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शुक्रवार, 22 दिसंबर 2017

आराधना


   क्रिसमस का एक लोकप्रीय गीत है The Little Drummer Boy जो 1941 में लिखा गया था। अपने मूल रूप में यह गीत "Carol of the Drum" के नाम से जाना जाता था, और चैक देश के एक पारंपरिक कैरॉल (क्रिसमस के गीत) पर आधारित है। यद्यपि परमेश्वर के वचन बाइबल में मसीह यीशु के जन्म से संबंधित घटनाओं के विवरण, मत्ती 1-2 तथा लूका 2, में कहीं भी किसी ड्रम बजाने वाले लड़के का उल्लेख नहीं है परन्तु इस गीत का अर्थ सीधे आराधना के तात्पर्य के मर्म को ले जाता है। इस गीत में कहानी बनाई गई है कि कैसे प्रभु यीशु के जन्म के समय आने वाले ज्योतिषियों ने मसीह के जन्म के स्थान पर, एक ड्रम बजाने वाले लड़के को बुलाया। परन्तु उस लड़के के पास उन ज्योतिषियों के समान प्रभु को भेंट देने के लिए कुछ नहीं था, इसलिए जो उसके पास था उसने वही प्रभु को अर्पित किया। उसने शिशु प्रभु यीशु के लिए अपना ड्रम यह कहते हुए बजाया, "मैंने उसके लिए अपना सर्वश्रेष्ठ बजाया है।"

   यह आराधना की उस भावना के अनुरूप है जो प्रभु यीशु ने विधवा और उसकी दो दमड़ी की घटना के समय कही थी, प्रभु यीशु ने कहा था: "मैं तुम से सच कहता हूं कि इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है। क्योंकि उन सब ने अपनी अपनी बढ़ती में से दान में कुछ डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से अपनी सारी जीविका डाल दी है" (लूका 21:3-4)।

   उस ड्रम बजाने वाले लड़के के पास बस अपना ड्रम ही था, और उस निर्धन विधवा के पास बस दो दमड़ी ही थीं, और जिस परमेश्वर की वह आराधना करना चाहते थे वह उनके सर्वस्व के योग्य था। लेकिन उनका आराध्य प्रभु परमेश्वर आराधना की भेंट के सांसारिक मूल्य को नहीं वरन देने वाले के हृदय को देखता है; उसके आँकलन में उस विधवा ने अन्य सभी धनवानों से अधिक अर्पित किया था।

   हमारे प्रभु ने हमारे लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया; वह हमारे सर्वस्व का, हमारी आराधना का हकदार है; और सच्चे मन से दी गई किसी भेंट को तुच्छ नहीं जानता है, उसका तिरिस्कार नहीं करता है। - बिल क्राउडर


जब आप अपना सर्वस्व प्रभु को अर्पित करते हैं, 
तो आपका थोड़ा भी प्रभु की दृष्टि में बहुत होता है।

टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता। - भजन 51:17

बाइबल पाठ: लूका 21:1-4
Luke 21:1 फिर उसने आंख उठा कर धनवानों को अपना अपना दान भण्‍डार में डालते देखा। 
Luke 21:2 और उसने एक कंगाल विधवा को भी उस में दो दमडिय़ां डालते देखा। 
Luke 21:3 तब उसने कहा; मैं तुम से सच कहता हूं कि इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है। 
Luke 21:4 क्योंकि उन सब ने अपनी अपनी बढ़ती में से दान में कुछ डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 6-7
  • प्रकाशितवाक्य 13


गुरुवार, 21 दिसंबर 2017

अद्भुत प्रेम


   मेरी सहेली के पति की मृत्योप्रांत, उनके बिना अपने पहले क्रिसमस के निकट आने के समय में उसने एक उल्लेखनीय पत्र लिखा, जिसमें उसने कल्पना की, कि प्रभु यीशु के पृथ्वी पर जन्म के समय स्वर्ग में कैसा रहा होगा। उसने लिखा, "यह वैसा ही रहा होगा जैसा परमेश्वर सदाकाल से जानता था कि होगा; वह त्रिएक परमेश्वर है, और उसने हम मनुष्यों के पाप क्षमा तथा उद्धार के लिए अपने इस त्रिएकत्व में से एक को अलग होने दिया। स्वर्ग परमेश्वर पुत्र से रिक्त हो गया। मैं अपने विषय सोचूँ तो जिससे मैं प्रेम करती हूँ, जिसके साथ मैं एक हूँ, उसे किसी और के लिए जाने देने के बारे में सोच भी नहीं सकती; परन्तु परमेश्वर ने सोचा और किया। उसने अपने घर को मेरे घर से कहीं अधिक खाली हो जाने दिया, ताकि मैं उसके साथ उसके घर में सदा काल तक रह सकूँ।"

   जब प्रभु यीशु इस संसार में लोगों को परमेश्वर के राज्य और पाप क्षमा के बारे में सिखा रहे थे और उन्हें चंगा कर रहे थे, उन्होंने लोगों से कहा, "क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं। क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा" (यूहन्ना 6:38, 40)।

   जब प्रभु यीशु ने बेतलैहम में जन्म लिया तो यह परमेश्वर के हम मनुष्यों के प्रति प्रेम को प्रदर्शित करने के कार्य का आरंभ था, जिसका अन्त कलवरी के क्रूस पर बलिदान होना, मारा जाना, गाड़ा जाना और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठना था, जिससे संसार के सभी मनुष्यों के लिए पाप से मुक्ति और उद्धार का मार्ग उपलब्ध हो सके।

   "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु के जन्म से परमेश्वर मनुष्यों के निकट ले आया; 
मसीह यीशु का क्रूस मनुष्यों को परमेश्वर के निकट ले जाता है।

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। - रोमियों 5:8

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:32-40
John 6:32 यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं कि मूसा ने तुम्हें वह रोटी स्वर्ग से न दी, परन्तु मेरा पिता तुम्हें सच्ची रोटी स्वर्ग से देता है। 
John 6:33 क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है। 
John 6:34 तब उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर। 
John 6:35 यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। 
John 6:36 परन्तु मैं ने तुम से कहा, कि तुम ने मुझे देख भी लिया है, तोभी विश्वास नहीं करते। 
John 6:37 जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा। 
John 6:38 क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं। 
John 6:39 और मेरे भेजने वाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊं परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊं। 
John 6:40 क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 4-5
  • प्रकाशितवाक्य 12


बुधवार, 20 दिसंबर 2017

शान्ति


   युद्ध का खर्चा उठाना किसी के भी बस की बात नहीं है। आज संसार के अनेकों देश में सशस्त्र संघर्ष चल रहे हैं; ये संघर्ष कब और कैसे थमेंगे? हम सब शान्ति चाहते हैं, परन्तु न्याय की कीमत पर नहीं, इसलिए शान्ति लाने के लिए संघर्ष और हिंसा में लीन रहते हैं।

   प्रभु यीशु का जन्म "शान्ति" के समय में हुआ था; परन्तु वह शान्ति भारी दमन की कीमत पर स्थापित थी। उन दिनों के रोमी के शासन में शान्ति इसलिए थी क्योंकि रोमी लोग प्रत्येक विरोध को तुरंत विरोधियों का नाश कर के दबा देते थे।

   उस "शान्ति" के समय से लगभग सात सौ वर्ष पूर्व, शत्रु सेनाएं यरुशलेम पर चढ़ाई करने की तैयारी कर रही थीं। यूद्ध की छाया के उस समय में परमेश्वर ने एक अद्भुत बात कही; परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता यशायाह में होकर यह बात अपने वचन में लिखवाई: "जो लोग अन्धियारे में चल रहे थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा..." (यशायाह 9:2); और "क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है...उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा..." (यशायाह9:6-7)। हम परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में, मत्ती में लिखा हुआ पाते हैं कि यशायाह द्वारा की गई यह भविष्यवाणी मसीह यीशु के जन्म में पूरी हुई (मत्ती 1:22-23; साथ ही देखें यशायाह 7:14)।

   हम चरनी के दृश्य में दिखाए जाने वाले शिशु यीशु को बड़े लाड़-प्यार से देखते हैं, उसकी उपासना करते हैं; और निःसहाय दिखने वाला वही शिशु सर्वशक्तिमान प्रभु भी है। एक दिन वह "...दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा" (यशायाह 9:7)। उसका शासन, रोमी शासन के समान दमनकारी नहीं होगा; वह शान्ति के राजकुमार का शान्ति भरा शासन होगा, उसकी शान्ति वास्तविक और आशीषपूर्ण होगी। - टिम गुस्टाफ़्सन


परमेश्वर का मेमना यहूदा का सिंह भी है।

यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो। कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। - मत्ती 1:22-23

बाइबल पाठ: यशायाह 9:1-7
Isaiah 9:1 तौभी संकट-भरा अन्धकार जाता रहेगा। पहिले तो उसने जबूलून और नप्ताली के देशों का अपमान किया, परन्तु अन्तिम दिनों में ताल की ओर यरदन के पार की अन्यजातियों के गलील को महिमा देगा। 
Isaiah 9:2 जो लोग अन्धियारे में चल रहे थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा; और जो लोग घोर अन्धकार से भरे हुए मृत्यु के देश में रहते थे, उन पर ज्योति चमकी। 
Isaiah 9:3 तू ने जाति को बढ़ाया, तू ने उसको बहुत आनन्द दिया; वे तेरे साम्हने कटनी के समय का सा आनन्द करते हैं, और ऐसे मगन हैं जैसे लोग लूट बांटने के समय मगन रहते हैं। 
Isaiah 9:4 क्योंकि तू ने उसकी गर्दन पर के भारी जूए और उसके बहंगे के बांस, उस पर अंधेर करने वाले की लाठी, इन सभों को ऐसा तोड़ दिया है जेसे मिद्यानियों के दिन में किया था। 
Isaiah 9:5 क्योंकि युद्ध में लड़ने वाले सिपाहियों के जूते और लोहू में लथड़े हुए कपड़े सब आग का कौर हो जाएंगे। 
Isaiah 9:6 क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। 
Isaiah 9:7 उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा, इसलिये वे उसको दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा। सेनाओं के यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 11


मंगलवार, 19 दिसंबर 2017

आशा


   सन 1861 के ग्रीष्म ऋतु में हेनरी वैड्सवर्थ लौंगफैलो की पत्नी की मृत्यु हो गई। उस वर्ष, उसके बिना के पहले क्रिसमस पर उन्होंने अपनी डायरी में लिखा, "अवकाश के ये दिन अकथनीय रूप से कितने दुखद हैं।" इससे अगले क्रिसमस पर भी हालत कुछ अधिक बेहतर नहीं थे; उन्होंने डायरी में लिखा, "बच्चे मुझे क्रिसमस की मुबारकबाद देते हैं, परन्तु मेरे लिए यह सत्य नहीं है।" सन 1863 में, जब अमेरीकी गृह युद्ध लंबा खिंच रहा था, उनका बेटा अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध सेना में भर्ती हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। उस एक और दुखद वर्ष, जब क्रिसमस के उपलक्ष में चर्च में घंटे बज रहे थे, लौंगफैलो ने अपनी कलम उठाकर एक कविता के बोल लिखने आरंभ किए, "I Heard the Bells on Christmas Day" (मैंने क्रिसमस के दिन घंटों की ध्वनि सुनी)।

   इस कविता का आरंभ सुखद और लयबद्ध है, परन्तु फिर वह एक दुखद मोड़ ले लेती है। इसके चौथे अन्तरे में दिया गया ’श्रापित’ तोपों के ’गरजन’ का आक्रमक चित्रण इसे क्रिसमस के गीत के समान प्रतीत नहीं होने देता है। पांचवें और छठवें अंतरे तक पहुँचते-पहुँचते, लौंगफैलो का भीतरी उजड़ापन पूर्णतः प्रत्यक्ष हो जाता है। उन्होंने लिखा, "ऐसा लगता है कि भूकंप ने पृथ्वी की नींव हिला दी है।" कवि ने पूर्ण हताशा में लिखा, "मैंने निराशा में अपना सिर झुका लिया, और कहा पृथ्वी पर कोई शान्ति नहीं है।"

   परन्तु उस सूने क्रिसमस के दिन की गहराईयों में से लौंगफैलो ने आशा की अदम्य आवाज़ सुनी, और कविता का यह सातवां अंतरा लिखा: "फिर घंटे और तेज़ बजने लगे: ’परमेश्वर न मरा है और न सोया हुआ है! असत्य की हार होगी और सत्य की जीत; और पृथ्वी पर मनुश्यों में शान्ति और सद्भावना राज्य करेगी।"

   गृह युद्ध चलता रहा, और लौंगफैलो की त्रास्दियों की व्यक्तिगत यादें भी ज़ारी रहीं, परन्तु वे क्रिसमस को ठंडा नहीं कर सकीं। प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ है! प्रभु ने प्रतिज्ञा की है, "और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं" (प्रकाशितवाक्य 21:5); सारे संसार के लिए आशा उपलब्ध है। - टिम गुस्टाफ्सन


इम्मैन्युएल - परमेश्वर हमारे साथ

यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है। उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करूणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है। - भजन 98:2-3

बाइबल पाठ: लूका 2:8-14
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • योना 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 10


सोमवार, 18 दिसंबर 2017

आश्वस्त


   पिछले 13 वर्षों से हमारे पास एक पालतु कुतिया रही है, और उसके सोने का स्थान हमारे पलंग के किनारे पर है। सामान्यतः, वहाँ लेटे हुए वह कोई शोर नहीं करती है, हिलती डुलती नहीं है। लेकिन पिछले कुछ समय से उसने रात में उठकर हमें अपने पंजों से टटोलना आरंभ किया हुआ है। पहले तो हमने सोचा कि वह बाहर जाना चाहती है, इसलिए हम उसे बाहर भी लेकर गए; परन्तु फिर हमें एहसास हुआ कि वह बस आश्वस्त होना चाहती है कि हम वहीं उसके पास ही हैं। अपनी आयु के कारण अब वह बहरी हो गई है और उसे दिखाई भी कम देने लगा है, जिससे न वह हमारी साँसों की आवाज़ सुनने पाती है, और न ही रात में हमें देखने पाती है। इसलिए वह बीच-बीच में उठकर आश्वस्त होना चाहती है कि हम वहीं उसके पास ही हैं। इसलिए मैं हाथ नीचे करके उसका सिर थपथपा देता हूँ या सहला देता हूँ, और वह आश्वस्त होकर फिर से सो जाती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, दाऊद ने परमेश्वर से पूछा, "मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?" (भजन 139:7)। दाऊद के लिए यह बड़े आश्वासन की बात थी। उसने आगे लिखा, "यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं" (पद 9-12)।

   आप क्या संसार के अन्धकार में भटक गए हैं? क्या दुखित, भयभीत, दोषी, शंका में, या निराश हैं? क्या परमेश्वर के विषय आश्वस्त नहीं हैं? उसके लिए कुछ भी अन्धकारमय नहीं है। चाहे वह दिखाई न भी दे, वह आपके निकट ही है; उसने इस बात का आश्वसन दिया है (इब्रानियों 13:5)। अपना हाथ उसकी ओर बढ़ाएं और उसे टटोलें; वह आपको कभी निराश नहीं करेगा, सदा आश्वस्त ही करेगा। - डेविड रोपर


परमेश्वर की उपस्थिति के एहसास से अन्धकारपूर्ण भय भाग जाते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 139:7-12
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • ओब्द्याह
  • प्रकाशितवाक्य 9


रविवार, 17 दिसंबर 2017

विश्राम


   लड़कपन में, पैसे कमाने के लिए, मैं अखबार बाँटने का काम किया करता था। क्योंकि मैं प्रातः के अखबार बाँटा करता था, इसलिए मुझे प्रति प्रातः, सप्ताह के सातों दिन, 3:00 बजे उठना होता था, जिससे मैं मुझे दिए गए 140 अखबार उनके घरों तक प्रातः के 6:00 बजने तक बाँट दूँ।

   परन्तु प्रति वर्ष एक दिन होता था जो अन्य दिनों से भिन्न था - हम क्रिसमस प्रातः का अखबार क्रिसमस संध्या को ही बाँट देते थे। इसका अर्थ था कि क्रिसमस ही वह एकमात्र दिन होता था जब मैं किसी भी अन्य सामान्य व्यक्ति के समान सुबह तक सोते हुए विश्राम ले सकता था।

   समय के साथ मैंने क्रिसमस की अनेकों कारणों से सराहना करना सीखा, परन्तु उन में से एक कारण जो उन दिनों मेरे लिए विशेष था, वह था, वर्ष के अन्य किसी भी दिन से अलग, क्रिसमस मेरे लिए विश्राम का दिन होता था।

   उस समय मैंने उस सच्चे विश्राम के बारे में, जो क्रिसमस लेकर आता है न अच्छे से समझा था और ना जाना था। लेकिन अब मैं जानता हूँ कि मसीह संसार में इसलिए आया कि जो लोग परमेश्वर के सम्मुख धर्मी ठहरने के लिए नियमों और व्यवस्था के कार्यों को पूरा करने के बोझ के तले दबे हुए हैं, जैसा कर पाना कभी संभव नहीं है, वे प्रभु यीशु मसीह से मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के द्वारा इस व्यर्थ कशमकश से छूटें और विश्राम पाएं। प्रभु यीशु ने कहा, "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)।

   इस संसार में, जिसका अकेले सामना करना, हमारी सहनशक्ति से बाहर है, प्रभु यीशु मसीह हमें विश्राम देता है, जब हम अपने पापों के लिए पश्चाताप और उसे किए गए समर्पण के द्वारा उसके साथ एक संबंध में बंध जाते हैं। - बिल क्राउडर


जब हम प्रभु परमेश्वर में विश्राम करते हैं; तब हमारी आत्मा भी विश्राम पाती है।

यहोवा जो तेरा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र है, वह यों कहता है, मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुझे तेरे लाभ के लिये शिक्षा देता हूं, और जिस मार्ग से तुझे जाना है उसी मार्ग पर तुझे ले चलता हूं। भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के समान होता; - यशायाह 48:17-18

बाइबल पाठ: मत्ती 11:28- 12:8
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। 
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। 
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।
Matthew 12:1 उस समय यीशु सब्त के दिन खेतों में से हो कर जा रहा था, और उसके चेलों को भूख लगी, सो वे बालें तोड़ तोड़ कर खाने लगे। 
Matthew 12:2 फरीसियों ने यह देखकर उस से कहा, देख तेरे चेले वह काम कर रहे हैं, जो सब्त के दिन करना उचित नहीं। 
Matthew 12:3 उसने उन से कहा; क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने, जब वह और उसके साथी भूखे हुए तो क्या किया? 
Matthew 12:4 वह क्योंकर परमेश्वर के घर में गया, और भेंट की रोटियां खाईं, जिन्हें खाना न तो उसे और उसके साथियों को, पर केवल याजकों को उचित था? 
Matthew 12:5 या तुम ने व्यवस्था में नहीं पढ़ा, कि याजक सब्त के दिन मन्दिर में सब्त के दिन के विधि को तोड़ने पर भी निर्दोष ठहरते हैं। 
Matthew 12:6 पर मैं तुम से कहता हूं, कि यहां वह है, जो मन्दिर से भी बड़ा है। 
Matthew 12:7 यदि तुम इस का अर्थ जानते कि मैं दया से प्रसन्न हूं, बलिदान से नहीं, तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते। 
Matthew 12:8 मनुष्य का पुत्र तो सब्त के दिन का भी प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 7-9
  • प्रकाशितवाक्य 8


शनिवार, 16 दिसंबर 2017

नाम


   एक दोपहर मैं अपने एक मित्र के साथ, जिसे मैं अपना आध्यात्मिक सलाहकार मानता हूँ, परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेने के बारे में चर्चा कर रहा था। परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई दस आज्ञाओं में से तीसरी है, "तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा" (निर्गमन 20:7)। हमें लगता है कि इसका अभिप्राय केवल परमेश्वर के नाम को किसी गाली के या कसम खाने के साथ जोड़ने, या उसके नाम को हल्के में या अनादर के साथ लेने से ही है। परन्तु मेरा मित्र मुझे आध्यात्मिक बातें सिखाने के अवसर को कभी जाने नहीं देता था। उसने मेरे सामने चुनौती रखी कि मैं और भी अन्य ऐसी बातें सोचूँ जिनके द्वारा हम परमेश्वर के नाम का अनादर करते हैं या उसे व्यर्थ लेते हैं।

   जब हम, हमें दिए जा रहे परामर्श का इन्कार करते हैं और अपनी बात को सही ठहराने के लिए कह देते हैं, "परमेश्वर ने मुझसे इसे ऐसे करने को कहा है" तो हम उसके नाम का दुरुप्योग करते हैं, यदि हम ऐसा केवल अपनी इच्छापूर्ति के लिए करते हैं।

   जब हम परमेश्वर के वचन को संदर्भ से बाहर ले एवं प्रयोग कर के, अपने ही विचार को सही ठहराने का प्रयास करते हैं, हम परमेश्वर के वचन को व्यर्थ लेते हैं।

   जब हम पवित्र-शास्त्र से असावधानीपूर्वक सिखाते, पढ़ाते, या प्रचार करते हैं, हम परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेते हैं।

   लेखक जॉन पाइपर ने परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेने के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए: "कहने का तात्पर्य है...’उसके नाम को खाली न करें’...परमेश्वर को उसकी महिमा और गौरव से रिक्त न कर दें।" पाइपर कहते हैं कि हम उसके नाम का दुरुप्योग करते हैं जब हम "परमेश्वर के विषय ऐसे बात करते हैं जिससे उसका महत्व कम हो जाता है।"

   मेरे मित्र ने मुझे उकसाया कि मैं परमेश्वर के नाम को उचित आदर दूँ और उसके वचन को सावधानीपूर्वक और ठीक-ठीक प्रयोग करने के लिए उप्युक्त ध्यान करूँ। इससे कुछ भी कम, उसके नाम का अनादर होगा। - रैंडी किलगोर


परमेश्वर का नाम: सावधानीपूर्वक प्रयोग करें।

यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ! - भजन 96:8

बाइबल पाठ: निर्गमन 20:1-7
Exodus 20:1 तब परमेश्वर ने ये सब वचन कहे, 
Exodus 20:2 कि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा हूं, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है।
Exodus 20:3 तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर कर के न मानना।
Exodus 20:4 तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है। 
Exodus 20:5 तू उन को दण्डवत न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं, 
Exodus 20:6 और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं, उन हजारों पर करूणा किया करता हूं।
Exodus 20:7 तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 4-6
  • प्रकाशितवाक्य 7