ग" दास प्रथा का पालन करने वाले दक्षिणी अमेरिका से, दास प्रथा से मुक्ति दिलाने की आवाज़ बुलन्द करने वाले उत्तरी अमेरिका तक जाने के गुप्त मार्गों और उनकी सहायता करने वाले दासत्व-विरोधियों के लिए प्रयुक्त होने वाली एक उक्ति थी। भगोड़े दास उत्तरी अमेरिका पहुँचने के लिए रात भर अनेकों मील चलते थे, उनको सही मार्ग पर बने रहने का मार्गदर्शन तारामण्डल में सप्तर्षि से मिलता था, जो ध्रुव तारे की ओर संकेत करता था। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि मार्ग के दिशानिर्देषों का उन्होंने सांकेतिक भाषा में एक गीत भी बना लिया था, जिसे वे गाते और मार्ग को पहचानते जाते थे, ताकि खो ना जाएं। सप्तर्षि तारामण्डल और दासत्व-विरोधी सहायक उन के लिए दासत्व के जीवन से मुक्ति के जीवन का मार्ग दिखाने का कार्य करने वाली ज्योति थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने हम मसीही विश्वासियों को जगत की ज्योति बनकर चमकने का आहवाहन किया है (फिलिप्पियों 2:15), जिससे संसार भर में जो भी लोग परमेश्वर के सत्य, पाप से छुटकारा और आत्मिक स्वतंत्रता के खोजी हैं वे सही मार्ग पा सकें, उस पर बने रह सकें।

   हम पाप और बुराई के अन्धकार से भरे संसार में रहते हैं, एक ऐसे संसार में जिसे प्रभु यीशु की ज्योति को देखने और उससे पाप तथा अनन्त विनाश से स्वतंत्रता पा लेने की बहुत आवश्यकता है। हमारी बुलाहट परमेश्वर के सत्य को संसार के सामने चमकाना है, जिससे लोग अनन्त जीवन, उद्धार और आत्मिक स्वतंत्रता के मार्ग की ओर आ सकें, और यह सब पाने के लिए प्रभु तक पहुँच सकें। हम मसीह यीशु की ओर, जो एकमात्र सच्चा मार्ग, संपूर्ण सत्य तथा अनन्त आशीश का जीवनदायक है (यूहन्ना 14:6) संकेत करने वाले लोग हैं; हमें इस संसार में प्रभु की ज्योति बनकर चमकना है। - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु की ज्योति को प्रतिबिंबित करके संसार को रौशन कर दें।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 2:12-18
Philippians 2:12 सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष कर के अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ। 
Philippians 2:13 क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस ने अपनी सुइच्‍छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है। 
Philippians 2:14 सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो। 
Philippians 2:15 ताकि तुम निर्दोष और भोले हो कर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्‍कलंक सन्तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिये हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)। 
Philippians 2:16 कि मसीह के दिन मुझे घमण्‍ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ। 
Philippians 2:17 और यदि मुझे तुम्हारे विश्वास के बलिदान और सेवा के साथ अपना लोहू भी बहाना पड़े तौभी मैं आनन्‍दित हूं, और तुम सब के साथ आनन्द करता हूं। 
Philippians 2:18 वैसे ही तुम भी आनन्‍दित हो, और मेरे साथ आनन्द करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 50
  • इब्रानियों 8


गुरुवार, 10 नवंबर 2016

अनुसरण


   मेरा एक मित्र भ्रमण के लिए यरुशालेम गया हुआ था, वहाँ उसने एक वृद्ध रब्बी (यहूदी धर्मगुरु) को यरुशालेम की प्रसिद्ध Wailing Wall के पास से चलकर जाते हुए देखा। उस दृश्य की रोचक बात वह रब्बी नहीं वरन उसके पीछे चलने वाले पाँच जवान थे। वे पाँचों भी अपने रब्बी के समान झुक कर, लंगड़ा कर चल रहे थे। कोई भी रूढ़िवादी यहूदी उन्हें देखकर समझ लेता कि वे क्यों अपने गुरु की नकल कर रहे थे - वे अनुयायी थे।

   यहूदी मत के इतिहास में एक यहूदी जवान के लिए सबसे आदरणीय बात होती थी कि वह अपने स्थानीय रब्बी का अनुयायी बन सके। ये अनुयायी रब्बी के चरणों पर बैठकर उससे सीखते थे। वे रब्बी के शब्दों, हाव-भाव और परिस्थित्यों तथा अन्य लोगों के प्रति उसके प्रत्युत्तर का अध्ययन करते। एक अनुयायी अपने रब्बी की सेवा के लिए छोटे से छोटा कार्य करने को बड़े आदर की बात मानता था। क्योंकि वे अपने रब्बी का सम्मान करते थे इसलिए उसके समान बनने के लिए दृढ़ निश्चय रखते थे।

   जब प्रभु यीशु ने चेलों को अपने पीछे हो लेने के लिए बुलाया (मत्ती 4:19), तो यह उनके जीवन बदल देने के लिए उसका निमंत्रण था, जिससे वे प्रभु के समान बन सकें और उद्धारकर्ता के खोजियों के प्रति प्रभु के समान ही मनोभाव रख सकें। प्रभु का अनुयायी होने का उच्च आदर हमारे जीवनों से भी प्रदर्शित होना चाहिए। संसार हम पर नज़र लगाए हुए है, इसलिए हमें भी प्रभु यीशु के समान ही वार्तालाप, विचार और व्यवहार रखना चाहिए - प्रभु यीशु ने, जो हमारा रब्बी, हमारा गुरु हमारा उद्धारकर्ता परमेश्वर है, हमें संसार के सम्मुख अपना अनुसरण करने के लिए बुलाया है। - जो स्टोवैल


प्रभु यीशु का अनुसरण करें और सारे संसार को जान लेने दें कि वह आपका रब्बी है।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: मत्ती 4:17-25
Matthew 4:17 उस समय से यीशु प्रचार करना और यह कहना आरम्भ किया, कि मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है। 
Matthew 4:18 उसने गलील की झील के किनारे फिरते हुए दो भाइयों अर्थात शमौन को जो पतरस कहलाता है, और उसके भाई अन्द्रियास को झील में जाल डालते देखा; क्योंकि वे मछवे थे। 
Matthew 4:19 और उन से कहा, मेरे पीछे चले आओ, तो मैं तुम को मनुष्यों के पकड़ने वाले बनाऊंगा। 
Matthew 4:20 वे तुरन्त जालों को छोड़कर उसके पीछे हो लिए। 
Matthew 4:21 और वहां से आगे बढ़कर, उसने और दो भाइयों अर्थात जब्‍दी के पुत्र याकूब और उसके भाई यूहन्ना को अपने पिता जब्‍दी के साथ नाव पर अपने जालों को सुधारते देखा; और उन्हें भी बुलाया 
Matthew 4:22 वे तुरन्त नाव और अपने पिता को छोड़कर उसके पीछे हो लिए।
Matthew 4:23 और यीशु सारे गलील में फिरता हुआ उन की सभाओं में उपदेश करता और राज्य का सुसमाचार प्रचार करता, और लोगों की हर प्रकार की बीमारी और दुर्बल्ता को दूर करता रहा। 
Matthew 4:24 और सारे सूरिया में उसका यश फैल गया; और लोग सब बीमारों को, जो नाना प्रकार की बीमारियों और दुखों में जकड़े हुए थे, और जिन में दुष्टात्माएं थीं और मिर्गी वालों और झोले के मारे हुओं को उसके पास लाए और उसने उन्हें चंगा किया। 
Matthew 4:25 और गलील और दिकापुलिस और यरूशलेम और यहूदिया से और यरदन के पार से भीड़ की भीड़ उसके पीछे हो ली।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 48-49
  • इब्रानियों 7


बुधवार, 9 नवंबर 2016

दीवारें


   दूसरे विश्वयुद्ध के बाद के वर्षों को "शीत युद्ध" का समय कहा जाता है, जिसमें देश एक-दूसरे को डराने-धमकाने और वर्चस्व के लिए एक-दूसरे पर पैंतरे आज़माते रहे। इस सुलगते हुए वैमनस्य का एक चिन्ह था बर्लिन शहर को विभाजित करने वाली दीवार, जिसे अगस्त 1961 में खड़ा किया गया, और जो लगभग तीन दशक तक शीत युद्ध का प्रबल चिन्ह बनी रही। फिर 9 नवंबर 1989 को यह घोषणा करी गई कि उस दीवार की पूर्व और पश्चिम, दोनों ओर रहने वाले नागरिक स्वतंत्रता पूर्वक दीवार के पार एक दूसरे के पास आ-जा सकते हैं। इसके एक वर्ष पश्चात उस दीवार को गिरा दिया गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यूसुफ के जीवन का वृतांत दिया गया है जो चिर-परिचित है। युसुफ अपने पिता का दुलारा बेटा था जिस कारण उसके अन्य भाई उससे ईर्ष्या तथा बैर करते थे (उत्पत्ति 37-50)। उन भाईयों मे अवसर पाकर यूसुफ को गुलामी में बेच दिया और पिता से झूठ बोल दिया कि यूसुफ को किसी जानवर ने मार डाला है। लेकिन यूसुफ ने अपने तथा अपने भाईयों के बीच बैर की दीवार खड़ी नहीं करी। वर्षों पश्चात, परमेश्वर की अद्भुत योजना और तरीकों से यूसुफ मिस्त्र का प्रधानमंत्री बन गया और जब उस इलाके में भयानक अकाल पड़ा तो यूसुफ के भाई, जो उसके बारे में अब कुछ नहीं जानते थे, उसके पास मिस्त्र में भोजन लेने आए। यूसुफ ने उन से दया और प्रेम का ही बर्ताव किया, उन्हें अपने पास मिस्त्र में रहने के लिए बुलाया और उनकी आशंकाओं को शांत करते तथा अपने संबंध को दृढ़ करते हुए उन से कहा, "यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था; परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं। सो अब मत डरो: मैं तुम्हारा और तुम्हारे बाल-बच्चों का पालन पोषण करता रहूंगा; इस प्रकार उसने उन को समझा बुझाकर शान्ति दी" (उत्पत्ति 50:20-21)।

   मनुष्यों द्वारा बनाई गई एक दमनात्मक दीवार 25 वर्ष से भी अधिक पहले ढा दी गई, जिससे वहाँ के निवासियों को परस्पर मिलने की स्वतंत्रता और परिवारों को फिर से एक हो जाने अवसर मिल गया। यदि आपने किसी के साथ क्रोध और विभाजन करने वाली कोई दीवारें खड़ी कर लीं हैं, तो परमेश्वर की सहायता से उन्हें ढा दें और प्रेम के साथ अपने संबंधों को पुनःस्थापित कर लें। - डेविड मैक्कैसलैंड


क्रोध तथा बैर जो दीवारें खड़ी करते हैं, प्रेम उन्हें गिरा देता है।

प्रेम धीरजवन्‍त है, और कृपाल है; प्रेम डाह नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं। वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता। कुकर्म से आनन्‍दित नहीं होता, परन्तु सत्य से आनन्‍दित होता है। वह सब बातें सह लेता है, सब बातों की प्रतीति करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है। - 1 कुरिन्थियों 13:4-7

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 50:15-21
Genesis 50:15 जब यूसुफ के भाइयों ने देखा कि हमारा पिता मर गया है, तब कहने लगे, कदाचित यूसुफ अब हमारे पीछे पड़े, और जितनी बुराई हम ने उस से की थी सब का पूरा पलटा हम से ले। 
Genesis 50:16 इसलिये उन्होंने यूसुफ के पास यह कहला भेजा, कि तेरे पिता ने मरने से पहिले हमें यह आज्ञा दी थी, 
Genesis 50:17 कि तुम लोग यूसुफ से इस प्रकार कहना, कि हम बिनती करते हैं, कि तू अपने भाइयों के अपराध और पाप को क्षमा कर; हम ने तुझ से बुराई तो की थी, पर अब अपने पिता के परमेश्वर के दासों का अपराध क्षमा कर। उनकी ये बातें सुनकर यूसुफ रो पड़ा।
Genesis 50:18 और उसके भाई आप भी जाकर उसके साम्हने गिर पड़े, और कहा, देख, हम तेरे दास हैं। 
Genesis 50:19 यूसुफ ने उन से कहा, मत डरो, क्या मैं परमेश्वर की जगह पर हूं? 
Genesis 50:20 यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था; परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं। 
Genesis 50:21 सो अब मत डरो: मैं तुम्हारा और तुम्हारे बाल-बच्चों का पालन पोषण करता रहूंगा; इस प्रकार उसने उन को समझा बुझाकर शान्ति दी।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 46-47
  • इब्रानियों 6


मंगलवार, 8 नवंबर 2016

आहार


   मैंने अपनी छोटी बेटी को बताया कि तीन माह का एक शिशु हमारे घर मिलने आने वाला है, और वह यह सुनकर बहुत प्रसन्न हुई। मेज़बानी के बच्चों वाले भाव के साथ उसने सुझाव दिया कि हम अपने भोजन में से कुछ उस शिशु के साथ बाँटेंगे और रसोई की मेज़ पर रखे रसीले संतरे भी शायद उसे पसंद आएं। मैंने बेटी को समझाया कि वह शिशु अभी हमारे समान आहार को लेने के लिए बहुत छोटा है और अभी केवल दूध ही पी सकता है; जब वह बड़ा हो जाएगा तब वह संतरे और अन्य ठोस आहार लेना पसंद करेगा।

   परमेश्वर का वचन बाइबल भी ऐसे ही उदाहरणों के द्वारा मसीही विश्वासी के आत्मिक आहार के बारे में समझाती है। मसीही विश्वास के मूलभूत सिद्धांत दूध के समान हैं जो नए विश्वासियों को बढ़ने और फलवन्त होने का बल देते हैं (1 पतरस 2:1-2)। इसकी तुलना में, बाइबल बताती है, "पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्‍द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं" (इब्रानियों 5:14)। जिन मसीही विश्वासियों ने मसीही विश्वास के मूलभूत सिद्धांतों को समझ लिया है, उन्हें अपने जीवन का अभिन्न अंग बना लिया है, वे फिर और आगे बढ़कर बाइबल की अन्य शिक्षाओं और गूढ़ बातों को सीख-समझ सकते हैं उन्हें औरों को सिखा-समझा सकते हैं। इस आत्मिक परिपक्वता का फल होता है परमेश्वर की सच्चाईयों को औरों तक पहुँचा पाना (पद 12), सयाना - अर्थात सही-गलत में भेद करने की समझ रखने वाला होना (पद 14) तथा सब बातों के लिए परमेश्वर से समझ-बूझ प्राप्त करना (1 कुरिन्थियों 1:26)।

   अपने बच्चों से प्रेम करने वाले माता-पिता के समान, हमारा परमेश्वर पिता भी चाहता है कि हम आत्मिक जीवन में बढ़ें। वह यह भी जानता है कि हमारी इस बढ़ोतरी के लिए केवल आत्मिक दूध ही पीते रहना काफी नहीं है। वह चाहता है कि हम अपने मसीही विश्वास के जीवन में बाइबल से ठोस आत्मिक आहार लेना भी सीखें और उसे दूसरों तक पहुँचाने वाले भी हो सकें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


आत्मिक जीवन में बढोतरी विश्वास के सही पोषण द्वारा होती है।

इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके। नये जन्मे हुए बच्‍चों की नाईं निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ। - 1 पतरस 2:1-2

बाइबल पाठ: इब्रानियों 5:5-14
Hebrews 5:5 वैसे ही मसीह ने भी महायाजक बनने की बड़ाई अपने आप से नहीं ली, पर उसको उसी ने दी, जिसने उस से कहा था, कि तू मेरा पुत्र है, आज मैं ही ने तुझे जन्माया है। 
Hebrews 5:6 वह दूसरी जगह में भी कहता है, तू मलिकिसिदक की रीति पर सदा के लिये याजक है। 
Hebrews 5:7 उसने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकार कर, और आंसू बहा बहा कर उस से जो उसको मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई। 
Hebrews 5:8 और पुत्र होने पर भी, उसने दुख उठा उठा कर आज्ञा माननी सीखी। 
Hebrews 5:9 और सिद्ध बन कर, अपने सब आज्ञा मानने वालों के लिये सदा काल के उद्धार का कारण हो गया।
Hebrews 5:10 और उसे परमेश्वर की ओर से मलिकिसिदक की रीति पर महायाजक का पद मिला।
Hebrews 5:11 इस के विषय में हमें बहुत सी बातें कहनी हैं, जिन का समझना भी कठिन है; इसलिये कि तुम ऊंचा सुनने लगे हो। 
Hebrews 5:12 समय के विचार से तो तुम्हें गुरू हो जाना चाहिए था, तौभी क्या यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए ओर ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए। 
Hebrews 5:13 क्योंकि दूध पीने वाले बच्‍चे को तो धर्म के वचन की पहिचान नहीं होती, क्योंकि वह बालक है। 
Hebrews 5:14 पर अन्न सयानों के लिये है, जिन के ज्ञानेन्‍द्रिय अभ्यास करते करते, भले बुरे में भेद करने के लिये पक्के हो गए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 43-45
  • इब्रानियों 5


सोमवार, 7 नवंबर 2016

स्वर्ग


   एमी कैंसर से पाँच वर्ष से लड़ रही थी; अन्ततः डॉक्टरों ने कहा कि चिकित्सा और सफल नहीं हो पा रही है और एमी के पास जीवन के कुछ सप्ताह ही शेष बचे हैं। अपने उस आने वाले अनन्त के बारे में और समझ तथा आश्वासन पाने के लिए एमी ने अपने पास्टर से पूछा, "स्वर्ग कैसा होगा?"

   पास्टर ने एमी से पूछा कि इस पृथ्वी की कौन सी बातें उसे सबसे अच्छी लगती हैं? एमी ने कहा टहलने जाना, देखभाल और चिंता करने वाले मित्र, मेघधनुष, बच्चों को खुलकर हँसते हुए देखना; और फिर लालसा से पूछा, "तो क्या आप यह कह रहे हैं कि मुझे यह सब स्वर्ग में भी मिलेगा?"

   एमी के पास्टर ने उत्तर दिया, "मेरा मानना है कि वहाँ तुम्हारा जीवन तुम्हारे पृथ्वी के किसी भी बात के सुखद अनुभव, कैसे भी प्रेम से कहीं अधिक बढ़कर और सुन्दर होगा। तुम्हारे लिए यहाँ जो कुछ भी भला है उसके बारे में सोचो, और फिर उसके सुखद अनुभव को कई गुणा, और कई गुणा और फिर और कई गुणा बढ़ाती जाओ; मेरे विचार से स्वर्ग वैसा होगा।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल स्वर्ग में अनन्तकाल बिताने का कोई विस्तृत वर्णन नहीं बताती है, लेकिन प्रेरित पौलुस के शब्दों में यह अवश्य बताती है कि स्वर्ग में मसीह यीशु के साथ होना हमारी किसी भी वर्तमान परिस्थिति से कहीं बेहतर है: "क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच कर के मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है" (फिलिप्पियों 1:23)। बाइबल की अन्तिम पुस्तक, प्रकाशितवाक्य स्वर्ग की परिस्थितियों के विषय लिखती है: "और वह[परमेश्वर] उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं" (प्रकाशितवाक्य 21:4)। स्वर्ग की सर्वोत्तम बात होगी कि वहाँ हम प्रभु यीशु मसीह को आमने-सामने देखेंगे और हमारी सभी लालसाएं और अभिलाषाएं उसमें संपूर्ण हो जाएंगी। - ऐनी सेटास


कुल मिलाकर सारे आनन्द का योगफल है प्रभु यीशु के साथ होना।

परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। - 1 कुरिन्थियों 2:9

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 22:1-5
Revelation 22:1 फिर उसने मुझे बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी दिखाई, जो परमेश्वर और मेंम्ने के सिंहासन से निकल कर उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी। 
Revelation 22:2 और नदी के इस पार; और उस पार, जीवन का पेड़ था: उस में बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति जाति के लोग चंगे होते थे। 
Revelation 22:3 और फिर श्राप न होगा और परमेश्वर और मेम्ने का सिंहासन उस नगर में होगा, और उसके दास उस की सेवा करेंगे। 
Revelation 22:4 और उसका मुंह देखेंगे, और उसका नाम उन के माथों पर लिखा हुआ होगा। 
Revelation 22:5 और फिर रात न होगी, और उन्हें दीपक और सूर्य के उजियाले का प्रयोजन न होगा, क्योंकि प्रभु परमेश्वर उन्हें उजियाला देगा: और वे युगानुयुग राज्य करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 40-42
  • इब्रानियों 4


रविवार, 6 नवंबर 2016

रचना


   थोड़ा रुक कर एक सरपट दौड़ते घोड़े के बल, सुन्दरता और प्रताप के बारे में सोचिए - अपना सिर ऊँचा किए हुए, अयाल (गरदन के लंबे बाल) हवा में लहराती हुई, टाँगें परस्पर लयबद्ध तालमेल के साथ द्रुत गति से चलती हुई उसे गति, बल और स्वच्छानन्दता प्रदान करती हैं। घोड़ा परमेश्वर की अद्भुत रचना का कितना शानदार उदाहरण है। परमेश्वर ने घोड़े को केवल हमें विस्मित करने के लिए ही नहीं वरन मानव जाति के काम आने के लिए बनाया है (अय्युब 39)। यदि सही रीति से प्रशिक्षित हो तो घोड़ा हमारा निर्भीक साथी होता है; इसीलिए युद्ध भूमि में सैनिकों को गति और पूर्वाभास के साथ ले जाने के लिए घोड़ों का प्रयोग होता है (पद 24-25)।

   परमेश्वर के वचन बाइबल से लिए गए आज के पाठ में यद्यपि परमेश्वर घोड़े के उदाहरण को अय्युब को अपनी सार्वभौमिकता के बारे में सिखाने के लिए प्रयोग कर रहा था, लेकिन हम इस पाठ से परमेश्वर द्वारा रचे गए संसार में हम मनुष्यों के महत्व के बारे में भी सीख सकते हैं। परमेश्वर ने ना केवल हमें अनेकों प्रकार के कार्य करने की क्षमता रखने वाली एक सुन्दर सृष्टि बनाया है, वरन उसने हमें अपने स्वरूप में सृजा है। एक घोड़े का बल और कीमत बहुत हो सकती है, परन्तु परमेश्वर के लिए हम मनुष्य अन्य सभी प्राणियों से बढ़कर, सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसीलिए हमारे उद्धार के लिए उसने अपने एकलौते पुत्र प्रभु यीशु मसीह को हमारे पापों के लिए बलिदान होने भेजा।

   परमेश्वर ने हमें सभी प्राणियों से अनुपम रचा है क्योंकि वह हमारे साथ संगति रखना चाहता है, हमें अपने साथ अनन्तकाल तक रखना चाहता है। प्रकृति के प्राणियों की अद्भुत बातों तथा शोभा और प्रताप के लिए हम परमेश्वर की महिमा करते हैं, लेकिन साथ ही हम परमेश्वर की महिमा इसलिए भी करते हैं क्योंकि, जैसे दाऊद कहता है "मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं" (भजन 139:14); हम मनुष्य भी परमेश्वर की अनुपम और विलक्षण रचना हैं। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर द्वारा रचे गए समस्त प्राणियों में से 
केवल मनुष्य ही नई सृष्टि होने का अनुभव कर सकता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है। - 2 कुरिन्थियों 5:17-18

बाइबल पाठ: अय्युब 39:19-25
Job 39:19 क्या तू ने घोड़े को उसका बल दिया है? क्या तू ने उसकी गर्दन में फहराती हुई अयाल जमाई है? 
Job 39:20 क्या उसको टिड्डी की सी उछलने की शक्ति तू देता है? उसके फुंक्कारने का शब्द डरावना होता है। 
Job 39:21 वह तराई में टाप मारता है और अपने बल से हषिर्त रहता है, वह हथियारबन्दों का साम्हना करने को निकल पड़ता है। 
Job 39:22 वह डर की बात पर हंसता, और नहीं घबराता; और तलवार से पीछे नहीं हटता। 
Job 39:23 तर्कश और चमकता हुआ सांग ओर भाला उस पर खड़खड़ाता है। 
Job 39:24 वह रिस और क्रोध के मारे भूमि को निगलता है; जब नरसिंगे का शब्द सुनाई देता है तब वह रुकता नहीं। 
Job 39:25 जब जब नरसिंगा बजता तब तब वह हिन हिन करता है, और लड़ाई और अफसरों की ललकार और जय-जयकार को दूर से सूंघ लेता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 37-39
  • इब्रानियों 3