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सोमवार, 2 अप्रैल 2018

मार्ग



   इटालियन कलाकार माईकलेंजलो मेरिसी डा करावाज्जियो (1571-1610) अपने तीक्षण स्वभाव और अपारंपरिक शैली के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कार्यशील साधारण लोगों को नमूना बनाकर संतों के चित्रों को बनाया, और अपने चित्रों में दर्शकों को उस दृश्य का भाग होने का एहसास करवाते थे। प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान के बाद की घटना पर बनाया गया उनका चित्र Supper at Emmaus (इम्माउस में भोजन) में सराय के मालिक को खड़ा हुआ, और प्रभु यीशु तथा उनके दो चेलों को भोजन के लिए मेज़ पर बैठे हुए दिखाया गया; दृश्य उस समय का है जब उन चेलों ने पहचाना कि जो उनके साथ है वह पुनरुत्थान हुआ प्रभु यीशु ही है (लूका 24:31)। चित्र में एक चेला बैठे से खड़ा हो रहा है, जबकि दूसरे की बाहें फ़ैली हुई और हाथ आश्चर्य में खुले हुए हैं।

   लूका, जिसने परमेश्वर के वचन बाइबल में अपने द्वारा लिखे सुसमाचार में इस घटना को दर्ज किया है, बताता है कि ये दो चेले फिर तुरंत यरूशलेम को लौट आए जहाँ उन्हें शेष चेले तथा अन्य लोग एकत्रित मिले, जो कह रहे थे कि “यह सत्य है, प्रभु वास्तव में जी उठा है और शमौन को दिखाई दिया है।” फिर उन दोनों ने बताया कि उनके साथ मार्ग में क्या हुआ, और कैसे रोटी के तोड़ने के समय उन्होंने प्रभु यीशु को पहचाना (पद 33-35)।

   सुप्रसिद्ध मसीही लेखक और प्रचारक ओस्वौल्ड चैम्बर्स ने कहा, “जहाँ हम उसके होने की आशा रखते हैं, प्रभु यीशु वहाँ शायद ही कभी आता है; वह वहाँ प्रगट होता है जहाँ उसके होने की हम सबसे कम आशा रखते हैं, और सदा सबसे कम तर्कसंगत संदर्भ में। एक सेवक प्रभु के प्रति खरा तब ही हो सकता है जब वह उसके अचानक अनपेक्षित आगमन के लिए सदा तैयार रहे।”

   आज हम जिस भी मार्ग पर हों, हम प्रभु यीशु के अपने आप को हम पर नए और आश्चर्जनक तरीकों ने प्रगट करने के लिए तैयार रहें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु को पाने के लिए हमें उसे ढूँढने के लिए तैयार रहना चाहिए।

मैं यहोवा के पास गया, तब उसने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया। जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। - भजन 34:4-5

बाइबल पाठ: लूका 24:13-35
Luke 24:13 देखो, उसी दिन उन में से दो जन इम्माऊस नाम एक गांव को जा रहे थे, जो यरूशलेम से कोई सात मील की दूरी पर था।
Luke 24:14 और वे इन सब बातों पर जो हुईं थीं, आपस में बातचीत करते जा रहे थे।
Luke 24:15 और जब वे आपस में बातचीत और पूछताछ कर रहे थे, तो यीशु आप पास आकर उन के साथ हो लिया।
Luke 24:16 परन्तु उन की आंखे ऐसी बन्‍द कर दी गईं थी, कि उसे पहिचान न सके।
Luke 24:17 उसने उन से पूछा; ये क्या बातें हैं, जो तुम चलते चलते आपस में करते हो? वे उदास से खड़े रह गए।
Luke 24:18 यह सुनकर, उनमें से क्‍लियुपास नाम एक व्यक्ति ने कहा; क्या तू यरूशलेम में अकेला परदेशी है; जो नहीं जानता, कि इन दिनों में उस में क्या क्या हुआ है?
Luke 24:19 उसने उन से पूछा; कौन सी बातें? उन्होंने उस से कहा; यीशु नासरी के विषय में जो परमेश्वर और सब लोगों के निकट काम और वचन में सामर्थी भविष्यद्वक्ता था।
Luke 24:20 और महायाजकों और हमारे सरदारों ने उसे पकड़वा दिया, कि उस पर मृत्यु की आज्ञा दी जाए; और उसे क्रूस पर चढ़वाया।
Luke 24:21 परन्तु हमें आशा थी, कि यही इस्त्राएल को छुटकारा देगा, और इन सब बातों के सिवाय इस घटना को हुए तीसरा दिन है।
Luke 24:22 और हम में से कई स्‍त्रियों ने भी हमें आश्चर्य में डाल दिया है, जो भोर को कब्र पर गई थीं।
Luke 24:23 और जब उस की लोथ न पाई, तो यह कहती हुई आईं, कि हम ने स्‍वर्गदूतों का दर्शन पाया, जिन्हों ने कहा कि वह जीवित है।
Luke 24:24 तब हमारे साथियों में से कई एक कब्र पर गए, और जैसा स्‍त्रियों ने कहा था, वैसा ही पाया; परन्तु उसको न देखा।
Luke 24:25 तब उसने उन से कहा; हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्‍दमतियों!
Luke 24:26 क्या अवश्य न था, कि मसीह ये दुख उठा कर अपनी महिमा में प्रवेश करे?
Luke 24:27 तब उसने मूसा से और सब भविष्यद्वक्ताओं से आरम्भ कर के सारे पवित्र शास्‍त्रों में से, अपने विषय में की बातों का अर्थ, उन्हें समझा दिया।
Luke 24:28 इतने में वे उस गांव के पास पहुंचे, जहां वे जा रहे थे, और उसके ढंग से ऐसा जान पड़ा, कि वह आगे बढ़ना चाहता है।
Luke 24:29 परन्तु उन्होंने यह कहकर उसे रोका, कि हमारे साथ रह; क्योंकि संध्या हो चली है और दिन अब बहुत ढल गया है। तब वह उन के साथ रहने के लिये भीतर गया।
Luke 24:30 जब वह उन के साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी ले कर धन्यवाद किया, और उसे तोड़कर उन को देने लगा।
Luke 24:31 तब उन की आंखे खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया, और वह उन की आंखों से छिप गया।
Luke 24:32 उन्होंने आपस में कहा; जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्र शास्त्र का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई?
Luke 24:33 वे उसी घड़ी उठ कर यरूशलेम को लौट गए, और उन ग्यारहों और उन के साथियों को इकट्ठे पाया।
Luke 24:34 वे कहते थे, प्रभु सचमुच जी उठा है, और शमौन को दिखाई दिया है।
Luke 24:35 तब उन्होंने मार्ग की बातें उन्हें बता दीं और यह भी कि उन्होंने उसे रोटी तोड़ते समय क्योंकर पहचाना।
Luke 24:36 वे ये बातें कह ही रहे ये, कि वह आप ही उन के बीच में आ खड़ा हुआ; और उन से कहा, तुम्हें शान्ति मिले।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 16-18
  • लूका 7:1-30



रविवार, 1 अप्रैल 2018

नया आरंभ



   ईस्टर की गाथा में एक बात है जो मेरे अन्दर कौतूहल उत्पन्न करती है: प्रभु यीशु ने अपनी पुनरुथित देह पर क्रूस के निशान क्यों रखे? यह संभव है कि पुनरुत्थान के समय वे जैसी भी देह चाहते वैसी उन्हें मिल जाती, परन्तु फिर भी उन्होंने एक ऐसी देह को चाहा जिसमें क्रूस के निशान थे, ऐसे निशान जिन्हें देखा और छुआ जा सकता है। ऐसा क्यों?

   मेरा मानना है कि ईस्टर की कहानी अधूरी होगी यदि प्रभु यीशु के हाथों, पावों और पंजर में वे निशान न हों (यूहन्ना 20:27)। हम मनुष्य अपने लिए सीधे और चमकते हुए दाँत, झुर्री रहित त्वचा, और देह का सुडौल आदर्श आकार चाहते हैं। हम एक अस्वाभाविक स्थिति, एक सिद्ध देह, की कल्पना करते हैं। परन्तु प्रभु यीशु के लिए मानव तवचा और शरीर में सीमित होकर रहना एक अस्वाभाविक स्थिति थी। उसकी देह के वे निशान इस बात का सदा काल के लिए स्मारक हैं कि हमारे उद्धार के लिए उन्होंने क्या कुछ सहन किया।

   स्वर्ग के परिप्रेक्ष्य से वे निशान सृष्टि के इतिहास की सबसे वीभत्स घटना को दिखाते हैं; चाहे आज वह घटना स्मरण करने की एक बात ही क्यों न बन गई हो। प्रभु यीशु मसीह के मृतकों में से पुनरुत्थान के कारण आज प्रभु के प्रत्येक अनुयायी के लिए यह आश्वासन है कि हमारा प्रत्येक आँसू, हमारा प्रत्येक संघर्ष, हमारा प्रत्येक कष्ट, मित्रों, परिवार जनों और अन्य लोगों से संबंधित हमारी प्रत्येक हृदय-वेदना, एक दिन प्रभु यीशु की देह के उन निशानों के समान हो जाएँगे। निशान कभी जाते नहीं हैं, परन्तु वे दुखते भी नहीं हैं।

   फिर एक ऐसा दिन भी आएगा जब हमारे पास एक नई देह, एक नया आकाश और पृथ्वी होंगे, जहाँ फिर कोई पीड़ा नहीं होगी (प्रकाशितवाक्य 21:4)। हमारे लिए अनन्त काल के लिए नया आरंभ होगा। - फिलिप येन्सी


मसीह यीशु का पुनरुत्थान हमारे भी पुनरुत्थान होने की निश्चितता है।

और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। - प्रकाशितवाक्य 21:4

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:12-24
1 Corinthians 15:12 सो जब कि मसीह का यह प्रचार किया जाता है, कि वह मरे हुओं में से जी उठा, तो तुम में से कितने क्योंकर कहते हैं, कि मरे हुओं का पुनरुत्थान है ही नहीं?
1 Corinthians 15:13 यदि मरे हुओं का पुनरुत्थान ही नहीं, तो मसीह भी नहीं जी उठा।
1 Corinthians 15:14 और यदि मसीह भी नहीं जी उठा, तो हमारा प्रचार करना भी व्यर्थ है; और तुम्हारा विश्वास भी व्यर्थ है।
1 Corinthians 15:15 वरन हम परमेश्वर के झूठे गवाह ठहरे; क्योंकि हम ने परमेश्वर के विषय में यह गवाही दी कि उसने मसीह को जिला दिया यद्यपि नहीं जिलाया, यदि मरे हुए नहीं जी उठते।
1 Corinthians 15:16 और यदि मुर्दे नहीं जी उठते, तो मसीह भी नहीं जी उठा।
1 Corinthians 15:17 और यदि मसीह नहीं जी उठा, तो तुम्हारा विश्वास व्यर्थ है; और तुम अब तक अपने पापों में फंसे हो।
1 Corinthians 15:18 वरन जो मसीह मे सो गए हैं, वे भी नाश हुए।
1 Corinthians 15:19 यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं।
1 Corinthians 15:20 परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ।
1 Corinthians 15:21 क्योंकि जब मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई; तो मनुष्य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरुत्थान भी आया।
1 Corinthians 15:22 और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएंगे।
1 Corinthians 15:23 परन्तु हर एक अपनी अपनी बारी से; पहिला फल मसीह; फिर मसीह के आने पर उसके लोग।
1 Corinthians 15:24 इस के बाद अन्‍त होगा; उस समय वह सारी प्रधानता और सारा अधिकार और सामर्थ्य का अन्‍त कर के राज्य को परमेश्वर पिता के हाथ में सौंप देगा।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 13-15
  • लूका 6:27-49



शनिवार, 31 मार्च 2018

त्यागे हुए



   रूसी लेखक फोएडर दोस्तोवस्की ने कहा, “किसी समाज की सभ्यता को उसके कैदखानों में जाने से पहचाना जा सकता है।” इस बात को ध्यान में रखते हुए मैंने एक लेख पढ़ा “सँसार के 8 सबसे खतरनाक कैदखाने।” इनमें से एक कैदखाना ऐसा है जिसमें का प्रत्येक कैदी एकांत कारावास में रखा गया है।

   हम मनुष्यों को, समाज में रहने और परस्पर संबंध रखने के लिए बनाया गया है, न कि एकांत के लिए। इसीलिए एकांत कारावास इतना कठोर दण्ड है।

   क्रूस पर चढ़ाए जाने के पश्चात प्रभु यीशु का परमेश्वर पिता से अनन्त संबंध का टूटना, उस परिस्थिति का वह एकांत उनकी सबसे भयानक वेदना थी; और इसीलिए, “तीसरे पहर के निकट यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, एली, एली, लमा शबक्तनी अर्थात हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?” (मत्ती 27:46)। हमारे पापों के बोझ तले दबे हुए उन्होंने हर पीड़ा को सहा और अपना जीवन बलिदान किया। वहाँ क्रूस पर मसीह यीशु अचानक ही अकेले, त्यागे हुए, परमेश्वर के साथ अपने संबंध से कटे हुए हो गए। परन्तु उनकी इस एकांत की यातना सहन करने से हम मनुष्यों के लिए परमेश्वर पिता से यह प्रतिज्ञा मिली: “...उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा” (इब्रानियों 13:5)।

   प्रभु यीशु ने क्रूस पर त्यागे जाने की और शारीरिक पीड़ा को सहा ताकि हम मनुष्यों को कभी परमेश्वर का त्यागा हुआ न रहना पड़े। आज भी प्रभु यीशु के बलिदान में लाया गया विश्वास, उसके नाम में सच्चे मन से किया गया पापों से पश्चाताप, आपको त्यागे हुए से सदा काल के लिए परमेश्वर का अपनाया हुआ बना देगा। - बिल क्राउडर


जो प्रभु यीशु के हो गए हैं वे कभी अकेले नहीं हो सकते हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। - यूहन्ना 1:12-13

बाइबल पाठ: भजन 22:1-10
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है?
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता।
Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है।
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था।
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है।
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं,
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है।
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्च था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया।
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 11-12
  • लूका 6:1-26



शुक्रवार, 30 मार्च 2018

जी उठा



   स्टिग कर्नेल ने अपनी मृत्यु से पूर्व अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं के प्रबंधन करने वालों से कहा के उनकी कब्र पर रखे जाने वाले पत्थर पर पारंपरिक वाक्य न लिखे जाएँ, परंतु केवल तीन शब्द “मैं मर गया” लिखा जाए। जब 92 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हुई, तब ऐसा ही किया गया। उनकी मृत्यु की सूचना के इस अपारंपरिक, साधारण से परन्तु दुःसाहसी वाक्य ने सँसार भर के समाचारपत्रों का ध्यान खींचा। इससे जागृत हुई अंतराष्ट्रीय जिज्ञासा ने उनकी इच्छा के विपरीत, उनकी मृत्यु के प्रति अनेपक्षित रुचि उत्पन्न कर दी।

   जब प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया था, तो उनकी मृत्यु की सूचना कुछ इस प्रकार की हो सकती थी, “वह मर गया।” किन्तु तीन दिन के पश्चात, वह सूचना समाचार पत्रों के लिए एक प्रथम-पृष्ठ का समाचार, “वह जी उठा!” में परिवर्तित हो जाती। परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड का अधिकांश भाग प्रभु यीशु के पुनरुत्थान, तथा उस घटना की घोषणा, प्रभाव एवँ तात्पर्य को समझाता है। “मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है। कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा?... हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं” (रोमियों 8:34-37)।

   प्रभु यीशु की मृत्यु की तीन शब्दों सूचना, “वह मर गया” अब अनन्तकाल के लिए स्तुति और आराधना में परिवर्तित हो गई है – “वह जी उठा है” – वह हमारे उद्धार और परमेश्वर के साथ हमारा मेल करवाने के लिए वास्तव में जी उठा है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु ने अपना जीवन हमारे जीवन के लिए बलिदान किया।

पर अब हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु के प्रगट होने के द्वारा प्रकाश हुआ, जिसने मृत्यु का नाश किया, और जीवन और अमरता को उस सुसमाचार के द्वारा प्रकाशमान कर दिया। - 2 तिमुथियुस 1:10

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-39
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे।
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।
Romans 8:31 सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है?
Romans 8:32 जिसने अपने निज पुत्र को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा?
Romans 8:33 परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उन को धर्मी ठहराने वाला है।
Romans 8:34 फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया वरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दाहिनी ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है।
Romans 8:35 कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार?
Romans 8:36 जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होने वाली भेंडों के समान गिने गए हैं।
Romans 8:37 परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं।
Romans 8:38 क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई,
Romans 8:39 न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 9-10
  • लूका 5:17-39



गुरुवार, 29 मार्च 2018

कुचला हुआ



   यदि आप गलील की झील के किनारे बसे हुए कफरनहूम शहर जाएँ तो वहाँ आपको नुमाइश के लिए रखे गए, जैतून को दबा कर तेल निकालने वाले प्राचीन कोल्हू देखने को मिलेंगे। ये कोल्हू वहाँ के पत्थर से बने हैं, इनके दो भाग होते हैं: एक आधार और दूसरा एक पहिया या चाक। आधार चौड़ा, गोलाकार होता है और उसमें चाक के चलने के लिए एक नांद बनी होती है। जैतून के बीजों को इस नांद में डालकर उनके ऊपर पत्थर की वह भारी चाक घुमाई जाती थी, जिससे कुचल कर जैतून के बीजों से तेल बाहर आ जाता था।

   अपने मारे जाने से पूर्व की रात को प्रभु यीशु जैतून के पहाड़ पर गए, जहाँ से यरुशलेम शहर दिखाई देता था, और वहाँ गतसमानी के बाग़ में, उन्होंने टूट कर परमेश्वर पिता से प्रार्थना की, यह जानते हुए कि उनके आगे क्या अनुभव रखा है।

   गतसमनी शब्द का अर्थ है “जैतून का कोल्हू” – और यह प्रभु यीशु मसीह के हमारे उद्धार के लिए दिए गए बलिदान के उस आरंभिक समय को भली-भांति दिखाता है – कैसे वह हमारे लिए कुचला गया। उस बाग़ में “वह अत्यन्‍त संकट में व्याकुल हो कर और भी हृदय वेदना से प्रार्थना करने लगा; और उसका पसीना मानो लोहू की बड़ी बड़ी बून्‍दों के समान भूमि पर गिर रहा था” (लूका 22:44)।

   प्रभु यीशु ने सारे सँसार के सभी लोगों के पापों के लिए लिए यातनाएं सहीं और बलिदान हुए (यूहन्ना 1:29), जिससे परमेश्वर पिता के साथ हमारा समबन्ध पुनःस्थापित हो जाए “निश्चय उसने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया; तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा। परन्तु वह हमारे ही अपराधो के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं” (यशायाह 53:4-5)।

   हमारे लिए अपनी आप को कुचले जाने के लिए दे देने वाले उस जगत के उद्धारकर्ता के प्रति हमारे मन आराधना और कृतज्ञता से भरे हुए हैं। - बिल क्राउडर


मेरे पाप सब मिट गए, अब मैं स्वतंत्र हूँ – 
यह सब केवल इसलिए क्योंकि यीशु मेरे बदले घायल हुए। - डब्ल्यू. जी. ओवेंस

दूसरे दिन उसने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना है, जो जगत के पाप उठा ले जाता है। - यूहन्ना 1:29

बाइबल पाठ: मरकुस 14:32-39
Mark 14:32 फिर वे गतसमने नाम एक जगह में आए, और उसने अपने चेलों से कहा, यहां बैठे रहो, जब तक मैं प्रार्थना करूं।
Mark 14:33 और वह पतरस और याकूब और यूहन्ना को अपने साथ ले गया: और बहुत ही अधीर, और व्याकुल होने लगा।
Mark 14:34 और उन से कहा; मेरा मन बहुत उदास है, यहां तक कि मैं मरने पर हूं: तुम यहां ठहरो, और जागते रहो।
Mark 14:35 और वह थोड़ा आगे बढ़ा, और भूमि पर गिरकर प्रार्थना करने लगा, कि यदि हो सके तो यह घड़ी मुझ पर से टल जाए।
Mark 14:36 और कहा, हे अब्‍बा, हे पिता, तुझ से सब कुछ हो सकता है; इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले: तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, पर जो तू चाहता है वही हो।
Mark 14:37 फिर वह आया, और उन्हें सोते पाकर पतरस से कहा; हे शमौन तू सो रहा है? क्या तू एक घड़ी भी न जाग सका?
Mark 14:38 जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, पर शरीर दुर्बल है।
Mark 14:39 और वह फिर चला गया, और वही बात कहकर प्रार्थना की।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 7-8
  • लूका 5:1-16



बुधवार, 28 मार्च 2018

बुद्धिमत्ता



   मैं ओकलाहोमा में बड़ा हुआ, जहाँ बसंत से लेकर ग्रीष्मकाल के अन्त तक मौसम अकसर ख़राब रहता है। मुझे याद है एक संध्या, आकाश में काले बादल घिर आए थे और टी.वी. पर मौसम की सूचना देने वाले ने बताया कि एक चक्रवादी तूफ़ान आने वाला है, और बिजली चली गई। तुरंत ही मेरे माता-पिता, मेरी बहन और मैं घर के पीछे बने तूफान से बचने के कक्ष में जाकर छिप गए, जब तक वह तूफान गुज़र नहीं गया।

   आज ऐसे चक्रवादी तूफानों का पीछा करना कई लोगों के लिए शौक की बात हो गया है, और औरों के लिए लाभकारी व्यवसाय। उनका उद्देश्य रहता है कि बिना हानि उठाए चक्रवादी तूफ़ान के अधिक से अधिक निकट पहुँचा जाए। इन तूफानों का पीछा करने वालों में से कई तो कुशलता से तूफ़ान का पूर्वानुमान लगाने वाले होते हैं और उनके पास तूफ़ान के विषय सही और अच्छी जानकारी भी होती है, परन्तु मैं तो किसी तूफ़ान की पीछे जाने का ख़तरा उठाने वाला नहीं हूँ।

   किन्तु मेरे जीवन के नैतिक और आत्मिक क्षेत्रों में मैं कभी-कभी खतरनाक बातों के पीछे, जिनके विषय परमेश्वर अपने प्रेम में होकर मुझे जाने से मना करता है, यह सोचते हुए कि मुझे कोई हानि नहीं होगी, जाने का मूर्ख्तापूर्ण निर्णय लेने के लिए आकर्षित हो सकता हूँ। परन्तु बुद्धिमत्ता की बात होगी, ऐसे में परमेश्वर के वचन बाइबल में से नीतिवचन की पुस्तक को पढ़ना, क्योंकि इस पुस्तक में, जीवन की हानिकारक परिस्थितियों और शैतान के फन्दों से बच कर रहने की अनेकों सकारात्मक विधियाँ एवँ शिक्षाएँ दी हुई हैं।

   इस पुस्तक के अधिकांश वचनों के लेखक सुलेमान ने लिखा, “तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा” (नीतिवचन 3:5-6)।

   हमारा प्रभु जीवन जीने के रोमांच का स्वामी है। उसकी बुद्धिमत्ता का पीछा करना हमें जीवन की भरपूरी की ओर ले जाता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रत्येक प्रलोभन और परिक्षा परमेश्वर पर भरोसा रखने का एक अवसर होता है।

तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उस से भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं। - भजन  119:130

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-18
Proverbs 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना;
Proverbs 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा।
Proverbs 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना।
Proverbs 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।
Proverbs 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना।
Proverbs 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
Proverbs 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना।
Proverbs 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी।
Proverbs 3:9 अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना;
Proverbs 3:10 इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा।
Proverbs 3:11 हे मेरे पुत्र, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना,
Proverbs 3:12 क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है।
Proverbs 3:13 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे,
Proverbs 3:14 क्योंकि बुद्धि की प्राप्ति चान्दी की प्राप्ति से बड़ी, और उसका लाभ चोखे सोने के लाभ से भी उत्तम है।
Proverbs 3:15 वह मूंगे से अधिक अनमोल है, और जितनी वस्तुओं की तू लालसा करता है, उन में से कोई भी उसके तुल्य न ठहरेगी।
Proverbs 3:16 उसके दाहिने हाथ में दीर्घायु, और उसके बाएं हाथ में धन और महिमा है।
Proverbs 3:17 उसके मार्ग मनभाऊ हैं, और उसके सब मार्ग कुशल के हैं।
Proverbs 3:18 जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 4-6
  • लूका 4:31-44



मंगलवार, 27 मार्च 2018

महान



   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 100 एक ऐसी कलाकृति के समान है, जो हमें हमारे अदृश्य परमेश्वर का उत्सव मनाने में सहायता करती है। यद्यपि हमारी आराधना का विषय, परमेश्वर, हमारी दृष्टि से ओझल है, परन्तु वह उसके लोगों के द्वारा जाना जाता है।

   उस कलाकार की कलपना कीजिए, वह इस भजन के शब्दों को, कूची और रंगों की पटिका द्वारा चित्र बनाने के पटल पर उतार रहा है। जो हमारे समक्ष उभर कर आता है वह सँसार है – “सारी पृथ्वी के लोगों” यहोवा के लिए आनन्द से जयजयकार करो (पद 1); क्योंकि हमारे परमेश्वर का आनन्द हमें मृत्यु से बचा लेने में है। प्रभु यीशु ने, “उस आनन्द के लिए जो उसके आगे धरा था” क्रूस को सह लिया (इब्रानियों 12:2)।

   जैसे-जैसे हमारी आँखें उस चित्र-पटल पर एक से दूसरी ओर चलती हैं, हम सारे सँसार के अनगिनत लोगों की संगीत मण्डली को “आनन्द से” और “जयजयकार” के साथ परमेश्वर की स्तुति के गीत गाते हुए देखते हैं (भजन 100:2)। हमारे स्वर्गीय पिता का हृदय आनन्दित होता है जब उसके लोग, जो वह है और जो उसने किया है, उसके लिए उसकी आराधना करते हैं।

   फिर हम वहाँ हम जो उसके लोग हैं, अपने चित्र को देखते हैं, अपने सृष्टिकर्ता के हाथों के द्वारा मिट्टी से बनाए हुए, और भेड़ों के समान हरी-हरी चराइयों में ले जाए गए (पद 3); वह हमारा ध्यान रखने और पालन-पोषण करने वाला प्रेमी चरवाहा है।

   अन्ततः हम परमेश्वर के महान और महिमामय निवास-स्थान को देखते हैं – और उस फाटक को जिसमें होकर उसके छुड़ाए हुए लोग उसकी उपस्थिति में आने के लिए धन्यवाद और स्तुति करते हुए प्रवेश करेंगे (पद 4)।

   हमारे महान परमेश्वर द्वारा प्रेरित कैसा अद्भुत चित्रण है। हमारा परमेश्वर पिता भला, प्रेम करने वाला और विश्वासयोग्य परमेश्वर है। इसलिए इसमें कोई अचरज की बात नहीं कि उसकी महानता का आनन्द मनाने के लिए हमें अनन्त काल लगेगा। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर को जानने से अधिक अद्भुत और कुछ नहीं है।

और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है। और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं। - फिलिप्पियों 3:9-10

बाइबल पाठ: भजन 100
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 1-3
  • लूका 4:1-30