ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

सोमवार, 20 मार्च 2017

आशा


   सन 2013 में फिलिपीन्स देश के टाकलोबान शहर से होकर एक शक्तिशाली चक्रवाधी तूफान निकला, जिससे लगभग 10,000 लोग मारे गए, और जो बच गए उनमें से अनेकों बेघर, बेरोज़गार हो गए। जीवन यापन की आवश्यकताएं मिलना दुर्लभ हो गया। इसके तीन माह पश्चात, अभी शहर उस विनाश से निकल पाने के प्रयासों में लगा हुआ ही था, जब तेज़ हवाओं और मूसलाधार बारिश में टाकलोबान की एक सड़क के किनारे एक शिशु का जन्म हुआ। यद्यपि मौसम ने उस तूफान की उन पीड़ादायक यादों को ताज़ा कर दिया था, परन्तु फिर भी निवासियों ने मिलकर बच्चे के जन्म में सहायता के लिए दाई का प्रयोजन किया और माँ तथा नवजात शिशु को एक क्लिनिक तक पहुँचाया। वह बच्चा बच गया, बढ़ता गया, और हताशा के उस समय में आशा का प्रतीक बन गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में दर्ज इस्त्राएल के इतिहास की एक घटना है - चालीस वर्ष तक पलिश्तियों द्वारा इस्त्राएलियों का दमन उनके राष्ट्रीय इतिहास में बहुत कठिनाई का समय था। इस समय में एक स्वर्गदूत ने एक इस्त्राएली महिला को सूचना दी कि वह एक विशेष बालक को जन्म देगी (न्यायियों 13:3)। स्वर्गदूत के अनुसार, वह बालक जन्म से नाज़िर - अर्थात परमेश्वर के लिए पृथक किया हुआ होगा, और "...इस्राएलियों को पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाने में वही हाथ लगाएगा" (पद 5)। वह शिशु, शिमशोन, कठिन समयों में इस्त्राएल के लिए आशा का उपहार था।

   पाप और शैतान के चँगुल में पड़े संसार की कठिन परिस्थितियों से बचने के लिए प्रभु यीशु मसीह परमेश्वर द्वारा दिया गया उपाय है, क्योंकि शैतान पर केवल वही जयवंत है। प्रभु यीशु के जन्म के उद्देश्य के विषय बाइबल कहती है: "कि अन्धकार और मृत्यु की छाया में बैठने वालों को ज्योति दे, और हमारे पांवों को कुशल के मार्ग में सीधे चलाए" (लूका 1:79)। प्रभु यीशु ही संसार की एकमात्र आशा है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रभु यीशु वह आशा है जो जीवन के तूफानों को शान्त कर देता है।

जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। - मत्ती 1:20-21

बाइबल पाठ: न्यायियों 13:1-7
Judges 13:1 और इस्राएलियों ने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया; इसलिये यहोवा ने उन को पलिश्तियों के वश में चालीस वर्ष के लिये रखा।
Judges 13:2 दानियों के कुल का सोरावासी मानोह नाम एक पुरूष था, जिसकी पत्नी के बांझ होने के कारण कोई पुत्र न था। 
Judges 13:3 इस स्त्री को यहोवा के दूत ने दर्शन देकर कहा, सुन, बांझ होने के कारण तेरे बच्चा नहीं; परन्तु अब तू गर्भवती होगी और तेरे बेटा होगा। 
Judges 13:4 इसलिये अब सावधान रह, कि न तो तू दाखमधु वा और किसी भांति की मदिरा पीए, और न कोई अशुद्ध वस्तु खाए, 
Judges 13:5 क्योंकि तू गर्भवती होगी और तेरे एक बेटा उत्पन्न होगा। और उसके सिर पर छूरा न फिरे, क्योंकि वह जन्म ही से परमेश्वर का नाजीर रहेगा; और इस्राएलियों को पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाने में वही हाथ लगाएगा। 
Judges 13:6 उस स्त्री ने अपने पति के पास जा कर कहा, परमेश्वर का एक जन मेरे पास आया था जिसका रूप परमेश्वर के दूत का सा अति भययोग्य था; और मैं ने उस से न पूछा कि तू कहां का है? और न उसने मुझे अपना नाम बताया; 
Judges 13:7 परन्तु उसने मुझ से कहा, सुन तू गर्भवती होगी और तेरे एक बेटा होगा; इसलिये अब न तो दाखमधु वा और किसी भांति की मदिरा पीना, और न कोई अशुद्ध वस्तु खाना, क्योंकि वह लड़का जन्म से मरण के दिन तक परमेश्वर का नाजीर रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 4-6
  • लूका 1:1-20


रविवार, 19 मार्च 2017

स्थान


   समय, घटनाओं, और लोगों के हज़ारों धागों से बुना गया होता है वह जिसे हम ’स्थान’ कहते हैं। वह केवल घर नहीं है, वरन उस से भी बढ़कर, ’स्थान’ वह है जहाँ निःस्वार्थ प्रेम में ढंपे हुए अपनापन, सुरक्षा तथा अर्थपूर्ण संबंध एक साथ होते हैं। ’स्थान’ हमारे मनों में गहराई से बसी अपनी यादों के द्वारा हमें आकर्षित करता है। चाहे वह ’स्थान’ सिद्ध ना भी हो, परन्तु हम पर उसका वश नाटकीय होता है और उसके प्रति हमारा आकर्षण चुम्बकीय।

   परमेश्वर का वचन बाइबल बहुधा स्थान के बारे में बात करती है। इसका एक उदाहरण हम नहेम्याह की यरुशलेम के पुनः बसाए जाने की लालसा में देखते हैं (नहेम्याह 1:3-4; 2:2)। इसलिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि प्रभु यीशु ने भी हमें शान्ति और सांत्वना देने के लिए एक स्थान का उल्लेख किया है। प्रभु ने आरंभ किया, "तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो" (यूहन्ना 14:1) और फिर उसने इस विषय में आगे कहा, "मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं" (यूहन्ना 14:2)।

   उनके लिए जो किसी सांसारिक स्थान से आकर्षित और जुड़े हुए हैं, प्रभु की इस प्रतिज्ञा को समझना कठिन नहीं है, और वे सरलता से उस स्थान की बाट जोह सकते हैं जिसके बारे में प्रभु बात कर रहा था। और, उनके लिए जिनके स्थान शान्ति और सुरक्षा से जुड़े नहीं थे, प्रभु यीशु की प्रतिज्ञा है कि एक दिन वे उस स्थान में रहकर मधुर संगीत सुनेंगे, क्योंकि वे उसके साथ वहाँ निवास करेंगे।

   आपका संघर्ष चाहे कोई भी हो, आपकी मसीही विश्वास की जीवन यात्रा में चाहे कोई भी अस्थिरता हो, चाहे आपके कदम कहीं भी डगमगाएं, सदा यह स्मरण रखें कि आपके लिए प्रभु यीशु ने स्वर्ग में एक स्थान बना कर तैयार रखा हुआ है, ऐसा स्थान जो आपके लिए सर्वथा उपयुक्त है, और वह आपके साथ वहाँ अनन्तकाल तक निवास करेगा। यदि यह सत्य नहीं होता, तो प्रभु यीशु आपसे इसके बारे में कदापि नहीं कहता (यूहन्ना 14:3)। - रैंडी किल्गोर


पृथ्वी के हमारे घर की यादें आशा के साथ हमें हमारे स्वर्गीय घर की ओर प्रेरणा दें।

और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। - यूहन्ना 14:3 

बाइबल पाठ: नहेम्याह 1
Nehemiah 1:1 हकल्याह के पुत्र नहेमायाह के वचन। बीसवें वर्ष के किसलवे नाम महीने में, जब मैं शूशन नाम राजगढ़ में रहता था, 
Nehemiah 1:2 तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरुष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विष्य में पूछा। 
Nehemiah 1:3 उन्होंने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं। 
Nehemiah 1:4 ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कह कर प्रार्थना करता रहा। 
Nehemiah 1:5 हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर! तू जो अपने प्रेम रखने वाले और आज्ञा मानने वाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करुणा करता है; 
Nehemiah 1:6 तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले। मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरुद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है। 
Nehemiah 1:7 हम ने तेरे साम्हने बहुत बुराई की है, और जो आज्ञाएं, विधियां और नियम तू ने अपने दास मूसा को दिए थे, उन को हम ने नहीं माना। 
Nehemiah 1:8 उस वचन की सुधि ले, जो तू ने अपने दास मूसा से कहा था, कि यदि तुम लोग विश्वासघात करो, तो मैं तुम को देश देश के लोगों में तितर बितर करूंगा। 
Nehemiah 1:9 परन्तु यदि तुम मेरी ओर फिरो, और मेरी आज्ञाएं मानो, और उन पर चलो, तो चाहे तुम में से निकाले हुए लोग आकाश की छोर में भी हों, तौभी मैं उन को वहां से इकट्ठा कर के उस स्थान में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने अपने नाम के निवास के लिये चुन लिया है। 
Nehemiah 1:10 अब वे तेरे दास और तेरी प्रजा के लोग हैं जिन को तू ने अपनी बड़ी सामर्थ और बलवन्त हाथ के द्वारा छुड़ा लिया है। 
Nehemiah 1:11 हे प्रभु बिनती यह है, कि तू अपने दास की प्रार्थना पर, और अपने उन दासों की प्रार्थना पर, जो तेरे नाम का भय मानना चाहते हैं, कान लगा, और आज अपने दास का काम सफल कर, और उस पुरुष को उस पर दयालु कर। (मैं तो राजा का पियाऊ था।)

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 1-3
  • मरकुस 16


शनिवार, 18 मार्च 2017

प्रलोभन


   मेरे देश में हाल ही में हुए चुनावों में, घर चलाने के लिए संघर्षरत एक माँ ने, जिसे मैं जानता हूँ, एक पैकिट बच्चों के लंगोटों के लिए अपना वोट बेच दिया। हम चुनाव के लिए खड़े होने वाले सभी प्रत्याशियों के गुणों के बारे में चर्चा कर चुके थे, इसलिए उसने जिस प्रत्याशी को वोट दिया, उसके लिए मुझे दुःख हुआ। मैंने उससे पूछा, "तुम्हारे दृढ़ निश्चय का क्या हुआ?" परन्तु वह शान्त खड़ी रही। उसके द्वारा जिसे वोट दिया गया था वह प्रत्याशी जीत गया; और उसकी जीत के छः महीने के बाद करों में बढ़ोतरी कर दी गई, जिससे सभी वस्तुओं की कीमतें बढ़ गईं, लंगोट के पैकिट की भी, और उसके लिए घर चलना और भी अधिक कठिन हो गया।

   सारे संसार भर में अनेकों देशों में राजनैतिक भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। इसी प्रकार आत्मिक भ्रष्टाचार भी कोई नई बात नहीं है। शैतान ने तो प्रभु यीशु को भी अपनी चाल में फंसाने का प्रयास किया, कि वह अपनी दृढ़ निश्चयता को बेच दे (मत्ती 4:1-10)। जब प्रभु यीशु चालीस दिन के उपवास के बाद थके हुए और भूखे थे तो शैतान उनके पास तत्कालिक संतुष्टि के प्रलोभन लेकर आया - सहितान ने उन्हें तुरंत उपलब्ध हो जाने वाली रोटी, चमकत्कारिक छुटकारा, और संसार भर के राज्यों का वैभव देने का प्रस्ताव किया।

   परन्तु प्रभु यीशु वास्तविकता को बेहतर जानते थे। वे जानते थे कि समझौतों और जल्दबाज़ी में किए गए निर्णय खतरनाक शत्रु होते हैं। उनसे किसी दुःख के मार्ग का प्रस्ताव तो मिल सकता है, परन्तु उस मार्ग के अन्त में मिलने वाला दुःख, किसी भी कल्पना से बढ़कर होता है। शैतान द्वारा लाए गए प्रत्येक प्रलोभन के लिए प्रभु यीशु ने उसे परमेश्वर के वचन बाइबल की बात से उत्तर देकर निरुत्तर किया; प्रभु ने हर प्रलोभन के विषय शैतान से कहा "लिखा है..."; वह उस बात पर अडिग रहे जिसे वह जानते थे कि परमेश्वर के वचन में लिखी है और परमेश्वर की ओर से सत्य है।

   हम जब भी प्रलोभनों और परीक्षाओं में पड़ें, परमेश्वर हमारी सहायता करने को तत्पर और तैयार रहता है, यदि हम उसकी बात मानें और उसकी आज्ञाकारिता में बने रहें। उसके वचन बाइबल के सत्य हमें हर बात में सच्चा मार्गदर्शन देते हैं। - कीला ओकोआ


परमेश्वर के मार्ग सरल नहीं हैं, 
परन्तु वे अक्षय अनन्त आनन्द तक ले जाते हैं।

तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूं, इसलिये मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं। तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:104-105

बाइबल पाठ: मत्ती 4:1-10
Matthew 4:1 तब उस समय आत्मा यीशु को जंगल में ले गया ताकि इब्‍लीस से उस की परीक्षा हो। 
Matthew 4:2 वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, अन्‍त में उसे भूख लगी। 
Matthew 4:3 तब परखने वाले ने पास आकर उस से कहा, यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियां बन जाएं। 
Matthew 4:4 उसने उत्तर दिया; कि लिखा है कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं, परन्तु हर एक वचन से जो परमेश्वर के मुख से निकलता है जीवित रहेगा। 
Matthew 4:5 तब इब्‍लीस उसे पवित्र नगर में ले गया और मन्दिर के कंगूरे पर खड़ा किया। 
Matthew 4:6 और उस से कहा यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने आप को नीचे गिरा दे; क्योंकि लिखा है, कि वह तेरे विषय में अपने स्‍वर्गदूतों को आज्ञा देगा; और वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे; कहीं ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे। 
Matthew 4:7 यीशु ने उस से कहा; यह भी लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न कर। 
Matthew 4:8 फिर शैतान उसे एक बहुत ऊंचे पहाड़ पर ले गया और सारे जगत के राज्य और उसका वैभव दिखाकर 
Matthew 4:9 उस से कहा, कि यदि तू गिरकर मुझे प्रणाम करे, तो मैं यह सब कुछ तुझे दे दूंगा। 
Matthew 4:10 तब यीशु ने उस से कहा; हे शैतान दूर हो जा, क्योंकि लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर, और केवल उसी की उपासना कर।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47


शुक्रवार, 17 मार्च 2017

परीक्षा


   हाल ही में, हमारे बेटे और बहू ने हमें बड़ी घबराहट में फोन किया। पिछली रात को उन्हें घर के अन्दर दो चमगादड़ दिखाई दिए थे। मैं जानता हूँ कि पर्यावरण को सुचारू बनाए रखने में चमगादड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, परन्तु फिर भी परमेश्वर के प्राणियों में वे मेरे प्रीय प्राणियों में सम्मिलिय नहीं हैं; विशेषकर तब जब वे घर के अन्दर उड़ रहे हों। परन्तु मैं और मेरी पत्नि धन्यवादी थे कि हम जाकर अपने बच्चों की सहायता कर सके। घर के उन छेदों को बन्द करने में हमने उनकी सहायता करी, जिनमें से वे चमगादड़ अन्दर आ सकते थे।

   हमारे जीवनों में भी इसी प्रकार दुःख या परेशानियाँ अनायास ही आ जाती हैं। जब इस प्रकार की परीक्षाएं आती हैं तो हम बड़ी सरलता से घबारा जाते या हताश हो जाते हैं। परन्तु यही कठिन परिस्थितियाँ वे उपकरण हो सकते हैं जिन्हें हमारा प्रेमी परमेश्वर पिता हमें और अधिक हमारे प्रभु यीशु मसीह की समानता में ढालने के लिए उपयोग करता है। इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब ने लिखा, "हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो, तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे" (याकूब 1:2-4)।

   हमसे यह आशा नहीं रखी जाती है कि हम परीक्षाओं का मज़ा लें या दुःख का उत्सव मनाएं। परन्तु जब ये अनचाही परिस्थितियाँ आती हैं, तो हम उनमें भी परमेश्वर के हाथ को देख सकते हैं और इस विश्वास में आश्वस्त रह सकते हैं कि हमारा परमेश्वर पिता उन परीक्षाओं के द्वारा हमें हमारे और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह की समानता में ढाल रहा है। - बिल क्राउडर


परीक्षाएं हमारे पास कभी कभी आती हैं, 
परन्तु परमेश्वर हमारे साथ सदा बना रहता है।

धन्य हो तुम, जब मनुष्य के पुत्र के कारण लोग तुम से बैर करेंगे, और तुम्हें निकाल देंगे, और तुम्हारी निन्‍दा करेंगे, और तुम्हारा नाम बुरा जानकर काट देंगे। उस दिन आनन्‍दित हो कर उछलना, क्योंकि देखो, तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा प्रतिफल है: उन के बाप-दादे भविष्यद्वक्ताओं के साथ भी वैसा ही किया करते थे। - लूका 6:22-23

बाइबल पाठ: याकूब 1:2-12
James 1:2 हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो 
James 1:3 तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो, यह जान कर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। 
James 1:4 पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।
James 1:5 पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। 
James 1:6 पर विश्वास से मांगे, और कुछ सन्‍देह न करे; क्योंकि सन्‍देह करने वाला समुद्र की लहर के समान है जो हवा से बहती और उछलती है। 
James 1:7 ऐसा मनुष्य यह न समझे, कि मुझे प्रभु से कुछ मिलेगा। 
James 1:8 वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।
James 1:9 दीन भाई अपने ऊंचे पद पर घमण्‍ड करे। 
James 1:10 और धनवान अपनी नीच दशा पर: क्योंकि वह घास के फूल की नाईं जाता रहेगा। 
James 1:11 क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उस की शोभा जाती रहती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने मार्ग पर चलते चलते धूल में मिल जाएगा। 
James 1:12 धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकल कर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करने वालों को दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25


गुरुवार, 16 मार्च 2017

नाम


   चार्ल्स पॉन्ज़ी का नाम सदा आर्थिक धोखेबाज़ी के साथ, जिसे उसने जीवन-शैली बना लिया था, जुड़ा रहेगा। कुछ छोटे वित्तीय अपराधों और थोड़ा समय जेल में बिताने के पश्चात, उसने निवेशकों को उनके द्वारा निवेश किए गए धन का 45 दिनों में 50% और 90 दिनों में 100% मुनाफे का प्रस्ताव दिया। यद्यपि लोगों को ऐसा हो पाना संभव प्रतीत नहीं होता था, परन्तु फिर भी निवेशकों द्वारा पैसा बहुतायत से आने लगा। पॉन्ज़ी ने नए निवशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को पैसा दिया और अपनी खर्चीली जीवन शैली में व्यय किया। जब तक अगस्त 1920 में उसकी धोखेबाज़ी का पर्दाफाश हुआ, निवेशक 2 करोड़ डॉलर गँवा चुके थे और पाँच बैंक डूब गए थे। पॉन्ज़ी ने 3 वर्ष जेल में बिताए, फिर उसे इटली निर्वासित कर दिया गया, जहाँ 1949 में 66 वर्ष की आयु में, कंगाली में उसका देहांत हो गया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में, नीतिवचन नामक पुस्तक में बुद्धिमान और मूर्ख लोगों की प्रसिद्धि की तुलना कई बार की गई है: "धर्मी को स्मरण कर के लोग आशीर्वाद देते हैं, परन्तु दुष्टों का नाम मिट जाता है। जो खराई से चलता है वह निडर चलता है, परन्तु जो टेढ़ी चाल चलता है उसकी चाल प्रगट हो जाती है" (नीतिवचन 10:7, 9)। सुलेमान ने इसका सार बताते हुए कहा, "बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है, और सोने चान्दी से औरों की प्रसन्नता उत्तम है" (नीतिवचन 22:1)।

   हम एक अच्छे नाम को चाहते हैं, अपने आप को सम्मानित करने के लिए नहीं परन्तु हमारे प्रभु परमेशवर यीशु मसीह के साथ हमारा नाम जुड़े होने के कारण क्योंकि उसका नाम सब नामों में सर्वश्रेष्ठ और सबसे ऊपर है। डेविड मैक्कैसलैण्ड


अच्छा नाम हमारे महान परमेश्वर का आदर करता है।

जो उसने मसीह के विषय में किया, कि उसको मरे हुओं में से जिलाकर स्‍वर्गीय स्थानों में अपनी दाहिनी ओर। सब प्रकार की प्रधानता, और अधिकार, और सामर्थ, और प्रभुता के, और हर एक नाम के ऊपर, जो न केवल इस लोक में, पर आने वाले लोक में भी लिया जाएगा, बैठाया। - इफिसियों 1:20-21

बाइबल पाठ: नीतिवचन 10:1-15
Proverbs 10:1 सुलैमान के नीतिवचन।। बुद्धिमान पुत्र से पिता आनन्दित होता है, परन्तु मूर्ख पुत्र के कारण माता उदास रहती है। 
Proverbs 10:2 दुष्टों के रखे हुए धन से लाभ नहीं होता, परन्तु धर्म के कारण मृत्यु से बचाव होता है। 
Proverbs 10:3 धर्मी को यहोवा भूखों मरने नहीं देता, परन्तु दुष्टों की अभिलाषा वह पूरी होने नहीं देता। 
Proverbs 10:4 जो काम में ढिलाई करता है, वह निर्धन हो जाता है, परन्तु कामकाजी लोग अपने हाथों के द्वारा धनी होते हैं। 
Proverbs 10:5 जो बेटा धूपकाल में बटोरता है वह बुद्धि से काम करने वाला है, परन्तु जो बेटा कटनी के समय भारी नींद में पड़ा रहता है, वह लज्जा का कारण होता है। 
Proverbs 10:6 धर्मी पर बहुत से आर्शीवाद होते हैं, परन्तु उपद्रव दुष्टों का मुंह छा लेता है। 
Proverbs 10:7 धर्मी को स्मरण कर के लोग आशीर्वाद देते हैं, परन्तु दुष्टों का नाम मिट जाता है। 
Proverbs 10:8 जो बुद्धिमान है, वह आज्ञाओं को स्वीकार करता है, परन्तु जो बकवादी और मूढ़ है, वह पछाड़ खाता है। 
Proverbs 10:9 जो खराई से चलता है वह निडर चलता है, परन्तु जो टेढ़ी चाल चलता है उसकी चाल प्रगट हो जाती है। 
Proverbs 10:10 जो नैन से सैन करता है उस से औरों को दुख मिलता है, और जो बकवादी और मूढ़ है, वह पछाड़ खाता है। 
Proverbs 10:11 धर्मी का मुंह तो जीवन का सोता है, परन्तु उपद्रव दुष्टों का मुंह छा लेता है। 
Proverbs 10:12 बैर से तो झगड़े उत्पन्न होते हैं, परन्तु प्रेम से सब अपराध ढंप जाते हैं। 
Proverbs 10:13 समझ वालों के वचनों में बुद्धि पाई जाती है, परन्तु निर्बुद्धि की पीठ के लिये कोड़ा है। 
Proverbs 10:14 बुद्धिमान लोग ज्ञान को रख छोड़ते हैं, परन्तु मूढ़ के बोलने से विनाश निकट आता है। 
Proverbs 10:15 धनी का धन उसका दृढ़ नगर है, परन्तु कंगाल लोग निर्धन होने के कारण विनाश होते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72


बुधवार, 15 मार्च 2017

प्रार्थना


   1982 में द टुडे शो में, प्रसारित होने वाले बिली ग्राहम के साक्षात्कार से एक दिन पहले, उनके जन संपर्क निर्देशक, लैरी रॉस ने साक्षात्कार लेने वालों से कहा कि बिली ग्राहम को साक्षात्कार देने से पहले प्रार्थना करने के लिए एक व्यक्तिगत कमरे की आवश्यकता पड़ेगी। परन्तु जब बिली ग्राहम स्टूडियो पहुँचे तो उनके सहायक ने रॉस से कहा कि बिली ग्राहम को उस कमरे की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि "श्री. ग्राहम प्रातः उठने के साथ ही प्रार्थना करना आरंभ कर देते हैं, वे नाश्ता खाते समय भी प्रार्थना कर रहे थे, कार में आते हुए मार्ग में वे प्रार्थना करते हुए आए, और संभवतः पूरे सक्षात्कार के समय वे प्रार्थना में होंगे।" बाद में रॉस ने कहा कि "एक युवा होने के नाते मेरे लिए यह सीखने के लिए बहुत महान पाठ था।"

   प्रार्थना में होना कोई घटना नहीं है; यह परमेश्वर के साथ संबंध में रहने का एक तरीका है। इस प्रकार का प्रगाढ़ संबंध तब विकसित होता है जब परमेश्वर के लोग प्रार्थना में रहने को जीवन शैली का अंग मान कर उसमें बने रहते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए गए भजन हमें प्रतिदिन प्रभु के लिए अपनी आवाज़ उठाकर दिन का आरंभ करने के लिए कहते हैं (भजन 5:3); अपने दिन को परमेश्वर के साथ वार्तालाप से भरने के लिए कहते हैं (भजन 55:17); और जब हम पर दोषारोपण किया जाए, हमारी निन्दा की जाए तो अपनेआप को पूर्णतः परमेश्वर के सामने प्रार्थना में समर्पित कर देने को कहते हैं (भजन 109:4)। हम प्रार्थना को जीवन के मार्ग के रूप में तब ही विकसित करते हैं यदि हम परमेश्वर के साथ लगातार बने रहना चाहते हैं (भजन 42:1-4; 84:1-2; 130:5-6)।

   जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में परमेश्वर के साथ जुड़े रहने के लिए प्रार्थना ही माध्यम है। परमेश्वर के कान सदैव अपने बच्चों की ओर लगे रहते हैं। प्रार्थना वह माध्यम है जिसके द्वारा हम परमेश्वर से कभी भी, किसी भी परिस्थिति में, किसी भी बात के लिए अपने दिल की बात खुल कर कह सकते हैं, उससे मार्गदर्शन, शांति और सांत्वना प्राप्त कर सकते हैं, और प्रार्थना में दूसरों को भी उनकी आवशयकताओं के लिए उसके अनुग्रह के सिंहासन के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं। - मार्विन विलियम्स


प्रार्थना में परमेश्वर आपके शब्दों से भी बढ़कर सुनता है; 
वह आपके हृदय को सुनता है।

परन्तु मैं तेरी सामर्थ्य का यश गाऊंगा, और भोर को तेरी करूणा का जयजयकार करूंगा। क्योंकि तू मेरा ऊंचा गढ़ है, और संकट के समय मेरा शरणस्थान ठहरा है। हे मेरे बल, मैं तेरा भजन गाऊंगा, क्योंकि हे परमेश्वर, तू मेरा ऊंचा गढ़ और मेरा करूणामय परमेश्वर है। - भजन 59:16-17

बाइबल पाठ: भजन 5
Psalms 5:1 हे यहोवा, मेरे वचनों पर कान लगा; मेरे ध्यान करने की ओर मन लगा। 
Psalms 5:2 हे मेरे राजा, हे मेरे परमेश्वर, मेरी दोहाई पर ध्यान दे, क्योंकि मैं तुझी से प्रार्थना करता हूं। 
Psalms 5:3 हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना कर के तेरी बाट जोहूंगा। 
Psalms 5:4 क्योंकि तू ऐसा ईश्वर नहीं जो दुष्टता से प्रसन्न हो; बुराई तेरे साथ नहीं रह सकती।
Psalms 5:5 घमंडी तेरे सम्मुख खड़े होने न पांएगे; तुझे सब अनर्थकारियों से घृणा है। 
Psalms 5:6 तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है। 
Psalms 5:7 परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूंगा। 
Psalms 5:8 हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगुवाई कर; मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा। 
Psalms 5:9 क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं। 
Psalms 5:10 हे परमेश्वर तू उन को दोषी ठहरा; वे अपनी ही युक्तियों से आप ही गिर जाएं; उन को उनके अपराधों की अधिकाई के कारण निकाल बाहर कर, क्योंकि उन्होंने तुझ से बलवा किया है।
Psalms 5:11 परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों। 
Psalms 5:12 क्योंकि तू धर्मी को आशिष देगा; हे यहोवा, तू उसको अपने अनुग्रहरूपी ढाल से घेरे रहेगा।

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 26-27
  • मरकुस 14:27-53


मंगलवार, 14 मार्च 2017

मध्यस्थ


   कल्पना कीजिए कि आप पर्वत की तलहटी पर, अपने समाज के लाखों अन्य लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाए हुए खड़े हैं। ऊपर भारी गर्जन और बिजली की चकाचौंध हो रही है; आपको तुरही का कर्णभेदी स्वर सुनाई देता है। आग की लपटों के मध्य, परमेश्वर पर्वत की चोटी पर उतर आता है। चोटी धुएं से ढक जाती है; सारा पर्वत काँप रहा है, और साथ ही आप भी काँप रहे हैं (निर्गमन 19:16-20)।

   जब सिनै पर्वत के निकट इस्त्राएलियों को इस भयावह अनुभव से होकर निकलना पड़ा, तो उन्हों ने मूसा से निवेदन किया, "...तू ही हम से बातें कर, तब तो हम सुन सकेंगे; परन्तु परमेश्वर हम से बातें न करे, ऐसा न हो कि हम मर जाएं" (निर्गमन 20:19)। इसत्राएली मूसा से निवेदन कर रहे थे कि वह उनके और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के बीच मध्यस्थ बने, "और वे लोग तो दूर ही खड़े रहे, परन्तु मूसा उस घोर अन्धकार के समीप गया जहां परमेश्वर था" (निर्गमन 20:21)। इसके बाद से मूसा ही परमेश्वर से मिलने जाया करता था और परमेश्वर के सन्देश लाकर इस्त्राएलियों को सुना दिया करता था।

   आज हम भी उसी महान परमेश्वर कि आराधना करते हैं जिसने सिनै पर्वत पर अपनी आशचर्यजनक महानता प्रगट की। क्योंकि परमेश्वर की सिद्ध पवित्रता है, और हम अत्यन्त पापी स्वभाव के हैं, इसलिए हम उसके संपर्क में नहीं आ सकते हैं, उससे संबंध नहीं बना सकते हैं। यदि हम अपने आप पर ही छोड़ दिए जाएं तो हम भी, परमेश्वर की उपस्थिति में उन इस्त्राएलियों के समान ही काँपने लगेंगे, और ऐसा होना भी चाहिए। परन्तु प्रभु यीशु ने हमारे लिए यह संभव कर दिया कि हम परमेश्वर से संबंध बना सकें, उसके समीप आ सकें, उस से संवाद कर सकें क्योंकि प्रभु यीशु ने हमारे पापों को अपने ऊपर लेकर, क्रूस पर दिए गए बलिदान तथा मृतकों में से अपने पुनरुत्थान द्वारा स्वयं ही उनका सारा दण्ड चुका दिया (1 कुरिन्थियों 15:1-4), और परमेश्वर से हमारा मेल-मिलाप होने का मार्ग बना कर दे दिया। अब जो भी अपने पापों से पश्चाताप कर के साधारण विश्वास द्वारा प्रभु यीशु के इस कार्य को स्वीकार करता है, उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करके अपना जीवन उसे समर्पित कर देता है, वह परमेश्वर की सन्तान, उसके परिवार का सदस्य हो जाता है (यूहन्ना 1:12-13)। अपने सभी अनुयायियों के लिए, सिद्ध एवं पवित्र परमेश्वर तथा अपने चेलों के बीच आज भी संपर्क बनाए रखने वाला मध्यस्थ प्रभु यीशु ही है (रोमियों 8:34; 1 तिमुथियुस 2:5)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रभु यीशु ने हमारे और परमेश्वर के बीच की दूरी को पाट दिया है।

हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूं जो पहिले सुना चुका हूं, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिस में तुम स्थिर भी हो। उसी के द्वारा तुम्हारा उद्धार भी होता है, यदि उस सुसमाचार को जो मैं ने तुम्हें सुनाया था स्मरण रखते हो; नहीं तो तुम्हारा विश्वास करना व्यर्थ हुआ। इसी कारण मैं ने सब से पहिले तुम्हें वही बात पहुंचा दी, जो मुझे पहुंची थी, कि पवित्र शास्त्र के वचन के अनुसार यीशु मसीह हमारे पापों के लिये मर गया। ओर गाड़ा गया; और पवित्र शास्त्र के अनुसार तीसरे दिन जी भी उठा। - 1 कुरिन्थियों 15:1-4

बाबल पाठ: निर्गमन 20:18-26
Exodus 20:18 और सब लोग गरजने और बिजली और नरसिंगे के शब्द सुनते, और धुआं उठते हुए पर्वत को देखते रहे, और देख के, कांपकर दूर खड़े हो गए; 
Exodus 20:19 और वे मूसा से कहने लगे, तू ही हम से बातें कर, तब तो हम सुन सकेंगे; परन्तु परमेश्वर हम से बातें न करे, ऐसा न हो कि हम मर जाएं। 
Exodus 20:20 मूसा ने लोगों से कहा, डरो मत; क्योंकि परमेश्वर इस निमित्त आया है कि तुम्हारी परीक्षा करे, और उसका भय तुम्हारे मन में बना रहे, कि तुम पाप न करो। 
Exodus 20:21 और वे लोग तो दूर ही खड़े रहे, परन्तु मूसा उस घोर अन्धकार के समीप गया जहां परमेश्वर था।
Exodus 20:22 तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू इस्त्राएलियों को मेरे ये वचन सुना, कि तुम लोगों ने तो आप ही देखा है कि मैं ने तुम्हारे साथ आकाश से बातें की हैं। 
Exodus 20:23 तुम मेरे साथ किसी को सम्मिलित न करना, अर्थात अपने लिये चान्दी वा सोने से देवताओं को न गढ़ लेना। 
Exodus 20:24 मेरे लिये मिट्टी की एक वेदी बनाना, और अपनी भेड़-बकरियों और गाय-बैलों के होमबलि और मेलबलि को उस पर चढ़ाना; जहां जहां मैं अपने नाम का स्मरण कराऊं वहां वहां मैं आकर तुम्हें आशीष दूंगा। 
Exodus 20:25 और यदि तुम मेरे लिये पत्थरों की वेदी बनाओ, तो तराशे हुए पत्थरों से न बनाना; क्योंकि जहां तुम ने उस पर अपना हथियार लगाया वहां तू उसे अशुद्ध कर देगा। 
Exodus 20:26 और मेरी वेदी पर सीढ़ी से कभी न चढ़ना, कहीं ऐसा न हो कि तेरा तन उस पर नंगा देख पड़े।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 14:1-26